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रविवार, 8 अक्टूबर 2023
शनिवार, 7 अक्टूबर 2023
सूरतगढ: अभी कासनिया का नाम फाइनल नहीं हुआ. भाजपा में अभी भी सर्वे चल रहा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ 7 अक्टूबर 2023.
सूरतगढ सीट से टिकट दिए जाने के निर्णय में अभी किसी का नाम फाईनल नहीं हुआ है। विधायक रामप्रताप कासनिया सीटिंग एम एल ए हैं इसलिए सबसे ऊपर नाम लिख कर आगे शुरुआत की जाती है। कासनिया के साथ संघ के स्वयंसेवक मूल ओबीसी के श्रीभगवान सेवटा ( कुम्हार )का नाम भी साथ में चल रहा है। मूल ओबीसी भी यहां चर्चा में है।
अभी टिकट का संघर्ष चल रहा है जिसमें नरेन्द्र घिंटाला, राकेश बिश्नोई,राजेंद्र भादू,अशोक नागपाल मोहन पूनिया, राहुल लेघा और काजल छाबड़ा भी मैराथन दौड़ में हैं।
राजस्थान की 130 से अधिक सीटों पर सर्वे चल रहा है जिसमें सूरतगढ सीट भी है। यह सर्वे 9 अक्टूबर तक चलने की संभावना है।
इसके साथ ही 9-10 अक्टूबर को सूरतगढ सीट पर विचार होगा लेकिन घोषणा 27 अक्टूबर से पहले होने की कोई संभावना नहीं है। सूरतगढ सीट पर नाम अंत में.ही घोषित होते रहे हैं।०0०
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गुरुवार, 5 अक्टूबर 2023
परसराम भाटिया और गंगाजल मील की ट्यूनिंग और मील की राजनीति
* करणीदानसिंह राजपूत *
मील द्वारा ओमप्रकाश कालवा को छिटकाने के बाद परसराम भाटिया को नगरपालिका में अध्यक्ष नियुक्त करवाना और अब कार्यकाल को बढवाने से यह तो साफ हो गया है कि कांंग्रेस पार्टी में इन दोनों के बीच अच्छा मेल मिलाप है।
नगरपालिका में तेज गति से कार्य करने वाले अध्यक्ष के नाम में परसराम भाटिया का नाम है।
पूर्व विधायक गंगाजल मील और परसराम भाटिया के बीच ट्यूनिंग का लाभ हनुमान मील की राजनीति को बढाने वाला और आगे चुनाव में अनेक लाभ पहुंचाने वाला है। श
परसराम भाटिया कार्य करने में स्टाफ को गतिशील रखने में तेज है। सरकारी नौकरी में दफ्तरीय कार्यों का अनुभव भाटिया के काम आ रहे हैं।
असल में अध्यक्ष पद शुरू में ही भाटिया को मिलना था। मील से उस समय बड़ी चूक हुई। ओमप्रकाश कालवा ने 2 दिसंबर 2019 को अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया था जो अब सस्पेंड हैं। उस दिन परसराम भाटिया अध्यक्ष बनता तो अब तक मील को कितना राजनीतिक लाभ मिलता? यह समीक्षा जरूर की जानी चाहिए कि मील ने क्या खोया? परसराम भाटिया और मील हनुमान के पास चुनाव आचार संहिता लगने के बाद भी अनेक कार्य करने का पर्याप्त समय रहेगा। आचार संहिता में भी विभिन्न कार्य करने की छूट है जो करके जन साधारण को प्रसन्न और राजनीतिक लाभ ले सकते हैं।०0०
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शनिवार, 30 सितंबर 2023
सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जातिगत मतदाता अनुमानित संख्या.
* करणीदान सिंह राजपूत *
सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न जातियों के मतदाताओं की संख्या का अनुमानित आंकड़ा यहां दिया जा रहा है। अनुमानित आंकड़े अधिकृत नहीं होते इसलिए जरूरत हो तो अपने सूत्रों से सूचना एकत्रित की जानी चाहिए।
चुनाव के इच्छुक राजनीति नेताओं,टिकटार्थियों, चुनाव में के रखने वालों और पार्टियों को अपने हिसाब से आकलन करना चाहिए क्योंकि अनुमानित संख्या ऊपर नीचे हो सकती है।
कुम्हार(प्रजापति),मेघवाल,जाट,ब्रह्मण,स्वामी आदि की संख्या अधिक है।
* सूरतगढ़ क्षेत्र में निम्न अनुमान है।*
1- कुम्हार प्रजापति 39,500.
2- मेघवाल 28,500.
3- जाट 22,500.
4- ब्राह्मण 22,000.
5- स्वामी गोस्वामी 19,000.
6- पंजाबी अरोड़ा खत्री जट सिख कंबोज रामगढिया 18,000.
7- बिश्नोई 14,300.
8- नायक 17,500.
9- राजपूत 10,500.
10- मुसलमान 10,000.
11- मोची,सांसी,वाल्मीकि 6,000.
12- सुथार 4,500.
13-बावरी 4,500.
14- नाथ 4,500.
15- सेन समाज 3,800.
16- भाट 3,800.
17- ओड 3,000.
18- छिंपा 3,000.
19- सोनी 1,800.
20- धाणक 1,800.
21- यादव 1,500.
22. पूर्वांचल समाज 1,900.
24- मजहबी सिख 4,000.
25- बाजीगर 1,100.
26- मिरासी 1,200.
27- रेगर खटीक 1,400.
28- लोहार 750.
29- भोपा ढोली 600.
30- धोबी 450.
31-भार्गव 300.
32. पुरोहित राजपुरोहित 400.
33- मीणा 100.
34- गुर्जर 50
35- वैश्य समाज 1,400.
कुल संख्या 2,52,850.
( नये मतदाताओं के जोड़ने की प्रक्रिया चालू है इसलिए अनुमान में परिवर्तन होगा।)
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30 सितंबर 2023.
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सूरतगढ भाजपा नेता और पार्टी का रिपोर्ट कार्ड शून्य:नया चेहरा लोगों की मांग.
* करणीदानसिंह राजपूत *
भाजपा के टिकटार्थी विधायक पूर्व विधायक और अन्य ने गरीब आम लोगों के लिए एक दिन भी काम नहीं किया। यही कड़वा सच्च है। सभी की डायरियां और रिपोर्ट कार्ड कोरे कागज बने हुए हैं। पार्टी के निर्देश पर जो प्रदर्शन धरने कांंग्रेस सरकार के विरूद्ध किए गये वे मजबूरी थे। कांग्रेस के नेताओं ने जो गड़बड़ियां की उनके विरुद्ध विधायक रामप्रताप कासनिया, पूर्व विधायकों राजेंद्र सिंह भादू अशोक नागपाल की ठोस कार्यवाहियां नहीं हुई यहां तक हालत रही कि मुंह सिले हुए रहे। नगरपालिका,राजस्व प्रशासनिक कार्यालयों, पुलिस व्यवस्था पर कोई नेता आम लोगों गरीबों के साथ खड़ा नजर नहीं आया। नगरपालिका में तो बड़े नेता अपने निजी हितों और जमीनों कालोनियों के कारण सरेंडर जैसी हालत में रहे। कालोनियों के फर्जीवाड़े उठते रहे लेकिन अपनी औलादों की पार्टनरशिप के कारण भ्रष्टाचार में सहयोगी रहे। बड़े नेताओं की औलादों की कालोनियों के भ्रष्टाचार में सहयोग हो,नेता चुप हों,मंडल भी दड़बे में घुसा रहे कांग्रेस से डर रहा हो तब ऐसे हालात में डायरियां और रिपोर्ट कार्ड में शून्य नहीं होगा तो क्या ?
👍 विधायक रामप्रताप कासनिया की मनमानी से भाजपा की सत्ता नगरपालिका और पंचायत समिति से खत्म हो गई। राजेंद्र सिंह भादू और अशोकनागपाल भी चुप रहे। मंडल मोर्चे भी चुप रहे। अब ये बड़े नेता और चुप पड़े रहे कार्यकर्ता विधानसभा चुनाव 2023 में टिकट मांग रहे हैं की भाजपा को जिताएंगे कमल खिलाएंगे। सर्वे में साफ हुआ की जनता विधायक रामप्रताप कासनिया से बेहद नाराज हैं। भादू नागपाल से भी खुशी नहीं झलक रही। सालों से सोये रहे कुछ पुराने कार्यकर्ता घरों से निकले और टिकटार्थी बन गये। ये बताएं तो सही कि लोगों के साथ कब कब खड़े हुए।
किसी गरीब के साथ काम कराने साथ में गये। आम लोगों को परेशानियों में भ्रष्टाचार से काम कराने पड़े तब अपने स्वार्थों के कारण मौन रहे। नगरपालिका में तो हालत बदतर रही। सफाई,सड़कें,रोशनी सब पर मौन। मोदी जी का स्वच्छता मिशन!
* लापरवाही ना लायकी मनमानियों से नगरपालिका और पंचायत हाथ से निकल गयी तो भी उनको संभालना तो था। उन पर नजर भी नहीं रखी।
* पूर्व जिलाध्यक्ष आत्माराम तरड़ को सभी सूचनाएं मिलती रही मगर मौन रहे। वर्तमान जिलाध्यक्ष स.शरणपालसिंह मान भी सूरतगढ के हैं उनका रिपोर्ट कार्ड डायरी खाली ही है।
* जिले से पार्टी पदाधिकारी रहे,सत्ता में मंत्री रहे सुरेन्द्रपालसिंह टीटी,सांसद निहाल चंद मेघवाल खाली हैं और सूखे भाषण हैं। ये भी चाहते हैं कि टिकट मिल जाए।
👍 सूरतगढ में सभा सम्मेलनों पर लाख़ों रूपये लगाए गये अपने अपने शक्ति परीक्षण दिखाए गये। धार्मिक कार्यक्रमों से छाने की कोशिशें हुई लेकिन जनता ने टिकटार्थियों का जयकारा नहीं लगाया।
* लोग चाहते हैं बदलाव। लोग चाहते हैं
नया चेहरा। चाहे जाति कोई भी हो। भाजपा को सूरतगढ में कमल खिलाना है तो लोगों की आवाज के साथ ही रहना होगा।
० श्रीगंगानगर जिले की अन्य सीटों गंगानगर, करणपुर रायसिंहनगर में नये चेहरों की चाहत है। पुराने नहीं चाहिए।
30 सितंबर 2023.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
सूरतगढ
94143 81356
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शुक्रवार, 29 सितंबर 2023
सूरतगढ:श्रीभगवान भाजपा में मूल ओबीसी से शक्तिशाली दावेदार.संघ सेवक.( लेटेस्ट)
* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सूरतगढ़ की पॉपुलर सीट पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से संघ से जुड़े मूल ओबीसी के सक्रिय कार्यकर्ता श्रीभगवान सेवटा की टिकट दावेदारी से सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हलचल मची है।
श्रीभगवान सेवटा सन 2016 से जिला कार्य समिति भाजपा के सदस्य हैं।
👍 10 नवंबर 1982 को जन्मे सेवटा स्नातक तक शिक्षित हैं और छात्र जीवन में भी बहुत सक्रिय रहे हैं।
👍 सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से मूल ओबीसी कार्यकर्ता के रूप में टिकट दिया जाता है तो निश्चित दावे से यह सीट भारतीय जनता पार्टी की लगातार तीसरी बार बड़ी जीत हो सकती है।
* श्रीभगवान सेवटा मूल रूप से सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बीरमाणा गांव के निवासी हैं और वर्तमान में सूरतगढ़ की नंदी शाला के पास किशनपुरा आबादी में बस गए हैं।
मूल ओबीसी के लोग सूरतगढ सीट पर काफी हैं जो हर चुनाव को प्रभावित करते रहे हैं। भाजपा में मूल ओबीसी से पहली बार शक्ति रूप में टिकट मांगी गई है। सेवटा का लोकसभा चुनाव सन् 2019 में गुजरात में 2017 से 2019 तक प्रभावशाली रूप से काम किया हुआ है।
श्रीभगवान सेवटा का 26 वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक रूप में सक्रिय रहना बड़ी उपलब्धि है। इन्हें जो कार्य सौंपा जाता रहा है वह हर समय पूरा करते रहे हैं और यह स्थिति अभी भी है।*भारतीय जनता पार्टी में सामाजिक शैक्षिक संगठनात्मक जुड़ाव जानकारियां 25 वर्षों से अच्छा अनुभव रखते हैं।
👍 सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में गांव गांव में और सूरतगढ के शहर के वार्डों में फैले संघ के स्वयंसेवकों से अच्छा खासा जुड़ाव है। *भाजपा कार्यकर्ताओं में और जनता में अच्छी जानकारी और जुड़ाव रखने के कारण लोग नजदीकी से जानते हैं।
** सेवटा का दावा है कि वे एक अच्छे राजनेता और जनता के हितैषी काम करने वाले व्यक्ति के रूप में भाजपा को और अधिक विकसित करने के लिए आगे भी काम करते रहेंगे।
* सेवटा की जीवनी में भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करने की राजस्थान से बाहर भी काम करने की अनेक उपलब्धियां है। हरियाणा पंचायत चुनाव 2011 में ऐलनाबाद में चौटाला पंचायत में प्रभारी के रूप में कार्य करने और भाजपा को मजबूत करने में आगे रहे। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस
कार्यकर्ताओं को भारतीय जनता पार्टी से जोड़ने का विशेष प्रयास श्रीगंगानगर जिला और जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के निर्देश के अनुसार किया। दोनों स्थानों पर पार्टी को मजबूती मिली। फतेहपुर सिकरी विधानसभा के प्रभारी के रूप में विधानसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में प्रचार प्रसार करते हुए भाजपा उम्मीदवार को विजयश्री दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सेवटा कांग्रेस की नीति रीति से बहुत पहले से नाराज है। उनका दावा है कि वे राष्ट्र को समर्पित संघ के शिविर में स्वयं और 10 अन्य बाल सेवकों को लेकर गए थे। सन 2001 में उनके विरुद्ध कार्यवाही हुई। स्कूल से 11 बालकों का निष्कासन हुआ और उस पर सक्रिय विरोध किया तब संबंधित प्रधानाचार्य को क्षमा मांगनी पड़ी थी।
* कॉलेज शिक्षा के समय भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को सक्रिय करने में विशेष योगदान दिया जिसमें सूरतगढ़ के राजकीय महाविद्यालय में किया हुआ कार्य भी प्रमुख रहा है।
* श्री भगवान सेवटा वर्तमान में अखिल भारतीय प्रजापति ( कुंभकार) संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं जिसके तहत श्रीगंगानगर की लगभग सभी विधानसभाओं में हजारों कार्यकर्ताओं को आजीवन सदस्य बनाया गया है और भारतीय जनता पार्टी से विशेष रूप से जोड़ा गया है। सेवटा को कुम्हार समाज का प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मूल ओबीसी का भरपूर समर्थन प्राप्त है।
* सेवटा कहते हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और भारतीय जनता पार्टी के राज्य और राष्ट्रीय स्तर के द्वारा सौंपे गए कार्यों में आगे रहे हैं तथा बढचढ कर हिस्सा लिया है। पार्टी के प्रति विश्वास और उत्साह है।
👍 उनका दावा है कि सूरतगढ़ से उनको आगामी चुनाव 2023 में प्रत्याशी बनाया जाता है तो भाजपा बहुत अधिक मतों से जीत सकती है। भारतीय जनता पार्टी सूरतगढ़ से 2013 और 2018 में जीती हुई है। इससे पहले 2003 में भाजपा जीती हुई है। केवल 2008 में ही कांंग्रेस एक बार जीती थी।
* श्रीभगवान सेवटा और भारतीय जनता पार्टी 2023 में भी सूरतगढ़ सीट जीतने का दावा करते हैं। ०0०
29 सितंबर 2023.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ ( राजस्थान )
94143 81356.
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बुधवार, 27 सितंबर 2023
सूरतगढ:भाजपा:अशोक नागपाल को टिकट का भरोसा:2003 से 8 तक रहे विधायक.
* करणीदानसिंह राजपूत *
अरोड़वंश और पंजाबी बिरादरी में श्री गंगानगर जिले में प्रसिद्ध कांंग्रेस राज में संसदीय सचिव रही विजयलक्ष्मी बिश्नोई को 2003 में रिकॉर्ड मतों से हराकर 2008 तक विधायक रहे अशोक नागपाल को भरोसा है कि 2023 में पार्टी उन्हें टिकट देकर सूरतगढ से चुनाव में खड़ा करेगी।
नागपाल पार्टी के इशारे पर शांत रहे।2008,2013 और 2018 में टिकट मांगी, लेकिन पार्टी के निर्देशों का पालन करते रहे। जिलाध्यक्ष पद पर रहे। वर्तमान में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं।
* इस बार संपूर्ण क्षेत्र में नयी आवाज़ उठी है नये चेहरे की। नागपाल को भरोसा है कि बदलाव होता है तो उनको टिकट मिलेगी।
* नागपाल को यह भी भरोसा है कि वे कांग्रेस प्रत्याशी से 20 हजार अधिक वोटों से जीत सकते हैं।
* सन् 2003 में जब विधायक बने तब अपने कार्यकाल में अनेक काम करवाए। सूरतगढ तहसील क्षेत्र में करीब एक हजार किसानों को जमीन का पुख्ता आवंटन कराया। भाजपा सरकार की योजनानुसार बारानी कृषि भूमि का निशुल्क आवंटन कराया।
* 2018 में अमित शाह ने विडिओ वार्ता कर तीन विधानसभा क्षेत्रों सूरतगढ रायसिंहनगर अनूपगढ़ में अरोड़ा बिरादरी से संपर्क कर आम लोगों से जुड़कर सीटें जिताने की ड्युटी लगाई। नागपाल ने काम किया और समय बहुत कम मिला फिर भी काम किया। तीनों सीटें भाजपा ने जीती।
* नागपाल को विश्वास है की पार्टी के निर्देश पर हर कार्य किया और आम लोगों से सभी बिरादरियों में अच्छा संपर्क है इसलिए वे सूरतगढ में कमल खिलाने में सफल होंगे।०0०
27 सितंबर 2023
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शुक्रवार, 22 सितंबर 2023
हनुमान मील को चुनाव से पहले टिकट युद्ध जीतना भी आसान नहीं.सूरतगढ
* करणीदानीसिंह राजपूत *
सन् 2008 में गंगाजल मील के चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस की 2013 और 2018 में हार हुई मगर मील का दबदबा कायम रहा। 2018 के बाद परिस्थितियों में बदलाव पर बदलाव आते रहे लेकिन मील अपनी चलाते रहे। विरोध बढ़ता गया। इस विरोध के कारण सूरतगढ सीट पर मील की दशा और दिशा में आए परिवर्तन से अब हालात यह हो चुके हैं कि चुनाव से पहले टिकट पाने के लिए भी युद्ध चल रहा है और इस जीत में भी अनेक कठिनाइयां हैं। पहले यह युद्ध तो जीतें। टिकट पाने में ही चुनौती हो गयी।
वैसे तो सभी टिकटार्थी मील के विरुद्ध हैं। सबसे अधिक बाधा डुंगरराम गेदर ने खड़ी कर दी। डुंगरराम गेदर राजस्थान शिल्प एवं माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष और राज्यमंत्री की पावर रखते हैं। पहले के हालात और अब के हालात में बहुत बदलाव आ गया। पहले कहा जाता था कि टिकट चल कर मील के पास आएगी। अब आवेदन करना और अपनी स्थिति बताना वाले हालात हो गये। मील का नाम अभी भी बड़ा है लेकिन 2008 वाले दिन हवा हो गए।
* एक साल से मील को चेताया जाता रहा लेकिन अपने चारों तरफ बने घेरे को खत्म नहीं कर पाए। इस घेरे ने मील को ऐसा चश्मा पहनाया और उतारने भी नहीं दिया कि मील कुछ देखते समझते।
नगरपालिका में परसराम भाटिया को अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाने का भी कोई लाभ नहीं मिल रहा। नगरपालिका में अव्यवस्था और शहर की सफाई की बुरी हालत से आमजन खुश नहीं। मील और परसराम कार्यक्रमों में भाषण दे लें लेकिन इसकी तालियां एक गली से दूसरी तक ही नहीं पहुंच रही। परसराम भाटिया और निर्माण कार्यों से गलत और भ्रष्टाचार शब्द मिट नहीं पाया। सड़कों पर नयी सड़कें,पुरानी टाईलेंं उखाड़ कर बनाई जा रही सड़कें हैं तो फिर भ्रष्टाचार खत्म कहां हुआ। ओमप्रकाश कालवा नहीं सुनता था तो परसराम भाटिया भी नहीं सुन रहा। तेज गति का मतलब मनमानी मनमर्जी से गलत निर्माण तो नहीं होने चाहिए। इन परिस्थितियों से मील का राजनीतिक भाग्य और टिकट मिलना न मिलना जुड़ा हुआ है। लेकिन जो किसी तरह से सत्ता में होते हैं उनको ऐसी खामियां और सिस्टम का भ्रष्टाचार नजर नहीं आता या वे इसे मामूली सी बात मानते हैं।
हालांकि अभी भी कुछ राजनीतिक वक्ता मानते हैं कि टिकट मील को ही मिलेगी। हनुमानमील ही चुनाव लड़ेंगे। यदि उम्र टिकट में बाधा नहीं होती तो गंगाजल मील को लोग अधिक ताकतवर मानते हैं। ०0०
शनिवार, 9 सितंबर 2023
कासनिया व भादू के कार्यक्रम आखिरी शौ साबित:लोगों की चाहत खत्म.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ सीट के मालिक विधायक रामप्रताप कासनिया का बुलावा ज्यादा खोखला साबित हुआ कि भाजपा की परिवर्तन यात्रा के स्वागत में शहर में ही लोगों को नहीं जुटा पाए। विधायक के बुलावे पर पांच छह हजार लोग शहर में ही नहीं आएं तो हालात विदाई के हैं। राज आने का शोर मचा हो और ऐसी खुशी जैसे मोके पर विधायक के बुलावे पर केवल दो ढाई हजार की उपस्थिति हो तब कितना भी छुपा कर रखा जाए फिर भी मालुम हो गया कि लोगों की चाहत खत्म हो गयी है। जो नगरमंडल की टीम अध्यक्ष और महासचिव हैं वे भी सौ आदमी खड़े नहीं कर सकते। विधायक की एक आवाज पर पांच छह हजार व्यक्ति स्वागत समारोह में नहीं आए तो अपनी विदाई का सम्मान करवा लेना चाहिए। जैसे सरकारी अधिकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति पर कोई घोड़े पर,कोई रथ पर कोई खुली बंद जीप कार पर घर लौटता है। कैसा भी रहा हो उस समय तो कार्यकाल की सराहना ही की जाती है। " बहुत अच्छी सेवाएं दी,हरेक के काम आते रहे, अब याद आते रहेंगे।"
* शहर में ही दो ढाई हजार आदमी विधायक जुटा नहीं पाए तो यह जगजाहिर विदाई है। टिकट अब कोसों दूर है। चालीस साल की राजनीति और 72 साल की उम्र भी है।
हां,मांगने पर कोई रोक नहीं है। मांगने पर भी नहीं मिलेगी तब लोग पूछेंगे सवाल उठेंगे, कैसे क्यों कट गई।
* सवाल भी जनता करेगी और जवाब भी जनता देगी"नगर मंडल ले डूबा।"
👍 आखिरी समय का काम इंदिरा सर्कल फ्लाईओवर यादगार में रहेंगे।*
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टिकट की चाहत में भाजपा परिवर्तन यात्रा के स्वागत समारोह में पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह भादू पर भी नजरें टिकी थी कि ये भी पांच छह हजार की भीड़ तो इकट्ठी करेंगे। परिवर्तन यात्रा की बात महत्व गांव गांव घर घर तक पहुंचाएंंगे। लोगों को बुलावा भी नहीं दिया। जिनको बुलाया वे आ गये। इकाई दहाई सैंकड़ा। बस।
शहर में रहें और शहर में मेल मिलाप न हो तब बुलावा किसे दें? ( कासनिया और भादू की यह आदत एक जैसी)
परिवर्तन यात्रा एक प्रकार से टिकट यात्रा भी थी। किस में है कितना दम! टिकट मुश्किल। तीस पैंतीस साल की राजनीति और 71 की उम्र। कासनिये को नगर मंडल ले डूबा लेकिन भादू जी को कौन ले डूबा? जवाब होगा इनका कार्यकाल 2013 से 2018.जनहित कार्यों की बहुत लम्बी सूची।
👍 आखिरी समय का अपने समय का यादगार काम। शहर की सीवरेज।
* परिवर्तन यात्रा में मोहन पूनिया काजल छाबड़ा आरती शर्मा पेपसिह राठ़ौड़, सुभाष गुप्ता, जयप्रकाश सरावगी, सभी के भीड़ आंकड़़ों की गिनती हो गई। फिर भी आवेदन फार्म भरें तो कोई रोक नहीं। कुछ नाम छूट गये हैं वे खुद लिख लें। सभी मानते हैं कि यह शक्ति प्रदर्शन भी था।
💐 संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र से नये चेहरे सक्रिय चेहरे की मांग हो रही है और भाजपा इस जन घोष को इनकार नहीं कर सकती,स्वीकार करेगी।
👍 कौन होगा नया चेहरा। यह भी सामने आयेगा।
💐 सारांश: बड़ी महत्वपूर्ण बहुत खोजपूर्ण बहुत भीतर तक देखने की रही यह यात्रा। परिवर्तन लाने वाली रहेगी।०0०
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शनिवार, 2 सितंबर 2023
सूरतगढ:सड़क के ऊपर सड़क का निर्माण शुरू. कारनामा वार्ड नं 32 में हो रहा
* करणीदानसिंह राजपूत ..*
सूरतगढ 2 सितंबर 2023.
सीमेंट कंक्रीट सड़क के ऊपर इंटरलॉकिंग टाईल्स की सड़क बनाने का निर्माण वार्ड नं 32 में शुरू हुआ है। ईओ को एक सितंबर को यह सूचना दी गई लेकिन कार्य 2 सितंबर को चालू रहा। सड़क की मरम्मत जहां जरूरत हो कराई जा सकती है लेकिन इंटरलॉकिंग टाईल्स लगाने में लाखों का काम है। सार्वजनिक धन का दुरूपयोग और सीधे रूप में बंदरबांट का भ्रष्टाचार। इससे सड़क ऊंची होगी और अनेक मकान नीचे हो जाएंगे। जिनके मकान नीचे होंगे उन्होंने अध्यक्ष परसराम भाटिया से दो बार बात की है लेकिन काम रोका नहीं गया। ठेकेदार मुस्ताक नाम बताया जा रहा है।
* ये एस्टीमेट किसने बनाए?
** निर्माण अभी नाली के पास ईंटों की चिनाई का शुरू है और इसके बाद सड़क के ऊपर सड़क बनाई जानी शुरू होगी। जो मकानों से उपर होगी।
* वार्ड पार्षद भाजपा के ओमप्रकाश अठवाल हैं और उनको बताया जा चुका है लेकिन उनको सड़क पर सड़क बनाने में इंटरेस्ट है। वे देख कर सुन कर भी इस गलत कार्य को होने दे रहे हैं।
*** सड़क सही है तो फिर केवल मरम्मत हो। कुछ टूटी हो सकती है तो वहां मरम्मत हो।
* यह सड़क निर्माण गलत क्यों हो? हर बार सड़क ऊंची क्यों उठाई जाए। पहले भी ऊंची की गयी मकानों के बराबर हो गई। अब और ऊंची क्यों? लाखों रूपये का जानबूझकर दुरूपयोग ताकि कुछ लोग धन लाभ ले सकें।
* मौके पर कोई इंजीनियर सुपरवाइजर नहीं। ठेकेदार भी नहीं। किसने निशान दिए? कैसा मसाला बन रहा?कैसी ईंटे लगाई जा रही है? मिस्त्री मजदूर जो निर्माण करे जैसा करे सब ठीक।
* नगरपालिका प्रशासन नहीं रोके लेकिन ऊपर भी प्रशासन है। सीवरेज घोटाले की जांच हो गई तो इसकी जांच हो जाएगी। गड़बड़ करने वाले तकनीकी कर्मचारी दंडित भी हो जाएंगे। ०0०
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मंगलवार, 29 अगस्त 2023
सूरतगढ सीट 2023.भाजपा ने पुराने चेहरे को उतारा तो जीत असंभव.जिताऊ नया चेहरा होगा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ विधानसभा सीट पर भाजपा ने 2013 और 2018 में लगातार 2 बार कांग्रेस को पछाड़कर जीत प्राप्त की। दोनों बार जीत का कमाल जनता ने किया था न कि प्रत्याशी अपने दम पर जीते। इस बार 2023 के चुनाव के लिए नये चेहरे के लिए आवाज उठी है और यह आवाज 1 साल से दमदार होती गई है। हर गांव और शहर में नये चेहरे की मांग है।
* भाजपा ने पुराने चेहरों में से किसी को थोपा या विधायक रिपीट किया तो तीसरी बार जीत की हैटट्रिक नहीं बना पाएगी बल्कि "हार" पहनेगी।
सबसे बड़ी बात है कि भाजपा जनता की वोटरों की मानेंगे या जयपुर दिल्ली की हाजिरी को मानेगी जो तिकड़म पुराने चेहरे धोक लगाने में लगे हैं।
* वर्तमान विधायक रामप्रताप कासनिया से लोग बेहद नाराज हैं और मुखरित हैं। कासनिया से नाराजगी गांव गांव और शहर के हर वार्ड में खुले रूप में प्रगट होने लगी है। लोग कासनिया से खार खाए हुए हैं। कासनिया 16 अगस्त 1952 को जन्मे इस समय 72 वर्ष के होते हुए चुनाव में उतारे जाते हैं तो जनभावना के विपरीत भाजपा कैसे जीत हासिल कर पाएगी। जनता में कासनिया दो साल पहले से अप्रिय होने लगे थे। यदि एकदम सही माने तो कोरोना काल से ही जनता से दूर हो गये। ऐसी स्थिति में और 72 की उम्र में रिपीट करना असंभव है और बड़े नेता बड़े संबंध निभाते हैं तो गिनती में एक सीट घटा लेनी चाहिए।
👍कासनिया के कारण नगरपालिका व पंचायत समिति दोनों में कमल राज खत्म हो गया।*
विधायक रामप्रताप कासनिया पर गंभीर आरोप है कि इनकी मनमानी और फ्री हैंड से उतारे गये प्रत्याशी हारे और भाजपा की सत्ता से नगरपालिका और पंचायत समिति कांग्रेस छीन ले गई। दोनों संस्थाएं बहुत बड़ी होती हैं जहां कासनिया के कारण "कमल" पुनः खिलने से रह गया।
* सन् 2013 में भाजपा टिकट पर जीत कर विधायक चुने गए राजेन्द्र सिंह भादू भी पुराने चेहरों में हैं। * 7 अगस्त 1953 को जन्में भादू भी 70 पार करते 71 वर्ष के हो रहे हैं। जनता वर्तमान विधायक कासनिया को नहीं चाहती और ठीक यही हालात भादू के हैं।
👍 जनता नहीं चाहती कि पुराने चेहरों रामप्रताप कासनिया और राजेन्द्र सिंह भादू को भाजपा चुनाव में उतारे।
* सूरतगढ नगर मंडल,सारे देहात मंडल, श्रीगंगानगर के भाजपा जिला अध्यक्ष स.शरणपालसिंह मान भी पुराने चेहरों की सिफारिश करदें तो भी जनता की आवाज को बंद नहीं कराया जा सकता। भाजपा के पास नये चेहरे नहीं हों तब तो पुराने को रिपीट करें लेकिन सूरतगढ सीट पर तो सक्रिय नये चेहरे हैं। लोगों की मांग नया चेहरा है। इस बार स्पष्ट है कि कोई भी पुराना चेहरा सीट नहीं निकाल सकता। अब पुराने चेहरे जिताऊ हालत में नहीं रहे। नया चेहरा ही सीट निकाल सकता है। भाजपा को चयन करना चाहिए नया चेहरा ताकि 2023 में भी जीत प्राप्त हो और हैट्रिक बन जाए। पुराने चेहरे अभी टिकट चाहते हैं लेकिन हालात को समझते उनको स्वयं ही पार्टी की जीत के लिए हट जाना चाहिए। कासनिया जी करीब 40 सालों से और भादू जी करीब 35 सालों सै चुनावी राजनीति कर रहे हैं। नये चेहरों को अब चुनावी राजनीति करने का मौका मिलना चाहिए और 2023 का विधानसभा चुनाव सही मौका है।
०0०
* 29 अगस्त 2023.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ ( राजस्थान )
94143 81356.
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सोमवार, 28 अगस्त 2023
सूरतगढ: भाजपा टिकट पर मूल ओबीसी से श्रीभगवान भी शक्तिशाली दावेदार.
* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सूरतगढ़ की पॉपुलर सीट पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से संघ से जुड़े मूल ओबीसी के सक्रिय कार्यकर्ता श्रीभगवान सेवटा की टिकट दावेदारी से भारतीय जनता पार्टी सूरतगढ़ में हलचल मची है।
श्री भगवान सेवटा का 26 वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक रूप में सक्रिय रहना बड़ी उपलब्धि है। इन्हें जो कार्य सौंपा जाता रहा है उन्हें हर समय पूरा करते रहे।
👍 सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में गांव गांव में और सूरतगढ के शहर के वार्डों में फैले संघ के स्वयंसेवकों से अच्छा खास जुड़ाव है।
* श्री भगवान सेवटा मूल रूप से सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बीरमाणा गांव के निवासी हैं और वर्तमान में सूरतगढ़ की किशनपुरा आबादी में बस गए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं में और जनता में अच्छी जानकारी और जुड़ाव रखने के कारण लोग नजदीकी से जानते हैं।
*भारतीय जनता पार्टी में सामाजिक शैक्षिक संगठनात्मक जुड़ाव जानकारियां 25 वर्षों से अच्छा अनुभव रखते हैं।
श्री भगवान सेवता सन सन 2016 से जिला कार्य समिति भाजपा के सदस्य हैं।
** सेवता का दावा है कि यह एक अच्छे राजनेता और जनता के हितैषी काम करने वाले व्यक्ति के रूप में भाजपा को और अधिक विकसित करने के लिए आगे भी काम करते रहेंगे। अगर उन्हें सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से मूल ओबीसी कार्यकर्ता के रूप में टिकट दिया जाता है तो निश्चित रूप से यह सीट भारतीय जनता पार्टी की तीसरी बार लगातार और बड़ी जीत हो सकती है।
* सेवता की जीवनी में भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करने की राजस्थान से बाहर भी काम करने की अनेक उपलब्धियां है। हरियाणा पंचायत चुनाव 2011 में ऐलनाबाद में चौटाला पंचायत में प्रभारी के रूप में कार्य करने और भाजपा को मजबूत करने में आगे रहे। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस
कार्यकर्ताओं को भारतीय जनता पार्टी से जोड़ने का विशेष प्रयास श्रीगंगानगर जिला और जयपुर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के निर्देश के अनुसार किया। दोनों स्थानों पर पार्टी को मजबूती मिली। फतेहपुर सिकरी विधानसभा के प्रभारी के रूप में विधानसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में प्रचार प्रसार करते हुए भाजपा उम्मीदवार को विजयश्री दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
👍 10 नवंबर 1982 को जन्मे सेवटा स्नातक तक शिक्षित हैं और छात्र जीवन में भी बहुत सक्रिय रहे हैं।
सेवटा कांग्रेस की नीति रीति से बहुत खफा है। उनका दावा है कि वह राष्ट्र को समर्पित संघ के शिविर में स्वयं और 10 अन्य बाल सेवकों को लेकर गए थे। सन 2001 में उनके विरुद्ध कार्यवाही हुई। स्कूल से 11 बालकों का निष्कासन हुआ और उस पर सक्रिय विरोध किया तब संबंधित प्रधानाचार्य को क्षमा मांगनी पड़ी थी।
* कॉलेज शिक्षा के समय भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को सक्रिय करने में विशेष योगदान दिया जिसमें सूरतगढ़ के राजकीय महाविद्यालय में किया हुआ कार्य भी प्रमुख रहा है।
* सेवटा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया था।
* श्री भगवान सेवटा वर्तमान में अखिल भारतीय प्रजापति ्( कुंभकार) संघ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष पद पर कार्यरत है जिसके तहत श्री गंगानगर की लगभग सभी विधानसभाओं में हजारों कार्यकर्ताओं को आजीवन सदस्य बनाया गया है और भारतीय जनता पार्टी से विशेष रूप से जोड़ा गया है।
सेवता को कुम्हार समाज का प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मूल ओबीसी का समर्थन प्राप्त है।
* सेवटा कहते हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी के अनुशासित सिपाही है और भारतीय जनता पार्टी के राज्य और राष्ट्रीय स्तर के द्वारा सौंपे गए कार्यों में आगे रहे हैं बढचढ कर हिस्सा लिया है। पार्टी के प्रति विश्वास और उत्साह है।
👍 उनका दावा है कि सूरतगढ़ से उनको आगामी चुनाव 2023 में प्रत्याशी बनाया जाता है तो भाजपा बहुत अधिक मतों से जीत सकती है। भारतीय जनता पार्टी सूरतगढ़ से 2003 2013 2018 में जीती हुई है।
* श्रीभगवान सेवटा और भारतीय जनता पार्टी 2023 में भी सूरतगढ़ सीट जीतने का दावा करते हैं। ०0०
28 अगस्त 2023.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ ( राजस्थान )
94143 81356.
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रविवार, 27 अगस्त 2023
सूरतगढ:कानून मंत्री अर्जुनराम को वंदेभारत व गंगानगर -जेसलमेर ट्रेनों के ज्ञापन.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ 27 अगस्त 2023.
केंद्रीय कानून मंत्री व बीकानेर सांसद अर्जुन राम मेघवाल का सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया व रेल विकास संघर्ष समिति ने प्रमुख रेल समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
कानून मंत्री श्रीगंगानगर कोटा सुपरफास्ट से जयपुर जा रहे थे।
सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर रात्रि आठ बजे पहुंचने पर रेल विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ पत्रकार करणीदान सिंह राजपूत ने माला पहनाकर स्वागत किया।
जिला संयुक्त रेल विकास संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष ललित किशोर शर्मा के नेतृत्व में सोपे ज्ञापन में बताया की श्रीगंगानगर जिले को आवंटित वंदे भारत ट्रेन को रेल प्रशासन गंगानगर बठिंडा दिल्ली तक ले जाना चाहता है जो कि इलाके के लोगों के लिए लाभदायक नहीं होगा। मांग करते हुए कहा कि इस गाड़ी को श्री गंगानगर बीकानेर नागौर मेड़ता फुलेरा जयपुर कोटा होते हुए उज्जैन महाकाल धर्म नगरी तक चलाया जाए या बीकानेर जोधपुर पाली मारवाड़ होते हुए अहमदाबाद तक चलाया जाए। इन दोनों रूटों पर रेल विद्युतीकरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और राजस्थान के लोगों को इस ट्रेन का वास्तविक लाभ मिल पाएगा साथ में रेल के तीनों डिविजन इससे जुड़ेंगे।
* इसके साथ श्रीगंगानगर लालगढ़ रामदेवरा जैसलमेर ट्रेन का शीघ्र संचालन सही समय सारणी से करने की मांग की। वह बताया कि पिछले 1 वर्ष से लगातार जिले की रेल संघर्ष समितियां इस मांग को करती आई है परंतु रेलवे विभाग के अधिकारी इस मांग के प्रति गंभीर नहीं दिखे। धार्मिक आस्था से जुड़ी होने के कारण इस गाड़ी का अत्यधिक महत्व है इसे शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए।
* प्रतिनिधि मंडल में संयोजक मास्टर रामप्रताप खोरवाल, राजस्व बार संघ के पूर्व अध्यक्ष नोटेरी साहब राम स्वामी, मुरलीधर पारीक, कमल सचदेवा, भवानी शंकर भोजक,एडवोकेट कमल दत्त शर्मा,एडवोकेट श्याम सुंदर चांडक, हनुमान सिंह सिसोदिया, एडवोकेट श्रीकांत शर्मा, भंवर बारिया, हेमंत चांडक,पवन शर्मा, विमल सिंह राजपूत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री महोदय ने बताया की वंदे भारत ट्रेन का सभी लोगों को फायदा हो और लोगों की भावना के अनुरूप से चलाने की मंशा विभाग व सरकार की है। साथ ही गंगानगर रामदेवरा जैसलमेर रेल सेवा शीघ्र शुरू होगी। इन दोनों मांगों पर मंत्रालय से बात कर जन भावना को देखते हुए मांग पूरी करने का ठोस आश्वासन दिया।०0०
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