* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ विधानसभा क्षेत्र में युवा चेहरे राहुल लेघा का ग्रामीण इलाकों में बढ रहा प्रभाव और शहर में राजनीतिक चर्चा बढ रही है वह अन्य नेताओं को पीछे छोड़ रही है। कुछ नेताओं का घटनाओं पर अचानक प्रगट होना और कुछ की राजनीतिक फाईलें जनता में बंद होने की स्थिति में नया चेहरा राहुल लेघा राजनीति और सामाजिक कार्यों में पारिवारिक पृष्ठभूमि की सक्रियता से लगातार आगे नजर आ रहा है।
* राहुल लेघा को भारतीय जनता युवा मोर्चा राजस्थान का प्रदेश मंत्री बनाए जाने के बाद से सूरतगढ़ की राजनीति में हलचल हुई है। यह हलचल राहुल लेघा की ओर आकर्षित कर रही है।
* विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा प्रत्याशी रामप्रताप कासनिया की हार की राजनैतिक समीक्षा यह रही कि लोग कासनिया को लगातार दुबारा सही नहीं मान रहे थे। (* उस समय जाट वर्ग का विरोध नहीं था। कासनिया का विरोध था। अभी भी इस वर्ग का कोई विरोध नहीं है। )
राहुल लेघा 2023 में भी दावेदार थे। आगामी विधानसभा चुनाव 2028 में राहुल लेघा को प्रत्याशी बनाए जाने का पक्ष अधिक मजबूत होगा। यह अभी आभास होने लगा है। विधानसभा चुनाव 2028 की चर्चा काफी पहले 2026 में करने का सीधा मतलब है कि हमारी राजनैतिक स्पर्श की नजर लगातार आम लोगों की गतिविधियों पर है। जो दिखाई दे रहा है वह लिखा जा रहा है। राजनीति में लगातार सक्रियता और लोगों से संपर्क भी लगातार रखना जरूरी होता है। यह स्थिति कायम रखना राहुल लेघा और उनके समर्थकों के लिए बहुत जरूरी है। राजनीति में हर कदम संभल संभल कर रखना होता है,यह पूरा परिवार अच्छे रूप में जानता है।
* सूरतगढ़ में राहुल लेघा को अपनी टीम में नये उत्साही लोगों को रखना होगा। बुझे और निरुत्साहित लोगों का संपर्क गति में तेजी नहीं रखता।
👌 राहुल लेघा पर करणी प्रेस इंडिया पर एक विशेष रिपोर्ट. 28 फरवरी 2022 को दी गई थी। वह रिपोर्ट यहां एक बार फिर बिना किसी संशोधन के दी है। यह रिपोर्ट करणी प्रेस इंडिया पर अभी भी मौजूद है।
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ सीट पर बुजुर्गों की कई साल की राजनीति के चलते पिछले दो-तीन साल से लगातार मांग उठ रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2023 में नया चेहरा हो युवा चेहरा हो।
इस मांग को पूरा करने के लिए पारिवारिक राजनैतिक पृष्ठभूमि और इलाके की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले लेघा परिवार से भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट मांगेंगे राहुल लेघा सुपुत्र महावीर लेघा। 26 वर्षीय राहुल लेघा इस समय पंचायत समिति सूरतगढ़ के रघुनाथपुरा गुडली इलाके से डायरेक्टर हैं।
राहुल लेघा के दादा चंदू राम लेघा पंचायत समिति सूरतगढ़ में योग्य और प्रसिद्ध प्रधान रह चुके हैं।
*भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार युवा चेहरे राहुल लेघा के बारे में पहले बात करें।*
राहुल लेघा भारतीय जनता पार्टी के अग्रिम संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य रहते महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर से 2014-15 में छात्र संघ अध्यक्ष रहे।
उच्च शिक्षित राहुल लेघा माइनिंग में बीटेक करने के बाद हिंदुस्तान जिंक में जिंक में 2015 से 2019 तक सर्विस में रहे। क्षेत्रीय राजनीति में प्रवेश करने के लिए 2019 में नौकरी छोड़ कर इलाके में युवाओं की टीम के संग राजनीति और सामाजिक कार्यों में उत्तरे। पंचायत समिति सूरतगढ़ के 2022 के चुनाव में एक महत्वपूर्ण इच्छा को लेकर चुनाव लड़ा और डायरेक्टर चुने गए। राहुल लेघा इलाके के विकास को लेकर बहुत बड़े सपने संजोए हुए हैं और वे सपने विधानसभा क्षेत्र तक पूरे करने के इरादे हैं।
* हम आते हैं परिवार की राजनीति और वर्तमान स्थिति पर*
चंदू राम लेघा इस समय करीब 72 साल की उम्र में भी राजनीतिक लोकप्रियता प्राप्त किए हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी में एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। यह पहचान उनके विगत पदों और कार्यों के कारण स्थाई बनी हुई है। इनके पौत्र राहुल लेघा सूरतगढ़ पंचायत समिति के डायरेक्टर चुने गए। इन्हीं के 1 पुत्र राजेंद्र लेघा नगर पालिका श्रीबिजयनगर के अध्यक्ष हैं।
एक पुत्र धनराज लेघा जोधपुर हाईकोर्ट में वकालत करते हुए वापस ग्रामीण क्षेत्र में लौटे और रघुनाथपुरा गांव में श्री कृष्ण गौशाला में अध्यक्ष के रूप में गौ सेवा में लगे हैं। चंदूराम लेघा की एक खासियत रही है। उन्होंने गौ सेवा के लिए भी दान देने में कमी नहीं रखी। गौशाला निर्माण के वक्त 21 लाख रुपए दान दिए। अब 6 फरवरी 2022 को 11लाख रुपए फिर दान दिए। इलाके में गोवंश रक्षक के रूप में भी एक ख्याति बनी हुई है।
* राहुल की भाजपा टिकट की दावेदारी में दादा की राजनीति और इलाके की सेवा *
राहुल लेघा भाजपा की टिकट के लिए जो प्रबल दावेदारी कर रहे हैं,उसमें पारिवारिक जनसेवा और राजनीतिक पहचान बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
दादा चंदू राम जी लेघा (सुपुत्र भारूराम जी लेघा) का जन्म 4 अप्रैल 1949 को हुआ। हायर सेकेंडरी करने के साथ ही वे अपने ग्रामीण क्षेत्र में में कार्य में आगे निकले। 1973 से 1982 तक रघुनाथपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष पद पर रहे। 1989 में तिलहन उत्पादक सहकारी समिति रघुनाथपुरा के अध्यक्ष रहे और 1992 में तिलम संघ बीकानेर के अध्यक्ष रहे।
1982 से 1988 तक गोविंद सर ग्राम पंचायत के उपसरपंच रहे और 1981 से 92 तक यहां सरपंच रहे।
1989 से 3 वर्ष तक कृषि उपज मंडी समिति सूरतगढ़ के अध्यक्ष भी रहे।
**1995 से 2000 तक पंचायत समिति सूरतगढ़ के प्रधान रहे। यह प्रधानगी इलाके में सादगी के रूप में कार्य के रूप में प्रसिद्ध रही। आज तक लोग चंदू राम लेघा के प्रधान कार्य काल का गौरवपूर्ण वर्णन करते हैं।
चंदू राम लेघा 20 सूत्री समिति,जिला अंधता निवारण समिति,जिला साक्षरता समिति के सदस्य रहे। सिंचित क्षेत्र विकास समिति बीकानेर के सदस्य रहे।
* इन सेवाओं के साथ में भारतीय जनता पार्टी के एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता और नेता के रूप में भी हर समय आगे रहे। 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी सूरतगढ़ के देहात मंडल के अध्यक्ष रहे। 2006 से 2008 तक कृषि उपज मंडी समिति के सदस्य रहे।2000 से पिछले कई सालों तक भाजपा श्रीगंगानगर जिला कार्यसमिति के सदस्य भी रहे।
सूरतगढ़ क्षेत्र में राजनैतिक व सामाजिक सेवा में इस परिवार की अग्रणी पहचान है। यह पहचान सेवा जानकारी और प्रसिद्धि सभी मिलाकर नये चेहरे युवा चेहरे राहुल लेघा की दावेदारी को मजबूत करते हैं। भाजपा में और इलाके में नया चेहरा और युवा चेहरा की मांग को भी पूरा करते हैं।०0०
👌 2023 में सूरतगढ़ सीट पर भाजपा और बसपा की टक्कर कांग्रेस के डूंगर राम गेदर से होगी यह माना जा रहा है। कांग्रेस डूंगर राम गेदर को टिकट देगी। इसकी 99 प्रतिशत संभावना है। गेदर कांग्रेस के नये चेहरे के रूप में उतारे जाएंगे।०0०
दि. 28 फरवरी 2022.
रिपोर्ट; करणीदानसिंह राजपूत,
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