मंगलवार, 30 जून 2026
सोमवार, 29 जून 2026
सूरतगढ़ की राजनीति में राहुल लेघा की बढी ताकत. सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र 2026. लेटेस्ट रिपोर्ट.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ विधानसभा क्षेत्र में युवा चेहरे राहुल लेघा का ग्रामीण इलाकों में बढ रहा प्रभाव और शहर में राजनीतिक चर्चा बढ रही है वह अन्य नेताओं को पीछे छोड़ रही है। कुछ नेताओं का घटनाओं पर अचानक प्रगट होना और कुछ की राजनीतिक फाईलें जनता में बंद होने की स्थिति में नया चेहरा राहुल लेघा राजनीति और सामाजिक कार्यों में पारिवारिक पृष्ठभूमि की सक्रियता से लगातार आगे नजर आ रहा है।
* राहुल लेघा को भारतीय जनता युवा मोर्चा राजस्थान का प्रदेश मंत्री बनाए जाने के बाद से सूरतगढ़ की राजनीति में हलचल हुई है। यह हलचल राहुल लेघा की ओर आकर्षित कर रही है।
* विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा प्रत्याशी रामप्रताप कासनिया की हार की राजनैतिक समीक्षा यह रही कि लोग कासनिया को लगातार दुबारा सही नहीं मान रहे थे। (* उस समय जाट वर्ग का विरोध नहीं था। कासनिया का विरोध था। अभी भी इस वर्ग का कोई विरोध नहीं है। )
राहुल लेघा 2023 में भी दावेदार थे। आगामी विधानसभा चुनाव 2028 में राहुल लेघा को प्रत्याशी बनाए जाने का पक्ष अधिक मजबूत होगा। यह अभी आभास होने लगा है। विधानसभा चुनाव 2028 की चर्चा काफी पहले 2026 में करने का सीधा मतलब है कि हमारी राजनैतिक स्पर्श की नजर लगातार आम लोगों की गतिविधियों पर है। जो दिखाई दे रहा है वह लिखा जा रहा है। राजनीति में लगातार सक्रियता और लोगों से संपर्क भी लगातार रखना जरूरी होता है। यह स्थिति कायम रखना राहुल लेघा और उनके समर्थकों के लिए बहुत जरूरी है। राजनीति में हर कदम संभल संभल कर रखना होता है,यह पूरा परिवार अच्छे रूप में जानता है।
* सूरतगढ़ में राहुल लेघा को अपनी टीम में नये उत्साही लोगों को रखना होगा। बुझे और निरुत्साहित लोगों का संपर्क गति में तेजी नहीं रखता।
👌 राहुल लेघा पर करणी प्रेस इंडिया पर एक विशेष रिपोर्ट. 28 फरवरी 2022 को दी गई थी। वह रिपोर्ट यहां एक बार फिर बिना किसी संशोधन के दी है। यह रिपोर्ट करणी प्रेस इंडिया पर अभी भी मौजूद है।
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ सीट पर बुजुर्गों की कई साल की राजनीति के चलते पिछले दो-तीन साल से लगातार मांग उठ रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2023 में नया चेहरा हो युवा चेहरा हो।
इस मांग को पूरा करने के लिए पारिवारिक राजनैतिक पृष्ठभूमि और इलाके की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले लेघा परिवार से भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट मांगेंगे राहुल लेघा सुपुत्र महावीर लेघा। 26 वर्षीय राहुल लेघा इस समय पंचायत समिति सूरतगढ़ के रघुनाथपुरा गुडली इलाके से डायरेक्टर हैं।
राहुल लेघा के दादा चंदू राम लेघा पंचायत समिति सूरतगढ़ में योग्य और प्रसिद्ध प्रधान रह चुके हैं।
*भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार युवा चेहरे राहुल लेघा के बारे में पहले बात करें।*
राहुल लेघा भारतीय जनता पार्टी के अग्रिम संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य रहते महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर से 2014-15 में छात्र संघ अध्यक्ष रहे।
उच्च शिक्षित राहुल लेघा माइनिंग में बीटेक करने के बाद हिंदुस्तान जिंक में जिंक में 2015 से 2019 तक सर्विस में रहे। क्षेत्रीय राजनीति में प्रवेश करने के लिए 2019 में नौकरी छोड़ कर इलाके में युवाओं की टीम के संग राजनीति और सामाजिक कार्यों में उत्तरे। पंचायत समिति सूरतगढ़ के 2022 के चुनाव में एक महत्वपूर्ण इच्छा को लेकर चुनाव लड़ा और डायरेक्टर चुने गए। राहुल लेघा इलाके के विकास को लेकर बहुत बड़े सपने संजोए हुए हैं और वे सपने विधानसभा क्षेत्र तक पूरे करने के इरादे हैं।
* हम आते हैं परिवार की राजनीति और वर्तमान स्थिति पर*
चंदू राम लेघा इस समय करीब 72 साल की उम्र में भी राजनीतिक लोकप्रियता प्राप्त किए हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी में एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। यह पहचान उनके विगत पदों और कार्यों के कारण स्थाई बनी हुई है। इनके पौत्र राहुल लेघा सूरतगढ़ पंचायत समिति के डायरेक्टर चुने गए। इन्हीं के 1 पुत्र राजेंद्र लेघा नगर पालिका श्रीबिजयनगर के अध्यक्ष हैं।
एक पुत्र धनराज लेघा जोधपुर हाईकोर्ट में वकालत करते हुए वापस ग्रामीण क्षेत्र में लौटे और रघुनाथपुरा गांव में श्री कृष्ण गौशाला में अध्यक्ष के रूप में गौ सेवा में लगे हैं। चंदूराम लेघा की एक खासियत रही है। उन्होंने गौ सेवा के लिए भी दान देने में कमी नहीं रखी। गौशाला निर्माण के वक्त 21 लाख रुपए दान दिए। अब 6 फरवरी 2022 को 11लाख रुपए फिर दान दिए। इलाके में गोवंश रक्षक के रूप में भी एक ख्याति बनी हुई है।
* राहुल की भाजपा टिकट की दावेदारी में दादा की राजनीति और इलाके की सेवा *
राहुल लेघा भाजपा की टिकट के लिए जो प्रबल दावेदारी कर रहे हैं,उसमें पारिवारिक जनसेवा और राजनीतिक पहचान बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
दादा चंदू राम जी लेघा (सुपुत्र भारूराम जी लेघा) का जन्म 4 अप्रैल 1949 को हुआ। हायर सेकेंडरी करने के साथ ही वे अपने ग्रामीण क्षेत्र में में कार्य में आगे निकले। 1973 से 1982 तक रघुनाथपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष पद पर रहे। 1989 में तिलहन उत्पादक सहकारी समिति रघुनाथपुरा के अध्यक्ष रहे और 1992 में तिलम संघ बीकानेर के अध्यक्ष रहे।
1982 से 1988 तक गोविंद सर ग्राम पंचायत के उपसरपंच रहे और 1981 से 92 तक यहां सरपंच रहे।
1989 से 3 वर्ष तक कृषि उपज मंडी समिति सूरतगढ़ के अध्यक्ष भी रहे।
**1995 से 2000 तक पंचायत समिति सूरतगढ़ के प्रधान रहे। यह प्रधानगी इलाके में सादगी के रूप में कार्य के रूप में प्रसिद्ध रही। आज तक लोग चंदू राम लेघा के प्रधान कार्य काल का गौरवपूर्ण वर्णन करते हैं।
चंदू राम लेघा 20 सूत्री समिति,जिला अंधता निवारण समिति,जिला साक्षरता समिति के सदस्य रहे। सिंचित क्षेत्र विकास समिति बीकानेर के सदस्य रहे।
* इन सेवाओं के साथ में भारतीय जनता पार्टी के एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता और नेता के रूप में भी हर समय आगे रहे। 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी सूरतगढ़ के देहात मंडल के अध्यक्ष रहे। 2006 से 2008 तक कृषि उपज मंडी समिति के सदस्य रहे।2000 से पिछले कई सालों तक भाजपा श्रीगंगानगर जिला कार्यसमिति के सदस्य भी रहे।
सूरतगढ़ क्षेत्र में राजनैतिक व सामाजिक सेवा में इस परिवार की अग्रणी पहचान है। यह पहचान सेवा जानकारी और प्रसिद्धि सभी मिलाकर नये चेहरे युवा चेहरे राहुल लेघा की दावेदारी को मजबूत करते हैं। भाजपा में और इलाके में नया चेहरा और युवा चेहरा की मांग को भी पूरा करते हैं।०0०
👌 2023 में सूरतगढ़ सीट पर भाजपा और बसपा की टक्कर कांग्रेस के डूंगर राम गेदर से होगी यह माना जा रहा है। कांग्रेस डूंगर राम गेदर को टिकट देगी। इसकी 99 प्रतिशत संभावना है। गेदर कांग्रेस के नये चेहरे के रूप में उतारे जाएंगे।०0०
दि. 28 फरवरी 2022.
रिपोर्ट; करणीदानसिंह राजपूत,
०0०
रविवार, 28 जून 2026
रामप्रताप कासनिया की पावर नहीं चल रही.सामुदायिक भवन पशुओं का बाड़ा बना.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 28 जून 2026.
नगरपालिका सूरतगढ़ के क्षेत्र में रामदेव मंदिर रोड पर बना सामुदायिक भवन रामप्रताप कासनिया के फंड से बना,उनके द्वारा उदघाटन हुआ मगर शुरू नहीं हो पाया। इस सामुदायिक भवन की कार्यकारी एजेंसी ग्राम पंचायत 7एसजीएम थी। रामप्रताप कासनिया के विधायक काल में करीब 10 लाख रूपये से यह भवन बनाया गया। रामप्रताप कासनिया ने 27 सितंबर 2023 को उद्घाटन किया।
* रामप्रताप कासनिया के फंड से बना सामुदायिक भवन नगरपालिका संभालना नहीं चाहती। आखिर ऐसी कौनसी खामी या परिस्थितयां हैं कि रामप्रताप कासनिया नगरपालिका प्रशासन से यह सामुदायिक भवन शुरू नहीं करवा पाए और दो साल बीत गये। नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी पद पर 20 फरवरी 2024 से पूजा शर्मा है। ईओ पूजा शर्मा के कार्यकाल में यह भवन नष्ट हो रहा है। यह सरकारी धन से बना सामुदायिक भवन है। कासनिया जी की सब विभागों में चलती है। नगरपालिका में यह स्थिति क्यों है? रामप्रताप कासनिया के पुत्र संदीप कासनिया के सभी काम ईओ पूजा शर्मा कर रही है। लोगों को यह अजीब लग रहा है। अब संभावना लग रही है कि यह सामुदायिक भवन नया ईओ आने के बाद शुरू कराएगा।०0
शुक्रवार, 26 जून 2026
सूरतगढ़:नया ईओ आएगा तो शहर की गंदगी से चकराएगा.कहां आ गये नाम के भुलावे में?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 26 जून 2026.
नगरपालिका में नया ईओ आएगा तो शहर की गंदगी देखकर चकराएगा। बड़े नाम का बदबूदार शहर जिसकी साफ सफाई करने में महीनों लग जाएंगे। सबसे पहले कुछ दिनों में ही मिलेगी बरसाती पानी निकासी की समस्या जिसमें पानी में डूबती दिखाई देगी गली मोहल्ले की सड़कें और गलियां। लेकिन मुख्य बाजार में बुरे हालात। आखिर एक लाख के करीब जनता भरा यह शहर गंदे हालात में कैसे घिरा? कोई एक भी नहीं बोला और ईओ पूजा मनमानियों से ड्युटी करती रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के लिए ईओ पूजा शर्मा को हर कार्य दिवस पर शहर को देखना चाहिए था लेकिन शर्मा सवा दो साल के कार्यकाल में 10-15 बार ही निरीक्षण को निकली और ये निरीक्षण भी कुछ मिनटों के रहे। इस कारण स्वच्छ भारत अभियान यहां दो साल में गंदगी फैलाता अभियान बन कर रह गया। नगरपालिका की करोड़़ों रूपयों की जमीनों पर भूमाफिया और नेताओं की शह पर लोगों के अतिक्रमण हो गये तथा अनेक पर मार्केट काम्प्लेक्स बन गये,दुकानें बन गयी,अवैध होटल बन गये। ईओ पर भी आरोप है कि यह सब शह पर हुआ। नगरपालिका में घोटाले हैं और उनकी फाईलें मिलती नहीं है। स्थानीय निकायों के स्थानांतरण सोमवार 29 जून से किसी भी दिन होंगे। राजस्थान में स्थानांतरण 4 जुलाई 2026 तक होंगे। * यहां वार्ड नं 45 की गंदगी, गंदा पानी सड़कों पर है और इस तरह के हालात ही लगभग अन्य अधिकांश वार्डों के हैं। देखते हैं कौन आता है,सरकार किसको भेजती है?०0०
आपातकाल: शाह आयोग और कानसिंह समिति की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे. डर तो कांग्रेस को हो.
* करणीदानसिंह राजपूत *
इंदिरा गांधी ने अपनी सरकार अपना प्रधानमंत्री पद बचाने के लिए आपातकाल लगाया। 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक आपातकाल की अवधि में संविधान कुचल दिया, मूल अधिकार खत्म,अखबारों पर सेंसर और अनेक बंद,लाखों लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया। कुंवारों और बुड्ढों की जबरन नसबंदी कर दी गई थी। संपूर्ण भारत में अत्याचार हुए। अनेक नेताओं पर राष्ट्र द्रोह जैसे मुकदमे हुए। मीसा रासुका और सीआरपीसी के तहत गिरफ्तारियां हुई।
* लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में जनता पार्टी की सरकारें बनी। भारत सरकार ने आपातकाल के अत्याचारों के लिए शाह आयोग का गठन किया। राजस्थान सरकार में मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत ने जस्टिस कानसिंह की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया। शाह आयोग और कानसिंह समिति की रिपोर्ट सरकारों ने सार्वजनिक नहीं की। इन रिपोर्ट्स में आधिकारिक वर्णन है जो देश के सामने उजागर होने चाहिए। आपातकाल के 51 सिल बीत गये। केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार को ये सार्वजनिक करनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से और राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी मांगे हुई है कि ये रिपोर्ट्स सार्वजनिक हों। इनमें तथ्य हैं जो जनता के सामने आएं। आपातकाल का विरोध करने वाले,जेलों की यातनाएं सहने वाले भी पढ सकें। आपातकाल जेल बंदी 70 वर्ष से 95 की उम्र में हैं और परलोक जा रहे हैं। जो जीवित हैं वे पढ़ लें। आखिर इनके बस्तों में बंद रखने से फिर कौन पढेगा। किसको पढाने के लिए ये बस्तों मैं बंद है। इन रिपोर्ट्स के सार्वजनिक होने से तो कांग्रेस को डर होना चाहिए। ०0०
26 जून 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
लोकतंत्र सेनानी राजस्थान,
स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत आजीवन)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
( प्रकाशन कर सकते हैं।)
सूरतगढ़ गंगानगर के लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि 30 हजार रू.- सीएम भजनलाल शर्मा की घोषणा.
- करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 26 जून 2026.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि में वृद्धि की घोषणा की है। यह घोषणा 25 जून को की गई। इसी माह से 25 हजार रू.सम्मान राशि और 5 हजार रू. चिकित्सा भत्ता कुल 30 हजार रू. मिलेंगे। (तक अभी 20 हजार रू सम्मान राशि और 4 हजार रू. चिकित्सा भत्ता मिलता था). कांग्रेस राज इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री की ओर से इमरजेंसी लगाई गई। मूल अधिकार छीन लिए गये। संविधान की रक्षा और लोकतंत्र पुनः स्थापित करने के लिए आपातकाल के विरोध और जेलों में बंद रहे लोगों को राजस्थान सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान प्रदान किया हुआ है।
आपातकाल 1975-77
💐सूरतगढ़ में लोकतंत्र सेनानी हैं।
1-विधायक वरिष्ठ वकील सरदार हरचंद सिंह सिद्धु
2-वरिष्ठ पत्रकार करणीदान सिंह राजपूत
3-हनुमानप्रसाद मोट्यार
4- श्री नेमीचंद छींपा
5-श्री सुगन पुरी
6-श्री महावीर प्रसाद पारीक
7-श्री मुरलीधर उपाध्याय
8- श्री गुरनाम सिंह
10-श्री घनश्याम लाल शर्मा
12- बलराम वर्मा
13- लक्ष्मण शर्मा
जिन लोकतंत्र सेनानी परलोक चले गये,उनकी पत्नियों को सम्मान राशि मिल रही है जो अब 30 हजार रू. मिलेगी। श्रीमती लक्षमी देवीश्रीमती गुड्डी देवी.श्रीमती रोमिला हैं।
हरचंद सिंह सिद्धु हनुमान विधायक मोट्यार सुगनपुरी सरकारी कर्मचारी रहे उनको चिकित्सा भत्ता पहले से पेंशन में मिल रहा है सो इनको सम्मान राशि 25 हजार रू. प्रतिमाह मिलेगी।
श्रीगंगानगर जिले से लोकतंत्र सेनानी ये भी हैं।
श्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता हाल ऐलनाबाद, श्री रामकुमार पारीक रायसिंह नगर,
श्री भंवरलाल श्रीगंगानगर, श्री मदनलाल जिंदल श्रीगंगानगर, श्री रामस्वरूप मांझू बींझबायला, श्रीमती मंजू टांटिया श्रीगंगानगर, श्रीमती सरोज चुघ श्रीगंगानगर,श्रीमती सविता देवी श्रीगंगानगर, श्री पूर्णनाथ गोस्वामी, श्रीमती राजविंदर कौर, श्रीमती इंदुबाला, श्री मांगीलाल जैन घड़साना हैं।०0०
गुरुवार, 25 जून 2026
नगरीय शहरी सेवा शिविरों में करवाए जाने वाले काम.
* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान नगरीय शहरी सेवा शिविरों में करवाए जाने वाले कार्यों के आदेश को पढा जाए। अधिक से अधिक फार्वर्ड करें ताकि संपूर्ण राजस्थान में लोग लाभ उठा सकें
०0
सूरतगढ़: सड़क निर्माण में गड़बड़ी,कौन करेगा सही जांच.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 25 जून 2036.
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा सूरतगढ़ ने 22 जून को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वार्ड संख्या 24 एवं 28 के मध्य सिविल कोर्ट के पीछे इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि उक्त स्थान पर पूर्व में निर्मित इंटरलॉकिंग सड़क को हटाकर पुनः नया निर्माण कार्य करवाया गया है।
*संगठन ने मांग की कि पूर्व में करवाए गए पीसीसी (* Plain Cement Concrete) कार्य एवं वर्तमान इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाई जाए, ताकि कार्य की वास्तविक स्थिति एवं गुणवत्ता स्पष्ट हो सके।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने नगर पालिका प्रशासन से पूर्व कार्य की पैमाइश, वर्तमान कार्य की माप *पुस्तिका (MB), बिल एवं भुगतान* रिकॉर्ड की जांच करवाने की मांग की है। साथ ही हटाई गई पुरानी इंटरलॉकिंग टाइल्स/ब्लॉक्स की मात्रा, उनके स्टॉक रजिस्टर में दर्ज विवरण एवं उनके उपयोग की जानकारी भी उपलब्ध करवाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, कार्य की मात्रा एवं भुगतान प्रक्रिया की जांच करवाने तथा जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान पर रोक लगाने की मांग रखी गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में *राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के उमेश कुमार, किशन लाल पारीक, संजीव कुमार, लाखन सिंह, रामेश्वर लाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
* नगरपालिका सड़क बनवा रही है। नगरपालिका प्रशासन को सब मालुम है कि निर्माण पर क्या हो रहा है? जो बनवा रहे हैं वे किसकी जांच करेंगे।
* ज्ञापन किसको सौंपा? वह तो उपखंड अधिकारी को सौपते। गुणवत्ता ही नहीं इसमें गड़बड़ी बता रहे हैं तो यह लगातार पीछा करने से ही होगा। उपखंड अधिकारी को गड़बड़ी के लिखा जा सकता है।
👍 क्वालिटी की जांच करानी है तो क्वालिटी कंट्रोल श्रीगंगानगर को लिखा जाने पर सही जांच हो सकती है। जब जांच हो तब राष्ट्रीय अधिकार मोर्चे के प्रतिनिधि उपस्थित रह सकते हैं। ०0०
बुधवार, 24 जून 2026
आवासन मंडल 58 अतिक्रमण. सीएमओ में ईओ के विरुद्ध शिकायत दर्ज.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 जून 2026.
आवासन मंडल कालोनी पुरानी में 58 मकानों के आगे सड़कों पर अतिक्रमण की शिकायत आज सीएमओ में दर्ज हुई है। ईओ पूजा शर्मा द्वारा नोटिस देने के बाद कार्यवाही नहीं करने में ईओ की कार्यप्रणाली की जांच की शिकायत हुई है। ईओ पूजा शर्मा पर आरोप है कि आवासन मंडल पुरानी कालोनी में सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले 58 मकान मालिकों को 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए गये। नोटिसों में 3 दिन में अतिक्रमण हटाने का लिखा गया था। यदि अतिक्रमण 3 दिन में नहीं हटाए तो नगरपालिका हटा देगी। नगरपालिका ईओ पूजा शर्मा को 12 अप्रैल से अतिक्रमण हटाने की कार्वाई शुरू कर अतिक्रमण हटा देने थे,लेकिन 3 माह बीत जाने के बावजूद ईओ ने अतिक्रमण नहीं हटाए। ०0
नगरपालिका में घोटाले. ईओ पूजा के घोटाले. लोगों की राय एसीबी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 जून 2026.
नगरपालिका में घोटाले और ईओ पूजा शर्मा के घोटालों पर मैटर तथ्य शिकायतों के पढने वालों का कहना होता है कि कुछ भी नहीं होगा, चाहे जितना लिखते रहो। नेताओं पर बात आती है कि ये कुछ नहीं करेंगे। राजनैतिक पार्टियों सामाजिक संघों के पदाधिकारियों की ओर से भी कुछ नहीं हो रहा। नगरपालिका के भ्रष्टाचारों से काम नहीं होने से पीड़ित तो बहुत हैं लेकिन शिकायतें नहीं करना चाहते। लोग राय देते हैं कि सारे मैटर एसीबी के हैं प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम, एडीएम, कलेक्टर, कमिश्नर, मुख्य सचिव कुछ नहीं करेंगे।
प्रशासनिक जांच में ट्रांसफर, एपीओ, सस्पेंड और मामला लटक जाता है। ईओ पूजा शर्मा पर बड़ा आरोप है अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा का नियमविरुद्ध अवैध रूप से सफाई कर्मचारी से जमादार प्रमोशन करना। इसमें अन्य अनुसूचित जाति के कर्मचारी का हक मारा गया।
👍 अधिकतर लोगों की राय एसीबी की मिल रही है। एसीबी मतलब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो। एसीबी को अन्वेषण करने और दोष सिद्ध प्रमाण मिलने पर गिरफ्तारी करने के अधिकार होते हैं, लेकिन एसीबी का अन्वेषण धीमा चलता है।
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सूरतगढ़ जागो! होटलों,भवनों का अवैध निर्माण. अग्निशमन व सुरक्षा नहीं.खतरनाक हालात.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 जून 2026.
होटलों, दुकानों के अवैध( स्वीकृत 2 मंजिला,अवैध निर्माण 3,4,5 मंजिल) अधिक ऊंचाई की मंजिलों के निर्माण होने, कुछ निर्माणाधीन होने तथा उनमें अग्निशमन व सुरक्षा के प्रबंध नहीं होने पर सीज करने सील करने की मांग 27 फरवरी 2026 को उपखंड अधिकारी से की गई थी। उपखंड अधिकारी के यहां से शिकायतें नगरपालिका में भेज दी जाती है और आगे की कार्वाई नगरपालिका प्रशासन को करनी होती है।होटल आम आदमी नहीं बनाता। पैसे वाले,प्रभावशाली, नेता बनाते हैं और उन पर कार्वाई नहीं हो पाती। पढेलिखे लोग सहयोग नहीं करते। उपखंड अधिकारी नगरपालिका के प्रशासक भी हैं,उनको शिकायत किए तीन महीने बीत गये और कोई कार्वाई नहीं हुई। अवैध होटलों पर कार्वाई नहीं हुई न जांच नहीं हुई।
* दिल्ली में 3 जून 2026 को अग्नि दुर्घटना हुई जिसमें 21 मौतें हुई। तब 4 जून 2026 को अतिरिक्त जिलाकलेक्टर श्री भवानीसिंह पंवार को फिर एक शिकायत की गई। उन्हें उपखंड अधिकारी को की गई शिकायत से अवगत कराया गया व उपखंड अधिकारी को की गई शिकायत की प्रति भी दी गई। ( राजस्थान पत्रिका 4 जून 2026 का अंक भी साथ में दिया, जिसमें दिल्ली की खबर और फोटोज थे)
👍 नगरपालिका की अधिशाषी अधिकारी को कार्वाई करनी होती है। ईओ पद पर पूजा शर्मा है जो कार्वाई नहीं करती। अवैध निर्माणों पर प्रशासन के एक्शन नहीं लेने से निर्माताओं को छूट मिली हुई है तथा नगरपालिका को हर निर्माण पर लाखों रुपये का टैक्स मिलता वह नहीं मिला।
👍 शहर में हर पार्टी के नेता नेतियां हैं मगर वे चुप रहते हैं।
* लखनऊ में हुए अग्नि कांड और मौतों के बाद आज 24 जून 2026 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री भवानीसिंह पंवार को एक बार पुनः याद कराया गया। ( आवासन मंडल कालोनी अतिक्रमण तुड़वाने की नयी शिकायत देते समय होटलों के बारे में भी कहा गया।)
मंगलवार, 23 जून 2026
ईओ पूजा शर्मा के ट्रांसफर की चर्चा. क्या होगा ट्रांसफर. सामान्य या दंड.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 23 जून 2026.
नगरपालिका की अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा ( मूल पद रेवन्यु आफिसर) के ट्रांसफर होने की बात रखकर चर्चा चलाई जा रही है। अभी ट्रांसफर खोले जाने के बाद यह चर्चा जानकारी लेने देने के नाम पर हो रही है। जनरल लीस्ट में ट्रांसफर होना न तो किसी नेता की शिकायत पर होना कहलाता है न दंड कहलाता है। पूजा शर्मा का ट्रांसफर ड्यु है। यहां के कार्यकाल की अवधि के हिसाब से ट्रांसफर ड्यु है। पूजा शर्मा ने यहां सूरतगढ़ में 20 फरवरी 2024 को जोईन किया था। शर्मा का कार्यकाल यहां 2 वर्ष 3 माह हो चुका है। कुछ महीनों पहले एक आवेदन हुआ था जिसमें केवल इतना लिखा गया कि सूरतगढ़ में अच्छा ईओ भेजा जाए। इस पर ट्रांसफर नहीं हुआ।
ईओ पूजा के विरुद्ध केवल एक शिकायत डीएलबी में है। पूजा शर्मा को यहां से हटाया जाकर मूल पद राजस्व अधिकारी पर भेजा जाए व यहां के कार्यकाल की जांच की जाए। पूजा शर्मा पर आरोप है कि नगरपालिका को एक करोड़ रु. से अधिक की हानि पहुंचाई लोगों का व निजी लाभ उठाया। पूजा शर्मा का ट्रांसफर होता है तो अनेक घपलों की फाईलें खुलेंगी,यह संभावना है।
अभी जो राजनीतिक स्थिति है उसमें कासनिया कालवा और भाटिया आदि कोई भी पूजा शर्मा के विरूद्ध नहीं है। ईओ पूजा शर्मा भी यहां से जाने की इच्छुक नहीं है, जिसका बड़ा कारण यह है कि ऐसा शून्य और कहीं नहीं है। भाजपा संगठन की नजर में नगरपालिका एक छोटी सी इकाई है।यहां की गतिविधियों से सत्ता में कोई प्रभाव नहीं पड़ता। कांग्रेस के हर काम तुरंत होते हैं इसलिए उनको कोई शिकायत नहीं है। आम चर्चा और माना जाता है कि पूजा शर्मा कांग्रेस का बोर्ड बनवाएगी, उसकी कार्यप्रणाली इस प्रकार की है। एक बड़ा प्रमाण है कि पूजा शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य सरकार का स्वच्छ भारत अभियान फेल करके रख दिया है।०0०
गली विवाद का हल क्या हो?अरोड़ा कैमरे लगवाए.पुलिस नगरपालिका कार्वाई रिकॉर्ड होता रहे.
* करणीदानसिंह राजपूत *
भग्गुवाला कुआ के पास गली होने नहीं होने के मामले में एक अरोड़े और एक शर्मा का विवाद चर्चा में है। असली समाधान कागजों में है।
अरोड़े ने बणिये से जमीन खरीदी,रजिस्ट्री हुई। सब दस्तावेज सही और प्रमाणित। पड़ोसी शर्मा ने पहले बणिये को दबाने की कोशिश की। पार नहीं पड़ी। अरोड़े ने खरीद ली तो उस पर दबाव जो आज तक चला नहीं। शर्मा अपने भूखंड की गली बताता है तो वह शर्मा के पट्टे में होगी। शर्मा विवाद में पुलिस और नगरपालिका में अप्रोच कर अरोड़े पर दबाव बना रहा है।
पुलिस और नगरपालिका के अधिकारियों को अप्रोच के बजाय शर्मा का पट्टा देखना ही नहीं रिकॉर्ड में लेना चाहिए। शर्मा के पट्टे में गली है उसका अधिकार बनता है तो किसी भी प्रकार की मौखिक कार्वाई के बजाय अधिकृत लिखित कार्वाई करके शर्मा की गली खुलवानी चाहिए। यदि शर्मा अपना पट्टा कापी नहीं देता है तो पुलिस और नगरपालिका को कोई भी मौखिक कार्वाई नहीं करनी चाहिए।
👌 यदि शर्मा के पास अपने पट्टे में किसी दस्तावेज में गली होती तो वह पेश कर चुका होता। असल में गली अन्य स्थान पर से है, और खुलवानी है तो वहां से खुलवाई जानी चाहिए।
👌 अरोड़े को सबसे पहले कुछ कैमरे लगवाने चाहिए ताकि हर आने वाले का आने जाने और उसका कहना रिकॉर्ड होता रहे।भूखंड पर कुछ भी वाद विवाद, कोई गाली, दबाव,गलत होता है तो कैमरा रिकॉर्ड सबूत होंगे। बड़े मौखिक आदेश देने वाले साथ नहीं आते।
👌शर्मा के पास पट्टा और उसमें गली का दस्तावेज सबूत है तो वह पुलिस और नगरपालिका में पेश करना चाहिए। असली और सही समाधान के लिए अदालत में मामला दिया जा सकता है।
👍 मामला बड़ा रोचक आश्चर्य भरा है कि नगरपालिका ने गली वाली सही जगह के बजाय प्राईवेट भूखंड में इंटरलोकिंग सड़क और सीवरेज कैसे बनाए। किस पार्षद ने बनवाए? कितने रूपये बरबाद हुए?
इसकी जांच होगी तो उस समय के ईओ,इंजीनियर भी लपेटे में आएंगे। यह घपला भी जांच का एक मुद्दा तो बन ही गया है।
नगरपालिका के इंजीनियर सहायक अभियंता दबाव बनाने मौके पर जा रहे हैं तो उनको और ईओ को अपना नक्शा पहले देख कर और शर्मा से रिकॉर्ड मांग कर कदम उठाना चाहिए। गलत कार्वाई खतरा ही बनती है और यह गली विवाद
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सोमवार, 22 जून 2026
सूरतगढ़: नगरपालिका का बाजार सौंदर्यीकरण.घोटाला.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 22 जून 2026.
नगरपालिका ने बाजार सौदर्यीकरण पर लाखों रूपये की रकम लुटाई है उसके सबूत की झलकियां दिखाई देने लगी है। हेरिटेज खंम्भे और उनकी लाईट के अलावा तिरंगा लाईट और डिवाईडर निर्माण में घोटाला किया गया।
* तिरंगा लाईट करनाणी धर्मशाला सड़क पर जले ना जले,यह लाईट की मर्जी है। इसे भी खूबसूरती मानना चाहिए। आज रात्रि 8-39 बजे करनाणी धर्मशाला के आगे लगे किसी भी खंभे पर तिरंगा लाईटें रोशन नहीं थी। एक बार कुछ दिन पहले भी करनाणी धर्मशाला के आगे की लाईटें अप्रकाशित रहने का समाचार दिया था। यह गड़बड़ रहती है और ठेकेदार को संरक्षण है। तिरंगा लाईटों के लगाने में भी घोटाला है।
* डिवाईडर टेढे मेढे ऊंचे नीचे बने हैं,एक लेवल में नहीं है। सिविल इंजीनियर की आंखों का कमाल है कि उसे सब ठीक दिखाई देती है।०0०
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से ट्रेनों के स्थाई करण व नयी रेल चलाने की बातचीत.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 22 जून 2026.
जिला संयुक्त रेल विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष ललित शर्मा एडवोकेट एवं प्रतिनिधि मंडल ने 21 जून 2026 को बीकानेर में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर ज्ञापन दिया और बातचीत में रेल और रेलवे को लाभ होने यात्रियों को लाभ होने का ब्यौरा दिया। यह बड़ी महत्वपूर्ण बातचीत थी जिसके लाभ शीघ्र ही सामने आएंगे।
ललित शर्मा और टीम ने क्या कहा
बाड़मेर जोधपुर बीकानेर ऋषिकेश साप्ताहिक रेल सेवा को प्रतिदिन संचालन करने व जोधपुर बीकानेर चंडीगढ़ नई रेल सेवा शुरू करने बीकानेर डिविजन यात्री सुविधाओं को बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से जिले की रेल समस्याओं को लेकर जिला संयुक्त रेल संघर्ष समिति प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
👍रेल समस्याओं को लेकर विस्तार से केंद्रीय रेल मंत्री को बताया प्रतिनिधि मंडल जिला अध्यक्ष ललित किशोर शर्मा के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री को बताया की बाडमेर से बीकानेर सूरतगढ़ हनुमानगढ़ के रास्ते हरिद्वार को जाने के लिए मात्र एक रेल सेवा का प्रतिदिन संचालन हो रहा है जिसमें आमजन को कंफर्म टिकट ही नहीं मिल पाता उससे पहले ही गाड़ी पैक हो जाती है।
👌कुछ समय पूर्व बाड़मेर जोधपुर हरिद्वार साप्ताहिक रेल सेवा का निश्चित समय अवधि के लिए संचालन किया जा रहा है जिसके यात्री भार को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि इलाके में इस गाड़ी की कितनी उपयोगिता है। बाड़मेर जोधपुर ऋषिकेश रेल सेवा में पर्याप्त कोच नहीं होने की वजह से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आमजन की मांग को देखते हुए बाड़मेर बीकानेर हरिद्वार साप्ताहिक रेल सेवा को प्रतिदिन संचालन करने से ही इस समस्या का समाधान हो सकता है।
👌कोविड महामारी के बाद जोधपुर बीकानेर चंडीगढ़ की कोई रेल सेवा पिछले 8 सालों में नहीं चली जिससे रेलवे का जो चंडीगढ़ के लिए यात्री भार था वह रेलवे से लोकल ट्रांसपोर्टों के पास चला गया जिससे रेलवे को राजस्व की हानि हुई है वह हो रही है। इसके साथ-साथ आम जन को भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो रही है। इसलिए शीघ्र ही जोधपुर बीकानेर चंडीगढ़ नई रेल सेवा का संचालन किया जाए जिससे रेलवे को अपना राजस्व प्राप्त हो और आमजन को राहत मिले।
* बीकानेर डिवीजन में यात्री सुविधाओं की बहुत बड़ी कमी है स्टेशनों पर पीने का पानी नहीं है छाया नहीं है इसमें जल्द से जल्द सुधार किया जाए।
*प्रतिनिधि मंडल में मोहन पूनिया दुलाराम डूडी बद्री बिनानी पंकज शर्मा परमेंद्र सिंह भाटी पवन शर्मा किशनलाल मेघवाल सुखदेव राहुल शर्मा किशन लाल सिंधी उमेश कुमार प्रेम कुमार सिंधी राजेंद्र प्रसाद पांडे सहित अन्य मौजूद थे। संघर्ष समिति की बात को केंद्रीय रेल मंत्री ने बड़ी गंभीरता से सुना व शीघ्र ही इस पर कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया।०0०
नालों पर पक्के निर्माण. कवर,सीढियां. बीकानेर रोड का बुरा हाल.बोलता सूरतगढ़.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 22 जून 2026.बीकानेर रोड गौरवपथ के नालों पर पक्के कवर थड़े सीढियां आदि निर्माण होने से बुरा हाल है। दुकानदार इन पर सामान रखर व्वसाय करते हैं। शटर से बाहर यह अतिक्रमण है। नालों पर निर्माण से नाले बंद हैं। बंसल क्लिनिक के पास बीकानेर रोड पर सौ सौ फुट तक लंबाई में नालों पर निर्माण है। इतने कवर में कैसे होगी सफाई। ये कवर अवैध रूप से अवकाश के दिनों में बनाए गये ताकि नगरपालिका कर्मचारी रोकने को न आए। कुछ नगरपालिका प्रशासन की ढील भी रही है। फरिश्ता होटल ने तो सड़क के बीच में सीमेंट की चौकी बनाकर प्रचार पट्ट बना रखा है। अभी तक यह नगरपालिका ने हटाया नहीं है। अनेक दुकानदारों ने लोहे की जालियों से चार पांच फुट तक अतिक्रमण कर रखे हैं। सड़कों पर साईन बोर्ड से अतिक्रमण हैं।बीकानेर रोड पर पैदल चलना मुश्किल है।
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