करणी प्रेस इंडिया
शनिवार, 4 अप्रैल 2026
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
सूरतगढ़ : महाराणा प्रताप चौक पर बरसात का भरता पानी.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 3 अप्रैल 2026.
महाराणा प्रताप चौक को शहर बाजार का मुख्य स्थल मानते हैं लेकिन इसकी साफ सफाई की तरफ नगरपालिका प्रशासन का ध्यान ही नहीं रहता। बरसात मामूली हो तब भी यहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्तंभ के आगे पानी भर जाता है। यहां पानी पास के नाले में लेवल गलत होने से जा नहीं पाता। यहां प्रतिमा के दोनों तरफ के फोटो हैं जो आज शाम को लिए गये थे।
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सूरतगढ़ में मोदीजी का स्वच्छता अभियान. बुरा हाल.
सूरतगढ़ 3 अप्रैल 2026.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान का यह दृश्य सूरतगढ़ का है। भाजपा के सभी नेता नेतियां स्वच्छता अभियान को मनोयोग से देखते हुए प्रसन्न होते रहते हैं। नगरपालिका की अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा स्वच्छता अभियान का श्रेष्ठ संचालन कर रही है जिसे देख देख कर सभी शहरवासी भी खुश हो रहे हैं। शाम को हुई मामूली बरसात के 2-30 घंटे बाद राठी स्कूल के आगे की सड़क का यह हाल। नाले नियमित साफ हों तो पानी तेजी से निकले। सफाई व्यवस्था पर भाजपा नेता नेतियां सब चुप।
फोटोग्राफी 👍 3 अप्रैल 2026. समय रात 8-24 बजे.०0०
गुरुवार, 2 अप्रैल 2026
पीएम के सफाई अभियान को ईओ पूजा शर्मा का ठेंगा.पूर्व राज्यमंत्री व जिलाध्यक्ष शक्तिहीन करने जैसे.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 2 अप्रैल 2026.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्चच्छता अभियान को नगरपालिका की अधीशाषी अधिकारी पूजा शर्मा ने ठेंगा दिखा दिया है जिससे सूरतगढ़ गंदगी कचरे बदबू का केंद्र बन गया है। पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और भाजपा जिलाध्यक्ष सरदार शरणपालसिंह मान को शक्तिहीन किया जाना चाहिए जो ईओ पूजा शर्मा की कर्तव्यहीनता ड्युटी की अनदेखी को देखते हुए भी चुप हैं। इनकी चुप्पी रहस्यमय है और इनकी चुप्पी से ईओ पूजा शर्मा जनता की हरबात अनसुनी करती हुई भ्रष्टाचार घोटालों की कमाई में लगी हुई है तथा अवैध निर्माणों को होने दे रही है। ईओ पूजा शर्मा कांग्रेस के पदाधिकारियों के कहने अनुसार काम करती हुई भाजपा सरकार की नीतियों आदेशों की अवहेलना कर रही है। पूजा शर्मा का मूल पद राजस्व अधिकारी है और अधिशासी अधिकारी पद के लिए उपयुक्त नहीं है। भ्रष्टाचार से यहां करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति बनाने वाली पूजा शर्मा की जांच और मूल राजस्व अधिकारी बनाये जाने से पहले सस्पेंड कर जांच कराई जानी जरूरी है।
* सफाई की हर मांग और शिकायत को ईओ रद्दी की टोकरी में डाल रही है। स्वच्छता अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का है जिसे पूरी तरह से मानना नगरपालिका के ईओ सहित संपूर्ण स्टाफ को मानना और हर दिन पूरा करना ड्युटी का हिस्सा है। इस अभियान को जब ईओ पूजा शर्मा ही नहीं माने और कभी मौका भी नहीं देखे तो सफाई निरीक्षक, जमादार और सफाई कर्मचारी परवाह क्यों करे? इन सबके विरुद्ध आधिकारिक एक्शन हो तब कुछ सफाई संभव हो। पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया के पास यहां पावर है लेकिन उन्होंने ईओ पूजा शर्मा की कर्तव्य हीनता ड्युटी के प्रति लापरवाही से सड़ते शहर और भ्रष्टाचार से नगरपालिका कोष को हानि होती रहने पर न ईओ पूजा को कहा न शिकायत की। कासनिया निवास के तीस फुट आगे से ही गौरवपथ है जिसके नाले गंदगी कचरे से भरे हैं। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान सूरतगढ़ के निवासी हैं और वे भी ईओ पूजा शर्मा द्वारा स्वच्छता अभियान की अनदेखी करते रहने पर चुप्पी की चादर ओढ रखी है। शरणपालसिंह मान की भी कोई शिकायत ईओ पूजा शर्मा के विरुद्ध नहीं है। पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान के रवैये से सरकारी व्यवस्था तो बिगड़ ही रही है तथा जनता में भी भाजपा का विरोध बढ रहा है। नवंबर 2026 तक नगरपालिका का चुनाव होगा तो उसमें भाजपा को ठेंगा ही मिलेगा जो,अभी मोदी के सफाई अभियान को ईओ द्वारा दिखाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफाई अभियान को ठोकर मारने वाली ईओ पूजा शर्मा की गैरजिम्मेदाराना और भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत नहीं करने वाले चुप रहने वालों में भाजपा के नेता नेतियों में कुछ ये पदाधिकारी भी,कार्यकर्ता भी हैं। पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नगरपालिका के निवृत अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ( पिछले बोर्ड में अध्यक्ष) पूर्व अध्यक्ष जगदीश मेघवाल, पूर्व अध्यक्ष व जिला पदाधिकारी आरती शर्मा, नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा। कांग्रेस से भाजपा में आए हनुमान मील और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल भी नगरपालिका के भ्रष्टाचार पर चुप हैं। किसी ने भी सरकार को और पार्टी को सूचना नहीं दी।
संघ के गंगानगर हनुमानगढ़ प्रचारक व स्थानीय सभी सफाई अभियान को ठोकर और भ्रष्टाचार को देख रहे हैं।
पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान जानते हुए भी ईओ पूजा शर्मा के बारे में जिलाकलेक्टर व डीएलबी में कुछ नहीं करना चाहते हैं तब इनको शक्तिहीन बनाकर पावर किन्हीं और को दे दी जाने से ही चुनाव से पहले हालात कुछ सुधर सकेंगे। ०0०
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जनप्रतिनिधि का आचरण?:भ्रष्टाचारी व्यभिचारी का हर समय साथ !
* करणीदानसिंह राजपूत *
जनप्रतिनिधि हो राजनेता हो विधायक सांसद हो,मंत्री हो और उसके साथ हर समय भ्रष्टाचारी व्यभिचारी बदनाम व्यक्ति रहे या साथ रखे तो आचरण पर प्रश्न उठेंगे और आरोपों के दाग भी लगेंगे। भ्रष्टाचारी व्यभिचारी बदमाश माफिया गैंगस्टर का साथ हो या जनता का साथ हो? आश्चर्य या दुर्भाग्य पूर्ण यह हो रहा है कि जीतते जनता के मतों से हैं और साथ में बदनाम लोगों को रखते हैं।
* कई राजनेता जनप्रतिनिधि कहते हैं कि जनता की सेवा के लिए उन्होंने विवाह नहीं किया लेकिन उनके दुराचार व्यभिचार के राज बाद में अप्रत्याशित घटनाओं पर ऊजागर होते हैं। भ्रष्टाचार व्याभिचार में रिकॉर्ड खुलता है। बदनाम व्यक्ति ही नेताजी के लिए औरतों लड़कियों का प्रबंध करने में थे। लोगों की नजरों में कुंवारे अविवाहित और पकड़े गये तो बेहद बदनाम।
क्या आपके शहर गांव में ऐसे नेता, अविवाहित नेता हैं जिनकी टीम में भ्रष्टाचारी व्यभिचारी हैं ? अगर नेताजी अपने संग भ्रष्टाचारी व्यभिचारी को रखते हैं तो समझ लें कि वह व्यक्ति नेताजी के लिए रुपये पैसे और व्यभिचार का प्रबंध करता है और नेताजी केवल नाम के कुंवारे अविवाहित हैं। किसी शहर में ऐसा है तो ऐसे नेताओं को सामाजिक शैक्षणिक व्यापारिक या अन्य समारोह में अतिथि बनाने से और आमंत्रित करने से दूर रहना चाहिए। शादी ब्याह और घरेलु समारोह में तो बिल्कुल नहीं बुलाया जाना चाहिए। लेकिन अनेक लोग ऐसे नेताओं के साथ अपना और अपने परिवार की स्त्रियों लड़कियों के साथ फोटो खिंचवा लेते हैं और बड़ाई में फोटो को विवरण सहित सोशल मीडिया पर भी डाल देते हैं। इस प्रकार की बड़ाई से भ्रष्ट दुराचारी नेता का गृह प्रवेश और स्त्रियों से संपर्क हो जाता है। यह प्रचार,संपर्क, संबंध बाद में आफत खड़ी कर देते हैं और व्यक्ति बाद में मुंह छिपाने को मजबूर होते हैं। रोजाना कहीं न कहीं घटनाएं होती हैं जो सोशल मीडिया पर बदनाम करती हैं। ०0०
2 अप्रैल 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 62 वां वर्ष.
स्वतंत्र पत्रकार (राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)
94143 81356.
नोट: अखबारों में छापने के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं है। अनुवाद करके किसी भी भाषा में भी छाप सकते हैं। लेखक।
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बुधवार, 1 अप्रैल 2026
सूरतगढ़:विविधा सृजन सम्मान समारोह 5 अप्रैल को.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 1 अप्रैल 2026.
साहित्यिक संस्था विविधा का 'सृजन सम्मान 2025' समारोह 5 अप्रैल 2026 रविवार को श्री माहेश्वरी भवन सूरतगढ़ में आयोजित किया गया है।
इस समारोह में मुख्य अतिथि डॉक्टर सूरजसिंह नेगी होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर मनोज दीक्षित करेंगे।
विशिष्ट अतिथियों में साहब राम चाहर, पूर्व विधायक अशोक नागपाल, डॉक्टर के एल बंसल एवं अनिल धानुका हैं।
कार्यक्रम का संयोजन श्री रोहिताश शर्मा करेंगे। इस समारोह में साहित्य सृजन क्षेत्र में पुस्तकों का चयन करने के बाद समारोह में उनके लेखकों को सम्मानित किया जाता है।०0०
मंगलवार, 31 मार्च 2026
ऐतिहासिक कोडमदेसर भैरों मंदिर और आसपास साफसुथरा हो. देवस्थान विभाग की देखरेख कम.
* करणीदानसिंह राजपूत *
* रिपोर्ट:30 मार्च 2026.
बीकानेर संभाग में कोडमदेसर भैरों मंदिर और तालाब ऐतिहासिक धरोहर एवं लाखों परिवारों के आस्था पूजा स्थल हैं जहां हजारों लोग रोजाना पहुंचते हैं। यह पूजा स्थल देवस्थान विभाग की लापरवाही में साफसुथरा नहीं है। यहां श्रद्धालुओं को सफाई में कमी दिखती है तो मानसिक पीड़ा पहुंचती है।
* तालाब जल से लबालब हो तो दर्शन सफल मगर उसका सूखा होना तो प्राकृतिक है कि वर्षा नहीं हुई। मगर जो लोग पहुंचे उनको यह धार्मिक स्थल साफ सुथरा तो मिले। इसके प्रांगण में ही सफाई नही। हजारों लोगों में सैंकड़ों को प्यास भी लगती है और लघुशंका भी होती होगी। पानी प्रबंध भी सही नहीं। कीचड़ क्यों हो? आसपास भी कचरा क्यों हो? मंदिर में प्रवेश करते हैं वहां दो बोर्ड लगे हैं। एक देवस्थान का प्रबंधन होने का सूचना देता है और एक ऐतिहासिक होने की सूचना देता है। इन दोनों ही बोर्ड के लिखे पेंट अक्षर धुंधले और खत्म हो गये। पुजारी कौन आदि नाम नहीं है। दोंनो बोर्डों के पास ही झाडियों की बढत ही दिखाती है कि सफाई पर ध्यान ही नहीं है।
एक बड़े बैनर पर नाम हैं। यहां प्रबंध जिनके पास है या जो देखरेख करते हैं, देवस्थान विभाग ने जिनको जिम्मेदारी दे रखी है, उनको साफ सफाई तो हर दिन हर समय रखनी ही चाहिए।
• भैरूजी की मूर्ति जांगलू में बसने के समय स्वंय राव चहायड़ सिंह जी गहलोत ने मंड़ोर ( जोधपुर) से लाकर यहां स्थापित की थी।
भैरू जी की मूर्ति के निकट के दो कीर्तिस्तंभ खुदा है। यह कीर्तिस्तंभ लाल पत्थर का है तथा इसके चारों ओर देवी-देवताओं की मूर्तियां खुदी है। इस लेख से पाया जाता है कि १४५९ ई० में भाद्रपद सुदि को राव रणमल के पुत्र राव जोधा ने यह तालाब खुदवाया और कीर्तिस्तंभ स्थापित करवाया।*
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ईओ पूजा शर्मा का अतिक्रमण.गंभीर मामलों की 1 शिकायत प्रक्रिया में.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 31 मार्च 2026.
नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा के निवास के आगे सड़क पर अतिक्रमण है।ईओ पूजा शर्मा का यह अतिक्रमण पद का दुरुपयोग है। ईओ ने अपनी कार आने जाने के लिए गली के अन्य अतिक्रमण घरों के आगे बनाए स्लोप तुड़वाए। पद के दुरुपयोग और गलत इस्तेमाल के तहत खुद का बनाया पीहर आवास का अतिक्रमण नहीं तोड़ा। आसपास के लोगों ने कुछ कहा तो उनको धमकी दी गई कि शिकायत की तो घरों के छज्जे भी तुड़वा दिए जाएंगे। नगरपालिका ने अवैध अतिक्रमण के तोड़े जाने के लिए लाल क्रोस भी लगा दिए थे। लेकिन ईओ का अतिक्रमण कर्मचारी तो कैसे तोड़ें जो ईओ के पीहर का आवास हो और ईओ खुद भी वहीं रहती हो।
* ईओ पूजा शर्मा पर इस अतिक्रमण तोड़े जाने के अलावा अन्य भ्रष्टाचारों, अनियमितताओं के आधार पर कार्वाई हो सकती है। ईओ पर गंभीर आरोप अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा का नियम विरुद्ध अवैध प्रमोशन व अनुचित लाभ देने व नगरपालिका कोष को विभिन्न मामलों में नुकसान का आरोप है।
* सूत्रानुसार ईओ पूजा शर्मा के विरुद्ध बड़ी जांच शुरू किए जाने से पहले सूरतगढ़ से हटाया जा सकता है। सरकार के पास कुछ गंभीर मैटर सहित शिकायत पहुंची हुई है और वह प्रक्रिया में है। पूजा के अलावा भी जांच में अन्य कर्मचारी भी चपेट में आ सकते हैं।0०
विजय कुमार गोयल व्यापार मंडल सूरतगढ़ के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 31 मार्च 2026.
व्यापार मंडल के सत्र 2026-27 के चुनाव में अध्यक्ष पद पर विजयकुमार गोयल निर्विरोध चुने गये हैं। अन्य चार पदों पर भी निर्विरोध चुनाव हुए।
नवनीत सारड़ा सचिव, दीपक गाबा उपाध्यक्ष, हेमंत डागा कोषाध्यक्ष एवं आनन्द डागा सहसचिव चुने गये। चुनाव अधिकारी दर्शन मगत परनामी ने घोषणा में बताया कि सभी पदों पर नामांकन वापसी के बाद एक एक नाम रहे। ०0०
रविवार, 29 मार्च 2026
सूरतगढ़:वार्ड 3 और 26 के अतिक्रमण के पट्टे.कौन दे? कौन दिलाए? सच्च बताया जाए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 मार्च 2026.
स्थानीय वार्ड नं 3 और 26 के पट्टे धरणा प्रदर्शन नारेबाजी के होते होते महीनों पर महीने बीत गये मगर विधायक डुंगरराम गेदर और सूरतगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष परसराम भाटिया तथा प्रमोद ज्याणी आदि को एक पट्टे दिला देने जितनी भी सफलता नहीं मिल पाई। सभी प्रकार के दबाव नगरपालिका प्रशासन पर चल नहीं पाए। घूमफिर कर चर्चा वहीं जाती है कि क्या सभी फाईलें हर तरह से सबूतों सहित पूर्ण है? यह भी निश्चित है कि ईओ पूजा शर्मा किसी भी फाईल में कोई कमी रही है तो दबाव में पट्टा नहीं देगी। सहानुभूति भी नहीं चल सकती क्योंकि कांग्रेस के विधायक डुंगरराम गेदर और ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया के दबाव से यह सारा मामला राजनैतिक हो गया है। भाजपा राज में जिसकी चलती को मान्यता है तो फिर चर्चा करें कि पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया क्या चाहते हैं और मांग करने वाले प्रमोद ज्याणी दुबारा कासनिया से मिले या नहीं। अभी दुबारा मिलने की सूचना नहीं है।
* विधायक डुंगरराम गेदर और ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया दोनों नगरपालिका प्रशासक उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा से मिले थे। प्रमोद ज्याणी आदि भी थे। उस भेंट के समय ईओ पूजा शर्मा भी शामिल हुई। बात यह निकल कर आई कि पूजा शर्मा ने पट्टे देने का भरोसा दिलाया है। ईओ पूजा शर्मा ने पहले भी पट्टे देने से इन्कार नहीं किया था। ईओ का पहले भी कहना था कि सवा सौ फाईलों में लगभग एक दर्जन यानि दस या बारह में पट्टे एक बार और जांच कर दिए जाने की स्थिति है। पहले एक बात और ईओ कह रही थी कि प्रशासक 6 फाईलें मान रहे हैं। अब सरकार ने ईओ के एकल हस्ताक्षर से पट्टे जारी करने का स्पष्ट आदेश जारी कर दिया और उसके बाद भी पट्टे नहीं दिए जाने की शिकायत व्यक्तीश रूप में सरकार से नहीं की जा रही। यदि हर दस्तावेज पूरे हैं तो उपखंड अधिकारी के आगे बात करने के बजाय सरकार के आगे रखने में देरी क्यों ? बात राजनैतिक इसलिए बन रही है कि जिनके आवेदन हैं वे अपनी अलग अलग एप्लिकेशन ईओ को देने में, ईओ से खुद मिलने में डर क्यों रहे हैं? इतने महीने बीतने के बाद भी पट्टे नहीं मिल पाने का कोई स्पष्ट खुलासा न प्रशासन कर रहा है और न विधायक डुंगरराम गेदर कर रहे हैं। गेदर को मालुम होगा कि असली पेच कहां और किस कारण से फंसा हुआ है? आवेदकों को सही हालत बताई जानी चाहिए। जब हजारों पट्टे जारी हुए तब ये कैसे रूके? परसराम भाटिया खुद भी नगरपालिका अध्यक्ष पद पर सरकार की ओर से 4 माह रहे तब ये पट्टे दे दिए जाते तो समस्या उसी समय रहती ही नहीं। ईओ पूजा शर्मा ने धरणा प्रदर्शन के दिनों में कहा था कि प्रशासक जिन जिन फाईलों पर पट्टे देने की स्वीकृति दे दें तो उन पर पट्टे तुरंत जारी कर दिए जाएंगे। विधायक डुंगरराम गेदर प्रशासक भरतजयप्रकाश मीणा से यह स्वीकृति ही दिलादें ताकि लोगों का काम हो जाए।अभी संभव नहीं रहा है। गेदर भाटिया राजनीति दलों की बाधा से कासनिया के पास रिक्वेस्ट नहीं कर सकते, तब नगरपालिका के चुनाव और नये बोर्ड गठन नये अध्यक्ष का इंतजार करना ही एक भरोसा रखना चाहिए।०0०
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