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रविवार, 1 मार्च 2026

महावीर इंटरनेशनल सूरतगढ़ का बवासीर शल्य चिकित्सा शिविर.संपूर्ण रिपोर्ट.सबसे अलग.

 









 * करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 1मार्च 2026.

महावीर इंटरनेशनल सूरतगढ़ केन्द्र तथा राजस्थान सरकार आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान से संचालित 10 दिवसीय बवासीर शल्य चिकित्सा शिविर का आज रविवार को सम्मान समारोह एवं होली स्नेह मिलन कार्यक्रम विजय वल्लभ भवन (चौपड़ा धर्मशाला) में आयोजित हुआ। महावीर इंटरनेशनल का यह नौवां शिविर था।






कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग श्रीगंगानगर डॉ. कृष्ण चन्द्र अरोड़ा ने की।शल्य चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश चेचू, डॉ. राजेश कनवाडिया शिविर प्रभारी,चंद्र सिंह चौधरी शिविर संयोजक, नवीन सिसोदिया आकाशवाणी कार्यक्रम प्रमुख सूरतगढ़, बी के रानी बहन संचालिका ब्रह्मकुमारी आश्रम सूरतगढ़, पूर्व विधायक अशोक नागपाल,महावीर इंटरनेशनल के सह निदेशक संजय बैद, अध्यक्ष सत्यनारायण झंवर तथा जोन सचिव राजेश वर्मा मंच पर उपस्थित रहे। 

समारोह का शुभारंभ प्रार्थना  तथा भगवान महावीर एवं भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण से किया गया।  

संस्था अध्यक्ष सत्यनारायण झंवर ने समारोह में आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। शिविर प्रभारी राजेश कनवाडिया ने  शिविर की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

 डॉ कृष्ण चंद्र अरोड़ा ने महावीर इंटरनेशनल के साथ शिविर में आगे भी इसी तरह सहयोग तथा सरकारी कैंप दिलवाने की घोषणा की।

डॉ ओम प्रकाश चेचू ने आयुर्वेद द्वारा क्षार  सूत्र  विधि के उपचार तथा सावधानियों के के बारे में बताया।

 शिविर संयोजक चन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि शिविर में कुल 260 रोगियों ने पंजीयन करवाया जिसमें से 62 रोगियों का क्षार सूत्र से सफल आपरेशन किया गया । उन्होंने रोगियों को संयमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि 9 मार्च को सभी रोगियों को जांच के लिए पुनः बुलाया गया है।

परियोजना निदेशक रमेश कुमार शर्मा व विजय सावन सुखा ने बताया कि इस बार शिविर में डॉ देवेश शर्मा द्वारा अग्नि क्रम व मर्म चिकित्सा पद्धति द्वारा 125 रोगियों का इलाज किया गया।

 महावीर इंटरनेशनल के सह निदेशक संजय बैद ने संस्था द्वारा संचालित सेवा कार्यों सहित आगामी 15 मार्च को लगाए जाने वाले निःशुल्क नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर की भी जानकारी दी।

 सचिव रामपाल रोकना ने बताया कि कि शिविर में आयुर्वेद विभाग से डॉक्टर रेनू वर्मा ,डॉक्टर मनीषा सिसोदिया , डॉ जितेंद्र गोदारा , डा जयकिशन सह शिविर प्रभारी,सोहनलाल ढाका, राजू सिंह,  कंचन, कलावती, जयदेश मीना, ममता चौहान, नरेंद्र सिंह गुर्जर, पंकज,परमा शर्मा, ओमप्रकाश, पंकज कुमार, विजय कुमार, उर्मिला भाटी, रणजीत सिंह , कपिल शर्मा, मनोज सोमानी, कृष्ण छींपा,शेरसिंह धर्मपाल,बंशीधर सोनी, रोवर कमल किशोर ,विकास ,इंद्र कुमार, रितेश, सूर्यप्रकाश ,सुनील ,कमलेश ,पियूष गर्ग, गुरवीर सिंह, व  रेंजर की टीम तथा समस्त संस्था सदस्यों का सहयोग रहा ।

👍 शिविर में चिकित्सा लाभ लेने वाले कुछ लाभार्थियों ने अपने विचार रखे। सभी ने महावीर इंटरनेशनल और आयुर्वेद विभाग की सराहना की। शिविर में विभिन्न सेवा में जुटे युवाओं की सराहना की गई। 


जोन सचिव राजेश वर्मा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन सचिव रामपाल रोकना द्वारा किया गया। संस्था अध्यक्ष सत्यनारायण झंवर ने बताया कि समारोह में संस्था द्वारा गत दो वर्षों में  सहयोगी भामाशाहों, नेत्र शिविर सहयोगी, रक्तदान शिविर सहयोगी, देहदान संकल्प, पर्यावरण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विभिन्न विद्यालयों के बच्चों , रेंजर रोवर तथा शिविर में सहयोगियों तथा समस्त आयुर्वेद टीम का सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में पहली बार दो लोकतंत्र सेनानियों करणीदानसिंह राजपूत वरिष्ठ पत्रकार एवं घनश्याम शर्मा का भामाशाह रूप में सम्मान किया गया।

कार्यक्रम सौहार्द, सेवा और समर्पण की भावना तथा राष्ट्रगान के बाद गुलाल के तिलक व सहभोज के साथ सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

* रिपोर्ट अच्छी लगी हो तो अन्य को शेयर जरूर करें।०0







शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026

आयुर्वेद चिकित्सा से रोग जड़ से खत्म होता है!

   


*करणीदानसिंह राजपूत *

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति जो रोग की जड़ तक पहुंच कर रोग को खत्म कर व्यक्ति को स्वस्थ करने वाली पद्धति है जिसे अब विश्व व्यापी रूप में अपनाया जाने लगा है।

* यह विश्व की प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति है, जब भारत एक विशाल क्षेत्र में फैला हुआ था।

👌 आज हम आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से विभिन्न रोगों का समुचित रूप से जड़ से खत्म करने का उपचार करने वाले डॉक्टर निशांत स्वामी की यहां चर्चा करते हैं जो सूरतगढ़ ( राजस्थान) में 'वैद्य कुंभाराम स्वामी आयुर्वेद हॉस्पिटल'का संचालन कर रहे हैं। वैद्य कुंभाराम स्वामी ने अपने जीवन काल में आयुर्वेद चिकित्सा देकर लाखों लोगों को स्वस्थ किया था। उनके सुपौत्र हैं डॉक्टर निशांत स्वामी।


डॉक्टर निशांत स्वामी भी अभी तक हजारों रोगियों का सफल इलाज कर चुके हैं, जिनमें बच्चों से लेकर वृद्ध तक शामिल हैं। 

** डॉक्टर निशांत का कहना है कि लगभग सभी रोग पेट से शुरू होते हैं।अगर पेट (उदर) साफ सही हो तो रोग हो नहीं पाते।

*डॉ निशांत बड़े धैर्य से रोगी से पूर्ण जानकारी बातचीत कर पता कर उसकी जटिलता का मालुम कर जांच करके फिर इलाज शुरू करते हैं जिससे रोगी को चिकित्सा लाभ तुरंत मिलना शुरू होता है और प्रभावशाली रहता है।

* निशांत प्रमुख रूप से बताते हैं कि वे किस प्रकार के रोगों रोगियों का ईलाज अभी तक कर चुके हैं।

पेट के रोग अल्सर एसिडिटी कब्ज आईबीएस हैं।  

* श्वास रोग, माइग्रेन, तनाव (टेंशन अनेक प्रकार का होता है.)लिवर यानि यकृत के रोग। फैटी लीवर, सिरोसिस, पीलिया, 

*पित्त की पथरी

** बवासीर  (बवासीर बादी हो चाहे खूनी हो.)

फिशर ( कट्स) भगंदर, फिस्ट्युला, बवासीर क्षार सूत्र से ईलाज करते हैं और औषधियों से भी करते हैं। 

 *कमर दर्द, यूरिक एसिड का बढ़ना,वरीकोजेन ( घुटने व पैरों की नसें फूलना)

 ** महिलाओं से संबंधित रोग ल्यूकोरिया. बार-बार गर्भपात होना।

** पुरुषों के रोगों में शुक्राणुओं की कमी,वेरीकोसील आदि है जिनका इलाज आयुर्वेद पद्धति में सफलता से संभव है।

👌  डॉ निशांत का कहना है कि पेट यकृत बवासीर आदि जो रोग हैं, ये सूरतगढ़ क्षेत्र में अधिक फैले हुए हैं।

* डॉक्टर निशांत की शिक्षा और अनुभव छोटी उम्र में भी विशालता रखते हैं। बी ए एम एस,सी आर ए वी (मेडिसिन)में किया हुआ है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति अपना रहे हैं।आर्य वैद्यशाला, कोटकल केरल में 2 साल तक कार्य का अनुभव है। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के अंदर भी इन्होंने प्रशिक्षण लिया है। नई दिल्ली के आयुष मंत्रालय से एक अनुसंधान अध्येता के रूप में डेढ़ साल तक कार्य किया है।

* सूरतगढ़ में वैद्य 'कुंभाराम स्वामी आयुर्वेद हॉस्पिटल 'बीकानेर रोड पर स्थित है।

 यहां डॉक्टर निशांत के मोबाइल नंबर दे रहे हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनसे संपर्क करके लाभ उठाया जा सके। निशांत के मोबाइल नंबर 8078634869,7426090869 हैं। 

*यहां एक विशेष जानकारी दे रहे हैं कि इसी आयुर्वेद हास्पिटल में डा. मीना स्वामी भी आयुर्वेद चिकित्सक का कार्य कर रही हैं। डा. मीना बी.ए.एम.एस.,सीआर ए वी ( आयुर्वेद) हैं।

 20 फरवरी 2026. .(*सूचना प्रद लेख.चिकित्सा अपनी ईच्छा और संतुष्टि से ही करानी चाहिए)

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवालय से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356.

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रविवार, 8 फ़रवरी 2026

श्रीगंगानगर: कितने अवैध चिकित्सालय और प्रयोगशालाएं ?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 8 फरवरी 2026.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और लापरवाही से सूरतगढ़ में( और जिले में) कितने चिकित्सालय और कितनी प्रय़गशालाएं अवैध यानि बिना वैध रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं? बड़ा प्रश्न है और  उत्तर इस विभाग की त्वरित व लगातार छापेमार निरीक्षण से सामने आएगा। क्या सीएमएचओ को मालुम नहीं कि शहर में गलियों में कितने चिकित्सा केंद्र चल रहे हैं? केवल गोपनीय सूचना के नाम पर एक जगह छापा मारना उचित होगा लेकिन सभी चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं की जांच हो तो अनेक खामियां मिलेंगी और चिकित्सा केंद्रों पर सील लगेगी।

👍 चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं का मेडिकल कचरा खपाने के लिए भी निश्चित स्थान और विधि  है जिसमें हर माह कुछ रूपया खर्च होता है और उसको बचाने के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया जाता। मेडिकल कचरा अवैध रूप से सड़कों आदि पर फेंका जाता है जो कानूनी गलत है।

चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं मेडिकल स्टोरों पर साफ सफाई,संपूर्ण स्टाफ का स्वास्थ्य परीक्षण जरूरी है लेकिन ऐसा निरीक्षण श्रीगंगानगर जिले में कब कहां हुआ और परिणाम व कार्वाई की सूचना नहीं मिलती। पहले ड्रग इंस्पेक्टर की कार्वाई की रिपोर्ट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से मिलती थी। अब विभाग सूचना उस विभाग को देता नहीं है।

खाद्य पदार्थों के नमूने और जांच की रिपोर्ट भी नहीं मिलती। सीएमएचओ की ओर से शनिवार 7 फरवरी 2026 को सूरतगढ़ के यश हास्पीटल में अचानक निरीक्षण में लेबोरेट्री अवैध बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित मिली। क्या हस्पताल संचालक की अनुमति के बिना कोई हस्पताल में लेबोरेटरी चला सकता है? उसका बिजली का कनेक्शन भी होगा जो मेन मीटर से या अलग होगा तो भी होस्पीटल की अनुमति से ही होगा। होस्पीटल में कोई भी अवैध संचालन हो रहा है तो कार्वाई संपूर्ण होस्पीटल पर होने और जवाब भी होस्पीटल संचालक से लिया जाना चाहिए था लेकिन लेबोरेटरी सील हुई और समाचार छपा हुआ सामने आया कि लेबोरेटरी संचालक से जवाब मांगा गया है।

👍 सीएमएचओ गंभीरता से सूरतगढ़ और संपूर्ण जिले में लगातार सभी चिकित्सालयों व प्रयोगशालाओं का निरीक्षण करे और कार्वाई की रिपोर्ट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को प्रकाशन के लिए भिजवाए।













शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025

चिकित्सालय,लैबोरेट्री का रजिस्ट्रेशन तुरंत करवालें अन्यथा सीज हो जाएंगे.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 10 अक्टूबर 2025.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारिक निरीक्षण में यहां संचालकों से सख्त कहा गया है कि रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है जो शीघ्र करवालें अन्यथा उनके चिकित्सालय या लेबोरेट्री सीज कर दिए जाएंगे। यह निरीक्षण 9 अक्टूबर को किया गया। चिकित्सालय में अग्निशमन उपकरण  प्रणाली लगानी भी अनिवार्य है,रजिस्ट्रेशन में जरूरी है। मेडिकल कचरा नियमानुसार निस्तारण का भी पंजियन जरूरी है। मेडिकल कचरा कहीं भी फेंक नहीं सकते जहां निस्तारण किया जाता है वहीं देना जरूरी है। चिकित्सालय का पंजियन तुरंत कराने के निर्देश दिए गए हैं।०0०




गुरुवार, 12 जून 2025

गर्मी और लू से बचें. डा.निशांत आयुर्वेद की मानें और मिलें

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान में इन दिनों भयानक गर्मी और लू चल रही है। मौसम विभाग की चेतावनी समय-समय पर मिल रही है। ऐसे में जब धूप और गर्मी में घर से बाहर निकलना हो तो बड़ी विकट स्थिति होती है। ऐसे भी काम होते हैं कि घर से निकलना जरूरी होता है तब बचाव के साथ निकलना चाहिए। 

 * गर्मी और धूप से बचने के लिए आयुर्वेद के डॉक्टर निशांत स्वामी के सुझाव  सलाह माने और जरूरत हो तो मिल भी सकते हैं और नजदीक रहने वाले लोग  मिलकर के भी विभिन्न रोगों में भी राय ले सकते हैं। 

** डॉक्टर निशांत से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि अभी जो बहुत ज्यादा गर्मी पड़ रही है और किसी कार्य वश घर से बाहर निकलना जरूरी हो तो समय का ध्यान रखें,और सुबह 11:00 बजे से शाम के 5:00 तक नहीं निकलें। विशेष कर वृद्ध, महिलाएं, बच्चे।

* बाहर निकलना बहुत जरूरी हो तो सिर को ढक कर के निकलें। छतरी का उपयोग भी कर सकते हैं। घर से निकलते समय खाली पेट नहीं होना चाहिए। कुछ खाया हुआ हो और उसके अलावा पानी शरबत मट्ठा छाछ आदि पी करके ही निकले।

*डॉक्टर निशांत का कहना है कि गर्मी में तरल पदार्थ का अत्यधिक प्रयोग करें। यानि छाछ, मीठी लस्सी, नारियल पानी, नींबू पानी,शर्बत, ठंडाई आदि का प्रयोग करें। फलों में तरबूज खीरा,खरबूजा, आदि का प्रयोग करें। अधिक भारी गरिष्ठ पदार्थ तले हुए पदार्थों का सेवन नहीं करें।

*  कैरी को उबाल कर या भून कर  उसमें कुछ चीनी या गुड मिलाकर पन्ना बना कर पियें। गर्मी में इमली का मीठा पानी भी पीना उचित अच्छा रहता है। ये स्वादिष्ट भी होते हैं।

 👍डॉक्टर निशांत का कहना है कि ए.सी. कमरे में से निकलकर तुरंत धूप में नहीं जाएं।

** गर्मी से घबराहट बेचैनी हो चक्कर बुखार उल्टी दस्त होने पर घर पर विश्राम करें और चिकित्सक से परामर्श करें ।

(👍 अपने स्वास्थ्य रक्षा के लिए अपने ईच्छा वाले चिकित्सक से राय लें।)

** डॉक्टर निशांत से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए सूरतगढ़ में बीकानेर रोड पर वैद्य कुंभाराम  आयुर्वैदिक हॉस्पिटल है उसमें संपर्क किया जा सकता है। सुविधा के लिए यहां पर उनके फोन नंबर दिए जा रहे हैं+91 8078 634 869.

०0० ( 12 जून 2025.)

करणीदानसिंह राजपूत,

(राजस्थान सरकार द्वारा लाईफटाईम अधि स्वीकृत पत्रकार )

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356.

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शुक्रवार, 23 मई 2025

सूरतगढ़ कच्ची बस्ती में चिकित्सालय.स्टेडियम के पीछे.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 23 मई 2025.

राजस्थान सरकार की ओर से सूरतगढ़ की कच्ची बस्ती में वार्ड नं 5 में स्टेडियम के पीछे खुले शहरी आयुष् आरोग्य मंदिर में आबादी निवसियों विशेष कर अल्प आय गरीब मजदूर श्रमिक वर्ग के लोगों को ईलाज और जांच,टीकाकरण आदि का लाभ मिल रहा है।

इस चिकित्सालय में डाक्टर देवाशीष सेठी से भेंट हुई। युवा डाक्टर उत्साह भरे हैं लोगों के ईलाज के लिए। बातचीत में डाक्टर मधुरभाषी लगे।

* डाक्टर ने बताया कि अभी सामान्य सभी रोगों का ईलाज है। प्रतिदिन 50-60 रोगी आते हैं। कुछ जांचे जो पट्टिका पर संभव है वे यहां की जाती हैं। शुगर बुखार होमोग्लोबिन आदि। सामान्य रूप से इंजेक्शन दवा की भी सुविधा है। फ्रीज में रखी जाने वाली दवाएं इंजेक्शन दवाएं नहीं है। फ्रीज कोई सामाजिक संस्था या व्यक्ति दान में उपलब्ध करा दे तो फिर अनेक ईलाज यहां संभव हो सकेंगे। अभी गर्मी मौसम में चिकित्सालय समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक का है जिसमें रोगी पहुंच सकते हैं।

* ओमप्रकाश कालवा जब नगरपालिका अध्यक्ष पद पर थे तब उन्होंने जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इस बस्ती में चिकित्सालय खोलने की सलाह दी जिस पर स्वीकृति हुई। मेरी बातचीत यहां मौजूद स्टाफ से भी हुई, सभी मरीजों की सेवा के लिए उत्साही लगे।

* मैं आज उस क्षेत्र में सुबह पत्रकार दृष्टि से अवलोकन पर था। मेरा मानना है और कहना है कि आसपास के निवासियों को इस चिकित्सालय से ईलाज करवाने पहुंचना चाहिए।

** यह कोशिश भी रहेगी कि कोई संस्था या दानदाता फ्रीज भेंट करे। इस संबंध में डाक्टर से भी बात की जा सकती है।

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शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025

पैथ लैबों पर सख्ती:रजिस्ट्रेशन जरूरी अन्यथा कार्रवाई होगी.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़/हनुमानगढ़ 4 अप्रैल 2025.

 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हनुमानगढ़ की अध्यक्षता में दिनांक 03.04.2025 को सायः 3.30 बजे स्वास्थ्य भवन सभागार में प्रशोगशाला/लैब संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिसमें सभी पैथ लैब को परमानेन्ट रजिस्टर्ड करवाने के लिए कहा गया। 

बैठक में निम्न बिन्दुओं पर चर्चा की गईः-

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा उपस्थित लैब संचालकों को स्थाई रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन या तो व्यक्तिशः या डाक द्वारा अनुसूची में वर्णित फीस के साथ प्रारूप 3 में आवश्यक जानकारी भरकर नैदानिक स्थापनों के विभिन्न प्रवर्गो के लिए न्यूनतम मानकों ओर कार्मिको की अपेक्षा रखने वाले साक्ष्य के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्रस्तुत करे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लैब संचालको को बताया की लैब संचालको से प्राप्त आवेदन 30 दिन की कालावधि के भीतर जन साधारण से आक्षेप आमंत्रित करते हुए 2 स्थानीय समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित करेगा व विज्ञापन का खर्चा सम्बन्धित लैब को अपने स्तर से देने हेतु कहॉ गया।

लैब संचालकों ने  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को बैठक मे अपनी समस्या से  अवगत करवाया की उन्होने वर्ष 2014 से पूर्व डीएमएलटी की डिग्रीयां ली हुई है, जो कि राजस्थान मेडिकल कॉउन्सिल जयपुर से रजिस्टर्ड नहीं हैं। राजस्थान में रजिस्टर्ड करवाने हेतु माननीय उच्च न्यायालय में परिवाद दिया हुआ है, जो कि विचाराधीन है। राजस्थान मेडिकल कॉउन्सिल जयपुर में बाहरी डिग्रियां रजिस्टर्ड नही होने के कारण हम स्थाई रजिस्टेशन हेतु पात्र नही है।

 मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अवगत करवाया की भारत सरकार की द्वारा जारी अधिसूचना 2018 में न्यूनतम मानक निर्धारित किये गये हैं। बिना रजिस्टर्ड लैब का संचालन नही किया जायेगा और बिना रजिस्टर्ड लैब पर कार्यवाही की जायेगी।

अन्त में  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा द्वारा सभी लैब संचालकों से पूरे जिले में उक्त निर्देशों की पालना करने के निर्देश दिये एव साथ ही लैब संचालकों की समस्या को राज्य स्तर पर चर्चा कर सामाधान के प्रयास हेतु कहा गया, धन्यवाद ज्ञापित कर बैठक समाप्त की गई।


👌

गुरुवार, 20 मार्च 2025

सूरतगढ़:सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र:पशुबाड़ा कचरे गंदगी से भरा.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 20 मार्च 2025.

*राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्वास्थ्य मंत्रालय की सारे निदेश आदेश सूरतगढ़ सामुदायिक केंद्र में फाईलों में दब जाते हैं या चिकित्सा अधिकारियों की अनदेखी लापरवाही से कचरा बन जाते हैं। संपूर्ण परिसर कचरे और गंदगी से भरा है पशुबाड़ा बना है जहां गौवंश खुला घूमता है। कचरे के ढेर घासफूस गंदा पानी,गंदगी भरा पार्क है तब यहां रोगाणुओं में बीमारों का कैसा ईलाज होता है? कभी संक्रमण फैला तब क्या होगा? सीएमएचओ और जिला कलेक्टर ने निरीक्षण में फिर क्या देखा जब आए। यहां के प्रभारी और यहां के प्रशासनिक अधिकारी अतिरिक्त जिला कलेक्टर औऋ उपखंड अधिकारी भी कैसे भयानक गंदगी और अव्यवस्था को अनदेखा कर रहे हैं। सामाजिक संस्थाओं की तरफ से सुविधाओं की फल बांटने की बच्चों के किट बांटने की फोटो तक ही सीमित होते हैं। कैमरे का सच्च तो कहता है कि इस बिगड़े हालात पर तुरंत निरीक्षण होना चाहिए औ ये सब बिगड़े हालात सुधारे जाने के साथ एक्शन होना चाहिए। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बंद होना चाहिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गंदे हालात के ये फोटो 18 मार्च 2025 के दोपहर के हैं। 

















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करणीदानसिंह राजपूत.

पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

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शनिवार, 21 दिसंबर 2024

सूरतगढ़:आयुर्वेद राजकीय चिकित्सालय में हर रोग का उपचार.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 21 दिसंबर 2024.

आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति हिंदुस्तान की अत्यंत प्राचीन पद्धति है जिसमें सभी प्रकार के रोगों का उपचार होता है और व्यक्ति को स्वस्थ जीवन मिल जाता है। इस पद्धति से उपचार के लिए सूरतगढ़ में ए श्रेणी का राजकीय चिकित्सालय है जहां हर उम्र के लोग उपचार करवा रहे हैं।

 * राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय सूरतगढ़ में अभी सर्दी के मौसम में जुकाम खांसी अस्थमा के रोगी अधिक पहुंच रहे हैं।

 *  इस चिकित्सालय और रोगों संबंधी जानकारी के लिए दिनांक 20 दिसंबर 2024 को चिकित्सालय में डॉक्टर योगेंद्र सरस्वती मिले। 

* उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था के रोगियों को सर्दी का आक्रमण ज्यादा होता है इसलिए वृद्धा अवस्था के स्त्री और पुरुष हृदय मधुमेह जोड़ों के दर्द अस्थमा जुकाम खांसी आदि के लिए अधिक पहुंचते हैं। 

* बवासीर भगंदर आदि का उपचार भी होता है।

*वृद्धावस्था में शारीरिक कमजोरी ज्यादा होती है इसलिए रोगों का आक्रमण भी अधिक होने की संभावना रहती है।

 योगेंद्र सारस्वत ने जानकारी दी की राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय सूरतगढ़ में पंच कर्म चिकित्सा भी की जाती है। यह चिकित्सा बदन पर स्थानिक रूप से दी जाती है और करीब 150 प्रकार का इलाज पंच कर्म विधि से किया जा सकता है।

 *सारस्वत ने बताया कि तनाव ग्रस्त रोगी भी आयुर्वेदिक इलाज के लिए पहुंच रहे हैं इनकी संख्या बहुत सीमित है। आयुर्वेद में तनाव से संबंधित इलाज भी संभव है।

* चर्म रोग खाज खुजली के रोगी भी उपचार करा रहे हैं।

*पेट जनित रोग विशेष करके यकृत संबंधी इलाज भी यहां संभव है। सारस्वत ने कहा कि आयुर्वेद में उपचार का कोई प्रतिक्रिया (साईड इफेक्ट)नहीं होता और उपचार रोग को पूर्ण रूप से खत्म करता है। 

सूरतगढ़ के राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय  में 2 चिकित्सक और अन्य स्टाफ है। 

 चिकित्सालय का पता यहां दिया है ताकि लोग आसानी से पहुंच सकें। 


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