गंगाजल मील के बाद राजनीति की गद्दी पर कौन?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 16 फरवरी 2026.
सूरतगढ़ के विधायक ( 2008 से 2013) रहे गंगाजल मील की प्रथम पुण्यतिथि 17 फरवरी 2026 को श्रद्धांजलि पर विभिन्न कार्य समाजसेवा के रूप में होने की चर्चाओं में एक सवाल उभर कर फैल रहा है कि उनकी विरासत यानि राजनीति की गद्दी पर मील कुनबे से कौन होगा? यानि सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव के लिए कोई एक तो होगा। जनता जब सवाल करती है या हालात पैदा होते हैं तब ऐसे सवाल पैदा होते हैं और कुटुम्ब में से कोई तुरंत ही उत्तर देने की स्थिति में नहीं होता। सूरतगढ़ में 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ चुके हनुमान मील ही लोगों की नजरों में कुछ सक्रिय हैं। इनके अलावा सूरतगढ़ में पृथ्वी राज मील है जो 2023 का विधानसभा चुनाव जेजेपी से लड़े लेकिन वोट प्राप्ति में एकदम फुस्स रहे। पृथ्वीराज मील को जनता राजनीति के लिए पक्का हुआ चेहरा नहीं मानती क्योंकि पृथ्वी लोगों के बीच राजनैतिक रूप में पांच सात बार से अधिक नजर नहीं आए।
इनके अलावा महेंद्र मील का नाम है मगर विरासत मिलने की स्थिति लोग कुछ भी नहीं मानते। महेंद्र मील सूरतगढ़ में उपस्थित नहीं रहे।
यदि हनुमान मील राजनीति को आगे चलाएंगे तो कार्यकर्ताओं का चयन तो नया गठन करना होगा। गंगाजल मील को घेर कर बैठने वालों ने मील को फेल किया जिससे वे 2013 में पराजित हुए। हनुमान मील उन चेहरों को ठीक तरह से जानते ही होंगे। मील की विरासत को नई तो स्थापित करनी नहीं है, केवल शिथिल हो रही को तीव्रता देनी है। राजनैतिक गद्दी का मतलब है 24 घंटे सूरतगढ़ में सक्रियता। घूम फिर कर चक्री की सूई हनुमान के नाम पर ही टिकती है फिर भी कुटुम्ब किसे आगे करेगा का इंतजार लोगों को है।०0०