सूरतगढ़.पानी निकासी की पाईपलाईन डालने में लापरवाही भरा निर्माण. भविष्य की आफत.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 31 मई 2026. मुख्य बाजार, बसंत विहार आनंद विहार कालोनी क्षेत्र से गंदा और बरसात का पानी निकास के लिए खुले नाले के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब पानी निकास की व्यवस्था के तहत भूमिगत सीमेंट पाईप लाईन डालने का कार्य चल रहा है। बसंत विहार के पास से डाले गए पाईपों के बीच चैम्बर बहुत छोटे बनेंगे। दो ढाई फुट के चौड़ाई वाले चैम्बर से भविष्य में सफाई कैसे होगी? चैम्बर 6 गुणा 6 फुट या 8गुणा 8 फुट के होने से सफाई आदि में दिक्कत नहीं होती लेकिन पाईपों के बीच छोड़ी गई जगह से लगता है कि चैम्बर अत्यधिक छोटे बनेंगे। शाम को साढे सात बजे इस निर्माण फर जेसीबी से खुदाई चल रही थी। कुछ पहले डाले गए पाईपों के फोटो से अनुमान लग जाता है कि चैम्बर किस साईज के बन पाएंगे? काम भूमिगत है इसलिए काम के वक्त हर वक्त इंजीनियर मौके पर होना चाहिए। जो पाईपलाईन डाली जा रही है उसके लेवल की चैकिंग भी हर समय होनी चाहिए जो नहीं थी। जो लोग देख रहे हैं उनका मानना है कि निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है जो आगे खतरनाक आफत होगी। नगरपालिका बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ईंजीनियर बनवारीलाल मेघवाल का निवास बसंत विहार कालोनी में है और उन्होंने पाईप कार्य को लापरवाही भरा माना है। अभी गड़बड़ी को सुधारा नहीं गया तो लाखों रूपये बेकार हो जाएंगे।






खुला नाला अवरुद्ध हो तो तुरंत सफाई में परेशानी नहीं होती मगर भुमिगत पाईपलाईन में अवरोध हुआ तो सफाई में परेशानी होगी। अभी यह निरीक्षण अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा और प्रशासक भरतजयप्रकाश मीणा को ईंजीनियर के साथ कर लेना चाहिए। ०0०