बुधवार, 2 सितंबर 2026

चन्नी से नाराजगी शुरू.वार्ड 27 भी जाएगा यदि 26 में पंगा लिया।

 

* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 2 सितंबर 2026.

आवासन मंडल पुरानी कालोनी वार्ड नं 27 से चरणजीत सिंह टंडन चन्नी अपनी पत्नी सुनीता टंडन को चुनाव लड़ा रहा है। जहां बड़ा समर्थन मिल रहा है तथा जीत भी मानी जा रही है। 

* लेकिन अब चन्नी के वार्ड नं 26 से स्वयं चुनाव लड़ने की तैयारी से लोग नाराज हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह वार्ड नं 26 में खड़ा होगा तो वार्ड नं 27 में उसकी पत्नी सुनीता टंडन को जीतने नहीं देंगे। चर्चा है कि चन्नी खुद,पत्नी व एक पुत्र को चुनाव लड़ाने का ईच्छुक है। लोगों का कहना है कि वह अपनी पत्नी को वार्ड 27 से लड़ा रहे हैं तो अन्य वार्डों में कोई दखल न करें। 







सूरतगढ़:भाजपा से 7 महिलाएं अध्यक्ष पद के लिए प्रभावी (नाम.)

 

सूरतगढ़ 2 सितंबर 2026.

नगरपालिका मे इस बार अध्यक्ष पद महिला सामान्य है जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी में सात महिलाएं प्रभावी मानी जा रही हैं। 

👌 वार्ड क्रमानुसार ये महिलाएं हैं।

5 से श्रीमती ज्योति कंवर

19 से "' रजनी मोदी

24 से " दीपा तरड़

27 से " सरोजदेवी गोयल

40 से " आरती शर्मा

41 से " साक्षी नागपाल

43 से " वीना रानी छाबड़ा

* भाजपा का बोर्ड बनता है तो इन नामों में से जीतने वाली में से कोई एक अध्यक्ष होगी।

👌 वार्ड नं 27 से भाजपा की प्रत्याशी सरोजदेवी गोयल के पति भाजपा नेता का एक साक्षात्कार वायरल हुआ है। उनका कहना है कि उनकी तरफ से चैयरमनी का चुनाव नहीं ,पार्षद का चुनाव लड़ा जा रहा है। 

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मंगलवार, 1 सितंबर 2026

विधायक डुंगरराम गेदर,परसराम भाटिया और सामने राजाराम गोदारा में कौन ताकतवर?विधायक की नीति दोगली रही.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 1 सितंबर 2026.

नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पार्षद चुनाव की टिकट वितरण में राजाराम गोदारा आदि को टिकट नहीं दी क्योंकि उन्होंने कासनिया के स्कूल को भूमि देने के प्रस्ताव में विरोध नहीं किया,काग्रेस की व्हिप नहीं मानी।लेकिन परसराम भाटिया ने उच्च न्यायालय में रिट लगाकर वापस लेली उससे गेदर की भी बदनामी हुई इसके अलावा भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे,कुछ मुकदमें होते हुए भी परसराम भाटिया को टिकट दी है। कासनिया के स्कूल को जमीन देने के प्रस्ताव में सहयोगी भाजपा पार्षद हरीशकुमार दाधीच( छोटू पंडित) को भाजपा ने टिकट नहीं दी,मगर कांग्रेस ने टिकट दे दी। 

👌 विधायक डुंगरराम गेदर ईमानदार गेदर एक ही प्रस्ताव पर तीन लोगों पर तीन तरह के निर्णय क्यों कर गये? इसका जवाब तो चुनाव परिणाम देगा लेकिन अभी विधायक की इस नीति की आलोचना हो रही है। 



👌 परसराम भाटिया 120 दिन के लिए सरकार की ओर से नगरपालिका के अध्यक्ष मनोनीत रहे और रिकॉर्ड तोड़ भ्रष्टाचार किया। मुकदमें भी हो गये,जो डुंगरराम गेदर को इतने प्रिय हैं कि उनको टिकट दी है। ये एक दूजे को मिठाई कतली खिलाएं लेकिन दोनों का टिकट वितरण कांग्रेस को भारी पड़ेगा। भ्रष्टाचारों के आरोपों से घिरे परसराम भाटिया को टिकट देने की जो भी मजबूरी डुंगरराम गेदर को रही है वह चुनाव में जो नतीजा पेश करेगी उससे डुंगरराम गेदर की नींद हराम होगी। 

* राजाराम गोदारा ने अपनी टिकटों से अधिक संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी खड़े कर दिए जो चुनाव में कांग्रेसी प्रत्याशियों के लिए आफत और जीत में बाधा होंगे तथा अध्यक्षीय चुनाव में भी गेदर की मुसीबत होंगे। मीडिया में राजाराम गोदारा का हल्ला है। परसराम भाटिया और हरीश दाधीच दोनों ही सीटें जीत पाएंगे में संशय है। परसराम भाटिया के भ्रष्टाचार और मुकदमे गेदर न देखें मगर वोटर तो देखेंगे।०0०






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