मंगलवार, 26 जनवरी 2021

मैं हूं हिन्दुस्तान, नशे में पाकिस्तान



मैं हूं हिन्दुस्तान, 
नशे में पाकिस्तान
पगलाया पाकिस्तान
हिन्दुस्तान का जब हो नाम
तब पगलाए पाकिस्तान
मेरा तिरंगा चूमे आकाश
तब पगलाए पाकिस्तान
संसार में गूंजे मेरा नाम
तब तड़पे पाकिस्तान
कहीं अध्यक्षता हो मेरी
दारूमें बहके पाकिस्तान
मेरा नारा लोग लगाएं
जमीं पर लोटे पाकिस्तान
मेरा नाम जब जब गूंजे
गरळावै पाकिस्तान
हिन्दुस्तान को सब माने
नशे में बहके पाकिसतान
मेरे साथ सूरज चमके
अंधियारे में पाकिस्तान
मैं हूं हिन्दुस्तान
पगलाया पाकिस्तान
मेरा नाम मित्रता तगड़ी


दारू में पगलाया पाकिस्तान।
मैं जब चाहूं थप्पड़ से
रसातल जाए पाकिस्तान
मैं हूं हिन्दुस्तान
नशे में मरता पाकिस्तान
पगलाया पाकिस्तान।


 

- करणीदानसिंह राजपूत
विजयश्री करणी भवन,
सूर्योदयनगरी,मिनी मार्केट
सूरतगढ़।

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4-1-2016.

Update.   26-2-2019.
Update.   26-1-2021.

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रविवार, 24 जनवरी 2021

* सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती सूरतगढ़ में हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई * विशेष रिपोर्ट.



नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर सुभाष चौक पर मनाई गई। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। नेताजी की जय घोष की गई। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अमर रहे के नारे लगाए गए।

 इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति के अध्यक्ष डॉक्टर टी. एल. अरोड़ा,इंजीनियर  रमेश चंद्र मथुर, लोकतंत्र सेनानी सभाष चन्द्र बोस संघ के पूर्व अध्यक्ष (1969) पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत, लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद तिवारी, क्रांति कारी महावीर प्रसाद भोजक, मुरलीधर पारीक, इंद्र कुमार कोठारी, अमरनाथ लंगर सेवा समिति सूरतगढ़ के अध्यक्ष किशनलाल स्वामी, विविधा संस्था के योगेश स्वामी,समाधान संस्था के अध्यक्ष और भाटिया आश्रम के निदेशक लाजपत राय भाटिया, कवि रामेश्वर दयाल तिवाड़ी ,बद्रीप्रसाद बिनाणी आदि ने माल्यार्पण किया और नारे लगाए। 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर पूरे दिन सुभाष चौक पर नागरिकों की हलचल रही। नागरिक आते रहे और सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माला पहनाते रहे। धावक महेंद्र नागर ने तिरंगा लेकर श्री गंगानगर से दौड़ते हुए सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर पहुंच कर नमन किया और तिरंगा फहराया। यहां महेंद्र नागर का स्वागत किया गया। पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू ने भी सुभाष की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।



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शनिवार, 23 जनवरी 2021

सुभाष जयंती पर किशनलाल पारीक स्मृति रक्तदान शिविर:करणीदानसिंह राजपूत द्वारा उद्घाटन.विशेष रिपोर्ट.

 



सूरतगढ़ 23 जनवरी 2021.

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर नेताजी सुभाषचन्द्र बोस स्मारक समिति की ओर से किशनलाल पारीक स्मृति में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। किशनलाल पारीक सन 1969 तक नेताजी सुभाषचंद्र बोस संघ के अध्यक्ष रहे थे। इस रक्तदान शिविर का शुभारंभ करणीदानसिंह राजपूत ने फीता काट कर किया। करणीदानसिंह राजपूत 1969 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस संघ सूरतगढ़ के अध्यक्ष बने और कई वर्षों तक अध्यक्ष रहे।

 पाक आक्रमण से हुए भारतपाक युद्ध में सीमा क्षेत्र छोड़कर सूरतगढ़ पहुंचे नागरिकों की सुभाष संघ ने राजपूत की अध्यक्षता में विभिन्न रूपों में मदद की थी। 

राजपूत ने इस शिविर में सुभाष जयंती पर और किशनलाल पारीक के जीवन,रक्त दान शिविर में भाग लेने वालों,रक्तदान करने वालों और समाज सेवा पर विचार रखे। इस अवसर पर डा.टी.एल.अरोड़ा ने नेताजी की जयंती पर और रक्त दान पर वक्तव्य दिया। शिक्षा संस्थान भाटिया आश्रम के निदेशक लाजपतराय भाटिया ने नेताजी पर जोशीली कविता पढी।


मैत्री ब्लड बैंक को 83 यूनिट रक्त दान किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति के अध्यक्ष  डॉक्टर टी एल अरोड़ा, पारीक परिवार के मुरलीधर पारीक, कन्हैया लाल पारीक ने  तिलक लगाकर अतिथियों का सम्मान किया।पारीक परिवार के कन्हैया लाल पारीक ने सबसे पहले रक्तदान करके स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया।

मैत्री ब्लड बैंक की टीम के डॉक्टर सुनील योगी, बृजेंद्र बिश्नोई, जगदीप कौर, मोहिनी ने  रक्त संग्रह किया। 

रक्तदाताओं को सम्मान पत्र प्रदान किए गए। करणीदानसिंह राजपूत, लाजपतराय भाटिया आदि के हाथों से पहला सम्मान पत्र एक सैनिक को प्रदान किया गया।

जयंती पर रक्तदान करने वाले युवाओं  में भारी उत्साह देखा गया।  रक्तदान करने वालों को श्री माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष इंदर  कुमार कोठारी, समाधान सेवा समिति के अध्यक्ष  लाजपत राय  भाटिया, और पारीक परिवार के मुरलीधर पारीक कन्हैया लाल पारीक के द्वारा दूध, बिस्कुट, ब्रेड, केले, पेन वितरित किए गए, मैत्री ब्लड बैंक की तरफ से डायरिया वितरित की गई ।

शिविर के दौरान पूर्व विधायक राजेंद्र भादू ,रोटेरियन राजेंद्र तनेजा, इंजीनियर रमेश कुमार माथुर, कवि रामेश्वर दयाल तिवारी, क्रांतिकारी महावीर भोजक, लाजपत राय भाटिया,भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महामंत्री सुभाष गुप्ता, अमरनाथ मंदिर लंगर सेवा समिति के अध्यक्ष किशन स्वामी, विविधा संस्था के अध्यक्ष योगेश स्वामी, पत्रकार नवल भोजक सहित लोगों ने सेवाएं दी।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति के अध्यक्ष डॉक्टर टी एल अरोड़ा, परिवार के मुरलीधर पारीक और कन्हैया लाल पारीक ने सभी रक्तदाता ओं का आभार प्रकट किया ।

शिविर पर धावक महेंद्र नागर का स्वागत किया गया। महेन्द्र नागर सुभाष चंद्र बोस जयंती पर हाथ में तिरंगा लिए श्री गंगानगर से दौड़ते हुए सूरतगढ़ सुभाष चौक पर आए थे। यह दूरी 72 किमी की दूरी दौड़ते पूरी की। सुबह पांच बजे भयानक सर्दी में गंगानगर से दौड़ शुरू की थी।शिविर पर महेंद्र नागर के साथ फोटोशूट हुआ।00



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जैनाचार्य नित्यानंद महाराज के सानिध्य में आत्म वल्लभ जैन भवन का लोकार्पण और धर्मसभा*

 

* करणीदानसिंह राजपूत*

सूरतगढ़ 23 जनवरी 2021.

आज प्रातः परम पूज्य गुरुदेव नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज के सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के नए भवन  "आत्म वल्लभ जैन भवन" का लोकार्पण हुआ। भवन का लोकार्पण भवन निर्माण के मुख्य दानदाता श्री माणक चंद अशोक कुमार अरिहंत कुमार डागा परिवार सूरतगढ़ एवं विनोद देवी चंद्रकांत कोचर परिवार बीकानेर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। 

नए जैन भवन के निर्माण में समिति के पदाधिकारी सुरेंद्र चोपड़ा, उपाध्यक्ष पवन गोलछा, कोषाध्यक्ष गुलशन  डागा, सचिव सुशील सेठिया उनकी कार्यकारिणी का काफी योगदान रहा।

इससे पूर्व आचार्य नित्यानंद सूरी महाराज ने सकल जैन संघ के साथ प्रभु पार्श्वनाथ मंदिर में देव बंधन धर्म आराधना की। 

नए भवन के लोकार्पण के बाद मुनि भगवंत सकल संघ के साथ विजय वल्लभ जैन धर्मशाला (चोपड़ा धर्मशाला) में पधारे।

विजय वल्लभ जैन धर्मशाला में धर्म सभा का आयोजन किया गया। इस सभा को संबोधित करते हुए आचार्य प्रवर ने कहा"धर्म के बिना कुछ भी संभव नहीं है,अगर व्यक्ति धर्म की राह पर चलेगा तो उसकी मुक्ति हो सकती है। धर्म हमारे जीवन का अहम हिस्सा है।गुरु भगवंता का मान सम्मान उनके दर्शन भर से उनकी वाणी से सकल जग का कल्याण हो सकता है।"


 प्रखर वक्ता मोक्षा नंद विजय जी महाराज ने कहा"हर समाज में दान देने की प्रवृत्ति जरूर होनी चाहिए क्योंकि दान देने से ही व्यक्ति का और  मानव जाति का कल्याण होता है।सभी को अपनी शक्ति के अनुसार दया धर्म में धन का उपयोग करना चाहिए।"

इस धर्म सभा में तरुणी महिला मंडल द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।

अर्चना डागा द्वारा भजन श्रीमती अंजना पटावरी व पारस गोलछा द्वारा गीतिका प्रस्तुत की गई।

 इस आयोजन में बच्चों द्वारा एक बहुत ही बेहतरीन  नशा मुक्ति को लेकर नाटिका श्रीमती ज्योति डागा के निर्देशन में खेली गई। सभी बच्चों को अशोक कुमार डागा परिवार द्वारा प्रोत्साहन पुरस्कार किए गए।

श्री पार्श्वनाथ मूर्तिपूजक संघ द्वारा मुख्य बोली दाता का सम्मान किया गया। 

पूनमचंद भंवरलाल चोपड़ा परिवार द्वारा आचार्य भगवंत को कांबली  बोराही गई।


परम पूज्य आचार्य नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज साहब के मांगलीक पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

धर्मसभा का संयोजन एवं विवरण सहित संचालन सराहनीय रहा। यह संयोजन प्रवीण डी जैन ने किया था।









गुरुदेव के यहां 2 दिनों के प्रवास में श्रीगंगानगर पीलीबंगा ऐलनाबाद व हनुमानगढ़ से भी अनेक भक्तगण पधारे।

श्री आत्मवल्लभ समुद्र इंद्र दिन सुरीश्वर महाराज के  पट्टधर शांतिदूत आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज पन्या सरवर धर्मशील विजय जी प्रखर वक्ता मोक्षा नंद विजय जी  के सानिध्य में सूरतगढ़ में 2 दिन तक धर्म की प्रभावना की अलख जगी।00

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शुक्रवार, 22 जनवरी 2021

सूरतगढ़:सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थल पर घी के दिए दिए प्रज्वलित और जय घोष

 

 सूरतगढ़ 22 जनवरी 2021.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वी जयंती की पूर्व संध्या पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति सूरतगढ़ की ओर से दीप प्रज्वलित किए गए।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डा.टी.एल. अरोड़ा,रमेश चंद्र मथुर, करणी दान सिंह राजपूत, किशन स्वामी,लक्ष्मण शर्मा,योगेश स्वामी, महावीर प्रसाद भोजक,पवन शर्मा, बद्री प्रसाद शर्मा बिनानी,महावीर प्रसाद तिवारी, एडवोकेट पूनम शर्मा,मुरलीधर पारीक आदि ने दीप प्रज्वलित किए। 

दीप प्रज्वलित के बाद नेताजी अमर रहे के नारे लगाकर जयघोष किया गया।


 नगर पालिका की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा स्थल पर बिजली की रोशनी से सजावट की गई।

नेताजी की जयंती पर  23 जनवरी को सुबह 9:30 बजे प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम होगा। 

इसके पश्चात 10 बजे नजदीकी मैत्री ब्लड बैंक में किशन लाल पारीक की स्मृति में स्मृति में पारीक की स्मृति में स्मृति में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। स्व.पारीक सुभाषचन्द्रबोस संघ के 1969 से पूर्व अध्यक्ष रहे थे। रक्तदान शिविर का शुभारंभ पत्रकार लोकतंत्र सेनानी करणीदानसिंह राजपूत फीता काट कर करेंगे। राजपूत किशनलाल पारीक के बाद सन 1969 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस संघ के अध्यक्ष बने थे। 

नेताजी की 125 वीं जयंती को आदर्श मानकर 125 से अधिक व्यक्ति  रक्तदान करेंगे। 0

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बुधवार, 20 जनवरी 2021

मनोज स्वामी की राजस्थानी बाल एकांकी संग्रह "सरहिन्द रो साको"का गुरू गोविंदसिंह जयंती पर विमोचन-

 




   

* करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ 20 जनवरी 2021.

 गुरू गोविन्दसिंह जयन्ती के पावन पर्व पर राजस्थानी के वरिष्ठ साहित्यकार ,राजस्थानी रामलीला के लेखक मंचनकर्ता,केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार ( अनुवाद) से सम्मानित मनोज कुमार स्वामी की राजस्थानी बाल एकांकी संग्रह "सरहिन्द रो साको" पुस्तक का विमोचन किया गया। यह लोकार्पण कार्यक्रम गुरूद्वारा गुरू सिंघ सभा सूरतगढ़ में हुआ। गुरू गोविंद सिंह जी के दो पुत्रों को दीवार में चिनवाए जाने की शहादत पर पहली एकांकी है और पुस्तक के आवरण पृष्ठ पर उसी शहादत का रेखाचित्र प्रकाशित है।


मनोज स्वामी को गुरूद्वारा सिंह सभा कमेटी ने सिरोपाव भेंट कर सम्मानित किया।  

पुस्तक विमोचन के अवसर पर सूरतगढ़ के प्रसिद्ध व्याख्याता प्रवीण भाटिया ने कहा की "सरहिन्द रो साको" बाल एकांकी संग्रह बालकों  में देश भक्ति की भावना को जगाने का महत्वपूर्ण कार्य करेगी और मातृभाषा राजस्थानी के प्रति बालकों का जुड़ाव होगा।


अंग्रेजी शिक्षक अनिल चुघ ने इस बाल एकांकी संग्रह को बालकों में संस्कार के बीजारोपण की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

पुस्तकों के समीक्षक मांगीलाल शर्मा ने  मनोज स्वामी की रचनाओं को समाज के हर वर्ग की समस्या को उजागर करने वाली सामाजिक,नैतिक शिक्षा से ओतप्रोत बताया। 


राजस्थानी के व्याख्याता सुरेन्द्र स्वामी के अनुसार राजस्थानी भाषा के प्रति तन,मन धन से समर्पित मनोज स्वामी की प्रत्येक रचना अपने आप में महत्वपूर्ण है। हमें मनोज स्वामी की साहित्य साधना से शिक्षा लेते हुए ,अपनी मातृभाषा राजस्थानी का प्राथमिक शिक्षा,उच्च शिक्षा में विस्तार करना अतिआवश्यक है।


एडवोकेट कमल पारीक ने इस अवसर पर सरहिन्द रो साको पुस्तक के विभिन प्रसंगो पर चर्चा करते हुए बताया की प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं में राजस्थानी भाषा कला, संस्कृति, साहित्य का पाठ्यक्रम जुड़ने से राजस्थान के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलने शुरू हुए हैं। इस लिए भाषा का विस्तार और  संवर्धन जरूरी है। 



गुरुद्वारा श्री सिंह सभा अध्यक्ष प्रीतम सिंह गिल,गुरदीप सिंह भूंई, टैगोर महाविद्यालय के निदेशक गगन सिंह, ओमप्रकाश साबनिया,मुरलीधर पारीक,हरीश स्वामी, विविधा अध्यक्ष योगेश स्वामी, किशन स्वामी,अशोक स्वामी, टाबर टोली में निखिल,रामप्रताप, सुरजीत, इमरान, रोहित, उत्तम, तपेश, राजकमल आदि मौजूद रहे। 00

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शनिवार, 16 जनवरी 2021

* बकरियां खाने लगी पीपल के पत्ते.*




* करणीदानसिंह राजपूत *

बकरियां खेजड़ी व कंटीले पेड़ों का लूंग पत्ते झड़ बेरी के पत्ते, पाला,घास आदि खाती थी। जंगलों में ये बेशुमार उपलब्ध थे। यही प्रमुख चारा था।

अब कस्बों शहरों के पास जंगल चारागाह खत्म कर दिए गए। अब बकरियों को क्या चराया जाए कि उनका पेट भर जाए?

भूख मरती बकरियां अब पीपल के पत्ते भी चरने लगी हैं। बकरी पालक पीपल के नीचे की टहनियों को छांग कर जमीन पर गिराते हैं जिन्हें बकरियां चरती हैं।

* सूरतगढ़ का दृश्य।

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शुक्रवार, 15 जनवरी 2021

राजस्थानी रा मानीता साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी रो परिचय अर पोथियां













मनोज कुमार स्वामी राजस्थानी भाषा री मान्यता सारूं आपरै जीव नै जितरो तोड़्यो मरोड़्यो, उण रो बखाण करण वास्ते कई दिन चाईजै।पण अठै परिचय देवण री कोसिस करीजी है- करणीदानसिंह राजपूत-

मायड़ भासा राजस्थानी री संवैधानिक मान्यता सारू संकळपित‘ संघर्ष मांय सामल।
कन्या भू्रण हत्या रोकण सारू संकळपित गर्भस्थ शिशू संरक्षण समिति मांय सामल।
रंगमंच सूं जुड़ाव, साक्षरता, जनचेतना नाटकां रो स्थापित मंचा अर नुक्कड़ नाटकां रो मंचन।
‘‘गांव की गळी-गाळी‘‘ अर ‘‘कफन’’ रो मंचन घणों सराइज्यो।
दूरदर्शन रै कल्याणी कार्यकम मैं ‘‘द्रोपदी’’ फीचर मांय अभिनय।
सन् 1982 सूं आकाशवाणी केन्द्र सूरतगढ़ सूं लगो लग कहाणी पाठ अर लिख्योड़ै नाटकां रो प्रसारण। जिणां मांय ‘‘कुवारो’’ नाटक तो सो सूं बैसी बार प्रसारित।
कहाणी ‘‘औसर’’ पर भगवान दास शर्मा रै निर्देसण मांय बणी टेली फिलम, ’ओसर द पार्टी आफ डेथ’ श्रेष्ठ कथानक सूं पुरस्कृत।
बाल नाटकां री पोथी ‘‘ तांतड़ै रा आसूं’’ पर राजस्थान सरकार रो ’’ राजस्थानी भासा साहित्य एंव सुस्कृति अकादमी बीकानेर संू, ‘‘बाल साहित्य पुरस्कार 2006।’’
स्वर्गीय कुरड़ाराम ढिल राजस्थानी साहित्य सम्मान ( बरवाली- नोहर) स्वर्गीय नानूराम संस्कर्ता राजस्थानी साहित्य सम्मान (लूणकरणसर- बीकानेर)
 सुरजाराम जारीवाला राजस्थानी सृजन-सम्मान (श्रीगंगानगर 
 अमेरिका री संस्था 'राना' रो पदमश्री कन्हैया लाल सेठिया राजस्थानी साहित्य सम्मान( समारोह स्थल जोधपुर-राजस्थान)
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जागती जोत, राजस्थली, माणक, बिणजारो, नैणसी, हथाई, लीलटांस, अपरन्च, कथैसर, दिल्ली प्रेस युगपक्ष, सीमां संदेश, सूं लगो लग रचनावं रो प्रकासन।
मायड़ भासा सारू, 30 बरसां सूं पखवाड़ियै अखबाकर ‘‘सूरतगढ़ टाईम्स’’ रो प्रकासण।
पंजाब केसरी जालंधर सारू 22 बरसां स्यूं संवाद प्रेसण।
खास -मायड़ भासा राजस्थानी मांय देस मांय पैली बारी 10 दिना ताई रामलीला रौ सफल मंचन
छप्योड़ी पोथी
1. तांतड़ै रा आसूं ः-  राजस्थानी नाटक संग्रै
2. काचो सूत ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै
3. बेटी ः- राजस्थानी कविता संग्रै
4. रिचार्ज ः- राजस्थानी नाटक संग्रै
5. इमदाद ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै
6. किंया...!! ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै
7. खैचळ अर खैचळ ः- राजस्थानी आत्मकथा
8. नाव अर जाळ ः- राजस्थानी उल्थौ 
उपन्यास मछुआरे (चेम्मीन)
लेखक पिल्लैई शिव शंकर
9. रामलीला राजस्थानी माय:-  नाटक
10.कहाणी संग्रै - मनगत

11.उपन्यास = करड़कूं
12. पंजाबी उपन्यास , कोठे खड़कसिंघ रो राजस्थानी अनुवाद
13. राजस्थानी बाल नाटक संग्रै = सरहिन्द रो साको  2020 मांय

14. टोपां-टोपां जूण ः- राजस्थानी उल्थौ उपन्यास कतरा-कतरा जिदगीं -
लेखक यादवेन्द्र शर्मा चंद्र










छपणै री अडीक में हिन्दी सूं राजस्थानी मांय उल्थौ
तिरस्कृत - सूरजपाल चौहान
संतप्त सूरजपाल चौहान
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मनोज कुमार स्वामी अर जोड़ायत गंगादेवी
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 ठिकाणों:-    पुराणो बस   स्टैण्ड, सूरतगढ़़,335804,
                
                    जिला श्रीगंगानगर ‘राजस्थान’,

कानाबातीः  9414580960.
ईमेल पता.  manojswami2011@gmil.com
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Up date 15-12-2018.
Up date 15-1-2021.
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