मंगलवार, 31 मई 2022
सोमवार, 30 मई 2022
सूरतगढ़:मनोज सुखीजा स्मृति रक्तदान:75 युनिट रक्त संग्रह
सूरतगढ़ 29 मई 2022.
महावीर इन्टरनेशनल , सूरतगढ़ व रक्तकोष फाउण्डेशन एवं सुखीजा परिवार के संयुक्त तत्वावधान में स्व. मनोज सुखीजा की प्रथम पुण्य तिथि पर आज दिनांक 29 मई 2022 , रविवार को चौपड़ा धर्मशाला , सूरतगढ़ में संस्था का 181 वां स्वेच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया । विधानसभा क्षेत्र सूरतगढ़ के विधायक श्री रामप्रताप कासनिया के द्वारा रिबन काटकर शिविर का उद्घाटन किया गया एवं स्व. मनोज सुखीजा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई । मैत्री ब्लड सेंटर , सूरतगढ़ के निदेशक सुनील योगी के नेतृत्व में बृजेंद्र बिश्नोई , रमनदीप कौर व स्मेस्ता गोदारा ने 75 यूनिट रक्त संग्रहण किया ।
शहीद भगत सिंह डिफेंस एकेडमी , सूरतगढ़ के छात्रों व मित्र मंडली मनोज सुखीजा सहित अनेक रक्तदाताओं ने रक्तदान किया ।
शिविर के आयोजन में अशोक सुखीजा , रंजन ताखर , विनोद चुघ , अजय चुघ , विष्णु तरड़ , मनोज जांगू , जयश्री चुघ , अशोक भार्गव , आदित्य बांठिया , सुनील मोदी , आरती चुघ , चैरी चुघ , मोनू धुवा , सेवानिवृत्त इंजीनियर रमेश चंद्र माथुर सहित संस्था सदस्यों ने विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग किया।०0०
सूरतगढ़ आबकारी विभाग के पास वाईन शाप के आगे स्ट्रीट लाईट पोल पर लगा साईनबोर्ड
सूरतगढ़ 30 मई 2022.
आबकारी विभाग इस पर कार्यवाही करे लेकिन वह नहीं करे तब कौन करे? आबकारी विभाग के कार्यालय से इस वाईन शाप की दूरी केवल 100 मीटर ही होगी।
जिला पुलिस कार्यालय इसे आबकारी विभाग की जिम्मेदारी बताता है। आबकारी विभाग ही जानता है कि शराब की दुकान पर कितना बड़ा नामपट्ट होगा और लाईट पोल पर भी लगा सकते हैं या नहीं।
सूरतगढ़ में 9 जून को शहीद गुरुशरण छाबड़ा की जयंती समारोह विशाल रूप में मनाए जाने की तैयारियाँ चल रही है। (राजस्थान में संपूर्ण शराबबंदी आमरण अनशन में पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा ने प्राण त्याग दिए थे।)
ऐसे में यहां आबकारी विभाग की उदासीनता क्यों है? संपूर्ण शहर पर आबकारी विभाग की नजर होनी जरूरी है।०0०
ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सूरतगढ़ में तीन दिन: बच्चों का व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 मई 2022.
आजादी के 75वें अमृतमहोत्सव के अवसर पर राजयोग एजूकेशन एन्ड रिसर्च फाउंडेसन के अन्तर्गत ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सूरतगढ़ केंद्र पर तीन दिन से चल रहे बाल व्यक्तित्व विकास शिविर में पांच से पंद्रह साल तक के लगभग नब्बे बच्चों ने भाग लिया।
बी के रानी द्वारा बच्चों के समग्र विकास के लिए अनेको शिक्षाओं को जीवन मे धारण करने के लिए कहानियों के माध्यम से समझाया गया। जिसमें सुबह समय पर उठना समय पर स्कूल जाना। झूठ नही बोलना ।झगड़ा नही करना ।दया का भाव रखना ।माता पिता व बड़ों का आदर करना। गुरूओं का सम्मान करना आदि आदि।
रमेश आसवानी ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहानी के माध्यम से बताया कि दो जनों के झगड़े का फायदा तीसरा व्यक्ति ले जाता है इसलिए आपस मे मिल जुल कर रहना चाहिये। कभी भी आपस मे झगड़ा नही करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत मे छोटे छोटे बच्चों ने बहुत ही सुंदर कविताएं गीत कहानियां व नृत्य प्रस्तुत किए। बच्चों में अति उमंग ओर उत्साह का माहौल था। सभी बच्चों ने अनुशासन में रहने का संकल्प लिया। बच्चों में उत्साह इतना अधिक था वे कह रहे थे कि शिविर लगातार चलता रहना चाहिए।
कार्यक्रम में बी के पुष्पा राजपाल यादव राजू परिहार मुरली मनोहर दहिया किशनपाल बी के कमला बहन जसप्रीत कौर आदि उपस्थित रहे।०0०
पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के विरुद्ध लड़ाई कच्ची पक्की.सवालों में घिरी।
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 30 मई 2022.
नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के भ्रष्टाचारों की जांच कराने की मांग ही आशंकाओं में घिरी है की यह पूरी होगी या बीच में ही छोड़ दी जाएगी?
ओमप्रकाश कालवा को सस्पेंड करके जांच करने की मांग है और 3 जून 2022 से क्रमिक धरने की चेतावनी है। चेतावनी ही लचर है जिससे यह आशंका है। क्रमिक धरना मतलब आंदोलन का सबसे कमजोर कदम। नगरपालिका कार्यालय खुलेगा तब धरना शुरू होगा और कार्यालय बंद होने पर उठ जाएगा। सप्ताह में 5 दिन। शनिवार और रविवार को अवकाश। वैसे इस प्रकार के धरने अधिकारी के आश्वासन पर बीच में ही उठ जाते हैं। धरना शुरू करते हैं उस वक्त फोटोग्राफी तक उपस्थिति और उसके बाद मौके पर चार पांच लोग। यही हर धरने पर होता आया है। नगरपालिका अध्यक्ष के विरुद्ध धरने में कोई अलग प्रक्रिया होने की उम्मीद नहीं। ऐसे धरने सुबह 10 बजे शुरू होते हैं और 5 बजे चटाईयां समेटना शुरू हो जाता है। इस धरने पर इसलिए आशंका है और मजबूत कारण भी है कि इसके लिए कोई संघर्ष समिति नहीं बनाई गई।
अभी तो एक पार्षद के लैटर हैड पर उसी की शिकायत है। बाकी तो सभी एक प्रकार से समर्थन पर ही हैं। कल को वह पार्षद धरना ही नहीं लगाए और आश्वासन पर मान जाए तब बाकी के क्या करेंगे? परसराम भाटिया और पूर्व अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल के पास क्या कदम होगा? संघर्ष समिति बनाने का काम क्या बाद में होगा?
संघर्ष समिति बनाई जाती तो ओमप्रकाश कालवा के कार्य काल के नियम विरुद्ध किए सारे कार्य उसमें जोडे़ जाते। सड़कें नाले सफाई अव्यवस्था जोड़ी जाती। कालोनियों की स्वीकृतियां जोड़ी जाती जो हाईटेंशन तारों के नीचे हैं। भाजपा के लोगों से संबंधित भी है वे जुड़ती। लालचंद के समय के पट्टे जिन पर अध्यक्ष चुप है, वे मामले जुड़ते। अध्यक्ष ने वित्त और निर्माण व अन्य समितियों को नहीं बनाया। एकतंत्र चलाया जिससे भ्रष्टाचार हो रहा है। शिकायत में प्रमाणित होने वाले सभी मामले लिखे जाते। अध्यक्ष को निलंबित करने का लिखने मात्र से ही अध्यक्ष निलंबित नहीं होता। अध्यक्ष को निलंबित कराना इतना आसान होता नहीं है। बहुत जोर लगाना पड़ता है जो केवल कोठियों में बैठ कर शिकायत तैयार करने से नहीं होता।
अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा पर आरोप गंभीर हैं और निलंबित करके जांच शुरू कराने की मांग है। यह मांग स्थानीय निकाय निदेशालय जयपुर से ही पूरी हो सकती है। यह निलंबन का आदेश निदेशक, सचिव और मंत्री ही दे सकते हैं। जो विधिवत शिकायत और आरोपों का वर्णन होना चाहिए और वह शिकायत सरकार को जानी चाहिए जो एक पार्षद की शिकायत में दिखाई नहीं देता। अभी तीन जून आने में समय है और सरकार तक शिकायत पहुंचाने,प्रतिनिधि मंडल जयपुर जाने आदि के काम हो सकते हैं। अभी कई पेच हैं और आंदोलन के लिए चैयरमैन की कुर्सी छीनने के लिए ताकत चाहिए। सबसे बड़ा सवाल है कि कांंग्रेस बहुमत का बोर्ड है और चैयरमैन के विरुद्ध लड़ने वाले भी कांग्रेसी ही हैं। कोई बड़ा कांंग्रेस नेता एक निर्देश से आश्वासन से ही सब खत्म करा देगा। ०0०
गुरुवार, 26 मई 2022
सूरतगढ़ छीनाझपटी की घटनाओं पर भाजपा आठवें दिन जागी:नशे पर 27 वें दिन जागी
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ में नशा स्मैक फैलने और उस पर अंकुश लगाने की एक बड़ी रिपोर्ट राजस्थान पत्रिका श्रीगंगानगर के संस्करण में 29 अप्रैल 2022 को छपी। एक दिन पहले 28 अप्रैल को जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा सूरतगढ़,आए और उन्होंने पुलिस उप अधीक्षक शिवरतन गोदारा और सिटी थाना अधिकारी सीआई रामकुमार लेघा से अपराधों बाबत बातचीत की जानकारी ली,तब उसी दिन राष्ट्रीय छात्र मोर्चा ने स्मैक नशा फैलने और उसे रोकने की मांग की।
भारतीय जनता पार्टी ने यह रिपोर्ट पत्रिका में पढी होगी जो 29 अप्रैल को छपी। अब भाजपा के सारे सूरतगढ़ के नेता,मंडल,मोर्चे और जिले के सूरतगढ़ पदाधिकारी और विधायक पूर्व विधायक दिन गिनें। भाजपा ने युवा मोर्चे के लेटरहैड से एक ज्ञापन 25 मई 2022 को पुलिस उप अधीक्षक को सूरतगढ़ के थानाधिकारी के मारफत दिया। यह थाने में दिया। सिटी थाने और पुलिस उप अधीक्षक के कार्यालयों के बीच में केवल सड़क है। बस यही दूरी है।
* 29 अप्रैल को भाजपा के हर नेता और कार्यकर्ता को मालुम हो गया था कि राष्ट्रीय छात्र मोर्चे की ओर से 28 अप्रैल को मांग पत्र दे दिया गया है। इतना जान कर भी भाजपा चुप रही तथा आगे भी चुप ही रहती लेकिन घटनाक्रम ऐसे हुए कि 25 मई को जैसे तैसे यह ज्ञापन दिया। भाजपा नगर मंडल की गैर जिम्मेदार नीति लगातार अध्यक्ष सुरेश मिश्रा और महासचिव लालचंद शर्मा की लापरवहियां लेकिन विधायक कासनिया के खास तो इनको कौन हटाए। इन दोनों के ज्ञापन हस्ताक्षर हैं। सारे नेताओं को शामिल कर यह ज्ञापन दिया गया। फोटो में ये चेहरे हैं जो बताएं कि इतने दिन कैसे और क्यों सोते रहे? जनता इन पर भरोसा कैसे करे?
ये नेता कैसे जागे या इनकी मजबूरी हो गई?
18 मई को शहर में छीनाझपटी की 4 घटनाएं हो गई। सोशल मीडिया ने तो तत्काल ही खबरें दे दी। 19 मई को अखबारों में घटनाएं छप गई।
इन घटनाओं के चौथे दिन 21 मई को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राधेश्याम उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस उप अधीक्षक को ज्ञापन दे दिया। आम आदमी पार्टी ज्ञापन दे गई तब मजबूत पार्टी की मजबूरी हो गई फिर भी देरी होती रही और आखिर 25 मई को यह ज्ञापन दिया।
राजस्थान पत्रिका ने 29 अप्रैल को रिपोर्ट छापी,उससे पहले बहुत बड़ी रिपोर्ट ब्लास्ट की आवाज में छप चुकी थी। करणी प्रेस इंडिया मे क ई लेख छप चुके थे। भाजपा के नगर मंडल को काम ही नहीं करना। शहर की हर समस्या पर चुप्पी। आखिर जनता के बीच जवाब तो देना ही होगा। नगरपालिका के हर मामले पर चुप्पी।
अभी ये चित्र पत्रिका 29 अप्रैल 2022 देखेंं।
०0०
दि.26 म ई 2022.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
(राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356
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पंजाब में मंत्री बर्खास्त और पुलिस केस के बाद राजस्थान में आप का भय व बढती लोकप्रियता
* करणीदानसिंह राजपूत *
हेपंजाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला की बर्खास्तगी और के पुलिस केस के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाकी मंत्रियों को भी चेतावनी दे दी है। उन्हें रिश्तेदारों को अपने कामकाज से दूर रखने को कहा है। मान ने विभागों से जानकारी ली जिसमें पता चला कि कुछ मंत्रियों की पत्नी, बेटा और भांजे-भतीजे सरकारी काम में दखल
कर हैं । रहे इसे देखते हुए मान ने 2 मंत्रियों को बुलाकर खास तौर पर हिदायत जारी की है।
* पता चला कि एक मंत्री की पत्नी सरकारी कामकाज में बहुत ज्यादा इनवॉल्व हो रही हैं।
* एक मंत्री के भांजे भी सरकारी मीटिंग में शामिल होकर अपनी सलाह दे रहे हैं।
*एक मंत्री का बेटा तो उनके नाम पर लोगों से मुलाकात कर रहा है।
* मान ने चेतावनी दे दी कि उनका भी स्टिंग ऑपरेशन हो सकता है। जिससे सीधे कुर्सी जाएगी, जैसे हेल्थ मिनिस्टर विजय सिंगला को गंवानी पड़ी।
सिंगला की कुर्सी जाने के पीछे भांजा प्रदीप
हेल्थ मिनिस्टर डॉ. विजय सिंगला की कुर्सी जाने का कारण उनका भांजपा प्रदीप गोयल बना है। प्रदीप को सिंगला ने अपना विशेष सलाहकार osd बनाया था। सुपरिटेंडिंग इंजीनियर से 1% कमीशन प्रदीप ने ही मांगा था। जिसकी रिकॉर्डिंग हो गई। जिसके बाद मान ने सिंगला को बर्खास्त कर दिया। भ्रष्टाचार के केस में सिंगला के साथ भांजे प्रदीप को भी मुख्य आरोपी बनाया गया है।
* पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध उठाये इन सख्त फैसलों से चिपते हुए राज्य राजस्थान में राजनैतिक दलों और नेताओं में भय फैल रहा है वहीं आम जनता में लोकप्रियता बढ रही है।
पंजाब के चिपते हुए दो जिलों श्री गंगानगर और हनुमानगढ़ में तो बड़ा असर पड़ रहा है। आम आदमी पार्टी की टोपी लगाए लोगों को देख जनता आकर्षित हो रही है। लोग मोहल्लों और गांवों में आप के कार्यकर्ताओं को सुन रहे हैं और सदस्य बन रहे हैं। आम आदमी पार्टी गठन के समय पार्टी ने सदस्यता अभियान चलाए चौराहों पर गलियों में मेजें लगाई थी उस समय इतना अधिक आकर्षण नहीं था जो अब अपने आप बन रहा है।
भाजपा जो 2023 में अपनी सरकार बनने का पक्का मानकर चल रही है, उसी को आम आदमी पार्टी के आक्रामक रूप से चुनाव में उतरने का भय लगने लगा है। आम आदमी पार्टी ने राजस्थान की समस्त 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी है। भाजपा में गुटबाजी को दिल्ली नेता खत्म नहीं कर पाए हैं। भाजपा के पास पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बराबर का कोई नेता नहीं है जो डंके की चोट भाजपा सरकार बनाने का दावा कर सके। भाजपा नेता मोदी चेहरे से चुनाव लड़ने की घोषणा कई बार कर चुके हैं मगर आम जनता ने इसपर कोई जयकारा नहीं लगाया है। जनता की ओर से कोई खुशी प्रगट नहीं हुई है। भाजपा को यह तो स्पष्ट लग रहा है कि जनता का जबरदस्त समर्थन अभी नहीं है। ऐसे में आम आदमी पार्टी का भय सता रहा है। हालांकि आम आदमी पार्टी यह असर कांग्रेस पर भी डाल रही है।०0०
दि. 26 मई 2022.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356
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बुधवार, 25 मई 2022
एमबीबीएस डिग्रीधारी नाम के आगे लिखेंगे मेडिकल डॉक्टर:विशेषज्ञ लिखने के भी नियम
० विशेष समाचार०
एनएमसी ने एलोपैथी डाक्टरों के लिए पेशेवर आचार संहिता का मसौदा जारी किया है। अब एमबीबीएस डिग्रीधारी अपने नाम के आगे डॉक्टर लिखने की बजाय मेडिकल डॉक्टर लिखेंगे। इससे उनकी अलग पहचान हो सकेगी।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट 2019 के तहत पंजीकृत डॉक्टरों के लिए पेशेवर आचार संहिता का जो प्रारूप जारी किया है, उसमें यह प्रावधान किया है। अभी तक नाम के आगे डॉक्टर कई लोग लिखते हैं।
जैसे एलोपैथी के अलावा आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा के पंजीकृत डॉक्टर।
पीएचडी करने वाले भी डॉक्टर लिखते हैं।
कई बार जिन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलती है, वे लोग भी डॉक्टर लिखते हैं। इससे पहचान नहीं हो पाती है कि कौन मेडिकल डॉक्टर है।
* नए प्रावधानों के लागू होने के बाद एलोपैथी के डॉक्टरों की अलग पहचान होगी। वे अपने नाम के आगे मेडिकल डॉक्टर लिखेंगे।
एनएमसी की तरफ से सोमवार 23 मई 2022 को जारी मसौदे के अनुसार यदि डॉक्टर विदेश से पढ़कर आया है तो उसी डिग्री का नाम के साथ उल्लेख होगा, जिसे एनएमसी ने भारतीय डिग्री या डिप्लोमा के समकक्ष मंजूरी दी हो।
* कोई भी एलोपैथी डॉक्टर किसी विषय में विशेषज्ञ होने का दावा तभी कर सकेगा,जब उसने उस विषय में अलग से कोर्स किया हो। सिर्फ अनुभव के आधार पर विशेषज्ञ होने के दावे नहीं किए जा सकेंगे।०0०
सूरतगढ़: सुशिक्षित नारी को चुनाव 2023 में टिकट दिया जाए तो ऐतिहासिक कदम होगा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में राजनैतिक दल सुशिक्षित सामाज सेवा में अग्रणी नारियों को अपने अपने दल से चुनाव लड़ाए तो बहुत बड़ा कदम होगा।
अभी भारतीय जनता पार्टी,इंडियन नेशनल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी चुनाव लड़ेंगी के दावे सामने आ रहे हैं।
राजस्थान में विधानसभा चुनाव शुरू होने से 2018 के चुनाव तक केवल एक बार महिला ने सूरतगढ़ सीट से प्रतिनिधित्व किया था।
सन् 1998 से लेकर 2003 तक श्रीमती विजयलक्ष्मी बिश्नोई सूरतगढ़ सीट पर कांग्रेस पार्टी से विधायक रहीं। वे कुछ समय तक संसदीय सचिव भी बनी।
2003 के चुनाव में विजयलक्ष्मी बिश्नोई भाजपा के अशोक नागपाल से पराजित हुई।
सत्तर साल में केवल एक बार महिला विधायक बनी। ( विजयलक्ष्मी बिश्नोई के पति सुनील बिश्नोई 2 बार सूरतगढ़ से विधायक रहे और 2 चुनावों में पराजित हुए)
सन् 2008 में परिसीमन के बाद सूरतगढ़ छोटा क्षेत्र हो गया। सन् 2008 में जब राजस्थान पत्रिका से जुड़ा हुआ था तब समाचारों के माध्यम से एक कोशिश की कि सूरतगढ़ से किसी महिला को टिकट मिले। उस समय भारतीय जनता पार्टी में तीन महिलाओं ने टिकट के लिए प्रयास किए लेकिन उनके प्रयास सफल नहीं हो पाए।
अभी भाजपा और कांग्रेस दोनों इस क्षेत्र में बड़ी पार्टियां हैं और ये प्रयास करें तो सूरतगढ़ के लिए बहुत बड़ा ऐतिहासिक काम होगा। ये सुशिक्षित सामाजिक राजनैतिक कार्य में आगे रह सकने वाली नारियों को टिकट देकर चुनाव में उतारें। सूरतगढ़ ने भाजपा और कांग्रेस के पुरूष विधायकों को देखा है,उनके कामों को देखा है। उनकी लोकप्रियता को देखा है। अब सुशिक्षित नारी को टिकट देने के लिए आवाज बने तो सच्च में ऐतिहासिक कदम होगा। नारी जागरूकता का नारे का सच्च भी सामने आएगा जो ये दोनों पार्टियां देती रहती है।
दि. 25 मई 2022.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
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रविवार, 22 मई 2022
जेपी नड्डा ने सुंदरसिंह भंडारी स्मारिका का विमोचन किया:राजे को बहन संबोधित किया.
पूनिया, कटारिया अनेक नेता मौजूद.
* करणीदानसिंह राजपूत *
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने जयपुर में स्वर्गीय सुंदर सिंह भंडारी जन्म शताब्दी समारोह वर्ष के तहत आयोजित एक समारोह में सुंदर सिंह भंडारी स्मारिका का लोकार्पण विमोचन किया। जयपुर में यह कार्यक्रम 20 मई 2022 को आयोजित किया गया।
इस स्मारिका के संयोजक पूर्वमंत्री व पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी और सदस्य कन्हैया लाल बेरवा एवं शंकरलाल अग्रवाल थे। ये सभी समारोह में उपस्थित थे।
समारोह में मंचासीन पूर्व मुख्यमंत्री राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती वसुंधरा राजे भाजपा राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष विधायक सतीश पूनिया, पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान में विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता गुलाब चंद कटारिया आदि ने भी स्मारिका विमोचन में भाग लिया।
जे.पी.नड्डा ने अपने संबोधन में मंचासीन सभी उपस्थित नेताओं का एक एक का नाम लिया और वसुंधरा राजे को नाम पद सहित बहन कह कर संबोधित किया।
जेपी नड्डा ने माननीय सुंदर सिंह जी भंडारी के जीवन पर बहुत सी बातें उपस्थित भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं को बताई कि उन्होंने जनसंघ के दीपक को जलाने के लिए अपने जीवन को सादगी से देश सेवा के लिए लगाया।
वे अपना सारा कार्य आना जाना साइकिल पर करते थे। उनके जीवन से सभी को प्रेरणा लेते रहना चाहिए।
उन महान पुरुषों की जो इच्छा थी, वह आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में पूरी हो रही है। देश निरंतर सभी को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।
इस पुस्तक स्मारिका के रचयिता में से श्री शंकरलाल अग्रवाल जो जयपुर में चार्टेड अकाउंट एसोसिएट चला रहे हैं। उनका सूरतगढ़ से गहरा संबंध है जो अभी भी विशेष कार्यक्रमो से जुड़ा हुआ है।
उनका सारा बचपन शिक्षा अपने नाना भा ज पा के जनसंघ समय से स्तंभ रहे प्रयाग चंद अग्रवाल के यहां बीता। प्रयागचंद अग्रवाल इस समय भारतीय जनता पार्टी के वयोवृद्ध नेता हैं। सूरतगढ़ में प्रयाग चंद अग्रवाल एंड संस के नाम से उनका व्यवसाय है जिसका संचालन पुत्र महेश अग्रवाल करते हैं। जनता में प्रयाग चंद अग्रवाल परिवार आज भी कमल के प्रचार प्रसार में भरपूर योग दाता माना जाता है।०0०
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
(राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत) सूरतगढ़ (राजस्थान)
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गुरुवार, 19 मई 2022
सुनील जाखड़ कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए:पंजाब के साथ राजस्थान में भाजपा को लाभ
* करणीदानसिंह राजपूत *
पंजाब में हिंदु नेता के रूप में प्रसिद्ध सुनील जाखड़ ने कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र देने के तीन दिन बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में दिल्ली में सदस्यता ग्रहण की।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद 19 मई 2022 को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
इस मौके पर जेपी नड्डा ने उनको भाजपा का पटका पहना कर गुलदस्ता दिया।
नड्डा ने कहा, “मैं सुनील जाखड़ का भारतीय जनता पार्टी में स्वागत करता हूं। ये एक अनुभवी राजनीतिक नेता हैं जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान अपने लिए एक स्थान बनाया। मुझे विश्वास है कि ये पंजाब में भाजपा को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।”
इससे पहले उदयपुर राजस्थान में कांग्रेस के चिंतन शिविर के दौरान शनिवार, 14 मई, 2022 को उन्होंने फेसबुक लाइव पर अपने इस्तीफे का ऐलान किया था। उन्होंने पार्टी को आगे के लिए शुभकामना संदेश देते हुए “गुडलक” और “गुडबाय” भी कहा था।
सुनील जाखड़ ने बीते पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी के लिए बोझ बताया था।
इस आलोचना के बाद पार्टी के अनुशासनात्मक समिति ने बीते 26 अप्रैल को सुनील जाखड़ को पार्टी से 2 सालों तक के लिए निलंबित कर दिया था। इसके अलावा भी उनके पार्टी छोड़ने के पीछे और भी कारण हैं।
* राहुल से नाराजगी: *
जाखड़ बीते पंजाब चुनाव में खुद को सीएम पद की दावेदारी की रेस में देख रहे थे। लेकिन पार्टी की दिग्गज नेता अंबिका सोनी के एक बयान से स्थिति बदल गई। सोनी ने कहा था कि पंजाब में अगर किसी हिंदू को मुख्यमंत्री बनाया गया तो राज्य में आग लग जाएगी। उस समय सुनील जाखड़ के पक्ष में विधायक अधिक थे।
राहुल उस समय जाखड़ के साथ नहीं खड़े दिखाई दिए, जब कांग्रेस का एक वर्ग उन्हें मुख्यमंत्री बनने से रोकने में जुटा था। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी कभी भी फैसला नहीं ले पाते। ऐसी परिस्थितियों में जाखड़ ने पार्टी से निकलने का फैसला किया।
जाखड़ कई बार विधायक चुने गए।
कांग्रेस के दिग्गज नेता स्व. बलराम जाखड़ के पुत्र हैं सुनील जाखड़। बलराम जाखड़ लोकसभा अध्यक्ष ,राज्यपाल पदों पर रहे। अनेक बार लोकसभा सदस्य चुने गए। एक बार बीकानेर से भी सांसद रहे।
सुनील जाखड़ श्री गंगानगर और हनुमानगढ जिलों में भी प्रसिद्धि रखते हैं।
भाजपा राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनाव 2023 में सुनील जाखड़ का उपयोग अपनी जीत के लिए कर सकती है। हालांकि पंजाब जीत के बाद इन दोनों जिलों में आप का दबदबा निरंतर बढ रहा है। दोनों जिलों के किसान भाजपा कांग्रेस दोनों से ही नाराजगी दिखा रहे हैं.०0०
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