कासनिया लेघा रस्साकस्सी में पहली बार लेघा जीता? दूसरी बार कौन जीतेगा?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 28 जुलाई 2026.
पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और भाजपा युवा मोर्चे के प्रदेश मंत्री राहुल लेघा में राजनैतिक पावर यूज करने की रस्साकस्सी चल रही है जिसकी हर ओर चर्चा है। दोनों के बीच जोर आजमाइश के भूचाल का केंद्र सूरतगढ़ की नगरपालिका कार्यालय में निकला। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि अधिशासी अधिकारी के कक्ष में भूचाल आएगा। कासनिया ईओ पूजा शर्मा को सूरतगढ़ में ही रखने के ईच्छुक थे मगर यहां राहुल लेघा की डिजायर पर ईओ मनीषकुमार पारीक आ धमके और पूजा शर्मा को यहां से हटाकर एपीओ कर दिया गया। पूजा शर्मा को किसी दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया जाने के बजाय एपीओ किया जाना कासनिया को चोट पहुंचाने वाला रहा। पहले चर्चा रही कि एक दो दिन में नया आदेश आएगा और पूजा शर्मा यहां सूरतगढ़ में ही रखी जाएगी। स्वायत्त शासन विभाग की तबादला सूची 10 जुलाई 2026 को घोषित हुई और 13 जुलाई को ईओ मनीषकुमार पारीक ने सूरतगढ़ में ईओ पद पर जोईन कर लिया।
* रामप्रताप कासनिया और राहुल लेघा के बीच रस्साकस्सी का पहला परिणाम लेघा के पक्ष में घोषित हो गया। राहुल लेघा की पहली जीत ने कासनिया को झकझोर डाला। राहुल लेघा की यह जीत कासनिया की राजनीति पर प्रहार रही और चर्चा गरम हुई कि कासनिया जी पूजा शर्मा को सूरतगढ़ में ईओ पद पर वापस लाएंगे।
कासनिया जी ने इस प्रयास को हर हालत में सफल बनाने के लिए जयपुर में डेरा डाल दिया। यह चर्चा तो है मगर इसमें भविष्य भूचाल के दूसरे झटके का है। पूजा शर्मा का ईओ पद पर पुनः आना होता है तब तो कासनिया की राजनीतिक पावर को बल मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया तब कासनिया की दूसरी बार हार होगी। निश्चय ही राहुल लेघा की पावर शक्तिशाली मानी जाएगी। यह माना जा रहा है कि पूजा शर्मा का सूरतगढ़ ईओ पद पर वापस लौटना बहुत मुश्किल है। पूजा शर्मा पर सूरतगढ़ में ईओ पद पर रहते भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हुए हैं इसलिए इस पद पर लौटना मुश्किल है। राहुल लेघा टीम का कहना है कि सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू कराने के लिए ईओ मनीषकुमार पारीक को यहां लाया गया है। ईओ पद पर मनीषकुमार पारीक का रहना कासनिया और लेघा के बीच दूरियां और अधिक बढाएगा। कासनिया टीम इस प्रयास में भी है कि पूजा शर्मा सूरतगढ़ नहीं लाई जा सकने की स्थिति में यह हो जाए कि राहुल लेघा की डिजायर पर आया ईओ मनीषकुमार पारीक भी यहां नहीं रहे। पारीक का यहां से तबादला कर दिया जाए। अगर यह भी नहीं हुआ तब क्या होगा?
*ईओ मनीषकुमार पारीक ने सबसे पहले बिगड़ी सफाई व्यवस्था को सुधारना शुरू किया है जिसकी झलक कुछ दिखाई देने लगी है। ०0०