कासनिया ने की थी बगावत. कासनिया की राह पर भाजपा कार्यकर्ता.कांग्रेस में भी बगावत.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 अगस्त 2026.
रामप्रताप कासनिया को सन् 2003 के विधानसभा चुनाव में पीलीबंगा से भाजपा की टिकट नही मिली तब उन्होंने भाजपा से विद्रोह कर सफेद झंडे से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उस समय भाजपा की टिकट पीलीबंगा से गंगाजल मील को मिली थी। कासनिया ने कहा था कि मील को टिकट गलत दी गई है असली हकदार मैं हूं और सामने चुनाव लड़ूंगा। उस चुनाव में कासनिया जीते थे और भाजपा से अलग नहीं हुए थे।
आज ऐसी स्थिति सूरतगढ़ नगरपालिका चुनाव में है।भाजपा के अनेक कार्यकर्ता पूछ नहीं होने, सामान्य वार्ड में अन्य वर्गों को टिकट देने व बाहरी उम्मीदवार को टिकट देने से नाराज होकर कासनिया की सीख पर निर्दलीय मार्ग और
सफेद झंडा उठाने को एकजुट हो रहे हैं।
जो कार्यकर्ता हक छिन जाने से क्रोधित हैं वे भाजपा के घोषित किए जा रहे नाम की भनक पड़ते ही सामने निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में एकजुट हो रहे हैं। वे भाजपा की टिकट को वार्ड से हराकर लौटा देंगे। आगे उनकी मर्जी रहेगी कि वे बोर्ड बनाने में भाजपा के साथ रहेंगे या कोई नया ग्रुप बनाकर बोर्ड बनाने को आगे बढेंगे। ऐसी स्थिति बदली परिस्थिति में भाजपा को चेयरमैन पद जाने तक का खतरा हो सकता है। अभी तो भाजपा नेताओं को सब असंभव लगता है। लेकिन राजनीति में बहुत कुछ संभव है।
* सन् 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले स्पष्ट हो गया था कि सूरतगढ़ के सीटिंग विधायक रामप्रताप कासनिया का जबरदस्त विरोध है तथा हर हालत में हार होगी। इसके बावजूद कासनिया को भाजपा ने टिकट दिया। कासनिया को नाराज कार्यकर्ताओं ने जनता से मिलकर धूल चटा दी और गुस्से में कांग्रेस को साथ देकर डुंगरराम गेदर को विधायक चुन लिया। भाजपा के लिए और कासनिया के लिए वह बहुत बड़ी सीख थी। अब कासनिया भाजपा की टिकट निर्धारित करने वालों में हैं और उनकी तय की हुई टिकटें हराकर वापस करने को भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर निर्दलीय रूप से किसी एक को साथ देकर जिताएंगे।
* जिन नामों का भारी विरोध हो रहा है उनमें कृष्ण छींपा, श्रीमती संतोष गिरी, आरती शर्मा, रजनी मोदी के नाम प्रमुख हैं। अभी और नाम भी हैं। शनिवार 29 अगस्त को विभिन्न स्थानों पर एकजुटता के प्रयास हो रहे थे जो रविवार 30 अगस्त को भी जारी रहेंगे।
👌कासनिया की सीख और अब उसी तरीके से यह चोट कासनिया को कैसे रहेगी। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना पूर्व अध्यक्ष नगर मंडल सुरेश मिश्रा के लिए भु यह चोट कैसी रहेगी जब भाजपा प्रत्याशी हारेगा और भाजपा से विद्रोही बागी निर्दलीय होकर भी जीत जाएगा।
👌 ऐसे ही हालात कांग्रेस खेमे में भाजपा से भी बढ कर हो रहे हैं। कांग्रेस में भी विधायक डुंगरराम गेदर को सबक सिखलाने के लिए नाराज कार्यकर्ता निर्दलीय का साथ देंगे।
* अनेक भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ता पार्टी का और एक निर्दलीय का फार्म भर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ जाए तो निर्दलीय चुनाव लड़ लें।
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