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गुरुवार, 30 मई 2024

श्रीगंगानगर एमपी सीट की 8 विधानसभा सीटों की मतगणना टेबल/राऊंड.व्यवस्था

 


* करणीदानसिंह राजपूत *
श्रीगंगानगर, 30 मई 2024.
लोकसभा आम चुनाव 2024 के दौरान गंगानगर संसदीय क्षेत्र के आठों विधानसभाओं के मतों की गणना 4 जून को डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय में प्रातः 8 बजे प्रारम्भ होगी। मतों की गणना को लेकर टेबलों का निर्धारण किया गया है।
जिला कलक्टर एवं रिटर्निंग अधिकारी श्री लोकबंधु ने बताया कि
👍सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र के मतों की गणना न्यू हॉल जियोग्राफी ब्लॉक में होगी। ईवीएम के मतों की गणना के लिये 14 टेबल तथा 17 राउंड में मतगणना होगी।
👍श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र की गणना रूम नम्बर ए-10 में सात टेबल एवं रूम नम्बर ए-11 में सात टेबल होगी तथा क्रमशः 15 व 16 राउंड में मतों की गणना होगी।
👍 श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र के मतों की गणना रूम नम्बर ए-8 में सात टेबल व रूम नम्बर ए-9 में सात टेबल तथा 18-18 राउंड में होगी।
👍 सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मतों की गणना जूलॉजी लैब द्वितीय साईंस ब्लॉक में सात टेबल तथा रूम नम्बर एस-3 साईंस ब्लॉक में भी सात टेबल पर 19-19 राउंड में होगी।
👍रायसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र के मतों की गणना मेन हॉल में 14 टेबल पर 20 राउंड में,
👍संगरिया विधानसभा क्षेत्र की रूम नम्बर 7 लॉ कॉलेज में 14 टेबल पर 17 राउंड में मतों की गणना होगी।
👍  हनुमानगढ़  विधानसभा क्षेत्र  मतों की गणना रूम नम्बर 10 विधि महाविद्यालय में 5 टेबल पर 19 राउंड व रूम नम्बर 11 में 9 टेबल पर 20 राउंड में होगी।
👍पीलीबंगा विधानसभा क्षेत्र के मतों की गणना लाईब्रेरी हॉल डॉ. अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय में 14 टेबल पर 21 राउंड में होगी।
👌पोस्टल बैलेट के लिये 27 टेबल तथा एक-एक राउंड में मतों की गणना होगी। इसी प्रकार ईटीपीबीएस के लिये आठ टेबल का निर्धारण किया गया है।
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लोकसभा आम चुनाव 2024
मतगणना को लेकर नोडल अधिकारी नियुक्त

जिला कलक्टर एवं रिटर्निंग अधिकारी श्री लोकबंधु ने भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्धारित कार्यक्रम 4 जून 2024 को मतगणना कार्य के लिये नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
नगर विकास न्यास के सचिव श्री कैलाशचन्द्र शर्मा नोडल अधिकारी होंगे, वे मतगणना सम्पन्न होने के पश्चात संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 01-गंगानगर की आठों विधानसभा सादुलशहर, गंगानगर, करणपुर, सूरतगढ़, रायसिंहनगर, संगरिया, हनुमागनढ़ व पीलीबंगा की ईवीएम एवं अन्य चुनाव संबंधी महत्वपुर्ण दस्तावेज भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार समस्त सहायक रिटर्निंग अधिकारियों से स्ट्रॉंग रूम में सील करवाने की मॉनिटरिंग करेंगे। कार्य पूर्ण होने के पश्चात आरओ को पालना रिपोर्ट से अवगत करवायेंगे।
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लोकसभा आम चुनाव 2024
मतगणना स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से संबंधित कार्यों हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त

लोकसभा आम चुनाव 2024 में मतगणना स्थल पर सीसीटीवी कैमरों से संबंधित समस्त प्रकार के कार्यों के निस्पादन हेतु सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
जिला कलक्टर एवं रिटर्निंग अधिकारी श्री लोकबंधु ने आदेश जारी कर लोकसभा आम चुनाव 2024 के दृष्टिगत मतगणना स्थल डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय एवं राजकीय विधि महाविद्यालय में सीसीटीवी कैमरों से संबंधित समस्त प्रकार के कार्यों के निस्पादन हेतु संयुक्त निदेशक डीओआईटी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। नोडल अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि प्रभारी अधिकारी, सामान्य व्यवस्था मतगणना एवं आवास प्रकोष्ठ के साथ समन्वय करते हुए मतगणना दिवस 4 जून से एक दिन पूर्व से मतगणना संबंधी कार्य समाप्ति तक सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता, निर्बाध रूप से कैमरों की पॉवर सप्लाई/बैकअप, मरम्मत/प्रतिस्थापन इत्यादि से संबंधित पर्यवेक्षण के कार्य निस्पादित करेंगे। आवश्यक होने पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था एवं मतगणना संबंधी चुनाव प्रक्रिया समाप्ति पश्चात सीसीटीवी हटाने के कार्य को भी सम्पादित करवाया जायेगा।०0०
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गुरुवार, 18 अप्रैल 2024

श्रीगंगानगर सीट :भाजपा को एकादशी, लक्ष्मी याद आई: सीट खतरे में है क्या?











* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर सीट पर भाजपा को अपनी वास्तविक हालात का संकेत मिल गया है और खतरे में धर्म याद आया है। 19 अप्रैल को ग्यारस,लक्ष्मी के नाम पर भाजपा प्रत्याशी प्रियंका बेलान को वोट देने की गिड़गिड़ाहट की है। सोशल मीडिया पर ये विज्ञापन चल रहे हैं। क्या इनकी अनुमति निर्वाचन विभाग से ली गई है? भाजपा नेता और कार्यकर्ता पिछले 5 सालों में जनता के काम कराते तो धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगने पड़ते। जो धर्म को याद कर जनता को भ्रमित करना चाहते हैं उनके रिपोर्ट कार्ड डायरी आदि सब कोरा कागज है। काम कराए होते तो काम के नाम पर वोट मांगते। न जाने ऐसी सलाह कौन देता है? इससे लगता है कि सीट पर खतरा है। ऐसी अपील यह साबित कर रही है। वैसे धर्म के नाम पर वोट मांगना ही गलत है। अनैतिक तरीके से चुनाव को प्रभावित करने में यह आता है। प्रियंका बेलान और उनके चुनाव एजेंट को इस प्रचार पर ध्यान दे लेना चाहिए।

** पहले तो ये नेता जुटे नहीं और अब नाटक कर रहे हैंं। जनता दो कदम आगे चल रही है।

* श्रीगंगानगर लोकसभा सीट में 8 विधानसभा सीटों में जो सीटें भाजपा हारी,उनका मत अंतर लाखों में है। पहले वह लाखों का अंतर भरेगा और उसके बाद वोट मिलेंगे वो कितने होंगे? हर सीट पर कोई ऐसे काम नहीं हुए कि जनता वापस भाजपा की ओर लौट जाए। 

** यहां भाजपा को नाराज हो रहे राजपूत, स्वामी,मेघवाल समुदाय से बात कर जोड़ बैठाना चाहिए था। पुराने नेताओं कार्यकर्ताओं को राजी करना चाहिए था जिनका नेताओं व संगठन पदाधिकारियों ने तिरस्कार कर नाराज कर रखा है। 

* असल में प्रियंका बेलान को इन बिगड़े हालात का पहले कुछ भी मालूम नहीं था लेकिन इतने दिनों में निश्चय ही मालुम हुआ होगा।

👍 भाजपा नेताओं ने एकादशी लक्ष्मी आदि से वोट की अपील कर अपनी कमजोरी प्रगट करदी है। यह सीट जीतती है तो यह अकेली प्रियंका बेलान को ही श्रेय माना जाएगा।०0०


बुधवार, 17 अप्रैल 2024

श्रीगंगानगर सीट:क्या कांग्रेस यह सीट भाजपा से छीन लेगी?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

लोकसभा चुनाव 2024 में एक बड़ा सवाल चल रहा है कि क्या कांग्रेस पार्टी भाजपा से यह सीट छीन लेगी? लोगों की हालात पर नजरें लगी है कि इस सीट पर क्या भाजपा कमजोर और कांग्रेस मजबूत हो गई है कि उलटफेर हो जाएगा?इस सीट पर 2019 में निहालचंद मेघवाल 4 लाख से अधिक मतों से जीते थे। इसबार 2024 में निहाल चंद की टिकट काट कर अनूपगढ़ की प्रियंका बेलाण को दी गई है जिनकी मुख्य टक्कर कांग्रेस के कुलदीप इंदौरा से है। दोनों की टक्कर में कौन भारी है? भाजपा भारी है या कांग्रेस भारी है?

👌 सन् 2023 के चुनाव पर अध्ययन करें तो अभी कांग्रेस भारी है। श्रीगंगानगर लोकसभा सीट में विधानसभा सीटें 8 हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा इन आठ सीटों में से केवल तीन सीटें ही जीत पाई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का भाषण भी पीलीबंगा में हुआ था लेकिन आसपास भी असर नहीं हुआ और पीलीबंगा सूरतगढ़ हनुमानगढ़ रायसिंहनगर सीटें भाजपा हार गई। विधानसभा चुनाव को 4 महीने ही बीते हैं और इतने समय में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं पड़ रहा। 

👌 भाजपा के हालात को आखिरी समय में बहुत बड़ी ताकत मिल सकती है कि सभी ईमानदारी और लग्न से काम करें और अपने घरों से बाहर निकलें। अभी तक ऐसी स्थिति दिखाई नहीं दे रही है।

 👌👌 नेता कार्यकर्ता पदाधिकारी,विधानसभा चुनावों के टिकटार्थी और लोकसभा चुनाव के टिकटार्थी सभी सीट पर जीत के लिए ईमानदारी से काम करने के लिए घरों से बाहर निकलें तब भाजपा से कांग्रेस यह सीट छीन नहीं सकती।

 👍ईमानदारी से काम करेंगे तो निहालचंद मेघवाल की 4 लाख से अधिक मतों की जीत कायम रह सकेगी और प्रियंका बेलाण भी इतने मत या अधिक ले सकेगी। भाजपा के ये सभी लोग पदाधिकारी अभी किस स्थिति में जीत के लिए सीढी के किस पायदान पर खड़े हैं? यह स्थिति जनता से कभी छुपा कर नहीं रखी जा सकती। कौन कौन अपने घरों से निकले हुए हैं?कौन सभाओं में फोटो खिंचवाने के लिए शामिल हुए? कौन कितने दिन से कितना समय दे रहे हैं? कौन अभी भी घरों से बाहर नहीं निकले हैं? यह समीक्षा तो श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के जिला अध्यक्षों तथा प्रदेश अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने निरंतर की होगी? जनता की नजरें हर जगह हर नेता पर रहती है। भाजपा की कमजोरी रही है कि सभी को घरों से बाहर निकाल नहीं पाई। इसके लिए ईमानदारी से काम ही नहीं हुआ। 👌जिन नेताओं को भाजपा में शामिल किया था वे लोग भी क्या साथ में लग गये।*

👍 19 अप्रैल को मतदान है। जब परिणाम आएगा तब सभी को मालुम होगा कि जनता ने किसको साथ दिया। लेकिन भाजपा नेताओं और कांग्रेस नेताओं को अपने अपने मन में मालुम है कि कितनी ईमानदारी से काम किया है? अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए काम किया या अपनी जमीन तैयार करने के लिए चेहरा दिखाया सभाएं की भागदौड़ की?

17 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

सूरतगढ़ (राजस्थान)

94143 81356

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शनिवार, 13 अप्रैल 2024

सीएम की सूरतगढ़ सभा: 2 जिले, 30 नेता,3000 की भीड़: नेताओं के मन में क्या है?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 13 अप्रैल 2024.

श्रीगंगानगर लोकसभा सीट पर प्रियंका बेलान को भाजपा टिकट मिलने के बाद से नेताओं के मन में क्या ? किसी के मन को पढ पाना बड़ा मुश्किल होता है लेकिन कई बार कठिन प्रश्न भी आसानी से हल हो जाता है। भाजपा के टिकटार्थियों और कुछ संगठन पदाधिकारियों के मन में क्या है जैसा कठिन प्रश्न एग्जामिनर के सिर पर खड़े रहते भी आसानी से हल हो जाता है।

* राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल की सूरतगढ़ में 12 अप्रैल की सभा में श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ दोनों जिलों के नेताओं को अधिक से अधिक भीड़ जुटाने का संदेश था। पुरानी धान मंडी में सभा के पंडाल में लगी सारी कुर्सियां भर गई और सात आठ सौ लोग खड़े भी थे। पंडाल मे 2200 कुर्सियां लगी थी। 50-100 अधिक हो सकती है। इस भरे पंडाल और भरे मंच को देखकर क्या अनुमान लगाएंगे? 

इस भरे पंडाल से जो लगता था वह असल में नहीं था। राज के राजा की सभा थी। दोनों जिलों श्रीगंगानगर  हनुमानगढ़ के विधायक,पूर्व विधायक, सांसद संगठन पदाधिकारी आदि लगभग 30 नेता उपस्थित थे। कुछ मंच पर तो कुछ सामने बैठे व खड़े थे। दो जिलों के 30 नेता और 3,000 की भीड़। तीन हजार की भीड़ को 30 नेताओं से भाग दो और भागफल बताओ। यही प्रश्न है। उत्तर में भागफल 100 आता है। यानि 1 नेता 100 की भीड़ लाया। लेकिन यह भागफल असल में सही नहीं है। बहुत बार जो देखते हैं वह सच्च नहीं होता। सूरतगढ़ की सभा में भी असल कुछ और रहा। एक नेता के साथ दस नहीं थे और 100 प्रतिशत सच्चाई में तो एक नेता के साथ पांच भी नहीं थे। नेता अकेला आता है और महिला नेता भी अकेली आती है। नेता मतलब नेतृत्व करने वाला। उस एक नेता के साथ सभा समारोह में 100 या 200 की भीड़ तो होनी ही चाहिए। जो विधानसभा चुनाव में टिकटार्थी रहे और जो लोकसभा चुनाव के लिए टिकटार्थी रहे उनके साथ कितने लोग सभा में आने चाहिए थे?विधायक के साथ कितने आने चाहिए थे? विधानसभा चुनाव में टिकट पाकर लड़े और पराजित हुए पूर्व राज्य मंत्रियों सुरेंद्रपालसिंह और रामप्रताप कासनिया के साथ कितने लोग आने चाहिए थे? कासनिया का तो विधानसभा सूरतगढ़ गृहक्षेत्र है और सपूत को नेतागिरी में आगे लाने की घोषणा कर चुके हैं और वह नीति चलाई भी जा रही है। पूर्व विधायक अशोकनागपाल, नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष आरती शर्मा और काजल छाबड़ा जो विधानसभा में टिकटार्थी रही,इनके साथ कितने लोगों की भीड़ होनी चाहिए थी?अशोक आसेरी सांसद की टिकट मांग रहे थे?

नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को कितनी भीड़ जुटानी चाहिए थी? नगरपालिका के भाजपा पार्षद पंचायत समिति के भाजपा डायरेक्टर व सरपंच को कितने लोग जुटाने चाहिए थे? नगरमंडल, पांच देहात मंडल,युवा व महिला मोर्चे भी हैं। जिले और प्रदेश के पदाधिकारी भी हैं। शराबबंदी नशामुक्ति आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा छाबड़ा और स्वयं प्रियंका बेलान को भी अपनी संख्या मन में मान लेनी चाहिए कि कितनी भीड़ उनके साथ होनी चाहिए थी?

सात बार सांसद की टिकट लेने वाले पांच बार सांसद चुने जाने वाले एवं एक बार केन्द्र में राज्य मंत्री तक रहने वाले और एक बार विधायक भी रहने वाले निहालचंद मेघवाल के साथ कितने लोग आने चाहिए थे? उनको इसबार भी टिकट मिलती तब वे कितने लोग लाते?

* सभी के मन में क्या है ? यह एकदम साफ है कि नेताओं मन में क्या है? 

* मोदी के नाम पर वोट कमल के फूल पर मिल ही जाएंगे। मुख्यमंत्री के साथ फोटो हो जाए जो भविष्य में काम आ सके। सोशल मीडिया ग्रुपों में अपनी अपनी फोटो चला सकें। 

* मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यह चुनावी सभा इतने नेताओं ने बेअसर करके रख दी। इस चुनावी सभा से विजय शब्द नहीं निकला है।

👍 एक बड़ी सोचने वाला चुनावी बिंदु है। कहा जा रहा था कुछ लिख भी रहे थे कि प्रियंका बेलाण को टिकट देकर मेघवाल और अरोड़ा दो समुदायों को साधने का काम किया गया है। चुनावी सभाओं में चुनाव कार्यालय शुभारंभ पर रैलियों में मेघवाल समुदाय के दिग्गज लोगों को कहीं साथ नहीं रखा जा रहा है और यह व्यवस्था कौन करता है और करवा रहा है? इस आरक्षित सीट पर नायक बावरी वाल्मीकि और अन्य भी समुदाय हैं लेकिन उनके भी किसी नेता संगठन पदाधिकारी को मंच पर बोलते नहीं देखा गया? 17 अप्रैल की शाम तक प्रियंका बेलान को ही सुधार करना है। मोदी के नाम पर भी वोट मिलने की गारंटी नहीं है।

* श्रीगंगानगर सीट पर हालात जयपुर दिल्ली तक मालुम है और मोदीजी का कार्यक्रम यहां नहीं बनाया गया शायद कुछ लाभ मिलता। राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा का कार्यक्रम संगरिया में रखा गया जिसमें करीब दो हजार से कुछ अधिक भीड़ मानलें। कार्यक्रम दोनों ही फ्लाप रहे। नेताओं के मन में जो था वैसा हुआ। गहरी चाल और गहरी घात की नीति के दो पाटों में यह सीट और चुनाव है।०0०

सूरतगढ़.94143 81356

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बुधवार, 3 अप्रैल 2024

सूरतगढ़:कुलदीप इंदौरा का चुनाव कार्यालय शुभारंभ: मोदी शासन पर आरोपों की झड़ी.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 अप्रेल 2024.

श्री गंगानगर लोकसभा क्षेत्र से इंडिया गठबंधन  के कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप इंदौरा के सूरतगढ़ चुनाव कार्यालय का उद्धघाटन सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर व वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा किया गया। 






कार्यालय उद्घाटन के अवसर पर बलराम वर्मा, वेदप्रकाश कड़वासरा, युवा नेता अमित कड़वासरा, गगन विडिंग, कृष्ण गोदारा ,ज़ुलैख़ा बेगम,बनवारीलाल थोरी, राजाराम गोदारा,प्रभुदान गेदर, भवानीशंकर भोजक,आप नेता राधेश्याम उपाध्याय, कॉमरेड सखी मोहम्मद, बजरंग शर्मा, परसराम भाटिया,जगदीश गुप्ता, सलीम कुरैशी,कमलेश मीणा, राकेश राठी,सुरेंद्र टाक,रोहिताश होटला, जसराम टाक,लीलाधर फौजी,मोहनी देवी फीता काटने के समय मौजूद थे। 


 👍 सूरतगढ़ खे विधायक डूंगरराम गेदर ने इस अवसर कार्यकर्ताओं को कहा कि यह चुनाव आम चुनाव नहीं है, यह चुनाव लोकतंत्र व संविधान को बचाने का चुनाव है। मोदी के किए हुए वादों को याद दिलाते हुये देश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई को कम करने के लिए मोदी ने जो वादे किए थे उस पर केंद्र की सरकार विफल रही है। किसानों के तीन काले कानून, 15 लाख हर एक के खाते में, काला धन वापस लाने सहित मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी कुलदीप इंदौरा को भारी मतों से जीताने का आह्वान किया। 

👍 वरिष्ठ नेता परमजीत सिंह रंधावा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रति आम जन में गजब का उत्साह है। इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता घर-घर जाकर मोदी के 10 सालों के कुशासन की विफलताएं बताएं। यह चुनाव किसानों मजदूरों ,आम आदमी का चुनाव हैं। हमें संविधान विरोधी ताकतों से मजबूती से लड़ना होगा।

👍 वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बलराम वर्मा ने कार्यकर्ताओं को दिन रात मेहनत करने का आह्वान किया। वर्मा ने कहा तानाशाही सरकार की गलत नीतियों का जवाब देने का समय आ गया हैं।अबकी बार देश मे परिवर्तन होगा। 

👍इंडिया गठबंधन के आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राधेश्याम उपाध्याय ने छात्रों ,युवाओं नोजवानों को आह्वान किया की शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा की बात करने वालों को केंद्र की मोदी सरकार ईडी, सीबीआई में झूठे केस में फंसा कर जेल भेजती है। देश का मतदाता तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुका है।हमें एक होकर लड़ना होगा। 

👍  कामरेड सखी मोहम्मद ने संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी व नेहरू के देश निर्माण को भुलाया नहीं जा सकता।भाजपा के नेता महात्मा गांधी के नाम पर दिखावा कर रहे हैं। झूठे वादों, चंदा दो धंधा लो व इलेक्ट्रोड बांड आजादी के बाद का सबसे बड़ा घोटाला है। यह पूंजीपत्तियों की सरकार है। जाति ,धर्म के नाम पर बांटने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। 

सभा को वरिष्ठ कांग्रेस नेता वेदप्रकाश कड़वासरा, कृष्ण गोदारा,गगन विडिंग,कांग्रेस नेत्री ज़ुलैख़ा बेगम, अमित कड़वासरा, गिरधारीलाल स्वामी ने सम्बोधित किया।

* वरिष्ठ नेता परसराम भाटिया ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं व आमजन का आभार प्रकट किया।इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष इकबाल मोहम्मद कुरैशी, पालिका उपाध्यक्ष सलीम कुरैशी, पूर्व पार्षद राजा राम गोदारा, पूर्व पार्षद मंगलाराम घोयल,जेपी गहलोत, नगरअध्यक्ष,काँग्रेस कमेटी,अमरसिंह राठौड़,श्रवण सिंघाटिया, अनिल कुमार रोकना,प्रभुराम सेन,लख्मीचंद सिंधी,गंगाराम नंदा,विनोद ढुढ़ाड़ा, सिकंदर खान बरडा, जेपी गीला,जगदीश बिश्नोई, हँसराज भाट, सरपंच केसराराम टाक, पार्षद लखविंदर सिंह,अग्रेजसिंह ढिल्लो,सिकंदर खान,योगेश मेघवाल, जिला महासचिव,यूथ कांग्रेस,बरकत अली,अशोक सेतिया,भीमराज जोशी,नगेन्द्र सिंह शेखावत,किशनलाल सुथार,डॉ. आत्माराम तेहरपुरिया, पृथ्वीराज स्वामी,राजेन्द्र माहर, सूरज भारतीय,मांगीलाल बिश्नोई,भागीरथ मेघवाल, रामप्रवेश डाबला,अमरचंद बिश्नोई,ओमप्रकाश गेदर,राजाराम इंशा, डॉ. श्रवण सिंह जोशन,प्रवीण गोयल,गंगाराम नायक सहित कांग्रेसी,आप,आरएलपी,माकपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।०0०

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मंगलवार, 2 अप्रैल 2024

सूरतगढ़:प्रियंका बेलाण के कार्यक्रम:उपस्थिति बेहद कम:महिलाएं पांच सात

 










* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर लोकसभा सीट की भाजपा प्रत्याशी प्रियंका बेलाण ने टिकट मिलने के बाद नाम के साथ मेघवाल लिखना शुरू कर दिया ताकि राजनैतिक व वोटों का लाभ मिले लेकिन सूरतगढ़ में कार्यकर्मों में कितने मेघवाल नेताओं की कार्यकर्ताओं की उपस्थिति थी? वैसे सभी नेताओं कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों व जनता की गिनती कर ली जाए तो वह आगे के कार्यकर्मों में मार्गदर्शन और सीख का काम करेगी। यह कमी क्यों रही? इसमें प्रियंका बेलाण को मालुम नहीं लेकिन सूरतगढ़ भाजपा कासनिया टीम को तो मालुम होगा। नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा महामंत्री लालचंद शर्मा को मालुम होगा क्योंकि उनका क्षेत्र और उनका बुलावा था। अपने संपर्को को संभालें कि लोग सौ से ज्यादा क्यों नहीं आए? भाजपा के ही कार्यकर्ता नहीं आए। 

चुनाव कार्यालय का शुभारंभ पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया और जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह ने किया आरती की। किसी बड़े मेघवाल राजनैतिक नेता या समाजसेवी को भी इस अवसर पर शामिल किया जाना अच्छा रहता।

सूरतगढ़ में चुनाव कार्यालय शुभारंभ पर एक अप्रैल को बुलावे के बावजूद नेताओं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति सौ की संख्या तक रहना और उसमें भी महिलाओं की संख्या दस तक भी नहीं होना कोई अच्छी स्थिति नहीं थी।महिला पदाधिकारी आईं लेकिन कितनी महिलाएं साथ लाईं? भाजपा के पार्षद ही सारे नहीं आए। हर नेता अकेला। एक एक नेता पांच दस भी साथ नहीं ला पाता तो वह नेता कहलाने का हकदार कैसे हो सकता है। विधानसभा चुनाव में भी ऐसी ही हालत रही थी।

दो अप्रैल के कार्यक्रम हुए उनमें भी गिनती के वही चेहरे नारे लगाते हुए थे जो हर भाजपा कार्यक्रम में धरना प्रदर्शन में होते हैं। एक प्रकार से इनके घेरे में कार्यक्रम हुए। इन्होंने घेरा बना लिया ताकि हर फोटो हर विडिओ में ये दिखाई दें। सबसे अधिक काम करने वाले सबसे अधिक पार्टी के वफादार।

सूरतगढ़ सीट खोखली अकड़ में 50 हजार से अधिक वोटों से खो दी और रामप्रताप कासनिया धड़ाम से धरती पर आ गिरे। इसके बाद कासनिया टीम और मंडल मोर्चों को सुधार कर विनम्र होना था लेकिन नहीं हो पाए। इसकी वजह से नगरपालिका में भाजपा अध्यक्ष होते हुए भी काम नहीं हुए। भाजपा का नगर मंडल और सूरतगढ़ के ही जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह तथा रामप्रताप कासनिया,संदीप कासनिया टीम का जो व्यवहार रहा काम नहीं हुए जिसके कारण लोग बहुत अधिक नाराज हैं। लोकसभा चुनाव में भी यह नाराजगी असर डालेगी। इस टीम के घेरे से निकलना बहुत मुश्किल है क्योंकि ये घेरा बनाने में सिद्धहस्त हैं लेकिन अन्य को साथ  मिलाकर साथ लेकर चलना समझदारी हो सकती है। एक सूरतगढ़ ही नहीं जहां विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव में हार हुई है वहां पराजित नेताओं को लोग देखना नहीं चाहते इसलिए हर स्थान पर अन्य लोग साथ रखना जरूरी है। असावधानी खतरे भरी रहेगी और जो पहले हारे हुए हैं उनको आगे कुछ हानि नहीं होगी।०0० 







बुधवार, 27 मार्च 2024

श्रीगंगानगर:भाजपा जिलाध्यक्ष की बड़ी गलती. श्रीगणेश में ही विवाद.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

भाजपा प्रत्याशी प्रियंका बैलाण के नामांकन से पहले आयोजित सभा में नेताओं का आपसी व्यवहार लोगों के सामने आना और उसकी न्यूज विडिओ सोशल साईटों ग्रुपों में प्रसारित होना वह बड़ी गलती है जो नहीं होनी थी।

जिलाध्यक्ष स.शरणपालसिंह मान द्वारा सादुलशहर के विधायक गुरवीरसिंह को समय के लिए टोका गया जब उनका भाषण पूरा हो चुका था और ज्यादा समझा जाए तो वे एक दो मिनट और बोल लेते। विधायक ने प्रत्याशी प्रियंका बैलाण को संबोधन के लिए बुला लिया था। भाजपा नेता भूल गये कि उनको कांग्रेस से टकराना है और वे आपस में ही उलझ गये। विधायक गुरवीरसिंह को भी संयम रखना था।

* बोलने की समय सीमा पहले तय होनी चाहिए ताकि सभी को एक अवधि बोलने की मिले। पहले कहा नहीं जाए और बाद में बोलने वाले को जल्दी करने के लिए कहा जाए तो चुभेगा ही।

* चुनावी सभाओं में बहुत शालीनता और संयम  सावधानी रखी जाती है ताकि किसी विपक्षी नेता या दल से किसी प्रकार का विवाद न हो जाए जो चुनाव में परेशानी का कारण बन जाए। लेकिन यहां तो भाजपा जिलाध्यक्ष का संयम नहीं रख पाना बड़ी गलती हो गई। आखिर इसके अदृश्य कारण की संभावना हो सकती है। न चाहते हुए टिकट नारीशक्ति बैलाण को मिल गई। संगठन किसी नेता की पैरवी करे और उसे टिकट न मिले तो संयम हो। जिसे टिकट मिले संगठन उसके साथ हो। भाजपा के कितने नेता भीतर से खुश नहीं है यह स्थिति भी जनता के सामने आएगी। भाजपा में ही एकता होती तो लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में 5 सीटों पर हार नहीं होती। जनता में उस हार का असर हटाने और वोट मिले ऐसा व्यवहार प्रदर्शन होना था लेकिन जो हुआ वह शोभायमान नहीं था। आगे के लिए सुध रखते हुए चुनाव लड़ा जाए यह संयम धारण हो।क्योंकि नारी शक्ति को पहली बार आगे लाया गया है और कांग्रेस से टक्कर है। मोदी के नाम पर वोट जीत मिल जाए, यह सोचना भी बड़ी भूल होगी।०0०

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