मंगलवार, 31 मार्च 2026

ऐतिहासिक कोडमदेसर भैरों मंदिर और आसपास साफसुथरा हो. देवस्थान विभाग की देखरेख कम.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

* रिपोर्ट:30 मार्च 2026.

बीकानेर संभाग में कोडमदेसर भैरों मंदिर और तालाब ऐतिहासिक धरोहर एवं लाखों परिवारों के आस्था पूजा स्थल हैं जहां हजारों लोग रोजाना पहुंचते हैं। यह पूजा स्थल देवस्थान विभाग की लापरवाही में साफसुथरा नहीं है। यहां श्रद्धालुओं को सफाई में कमी दिखती है तो मानसिक पीड़ा पहुंचती है। 

* तालाब जल से लबालब हो तो दर्शन सफल मगर उसका सूखा होना तो प्राकृतिक है कि वर्षा नहीं हुई। मगर जो लोग पहुंचे उनको यह धार्मिक स्थल साफ सुथरा तो मिले। इसके प्रांगण में ही सफाई नही। हजारों लोगों में सैंकड़ों को प्यास भी लगती है और लघुशंका भी होती होगी। पानी प्रबंध भी सही नहीं। कीचड़ क्यों हो? आसपास भी कचरा क्यों हो? मंदिर में प्रवेश करते हैं वहां दो बोर्ड लगे हैं। एक देवस्थान का प्रबंधन होने का सूचना देता है और एक ऐतिहासिक होने की सूचना देता है। इन दोनों ही बोर्ड के लिखे पेंट अक्षर धुंधले और खत्म हो गये। पुजारी कौन आदि नाम नहीं है। दोंनो बोर्डों के पास ही झाडियों की बढत ही दिखाती है कि सफाई पर ध्यान ही नहीं है। 

एक बड़े बैनर पर नाम हैं। यहां प्रबंध जिनके पास है या जो देखरेख करते हैं, देवस्थान विभाग ने जिनको जिम्मेदारी दे रखी है, उनको साफ सफाई तो हर दिन हर समय रखनी ही चाहिए।



• भैरूजी की मूर्ति जांगलू में बसने के समय स्वंय राव चहायड़ सिंह जी गहलोत ने मंड़ोर ( जोधपुर) से लाकर यहां स्थापित की थी।






भैरू जी की मूर्ति के निकट के दो कीर्तिस्तंभ खुदा है। यह कीर्तिस्तंभ लाल पत्थर का है तथा इसके चारों ओर देवी-देवताओं की मूर्तियां खुदी है। इस लेख से पाया जाता है कि १४५९ ई० में भाद्रपद सुदि को राव रणमल के पुत्र राव जोधा ने यह तालाब खुदवाया और कीर्तिस्तंभ स्थापित करवाया।*



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ईओ पूजा शर्मा का अतिक्रमण.गंभीर मामलों की 1 शिकायत प्रक्रिया में.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 31 मार्च 2026.

नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा के निवास के आगे सड़क पर अतिक्रमण है।ईओ पूजा शर्मा का यह अतिक्रमण पद का दुरुपयोग है। ईओ ने अपनी कार आने जाने के लिए गली के अन्य अतिक्रमण घरों के आगे बनाए स्लोप तुड़वाए। पद के दुरुपयोग और गलत इस्तेमाल के तहत खुद का बनाया पीहर आवास का अतिक्रमण  नहीं तोड़ा। आसपास के लोगों ने कुछ कहा तो उनको धमकी दी गई कि शिकायत की तो घरों के छज्जे भी तुड़वा दिए जाएंगे। नगरपालिका ने अवैध अतिक्रमण के तोड़े जाने के लिए लाल क्रोस भी लगा दिए थे। लेकिन ईओ का अतिक्रमण कर्मचारी तो कैसे तोड़ें जो ईओ के पीहर का आवास हो और ईओ खुद भी वहीं रहती हो। 

* ईओ पूजा शर्मा पर इस अतिक्रमण तोड़े जाने के अलावा अन्य भ्रष्टाचारों, अनियमितताओं के आधार पर कार्वाई हो सकती है। ईओ पर गंभीर आरोप अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा का नियम विरुद्ध अवैध प्रमोशन व अनुचित लाभ देने व नगरपालिका कोष को विभिन्न मामलों में नुकसान का आरोप है।



* सूत्रानुसार ईओ पूजा शर्मा के विरुद्ध बड़ी जांच शुरू किए जाने से पहले सूरतगढ़ से हटाया जा सकता है। सरकार के पास कुछ गंभीर मैटर सहित शिकायत पहुंची हुई है और वह प्रक्रिया में है। पूजा के अलावा भी जांच में अन्य कर्मचारी भी चपेट में आ सकते हैं।0०








रविवार, 29 मार्च 2026

सूरतगढ़:वार्ड 3 और 26 के अतिक्रमण के पट्टे.कौन दे? कौन दिलाए? सच्च बताया जाए.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 29 मार्च 2026.

स्थानीय वार्ड नं 3 और 26 के पट्टे धरणा प्रदर्शन नारेबाजी के होते होते महीनों पर महीने बीत गये मगर विधायक डुंगरराम गेदर और सूरतगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष परसराम भाटिया तथा प्रमोद ज्याणी आदि को एक पट्टे दिला देने जितनी भी सफलता नहीं मिल पाई। सभी प्रकार के दबाव नगरपालिका प्रशासन पर चल नहीं पाए। घूमफिर कर चर्चा वहीं जाती है कि क्या सभी फाईलें हर तरह से सबूतों सहित पूर्ण है? यह भी निश्चित है कि  ईओ पूजा शर्मा किसी भी फाईल में कोई कमी रही है तो दबाव में पट्टा नहीं देगी। सहानुभूति भी नहीं चल सकती क्योंकि कांग्रेस के विधायक डुंगरराम गेदर और ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया के दबाव से यह सारा मामला राजनैतिक हो गया है।  भाजपा राज में जिसकी चलती को मान्यता है तो फिर चर्चा करें कि पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया क्या चाहते हैं और मांग करने वाले प्रमोद ज्याणी दुबारा कासनिया से मिले या नहीं। अभी दुबारा मिलने की सूचना नहीं है। 

* विधायक डुंगरराम गेदर और ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया दोनों नगरपालिका प्रशासक उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा से मिले थे। प्रमोद ज्याणी आदि भी थे। उस भेंट के समय ईओ पूजा शर्मा भी शामिल हुई। बात यह निकल कर आई कि पूजा शर्मा ने पट्टे देने का भरोसा दिलाया है। ईओ पूजा शर्मा ने पहले भी पट्टे देने से इन्कार नहीं किया था। ईओ का पहले भी कहना था कि सवा सौ फाईलों में लगभग एक दर्जन यानि दस या बारह में पट्टे एक बार और जांच कर दिए जाने की स्थिति है। पहले एक बात और ईओ कह रही थी कि प्रशासक 6 फाईलें मान रहे हैं। अब सरकार ने ईओ के एकल हस्ताक्षर से पट्टे जारी करने का स्पष्ट आदेश जारी कर दिया और उसके बाद भी पट्टे नहीं दिए जाने की शिकायत व्यक्तीश रूप में सरकार से नहीं की जा रही। यदि हर दस्तावेज पूरे हैं तो उपखंड अधिकारी के आगे बात करने के बजाय सरकार के आगे रखने में देरी क्यों ? बात राजनैतिक इसलिए बन रही है कि जिनके आवेदन हैं वे अपनी अलग अलग एप्लिकेशन ईओ को देने में, ईओ से खुद मिलने में डर क्यों रहे हैं? इतने महीने बीतने के बाद भी पट्टे नहीं मिल पाने का कोई स्पष्ट खुलासा न प्रशासन कर रहा है और न विधायक डुंगरराम गेदर कर रहे हैं। गेदर को मालुम होगा कि असली पेच कहां और किस कारण से फंसा हुआ है? आवेदकों को सही हालत बताई जानी चाहिए। जब हजारों पट्टे जारी हुए तब ये कैसे रूके? परसराम भाटिया खुद भी नगरपालिका अध्यक्ष पद पर सरकार की ओर से 4 माह रहे तब ये पट्टे दे दिए जाते तो समस्या उसी समय रहती ही नहीं। ईओ पूजा शर्मा ने धरणा प्रदर्शन के दिनों में कहा था कि प्रशासक जिन जिन फाईलों पर पट्टे देने की स्वीकृति दे दें तो उन पर पट्टे तुरंत जारी कर दिए जाएंगे। विधायक डुंगरराम गेदर प्रशासक भरतजयप्रकाश मीणा से यह स्वीकृति ही दिलादें ताकि लोगों का काम हो जाए।अभी संभव नहीं रहा है। गेदर भाटिया राजनीति दलों की बाधा से कासनिया के पास रिक्वेस्ट नहीं कर सकते, तब नगरपालिका के चुनाव और नये बोर्ड गठन नये अध्यक्ष का इंतजार करना ही एक भरोसा रखना चाहिए।०0०






बालक को मार डालने की कोशिश. पिता व दादा को आजीवन कारावास की सजा.



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 29 मार्च 2026.पत्नी पर शक था कि उससे उत्पन्न बालक किसी और का है और इसी शक में बालक को मार डालने की कोशिशें हुई।

एक कोशिश सूरतगढ़ में की गई। बालक के पिता और दादा ने बाईपास पर सदरथाना भवन के कुछ दूर बालक को ईंट से चोटें पहुंचाई और मरा जान कर बालू में दबा कर चले गये। लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था घायलावस्था में पड़ा बालक बचा लिया गया और उसके पिता और दादा आजीवन जेल की सजा में चले गये।

मानवता को झकझोर देने वाले मासूम बालक की हत्या के प्रयास के बहुचर्चित प्रकरण में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय सूरतगढ़ ने आरोपियों को कठोर दंड देते हुए पिता और दादा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

यह भयानक घटना 17 मार्च 2022 की है। सूरतगढ़ में बाईपास रोड पर रेत के टीलों में एक 7–8 वर्षीय बालक के दबे होने की सूचना पुलिस थाना सूरतगढ़ शहर को टेलीफोन के माध्यम से प्राप्त हुई। 

*सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि एक मासूम बालक गंभीर घायल अवस्था में मिट्टी में दबा हुआ पड़ा था। उसके होंठ फटे हुए थे, मुंह पर गंभीर चोटें थीं, जीभ कटी हुई थी तथा पूरा चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था। 

पुलिस ने तत्काल बालक को रेत से बाहर निकालकर राजकीय चिकित्सालय सूरतगढ़ में भर्ती कराया। बालक की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे श्रीगंगानगर रेफर कर दिया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीबीएम अस्पताल बीकानेर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने कई ऑपरेशन कर बालक का जीवन बचा लिया।  उस समय बालक बोलने की स्थिति में नहीं था और,आसपास के किसी भी थाने में कोई गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं थी। उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सहायता ली ताकि बालक की पहचान हो सके।

इस प्रकरण में सूचना प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मी रामकुमार चौधरी तथा जांच अधिकारी मोटाराम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए तत्परता से कार्य किया और मामले की जांच को आगे बढ़ाया।  पुलिसकर्मी रामप्रताप, देवीलाल, धर्मेन्द्र, टीकमचंद और हनुमानराम ने भी बालक के उपचार और देखभाल में संवेदनशीलता दिखाते हुए सराहनीय प्रयास किए।

पुलिस के प्रयासों से सफलता मिली। 

 बालक की पहचान सूरतगढ़ के खटीक मोहल्ले में किराए पर रहने वाले परिवार का बालक माधव चौधरी पुत्र श्रवण चौधरी निवासी दरभंगा (बिहार) था। 

पुलिसजांच में सामने आया कि माधव की मां एक भोली-भाली महिला थी तथा उसके पिता श्रवण चौधरी और दादा रामराशी चौधरी ने शक किया कि यह बच्चा उनका नहीं किसी और व्यक्ति का है। किसी अन्य का बच्चा होने का संदेह करते हुए क्रूरता की पराकाष्ठा करते हुए उस बालक को मारने का प्रयास किया और सुनसान रेत के टीलों में घायल अवस्था में दबाकर छोड़ दिया।

पुलिस ने मामले में सभी साक्ष्य एकत्रित कर बालक के बयान लिए जो बड़े राज खोलने वाले रहे।पुलिस ने चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में अपर लोक अभियोजक संजय सोडा ने पैरवी करते हुए 18 गवाह और 71 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। 

* मासूम बालक के बयान*



बालक की माता के दर्द भरे बयान हुए।






अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मोहम्मद आसिफ अंसारी ने इस संवेदनशील और चर्चित मामले में आरोपियों रामराशी चौधरी पुत्र गोपी चौधरी निवासी दरभंगा (बिहार) तथा श्रवण चौधरी पुत्र रामराशी चौधरी हाल निवासी कालका माता मंदिर सूरतगढ़ को दोषी ठहराते हुए धारा 307/34 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास व ₹50,000 जुर्माना, धारा 325 आईपीसी में 7 वर्ष का कठोर कारावास व ₹15,000 जुर्माना तथा धारा 323 आईपीसी में ₹1,000 जुर्माने से दंडित किया।

निर्णय में न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पिता और दादा पर बच्चे के पालन-पोषण और सुरक्षा की पवित्र जिम्मेदारी होती है, लेकिन आरोपियों ने न केवल इस जिम्मेदारी का त्याग किया बल्कि मासूम के साथ अमानवीय क्रूरता कर सामाजिक विश्वास को भी तोड़ा। न्यायालय ने कहा कि यह अपराध केवल परिवार के विरुद्ध नहीं बल्कि मानवता और विश्वास के विरुद्ध भी है, इसलिए अभियुक्तों को ऐसा दंड दिया जाना आवश्यक है जो अपराध की गंभीरता को दर्शाए और समाज में विधि के शासन को सुदृढ़ करे।

अपर लोक अभियोजक संजय सोडा ने बताया कि इस घटना के दौरान कुछ संवेदनशील नागरिकों ने भी मानवता का परिचय दिया। बालक की स्थिति देखकर महिलाओं, चाय के होटल संचालकों तथा सजग अध्यापक शार्दुल कौशिक ने संवेदनशीलता और सजगता दिखाते हुए मदद की और अपने नागरिक कर्तव्य का पालन किया।

संजय सोडा ने न्यायालय के इस निर्णय को मानवता और न्याय की जीत बताते हुए कहा कि यह फैसला समाज में आपराधिक मानसिकता के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।०0०





भवानीसिंह राठौड़ सूरतगढ़ NSUI के जिला महासचिव नियुक्त.

 




* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 29 मार्च 2026.

कांग्रेस के अग्रिम संगठन एन.एस.यू.आई के जिला महासचिव पद पर भवानीसिंह राठौड़ ( सूरतगढ़ ) की नियुक्ति की गई है। यहां विभिन्न स्थानों पर भवानी सिंह का स्वागत किया गया। एन.एस.यू.आई के श्रीगंगानगर जिलाध्यक्ष ईशानवीर सिंह मान ने 20 मार्च को जिला कार्यकारिणी घोषित की जिसमें एक महासचिव भवानी सिंह राठौड़ को भी नियुक्त किया गया। भवानी सिंह ने अपने प्रथम वक्तव्य में कहा है कि छात्रों से संबंधित कार्यों के कराने में सदा आगे रहेंगे।०0०





नेताओं की मंच की भूख और भ्रष्टाचार आरोपी अतिथि.वार्षिक उत्सव शर्मा स्कूल.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 29 मार्च 2026.

राजनीति में कार्य करने वालों को मंच की भूख अधिक होती है और वे एक दूसरे को मुकदमें करने,अदालतों में केस करने,भ्रष्टाचार के आरोप लगाने,विचारों से मेल नहीं खाते फिर भी एक साथ फोटो खिंचवाने को तैयार रहते हैं। ऐसा ही एक आयोजन शर्मा बाल मंदिर स्कूल का रविवार 29 मार्च 2026 को है। 

* कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक डुंगरराम गेदर हैं और विशिष्ट अतिथि में पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु हैं। विशिष्ट अतिथियों में नगरपालिका के निर्वाचित  पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा और सरकार से नियुक्त हुए पूर्व अध्यक्ष परसराम भाटिया हैं। समारोह की अध्यक्षता सीबीईओ  सर्वेशकुमारी हैं।

* प्रिंसिपल मोनिका शर्मा को होनहार छात्र छात्राओं को वार्षिक उत्सव में पुरस्कार प्रशस्ति पत्र उन अतिथियों के हाथों से दिलाने चाहिए जिनके हाथों पर भ्रष्ट और गलत कार्य करने के आरोप और मुकदमें नहीं हों। ईमानदार बच्चों को आरोपियों के हाथों से पुरस्कार दिलाना और फोटो खिंचवाना बहुत गलत होगा। भ्रष्टाचार में आरोपी पुलिस मुकदमों में फंसे व्यक्ति को तो विशिष्ट अतिथि ही बनाना मंच पर बैठाना श्रेष्ठ नीति में नहीं आता। होनहार बच्चों को बाद में मालुम होगा कि भ्रष्टाचार में मुकदमों में फंसे लोगों से पुरस्कार दिलाया है तो वे फोटो देख कर क्या सोचेंगे। अभिभावकों को साफ साफ कह देना चाहिए कि उनके बच्चे को किसी आरोपी के हाथों से पुरस्कार न दिलाएं न फोटो खिंचवाएं।

* परसराम भाटिया पर भ्रष्टाचार के अनेक आरोप और मुकदमें हैं। ओमप्रकाश कालवा ने भी एक मुकदमा कराया हुआ है। परसराम भाटिया ने ओमप्रकाश कालवा पर अनेक मामले दायर किए। अब ये दोनों मंच की भूख में एकदूजे के साथ खड़े होंगे और फोटो भी खिंचवाएंगे। 

* विधायक डुंगरराम गेदर और पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू एक पार्टी में तो हैं लेकिन दिशाएं अलग अलग और विचार भी मेल नहीं खाते लेकिन मंच की भूख में एक साथ फोटो खिंचवाएंगे। * ताजा मामला है। ट्रक युनियन और व्यापार मंडल के विवाद में गेदर व्यापारियों के साथ थे। व्यापारियों की मांग थी ट्रक युनियन कार्यालय सीज कराने की जो सीज हुआ। राजेंद्र सिंह भादु ट्रक युनियन के साथ थे कि इनका सीज दफ्तर खोला जाए। भादु एसडीएम से भी मिले। इसी कार्यक्रम में व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय सोनी भी अतिथि हैं।

* शिक्षा प्रचारक प्रवीण भाटिया भ्रष्टाचार के आरोपी मुकदमों में फंसे लोगों के साथ एक मंच पर सहज अनुभव करेंगे या नहीं? भ्रष्टाचार आरोपियों के साथ मंच पर क्यों हो और फोटो भी क्यों हो? 

* शर्मा बाल मंदिर और निदेशक श्रीगोपाल शर्मा के विरुद्ध शिकायतें हैं और स्कूल विवादों में है। शिक्षा विभाग जांच कर रहा है। ऐसे में जब जांचें विचाराधीन हों तब सब जानते हुए शिक्षा अधिकारी सर्वेशकुमारी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता कैसे करेंगी? स्कूल के विवाद में जांच है यह सर्वेशकुमारी को मालुम है।

* सबसे बड़ा प्रश्न है जिसमें ये नेता घिरे हैं की मंच की भूख कितनी बड़ी है जहां ये सब एक साथ खड़े हो जाते हैं तब इनको जनता याद नहीं रहती। इंतजार करते हैं कि कितने एक साथ मंच पर फोटो खिंचवाएंगे।



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शनिवार, 28 मार्च 2026

करोड़ों की भूमि का अतिक्रमण तोड़ा और 1 माह बाद भी ईओ पूजा शर्मा ने तारबंदी नहीं कराई.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 28 मार्च 2026.

नगरपालिका प्रशासन ईओ पूजा शर्मा और सहायक अभियंता सुरेंद्र प्रतापसिंह ने करोड़ों रूपये का सार्वजनिक उपभोग के भूखंड का अतिक्रमण हटाया लेकिन उस जमीन को अतिक्रमणकारियों के लिए पुनः अतिक्रमण करने के लिए छोड़ दिया। 

* नेशनल हाईवे के पास निरंकारी भवन के पीछे योजना के तहत सार्वजनिक उपभोग का एक बड़ा भूखंड अतिक्रमण की भेंट चढ गया। नगरपालिका प्रशासन ने पहले तो आनाकानी की और ईओ पूजा शर्मा ने स्वयं को 18 फरवरी 2026 को  शिकायत मिलने के बाद भी कार्वाई नहीं की। शिकायत कर्ता ने प्रशासक उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा से मिलकर हालत बताई। नगरपालिका ईओ ने उपखंड अधिकारी के सख्त निर्देश के बाद 25 फरवरी को अतिक्रमण चारदीवारी जेसीबी से तुड़वा दी लेकिन नगरपालिका प्रशासन ईओ और सहायक अभियंता ने अतिक्रमणकारी पर मेहरबानी रखी। 

* ईओ पूजा शर्मा, सहायक अभियंता सुरेंद्र प्रतापसिंह और अतिक्रमण दस्ता प्रभारी ने वहां से ईंटे और सामग्री कब्जे में नहीं ली और वहीं छोड़ दी। इसके अलावा बिजली मीटर को नहीं हटवाया न कनेक्शन कटवाया।

* नगरपालिका प्रशासक उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा ने ईओ को आदेश दिया था कि तुरंत कब्जा कार्वाई करें। इसके बाद तारबंदी के लिए ठेका कोटेशन लिए गये। इतना होने के बाद कोई दबाव है जिसके कारण एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद ईओ पूजा शर्मा और सहायक अभियंता सुरेंद्र प्रताप सिंह ने  28 मार्च 2026 तक वहां जानते बूझते तारबंदी नहीं करवाई। नगरपालिका में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है जिसके कारण नगरपालिका की करोड़ों की भूमि लापरवाह और मिलीभगत से तारबंदी नहीं की जा रही। नगरपालिका संपत्ति का बोर्ड तक नहीं लगाया गया।०0०

कासनिया ईओ पूजा शर्मा को तुरंत हटवाएं. कासनिया खुद देखें शहर के बुरे हालात.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ 28 मार्च 2026. नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा ने कासनिया परिवार के निजी कार्यों में हेल्प करने के बाद जनता के लिए तानाशाही रवैया अपनाए हुए पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया की गलफांस बन गई है जिससे कासनिया पब्लिक के बीच बदनाम हो रहे हैं।

*  पूरा शहर गंदगी कचरे से भरा है और नगरपालिका कार्यालय ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचारों से इतना अधिक भर गया है कि भ्रष्टाचार घोटाले उछल उछल बाहर आ रहे हैं।

 रामप्रताप कासनिया अपने आवास से बाहर निकल शहर की गलियों में देखें और शहर को बताएं कि कौन कौन सी गलियां साफ हैं? करणी प्रेस इंडिया लगातार दिखा रहा है बता रहा है।

* पूजा शर्मा ने ईओ पद पर यहां 20 फरवरी 2024 को जोईन किया था। पूजा शर्मा इन बीते 25 महीनों में यानि कुल 750 दिनों में सिर्फ 5 दिन  अपने दफ्तर से बाहर निकल मौकों पर गई। शहर के नाले नालियां गंदगी कचरे से भरे हैं। उनकी सफाई होती तो शहर साफ सुथरा होता। कासनिया जी ने इन 25 महीनों में शहर को नहीं देखा है लेकिन अब चुनौती है तो देखलें या फिर एक ईओ की लापरवाही के कारण बदनाम होते रहें। 

 * कासनिया ही यहां विभागों को चला रहे हैं इसलिए उनकी जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी के कारण उनको कहा जा रहा है कि शहर की दुर्दशा देखें। पूजा शर्मा का स्थानांतरण भी क्यों हो, भ्रष्टाचार के आरोप है जांच शुरू कराएं और जांच के लिए सस्पेंड कराएं।

* सबसे गंभीर आरोप है पूजा ने अवैध नियम विरूद्ध अपनी भाभी बबीता शर्मा को सफाई कर्मी से पदोन्नति देकर अनुचित पदलाभ आर्थिक लाभ दिया व सरकार को धोखा देते हुए नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाई। अन्य पात्र सफाईकर्मियों को वंचित रखा। अपने पीहर आवास जहां स्वयं रहती हैं वहां सड़क पर अतिक्रमण किया और आज तक नहीं हटवाया। ड्युटी पर आने के समय से घोटालों से आय से अधिक धन एकत्रित किया। शहर के अंदर बन रहे अवैध होटलों, मार्केट काम्प्लेक्सों,अतिक्रमण से बने मार्केट काम्प्लेक्सों से घोटाले किए जिससे नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाई। होटल 2 मंजिल की अनुमति और ईओ की मिलीभगत से चार पांच मंजिला बन रहे। कासनिया देखें और इस मुद्दे को बबीता शर्मा की पदोन्नति के साथ जांच करवाएं। इस जांच के पहले ईओ पूजा के प्राथमिक सबूतों को देखते सस्पेंड करवाया जाए।

* पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया जांच करवाएं लेकिन यह मांग सत्तारूढ़ दल के या अन्य में कोई पदाधिकारी, कांग्रेस के पदाधिकारी व विधायक डुंगरराम गेदर भी करवाएं और शहर की हालात को देखें। शहर कासनिया को क्षमा नहीं करेगा तो विधायक डुंगरराम गेदर को भी क्षमा नहीं करेगा। विधायक हैं तो उनकी भी ड्युटी है शहर के हालात और नगरपालिका के भ्रष्टाचारों पर नजर रखना व कार्वाई करवाना।०0०






एसीबी की ओर बढ रही ईओ पूजा शर्मा की लूट.कासनिया व नेताओं की भद्द हो रही.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 28 मार्च 2026.

नगरपालिका प्रशासन ईओ पूजा शर्मा के घोटालों से लोगों को अनैतिक लाभ दिया जा रहा है जिससे नगरपालिका कोष को लगातार हो रही हानि हो रही है और ईओ का कोष बढ रहा है।

ईओ पूजा शर्मा के नगरपालिका में हो रहे घोटाले लगातार होते हुए एसीबी की ओर बढ रहे हैं। ( एसीबी में मामला जाते ही सबसे पहले पाठकों को देने की कोशिश होगी।)

 यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के नेता सब देख रहे हैं कि गरीब को ईओ न्याय नहीं देती पट्टे नहीं देती लेकिन अवैध कार्यों में भ्रष्टाचार को बढावा देती हुई भू माफिया, अवैध होटल व मार्केट काम्पलेक्स निर्माण करने वालों को अनुचित लाभ पहुंचा रही है। ईओ पूजा शर्मा ने अपनी भाभी बबीता शर्मा को अवैध पदोन्नति देकर अनुचित लाभ दिया वहीं पात्रता रखने वालों को जानते हुए भी पदोन्नति नहीं दी। यह बड़ा प्रमाणित भ्रष्टाचार है। उस समय ओमप्रकाश कालवा अध्यक्ष थे जो इस भ्रष्टाचार पर चुप हैं। आश्चर्य है कि कासनिया को और ओमप्रकाश कालवा को कोसने वाले विधायक डुंगरराम गेदर, कालवा पर अदालतों में केस करने वाले परसराम भाटिया नगरपालिका ईओ के इस पदोन्नति भ्रष्टाचार पर चुप हैं। डुंगरराम गेदर और परसराम भाटिया का ईओ पूजा शर्मा से क्या समझौता हो गया जो एक भी शिकायत नहीं की जा रही। होटलों और मार्केट काम्प्लेक्सों के अवैध निर्माणों पर भी गेदर व भाटिया चुप हैं। 

*ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचारों पर पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और संदीप कासनिया की गली गली में आलोचना हो रही है और वे जनता की आवाज को अनदेखी कर रहे हैं। अभी और राजनैतिक हानि मिल सकती है। संदीप कासनिया के कार्यों से  "कासनियाराजनीति" का अंतिम काल और बुरा हो सकता है। ईओ को सूरतगढ़ से अभी भी नहीं हटाते हैं तो शह देने वाले कासनिया को यह अंदेशा नहीं है कि संदीप कासनिया का भविष्य  विभिन्न मामलों में अदालतों में चक्कर लगाते ही बीतेगा। भाजपा के जो नेता नेतियां सन् 2028 के विधानसभा चुनाव में अपना टिकट और भविष्य देखते हुए सूरतगढ़ के भ्रष्टाचारों पर जानबूझकर चुप हैं तो वे भी मान लें कि उनसे टिकट की जीत नहीं दिख रही है,यहां कोई नया चेहरा आएगा। जनता को इग्नोर करके जनता के नेता नहीं बन सकते।

 * प्रशासक उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा भी शहर का निरीक्षण कर अपने आदेशों से भ्रष्टाचारों को  रोक सकते हैं,मगर अभी रोक हो नहीं रही है। ०0o




शुक्रवार, 27 मार्च 2026

रामनवमी शोभायात्रा में दुर्घटना होती तो क्या होता?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 27 मार्च 2026.

रामनवमी शोभायात्रा 2026 में ऐसे खतरनाक खेल और जोश किसने मंजूर किए जिनसे दुर्भाग्य से कोई दुर्घटना हो जाती तो जानलेवा बन जाती और उसके परिणाम को कोई भी सोच नहीं सकता। आयोजन समिति के वे लोग जिन पर प्रबंध की जिम्मेदारी थी और रवानगी के समय और खेल के वक्त मौजूद पुलिस को रोकना चाहिए था लेकिन ये दर्शक बने रहे। 

* भीड़ में कैरोसीन से आग के गुब्बारे उछालने का खेल बहुत खतरनाक था। हर समय आग लगने का खतरा। कैरोसीन आग का गुब्बारा ऊपर के बजाय गलती से भीड़ में चला जाए और लोग झुलसें,बचने के लिए भागें। जो युवक यह दिखा रहे थे,यदि वे ही लड़खड़ा जाएं और गिरते हुए मुंह से कैरोसीन निकले गुब्बारा भीड़ में ही जाए। धार्मिक आयोजनों में भीड़ की दौड़ में कुचल जाने मौतें होने की अनेक घटनाएं देश में झेल चुके हैं और पढते रहे हैं। लेकिन फिर भी ऐसे खेल दिखाना क्यों जरूरी होता है? इससे पहले भी रामनवमी शोभायात्रा निकाली जाती रही हैं। 




* जेसीबी मशीन के आगे लोडर बकैट में सवार लड़कियां और लड़के किस जोश में सवार थे? यदि सड़क पर ऊंच नीच,गड्ढे आदि से झटका लगे और कोई उछल कर आगे गिरे तथा ऊपर से मशीन गुजरे। जान जाए या घायल हो अपंग जिंदगी बिताए। जेसीबी 2 चल रही थी। जेसीबी को भी ऐसे कार्यक्रमों में ऐसे शामिल किया नहीं जाना चाहिए। 






* लोहे की पाईप के पोटाश पटाखे पर सरकारी रोक है लेकिन वे भी वाहनों पर सवार युवा व किशोर चला रहे थे। इनके फटने का भारी विस्फोट का खतरा होता है। दीपावली के कुछ दिन पहले इनको चलाने की रोक का प्रचार किया जाता रहा है ताकि कोई दुर्घटना न हो सके।

* रामनवमी हो या कोई भी धार्मिक शोभा यात्रा हो में हर शहर में भीड़ होती है। शोभायात्राओं  में खतरनाक दुर्घटना से बचाव रखते हुए किसी भी खतरनाक खेल,वाहन,झांकी को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। ०0०



गुरुवार, 26 मार्च 2026

सूरतगढ़. रामनवमी शोभायात्रा 2026.रिपोर्ट

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 26 मार्च 2026.

रामनवमी की शोभायात्रा बिश्नोई मंदिर से शुरू हुई जो मुख्य मार्गों से होती बस स्टैंड पर सम्पन्न हुई। हजारों श्रद्धालुओं नर नारियों युवाओं व किशोरों ने राम के जयकारे लगाते,नृत्य करते भाग लिया। विभिन्न जीवंत झाकियां घोड़ों, ऊंटों, वाहनों पर शामिल थी। अनेक स्थानों पर लोगों ने गुलाब पंखुड़ियों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। 


* पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया खुली जीप में सवार शोभायात्रा में शामिल रहे। विधायक डुंगरराम गेदर,संदीप कासनिया,बिरमा नायक, आरती शर्मा, काजल छाबड़ा, परसराम भाटिया आदि शामिल रहे।














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बुधवार, 25 मार्च 2026

ईओ पूजा शर्मा के पास कितने करोड़ की संपत्ति. विशेष रिपोर्ट.

  



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 25 मार्च 2026.

 ईओ पूजा शर्मा की जमीनी संपत्ति यानि आवासीय जमीन और खेती जमीन की इन दिनों जोरशोर से चर्चा में है। पूजा शर्मा के पास करोड़ों रूपये की संपत्ति है लेकिन बाजार भाव से कितनी कीमत है का अनुमान में चर्चा में चार पांच करोड़ रूपये की जमीनें हैं। असल में ये अनुमान है और सरकारी विभाग एसीबी ही जांच करे तब सही सही कीमत मालुम हो सकती है।

* सूरतगढ़ की कीमती आनंद विहार कालोनी में पूजा शर्मा द्वारा 90 लाख रूपये में एक भूखंड खरीदने की बड़ी चर्चा हर ओर हो रही थी। लेकिन खोजबीन से मालुम हुआ कि 17 लाख रूपये की रजिस्ट्री हुई है। उप पंजीयक कार्यालय दस्तावेज से मालुम हुआ कि यह रजिस्ट्री 18 मार्च 2026 को हुई। इस भूखंड की चर्चा 90 लाख की ही हो रही है। यह एकदम ताजा खरीद है जो पूजा शर्मा स्वयं के नाम से है। पंजियन विभाग ने इसकी पंजियन कीमत 17 लाख 43 हजार 494 आकलन की। इस पर रजिस्ट्री पर विभिन्न शुल्क कुल 1 लाख 34 हजार 379 रूपये लगे।इस तरह से दस्तावेज पर कीमत 18 लाख 34 हजार 379 रू. माने जो पूजा शर्मा ने चुकाए।

* इसके कुछ वर्ष पूर्व ही पुत्रों के नाम से हनुमान गढ जिले के पटवार हल्के डबलीबास मिढा के गांव  चक 7 एम ओ डी में खरीदारी होने के दस्तावेज हैं।

करीब 21 बीघा सिंचित जमीन। सिंचित जमीन हनुमानगढ़ के इस क्षेत्र में 10-15 लाख बीघा माना जाता है। इसमें खेती जमीन के मालिक निवासी बीकानेर के बताए हुए हैं।

घूमफिर कर बात वहीं आती है कि सरकारी विभाग एसीबी आदि जांच करे तो मालुम हो कि पूजा शर्मा के पास कितनी संपत्ति है? क्या पूजा शर्मा के पास कहीं ब्लेक संपत्ति भी है?सूरतगढ़ में अब तक जितने अधीशाषी अधिकारी आए उनमें अधिक कमाई की चर्चा में पूजा शर्मा का नाम है। सरकारी एजेंसी की कोई जांच हो तब उसकी रिपोर्ट आए,उसका इंतजार सच्च के लिए किया जाना चाहिए।०0०



०0०भ

मंगलवार, 24 मार्च 2026

ईओ पूजा शर्मा के घोटालों पर ये नेता चुप.जनता व पालिका कोष को करोड़ों का नुकसान.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 24 मार्च 2026.

ईओ पूजा शर्मा के  बड़े घोटालों का इन लीडरों को मालुम है,लेकिन ये अपने अपने स्वार्थों व कारणों से कार्वाई व शिकायतें नहीं कर रहे। पूजा शर्मा की कार्यप्रणाली व घोटालों से 2 सालों के कार्यकाल में नगरपालिका कोष को करोड़ों की हानि हुई है। रूपये कोष में नहीं आए मगर ईओ व लोगों ने लाभ उठाया। अवैध होटलों का निर्माण, अवैध मार्केटिंग काम्प्लेक्सों का निर्माण रिकॉर्ड बन गया। अवैध निर्माणों में कुछ तो नेताओं के ही हैं और कुछ में सहयोग है।

पूजा शर्मा के घोटालों में स्टाफ के कुछ अन्य कर्मचारी भी हैं जो सरकार की मनाही के बावजूद सफाई व दमकल से कार्यालय में लगाए हुए हैं। 


पूजा शर्मा के भ्रष्टाचार से नगरपालिका कोष को हानि और शहर में गंदगी व बदबू फैलने की जानकारी से भाजपा और कांग्रेस के नेता बहुत अच्छे जानकार हैं। ये नेता जनता के  हित के लिए न मूंह खोलते हैं न शिकायतें करते हैं।

कांग्रेस के विधायक डुंगरराम गेदर, ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया और पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु  पूजा शर्मा के घोटालों से अच्छे जानकार हैं मगर इन्होंने कभी जांच की मांग नहीं की।

भाजपा के नेताओं की संख्या कांग्रेस से अधिक है जो पूजा शर्मा के घोटालों के जानकार होते हुए भी शिकायतें नहीं करते। इनकी चुप्पी में कुछ तो गड़बड़ है।

* पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया, उनके पुत्र संदीप कासनिया, पूर्व अध्यक्ष नगरपालिका ओमप्रकाश कालवा को घोटाले के एक एक पेज का मालुम है। ईओ पूजा शर्मा ने अपनी भाभी बबीता शर्मा का प्रमोशन घोटाला किया है उसके ये तीनों एक एक पेज और दस्तावेज के जानकार हैं। इन तीनों की चुप्पी के कारण नगरपालिका में रिकॉर्ड तोड़ भ्रष्टाचार हुआ है तथा अभी भी हो रहा है। रामप्रताप कासनिया और ओमप्रकाश कालवा चाहे तो पूजा शर्मा के घोटालों की जांच शुरू हो और ईओ सस्पेंड हो या सूरतगढ़ से तुरंत हटा दी जाए।

भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,पूर्व विधायक अशोक नागपाल,राकेश बिश्नोई,आरती शर्मा,भाजपा में शामिल हुए हनुमान मील और पूजा छाबड़ा ( जयपुर) को भी पूजा शर्मा के घोटालों का मालुम है। मगर इनमें शिकायत करने वाली ताकत किसी में भी नहीं। यही कारण है कि 2 साल के ईओ पूजा शर्मा के कार्यकाल में इनकी एक भी शिकायत नहीं है। भाजपा के ये नेता जनता के साथ नहीं है। ये भ्रष्टाचार की गंदगी के साथ खड़े शहर को बीमार बना रहे हैं। 

माकपा के लक्ष्मण शर्मा एवं मदन ओझा को ईओ पूजा शर्मा का हर घपला मालुम है मगर इन कामरेडों की आवाज भी दब गई और इनकी एक भी शिकायत नहीं है। लक्ष्मण शर्मा मदन ओझा के सामने ही ईओ पूजा के देख में भाजपा नेता का अवैध होटल निर्माण हो रहा है। ये कामरेड देखकर भी चुप हैं। 

👍 ईओ पूजा शर्मा के घोटालों भ्रष्टाचारों में नेताओं की चुप्पी  है मगर सर्वाधिक बदनामी राज चलाने वालों की यानि पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया की हो रही है। लोगों का आरोप है कि विवेकानंद स्कूल की जमीन का प्रस्ताव पारित कराने में ईओ पूजा शर्मा का सहयोग लेने के कारण अब हर भ्रष्टाचार को सहन कर रहे हैं। अब जनता दूर है तथा भ्रष्टाचारी ईओ यहां पद पर चाहिए।

०0०



सोमवार, 23 मार्च 2026

ईओ पूजा शर्मा के घोटालों पर कासनिया, गेदर बोलें.24 घंटे.सूरतगढ़ में क्यों रखे हुए हैं?







* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 23 मार्च 2026.

नगरपालिका में अधीशाषी अधिकारी पूजा शर्मा के घोटाले भ्रष्टाचार, हर वार्ड गंदगी से पीड़ित और पट्टे नहीं देने के लगातार सशक्त आरोपों तस्वीरों समाचारों के बावजूद भाजपा में पावरफुल पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और विधायक डुंगरराम गेदर सूरतगढ़ शहर निवासियों को इग्नोर कर रहे हैं। शहर की दुर्दशा पर दोनों ही चुप हैं और सबसे बड़ा प्रश्न है कि बड़े बड़े घोटालों और भ्रष्टाचार, सरकारी आदेशों को ठुकराने वाली ईओ पूजा शर्मा को सूरतगढ़ से हटवाने के बजाय यहां क्यों रखे हुए हैं? यह मामूली बात नहीं है। पूजा शर्मा ने नियम विरुद्ध अपनी भाभी बबीता शर्मा का प्रमोशन किया और उसे सफाईकर्मी से जमादार बनाया। यह सबसे बड़ा प्रमाणित दस्तावेजी घोटाला है जिसमें अपनी भाभी को अनुचित लाभ दिया, सरकारी कोष को हानि पहुंचाई। इसके अलावा अनेक घोटाले हैं। सबसे बड़ा आरोप पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया पर है कि वे पूजा शर्मा को यहां से हटाना नहीं चाहते। आरोप है कि कासनिया के कारण पूजा शर्मा लगातार भ्रष्टाचार कर रही है। क्या कासनिया अपने बेटे संदीप कासनिया के कामों के कारण यहां ईओ पूजा को रखे हुए है। रामप्रताप कासनिया और संदीप कासनिया को सूरतगढ़ की जनता चाहिए या पूजा शर्मा सूरतगढ़ में ईओ पद पर चाहिए? कांग्रेस से सूरतगढ़ के विधायक डुंगरराम गेदर ईओ पूजा शर्मा को सूरतगढ़ में क्यों रखना चाहते हैं जो एक बार भी घोटालों पर नहीं बोले। डुंगरराम गेदर संदीप कासनिया के स्कूल विवेकानंद को जमीन दी जाने पर बोल रहे हैं और उसी बैठक में प्रमोशन वाले प्रस्ताव और बबीता शर्मा के प्रमोशन पर नहीं बोल रहे।

  ईओ पूजा शर्मा ने प्रमोशन प्रस्ताव में षड़यंत्र किया। प्रस्ताव में प्रमोट किए जाने वाले कर्मचारियों के नाम होने चाहिए लेकिन वे नहीं लिखे। पार्षदों से छिपाया गया। विवेकानंद स्कूल को जमीन देने के लिए पार्षद एकजुट थे इस जोश में प्रमोशन प्रस्ताव भी पारित हो गया। ईओ ने प्रस्ताव पारित होने के बाद में गुपचुप से नाम लिखे, जिसमें बबीता शर्मा का नाम लिखा गया।

ये दोनों कासनिया और गेदर पूजा शर्मा पर अपनी जबान नहीं खोलते हैं तो यह सब खुलासा होगा। इन नेताओं को शहरवासी नहीं चाहिए बल्कि ईओ पद पर पूजा शर्मा चाहिए।०0०




सूरतगढ़. नालों से गंदा पानी सड़कों पर. ईओ पूजा शर्मा की विदाई पर होगा सुधार.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 23 मार्च 2026.

शहर के नाले नालियां अनेक स्थानों पर जाम है। नालों का गंदा पानी,गंदगी सड़कों पर है। कुछ स्थानों पर तो महीनों से सफाई नहीं हुई।

* अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा को यहां आए 2 साल हो गये, वह शहर में कभी निरीक्षण करने के लिए नहीं निकली। लोग शिकायत से मांग करते हैं वह नगरपालिका ही आती है और दबा दी जाती है।

👍 पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय के आगे का नाला तो लगभग जाम रहता है और गंदा पानी सड़क पर जो हफ्तों तक साफ नहीं होता। काई जम जाती है। आज की फोटो यहां है।



👍 अनाज मंडी की उतरी चारदीवारी के बाहर की सड़क और नाला गंदगी से भरे हैं। नाले की गंदगी कई दिनों से बाहर फैली है। कचरा भी है।







ईओ सूरतगढ़ से जाएगी तब सुधार होगा।०0०






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