मंगलवार, 31 अक्तूबर 2023

सूरतगढ़ सीट पर मूलओबीसी,वणिक,महिला व नये चेहरे में टिकट किसको?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

भाजपा सूरतगढ़ की सीट पर वर्तमान विधायक के नाते सबसे ऊपर चलने वाले  रामप्रताप कासनिया को नये चेहरे की प्रबल मांग और सर्वे के आधार पर टिकट नहीं मिलती है तो नया चेहरा कौन हो सकता है के अनुमान लगाने में लोगों के साथ सोशल मीडिया लगे हैं। लेकिन राजनीतिक टिकटार्थियों और समर्थकों में घोर बेचैनी है कि वोट तो कमल को देना है फिर भी प्रत्याशी कौन होगा? यह हर जगह चर्चा हो रही है।

* कांग्रेस ने सूरतगढ़ से मूल ओबीसी वर्ग में कुम्हार डुंगराम गेदर को प्रत्याशी बना कर चौंकाया है और बीकानेर संभाग में 24 में से 3 सीटें मूल ओबीसी को दी है। इसलिए माना जा रहा है कि सूरतगढ़ सीट पर मूल ओबीसी का ही प्रत्याशी उतारा जा सकता है। यहां भाजपा टिकटार्थियों में मूल ओबीसी वर्ग में एक ही टिकटार्थी श्रीभगवान सेवटा ( कुम्हार ) है। कांंग्रेस के मूल ओबीसी उम्मीदवार के सामने भाजपा भी मूल ओबीसी को खड़ा कर सकती है जिसकी संभावना अधिक मानी जा रही है। भाजपा में ओबीसी में जाट वर्ग को ही लगातार तीन बार टिकटें मिली और इस बार बसपा ने महेंद्र भादू तथा जननायक जनता पार्टी ने पृथ्वीराज मील को प्रत्याशी बना दिया। ऐसी स्थिति में भाजपा में अब ओबीसी वर्ग में जाट उम्मीदवार बनाए जाने की संभावनाएं बहुत कम है। हालांकि राजेंद्र भादू पूर्व विधायक ने खूब जोर लगा रखा है मगर महेंद्र भादू को बसपा टिकट घोषित हो जाने के बाद अब राजेंद्र भादू को टिकट मिलना बहुत मुश्किल लग रहा है।

भाजपा में नये चेहरों में ओबीसी वर्ग से टिकटार्थियों में नरेंद्र घिंटाला,राहुल लेघा और मोहन पूनिया जाट हैं। नये चेहरे में ओबीसी में राकेश बिश्नोई भी हैं। वणिक समाज ने भी जोर लगा रखा है। जयप्रकाश सरावगी और सुभाष गुप्ता वणिक समाज में से हैं। नये चेहरे में श्रीमती काजल छाबड़ा अरोड़ा समाज से हैं और महिला होना भी दबाव बनाता है। टिकट बदली जाती है तो पूर्व विधायक अशोक नागपाल भी नये चेहरों में मानते हैं तथा अरोड़ा समाज से हैं। टिकटार्थी तो और भी हैं मगर चर्चा में नहीं हैं। 

* अभी तक सभी ने अपने अपने प्रयास और दबाव का जितना जोर लगाना था जो लगा दिया। अब कल एक नवंबर को मालुम होगा कि पार्टी ने किसे अहमियत दी है।०0०

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एग्जिट पोल पर पूर्ण प्रतिबंध शुरू होने और रोक हटाने की तारीखें घोषित

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

जयपुर/श्रीगंगानगर, 31 अक्टूबर 2023.

भारत निर्वाचन आयोग ने 7 नवंबर को सुबह 7 बजे से लेकर 30 नवंबर की शाम 6.30 बजे तक के लिए एक्जिट पोल पर रोक लगा दी है। 

इस दौरान राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, मिजोरम, तेलंगाना और नगालैंड के तापी विधानसभा क्षेत्र में एक्जिट पोल का प्रकाशन और प्रसारण प्रतिबंधित रहेगा।

 भारत निर्वाचन आयोग से मिले निर्देशों के अनुसार राजस्थान सहित अन्य चुनाव वाले राज्यों में मतदान से 48 घंटे पूर्व ओपिनियन पोल या अन्य पोल सर्वे के प्रसारण पर प्रतिबंध रहेगा।

 मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रवीण गुप्ता ने बताया कि अधिसूचना के अनुसार एग्जिट पोल करना और एग्जिट पोल के परिणामों को समाचार पत्रों में प्रकाशित या इलेक्ट्रोनिक मीडिया के माध्यम से प्रसारित करना अथवा अन्य किसी तरीके से प्रचार-प्रसार करने पर भी पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा।

 उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रोनिक मीडिया में किसी ओपिनियन पोल या किसी अन्य प्रकार के मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी निर्वाचन मामले का प्रदर्शन 48 घंटों की अवधि जो इन चुनावों के संबंध में मतदान के समापन के लिए नियत घंटों के साथ समाप्त हुई हो, तक के लिए रोक रहेगी।


 भारत निर्वाचन आयोग ने जनप्रतिनिधि कानून 1951 की धारा 126 ए की उपधारा (1) के तहत अपनी शक्ति का इस्तेमाल करते हुए यह अधिसूचित किया है कि 7 नवंबर 2023 को सुबह सात बजे से लेकर 30 नवंबर 2023 को शाम 6.30 बजे तक किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल को इलेक्ट्रॉनिक या प्रिंट मीडिया के जरिए या अन्य तरीके से प्रसारित करने पर रोक होगी।

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सोमवार, 30 अक्तूबर 2023

सूरतगढ़:भाजपा मूलओबीसी के श्रीभगवान सेवटा कांंग्रेस को हरा सकेंगे

 



* करणीदानसिंह राजपूत *


राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सूरतगढ़ की पॉपुलर सीट पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से संघ से जुड़े मूल ओबीसी के सक्रिय कार्यकर्ता  श्रीभगवान सेवटा की टिकट दावेदारी शिखर पर प्रभावी है जिसके कारण सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी और अन्य पार्टियों खासकर कांंग्रेस में हलचल मची है।  कांंग्रेस ने मूल ओबीसी के डूंगरराम गेदर को उम्मीदवार बनाया है जिसे मूल ओबीसी के श्रीभगवान सेवटा ही पछाड़ कर तीसरी बार भाजपा की जीत पक्की कर सकते हैं।

* श्री भगवान सेवटा मूल रूप से सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बीरमाणा गांव के निवासी हैं और वर्तमान में सूरतगढ़ की किशनपुरा आबादी में बसे हुए हैं। 

👍 10 नवंबर 1982 को जन्मे सेवटा स्नातक तक शिक्षित हैं और छात्र जीवन में भी बहुत सक्रिय रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं में और जनता में अच्छी जानकारी और जुड़ाव रखने के कारण लोग नजदीकी से जानते हैं। 


श्री भगवान सेवटा का 26 वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक रूप में सक्रिय रहना बड़ी उपलब्धि है। इन्हें जो कार्य सौंपा जाता रहा है उन्हें हर समय पूरा करते रहे। सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में गांव गांव में और सूरतगढ के शहर के वार्डों में फैले संघ के स्वयंसेवकों से अच्छा खास जुड़ाव है। 

*भारतीय जनता पार्टी में सामाजिक शैक्षिक संगठनात्मक जुड़ाव जानकारियों का 25 वर्षों से अच्छा अनुभव रखते हैं।श्री भगवान सेवटा सन् 2016 से जिला कार्य समिति भाजपा के सदस्य हैं। 


** सेवटा का दावा है कि यह एक अच्छे राजनेता और जनता के हितैषी काम करने वाले व्यक्ति के रूप में भाजपा को और अधिक विकसित करने के लिए आगे भी काम करते रहेंगे। अगर उन्हें सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से मूल ओबीसी कार्यकर्ता के रूप में टिकट दिया जाता है तो निश्चित रूप से यह सीट भारतीय जनता पार्टी की तीसरी बार लगातार अधिक वोटों से बड़ी जीत निश्चित होगी।


* सेवटा की जीवनी में भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करने की और  राजस्थान से बाहर भी काम करने की अनेक उपलब्धियां है। हरियाणा पंचायत चुनाव 2011 में ऐलनाबाद में चौटाला पंचायत में प्रभारी के रूप में कार्य करने और भाजपा को मजबूत करने में आगे रहे।    राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस

कार्यकर्ताओं को भारतीय जनता पार्टी से जोड़ने का विशेष प्रयास श्रीगंगानगर जिला और जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के निर्देश के अनुसार किया।  इन दोनों स्थानों पर पार्टी को मजबूती मिली। फतेहपुर सिकरी विधानसभा के प्रभारी के रूप में विधानसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में प्रचार प्रसार करते हुए भाजपा उम्मीदवार को विजयश्री दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

सेवटा कांग्रेस की  रीति नीति और सूरतगढ़ क्षेत्र में कांंग्रेस के नेताओं द्वारा आम लोगों गरीबों से किए गये व्यवहार से बहुत खफा है। सेवटा का आरोप है कि सूरतगढ़ शहर और नगरपालिका में भी लोगों से अच्छा व्यवहार नहीं हुआ तथा लोगों के काम नहीं हुए। यही हाल पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों में हुआ। लोगों को गांवों में और शहर में शुद्ध पानी भी नहीं मिला। कांंग्रेस नेताओं ने जनता की आवाज को नहीं सुना।


👍 उनका दावा है कि वह राष्ट्र को समर्पित संघ के शिविर में स्वयं और 10 अन्य बाल सेवकों को लेकर गए थे। सन 2001 में उनके विरुद्ध कार्यवाही हुई। स्कूल से 11 बालकों का निष्कासन हुआ और उस पर सक्रिय विरोध किया तब संबंधित प्रधानाचार्य को क्षमा मांगनी पड़ी थी। 


* कॉलेज शिक्षा के समय भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को सक्रिय करने में विशेष योगदान दिया जिसमें सूरतगढ़ के राजकीय महाविद्यालय में किया हुआ कार्य भी प्रमुख रहा है।  

* सेवटा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया था।  


* श्री भगवान सेवटा वर्तमान में अखिल भारतीय प्रजापति ्( कुंभकार) संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष पद पर कार्यरत है जिसके तहत श्री गंगानगर की लगभग सभी विधानसभाओं में हजारों कार्यकर्ताओं को आजीवन सदस्य बनाया गया है और भारतीय जनता पार्टी से विशेष रूप से जोड़ा गया है। 


सेवता को कुम्हार समाज का प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मूल ओबीसी का समर्थन प्राप्त है। 


* सेवटा कहते हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी के अनुशासित सिपाही है और भारतीय जनता पार्टी के राज्य और राष्ट्रीय स्तर के द्वारा सौंपे गए कार्यों में आगे रहे हैं तथा बढचढ कर हिस्सा लिया है। पार्टी के प्रति विश्वास और उत्साह है।

👍 उनका दावा है कि सूरतगढ़ से उनको प्रत्याशी बनाया जाता है तो भाजपा बहुत अधिक मतों से जीत सकती है। भारतीय जनता पार्टी सूरतगढ़ से 2003, 2013, 2018 में जीती हुई है और अब 2023 में भारी बहुमत से जीतेगी। 

* श्रीभगवान सेवटा का मोबाइल नंबर + 9414951384,8005972684 है।

 जहां उचित समय पर संपर्क भी किया जा सकता है।

30 अक्टूबर 2023

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ ( राजस्थान )

94143 81356.

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सहपाठी मित्र दंपती इजीनियर एम.एल.सिडाना - राजेश सिडाना अध्यक्ष नारी उत्थान केंद्र

 

शनिवार, 28 अक्तूबर 2023

पृथ्वी मील का ऐलान:विधायक बन पाया तो भ्रष्टाचार नहीं होगा:काम होगा

 .

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ सीट से जननायक जनता पार्टी से चुनाव में उतरे पृथ्वीराज मील ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वे विधायक बन पाए तो उनके राज में भ्रष्टाचार नहीं होगा बल्कि जनता के काम होंगे। पृथ्वीराज मील जननायक जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हैं और श्रीगंगानगर के जिलाप्रमुख (2005)में रह चुके हैं।

सूरतगढ़ को जिला नहीं बना पाने पर पृथ्वी ने यहां के सत्ता चलाने वाले और अन्य नेताओं को कोसते हुए खिंचाई की कि लोगों को शुद्ध पानी तक उपलब्ध नहीं करा पाए।

* लोगों ने सवाल किया कि 2008 में गंगाजल मील को जिताने के बाद सूरतगढ़ छोड़ गये और अब चुनाव के मौके पर आए हो,आपकी क्या गारंटी विश्वास है की चुनाव परिणाम के बाद यहां रहोगे या नहीं रहोगे? पृथ्वीराज ने इसका भी उत्तर दिया कि गंभीर पारिवारिक हालातों के कारण यहां से जाना पड़ा था लेकिन अब परिस्थितियां बदल गयी है और सूरतगढ़ छोड़ना नहीं पड़़ेगा। यहां की जनता के लिए रहूंगा।

* पृथ्वीराज मील ने अपने दिल का दर्द भी जनता के सामने रखा। पृथ्वी ने बताया कि चाचा गंगाजल जी मील को चुनाव जिताने के बाद हालात बदले लेकिन 2013 में चाचा जी ने ही चुनाव लड़ने का इरादा प्रगट कर दिया औऋ उन्होंने ही चुनाव लड़ा। इसके बाद 2018 में जब मेरा ( पृथ्वी) नंबर आया तब हनुमान मील को आगे कर दिया। हनुमान मील ने चुनाव लड़ा। 

पृथ्वीराज ने कहा कि यहां जमीनों पृ अतिक्रमण होते रहे। इतनी जमीन थी कि एक नया सूरतगढ़ ही बसा देते। 6000 मकानों की कालोनियां बना कर ही लोगों को बसा दिया जाता। सीवरेज पर कहा कि इसके निर्माण में जहां कमियां रही है राज मिलने पर वे दूर की जाएंगी। शिक्षा विकास पर भी बोले। लोगों ने बहुत तीखे प्रश्न भी किए। एक सवाल यह भी हुआ कि भ्रष्टाचार का विरोध करने के लिए राज होना विधायक होना जरूरी नहीं है। आप शिकायत भी कर सकते हैं। 

आवासन मंडल एक में प्रेस क्लब के संवाद कार्यक्रम में सवाल जवाब हुए। हरिमोहन सारस्वत ने सवाल करते हुए संचालन किया जिसमें लोगों ने भी सलाल किए।०0०

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भाजपा टिकटों के विरोध को रोकने के लिए घोषणा में देरी:76 सीटें:नये चेहरे अधिक.


* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान की 124 टिकटों की घोषणा के बाद भाजपा  सभी हालातों की जानकारी के बाद अब 76 टिकटों की घोषणा का विरोध नहीं हो पाने के लिए घोषणा में लगातार तारीखें बढाकर देरी कर रही है। 

* भाजपा सीटों की रिपोर्ट तैयार है जिस पर केंद्रीय संसदीय बोर्ड की स्वीकृति के बाद मोदी और शाह की स्वीकृति होगी। केंद्रीय संसदीय बोर्ड में मैडम वसुंधरा राजे की चलेगी या नहीं? राजे हर मिलने वाले टिकटार्थी को ऐसा ही कह रही है कि उनकी चली तो वे हेल्प करेंगी। एक सीट पर दो तीन टिकटार्थी मिलें और यही जवाब हो तब कुछ भी नहीं कहा जा सकता। टिकटार्थी ऐसा ही बताते हैं लेकिन टिकटार्थी की बात पर भी विश्वास नहीं हो रहा कि यही जवाब दिया होगा। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मैडम किसी को भी इन्कार क्यों करे? मिलने वाले अधिक हो तब यही जवाब उचित है। 

* अभी घोषणा आगे बढाने के लिए जो स्थिति बताई जा रही है। उसके अनुसार अमित शाह दिल्ली से बाहर हैं और जे.पी.नड्डा भी दिल्ली से बाहर चले गये हैं।

👍 अभी 1 नवंबर को टिकटों की घोषणा की तारीख का संकेत है लेकिन यह भी आगे हो सकती है। बस टिकटार्थी को नामांकन का ही समय मिल पाए और अन्य केवल साथ दें। 

** घोषित होने वाली 76 सीटों पर अधिक नये चेहरों को टिकटें दी जाने के संकेत मिल रहे हैं। 

पुराने और वृद्ध नेता विरोध नहीं कर पाएं इसलिए टिकटों के वितरण में देरी की जा रही है। 

28 अक्टूबर 2023.०0०

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

सूरतगढ़ ( राजस्थान,)

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शुक्रवार, 27 अक्तूबर 2023

सूरतगढ़:कालवा को भाजपा में लाने वालों को टिकट मिलने में संशय:



* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ की भाजपा टिकट कोई पेच अड़ा नहीं लगता मगर जनता में भ्रष्टाचार के कारण विरोध बने कालवा को भाजपा में लाने वाले टिकटार्थियों को टिकट मिलने में संशय है। जब जनता की आवाज सुनी जाती तब ऐसा संयोग न चाहते हुए भी हो जाता है।
कालवा का स्वागत, मालाएं,पुष्प गुच्छ भेंट करने वालों की टिकट मांग पर उस दिन से अब तक का असर है, ऐसा संयोग माना जा सकता है।
विधायक रामप्रताप कासनिया, पूर्व विधायक अशोक नागपाल को टिकट मिलने में संशय है। आसानी से टिकट मिलने वाली होती तो जयपुर दिल्ली के नेताओं के यहां चक्कर नहीं काटने पड़ते। पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु की टिकट पर भी संशय है क्योंकि ये भ्रष्टाचार का खेल देखते रहे और कालवा को भाजपा में लिए जाने पर चुप रहे।
* कालवा मील के संग रहा उस समय का बुरा असर दूर नहीं हो पाया। नतीजा तो सभी के सामने है। हनुमान मील को टिकट नहीं मिल पाई।
* विधि का विधान किसको टिकट दिलाए। इसलिए कहा जाता है, समय बड़ा बलवान।
दि.27 अक्टूबर 2023.
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०0०




 

 

 

 

 

गुरुवार, 26 अक्तूबर 2023

बलराम से मिलने पहुंचे गंगाजल व हेतराम मील.डुंगरगेदर को कांग्रेसी नहीं मानते.



* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 26 अक्टूबर 2023.
कांग्रेस नेता बलराम वर्मा,पूर्व विधायक गंगाजल मील,पंचायत समिति डायरेक्टर हेतराम मील और नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल कांंग्रेस के प्रत्याशी डुंगरराम गेदर को कांग्रेसी ही नहीं मानते।
* वर्मा मील का आरोप है की गेदर तो कांंग्रेस का विरोधी मूल रूप से बसपा का है। बसपा में रहते चुनाव लड़े कांंग्रेस का विरोध किया और कांंग्रेस के विरोध करते हुए वोट मांगे। ये सभी नेता 25 अक्टूबर को बलराम वर्मा के निवास पर पहुंचे और वहां इनकी सूरतगढ़ सीट के बाबत चुनाव संबंधी आगामी नीति पर वार्ता हुई।
* आज 26 अक्टूबर को बलराम वर्मा और हेतराम मील से बातचीत हुई तब एकदम साफ हुआ कि डुंगरराम गेदर को ये कांग्रेसी ही नहीं मानते। उसे मूल बसपा का मानते हैं और चुनाव में उसका विरोध करते हुए जीतने में रुकावट पैदा करेंगे।
* हेतराम मील ने बताया कि गेदर कांग्रेसी नहीं है और उसको कांंग्रेस की टिकट मिलने का इलाके में विरोध है। उन्होंने कहा कि डुंगरराम गेदर ने कांंग्रेस में आने के बाद किसी का भी काम नहीं किया जिसके कारण लोग उससे नाराज हैं। उन्होंने कहा कि मील और मील समर्थक लोग भाजपा की टिकट घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं, उसके बाद कोई निर्णय लेंगे कि क्या कदम उठाना है और क्या रणनीति बनानी है।
* कांंग्रेस में पुराने और वरिष्ठ नेता पूर्व जिलाध्यक्ष  बलराम वर्मा ने बताया कि मील वार्ता हुई है और हम गेदर को मूल कांग्रेसी नहीं मानते। कांंग्रेस में उसका कोई संघर्ष का इतिहास नहीं है। गेदर तो कांंग्रेस का विरोधी रहा है। वर्मा भी नहीं चाहते कि डुगरराम गेदर चुनाव जीते।
* वर्मा ने बताया कि गेदर भी घर आये और साथ देने का कहा लेकिन इन्कार कर दिया क्योंकि मैं तो खुद चुनाव लड़ रहा हूं। वर्मा ने बताया कि डुंगरराम को खरी खरी भी सुनाई। गेदर से कहा कि टिकट मिलने का अग्रिम से मालुम पड़ने पर गंगाजल मील से घर जाकर मिलना आशीर्वाद लेना हुआ लेकिन मेरे पास उस समय नहीं आए। अब मैं तो चुनाव लड़ रहा हूं। साथ नहीं दे सकता। * बलराम वर्मा ने तो पहले ही यह घोषणा करदी थी कि टिकट मिले चाहे नहीं मिले वह तो चुनाव लडे़ंगे। इस तरह से बलराम वर्मा निर्दली चुनाव लड़ेंगे।
* हनुमान मील को कांग्रेस की टिकट नहीं मिलने से यह मील कुनबा आहत है और गेदर का डटकर विरोध करेगा। ( लेटेस्ट न्यूज)०0० 

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बुधवार, 25 अक्तूबर 2023

डुंगरराम गेदर व परसराम भाटिया पूर्व विधायक स.हरचंदसिंह सिद्धु से मिले.बात क्या हुई.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 25 अक्टूबर 2023.

सूरतगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी डुंगरराम गेदर और पीसीसी मेंबर नगरपालिका अध्यक्ष परसराम भाटिया ने आज पूर्व विधायक सरदार हरचंद सिंह सिद्धु से मिले और आशीर्वाद प्राप्त किया। 

गेदर व भाटिया कांंग्रेस के अनेक कार्यकर्ताओं के साथ सिद्धु के निवास पर पहुंचे। 

आधा घंटे तक राजनीतिक गतिविधियों पर विचार विमर्श हुआ। यह बात निकल कर आई कि मील समर्थन में कुछ लोग ही हल्ला कर रहे हैं जो अपने आप कुछ समय बाद शांत होंगे और साथ भी देंगे। गेदर का संपर्क बहुत तेज हुआ है।०0०

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मंगलवार, 24 अक्तूबर 2023

पार्टियां टिकट नहीं देकर अपमान करे तो मन को दबाये नहीं चुनाव लड़ लेना चाहिए।

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजनीति और चुनाव में जीत हार का फैसला जनता करती है मगर पार्टियों के आका हारने का खतरा,रिपोर्ट का कहकर टिकट नहीं देकर जनता में अपमानित करे या ऐसा माहौल बनाए तो अपनी ईज्जत के खातिर विद्रोही निर्णय करना गलत नहीं होता। अपमान का घूंट पीकर एक दिन भी कोई चल नहीं सकता फिर जनता में रहना। 

* पार्टियां टिकट नहीं देकर अपमान करे तो मन को दबाकर रखने के बजाय चुनाव लड़ लेना चाहिए। पार्टी का टिकट केवल एक माध्यम होता है और असली फैसला जनता करती है। पार्टी की टिकट जीत नहीं होती। पार्टी के टिकट होते हुए भी हार हो जाती है। इसलिए चुनाव लड़ने का फैसला ही नहीं सच्च में चुनाव लड़कर पार्टी नेताओं की मोनोपोली खत्म करनी चाहिए। पांच दस साल के कामों का फैसला पंद्रह बीस दिनों में और कभी कभी तो तुरंत फुरंत कर दिए जाने की चोट का घाव किसी अस्पताल और डाक्टर के पास नहीं होता। इस चोट का घाव तो चुनाव से ही भरता है। एक पार्टी से नाराज होकर दूसरी पार्टी की ऊंखली में सिर कुटवाने के बजाय निर्दलीय चुनाव लड़ने के ही अधिक लाभ मिलते हैं। सत्ता के लिए किसी पार्टी का समर्थन निर्दली आसानी से कर सकता है और किसी दलबदल कानून की रोक में भी नहीं उलझता। टिकट काटने वालों को सबक सिखलाने और बदला लेने का मन हो तो फैसला सुनाने में देरी नहीं होनी चाहिए। समझदार व्यक्ति देरी नहीं करते।लोग ताते घाव पर चोट पर तुरंत आते हैं और ढीलढाल हो तो किसी ओर के साथ निकल पड़ते हैं। ईज्जत चली जाए तो करोड़ों रूपये फिर किस काम के? कोठियां कारें किस काम की?लोग तैयार हों टिकट कटने पर आक्रोशित हो तो फैसला तुरंत होना चाहिए ताकि आक्रोश ठंडा न हो। सवाल है। आपकी ईज्जत आपके हाथ।


* प्रजातंंत्रीय प्रणाली*


👍 पार्टी ने टिकट सोच विचार करके नही दी। राज करते,चुनाव लड़ते बहुत साल हो गये,जीत की आशा न हो तब पार्टी दूसरे कार्यकर्ता, नेता,दूसरे वर्ग को मौका देती है। पार्टी का यह निर्णय गलत नहीं माना जाता। यह जनता की राय से लिया गया निर्णय होता है।

* आपको भी पार्टी ने ही टिकट दिया और लोगों ने वोट दिए थे तो अब आप तय पार्टी प्रत्याशी को साथ दें वोट दें। 

यह प्रजातंंत्रीय प्रणाली है। आपसे पहले भी कोई था। उसके स्थान पर आपको महत्व दिया। अब नये को महत्व दें। 

 * ऐसी स्थिति में टिकट न मिलने पर विद्रोह करना चुनौती देना घातक और खतरे वाला होता है। क्या चालीस पचास हजार लोग साथ हैं? अब ऐसी स्थिति में दूसरी पार्टी में जाना तो उनके आगे आत्मसमर्पण करना,सरेंडर करना ही कहलाएगा। स्वयं की बुद्धि काम नहीं करती तब सलाहकार चुनाव लड़ाकर सदा के लिए खात्मा करवा देते है या सरेंडर करवा देते हैं। ०0०


दिनांक 24 अक्टूबर 2023.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ (राजस्थान)

94143 81356.

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* प्रकाशित कर सकते हैं। *

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प्रत्याशी के नामांकन और साथ वालों की विडिओग्राफी होगी.

* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 23 अक्टूबर 2023.

*पुलिस विभाग 100 मीटर दायरे की पालना को लेकरबेरीकेड्स लगाये।
*एफएसटी दलों को और अधिक प्रभावी बनायें

जिला निर्वाचन अधिकारी अंशदीप ने निर्देश दिया है कि नामांकन प्रारम्भ होने से पूर्व क्षेत्र के सभी 6 रिटर्निंग अधिकारी नामांकन लेने के लिये कक्ष का निर्धारण करे।
* कक्ष के अंदर व बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए, जिससे उम्मीदवार के साथ आने वाले व्यक्तियों की संख्या ज्ञात हो सके। *

उन्होंने पुलिस विभाग को भी निर्देशित किया है कि नामांकन के दौरान 100 मीटर की दूरी को लेकर बेरीकेड्स लगाये, जिससे अनावश्यक नागरिक नामांकन के दौरान आरओ कक्ष के पास न आये।
* नामांकन के दौरान अनुमति वाले तीन वाहनों से अधिक नहीं हो सकेंगे।
*नामांकन के दौरान वीडियोग्राफी भी करवाई जायेगी।०0०

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पृथ्वीराज मील ने सूरतगढ़ से नामांकन की तारीख घोषित की,

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 24 अक्टूबर 2023.

जननायक जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पृथ्वीराज मील ने सूरतगढ़ सीट से चुनाव के लिए नामांकन की घोषणा कर दी।

पृथ्वीराज मील ने अनेक लोगों के सामने यह घोषणा की। 

👍उन्होंने कहा की चार नवंबर 2023 को एक बजे वे अपना नामांकन निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।०0०






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