रविवार, 31 मई 2026
शनिवार, 30 मई 2026
सूरतगढ़:आवासन मंडल अतिक्रमणकारी दुर्घटना कराएंगे. जिम्मेदार होंगे अधिकारी ईओ व प्रशासक व अतिक्रणकारी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 30 मई 2026.
आवासन मंडल कालोनी (पुरानी) में उच्चशिक्षित धनाढ्य लोग रहते हैं। बड़े सम्मानित लोगों ने सड़कों पर अतिक्रमण करके अपने सम्मान को और अधिक बढाया है। यह बढा हुआ सम्मान बार बार सामने आता रहता है और हमें सूची मिली तो वह छाप कर इनका मान सम्मान और अधिक बढाएंगे। आज दोपहर को आंधी और उसके साथ ही करीब बीस मिनट की बरसात के बाद सड़कों पर जमा पानी,बंद नाले नालियों से सम्मान बढा है।
* नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा का सम्मान भी बढ रहा है जिन्होंने 9 अप्रैल 2026 को 58 आवास मालिकों को अपने अतिक्रमण 3 दिन में हटा लेने का निर्देश दिया था और ऐसा नहीं होने पर नगरपालिका प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की सख्त चेतावनी दी थी। बड़े लोगों ने नोटिस को कागजी गीदड़ भभकी माना और अतिक्रमण नहीं हटाए। अब 30 मई तक दिन गिन लिए जाएं कि ईओ पूजा शर्मा ने दबाव या सैटिंग के तहत अतिक्रमण नहीं हटाए। दुर्घटना में इतना पानी भी बहुत होता है।
👍 खास बात यह है कि आवासन मंडल कालोनी और पास के चिपते क्षेत्र में करीब 200 से अधिक मकान है और अतिक्रमण केवल 58 लोगों ने कर रखा है जिसकी परेशानी दूसरे लोग भोग रहे हैं जिन्होंने अतिक्रमण नहीं किया है। इन 58 लोगों को नगरपालिका ने 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए थे। नगरपालिका प्रशासन पर कासनिया का दाब है कि अतिक्रमण पर कोई एक्शन नहीं लिया जाए। लेकिन जो अन्य लोग हैं उनकी परेशानी पर भी सोचा जाना चाहिए। नोटिस देने के बाद नगरपालिका प्रशासन अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की हरेक जिम्मेदारी हो गई है और कोई दुर्घटना हुई नुकसान हुआ, जान गई तो वे जिम्मेदार होंगी। प्रशासन सस्पेंड करने में एक दो घंटे ही लगाएगा तथा ये राजनेता बचा नहीं पाएंगे। जो दिन बीत रहे हैं हर दिन जिम्मेदारी का है। दुर्घटना होने पर कासनिया भी नहीं बच पाएंगे और न प्रशासक भरतजयप्रकाश मीणा बच पाएंगे। प्रशासक भी संपूर्ण हालात से बार बार अवगत कराए हुए हैं और उनकी हर स्थिति में जिम्मेदारी है कि नोटिस के बावजूद उन्होंने भी अतिक्रमण हटाने की कार्वाई शुरू क्यों नहीं करवाई?
👌 आज 30 मई 2026 की बरसात में जो हालात हैं उनके फोटो दिए जा रहे हैं।
शुक्रवार, 29 मई 2026
सूरतगढ़:अतिक्रमण नहीं तोड़ रहे ईओ और प्रशासक.शिकायत दर शिकायत.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 मई 2026.
मेघवाल समाज के परसराम भाटिया व योगेश मेघवाल आदि ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि नगरपालिका क्षेत्र में सूरतगढ़ पीजी कालेज के पीछे एक विशाल भूखंड पर हो रहे अतिक्रमण को ध्वस्त नहीं किया जा रहा। आज परसराम भाटिया, योगेश मेघवाल, एडवोकेट प्रमोद सहाय,एडवोकेट रामस्वरूप बारूपाल, लालचंद परिहार, बरकत बादला आदि ने प्रशासक भरतजयप्रकाश मीणा को एक मांगपत्र दिया जिसमें आरोप लगाया हुआ था कि दि. 17 अप्रैल 2026 को अतिक्रमण की शिकायत की गई थी लेकिन प्रशासक व ईओ ने कोई कार्वाई नहीं की। आज फिर अतिक्रमण को ध्वस्त करने की मांग की गई। अभी नगरपालिका के प्रशासक पद पर उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा और अधिशाषी अधिकारी पद पर पूजा शर्मा कार्यरत्त हैं।
मांग पत्र में लिखा गया है कि विशाल भूखंड 60 गुणा 90 फुट मेघवाल समाज के छात्रावास के लिए आरक्षित था जिस पर ओमप्रकाश कालवा ने अतिक्रमण कर लिया था। उस समय शिकायत पर निर्माण को ध्वस्त करके नगरपालिका संपत्ति का बोर्ड लगा दिया गया था। उस समय सामग्री नगरपालिका ने अपने कब्जे में ले ली थी। आरोप है कि नगरपालिका से मिलकर सांठगांठ करके इस पर अतिक्रमण फिर से शुरू कर दिया गया। इस पर 17-4-2026 को शिकायत करते हुए अतिक्रमण को ध्वस्त करने की मांग की गई लेकिन अतिक्रमण को हटाया नहीं गया। (उक्त अतिक्रमण स्थल मेघवाल समाज छात्रा वास के लिए आरक्षित किसने किया यह शिकायत में वर्णन नहीं है। अब धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। नगरपालिका प्रशासक पर आरोप लगाकर उन्हीं को मांगपत्र सौंपा गया है। ०0०
शर्मा बाल मंदिर से 1,10,100 रू.जुर्माना वसूल करना पड़ा.सुशील तावणिया की शिकायत थी.ऐसे नोटिस ठंडे बस्ते में.अनेक दबाव में जारी नहीं हुए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 मई 2026.
भारत माता चौक ( भग्गुवाला कुआ चौक) के पास शर्मा बाल मंदिर के आवासीय भूखंड का गैर आवासीय में बिना स्वीकृति निर्माण होने की शिकायत के नोटिस जारी होने के करीब 6 माह नगरपालिका को 1,10,100 रू. शाश्ति ( जुर्माना)
वसूलना पड़ा। सुशील कुमार तावणिया ने अवैध निर्माण पर कार्वाई करने की शिकायत नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा को की थी। बार बार कार्वाई की जानकारी लेने पर नगर पालिका ने कार्वाई की जिसमें 1,10,100 रू.जमा कराने का नोटिस शर्मा बाल मंदिर के व्यवस्थापक श्रीगोपाल शर्मा को 18 दिसंबर 2025 को जारी किया गया।
ईओ पूजा शर्मा ने नोटिस तो जारी कर दिया,मगर इस वसूली को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर उजागर हुआ और नगर में चर्चा बन गई कि ईओ वसूली को क्यों टाल रही है?
* शिकायत कर्ता को भी भ्रमित करने का प्रयास किया गया लेकिन उसने अपने प्रयास बंद नहीं किए। सुशील कुमार तावणिया का आरोप था कि इससे राजकोष यानि नगरपालिका के कोष को हानि हो रही है।
* सुशील कुमार तावणिया ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर इसकी शिकायत की तब नगरपालिका प्रशासन को वसूली कार्वाई करनी पड़ी।
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर परिवाद संख्या 042605226554299 दिनांक 30 अप्रैल 2026 को दर्ज होने के बाद भी शिकायत कर्ता ने निरंतर दबाव बनाए रखा तब वसूली की कार्वाई हुई।
का नगर पालिका प्रशासन द्वारा निस्तारण कर राहत प्रदान की गई है। परिवादी सुशील कुमार द्वारा शर्मा बाल मंदिर सूरतगढ़ के खिलाफ जारी नोटिस एवं राजकोष को हो रहे नुकसान से संबंधित मामला उठाया गया था।
परिवाद संख्या 042605226554299 दिनांक 30 अप्रैल 2026 को स्वायत्त शासन विभाग (नगर निकाय) में दर्ज किया गया था। मामले में आरोप लगाया गया था कि शर्मा बाल मंदिर सूरतगढ़ के विरुद्ध जारी नोटिस की कार्रवाई नहीं होने से राजकोष को नुकसान पहुंच रहा है। इस वसूली के बाद परिवाद निस्तारण 27 मई 2026 को किया गया।
👍 नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा द्वारा निर्माण व शुल्क वसूली के अनेक नोटिस जारी किए हुए हैं जिन पर महीनों बाद भी वसूली की कार्वाई शुरू नहीं हुई है। नगरपालिका ईओ पूजा शर्मा की ढील के कारण नोटिसों के बाद भी नगरपालिका कोष में लोगों ने करोड़ों रूपये जमा नहीं करवाए हैं। नगरपालिका ईओ ने बड़े होटलों फर्मों को एक एक नोटिस दिया और आगे सख्ती नहीं की। ऐसे पचासों मामले हैं। सूरतगढ़ में बीसियों होटल व मार्केट काम्प्लेक्स या दुकानें बिना स्वीकृति के बन रहे हैं जिनको सीज नहीं किया जा रहा। होटलों के मालिकों ने नगरपालिका प्रशासन पर दबाव बना कर अवैध निर्माण शुरू कर रखे हैं। होटलों की ऊंचाई दो मंजिल और निर्माण 3,4,5 मंजिलों तक हो गये तथा कुछ के अभी भी हो रहे हैं। ऐसे मामलों की शिकायतें भी हो चुकी हैं।
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गुरुवार, 28 मई 2026
सूरतगढ़ के पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा के स्मारक की दुर्दशा क्यो?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 28 मई 2026. यहां के पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा (सन् 1977) का स्मारक स्थल राजकीय उपजिला चिकित्सालय के मुख्य द्वार के आगे मुख्य सड़क पर है जिसमें उनकी आदमकद प्रतिमा लगी है जिसकी नियमित सार संभाल के अभाव में दुर्दशा हो रही है। स्मारक बगीची अब पूरी सूख चुकी है। पुष्प पौधै एक भी नहीं रह पाए और दूब के बजाय सूखी जमीन है।
शहीद गुररूशरण छाबड़ा समिति की ओर से छाबड़ा की जयंती 9 जून और पुण्यतिथि 3 नवंबर मनाई जाती है तब यहां नजदीकी व परिवार के लोग एकत्रित होते हैं। एक दो घंटे के कार्यक्रम के अलावा कभी कोई पहुंचता हो,ऐसा नहीं लगता। पिछले तीन सालों से स्मारक की संभाल नहीं हुई। पहले छाबड़ा के एक साथी बलदेव राज तनेजा हर रोज सुबह से शाम तक बगीची में रहते हुए संभालते। तनेजा की सार संभाल के समय फूलों के पौधे और हरियाली दूब का आकर्षण था। पक्षियों के लिए पानी भी रखा जाता था। तनेजे से पिछले वर्ष पूछने पर उन्होंने बताया था कि बगीची के गेट के ताले की चाबी दो साल पहले उनकी पुत्र वधु पूजा छाबड़ा को सौंप दी थी।
पिछले 9 जून 2026 पर बहुत कम लोग स्मारक पर आए थे। उस समय स्मारक की अनदेखी लोगों के सामने आई थी। उस दिन भी लोगों ने सूखती बगीची देखी थी। इस बात का दुख भी कुछ लोगों ने प्रगट किया था कि स्मारक को नियमित रूप से रोजाना संभाला नहीं जा रहा। उस समय यही सोचा जा रहा था कि स्मारक की सारसंभाल शुरू हो जाएगी लेकिन यह सोच गलत साबित हो गई है। एक साल बीत गया है लेकिन स्मारक की सार संभाल न तो स्मारक समिति ने की है और न गुरूशरण छाबड़ा के किसी परिजन ने की। किसी के पास न समय है न रूपये हैं कि यहां चौकीदार माली पारिश्रमिक पर रखा जा सके। कहने को समिति के लोग और नजदीकी व परिवार जन सभी धनियों में है और करोड़़ों की संपत्ति के मालिक हैं।
अब 9 जून 2026 को गुरूशरण छाबड़ा की जयंती है और बगीची उजड़ी हुई सूखी हुई पड़ी है।
* गुररूशरण छाबड़ा स्मृति समिति के अध्यक्ष व पदाधिकारियों को स्मारक को लगातार रोजाना संभालना चाहिए चाहे घूमने के लिए ही पहुंचे।
* गुरूशरण छाबड़ा सन् 1977 में सूरतगढ़ से विधायक चुने गए थे। राजस्थान में संपूर्ण शराबबंदी के लिए जयपुर में आमरण अनशन में सन् 2016 में 3 नवंबर को उनके प्राण चले गए थे। उनकी देह चिकित्सालय को दान कर दी गई थी। गुररूशरण छाबड़ा की स्मृति में राजकीय महाविद्यालय का नाम किया गया। एक सैकेंडरी स्कूल का नाम भी उनकी स्मृति में कर दिया गया। गुरूशरण छाबड़ा की ईमानदारी को याद किया जाता है लेकिन स्मारक की सार संभाल नहीं किया जाना निकृष्टता दर्शाता है। ०0०
बुधवार, 27 मई 2026
क्या कांग्रेस सूरतगढ़ को बरसाती पानी के खतरे से बचा पाएगी?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 26 मई 2026.मानसून की बरसात से पहले 12 जून तक नाले नालियां एक दम साफ की जाने के सख्त निर्देश हैं और शहर के नाले नालियां कचरे गंदगी से भरे हैं। बारह जून तक बरसाती पानी निकासी का प्रबंध पक्का हो जाना यहां असंभव लग रहा है क्योंकि अभी हर वार्ड में नाले नालियां गाद से भरी पड़ी हैं। गौरवपथ और रेलवे रोड,महाराणा प्रताप चौक क्रोसिंग नाला और सुभाष चौक क्रोसिंग नाला के लिए तो नगरपालिका प्रशासन ने जिद्द ही कर ली है कि लाख शिकायतें करो,इनको साफ करना ही नहीं है। यह जिद्द अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की है जिसने यहां निरीक्षण तक नहीं किया बल्कि सफाई निरीक्षक ने भी निरीक्षण नहीं किया। नगरपालिका ने रात्रि सफाई का नाटक एक बार फिर शुरू किया है जिसमें एक क्षेत्र की सड़क की ही सफाई की जाती है। जिन नालों पर तीन मौतें हो चुकी है उनके बारे में अभी सब चुप हैं।
* पीएम नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान यहां फेल है जिस पर नगरपालिका की ईओ को भय नहीं है क्योंकि भाजपा और उसके नेता ही नहीं बोल रहे। पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया यहां राजकाज का संचालन कर रहे हैं। नगरपालिका के खासकर ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचार और कर्त्तव्य पर वे चुप हैं। हालांकि इस चुप्पी पर शहर में बदनामी भी हो रही है। उनको गलतफहमी भी हो रही है कि कुछ दो चार ही विरोध करते हैं। शहर उनके साथ है। अब यह समझने वाली बात है कि शहर ने विधानसभा चुनाव में जो रोल किया था उसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। शहर ने कासनिया को बुरी तरह से हराकर कांग्रेस के डुंगरराम गेदर को जिताया था। शहर रत्ती भर भी कासनिया की तरफ नहीं हुआ है। हां चंद लोग हैं जिन्होंने रामप्रताप कासनिया को घेर रखा है और यही हालत उनके पुत्र संदीप कासनिया की है। इन पिता पुत्र ने भी किसी नाली नाले की गंदगी और किसी टूटी सड़क को अपनी नज़रों से नहीं देखा है।
* शहर के भाजपा के अन्य खेमों गुटों के नेता कार्यकर्ता भी चुप हैं। खासकर पूर्व विधायक अशोक नागपाल चुप हैं। कासनिया और नागपाल के अलावा जो भाजपाई हैं वे भी मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को ठुकराया जाता देख रहे हैं।
* कांग्रेस पार्टी ने तीन चार बार नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर रोष प्रगट किया है और ज्ञापन भी दिए हैं। नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा कांग्रेसियों के ज्ञापनों को भी कागजी धमकियाँ और थोथी चेतावनी ही मानती है इसलिए साफ सफाई न देखती न करती है।
* कांग्रेस ने विधायक डुंगरराम गेदर के नेतृत्व में 13 मई 2026 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीनानाथ बब्बल को मांगपत्र दिया व गेदर ने बातचीत में हर बिंदु से अवगत कराया था। उसके बाद इतने दिन बीत गये साफ सफाई बाबत कोई काम नहीं हुआ जो नाले नालियों पर होना चाहिए था। कांग्रेस के मांग पत्र पर विधायक डुंगरराम गेदर,पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु, परसराम भाटिया, बलराम वर्मा, जे.पी.गहलोत और योगेश मेघवाल के हस्ताक्षर थे। क्या ये अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की लापरवाहियों व भ्रष्टाचार को चुनौती देते हुए लगातार धरना प्रदर्शन करते हुए शहर को बरसात के पानी से बचाने के लिए पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और ईओ पूजा शर्मा का कड़ाई से विरोध कर पाएंगे?
नगरपालिका के आगामी चुनाव से पहले शहर को बचाने के कार्य पूरे हो जाने चाहिए। बारह जून तक नाले नालियां पूर्ण साफ करादी जाए तो संभव है शहर में बरसात के पानी से नुकसान न हो लेकिन अभी तो यह लग रहा है कि कुछ भी नहीं होगा। कांग्रेस भी केवल मांगपत्र से अखबारों में मीडिया में नाम चाहती है इससे आगे कोई भी काम आंदोलन तब हो जब डुंगरराम गेदर के पास संघर्शशील कार्यकर्ताओं की टीम हो। कांग्रेस के पास लगातार धरना प्रदर्शन की पावर नहीं है न कार्यकर्ता हैं। यह जानकर ईओ पूजा शर्मा 12 जून तक के दिन भी खाली ही टपाएगी। पूजा शर्मा को यह भरोसा भी है कि नगरपालिका के प्रशासक भरतविजयप्रकाश मीणा ने शहर का आजतक निरीक्षण नहीं किया है सो वे आगे भी सड़कों नाले नालियों का निरीक्षण करने को नहीं निकलेंगे। यहां अतिम अवसर कांग्रेस के पास ही है। कांग्रेस जोर लगाएगी तो उसका लाभ आगामी चुनाव में पाएगी। कांग्रेस लगातार धरना प्रदर्शन करती है, आमरण अनशन करवाती है तो प्रशासक और ईओ को भय तो रहेगा। ०0०
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रविवार, 24 मई 2026
आवासन मंडल कॉलोनी के अतिक्रमण हटेंगे जरूर. किसकी है शिकायत?
* करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़ 24 मई 2026.
आवासन मंडल कॉलोनी ( पुरानी) में सड़कों के अतिक्रमण एक दिन निश्चित ही हटा दिए जाएंगे,जैसे नेशनल हाईवे 62 के हटाए जा रहे हैं? आज कहा जा रहा है कि सत्ता धारी पार्टी का नेता बचा रहा है,लेकिन जब उसके अवैध निर्माणाधीन होटल पर कार्वाई होगी शिकायत होगी तब वह अपना होटल बचाएगा। यह आवासन मंडल के अतिक्रणकारियों को जान लेना चाहिए। अभी भी शिकायतों से उक्त नेता के नाक में दम है।
* आवासन मंडल कालोनी अतिक्रमण की शिकायत और अतिक्रमण हटाने की मांग किसने की है? अभी चरणजीत टंडन का नाम उछाला जा रहा है। टंडन ने आवासन मंडल कालोनी के नाले नालियां साफ करने की मांग नगरपालिका प्रशासन से की। नगरपालिका प्रशासन ने कालोनी में जिन 58 मकानों के आगे अतिक्रमण है उनको 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए। नगरपालिका ने उस समय बताया कि चरणजीत की शिकायत है इसलिए नाले साफ करने हैं सो 3 दिन में अतिक्रमण हटालें उसके बाद नगरपालिका हटा देगी। चरणजीत की शिकायत थी और उस पर कार्वाई शुरू हुई तो अब तक अतिक्रमण हटा दिए जाने चाहिए थे। नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने आगे कार्वाई क्यों नहीं की, यह सूचना नगरपालिका की ओर से किसी मीडिया को नहीं दी गई और न किसी ने जानकारी ली।
* 2 जून 2025 को शिकायत हुई जो नगरपालिका में क्रमांक 252 पर दर्ज हुई। इसके बाद एक साल बीत रहा है।
* इसके बाद भी शिकायतें हुई।
* सन् 2026 में भी शिकायतें हुई। यह तो निश्चित है की सड़कों के हक की जमीन के ऊपर हुए अतिक्रमण हटाए तो जाएंगे। अनेक शहरों में हटाए जा रहे हैं। नेशनल हाईवे पर हटाए जा रहे हैं। ऐसे ही नगरपालिका जब हटाएगी तब कोई भी नेता वहां बचाने को उपस्थित नहीं होगा। नेताजी अपना बचाएंगे या आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमणों को बचाएंगे। कोई अधिकारी निश्चित ही कार्वाई करेगा चाहे अपने मन से करेगा चाहे ऊपरी दबाव से करेगा।०0०
भूखंड नीलामी पर HC की रोक मामला. राजेंद्र तनेजा ने 35 साल पूर्व खरीदे 6 भूखंडों की जमीन मांगी. रिपोर्ट.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 मई 2026.नगरपालिका सूरतगढ़ भूखंड नीलाम कर बेचती है लेकिन बाद में जमीन नहीं देती। ऐसे अनेक मामले हो चुके हैं जिनमें करीब एक सौ खरीदारों के कुल करोड़़ों रूपये लिए हुए हैं। अनेक मामलों में सन् 1991 का मामला सबसे पुराना यानि की 35 साल पहले का है जिसके खरीदारों ने अपनी जवानी में अपने घरों की योजनाएं बनाई और वे भटकते हुए आज वृद्धावस्था में पहुंच गये लेकिन नगरपालिका ने जमीन उपलब्ध होते हुए भी उनको जमीन नहीं दी तथा और नयी नीलामी से बेचती रही।
* एडवोकेट राजेंद्र तनेजा रोटरी क्लब के सूरतगढ़ संस्थापक एवं अनेक समाजसेवा कार्यों में लाखों रूपये लगाने वाले प्रसिद्ध व्यक्ति हैं जिन्होंने सन् 1991 में नगरपालिका से नीलामी में 6 आवासीय भूखंड खरीदे।
* नगरपालिका प्रशासन में अनेक अधिकारी आए,बोर्ड भी आए लेकिन किसी ने भी राजेंद्र तनेजा को जमीन नहीं दी और परेशान करते रहे। राजेंद्र तनेजा द्वारा जमीन का यह संघर्ष चलते अब 35 साल हो गये।
* सन् 2025 में राजेंद्र तनेजा ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई। उच्च न्यायालय में नगरपालिका भी हाजिर हुई। उच्च न्यायालय में नगरपालिका ने अपना जवाब दिया। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना और राजेंद्र तनेजा के पक्ष में निर्णय दिया।
उच्च न्यायालय ने नगरपालिका को आदेश दिया कि जमीन खोजी जाए और राजेंद्र तनेजा को दी जाए।
* नगरपालिका प्रशासन ने राजेंद्र तनेजा को राजीव गांधी मार्केट योजना में जमीन बताई। तनेजा ने कहा कि मेरे भूखंड आवासीय हैं सो आवासीय भूमि दी जाए।
* नगरपालिका के पास सब रजिस्ट्रार कार्यालय के पास 7 आवासीय भूखंड की जमीन उपलब्ध थी जो तनेजा को दी जा सकती थी लेकिन उसको नीलामी से बेचने का कार्यक्रम जारी कर दिया जिसकी ई नीलामी शुरू हो गई।
* नगरपालिका प्रशासन ने उच्च न्यायालय का आदेश सन् 2025 नहीं माना और आवासीय जमीन उपलब्ध होते हुए भी तनेजा को देने के बजाय नीलामी शुरू करदी। इस पर तनेजा ने राजस्थान उच्च न्यायालय में फिर याचिका लगाई जिसमें सन् 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को आधार बनाया। उच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई शुरू करते हुए नीलामी पर स्थगन आदेश जारी किया।
* नगरपालिका के अधिकारियों को खरीदारों के प्रति शुद्ध व्यवहार रखना चाहिए जो लाखों रू करते करते करोड़ों रुपये जमा कराते हैं।
* नगरपालिका ने सन् 2024 में जाखड़ावाली के विवेकानंद स्कूल को जमीन दी है जो सन् 1997 में आवेदन और 2005-6 में रकम जमा कराई गई थी। राजेंद्र तनेजा के 6 आवासीय भूखंडों की जमीन का मामला तो इस स्कूल से भी 15 साल पुराना है। शहर का सबसे पुराना मामला 35 साल पुराना। अब नगरपालिका का कोई बहाना चलेगा नहीं। नगरपालिका प्रशासन अपने व्यवहार में बदलाव कर नागरिकों के प्रति,जमीन खरीदारों के प्रति शुद्ध सुचिता व्यवहार कायम कर प्राप्त रकमों से विकास में रूचि ले।०0०
शनिवार, 23 मई 2026
कॉकरोच जनता पार्टी से भाजपा को भय.
* करणीदानसिंह राजपूत *
टीएमसी यानि ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में हराने के बाद य राजनैतिक विश्लेषकों द्वारा माना जिने लगा कि अब भाजपा को रोकना असंभव है। लेकिन टीएमसी पर जीत प्राप्त करने के मतगणना तिथि 3 मई 2026 के 13 दिन बाद ही 16 मई को अचानक कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म हो गया और बहुत तेजगति से फोलोवर्स की संख्या 2 करोड़ से भी अधिक हो गई। भारत में अनेक भविष्य वक्ता हैं जो समय समय पर भविष्य वाणी करते रहे हैं लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी का उद्गम एकदिन अचानक होगा और भाजपा को डर शुरू होगा का किसी को भी मालुम नहीं हुआ।
* अभी तो कॉकरोच जनता पार्टी की घोषणा ही हुई है। उसका संविधान आदि तैयार किए जाने,चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन होने तथा देश भर में स्थापित होने में कुछ दिन तो अवश्य ही लगेंगे। लेकिन भाजपा के लोगों को तो अभी से भय लगने लगा है। इसके दो कारण हो सकते हैं। एक तो कॉकरोच जनता पार्टी का तेजी से बढना और दूसरा भाजपा के नेताओं के वक्तव्य और राज में विपक्ष व विरोध करने वालों को गैरकानूनी तरीकों से केसों में फंसाने से लोगों में बढती नाराजगी।तीसरा कारण भी है कि भाजपा के नेता लोग आलसी हो गये जो आम परेशान लोगों के साथ कहीं भी खड़े नजर नही आते। युवाओं में बेरोजगारी से असंतोष है और उसके कारण ही कॉकरोच जनता पार्टी का उदय हुआ जो रोकने के लिए भाजपा के पास एकदम से कोई तोड़ नहीं है। हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी को बदनाम करने के लिए कुछ शक्तिहीन प्रयास शुरू हुए हैं जिनको जनता की तरफ से शुरूआती स्वीकृति नहीं मिल रही। इन प्रयासों में जो बातें फैलाई जा रही है उनमें मोदी को हटाने की विपक्षी साजिश बताई जाने,विदेशों से धन आने,विदेशों में फोलोवर्स होने जैसी बातें हैं। यह सभी को मालुम है कि इस पार्टी का जन्म किसी षड्यंत्र से नहीं हुआ बल्कि एक जज की बेरोजगारों पर की गई टिप्पणी से हुआ। अगर जज की टिप्पणी नहीं होती तो यह नयी पार्टी भी नहीं होती। किसी के दिमाग में भी इसके जन्म का, पैदा करने का विचार नहीं था।
अब युवाओं के दिल दिमाग और आगे बढने की सोच से इसका तेजी से विस्तार हो रहा है। इस गति पर भाजपा के राष्ट्रीय नेता पहुंच नहीं पा रहे।कॉकरोच जनता पार्टी का संपूर्ण विधि विधान बनना भी भाजपा के लिए सन् 2029 के लोकसभा चुनाव में मुश्किलें खड़ी करेगा। लोकसभा चुनाव से पहले 2028 के प्रदेश विधानसभा चुनाव और आने वाले छोटे स्थानीय चुनाव पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा के लिए मुश्किलें होंगी। भाजपा ने कांग्रेस बसपा आप टीएमसी को पछाड़ दिया लेकिन अब कॉकरोच जनता पार्टी को पछाड़ना मुश्किल होगा। सत्ता परिवर्तन में युवाओं के वोटों को प्रभावी माना जाता है। भाजपा भी यही सोच रखती है। युवा बदलाव कर सकते हैं उन पर नियंत्रण और दबाव से मुश्किलें बढती है फिर विस्फोटक हालात होते हैं जो बदलाव करते हैं तथा बड़े बड़े नेता भी सत्ता होते हुए भी कुछ नहीं कर पाते। आज देश में भाजपा नेताओं नरेन्द्र मोदी और अमित शाह का मुकाबला करने की स्थिति में अन्य पार्टियों में भी कोई नेता नहीं है। राहुल को पीएम बनाने के लिए इंडिया गठबंधन में एकविचार नहीं है। ऐसी स्थिति में भाजपा चल रही थी लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी ने स्थितियों को और आम धारणा को बदलने को विवश कर दिया है। यह अचानक का परिवर्तन आगे क्या करेगा? यह भय भाजपा के लोगों को लग रहा है।० चित्र साभार।
दि. 23 मई 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 62 वां वर्ष.
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356.
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गुरुवार, 21 मई 2026
ईओ पद के लिए लायक नहीं पूजा शर्मा. मूल पद राजस्व अधिकारी है. कौन बचा रहा है? कुछ होगा जरूर.
* स्पेशल रिपोर्ट:करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 21 मई 2026. नगरपालिका सूरतगढ़ में अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा ड्युटी के प्रति लापरवाह और भ्रष्टाचारों के आरोपों से घिरी होने तथा अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा को नियम विरुद्ध प्रमोशन देने के भ्रष्टाचार में फंसी हुई है जो अधिशासी अधिकारी पद के लायक ही नहीं है। पूजा शर्मा का मूल पद राजस्व अधिकारी का है। अधिशासी अधिकारी कम होने के कारण स्वायत्त शासन विभाग ने पूजा शर्मा को इस पद पर लगाया। पूजा शर्मा ने सूरतगढ़ नगरपालिका में रहते हुए भ्रष्टाचार और नियम विरुद्ध कार्य कर,डिमांड नोट,विभिन्न मामले और शिकायतें दबाकर सरकारी कोष को होने वाली लाखों रूपये की आय को वसूल नहीं करके नगरपालिका को हानि और लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाया है। नगरपालिका की करोड़ों रूपये की जमीनों पर अतिक्रमणों को ध्वस्त नहीं किया जहां माफियाओं को लाभ पहुंचाया। अनेक लोगों को नोटिस दिए और बाद में उन पर कार्वाई नहीं की ओर नगरपालिका का रूपया वसूल नहीं किया। हरेक नोटिस से लाखों रूपये और सभी से करोड़ से अधिक रूपया वसूला नहीं गया। समाचार और शिकायतों के बाद भी ऐसी बड़ी रकमें वसूल नहीं करना भूल नहीं यह खुला भ्रष्टाचार है जो ईओ पूजा शर्मा ने यहां किया। यहां दस से अधिक होटल निर्धारित ऊंचाई 2 मंजिल से अधिक 3,4,5 मंजिलों के अवैध बन बन गये और कुछ अभी निर्माणाधीन है आरोप है कि इनको रोका नहीं गया और नगरपालिका के स्टाफ ने अपने घर भरे और नगरपालिका को एक करोड़ से अधिक का नुकसान कर दिया जिसकी शिकायतें होने पर भी ईओ पूजा शर्मा ने निरीक्षण भी नहीं किया और न निर्माण सीज किए। नगरपालिका की जमीनों पर अतिक्रमण और मार्केट, शोप आदि बन गये जिनको रोका नहीं बल्कि उचंती सबकुछ कर लिया गया। पूजा शर्मा यहां नगरपालिका के ईओ आवास में नहीं रहकर अपने पीहर आवास में निवास किया हुआ है जिसके आगे सड़क पर अतिक्रमण कर लिया जिससे सड़क में अवरोध होगया व संकड़ी हो गई। वहीं अन्य लोगों के घरों के दरवाजों के आगे बने स्लोपों को तुड़वाया ताकि खुदकी कार वहां घर तक पहुचे और वापस निकले। पूजा शर्मा ने लाखों रूपयों के अनेक निर्माण कार्यों को कराने की निविदाएं प्रकाशित कराई जो काम पूर्व में कराए हुए हैं। इनकी शिकायत भाजपा के नेता बाबूसिंह खीची ने जिलाकलेक्टर व उपखंड अधिकारी को की हुई है। यह बड़ा घोटाला है। अनेक सड़क नाली पुलिया सही हालत के दुबारा बनवाए गये और अनेक इंटरलॉकिंग सड़कों की सही हालत की टाईलें उखाड़ कर दुबारा बनाने के कार्यों पर लाखों रूपये का दुरुपयोग हुआ और कमीशन की बांट हुई। ईओ पूजा शर्मा ने यहां नगरपालिका में 20 फरवरी 2024 को ईओ पद पर ड्युटी जोईन की और लगातार घोटाले किए लेकिन जनता के काम नहीं किए। लोगों की बहुत शिकायतें हैं। ईओ पूजा शर्मा ने आय से अधिक संपत्तियां जमीनें आवासीय कृषि आदि बनाई है जो एसीबी जांच होगी तो सभी उजागर होंगी।
ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचारों को लेकर हर जगह भाजपा राज की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लोग कोस रहे हैं जिससे राज की बदनामी हो रही है तथा आने वाले नगरपालिका चुनावों में इसका दुष्प्रभाव सरकार को झेलना पड़ेगा। सूरतगढ़ के विकास और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की सफलता के लिए पूजा शर्मा को जांच से पहले सस्पेंड कर हटाने कीऔर मूल पद पर करने के आदेश जारी हो तो भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का नारा भी सफल हो सकेगा। ०0०
बुधवार, 20 मई 2026
प्रशासन में यह मनमर्जी नहीं चल सकती.सूरतगढ़ का क्या होगा बरसात में?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 20 मई 2026.
प्रशासन में अधिकारियों की मनमर्जी नहीं चल सकती। अधिकारी न मनमर्जी से काम निपटा सकते हैं न महीनों तक पेंडिंग रख सकते हैं और न डस्टबिन में डाल सकते हैं। नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली में यह सब किया जा रहा है। यहां दो अधिकारी हैं। अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा और प्रशासक उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा हैं।
* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान यहां दम तोड़ गया क्योंकि यहां दोनों अधिकारी सरकार के निर्देशों का सही सही पालन नहीं कर रहे। सड़कें नाले नालियां एक दम साफ होने चाहिए यह मुख्य माणक है लेकिन यहां तो बार बार की मांग,प्रदर्शन,ज्ञापन के बाद भी महीने निकल गये। दोनों अधिकारियों ने निरीक्षण नहीं किये। पिछले वर्ष 2025 में आई विपदाओं से और नालों में गिरने से हुई मानव मौतों से ही सीख ले लेनी थी। यह सीख भाजपा नेता नेतियों को तो जरूर लेनी चाहिए थी कि इनकी लापरवाही अनदेखी से अधिकारी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे और मोदी जी का स्वच्छ भारत अभियान फेल हो रहा है। शहर की हर वार्ड की सड़कें गलियां और कीचड़ भरे नाले नालियां गवाह हैं। जीवित आदमी, नेता,मीडिया झूठ बोल सकता है लिख सकता है अपना मुंह बंद रख सकता है लेकिन निर्जीव सड़कें और नाले नालियां तो सच्च प्रदर्शन करते हैं।
* आवासन मंडल पुरानी कालोनी के सड़कों के अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए और उसके बावजूद ईओ पूजा शर्मा ने हटाने की कार्वाई नहीं की। पिछले वर्ष बरसात में आवासन मंडल के अनेक आवासों में पानी भर गया था और सड़कें काफी दिन डूबी रही थी। इसबार सड़कों के अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर फिर बुरी हालत होगी। इनमें वे लोग भी परेशान होते हैं जिनके सड़कों पर अतिक्रमण नहीं हैं।
* गौरव पथ बीकानेर रोड के दोनों ओर के नालों पर से न अतिक्रमण हटाए न उनकी सफाई हुई। बीकानेर रोड के नालों की सफाई कराने की मांगें अनेक बार हुई। मुख्यमंत्री तक हुई और ईओ ने जिद्द पकड़ ली है कि नालों की मांग होती है वे सफाई करनी नहीं है। बाजारों के सभी नाले कचरे से भरे पड़े हैं। मोहल्लों में भी नाले जाम हैं। ईओ की मुख्य ड्युटी है जिसका वे पालन नहीं कर रही। नगरपालिका के प्रशासक उपखंड अधिकारी भरत जय प्रकाश मीणा को भी निरीक्षण करना चाहिए लेकिन वे भी पीएम के स्वच्छ भारत अभियान को सफल करने में एक्टिव नजर नहीं आते। उनको जितने भी ज्ञापन लोगों ने पार्टियों ने दिए उन पर कोई कार्वाई नहीं हुई। नगरपालिका ईओ कार्वाई नहीं कर रही है तो एक्शन ले सकते हैं और जिलाकलेक्टर को भी संपूर्ण रिपोर्ट कर सकते हैं। ईओ के विरूद्ध कोई भी एक्शन लेने में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को हिचक क्यों है? इन दोनों अधिकारियों की अनदेखी और बड़ी लापरवाही से बरसात में सूरतगढ़ का क्या होगा? यह भाजपा को जानने की फुरसत नहीं है लेकिन लोगों को आने वाली आफत से अपने घर दुकानों के बारे में सोचना चाहिए। यदि जानलेवा दुर्घटनाएं हो गई तब क्या होगा और प्रशासक व ईओ कितने जिम्मेदार होंगे?०0
सोमवार, 18 मई 2026
ईओ पूजा शर्मा निवास का अतिक्रमण. सूरतगढ़ एसडीएम तुड़वाए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 18 मई 2026.
नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने अभी कुछ दिन अतिक्रमण हटाने तोड़ने का कार्यक्रम चलाया। लाऊडस्पीकर से लोगों को सूचना दी गई कि जिलाकलेक्टर महोदय के आदेश से यह किया। इस कार्यक्रम में शहर के अनेक अतिक्रमण हटाए जुर्माना भी लगाया मगर ईओ पूजा शर्मा के निवास के आगे गली में किया खुद परिवार का अतिक्रमण नहीं हटाया। यह अतिक्रमण आज भी मौजूद है।यह घोर निंदनीय है कि करीब एक साल पहले ईओ ने अपने निवास की गली के दूसरे लोगों के स्लोप तुड़वाए ताकि ईओ की कार आ जा सके। लोगों ने एतराज किया तो उनको धमकियां दिलवा दी कि बोले तो छज्जे भी तुड़वा दिए जाएंगे।
जिलाकलेक्टर के आदेश से अतिक्रमण हटाने सफाई करने का कार्य था तो शहर के अनेक सड़कों के अतिक्रमण क्यों नहीं हटाए गये।
* बीकानेर रोड ,रेलवे रोड,के नालों के अतिक्रमण नहीं हटाए न नाले साफ किये। ईओ पर घोटालों के अनेक आरोप हैं।
* आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमण नहीं हटाए गए जिनको नोटिस भी दिए गए थे। आवासन मंडल कालोनी के 58 मकान मालिकों को 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए जिनमें 3 दिन में अपने अपने अतिक्रमण हटा लेने व बाद में नगरपालिका द्वारा हटा दिए जाने की चेतावनी थी।
ईओ पूजा शर्मा ने चेतावनी अवधि बीतने जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए। सवा महीने से अधिक बीत गया। उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा नगरपालिका के प्रशासक हैं उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में सफाई और सड़कें साफ होने व अतिक्रमण हटाने पर स्वयं निरीक्षण कर कार्वाई करानी चाहिए। प्रशासनिक दायित्व भी है।
👍ईओ पूजा शर्मा के निवास के आगे के अतिक्रमण बाबत मुख्यमंत्री को शिकायत हुई है जो नगरपालिका में पूजा शर्मा के पास ही काफी दिनों से पेंडिंग पड़ी है। समय अवधि में इसका निस्तारण नहीं होने पर यह शिकायत उपनिदेशक, स्वायत्त शासन विभाग बीकानेर को गई। उपनिदेशक ने इसको निस्तारण करने का आदेश देकर ईओ नगरपालिका सूरतगढ़ को वापस भेज दिया। अब प्रशासन उपखंड अधिकारी का पूर्ण दायित्व है कि यह अतिक्रमण अपनी देखरेख में तुड़वाए। उपखंड अधिकारी शायद नोडल अधिकारी भी हैं और उनकी हरतरह से जनता के हित की ड्युटी है।०0०
०0०
रविवार, 17 मई 2026
सूरतगढ़ में स्वच्छ भारत अभियान में बाधा क्यों? क्या कासनिया ने सभी की ताकत छीन ली?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 17 मई 2026.
सूरतगढ़ में स्वच्छ भारत अभियान में बाधा क्यों हैं? बरसात से पहले करो कराओ जो शहर को बचाए।
रेलवे रोड, गौरव पथ के और निकासी के नाले साफ क्यों नहीं किए जाते?
आवासन मंडल सड़क अतिक्रमण क्यों नहीं हटते?
ईओ पूजा के निवास का सड़क अतिक्रमण क्यों है?
* भाजपा वाले उत्तर दें.*
नगर अध्यक्ष गौरव बलाना एवं कार्यकारिणी, जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, स्थानीय जिला पदाधिकारी,पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया,पूर्व विधायक अशोक नागपाल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष आरती शर्मा,पूर्व नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा और महामंत्री लालचंद शर्मा व कार्यकारिणी।
👍 स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संपूर्ण भारत में एक निर्देश है और राजस्थान में भाजपा सरकार का प्रशासन का आदेश है।
भाजपा के ये नेता नेतियां बताएं कि यह मिशन आपने सभी ने फेल क्यों कर रखा है? इस मिशन में सड़कें नाले नालियां एकदम साफ होने चाहिए फिर सूरतगढ़ में सभी मोहल्लों में भी हालात बिगड़े हुए क्यों हैं?
यहां न कांग्रेस का राहुल है, न टीएमसी की ममता बनर्जी है, न आप के अरविंद केजरीवाल है। यहां बाधा कौन डाल रहा है?
सारे शहर में घूम कर देखलो कि नगरपालिका प्रशासन ने शहर का सत्यानाश कर दिया है। अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा एक की जिम्मेदारी है। ईओ पूजा शर्मा, कम्प्यूटर आपरेटर दोनों मिल कर स्वच्छ भारत अभियान की मांग,परिवाद पर निस्तारण का झूठा जवाब दे देते हैं। एक ईओ काम नहीं करे और भाजपा के सभी नेता मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान को फेल होता देखते रहें। ईओ का ट्रांसफर नहीं हालात और भ्रष्टाचार आरोपों पर जवादेह जांच के लिए सस्पेंड करवाएं।
👍 पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया ईओ पूजा शर्मा को हटवाना न चाहे लेकिन बाकी सभी मोदी अभियान पर ईओ के विरुद्ध कार्वाई कराएं। केवल कासनिया होने नहीं देता की चर्चा से तो बात नहीं बनती। सभी में कुछ ताकत है या सभी ताकत हीन है। क्या कासनिया ने सभी की पावर भी छीन ली है?
कोई एक भी मुंह खोलना बोलना शिकायत करना चाहता है तो आगे आकर जिलाकलेक्टर, मुख्यमंत्री को सब सच्च सच्च लिखे और जनता को भी बताए।
👍 शहर को साफ सुथरा देखने और रखने का दायित्व कांग्रेस का भी है। विधायक डुंगरराम गेदर और सूरतगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया और नेता पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु भी शहर का भ्रमण कर देखलें उसके बाद निकम्मे प्रशासन को हटवाएं। केवल धरना आंदोलन आदि की कागजी चेतावनी से कुछ नहीं होने वाला। ये चेतावनियां पांच दस दिन बाद झूठी साबित हो जाती है।
👍 वे जो आगे नगरपालिका चुनाव लड़ना चाहते हैं उनमें जो जांबाज है शहर को साफ सुथरा भ्रष्टाचार मुक्त बनाना चाहते हैं वे भी अभियान चलाएं।
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शुक्रवार, 15 मई 2026
सूरतगढ़.शराबबंदी की चर्चा भी खत्म हुई.लोग पूजा छाबड़ा को भूलने लगे.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 15 मई 2026.
गुरूशरण छाबड़ा ने राजस्थान में संपूर्ण शराबबंदी की मांग के लिए प्राण त्याग दिए लेकिन उनके कर्म क्षेत्र सूरतगढ़ में अब शराबबंदी की चर्चा भी नहीं है। सन् 2023 की शुरुआत से शराबबंदी की चर्चा खत्म होने लगी और अब पूर्ण शून्य हो चुकी है।
गुरूशरण छाबड़ा सन् 1977 में सूरतगढ़ से विधायक चुने गये थे और ईमानदारी व सही निर्णय करने के मामलों में लोकप्रिय रहे। उनके नाम से सूरतगढ़ में एक राजकीय महाविद्यालय और एक राजकीय माध्यमिक विद्यालय चल रहे हैं। उनकी प्रतिमा राजकीय उप जिला चिकित्सालय के पास लगी है जहां उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर अब गिनती के लोग एकत्रित होते हैं। वहां शराबबंदी मांग में प्राण त्याग करने के वक्तव्य होते हैं जो कार्यक्रम समाप्ति के बाद आगे याद भी नहीं किए जाते। शराबबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरूशरण छाबड़ा की पुत्रवधु पूजा छाबड़ा ने यहां शराबबंदी कार्यक्रम शुरू किए थे लेकिन लोकसभा चुनाव सन् 2024 से पहले वे भारतीय जनता पार्टी की सदस्य बन गई। इन पर कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी होने की छाप लगी हुई है। सन् 2023 में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले लोग मानने लगे थे कि पूजा छाबड़ा भाजपा या कांग्रेस की टिकट ला सकती है लेकिन किसी भी पार्टी से ऐसा नहीं हुआ। कुछ लोगों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू की लेकिन उसमें तो बहुत ताकत की जरूरत होती। जब राजनीति में विधानसभा चुनाव लड़ने की सोच शुरू हुई तब शराबबंदी कार्यक्रम यहां खत्म हो गये। भाजपा में सदस्यता लेने के बाद स्वतंत्र अस्तित्व नहीं रहता। पूजा छाबड़ा के शराबबंदी कार्यक्रम पहले ही बंद हो गये थे। अब तीन साल से सूरतगढ़ में शराबबंदी कार्यक्रम नहीं हुए। लोगों को जोड़े रखने के लिए लगातार कार्यक्रम हों लेकिन वह स्थिति नहीं रही। पूजा छाबड़ा का जयपुर में अधिक और सूरतगढ़ में यदाकदा रहने से भी लोगों का जुड़ाव खत्म होता गया। अरोड़ वंश समुदाय में पूजा छाबड़ा को कुछ माना जाने लगा और लोग भावी विधायक की तस्वीर देखने लगे। अब ऐसी स्थिति नहीं है। भाजपा में प्रवेश से पहले निश्चय ही पूजा छाबड़ा को बड़ा माना जाता था लेकिन अब भाजपा में सबसे नीचे के स्तर नगरमंडल में सदस्य हैं। इस स्तर से ऊंची उड़ान में किसी राजनैतिक पद के मिलने की भी चर्चा नहीं हो रही। पूजा छाबड़ा के भाजपा में सदस्य बनने के बाद शराबबंदी कार्यक्रम यहां खत्म हो गये। राजस्थान की भाजपा सरकार शराब को बंद करने की नीति वाली नहीं है।शायद इस कारण से पूजा छाबड़ा भी शराबबंदी कार्यक्रम नहीं कर रही। पूजा के जयपुर में अधिक रहने से सूरतगढ़ भाजपा में पूजा छाबड़ा से अधिक ताकतवर चेहरे दिखाई देने लगे हैं जिनमें कुछ बीसियों सालों से है। अरोड़वंश समुदाय में जो ताकत बनी थी वह भी सूरतगढ़ में कम रहने से कम हुई है। पूर्व विधायक अशोक नागपाल के साथ पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा राजनैतिक रूप में अरोड़ा समुदाय में ताकतवर थे। अब एकदम से ऊंचाई पर सुनील कुमार छाबड़ा भी आ गये। सुनील छाबड़ा पश्चिम बंगाल चुनाव में एक माह तक भवानीपुर सीट पर काम करने और खतरनाक क्षेत्रों में भाजपा का संपर्क अभियान चलाने वाले रहे। भवानीपुर सीट पर टीएमसी की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पराजय और वहां से जीतने वाले सुधेंदु का मुख्यमंत्री बनने से सुनील छाबड़ा भाजपा में और अरोड़वंश समुदाय में ताकत बन गये। सुनील छाबड़ा और उनकी पत्नी काजल छाबड़ा भाजपा में व अरोड़ा समुदाय में लोकप्रिय हैं। राजनैतिक हालात सूरतगढ़ में तेजी से बदल गए हैं। इन बदले हालात के हिसाब से ही लोग चलेंगे यह एक प्रचलित नियम है। सूरतगढ़ में नयी परिस्थितियां बन गई हैं। भाजपा के राज में सूरतगढ़ में अब लोग कुछ नया चाहते हैं जिसमें शराबबंदी नहीं है।
पूजा छाबड़ा की राजनीतिक दौड़़ में शराबबंदी कार्यक्रम बंद हुए और अब कहीं चर्चा भी नहीं है।०0०
58 लोगों के अतिक्रमण हटाने में प्रशासन नाकाम क्यों? सूरतगढ़ आवासन मंडल कालोनी अतिक्रमण.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 15 मई 2026.
सड़क जनता की है और उस पर चलने का अधिकार केवल जनता को है लेकिन सूरतगढ़ में 58 लोगों ने सूचना दिए जाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाकर नगरपालिका प्रशासन को चुनौती दी है। ये 58 लोग शहर की आबोहवा को बिगाड़ने वाले हैं।
नगरपालिका प्रशासन ने आवासन मंडल पुरानी कालोनी के 58 मकान मालिकों को 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए कि 3 दिन में अपने अतिक्रमण हटालें। इस अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाए गए तो नगरपालिका प्रशासन अतिक्रमण हटाएगा। एक माह से अधिक समय बीत गया लेकिन नोटिस देकर भी नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी ने आगे कार्वाई नहीं की जिससे प्रशासन की हंसी उड़ रही है। नगरपालिका में प्रशासक पद पर उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा और अधिशाषी अधिकारी पद पर पूजा शर्मा हैं जो जवाब देह हैं और इनकी जिम्मेदारी बनती है।
पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में सड़कें साफ होनी चाहिए लेकिन यहां अभियान को अधिकारी ही ठप्प कर रहे हैं। आवासन मंडल कालोनी पुरानी में सड़क अधिकार की भूमि पर अतिक्रमण हैं। नगरपालिका प्रशासन किसी के घर को नहीं तोड़ रही जिसके लिए पूर्व सूचना दे। नगरपालिका को सड़कों के अतिक्रमण हटाने हैं जिसके लिए नोटिस एक मजाक बन कर रह गये हैं। आम जनता को बताया नहीं जा रहा कि शहर में अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं तब आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमण हटाने की कार्वाई क्यों नहीं हो रही। जैसे शहर में जुर्माना वसूली और अतिक्रमण हटाओ कार्वाई चल रही है वैसे ही नोटिस तारीख से जुर्माना वसूली भी अतिक्रमण हटाने के साथ हो। आवासन मंडल में अतिक्रमण कारियों से वे पड़ोसी परेशान हैं जिनके अतिक्रमण नहीं है तथा उनके घर पीछे दब रहे हैं। नगरपालिका प्रशासन पर कोई दबाव है या कोई कारण है तो वह आम जनता को बताया जाना चाहिए। नगरपालिका प्रशासन द्वारा 58 अतिक्रमणकारियों की सूची प्रकाशन के लिए मीडिया को तुरंत दी जानी चाहिए। अतिक्रणकारियों के नाम आम पब्लिक को मालुम होने चाहिए कि ये लोग शहर की स्वच्छ आबोहवा को बिगाड़ने वाले हैं।०0०
बुधवार, 13 मई 2026
सूरतगढ़:भवानी सिंह पंवार होंगे अतिरिक्त जिला कलेक्टर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 13 मई 2026.
राजस्थान प्रशासनिक सेवाओं के स्थानांतरण हुए हैं। यहां अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के पद पर भवानीसिंह पंवार को लगाया गया है। पंवार हनुमानगढ़ में राजस्व अपील अधिकारी के पद से सूरतगढ़ लगाए गये हैं। यहां एसडीएम रह चुके हैं।
यहां से एडीएम दीनानाथ बब्बल को समेकित बाल विकास सेवा जयपुर लगाया गया है। बब्बल जयपुर से आए और जयपुर ही भेजे गए हैं।
187 आरएएस अधिकारियों के हुए तबादले हुए हैं।०0०
मंगलवार, 12 मई 2026
अनु.जाति का हक मारकर ईओ पूजा शर्मा ने भाभी का प्रमोशन किया. बड़ा प्रमाण और मिला. लेटेस्ट.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 12 मई 2026.नगरपालिका में ईओ पूजा शर्मा ने अपनी भाभी सफाईकर्मी बबीता शर्मा का प्रमोशन किया,जिसके लिए षड़यंत्र रचा और अनुसूचित जाति के कर्मियों का हक मारने में असली रिकॉर्ड की गलत फर्जी रिकॉर्ड नोट बनाया। यह घोटाला मामला अनेक बार छपा है लेकिन आज नया तथ्य सामने आया कि ईओ पूजा शर्मा ने नगरपालिका बोर्ड को पहले तो अंधेरे में रखा और फिर बोर्ड की बैठक की रिपोर्ट में षड्यंत्र रचकर प्रस्ताव स्वीकृति के निर्णय में सफाई कर्मियों के नाम नहीं होने के बावजूद अपनी भाभी बबीता शर्मा का प्रमोशन कर दिया। भाभी को अनुचित पदलाभ व आर्थिक लाभ देकर नगरपालिका से धोखा किया व कोष को हानि पहुंचाई।
* षड़यंत्र कैसे रचा?
28 अगस्त 2024 को बोर्ड की बैठक हुई जिसमें प्रस्ताव नं 8 में सफाई शाखा कर्मियों के प्रमोशन का लिखा। नाम नहीं लिखे। नाम लिखे जाते तो भेद खुल जाता। बैठक में प्रस्ताव पढा गया लेकिन नाम चर्चा में भी नहीं बताए गये।
नगरपालिका बोर्ड बैठक की कार्यवाही ईओ द्वारा लिखी जाती है। उसमें स्वीकृति 'निर्णय' महत्वपूर्ण तथ्य होता है। ईओ ने षड्यंत्र तो रचा लेकिन निर्णय में प्रमोशन किए जाने वाले कर्मियों के नाम चूक गई। यानि अपनी भाभी व अन्य के नाम निर्णय में लिखने की बड़ी चूक हो गई। निर्णय में नाम नहीं लिखे गए मगर प्रमोशन कर दिए कि रिकॉर्ड कौन देखता है और खोजबीन के लिए पीछा कोई नहीं करता।
भाभी बबीता शर्मा सफाई कर्मचारी तो लगी लेकिन कभी सफाई के काम पर नहीं लगाई गई। कभी कोई अधिकारी बबीता शर्मा के हाथ में झाड़ू न पकड़ादे इसलिए ईओ ने षड़यंत्र रच कर जमादार पद पर प्रमोशन कर दिया। इसमें अनुसूचित जाति के सफाई कर्मी का हक मारा। बबीता शर्मा के प्रमोशन पर कोई आवाज न उठाए इसके लिए मनोज धौल और मनीन्दर सारसर का प्रमोशन भी कर दिया। ये दोनों अलग अलग युनियनों के लीडर हैं। ये दोनों अवैध प्रमोशन पाकर चुप हो गये। इन सभी प्रमोशन में वरिष्ठता में आगे रहे अनुसूचित जाति के सफाई कर्मचारियों का हक मारा गया। कर्मचारियों में यह भय प्रचारित किया गया कि किसी ने मुंह खोला तो नौकरी से निकाल दिए जाएंगे।
* सभी नेता नेतियां,अनुसूचित जाति संघों के नेता पदाधिकारी, मीडिया अपने स्वार्थों के कारण सब जानते हुए, समाचारों के सामने आने के बावजूद शर्मनाक चुप्पी में हैं।
* मामला प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचा है। यह घोटाला तथ्यों से प्रमाणित है इसलिए जिस समय भी एसीबी या विभागीय जांच होगी तब नौकरियां बचाना मुश्किल होगा।
👍 नगरपालिका बोर्ड बैठक के तत्कालीन अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ( अनुसूचित जाति ) का दायित्व बनता है कि इस प्रकरण में सही तथ्यात्मक सूचना रिपोर्ट उचित कार्वाई के लिए सरकार को भेज कर अनुसूचित जाति के साथ किए अनुचित व्यवहार कार्य को निरस्त करवाए और दोषियों को दंडित करवाए।
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