शनिवार, 28 फ़रवरी 2026
शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026
सूरतगढ़:होटलों,व्यावसायिक भवनों की अवैध मंजिलें.भवन सीज करने व अग्निशमन अनिवार्य की मांग.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़,27 फरवरी 2026.
होटलों व्यावसायिक भवनों की अवैध मंजिले, एवम् अग्नि-शमन उपकरण व्यवस्था नहीं है वहां जनसुरक्षा के लिए कार्रवाई की जाने का एक ज्ञापन लोकतंत्र सेनानी करणीदानसिंह राजपूत ने उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा को दिया। अवैध निर्माण होटलों भवनों को सीज करने की मांग भी है।
आम नागरिक एवम् शहर की सुरक्षा के दृष्टिगत कानूनी विधि प्रक्रिया के तहत नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी से कार्रवाई करवाई जाए, एवम् इसमें समयबद्ध कार्य हो जहां आवश्यक हो वहां जन सुरक्षा के लिए होटल एवम् अन्य भवनों को सीज जब्त सील मोहर कर बंद किया जाए।
होटलों की स्वीकृत नक्शे से अधिक मंज़िलें निर्माण है उनको हटवाई जाए। अंडरग्राऊंड अवैध हैं वे बंद करवाए जाएं। होटल मालिक अवैध निर्माण नहीं हटाए तो समयबद्ध नोटिस के बाद सीज की कार्रवाई की जाए।
होटलों व व्यावसायिक भवनों में बंद बालकोनी को खुला करवाया जाए अन्यथा कार्रवाई की जाए। बालकोनी को कमरे, दुकान स्टोर बनाकर बंद नहीं किया जा सकता। भवन के आधार से आगे छच्जे पर कमरा नहीं बनाया जा सकता।
जो होटल व भवन अभी निर्माणाधीन हैं और अवैध मंजिले व भूमिगत कक्ष बना रहे हैं, उन्हें सही करने का नोटिस एवम् अवैध निर्माण रोकने हटाने, सीज की कार्रवाई हो।
एक से अधिक भूखंडों को कानूनी रूप से एक भूखंड किये बिना होटल व व्यावसायिक भवन अवैध बनाये गए हैं उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
आवासीय भूखण्ड पर अवैध व्यासायिक निर्माण को तुरंत ही जब्त किया जाए।
नगरपालिका की जमीन पर अतिक्रमण कर जो सड़कों पर व वार्डों में शॉप, शॉपिंग काम्पलेक्स बनाए हुए हैं और अभी अवैध बनाये जा रहे हैं उनको तुरंत ध्वस्त किया जावे।
अवैध निर्माण अतिक्रमण तोड़ने के तुरंत बाद सारी सामग्री जब्तकी जावे व नगरपालिका की संपति का बोर्ड लगाया जाए। सूर्योदय नगरी में खारिया कुआ पर नगरपालिका संपति का बोर्ड लगाया जाए।०0०
गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026
अवैध मार्केट काम्पलेक्स निर्माण और अधिकारियों की मिलीभगत. सूरतगढ़.
० भाजपा के नेताओं लोगों पर आरोप है और कांग्रेस के नेता चुप हैं।
सूरतगढ़ 26 फरवरी 2026.
नगरपालिका प्रशासन की मिलीभगत से अवैध शोपिंग काम्पलेक्स और दुकानों का निर्माण हो रहा है। नगरपालिका प्रशासन के अधिकारी इन अवैध निर्माणों पर कार्वाई करके नगरपालिका को आय कराने के बजाय अपना घर भरने में लगे हैं। आवासीय भूखंडों पर अवैध व्यावसायिक निर्माण पर मिलीभगत। नगरपालिका की जमीन पर अतिक्रमण और उस पर भी व्यावसायिक निर्माण। इन अवैध निर्माणों के अनेक के सचित्र समाचार भी छपे हैं लेकिन नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी की ओर से जानकारी मिल जाने पर भी कार्वाई नहीं की गई। नगरपालिका की ओर से तुरन्त ही निर्माण रूकवाने और जब्ती की कार्रवाई की जाने के बजाय नोटिस दिए जाकर ऊपर ही रकम लेकर मामले दबा दिए जाते हैं। अनेक मामले हैं जिनमें नोटिस दिए गये।जेबें भरी गई और फिर कोई कार्वाई नहीं हुई। नेशनल हाईवे के होटल निर्माण पर नोटिस कार्वाई नहीं। एक कालोनी में गलत निर्माण पर नोटिस मगर गुपचुप लेनदेन और मामला बस्ते में बंद।
एक स्कूल संचालक (शर्मा बाल मंदिर) को अवैध निर्माण पर 1 लाख से अधिक की शास्ति का नोटिस ईओ के हस्ताक्षर और डिस्पैच नंबर लगाने के बाद गुपचुप मामले को दबा दिया गया। नगरपालिका कोष को एक लाख से अधिक रू.का नुकसान का स्पष्ट भ्रष्टाचार हो गया। इसमें बचाव भी नहीं। ऐसे अनेक मामले हैं। अतिक्रमण तोड़ने के मामलों में गरीबों की सामग्री ईंटें लोह सामान जब्त लेकिन नेताओं के अतिक्रमण में कार्वाई करनी भी पड़े तो लाखों की सामग्री जब्त नहीं, ताकि वह दुबारा अतिक्रमण कर सके। ताजा मामला निरंकारी भवन के पीछे एक बड़े अतिक्रमण का है जिसे हटाया गया मगर सामग्री ज्यों की त्यों जानबूझकर छोड़ दी गई। इस मामले में जानबूझकर की गई इस गड़बड़ी से उपखंड अधिकारी को अवगत कराने की सूचना है। ०0०
माखण खालो बनवारी,मत मारो पिचकारी. धमाल-कविता, करणीदानसिंह राजपूत.

आयो होली रो तिंवार
लाओ रंग गुलाल
मारी मारी पिचकारी
घेरो डाल्यो रै बनवारी
गोप्यां करै मनवार
जोड़े हाथ बारंबार
मत मारो पिचकारी
छोड़ो छोड़ो रे बनवारी।
गोप्यां आई पनघट
घड़िया भरिया लबालब
पूठी घरां नै बै चाली
घेरो डाल्यो बनवारी
मारी रंगभरी पिचकारी।
अंधेरे अंधेरे गोप्यां माखण ले रे चाली
झुरमुटां रै बीच रस्ता रोक्या बनवारी
गोप्यां करै मनवार
माखण खाल्यो बनवारी
मत मारो पिचकारी।
गोपाला गुलाल लाया
चंग जोरां सूं बजाया
मारी रंगभरी पिचकारी
चूनर लाल कर डाली।
आयो होली रो तिंवार
लाओ रंग गुलाल
मारी मारी पिचकारी
घेरो डाल्यो रै बनवारी।

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करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़.
94143 81356.
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अपडेट. 12 मार्च 2025.
अपडेट 26 फरवरी 2026.
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पेटीकोट- कहानी - करणी दान सिंह राजपूत*
जज रायचंद डागा ने मेरी ओर देखा और आरोप सुनाया। तुम अपनी पत्नी का पेटिकोट धोते हो।मैं बोला। सर मेरी रिक्वेस्ट सुनें। मैं
आगे बोलने वाला ही था कि उन्होंने बीच में टोक दिया। तुमसे जो पूछा जाय
केवल उसका जवाब केवल हां ना में दें।ज्यादा बोलने की जरूरत तुम्हें एक बार कह दिया।दो बार कह दिया। अक्ल है कि नहीं है ? तुम केवल हां या ना में जवाब दो। पत्नी का पेटीकोट धोया था या नहीं? धोया था तो बोलो हां। नहीं धोया था तो बोलो ना।मैं चुप हो गयी। मैं डर गया।मैं बताना चाहता था,मगर रायचंद डागा जी की अदालत कोई अलग नहीं थी। वही प्रक्रिया थी जो आम अदालतों में अपनाई जाती है।काले कोट वाले वकील ने कहा जज साहब क्या कह रहे हैं?क्या पूछ रहे हैं? उसका जवाब दो। तुमने पत्नी का पेटीकोट धोया था या नहीं?लकील भी वही वाक्य वही शब्द बोला जो जज ने कहा था।वकील ने पुनः पूछा। तुमने पत्नी का पेटीकोट धोया था या नहीं? केवल हां या ना में जवाब दो। धोया था तो हां कहो नहीं धोया था तो ना कहो। मैं वकील का मुंह देखने लगा। कोई सुनने को तैयार नहीं था।अदालत में वकील प्रश्न पर प्रश्न करते जाते हैं और पूरी बात जानने की कोशिश नहीं करते। अपने आरोपों को साबित करने के लिए कठघरे में खड़े आरोपित से केवल हां या ना में ही उत्तर चाहते हैं।मैं आरोपी था।मैं चुप था।मैं क्या बोलता।पत्नी का पेटीकोट धोया था, मगर क्या हालत थी.....अभी बखान करने की सोच ही रहा था कि हां कहूं या ना कहूं।अगर ना कहता हूं तो चल जाएगा। लेकिन घर में जो ठप्पा है, जनता में जो ठप्पा है सच बोलने का उसका क्या होगा?मेरी आत्मा में ग्लानी होगी। अदालत में झूठ बोला।मैंने निर्णय किया मन ही मन में कि इस सच को बोल दूं।मैं सोच रहा था कि जज रायचंद डागा ने मुझे घूरा और कहा कि जल्दी बोलो।अदालत का वक्त जाया करने की जरूरत नहीं है। जल्दी से बोलो पत्नी का पेटीकोट धोया था या नहीं धोया था? केवल हां और ना में जवाब देना।जज ने जल्दी से बोला और मैंने जल्दी से उत्तर दे दिया।हां।उसके साथ ही मेरे मुंह से पूरा वाक्य निकल गया।धोया था पत्नी का पेटिकोट।पूरी अदालत में हंसी के फव्वारे छूट पड़े।हंसी का शोर अदालत के कमरे में गूंज उठा।जज रायचंद डागा ने मेज पर हथौड़ी बजाई। कुछ देर में अदालत के कमरे में शांति छा गई। सामने खड़े काले कोट वाले वकील ने मेरे से कहा तो तुम स्वीकार करते हो की पत्नी का पेटीकोट धोया था। तुम पर किसी ने दबाव नहीं डाला है।तुम्हें डराया नहीं, धमकाया नहीं।तुम अपनी इच्छा से यह स्वीकार करते हो की तुमने पत्नी का पेटीकोट धोया। तम्हें इसकी सजा दी जाएगी। वकील चुप हुआ।एक बार फिर अदालत में शोर हुआ।जज रायचंद डागा ने फिर मेज पर हथोडा बजाया।जज साहेब बोले।शांत।शांत। अगर किसी ने शोर किया तो अदालत से बाहर निकाल दूंगा। सभी चुप बैठे रहें।अदालत का कमरा एक दम शांत हो गया।सब चुप हो गए।जज रायचंद डागा ने मेरी तरफ देखा और कहा कि तुमने भरी अदालत में यह आरोप पत्नी का पेटीकोट धोते हो स्वीकार किया है। तुम्हे इसके लिए दंड मिलेगा। तुमने समाज के नियमों को तोड़ा है। तुम्हें इसकी सजा जरूर और जरूर सुनाई जायेगी। समाज के नियम तोड़ना बहुत गंभीर अपराध है।अब तुम सजा सुनने के लिए तैयार हो।मैंने अदालत के पूरे कमरे में नजर घुमाई कि कोई तो मेरे साथ होगा लेकिन कोई भी मेरे साथ नहीं था। सब मुझे हंसी का पात्र बनाने में मजा ले रहे थे। सभी के चेहरों से लग रहा था कि वे सब मुझे दंडित होते हुए देखना चाहते थे। मैं क्या कहूं? क्या बखान करूं? मेरे मित्र उनमें थे। कुछ अड़ोस पड़ोस के लोग भी थे। राजनीतिक कार्यकर्ता,सामाजिक कार्यकर्ता, अनेक प्रतिष्ठित जन मौजूद थे। उनमें वे लोग भी थे जिनके मैंने बहुत काम करवाए व खुद ने किए थे।उनकी समस्याओं का हल किया था, लेकिन आज सभी भरी अदालत में मुझे दंडित होते हुए देखने को उतावले हो रहे थे।आखिर जज ने एक बार फिर हथोड़ा बजाया और मेरा नाम लेकर कहा। तो तुम अब सजा सुनने के लिए तैयार हो?मैंने जज साहब से हाथ जोड़कर निवेदन किया। आप मुझे पत्नी का पेटीकोट धोने की जो सजा देंगे वह मुझे मंजूर होगी। लेकिन आप एक बार मेरी बात को सुनलें।जज ने मेरी तरफ देखा और रहम किया। बोलो तुम क्या बोलना चाहते हो, लेकिन यह ध्यान रखना तुम्हारे बोलने से अदालत प्रभावित नहीं होगी। अदालत भावनाओं में नहीं बहेगी। तुम्हें जो सजा सुनाई जाएगी। वह सुनाई ही जाएगी और जरूर सुनाई जाएगी। अदालत को भावनाओं में बहाने की कोशिश मत करना। अदालतें भावनाओं में फैसले नहीं करती। तुम्हारा अपराध तुमने खुद ने भरी अदालत में स्वीकार कर लिया है। तुमने पत्नी का पेटीकोट धोया था। अब बोलो तुम क्या कहना चाहते हो?मैंने जज रायचंद डागा की तरफ देखा।एक बार पुनःअदालत में बैठे महानुभावों को देखा और फिर मैं बोला।जज साहब हमारे घर में वाशिंग मशीन है जिस पर घटना वाले दिन पत्नी कपड़े धोने में लगी हुई थी। वाशिंग मशीन चल रही थी।वाशिंग मशीन मैं कपड़े धुल रहे थे।इतने में डोर बेल बजी। दरवाजे पर कोई आया है। पत्नी ने मुझे पुकारा मैं दूसरे कमरे बैठक में बैठा था।पत्नी की आवाज आई- सुनते हो, थोड़ा मशीन पर आना।मैं दरवाजा खोलने जा रही हूं। कपड़े निकाल कर ड्रायर में डाल देना। मैं मशीन पर गया। मुझे मालूम नहीं था कि मशीन में क्या धुल रहा है।मैने मशीन को रोका और टब में से कपड़े निकाल कर ड्रायर में डालने लगा।इतने में ही पत्नी के साथ मशीन के पास पड़ोसन आ गई।मैं कपड़े निकाल कर ड्रायर में डाल रहा था,उन कपड़ों में पत्नी का पेटीकोट भी था।मेरे सफेद कपड़ों पर पड़ोसन की नजर गई या नहीं गई लेकिन लाल रंग के पेटीकोट पर नजर चली गई। पड़ोसन ने उस समय हंसी में पत्नी से कहा ,अरे तुम्हारी तो मौज। तुम अपने पति से कपड़े धुलवाती हो और पेटीकोट भी।पड़ोसन ने यह बात पड़ोस में फैला दी। बस इतनी सी बात थी जिसका पहले मोहल्ले में हल्ला हुआ फिर समाज में हुआ और मैं दोषी बना दिया गया। समाज के जाने माने लोगों ने पूछा तो मैंने हां कर दी। इसमें ना करने जैसी कोई बात मुझे नजर नहीं आई। जज साहब मैं यह ध्यान दिलाना चाहता हूं। किसी पर आरोप नहीं लगा रहा, लेकिन केवल जानना चाहता हूं कि घर में पति-पत्नी दो ही हो और पत्नी बीमार हो जाए। तब उसके कपड़े कौन धोएगा? फिर आजकल तो थापी सोटे से कोई कपड़े नहीं धोता।वाशिंग मशीन में डाल देते हैं और बिजली का बटन दबा देते हैं। कपड़े धुल जाते हैं। जज साहब पत्नी की बीमारी में मैंने पहले थापी सोटे से जब कपड़े धोए तब कोई बवाल नहीं मचा। किसी ने देखा नहीं था। जज साहब।क्या अदालत जितने लोग बैठे हैं, इन्होंने कभी अपनी पत्नी का पेटीकोट नहीं धोया होगा। लेकिन यह आरोपित नहीं है। एक बार अदालत में शोर सा हुआ।जज ने कहा तुम्हें किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगाने की कटाक्ष करने की इजाजत नहीं है। तुम केवल और केवल अपनी बात कहो जिसकी इजाजत दी गई है।जज साहब मैंने जाने अनजाने में यह कहा है लेकिन यह सच्च तो है। मैं माफी चाहता हूं।मैं स्वीकार करता हूं। एक बार फिर कहा मैंने पत्नी का पेटीकोट धोया था। आप जो चाहे सजा सुनाएं। मुझे वह सजा कबूल होगी मंजूर होगी। मैं सजा का पालन करने का वादा करता हूं ।जज रायचंद डागा नामी जज बड़े सुलझे हुए मगर जज की कुर्सी पर बैठने के बाद उनका रुतबा ही कुछ और हो जाता था।सारे इलाके में रायचंद डागा का नाम और उनकी सजा से सभी डरते थे।मैं उनके सामने सजा सुनने को तैयार खड़ा था।उन्होंने एक बार हथोड़ा बजाया।अदालत में शांति छा गई और अदालत में उपस्थित सभी लोग एकटक जज की तरफ देखने लगे।मैं भी सजा सुनने के लिए तैयार था।रायचंद डागा जज ने सजा सुनाई।तुम पत्नी का पेटीकोट धोने का आरोप स्वीकार कर चुके हो।अब तुम्हें जो सजा सुनाई जा रही है वह ध्यान से सुनो, और उस पर कोई सवाल जवाब की इजाजत नहीं होगी। जज ने सजा सुनाई "तुम आगे कभी अपनी पत्नी का पेटीकोट नहीं धोओगे।मैं जज साहब को देखने लगा।मैंने रिक्वेस्ट की सर इस निर्णय से तो मेरी बदनामी होगी।मेरा निवेदन सुनें। अदालत में शोर होने लगा जल्दी ने फिर हथोड़ा बजाया। अदालत में शांति हुई।मैंने रिक्वेस्ट की।जज साहब मैं आपसे बार-बार हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहता हूं कि इस फैसले से तो मैं कहीं का नहीं रहूंगा। मेरी बदनामी होगी। आपने यह कैसा फैसला सुना दिया? आप ने सुनाया है कि आगे से कभी अपनी पत्नी का पेटीकोट नहीं धोऊं।जज साहब मेरा एक निवेदन है। आप इस वाक्य में से केवल एक शब्द "अपनी" बस यही शब्द काटने का रहम करें। जज साहब मैं आपके निर्णय पर कोई आपत्ति नहीं करना चाहता लेकिन आपने जो निर्णय दिया कि मैं आगे से अपनी पत्नी का पेटीकोट नहीं धोऊंगा। इससे लोग यह निर्णय निकालेंगे कि मुझे दूसरों की पत्नियों का पेटीकोट धोने की मनाही नहीं है।मेरे पर रहम फरमाएं।जज ने कड़ी नजरों से मेरी तरफ देखा और कहा कि तुम्हें कितनी बार समझाया गया है। तुम अदालत के फैसले पर आपत्ति कर रहे हो। अदालत जो फैसला दे चुकी है वह आज और इसी समय से लागू हो गया है। तुम्हें जो कुछ कहना है तो बड़ी अदालत में अपील में कहना। तुम्हें अपील करने की इजाजत दी जाती है। इस अदालत का यही निर्णय है कि तुम आगे कभी अपनी पत्नी का पेटीकोट नहीं धोओगे।मैं नोटबंदी में फंस गया। बैंक में बचत खाते में से भी खुद की ही रकम निकाल नहीं पाया। शर्म मरते किसी दोस्त से भी रूपये मांग नहीं पाया।मैं बड़ी अदालत में अपील में नहीं जा पाया।जज रायचंद डागा का फैसला लागू रह गया कि मैं "अपनी" पत्नी का पेटीकोट नहीं धो सकता।***************** काल्पनिक ************** *होली की शुभकामनाएं सहित यदि आपको मसखरी -हास्य पसंद है तो आगे शेयर करें।******************करणीदानसिंह राजपूत,स्वतंत्र पत्रकार,( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत) सूरतगढ़।मो 94143 81356.***************"प्रथम - 17 मार्च 2017.अपडेट 26 फरवरी 2026.
बुधवार, 25 फ़रवरी 2026
सूरतगढ़ में नया ईओ कौन.पूजा शर्मा की सीएम को शिकायत.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 25 फरवरी 2026.
नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की एक बड़ी शिकायत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपी गई थी जिस पर कार्वाई के खुफिया संकेत हैं। सूत्रानुसार यह शिकायत भाजपा नेता पूजा छाबड़ा ने स्वयं उपस्थित होकर दी।
सूत्र के अनुसार शिकायत गंभीर है और उस पर कार्वाई होना लाजिमी है। सूत्र के अनुसार कार्वाई में ईओ पूजा शर्मा को यहां से हटाया जाना निश्चित है।
एक दुसरे सूत्र अनुसार किसी अन्य ईओ को यहां लाए जाने की डिजायर भी हो चुकी है। अभी ईओ के स्थानांतरण पर प्रतिबंध है जिसके हटते ही आदेश होंगे। पवन चौधरी की आने की भनक है जो पहले भी कुछ दिनों के लिए यहां ईओ पद पर कार्य कर चुके हैं।
* एक तीसरे सूत्र की सूचना के अनुसार ईओ पूजा शर्मा यहां सूरतगढ़ में ही रहने के लिए अपने प्रयास में पूरा जोर लगाए हुए है। पूजा शर्मा पर कोई भी कार्वाई होती है तो उससे पहले पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया की जानकारी में लाया जाएगा। प्रशासनिक राय कासनिया की ही चलती है।
पूजा शर्मा का सूरतगढ़ में दो साल का कार्यकाल 18 फरवरी को पूरा हो चुका है। पूजा शर्मा ने यहां 20 फरवरी 2024 को कार्यभार ग्रहण किया था।०0०
एसडीएम की सख्ती से प्रभावी अतिक्रमण ध्वस्त. सूरतगढ़ की बड़ी खबर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ 25 फरवरी 2026.
उपखंड अधिकारी भरत जयप्रकाश मीणा की सख्ती से सार्वजनिक उपभोग की बीसियों लाख रू के कीमती भूखंड से नगरपालिका ने पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण ध्वस्त किया। मौके पर रजनी नामक एक स्त्री बार बार विरोध करती हुई जेसीबी के आगे खड़ी हो रही थी। पुलिस ने समझाईस की और नहीं मानने पर उसे कालिका महिला पुलिस ने पकड़ कर हटाया और हिरासत में लिया। मौके पर अनेक भू माफिया व्यक्ति भी भीड़ में मौजूद थे। पहले जब फोर्स पूरी नहीं थी तब अतिक्रमण ध्वस्त शुरू नहीं हुआ तब लोगों में चर्चा हो रही थी कि यह कब्जा तोड़ना आसान नहीं है और टूटेगा भी नहीं। नगरपालिका प्रशासन ईओ स्तर तक बड़ा दबाव होने की चर्चा हो रही थी। जब ध्वस्त की कार्वाई शुरू नहीं हुई तब उपखंड अधिकारी को यह शिकायत की गई। उपखंड अधिकारी ने ध्वस्त करने का आदेश दे दिया था और कार्वाई नहीं होने पर वे मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे और सख्त आदेश देकर लौटे। इसके बाद पुलिस का जाब्ता महिला पुलिस के साथ पहुंचा तब शाम को 6- 45 बजे के लगभग कार्वाई शुरू हुई। अतिक्रमण के पीछे ताकत होने और ऐसी स्थिति में ध्वस्त होने की कार्वाई को देखने को आसपास भारी भीड़ एकत्रित हो गई थी। कई जनें इसका विडिओ बनाने लगे। अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा मौके पर नहीं थी और बताया जाता है कि आज कार्यालय में भी नहीं थी। अतिक्रमण ध्वस्त की चर्चा और हर जगह उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा की सख्ती की चर्चा हो रही थी।
* निरंकारी सत्संग भवन के पीछे सार्वजनिक उपभोग का भूखंड और गली नक्शे में आरक्षित होते हुए भी चारदीवारी का अवैध निर्माण कर कब्जा कर लिया गया था।
नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा लिखित सूचना पर 2 बार मौके गयी थी। सेवानिवृत्त अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी गौरीशंकर यादव ने 18 फरवरी को नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा को उपस्थित होकर लिखित शिकायत की। सरकार के प्लान के नक्शे भी शामिल किए।यह शिकायत उपखंड अधिकारी जो नगरपालिका के प्रशासक हैं, उनको भी उसी दिन कर दी गई।
अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा दो बार मौके पर देखने गई लेकिन अतिक्रमण तुड़वाया नहीं तब गौरीशंकर यादव ने एक और शिकायत कर दी थी। अतिक्रमण करने में रजनी के नाम का उल्लेख भी कर दिया था। ०
मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026
सूरतगढ़:होटल,व्यावसायिक भवनों की अवैध मंजिलें. नगरपालिका प्रशासन की सैटिंग.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 फरवरी 2026.
सूरतगढ़ में राजनैतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं,समाज सेवकों और बड़े लोगों के अवैध निर्मित होटल और व्यावसायिक संस्थान,और आवास मुख्य सड़कों पर खड़े हैं।
अधिकांश होटल व्यावसायिक संस्थानों घरों के निर्माण की मंजूरी केवल दो मंजिल तक है लेकिन ग्राउंड फ्लोर और एक ऊपर लेकिन यहां दूसरी तीसरी यानी टोटल चार और पांच मंजिलों तक के होटल व्यावसायिक स्थल और घरेलू मकान बने हुए हैं। अनेक ने भूमिगत निर्माण भी अवैध कर रखे हैं।
* ये विशाल निर्माण अवैध तो हैं और अधिकांश में अग्निशमन की कोई व्यवस्था उपकरण नहीं है। अधिकांश भवन हरवक्त अग्नि दुर्घटना के खतरे में है। निर्माण में भी यह घटियापन है कि उंचे निर्माण में अंदर तो प्लास्टर है सज्जा है लेकिन बाहर कोई प्लास्टर नहीं,केवल ईंटें ही दिखाई देती है।
👍 नगर पालिका अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा से आज रेलवे स्टेशन के पास बन रहे एक होटल के निर्माण की वैधता के बारे में पूछा गया कि वह अवैध बन रहा है। तब उन्होंने कहा कि दो मंजिल की स्वीकृति है। उन्हें बताया गया कि वह चार मंजिल तक बन चुका है।
* नगर पालिका की स्थिति यह है कि उसकी जानकारी में आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।
* अवैध निर्माण की कार्रवाई पर नगर पालिका नोटिस जारी करती है तो अवैध निर्माण करता और नगर पालिका प्रशासन के बीच में आपसी समझौता हो जाता है,नगर पालिका को निर्माण के जो रुपए शुल्क मिलना चाहिए वह नगर पालिका प्रशासन के अधिकारी और निर्माता के बीच में ही सेटल हो जाता है।नगर पालिका को इस प्रकार से नोटिस देकर कार्रवाई नहीं करने पर भवन निर्माण के शुल्क के रूप में मिलने वाले लाखों रुपए हर माह चोट पहुंचती है। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही और मिलीभगत से नगर पालिका को यानि सरकार को बहुत बड़ी ठगी का शिकार होना पड़ रहा है। नगर पालिका ने अनेक नोटिस जारी किए लेकिन इसके बाद में उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्पष्ट स्थिति सामने आ रही है कि इस प्रकार के आपसी समझौते में नगरपालिका के स्टाफ की जेबें भर्ती है या वे किसी दबाव में नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाते हैं।
* प्रमुख सड़कों के किनारे बाजारों में बने विशाल होटल और व्यावसायिक संस्थानों में संपूर्ण निर्माण की जांच के बाद में शास्ति लगनी चाहिए जिससे नगर पालिका को लाखों रुपए की आय हो सकती है। जिन व्यवसायिक होटल और संस्थान ने अवैध रूप से तीसरी चौथी पांचवी मंजिल तक निर्माण किया है उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी करके अवैध बनाई गई मंजिलें ध्वस्त की जानी चाहिए। संबंधित भवन के मालिक स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं तो नगर पालिका की ओर से होटल भवन जो भी है उसको सीज कर सील मोहर किया जाना चाहिए। अनेक भवनों के आगे सड़क पर सीढियां या ढलान अवैध निर्माण हैं। अवैध निर्माण और नगरपालिका की सैटलमेंट लूट पर सभी राजनैतिक दल,उनके पदाधिकारी भी किसी तरह से समझोतों में दबे हैं या चुप हैं। मतलब कि सभी का रवैया एक जैसा है।
अभी नगर पालिका पूरी तरह से इस आवश्यक काम को जो कि आम जनता के साथ कभी भी भयानक दुर्घटना हो सकती है के मामले में लापरवाही बरत रहा है।
* इसके अलावा नगर पालिका अग्निशमन ब्रांच की ओर से समस्त होटल और बड़े व्यावसायिक सेंटरों पर जांच की जानी चाहिए। अग्नि शमन की सुविधा वहां है या नहीं है? अग्निशमन उपकरण अनिवार्य रूप से लगाने का नोटिस जारी होना चाहिए और बार-बार जांच होनी चाहिए।
*बड़े होटलों, बड़े व्यावसायिक संस्थानों का कचरा निस्तारण भी देखा जाना चाहिए। नगर पालिका क्षेत्र में अनेक प्राइवेट चिकित्सालय खुल गए हैं उनका मेडिकल कचरा कहां निस्तारित होता है? इसकी जांच नगर पालिका को करनी चाहिए कि वह कहां फेंका जा रहा है? यह आम जनजीवन की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। चिकित्सालयों से नोटिस के जरिए पूछताछ होनी चाहिए।
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कॉमरेड हेतराम बेनीवाल 95 वर्ष में निधन.
* करणीदानसिंह राजपूत *
24 फरवरी 2026.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ( मार्क्सवादी) के दिग्गज नेता पूर्व विधायक कामरेड हेतराम बेनीवाल का 23 फरवरी रात में करीब 10-30 पर श्रीगंगानगर के प्राईवेट चिकित्सालय में निधन हो गया। वे काफी समय से अस्वस्थ थे।
बेनीवाल श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ जिलों के लगभग हर आंदोलन से और राजस्थान के प्रमुख आंदोलनों से जुड़े रहे। दलित, दमित, वंचित, शोषित, किसान, मजदूर के हितों के लिए आजीवन लड़ते रहने वाले क्षेत्र के संघर्षशील कद्दावर मार्क्सवादी नेता, जन आँदोलनों की बेजोड़ नेतृत्वकारी शख्सियत पूर्व विधायक कॉमरेड हेतराम बेनीवाल की संसार से विदाई से बहुत बड़ी क्षति हो गई है।
किसानों की हर समस्या से जूझते रहे। संगरिया से विधायक भी रहे।
इंदिरा गांधी के द्वारा लगाए आपातकाल 1975-77 में मीसा में बीकानेर जेल में बंद रहे। जीवनकाल में अनेक मुकदमे बने लेकिन उन्होंने कभी भी परवाह नहीं की।
प्राथमिक खबरों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार उनके गांव 8 एल एन पी ( श्रीगंगानगर जिला) में दोपहर बाद किया जाएगा।०0०
शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026
आयुर्वेद चिकित्सा से रोग जड़ से खत्म होता है!
*करणीदानसिंह राजपूत *
आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति जो रोग की जड़ तक पहुंच कर रोग को खत्म कर व्यक्ति को स्वस्थ करने वाली पद्धति है जिसे अब विश्व व्यापी रूप में अपनाया जाने लगा है।
* यह विश्व की प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है, जब भारत एक विशाल क्षेत्र में फैला हुआ था।
👌 आज हम आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से विभिन्न रोगों का समुचित रूप से जड़ से खत्म करने का उपचार करने वाले डॉक्टर निशांत स्वामी की यहां चर्चा करते हैं जो सूरतगढ़ ( राजस्थान) में 'वैद्य कुंभाराम स्वामी आयुर्वेद हॉस्पिटल'का संचालन कर रहे हैं। वैद्य कुंभाराम स्वामी ने अपने जीवन काल में आयुर्वेद चिकित्सा देकर लाखों लोगों को स्वस्थ किया था। उनके सुपौत्र हैं डॉक्टर निशांत स्वामी।
डॉक्टर निशांत स्वामी भी अभी तक हजारों रोगियों का सफल इलाज कर चुके हैं, जिनमें बच्चों से लेकर वृद्ध तक शामिल हैं।
** डॉक्टर निशांत का कहना है कि लगभग सभी रोग पेट से शुरू होते हैं।अगर पेट (उदर) साफ सही हो तो रोग हो नहीं पाते।
*डॉ निशांत बड़े धैर्य से रोगी से पूर्ण जानकारी बातचीत कर पता कर उसकी जटिलता का मालुम कर जांच करके फिर इलाज शुरू करते हैं जिससे रोगी को चिकित्सा लाभ तुरंत मिलना शुरू होता है और प्रभावशाली रहता है।
* निशांत प्रमुख रूप से बताते हैं कि वे किस प्रकार के रोगों रोगियों का ईलाज अभी तक कर चुके हैं।
पेट के रोग अल्सर एसिडिटी कब्ज आईबीएस हैं।
* श्वास रोग, माइग्रेन, तनाव (टेंशन अनेक प्रकार का होता है.)लिवर यानि यकृत के रोग। फैटी लीवर, सिरोसिस, पीलिया,
*पित्त की पथरी
** बवासीर (बवासीर बादी हो चाहे खूनी हो.)
फिशर ( कट्स) भगंदर, फिस्ट्युला, बवासीर क्षार सूत्र से ईलाज करते हैं और औषधियों से भी करते हैं।
*कमर दर्द, यूरिक एसिड का बढ़ना,वरीकोजेन ( घुटने व पैरों की नसें फूलना)
** महिलाओं से संबंधित रोग ल्यूकोरिया. बार-बार गर्भपात होना।
** पुरुषों के रोगों में शुक्राणुओं की कमी,वेरीकोसील आदि है जिनका इलाज आयुर्वेद पद्धति में सफलता से संभव है।
👌 डॉ निशांत का कहना है कि पेट यकृत बवासीर आदि जो रोग हैं, ये सूरतगढ़ क्षेत्र में अधिक फैले हुए हैं।
* डॉक्टर निशांत की शिक्षा और अनुभव छोटी उम्र में भी विशालता रखते हैं। बी ए एम एस,सी आर ए वी (मेडिसिन)में किया हुआ है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति अपना रहे हैं।आर्य वैद्यशाला, कोटकल केरल में 2 साल तक कार्य का अनुभव है। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के अंदर भी इन्होंने प्रशिक्षण लिया है। नई दिल्ली के आयुष मंत्रालय से एक अनुसंधान अध्येता के रूप में डेढ़ साल तक कार्य किया है।
* सूरतगढ़ में वैद्य 'कुंभाराम स्वामी आयुर्वेद हॉस्पिटल 'बीकानेर रोड पर स्थित है।
यहां डॉक्टर निशांत के मोबाइल नंबर दे रहे हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनसे संपर्क करके लाभ उठाया जा सके। निशांत के मोबाइल नंबर 8078634869,7426090869 हैं।
*यहां एक विशेष जानकारी दे रहे हैं कि इसी आयुर्वेद हास्पिटल में डा. मीना स्वामी भी आयुर्वेद चिकित्सक का कार्य कर रही हैं। डा. मीना बी.ए.एम.एस.,सीआर ए वी ( आयुर्वेद) हैं।
20 फरवरी 2026. .(*सूचना प्रद लेख.चिकित्सा अपनी ईच्छा और संतुष्टि से ही करानी चाहिए)
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
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००००
गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026
ईओ पूजा शर्मा के 2 वर्ष पूर्ण. नये ईओ की प्रतीक्षा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 20 फरवरी 2026.
नगरपालिका अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा का 2 वर्ष का प्रशासनिक कार्यकाल यहां पूर्ण हुआ। जनता नये ईओ की प्रतीक्षा में है। सामान्य रूप से
प्रशासनिक कार्यकाल दो वर्ष का माना जाता है। करीब 6 महीनों से यह अवधि पूर्ण होने का इंतजार राजनैतिक हलकों में और जनता में किया जाने लगा था।
ईओ पूजा शर्मा ने यहां 20 फरवरी 2024 को कार्यभार ग्रहण किया था। तत्कालीन अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने पूजा शर्मा का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया था। भाजपा के राज ग्रुप का पूजा शर्मा को संरक्षण है। पूजा शर्मा की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट लोग व राजनैतिक कार्यकर्ता प्रशासनिक काल पूर्ण होने के दिन गिनते हुए नये ईओ की प्रतीक्षा में रहे हैं लेकिन राज ग्रुप( कासनिया) का संरक्षण जब रहेगा तब तक पूजा शर्मा की मौजूदगी यहां रहेगी।
पूजा शर्मा के दो वर्षों के कार्यकाल की समीक्षा कुछ दिनों में होगी कि जनहित में शहर में क्या कुछ हुआ और सरकारी आदेशों की किस स्तर तक पालना हुई। ०0०
मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026
गंगाजल मील की पुण्यतिथि.कार्यक्रम की खास रिपोर्ट.भीड़ और नजरिया.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 17 फरवरी 2026.
सूरतगढ़ के विधायक रहे राजनीति के सिरमौर रहे गंगाजल मील की प्रथम पुण्यतिथि 17 फरवरी 2026 को श्रद्धांजलि पर लोगों की रिकॉर्ड भीड़ देखी गई जिसने विभिन्न समाजसेवा के कार्यों में भाग लिया या कार्यक्रम देख उत्साहित हुए।
आयोजन स्थल पर मील कुटुम्ब के राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील,पंचायत समिति सूरतगढ़ के प्रधान हजारीराम मील,पंचायत समिति सदस्य हेतराम मील,राजस्थान पीसीसी सदस्य महेंद्र मील,हनुमान मील,पूर्व जिला प्रमुख पृथ्वीराज मील से लोग मिल रहे थे।
* लोग हनुमान मील से विशेष रुप से अधिक मिलते देखे गए। हनुमान मील के चारों ओर लोगों का घेरा लगातार रहा। हालांकि आयोजन गंगाजल मील की पुण्यतिथि का था लेकिन हनुमान मील से मिलने वाले लोगों की संख्या और उत्साह से भावी राजनीति का पूर्वाभास सामने आ रहा था। हनुमान मील अभी सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में अधिक सक्रिय दिखाई पड़ते हैं,इसलिए भी अधिक लोगों का मिलना रहा। यह कार्यक्रम अनाज मंडी में आयोजित हुआ।
* विभिन्न राजनैतिक दलों के पदाधिकारी कार्यकर्ता, ग्रामीण जनप्रतिनिधि, शहरी जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गंगाजल मील के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और नमन किया। इस अवसर पर सैंकड़ों लोगों ने यादगार में रक्तदान किया। तीन बजे तक यह संख्या 1300 के करीब थी। चिकित्सा परामर्श व जांच शिविर भी लगाया गया था। राजस्थान का राज्य वृक्ष लगाने की प्रेरणा के लिए खेजड़ी के पौधे भी वितरित किए गये। लंगर प्रसाद भी चला।
*गंगाजल मील की स्मृति में उनके पुत्र महेंद्र मील ने शिवनंदी शाला में एक सभागार की नींव रखी जिसका निर्माण वे कराएंगे।
* अमरनाथ लंगर सेवा समिति के परिसर में भी गंगाजल मील की स्मृति में लंगर का आयोजन हुआ व मील के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।०0० रिपोर्ट अच्छी लगे तो शेयर करें।
युनिपोल के विज्ञापन पर हेरिटेज लाईट की बाधा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 17 फरवरी 2026.
सड़कों पर स्थापित युनिपोल के विज्ञापनों का रेट बहुत अधिक होता है। अब युनिपोल के विज्ञापन की सीध मैं हेरिटेज लाईट और खंभे ऐसी बाधा बने हैं कि विज्ञापन मैटर प्रभावित हो रहा है। दिन में बाधा है तो रात को जब लाईटें ओन होंगी तब तो मैटर दिखाई ही नहीं देगा।
युनिपोल से हेरिटेज लाईट खंभे दूर होने चाहिए थे। नगरपालिका इंजीनियर ने निरीक्षण और सही दूरी आदि पर लापरवाही की। युनिपोल पर कोई भी विज्ञापन नहीं देगा और ठेकेदार से नगरपालिका रकम ले चुकी है। ०0०
सोमवार, 16 फ़रवरी 2026
गंगाजल मील के बाद राजनीति की गद्दी पर कौन?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 16 फरवरी 2026.
सूरतगढ़ के विधायक ( 2008 से 2013) रहे गंगाजल मील की प्रथम पुण्यतिथि 17 फरवरी 2026 को श्रद्धांजलि पर विभिन्न कार्य समाजसेवा के रूप में होने की चर्चाओं में एक सवाल उभर कर फैल रहा है कि उनकी विरासत यानि राजनीति की गद्दी पर मील कुनबे से कौन होगा? यानि सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव के लिए कोई एक तो होगा। जनता जब सवाल करती है या हालात पैदा होते हैं तब ऐसे सवाल पैदा होते हैं और कुटुम्ब में से कोई तुरंत ही उत्तर देने की स्थिति में नहीं होता। सूरतगढ़ में 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ चुके हनुमान मील ही लोगों की नजरों में कुछ सक्रिय हैं। इनके अलावा सूरतगढ़ में पृथ्वी राज मील है जो 2023 का विधानसभा चुनाव जेजेपी से लड़े लेकिन वोट प्राप्ति में एकदम फुस्स रहे। पृथ्वीराज मील को जनता राजनीति के लिए पक्का हुआ चेहरा नहीं मानती क्योंकि पृथ्वी लोगों के बीच राजनैतिक रूप में पांच सात बार से अधिक नजर नहीं आए।
इनके अलावा महेंद्र मील का नाम है मगर विरासत मिलने की स्थिति लोग कुछ भी नहीं मानते। महेंद्र मील सूरतगढ़ में उपस्थित नहीं रहे।
यदि हनुमान मील राजनीति को आगे चलाएंगे तो कार्यकर्ताओं का चयन तो नया गठन करना होगा। गंगाजल मील को घेर कर बैठने वालों ने मील को फेल किया जिससे वे 2013 में पराजित हुए। हनुमान मील उन चेहरों को ठीक तरह से जानते ही होंगे। मील की विरासत को नई तो स्थापित करनी नहीं है, केवल शिथिल हो रही को तीव्रता देनी है। राजनैतिक गद्दी का मतलब है 24 घंटे सूरतगढ़ में सक्रियता। घूम फिर कर चक्री की सूई हनुमान के नाम पर ही टिकती है फिर भी कुटुम्ब किसे आगे करेगा का इंतजार लोगों को है।०0०
सूरतगढ़: हेरिटेज लाईटें लगाना शुरू.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 16 फरवरी 2026.
नगरपालिका की ओर से मुख्य बाजार में डिवाईडर पर हेरिटेज लाईट खंम्भे आज संध्या से लगाने का कार्य शुरू हुआ।
करनाणी धर्मशाला के आगे का यह कार्य हुआ है। अन्य सड़कों पर रात को व अगले दिन तक अनेक खंम्भे लग जाएंगे। सुभाष चौक पर सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा के आगे स्मारक के गेट के आगे खंम्भे का आधार गलत है जिस पर नगरपालिका प्रशासन चुप है। यह स्थिति विवाद पैदा करने वाली बनी हुई है।०0
०0०
गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026
विधानसभा में सूरतगढ़ के जर्जर न्यायालय भवन व खेजड़ी के मुद्दे डुंगरराम गेदर ने उठाए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 12 फरवरी 2026.
विधायक डुंगरराम गेदर ने सूरतगढ़ के जर्जर न्यायालय भवन और खेजड़ी के मुद्दे बहुत गंभीरता से रखे।
राजस्थान विधानसभा में आज सूरतगढ़ से विधायक डूंगर राम गेदर ने प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर जोरदार एवं तथ्यपरक वक्तव्य देते हुए सरकार से सवाल किये।
विधायक डूंगर राम गेदर ने अपने भाषण में कहा, “आंकड़ों में उलझाकर आप कितने दिन तक चलेंगे? कागजों पर खींच दी विकास की रेखाएँ, खाली जेब में छुपे दर्द को कौन देखेगा।” उन्होंने “डबल इंजन” सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब बड़ा इंजन ही फेल हो रहा है तो विकास का दावा खोखला साबित होता है।
आर्थिक असमानता पर बोलते हुए कहा कि देश के शीर्ष 10 प्रतिशत लोगों के पास 65 प्रतिशत संपत्ति है, जबकि 90 प्रतिशत जनता के हिस्से में मात्र 35 प्रतिशत संपत्ति है। उन्होंने इसे “एक पैर बर्फ पर और दूसरा अंगारों पर रखकर औसत ठीक बताने” जैसा बताया। आर्थिक समीक्षा 2024-25 और 2025-26 के आंकड़ों में विरोधाभास का उल्लेख करते हुए पारदर्शिता पर प्रश्न उठाए।
बीकानेर में बिश्नोई समाज के महापड़ाव और खेजड़ी संरक्षण कानून पर दिए गए आश्वासन को याद दिलाते हुए विधायक ने कहा कि साधु-संतों का अपमान राजस्थान नहीं सहेगा।
सूरतगढ़ न्यायालय परिसर की जर्जर स्थिति पर उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त की। वर्ष 1961 में बने भवन में चार अदालतें संचालित होने, पीडब्ल्यूडी द्वारा भवन को जर्जर घोषित किए जाने तथा उच्च न्यायालय द्वारा बार-बार स्वीकृति मांगने के बावजूद बजट जारी न होने को गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि 30 जनवरी 2026 से वकील और कार्मिक धरने पर हैं, न्यायिक कार्य बाधित है, जिससे पक्षकारों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। नए न्यायालय भवन के लिए तत्काल बजट स्वीकृति और दूसरा अपर जिला न्यायालय खोलने की मांग की गई।
विधायक डूंगर राम गेदर ने कृषि विश्वविद्यालयों के बजट में कटौती, लखपति दीदी योजना के आंकड़ों में विसंगति, मुख्यमंत्री मंगल पशु बीमा योजना के क्रियान्वयन में शून्य प्रगति तथा सहकारी समितियों में करोड़ों रुपये के घोटालों की निष्पक्ष जांच की भी मांग की।
विधायक डूंगर राम गेदर ने स्पष्ट कहा कि जनहित के इन सभी मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा और यदि आवश्यक हुआ तो जनता की आवाज सड़क से सदन तक मजबूती से उठाई जाती रहेगी।
विधायक ने सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अंतर्गत किसानों को पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध नहीं होने की गंभीर स्थिति को लेकर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया।०0०
बुधवार, 11 फ़रवरी 2026
राजियासर में 'कृषि उपज मंडी' खुलवाने का हकदार!
* विशेष रिपोर्ट:करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 11 फरवरी 2026.
राजस्थान की भाजपा सरकार ने आज 2026-27 के प्रस्तावित बजट में सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के राजियासर में कृषि उपज मंडी स्थापित करने की घोषणा हुई है। इससे किसान और व्यापारी वर्ग के अलावा अन्य लोगों को भी लाभ होगा। रोजगार भी बढेगा।
राजियासर में यह मांग वर्षों से उठती रही है और राजस्थान पत्रिका में अनेक बार खबर और रिपोर्ट भी बनी।
यह व्यापक मांग थी जिसकी पूर्ति पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया की मांग सरकार तक पहुंचने से कार्य पूर्ण हुआ। कासनिया 2018 से 2023 तक सूरतगढ़ के विधायक रहे और 2023 में जीत नहीं सके,लेकिन जनहित और किसानों के कार्यों के लिए सक्रिय रहे। कासनिया का एक पत्र 2025 का प्रचारित हो रहा है जिसको बड़ा आधार अब माना जा सकता है लेकिन कासनिया काफी वर्षों से यह मांग करते रहे हैं। कुछ लोगों का रवैया रहा है कि कोई भी काम हुआ और वे किसी न किसी का नाम देकर सोशल मीडिया ग्रुपों में सूचना और बधाई धन्यवाद चला देते हैं। ०0०
मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026
पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु का स्वास्थ्य.कांग्रेस नेता हैं भादु.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 10 फरवरी 2026.
पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह भादु के स्वास्थ्य को लेकर लोग चिंतित हैं। उनके स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व वे एसडीएम एडीएम कार्यालय की सड़क पर चक्कर आने से गिर गये थे। उनको एक टी स्टाल वाले ने गिरे हुए देखा और उठाया। उसने चिकित्सालय का आग्रह किया लेकिन भादु ने इन्कार किया। वे बाद में सड़क पर और टहले फिर घर गये। भादु सन् 2013 से 2018 तक भाजपा टिकट पर सूरतगढ़ से विधायक रहे। सन् 2018 में उनके बजाय रामप्रताप कासनिया को भाजपा की टिकट मिली। भादु को 2023 में भाजपा की टिकट नहीं मिलने पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा और काफी कम वोट मिले। इसके बाद भादु कांग्रेस में चले गये। अब वे कांग्रेस के सक्रिय नेता हैं।०0०
०००
सोमवार, 9 फ़रवरी 2026
धर्मदास सिंधी सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने गये.पूज्य झूलेलाल सेवा समिति.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़, 9 फरवरी 2026.
पूज्य झूलेलाल सेवा समिति सूरतगढ़ के अध्यक्ष पद पर सर्व सम्मति से धर्मदास सिंधी को चुना गया। नव निर्वाचित अध्यक्ष को माल्यार्पण कर खुशियां मनाई गई।
आज मनोहर लाल लोकवाणी की अध्यक्षता में पूज्य झूलेलाल मंदिर सूरतगढ़ में समाज की साधारण बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें निवर्तमान अध्यक्ष के द्वारा वर्ष 2024- 25 और 25-26 का लेखा-जोखा एवं दो वर्षों के कार्यकाल में किए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर दो वर्ष 2026 से 2028 के लिए नए अध्यक्ष के चुनाव हेतु चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों के बीच में आगामी कार्यकाल के लिए सर्वसम्मति से धर्मदास सिंधी को पूज्य झूलेलाल सेवा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस दौरान पूर्व अध्यक्षों जिसमें रमेश आसवानी मनोहर लाल लोकवाणी डॉक्टर अर्जुन दास सेवकानी ने नवनियुक्त अध्यक्ष को माल्यार्पण कर उसका स्वागत किया।
समाज के सभी सदस्यों ने भी नवनियुक्त अध्यक्ष का माल्यार्पण किया एवं मिठाई खिलाकर मुख मीठा कराया। इस अवसर पर नवनियुक्त अध्यक्ष ने कहा कि आपने मुझ पर भरोसा करके मुझे जो दायित्व दिया है उसे मै पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते हुए एवं आप सभी को साथ लेकर समाज के हित मे कार्य करूँगा।
इस अवसर पर बाबा साहब छतु मल लालवानी लीलाराम रोगाणी जगदीश पेसवानी गोविंदराम टेकवानी रूपचंद सेवकाणी रोहित चंदवानी जगदीश आसवानी रमेश चुघ प्रदीप मखीजा गोपाल सिंधी रवि आसवानी के अलावा समाज के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।०0०
देश में ज्वालामुखी फूटेगा: कविता- करणीदानसिंह राजपूत
मेरा देश बोलेगा
मेरा देश देखेगा
मेरा देश सुनेगा
सब कुछ होगा।
मेरे देश में
घटनाओं पर घटनाएं
कुछ भी हो जाए
ऐसा सदा नहीं चलेगा
मेरे देश के आँखें हैं
मेरे देश के कान भी हैं
मेरे देश के मुंह भी है।
अरे। घमंडी अत्याचारियों
इसका विशाल रूप
ताकत का स्वरूप
कंकाल नहीं हुआ है।
मेरे देश में बदलाव आएगा
आएगा वह दिन आएगा
जब मेरा देश गौर से देखेगा
जब मेरा देश गौर से सुनेगा
जब मेरा देश उदघोष करेगा।
मेरे देश के दिल में
मेरे देश के दिमाग में
हलचल मचेगी और
ज्वालामुखी फूटेगा।
भ्रष्टाचार के विरूद्व
तानाशाही के विरूद्ध
हर गली हर मोड़ से
क्रांतिकारियों के चौक से
तूफान उठेगा।
ठहर नहीं पाएंगे
भाग जाएंगे
सफेदपोश भ्रष्टाचारी दुराचारी
ऐसा दिन आएगा?
हां,ऐसा भी दिन आएगा।
चप्पे चप्पे से
भारत मां का जयघोष
जोरों से गूंजेगा।
क्रांतिकारियों की प्रतिमाएं
स्मारकों से निकल कर
संसद में बैठेंगी
सीमा पर सैनिक बन
दुश्मन को मार भगाएंगी
आएगा जल्दी वह दिन।
जब हम और तुम
एक दिल एक जान
एक सोच से
मशाल उठा कर
शक्तिशाली बन जाएंगे
भारत बन जाएंगे।
*********
रचना 24 जून 2018.
अपडेटेड. 15 फरवरी 2021.
अपडेट. 15 जनवरी 2024.
अपडेट 10 अप्रैल 2024.
अपडेट 9 फरवरी 2026.
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करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार,
पत्रकारिता 62 वां वर्ष.
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356
***०००००😊
रविवार, 8 फ़रवरी 2026
श्रीगंगानगर: कितने अवैध चिकित्सालय और प्रयोगशालाएं ?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 8 फरवरी 2026.
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और लापरवाही से सूरतगढ़ में( और जिले में) कितने चिकित्सालय और कितनी प्रय़गशालाएं अवैध यानि बिना वैध रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं? बड़ा प्रश्न है और उत्तर इस विभाग की त्वरित व लगातार छापेमार निरीक्षण से सामने आएगा। क्या सीएमएचओ को मालुम नहीं कि शहर में गलियों में कितने चिकित्सा केंद्र चल रहे हैं? केवल गोपनीय सूचना के नाम पर एक जगह छापा मारना उचित होगा लेकिन सभी चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं की जांच हो तो अनेक खामियां मिलेंगी और चिकित्सा केंद्रों पर सील लगेगी।
👍 चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं का मेडिकल कचरा खपाने के लिए भी निश्चित स्थान और विधि है जिसमें हर माह कुछ रूपया खर्च होता है और उसको बचाने के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया जाता। मेडिकल कचरा अवैध रूप से सड़कों आदि पर फेंका जाता है जो कानूनी गलत है।
चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं मेडिकल स्टोरों पर साफ सफाई,संपूर्ण स्टाफ का स्वास्थ्य परीक्षण जरूरी है लेकिन ऐसा निरीक्षण श्रीगंगानगर जिले में कब कहां हुआ और परिणाम व कार्वाई की सूचना नहीं मिलती। पहले ड्रग इंस्पेक्टर की कार्वाई की रिपोर्ट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से मिलती थी। अब विभाग सूचना उस विभाग को देता नहीं है।
खाद्य पदार्थों के नमूने और जांच की रिपोर्ट भी नहीं मिलती। सीएमएचओ की ओर से शनिवार 7 फरवरी 2026 को सूरतगढ़ के यश हास्पीटल में अचानक निरीक्षण में लेबोरेट्री अवैध बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित मिली। क्या हस्पताल संचालक की अनुमति के बिना कोई हस्पताल में लेबोरेटरी चला सकता है? उसका बिजली का कनेक्शन भी होगा जो मेन मीटर से या अलग होगा तो भी होस्पीटल की अनुमति से ही होगा। होस्पीटल में कोई भी अवैध संचालन हो रहा है तो कार्वाई संपूर्ण होस्पीटल पर होने और जवाब भी होस्पीटल संचालक से लिया जाना चाहिए था लेकिन लेबोरेटरी सील हुई और समाचार छपा हुआ सामने आया कि लेबोरेटरी संचालक से जवाब मांगा गया है।
👍 सीएमएचओ गंभीरता से सूरतगढ़ और संपूर्ण जिले में लगातार सभी चिकित्सालयों व प्रयोगशालाओं का निरीक्षण करे और कार्वाई की रिपोर्ट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को प्रकाशन के लिए भिजवाए।
शनिवार, 7 फ़रवरी 2026
राजनीतिक:गंगाजल मील की पुण्यतिथि सभा, रक्तदान और संभावित भविष्य.
* करणीदानसिंह राजपूत *
भाजपा नेता गंगाजल मील की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा और रक्तदान होगा। इसके लिए सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवों चकों में पोस्टर सहित संपर्क किया जा रहा है।
मील परिवार के सदस्य और मील के निकटतम लोग विभिन्न क्षेत्रों में पदाधिकारी चुने हुए नेता आदि इस संपर्क में लगे हैं।
इस संपर्क से गंगाजल मील की यह श्रद्धांजलि सभा और रक्तदान ऐतिहासिक व इलाके का रिकॉर्ड होगा। इसके दूरगामी परिणाम और चर्चा होगी जिसमें राजनैतिक परिणाम भी होगें। यह कहा जा सकता है कि ऐसे कार्यक्रम में राजनीति नहीं लेकिन जो व्यक्ति राजनीति में रहा हो और कुनबा अभी राजनीति कर रहा हो तो परिणाम राजनीति शामिल ही होंगे और राजनीति में असर डालने वाले भी। अभी विधानसभा के चुनाव 2028 में समय है लेकिन पंचायत समिति प्रधान पद पर मील परिवार का अधिकार है जहां हजारीराम मील हैं। सन् 2028 राजनैतिक दृष्टि से दूर नहीं है और आगे बढने के लिए यह अवधि उचित है।
विधायक डुंगरराम गेदर अभी कांग्रेस पार्टी से सूरतगढ़ के विधायक हैं।डुंगरराम गेदर के जन्मदिन उत्सव पर 4 सितंबर 2023 को 1872 युनिट रक्त संग्रह हुआ लेकिन बाद में यह कम होता गया। अब गंगाजल मील की पुण्यतिथि पर 17 फरवरी 2026 को रक्तदान इससे अधिक होगा। यह अधिक रक्तदान की संभावना जितनी अधिक होगी उतनी ही अधिक राजनैतिक पावर समझी जाएगी। सन् 2018 के विधानसभा चुनाव में मील कुटुंब के हनुमान मील कांग्रेस के प्रत्याशी रहे और भाजपा के रामप्रताप कासनिया से हार गये। सन् 2023 में कांग्रेस ने हनुमान मील को टिकट नहीं दी और इसके बाद मील कुटुंब के गंगाजल मील सहित दिग्गज भाजपा में प्रवेश कर गये तथा अभी भाजपा में हैं। सन् 2023 में भाजपा ने रामप्रताप कासनिया को टिकट दी और कासनिया डुंगरराम गेदर से पराजित हुए। अब कासनिया को 2028 में टिकट मिलनी संभव नहीं है। मील परिवार का दबदबा बढता है तो भाजपा टिकट मील परिवार में आने की बड़ी संभावना रहेगी। मील परिवार में हनुमान मील हैं जिनसे भाजपा सूरतगढ़ पर पुनः अधिकार करने के व कांग्रेस को हराने के लिए यह दांव चल सकती है। कांग्रेस के पास वर्तमान विधायक डुंगरराम गेदर ही बड़े टिकट हकदार होंगे और मान कर ही चलें कि टिकट गेदर की होगी। डुंगरराम गेदर की टिकट नहीं कटेगी मगर गेदर 2023 की 50 हजार से अधिक वोटों की जीत के बाद राजनैतिक स्थिरता कायम नहीं रख पाए हैं और निरंतर पिछड़ रहे हैं। पार्टियों की इस स्थिति में इलाके के लोग अब कासनिया से हटकर भाजपा में बड़े चेहरे पावर चेहरे की आशा में हैं। वर्तमान में जो भाजपा चेहरे हैं उनमें दमखम नहीं है और जीवित होने का अहसास भी नहीं है।
7 फरवरी 2026.o0o
०0०
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