रविवार, 31 दिसंबर 2023

पार्षदों और नेताओं ने सूरतगढ़ को गंदखाना बना दिया.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 31 दिसंबर 2023.

नगरपालिका सूरतगढ़ की सीमा में बेशकीमती जमीन पर होते अतिक्रमणों में से कुछ पार्षद व राजनीतिक कार्यकर्ता एक अतिक्रमण हटाने की मांग करें और दस बीस अतिक्रमणों के नाम जानते हुए भी नहीं लिखें तो ऐसी मांग खोट भरी ही कहलाएगी। आखिर लाखों करोडों की जमीन खंडों के अन्य अतिक्रमण और अतिक्रमणकारी किन कारणों से प्यारे लगते हैं कि उनको हटाने की मांग नहीं होती। अतिक्रमणकारी से पारिवारिक संबंध, रिश्तेदारी, दोस्ती है? यदि ये संबंध नहीं है तो सीधा एक ही आरोप बनता है कि छुपे तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल हैं और चेहरा साफ नहीं है। यह भी नहीं है तो फिर किसका दबाव या प्रभाव है? क्या लाखों का खेल चुप रहने का दबाव डाल रहा है और  अन्य अतिक्रमणों के नाम नहीं लिखे जा रहे। पैसों की गठरी का बोझ दाब दे रहा है? 


अतिक्रमणों के समाचार और फोटो सोशल मीडिया में वाट्सएप ग्रुपों में छपते रहने के बावजूद भी पार्षदों की ओर से उनको तोड़ने की मांग कभी नहीं उठी। यह मौन क्यों रहता है? 

* तोड़े हुए अतिक्रमणों और पुलिस में मुकदमा दर्ज होने पर भी दुबारा अतिक्रमण हो जाना खुला भ्रष्टाचार है। राजनीतिक संरक्षण के बिना यह संभव नहीं हो सकता।प्रदेश में सरकार बदल गई। कांग्रेस के बदले में भाजपा की सरकार बन गई। भाजपा का कौनसा नेता अब संरक्षण दे रहा है? अतिक्रमण करने वाले भाजपा के स्थानीय संरक्षण में आ गये हैं तो नेताओं के नाम भी खुल ही जाएंगे कि उनके अतिक्रमण कहां कहां हैं और हो रहे हैं।

* पार्षद लिखित में अतिक्रमण और उस स्थान का स्पष्ट उल्लेख करते फोटो विडिओ लगाते हुए मांग क्यों नहीं करते? इस तरह से मांग हो तो अतिक्रमण पर कार्यवाही तुरंत ही करनी होगी। 

** सूरतगढ़ में चुनाव आचार संहिता अवधि में अतिक्रमण हो गये और तुड़वाए अतिक्रमण पर नगरपालिका संपत्ति के बोर्ड हटा फेंक कर दुबारा अतिक्रमण कर लिया गया। जिम्मेदार अधिकारी हैं नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी पवनकुमार चौधरी ( हनुमानगढ़ निवासी हैं) अतिक्रमण निरोधक दस्ते के प्रभारी कालूराम सेन ( सूरतगढ़ निवासी) 

* प्रदेश में सत्ता भाजपा की है तो सूरतगढ़ में हरकाम की जिम्मेदारी विधायक चुनाव लड़े रामप्रताप कासनिया की है। कासनिया ने चुनाव में अपने बेटे संदीप कासनिया को आगे कर दिया था। अब नगरपालिका या अन्य विभागों में जिम्मेदारी और आरोपों का जवाब देने की जिम्मेदारी बाप बेटे की ही बनती है। भाजपा का स्थानीय नगर मंडल भी जिम्मेदारी से दूर नहीं भाग सकता।

* नगरपालिका बोर्ड के चुनाव 2019 में हुए थे और शहर के विकास में पार्षदों की डायरियां और रिपोर्ट कार्ड कोरे हैं। विकास कहीं दिखाई नहीं दे रहा। 

* पार्षदों और राजनीतिक नेताओं की हर अनदेखी काम नहीं करने के व्यवहार से शहर   कचरे गंदगी अतिक्रमण भ्रष्टाचार की सड़ांध में धधक रहा है। वीआईपी कहलाने वाली कालोनियों में भयानक गंदगी के गंदखाने में बड़े नेता बड़े अधिकारी धनी लोग रहते हैं लेकिन चुप रहते हैं।

👍 विधानसभा चुनाव 2023 के सेवाभावी नेता प्रत्याशी टिकटार्थी पार्टियां कहीं दिखाई नहीं दे रहे। ऐसी स्थिति में सूरतगढ़ के समझदार लोगों संस्थाओं से सन् 2023 के आखिरी दिन 31 दिसंबर को एक जवाब चाहिए कि आखिर कब तक चुप रहोगे? ०0० 

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत) 

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

 94143 81356.




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शनिवार, 23 दिसंबर 2023

सूरतगढ़:अतिक्रमण तोड़ खाली कराए भूखंड पर फिर कब्जा: कौन जिम्मेदार.

 





* करणीदानसिंह राजपूत * 

सूरतगढ़ 24 दिसंबर 2023.


* नगरपालिका ने वार्ड नं 26 में सड़क चिपते एक बेशकीमती भूखंड पर किए अतिक्रमण को 3 जनवरी को तोड़ कर वहां नगरपालिका संपत्ति का बोर्ड लगाया। वहां से बोर्ड गायब फिर अतिक्रमण और दरवाजा लगाकर ताला लगा दिया। यह अतिक्रमण किसके दबाव से दुबारा किसका करवा दिया गया या इसमें लाखों रूपये लेकर अतिक्रमण करवाया गया? सारे शहर को दुबारा अतिक्रमण का मालुम हो जाए और नगरपालिका के ईओ,अतिक्रमण निरोधक दस्ते के प्रभारी कालूराम सेन को मालुम न हो सके और अध्यक्ष को मालुम न हो सके,ऐसा संभव नहीं। 

👍 क्या इसका गोलमाल कर पट्टा बना दिया है? मामला ऐसा है कि इसमें किसी की नौकरी भेंट चढेगी और मुकदमा हुआ तो जेल भी संभव होगी।

👍 

अतिक्रमण तोड़ने की घटना के बाद नगरपालिका की ओर से  पुलिस में मुकदमा हुआ और उन धाराओं में समझौता नहीं हो सकता तब कोई बड़ा खेला हुआ है। पहले आरोप लगाया गया था कि नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा पर आरोप लगाया गया था लेकिन अब ओमप्रकाश कालवा तो सस्पेंड हैं तो अब किस पर जिम्मेदारी है? जब यह बात फूट गई तो मौके के ईओ पवनकुमार बिना देरी के कब तुड़वाएंगे अतिक्रमण और क्लीन चिट होंगे? अब किसके विरुद्ध या अज्ञात के विरुद्ध कराया जाएगा मुकदमा?


* पहली घटना में अतिक्रमण तोड़ने में लगे कर्मचारियों पर ईंटें मार हमला किया गया।





नगर पालिका अतिक्रमण निरोधक दस्ते पर हमल कर गंभीर चोटें पहुंचाने के आरोप में सिटी पुलिस थाने में 3 जनवरी 2023 रात में

मुकेश स्वामी,पंकज स्वामी व अन्य  के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं 332 353 और 504 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज हुआ है।

 ये दोनों धाराएं 332 353 लोक सेवक के सरकारी कार्य में डर दिखाकर बल प्रयोग करते हुए बाधा डालने और चोट पहुंचाने की हैं,इनमें पुलिस जमानत नहीं ले सकती अदालत ही जमानत ले सकती है।

* धारा 332 लोक सेवक को बल प्रयोग करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने में 2 साल तक की कैद और जुर्माने का दंड हो सकता है। 

** धारा 353 में  लोकसेवक को सरकारी कार्य में चोट पहुंचाकर बाधा डालने में  3 साल की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है।

*** दोनों धाराओं 332 353 में समझौता नहीं हो सकता। अदालत में ही निर्णय होता है।

* धारा 504 जानते बूझते अपमानित करते हुए उकसाने का आरोप।

 नगर नगरपालिका के सहायक राजस्व निरीक्षक कालूराम सेन पुत्र ख्यालीराम की ओर से यह मुकदमा 3 जनवरी 2023 की शाम को दर्ज करवाया गया। 

कालूराम सेन की ओर से दर्ज मुकदमे में लिखाया गया है कि अतिक्रमण निरोधक दस्ते के कालूराम सेन प्रभारी  मोहनलाल अठवाल स्वच्छता निरीक्षक मनिंद्र पूर्ण राम जगदीश प्रसाद आदि जमादार व 15- 20 अन्य सफाई कर्मचारी सुबह 7:30 बजे वार्ड नंबर 26 में अतिक्रमण हटाने के लिए गए थे। 

 मुकेश स्वामी ने चार दिवारी दो कमरे बनाए और अन्य निर्माण चालू कर रखा था। कब्जा हटाने व निर्माण रोकने की कार्यवाही शुरू की गई। 

मुकेश व पंकज स्वामी और  दो तीन अन्य लोगों ने विरोध किया। मुकेश स्वामी ने गाली गलौज किया और जानलेवा हमला करते हुए ईंटें मारनी शुरू की। अजय पुत्र कानाराम के साथ जाति सूचक गाली गलौज के साथ ही ईंट मारी जो उसके सिर पर लगी। मेरे ईंट मारी जो हाथ पर लगी। राजकार्य में बाधा डाली गई। जेसीबी मशीन का शीशा तोड़ दिया गया। 

यह अनुसंधान सहायक उपनिरीक्षक राजकुमार को सौंपा गया था।०0०

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घग्गर डिप्रेशनों की भूमि विभाग कै नाम दर्ज नहीं. राजस्व कर्मचारियों का भ्रष्टाचार।

 

* करणीदानसिंह राजपूत *


पूर्व विधायक स.हरचंद सिंह सिद्धु ने मुख्य अभियंता को अवगत कराया।

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पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिद्धू ने गुरूवार 22 दिसंबर 2023 को जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर (उत्तर) अमरजीत सिंह मेहरड़ा से हनुमानगढ़ में भेंट करके अवगत कराया कि घग्घर डिप्रेशनों में आवाप्त की गई भूमि को विभाग राजस्व रिकॉर्ड में अपने विभाग के नाम से दर्ज करवाए। 

सिद्धु ने कहा कि इस भूमि आवाप्ति को सालों बीत गये लेकिन यह विभाग के नाम दर्ज नहीं है। इस भूमि का दुरपयोग हो रहा है।

अब विभाग सक्रियता दिखाए और इस भूमि को अपने नाम से दर्ज करवाए। इस बातचीत के समय संबंधित अधिशासी अभियंता मनोज कुमार भी मौजूद थे। 

मुख्य अभियंता मेहरड़ा ने अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया है कि इसमें तत्परता दिखाते हुए कार्यवाही करें।

पूर्व विधायक हरचंद सिंह ने कहा कि विभाग को उनका सहयोग चाहिए तो वह हर समय इस मामले में सहयोग देने को भी तैयार रहेंगे।

* सिद्धु ने जानकारी देते रिपोर्टर को बताया कि घग्घर डिप्रेशन कृत्रिम (झीलों) के लिए सन 1967 में भूमि आवाप्ति की कार्यवाही शुरू हुई थी लेकिन यह भूमि विभाग की उदासीनता के कारण और राजस्व अधिकारियों के भ्रष्टाचार के कारण राजस्व रिकॉर्ड में विभाग के नाम से दर्ज नहीं की गई।

 सिद्धू ने कहा कि 18 डिप्रेशन हैं जिन में 8000 बीघा भूमि आवत की गई 7000 बीघा भूमि सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र की है और 1000 बीघा रावतसर क्षेत्र की है। किसान इसका स्थानांतरण लेकर वहां चले गये।

 इस भूमि का जो अरबो रुपए की है अवैध फसल कास्त करने वाले लोग राजस्व विभाग की मिली भगत से दुरुपयोग कर रहे हैं। इतने वर्षों तक यह भूमि सिंचाई विभाग के घग्घर बाढ नियंत्रण खंड के नाम दर्ज होनी चाहिए थी लेकिन यह उदासीनता के कारण नहीं हो पाई। ०0०

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शुक्रवार, 22 दिसंबर 2023

हाऊसिंग बोर्ड कालोनी में लार्ज स्केल पर अतिक्रमण.एडीएम एसडीएम ईओ कौन करेंगे कार्यवाही.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 22 दिसंबर 2023.

सूरतगढ़ आवासन मंडल कालोनी में अतिक्रमणों की बाढ आ गई है। उच्च अधिकारी एडीएम एसडीएम और नगरपालिका ईओ कौन अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करेंगे? 







* धनी लोग,बड़े लोग,उच्च शिक्षित लोग कर रहे अतिक्रमण। अतिक्रमण जारी हैं और रुक नहीं रहे। अतिक्रमण रोकने की कोई भी कार्यवाही शुरू नहीं होने से अतिक्रमणकारियों का दुस्साहस बढता जा रहा है। व्यवसायिक कार्य भी होने लगे। एक स्कूल का भी अतिक्रमण। 

* नगरपालिका ईओ,अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने एक भी अतिक्रमण नहीं हटाया।

* आश्चर्य यह है कि कच्ची बस्तियों गरीबों के हितैषी फोटो नेताओं की इन अतिक्रमणकारियों पर एकदम चुप्पी है। कहीं कोई शिकायत धरना प्रदर्शन नहीं होना भी रहस्यमय है। 

* बहुत बड़े और सैंकड़ों अतिक्रमण और अभी भी हो रहे अतिक्रमण  पर ADM,SDM भी नहीं ले रहे कोई एक्शन।०0०

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रविवार, 17 दिसंबर 2023

राजेंद्र जैन सूरतगढ़ प्रेस क्लब के सर्वसम्मत अध्यक्ष निर्वाचित

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 17 दिसम्बर 2023.

सूरतगढ़ प्रेस क्लब की शाम को अध्यक्ष निर्वाचन की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से राजेन्द्र जैन ( पटावरी) को अध्यक्ष चुना गया। 

राजनैतिक समीक्षक व उच्च स्तरीय समाचारों के लिए मान्य राजेंद्र जैन का ब्लॉग "खबर पालिटिक्स" बहुत लोकप्रिय है। इसमें भीतर की खबर या टिप्पणी हलचल मचा देती है। जैन इसके अलावा फर्स्ट इंडिया के रिपोर्टर हैं।


क्लब की कार्यकारिणी में श्रीमती आशा शर्मा और श्री सूरज शर्मा  उपाध्यक्ष, अशोक वर्मा महासचिव तथा नंदकिशोर सोमानी कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं।

क्लब के निवृत्तमान अध्यक्ष डॉ. हरिमोहन सारस्वत ने नई कार्यकारिणी की घोषणा की। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने पिछली कार्यकारिणी का आभार जताया और नए पदाधिकारी को बधाई दी। क्लब का शपथ ग्रहण समारोह मलमास समाप्त होने के बाद आयोजित किया जाएगा। 

०0०

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शुक्रवार, 15 दिसंबर 2023

"इमरजेंसी" फिल्म भी मोदीजी के मन को लोकतांत्रिक पक्ष का नहीं बना पाएगी!



* करणीदानसिंह राजपूत *

इमरजेंसी फिल्म कांग्रेस के विरुद्ध तूफान लाएगी मगर मोदी सरकार फिर भी आपातकाल में लोकतंत्र बचाने के लिए जेलों में जाने वाले, अत्याचार सहने वाले,बहुत कुछ कुर्बान करने वालों को अपराध मुक्त करके लोकतंत्र सेनानी घोषित नहीं करेगी। देश में लोकतंत्र बचाने वालों को सम्मानित करना पेंशन देना तो बहुत दूर की बात है कि मोदी जी की सरकार ने तो हजारों पत्रों ज्ञापनों और राज्यसभा में सांसदों द्वारा दिए भाषाओं पर भी कभी जिम्मेदारी वाली घोषणा नहीं की। कभी कभी कुछ अज्ञानी लोग या जानकर भी तिरस्कार भरे शब्दों में कहते हैं कि क्या आपातकाल में जेलों में पेंशन के लिए गए थे? अंग्रेजी सरकार के विरुद्ध लोगों ने आंदोलन किया जेलों में गए थे। वे पेंशन के लिए नहीं गए थे लेकिन देश को स्वतंत्रता मिलने पर कांग्रेस सरकार ने ऊनको स्वतंत्रता सेनानी घोषित किया और पेंशन व अनेक सुविधाएं दी जो अभी भी उनको या उनके परिजनों को मिल रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंधित सम्मान निधि के विरुद्ध बोल देते हैं लेकिन जब जहां राज्य सरकारों ने सम्मान राशि दी तब ले भी ली। संघ पहले कहता था कि राजनीति में भाग नहीं लेगा लेकिन अब कुछ सालों से विधायक सांसद मंत्री और अनेक पद हैं जहां बैठ रहे हैं और हर लाभ ले रहे हैं। अब तो इन पदों पर लिया ही उनको जा रहा है जो संघ में सेवक रहे हों। राज्योंं के मुख्यमंत्री हो चाहे देश के प्रधानमंत्री स्वयं हों। केवल आपातकाल के जेल बंदियों आंदोलन कारियों,सत्याग्रहियों से ही तिरस्कार पूर्ण व्यवहार भारत सरकार यानि हमारी सरकार मोदी सरकार कर रही है। यहां पर एक तिरस्कार का उल्लेख करना उचित रहेगा। कुछ कहतें हैं कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद मांगने लगे,पहले कोई मांग क्यों नहीं की? क्या मोदी सरकार से कोई मांग करली है तो गुनाह कर लिया है क्या? मोदी जी से मांग नहीं सकते क्या? देश के प्रधानमंत्री मोदी से मांग रहे हैं,राज के कोष से मांग रहे हैं,मोदी जी से नहीं मांग रहे। सन् 2008 में यह मांग व्यापक रूप से उठ चुकी थी। मोदीजी की सरकार यानि भारत सरकार से यह मांग इसलिए की जा रही है कि आपातकाल भारत सरकार ने लगाया था इसलिए भारत सरकार ही असाधारण राजपत्र प्रकाशित करे जिसमें आपातकाल जेलबंदियों को आंदोलनकारियों को अपराध मुक्त करते हुए देशभक्त घोषित करे। इसके अलावा सम्मान और सम्मान राशि और सुविधाएं संपूर्ण राज्यों में एक समान हो जाएंगी तथा संपूर्ण देश में सभी पर लागू होंगी। सभी चाहते हैं कि मोदी जी की सरकार इस पर निर्णय ले। देश के गृहमंत्री अमित शाह और राज में हिस्सेदार देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा जी अपना मुख खोलें बोलें और मोदीजी जी को सलाह दें। लोकतंत्र सेनानी 70 से ऊपर 90-95 साल की उम्र में अनेक पीड़ाएं भोगते संसार छोड़ते जा रहे हैंं। अनेक संसार छोडध चुके सेनानियों की जीवन संगिनी वृद्धावस्था में कष्ट भोग रही हैं। क्या मोदी सरकार का कोई कर्तव्य नहीं बनता? सच्च में मोदी जी में करूंणा का अंश भी नहीं है?

* एक बार फिर आपातकाल पर बनी फिल्म

को बतलाते हैं,चर्चा करते हैं। 

 इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री काल में लगाए गये आपातकाल (26 जून 1975 से 21 मार्च 1977) की अत्याचारी घटनाओं  पर बनी कंगना रानौत की फिल्म “एमर्जेंसी” अब वर्ष 2024 में दिखाई जाएगी। 

यह फिल्म जब भी दर्शकों के आगे पेश होगी, निश्चित तौर पर तूफान लाएगी। चूंकि

मैं स्वयं उस अत्याचार के काल में  में सवा चार महीने जेल में रहा। मेरे साप्ताहिक भारतजन पर सेंसर की मार हुई। विज्ञापन बंद हुए और अखबार को जब्त कर लिया गया था। घोषणा पत्र निरस्त कर दिया जो बहाल होने फर दुबारा शुरू कर पाया था। मेरे अनेक साथी जेलों में रहे।

मणिकर्णिका फिल्म द्वारा निर्मित इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण कंगना रनौत के जरिए किया गया है। फिल्म की पटकथा रितेश शाह ने लिखी है। फिल्म में कंगना के अलावा सतीश कौशिक, मिलिंद सोमन, अनुपम खेर, श्रेयस तलपड़े और महिमा चौधरी जैसे सितारे खास रोल में हैं।

 अभिनेत्री ने रिलीज की तारीख को टालने की जानकारी देते हुए लिखा, “मैंने 'इमरजेंसी' रिलीज की तारीख 24 नवंबर 2023 घोषित की थी, लेकिन मेरी अन्य फिल्मों के कारण इस फिल्म को 2024 में रिलीज करने का फैसला किया है। नई रिलीज तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी।” 

     कंगना रनौत ने उन दावों का खंडन किया कि उनकी आगामी फिल्म 'इमरजेंसी' का उद्देश्य कांग्रेस को खराब रोशनी में दिखाना अथवा भाजपा का पक्ष लेना है। यह फिल्म स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर आधारित है। वे कहती हैं : “इमरजेंसी हमारे इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है, जिसे युवा भारत को जानना जरूरी है। यह एक महत्वपूर्ण कहानी है। 

कुछ भी कहा जाए कि कांग्रेस को बदनाम करना उद्देश्य नहीं है लेकिन फिल्म के 2024 में प्रदर्शन शुरू होने के कुछ महीने बाद ही लोकसभा के आम चुनाव हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सार्वजनिक रूप से घोषणा कर चुके हैं कि वे 2024 में फिर आएंगे। मतलब कि वे ही अपने को प्रधानमंत्री मान रहे हैं। बस इसलिए आपातकाल के लोकतंत्र सेनानी भी आवाज उठा रहे हैं कि हमारी सुनो!

15 दिसंबर 2023.

करणीदानसिंह राजपूत,

उम्र 78 वर्ष।

आपातकाल जेलबंदी पत्रकार,

( पत्रकारिता के 60 वर्ष)

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356.

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गुरुवार, 14 दिसंबर 2023

डुंगरराम गेदर का 24 को सम्मान समारोह: कुम्हार समाज का आयोजन.

* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 14 दिसम्बर 2023.नवनिर्वाचित सूरतगढ़ के विधायक डुंगरराम गेदर का
कुम्हार समाज समिति की ओर से 24 दिसंबर को समारोह में सम्मान किया जाएगा। यह सम्मान समारोह यहां कुम्हार धर्मशाला में आयोजित होगा।

कुम्हार समाज समिति के अध्यक्ष नत्थू राम कलवासिया व  कार्यकारिणी टीम के  सदस्यों  ने मंगलवार शाम को जन सेवा  केन्द्र पहुंच कर नवनिर्वाचित विधायक डूंगर राम गेदर को गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी।
इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष परसराम भाटिया ,नत्थूराम कलवासिया,ओम प्रकाश कारगवाल ,गोपीराम मारवाल ,राजेन्द्र भोभरिया,करणी डाल ,सूरजभान माहर ,अधिवक्ता राम नारायण जालप,राम करण जालप ,महेन्द्र लिम्बा,समिति प्रवक्ता अशोक बागोरिया मौजूद थे।०0०

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मंगलवार, 12 दिसंबर 2023

संघ की चली:राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा चुने गये: वसुंधरा ने प्रस्ताव रखा.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सांगानेर से पहली बार चुनाव लड़कर विधायक बने भजनलाल शर्मा को राजस्थान का मुख्यमंत्री चुना गया है जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हैं और भाजपा संगठन में भी महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। राजस्थान में सुधार के लिए प्रशासन में व्यापक फेरबदल की संभावना है। 

भाजपा हाईकमान ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को राजस्थान का पर्यवेक्षक बनाया था.

उपमुख्यमंत्री प्रेम बैरवा एवं दिया कुमारी को बनाया गया है। पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी विधानसभा अध्यक्ष होंगे।

पूर्वमुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा।

राजस्थान में सीएम, डिप्टी सीएम और स्पीकर के  चयन होने के साथ ही राजस्थान में चुनाव नतीजों के बाद से जारी पॉलिटिकल सस्पेंस पर पूरी तरह से खत्म हो गया है।

 ** सबसे आश्चर्य जनक बात ये रही कि भजन लाल शर्मा का नाम कहीं भी चर्चा में नहीं था। मुख्यमंत्री की दौड़ में कई बड़े नामों की गिनती हो रही थी लेकिन जब बीजेपी ने भजन लाल शर्मा के नाम का एलान किया सभी चौंक गए। संघ वसुंधरा राजे को 2018 से पहले से ही पसंद नहीं कर रहा था। संघ का अभी भी दबाव रहा। वसुंधरा राजे को राजनाथसिंह ने कैसे राजी किया है यह अभी परदे के पीछे है। इसके अनुमान लगाए जा रहे हैं।

बीजेपी ने इससे पहले छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में नए नाम के साथ सभी को चौंका डाला. ठीक उसी तरह राजस्थान में भी हुआ. 

 * अपने गृहनगर भरतपुर में  विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता और भरतपुर भाजपा जिलाध्यक्ष रहे। 

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर सह प्रांत प्रचारक नींबाराम जी थे और  उनका केंद्र भरतपुर था तब से भजन लाल शर्मा मौजूदा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्षेत्रीय प्रचारक नींबाराम जी के सम्पर्क में रह रहे हैं। 

सांगानेर भाजपा विधायक भजन लाल शर्मा अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जिनको भाजपा प्रदेश संगठन में चार प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी,  मदन लाल सैनी, डॉ सतीश पुनिया ओर सीपी जोशी के साथ प्रदेश महामंत्री पद का दायित्व संभालने का मौका मिला।

👍 राजस्थान में संघ की पावर चलेगी और कानून व प्रशासन में स्वच्छ छवि प्रदर्शित होगी का संकेत है।

12 दिसंबर 2023.

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