करणी प्रेस इंडिया
शुक्रवार, 29 मई 2026
शर्मा बाल मंदिर से 1,10,100 रू.जुर्माना वसूल करना पड़ा.सुशील तावणिया की शिकायत थी.ऐसे नोटिस ठंडे बस्ते में.अनेक दबाव में जारी नहीं हुए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 मई 2026.
भारत माता चौक ( भग्गुवाला कुआ चौक) के पास शर्मा बाल मंदिर के आवासीय भूखंड का गैर आवासीय में बिना स्वीकृति निर्माण होने की शिकायत के नोटिस जारी होने के करीब 6 माह नगरपालिका को 1,10,100 रू. शाश्ति ( जुर्माना)
वसूलना पड़ा। सुशील कुमार तावणिया ने अवैध निर्माण पर कार्वाई करने की शिकायत नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा को की थी। बार बार कार्वाई की जानकारी लेने पर नगर पालिका ने कार्वाई की जिसमें 1,10,100 रू.जमा कराने का नोटिस शर्मा बाल मंदिर के व्यवस्थापक श्रीगोपाल शर्मा को 18 दिसंबर 2025 को जारी किया गया।
ईओ पूजा शर्मा ने नोटिस तो जारी कर दिया,मगर इस वसूली को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर उजागर हुआ और नगर में चर्चा बन गई कि ईओ वसूली को क्यों टाल रही है?
* शिकायत कर्ता को भी भ्रमित करने का प्रयास किया गया लेकिन उसने अपने प्रयास बंद नहीं किए। सुशील कुमार तावणिया का आरोप था कि इससे राजकोष यानि नगरपालिका के कोष को हानि हो रही है।
* सुशील कुमार तावणिया ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर इसकी शिकायत की तब नगरपालिका प्रशासन को वसूली कार्वाई करनी पड़ी।
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर परिवाद संख्या 042605226554299 दिनांक 30 अप्रैल 2026 को दर्ज होने के बाद भी शिकायत कर्ता ने निरंतर दबाव बनाए रखा तब वसूली की कार्वाई हुई।
का नगर पालिका प्रशासन द्वारा निस्तारण कर राहत प्रदान की गई है। परिवादी सुशील कुमार द्वारा शर्मा बाल मंदिर सूरतगढ़ के खिलाफ जारी नोटिस एवं राजकोष को हो रहे नुकसान से संबंधित मामला उठाया गया था।
परिवाद संख्या 042605226554299 दिनांक 30 अप्रैल 2026 को स्वायत्त शासन विभाग (नगर निकाय) में दर्ज किया गया था। मामले में आरोप लगाया गया था कि शर्मा बाल मंदिर सूरतगढ़ के विरुद्ध जारी नोटिस की कार्रवाई नहीं होने से राजकोष को नुकसान पहुंच रहा है। इस वसूली के बाद परिवाद निस्तारण 27 मई 2026 को किया गया।
👍 नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा द्वारा निर्माण व शुल्क वसूली के अनेक नोटिस जारी किए हुए हैं जिन पर महीनों बाद भी वसूली की कार्वाई शुरू नहीं हुई है। नगरपालिका ईओ पूजा शर्मा की ढील के कारण नोटिसों के बाद भी नगरपालिका कोष में लोगों ने करोड़ों रूपये जमा नहीं करवाए हैं। नगरपालिका ईओ ने बड़े होटलों फर्मों को एक एक नोटिस दिया और आगे सख्ती नहीं की। ऐसे पचासों मामले हैं। सूरतगढ़ में बीसियों होटल व मार्केट काम्प्लेक्स या दुकानें बिना स्वीकृति के बन रहे हैं जिनको सीज नहीं किया जा रहा। होटलों के मालिकों ने नगरपालिका प्रशासन पर दबाव बना कर अवैध निर्माण शुरू कर रखे हैं। होटलों की ऊंचाई दो मंजिल और निर्माण 3,4,5 मंजिलों तक हो गये तथा कुछ के अभी भी हो रहे हैं। ऐसे मामलों की शिकायतें भी हो चुकी हैं।
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गुरुवार, 28 मई 2026
सूरतगढ़ के पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा के स्मारक की दुर्दशा क्यो?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 28 मई 2026. यहां के पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा (सन् 1977) का स्मारक स्थल राजकीय उपजिला चिकित्सालय के मुख्य द्वार के आगे मुख्य सड़क पर है जिसमें उनकी आदमकद प्रतिमा लगी है जिसकी नियमित सार संभाल के अभाव में दुर्दशा हो रही है। स्मारक बगीची अब पूरी सूख चुकी है। पुष्प पौधै एक भी नहीं रह पाए और दूब के बजाय सूखी जमीन है।
शहीद गुररूशरण छाबड़ा समिति की ओर से छाबड़ा की जयंती 9 जून और पुण्यतिथि 3 नवंबर मनाई जाती है तब यहां नजदीकी व परिवार के लोग एकत्रित होते हैं। एक दो घंटे के कार्यक्रम के अलावा कभी कोई पहुंचता हो,ऐसा नहीं लगता। पिछले तीन सालों से स्मारक की संभाल नहीं हुई। पहले छाबड़ा के एक साथी बलदेव राज तनेजा हर रोज सुबह से शाम तक बगीची में रहते हुए संभालते। तनेजा की सार संभाल के समय फूलों के पौधे और हरियाली दूब का आकर्षण था। पक्षियों के लिए पानी भी रखा जाता था। तनेजे से पिछले वर्ष पूछने पर उन्होंने बताया था कि बगीची के गेट के ताले की चाबी दो साल पहले उनकी पुत्र वधु पूजा छाबड़ा को सौंप दी थी।
पिछले 9 जून 2026 पर बहुत कम लोग स्मारक पर आए थे। उस समय स्मारक की अनदेखी लोगों के सामने आई थी। उस दिन भी लोगों ने सूखती बगीची देखी थी। इस बात का दुख भी कुछ लोगों ने प्रगट किया था कि स्मारक को नियमित रूप से रोजाना संभाला नहीं जा रहा। उस समय यही सोचा जा रहा था कि स्मारक की सारसंभाल शुरू हो जाएगी लेकिन यह सोच गलत साबित हो गई है। एक साल बीत गया है लेकिन स्मारक की सार संभाल न तो स्मारक समिति ने की है और न गुरूशरण छाबड़ा के किसी परिजन ने की। किसी के पास न समय है न रूपये हैं कि यहां चौकीदार माली पारिश्रमिक पर रखा जा सके। कहने को समिति के लोग और नजदीकी व परिवार जन सभी धनियों में है और करोड़़ों की संपत्ति के मालिक हैं।
अब 9 जून 2026 को गुरूशरण छाबड़ा की जयंती है और बगीची उजड़ी हुई सूखी हुई पड़ी है।
* गुररूशरण छाबड़ा स्मृति समिति के अध्यक्ष व पदाधिकारियों को स्मारक को लगातार रोजाना संभालना चाहिए चाहे घूमने के लिए ही पहुंचे।
* गुरूशरण छाबड़ा सन् 1977 में सूरतगढ़ से विधायक चुने गए थे। राजस्थान में संपूर्ण शराबबंदी के लिए जयपुर में आमरण अनशन में सन् 2016 में 3 नवंबर को उनके प्राण चले गए थे। उनकी देह चिकित्सालय को दान कर दी गई थी। गुररूशरण छाबड़ा की स्मृति में राजकीय महाविद्यालय का नाम किया गया। एक सैकेंडरी स्कूल का नाम भी उनकी स्मृति में कर दिया गया। गुरूशरण छाबड़ा की ईमानदारी को याद किया जाता है लेकिन स्मारक की सार संभाल नहीं किया जाना निकृष्टता दर्शाता है। ०0०
बुधवार, 27 मई 2026
क्या कांग्रेस सूरतगढ़ को बरसाती पानी के खतरे से बचा पाएगी?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 26 मई 2026.मानसून की बरसात से पहले 12 जून तक नाले नालियां एक दम साफ की जाने के सख्त निर्देश हैं और शहर के नाले नालियां कचरे गंदगी से भरे हैं। बारह जून तक बरसाती पानी निकासी का प्रबंध पक्का हो जाना यहां असंभव लग रहा है क्योंकि अभी हर वार्ड में नाले नालियां गाद से भरी पड़ी हैं। गौरवपथ और रेलवे रोड,महाराणा प्रताप चौक क्रोसिंग नाला और सुभाष चौक क्रोसिंग नाला के लिए तो नगरपालिका प्रशासन ने जिद्द ही कर ली है कि लाख शिकायतें करो,इनको साफ करना ही नहीं है। यह जिद्द अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की है जिसने यहां निरीक्षण तक नहीं किया बल्कि सफाई निरीक्षक ने भी निरीक्षण नहीं किया। नगरपालिका ने रात्रि सफाई का नाटक एक बार फिर शुरू किया है जिसमें एक क्षेत्र की सड़क की ही सफाई की जाती है। जिन नालों पर तीन मौतें हो चुकी है उनके बारे में अभी सब चुप हैं।
* पीएम नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान यहां फेल है जिस पर नगरपालिका की ईओ को भय नहीं है क्योंकि भाजपा और उसके नेता ही नहीं बोल रहे। पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया यहां राजकाज का संचालन कर रहे हैं। नगरपालिका के खासकर ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचार और कर्त्तव्य पर वे चुप हैं। हालांकि इस चुप्पी पर शहर में बदनामी भी हो रही है। उनको गलतफहमी भी हो रही है कि कुछ दो चार ही विरोध करते हैं। शहर उनके साथ है। अब यह समझने वाली बात है कि शहर ने विधानसभा चुनाव में जो रोल किया था उसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। शहर ने कासनिया को बुरी तरह से हराकर कांग्रेस के डुंगरराम गेदर को जिताया था। शहर रत्ती भर भी कासनिया की तरफ नहीं हुआ है। हां चंद लोग हैं जिन्होंने रामप्रताप कासनिया को घेर रखा है और यही हालत उनके पुत्र संदीप कासनिया की है। इन पिता पुत्र ने भी किसी नाली नाले की गंदगी और किसी टूटी सड़क को अपनी नज़रों से नहीं देखा है।
* शहर के भाजपा के अन्य खेमों गुटों के नेता कार्यकर्ता भी चुप हैं। खासकर पूर्व विधायक अशोक नागपाल चुप हैं। कासनिया और नागपाल के अलावा जो भाजपाई हैं वे भी मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को ठुकराया जाता देख रहे हैं।
* कांग्रेस पार्टी ने तीन चार बार नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर रोष प्रगट किया है और ज्ञापन भी दिए हैं। नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा कांग्रेसियों के ज्ञापनों को भी कागजी धमकियाँ और थोथी चेतावनी ही मानती है इसलिए साफ सफाई न देखती न करती है।
* कांग्रेस ने विधायक डुंगरराम गेदर के नेतृत्व में 13 मई 2026 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीनानाथ बब्बल को मांगपत्र दिया व गेदर ने बातचीत में हर बिंदु से अवगत कराया था। उसके बाद इतने दिन बीत गये साफ सफाई बाबत कोई काम नहीं हुआ जो नाले नालियों पर होना चाहिए था। कांग्रेस के मांग पत्र पर विधायक डुंगरराम गेदर,पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु, परसराम भाटिया, बलराम वर्मा, जे.पी.गहलोत और योगेश मेघवाल के हस्ताक्षर थे। क्या ये अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की लापरवाहियों व भ्रष्टाचार को चुनौती देते हुए लगातार धरना प्रदर्शन करते हुए शहर को बरसात के पानी से बचाने के लिए पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और ईओ पूजा शर्मा का कड़ाई से विरोध कर पाएंगे?
नगरपालिका के आगामी चुनाव से पहले शहर को बचाने के कार्य पूरे हो जाने चाहिए। बारह जून तक नाले नालियां पूर्ण साफ करादी जाए तो संभव है शहर में बरसात के पानी से नुकसान न हो लेकिन अभी तो यह लग रहा है कि कुछ भी नहीं होगा। कांग्रेस भी केवल मांगपत्र से अखबारों में मीडिया में नाम चाहती है इससे आगे कोई भी काम आंदोलन तब हो जब डुंगरराम गेदर के पास संघर्शशील कार्यकर्ताओं की टीम हो। कांग्रेस के पास लगातार धरना प्रदर्शन की पावर नहीं है न कार्यकर्ता हैं। यह जानकर ईओ पूजा शर्मा 12 जून तक के दिन भी खाली ही टपाएगी। पूजा शर्मा को यह भरोसा भी है कि नगरपालिका के प्रशासक भरतविजयप्रकाश मीणा ने शहर का आजतक निरीक्षण नहीं किया है सो वे आगे भी सड़कों नाले नालियों का निरीक्षण करने को नहीं निकलेंगे। यहां अतिम अवसर कांग्रेस के पास ही है। कांग्रेस जोर लगाएगी तो उसका लाभ आगामी चुनाव में पाएगी। कांग्रेस लगातार धरना प्रदर्शन करती है, आमरण अनशन करवाती है तो प्रशासक और ईओ को भय तो रहेगा। ०0०
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मंगलवार, 26 मई 2026
किसानों के फसल बीमा मामले.विधायक डुंगरराम की कृषि आयुक्त से भेंट.
* करणी प्रेस इंडिया *
जयपुर, 26 मई 2026.
सूरतगढ़ विधायक डूंगर राम गेदर ने आज कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल से भेंट कर सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसानों से जुड़े विभिन्न फसल बीमा मामलों एवं लंबित पड़े क्लेम पर विस्तार से चर्चा की।
विधायक गेदर ने क्षेत्र के किसानों को फसल बीमा क्लेमों के भुगतान में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने वर्ष 2024 की सरसों फसल के लंबित क्लेम, रबी 2025 के लंबित दावे, बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के व्यक्तिगत क्लेम तथा अन्य लंबित प्रकरणों पर कृषि आयुक्त का ध्यान आकर्षित किया।
गेदर ने कहा कि काफी समय से क्लेम लंबित रहने के कारण किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में संबंधित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर किसानों को राहत प्रदान करना आवश्यक है।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने विषय पर गंभीरता से विचार-विमर्श करते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।०0०
रविवार, 24 मई 2026
आवासन मंडल कॉलोनी के अतिक्रमण हटेंगे जरूर. किसकी है शिकायत?
* करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़ 24 मई 2026.
आवासन मंडल कॉलोनी ( पुरानी) में सड़कों के अतिक्रमण एक दिन निश्चित ही हटा दिए जाएंगे,जैसे नेशनल हाईवे 62 के हटाए जा रहे हैं? आज कहा जा रहा है कि सत्ता धारी पार्टी का नेता बचा रहा है,लेकिन जब उसके अवैध निर्माणाधीन होटल पर कार्वाई होगी शिकायत होगी तब वह अपना होटल बचाएगा। यह आवासन मंडल के अतिक्रणकारियों को जान लेना चाहिए। अभी भी शिकायतों से उक्त नेता के नाक में दम है।
* आवासन मंडल कालोनी अतिक्रमण की शिकायत और अतिक्रमण हटाने की मांग किसने की है? अभी चरणजीत टंडन का नाम उछाला जा रहा है। टंडन ने आवासन मंडल कालोनी के नाले नालियां साफ करने की मांग नगरपालिका प्रशासन से की। नगरपालिका प्रशासन ने कालोनी में जिन 58 मकानों के आगे अतिक्रमण है उनको 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए। नगरपालिका ने उस समय बताया कि चरणजीत की शिकायत है इसलिए नाले साफ करने हैं सो 3 दिन में अतिक्रमण हटालें उसके बाद नगरपालिका हटा देगी। चरणजीत की शिकायत थी और उस पर कार्वाई शुरू हुई तो अब तक अतिक्रमण हटा दिए जाने चाहिए थे। नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने आगे कार्वाई क्यों नहीं की, यह सूचना नगरपालिका की ओर से किसी मीडिया को नहीं दी गई और न किसी ने जानकारी ली।
* 2 जून 2025 को शिकायत हुई जो नगरपालिका में क्रमांक 252 पर दर्ज हुई। इसके बाद एक साल बीत रहा है।
* इसके बाद भी शिकायतें हुई।
* सन् 2026 में भी शिकायतें हुई। यह तो निश्चित है की सड़कों के हक की जमीन के ऊपर हुए अतिक्रमण हटाए तो जाएंगे। अनेक शहरों में हटाए जा रहे हैं। नेशनल हाईवे पर हटाए जा रहे हैं। ऐसे ही नगरपालिका जब हटाएगी तब कोई भी नेता वहां बचाने को उपस्थित नहीं होगा। नेताजी अपना बचाएंगे या आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमणों को बचाएंगे। कोई अधिकारी निश्चित ही कार्वाई करेगा चाहे अपने मन से करेगा चाहे ऊपरी दबाव से करेगा।०0०
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक में बीजेपी सरकार पर बरसे विधायक गेदर,
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ 23 मई 2026.
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की एक महत्वपूर्ण और संगठनात्मक अबैठक विधायक जनसेवा केंद्र में आयोजित
की गई, जिसमें राजनीतिक प्रस्तावों, जनविरोधी नीतियों और युवाओं व किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक रूप से चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए नेताओं ने केंद्र की भाजपा नीत मोदी सरकार और राज्य सरकार की विफलताओं के खिलाफ जमकर हुंकार भरी।
बैठक को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए विधायक डूंगरराम गेदर ने भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए। विधायक गेदर ने देश की वर्तमान आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने अपनी गलत नीतियों से पूरे देश को डुबोने का काम किया है। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल दो-चार चुनिंदा उद्योगपतियों के लिए काम कर रहे हैं। अडानी और अंबानी जैसे पूंजीपतियों को पनपाने के लिए पूरे देश के संसाधनों को दांव पर लगा दिया गया है। चंद पूंजीपतियों की तिजोरियां भरने के चक्कर में देश की अर्थव्यवस्था गर्त में जा चुकी है और इसका सीधा असर देश के करोड़ों युवाओं पर पड़ा है, जिन्हें आज रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। विधायक गेदर ने केंद्र सरकार द्वारा लोकतांत्रिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग पर बोलते हुए आगे कहा कि देश की जिन संवैधानिक संस्थाओं पर लोकतंत्र को अक्षुण्ण रखने की जिम्मेदारी थी, आज उन्हें पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय,केंद्रीय जांच ब्यूरो और यहाँ तक कि चुनाव आयोग को भी केवल सरकार की कठपुतली बनाकर रख दिया गया है। निष्पक्षता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए इन जांच एजेंसियों का खुला दुरुपयोग किया जा रहा है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परसराम भाटिया ने हाल ही में हुए नीट परीक्षा विवाद और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को पूरी तरह से विफल बताते हुए कहा कि नीट परीक्षा में जिस तरह की धांधली और पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, उसने देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य पर पानी फेर दिया है। दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के सपनों को चंद भ्रष्टाचारियों और शिक्षा माफियाओं के हाथों बेच दिया गया है। उन्होंने मांग की कि इस नीट पेपर को तुरंत रद्द किया जाए और इस पूरे घोटाले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, भाटिया ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की इन जनविरोधी नीतियों को आम जनता के बीच लेकर जाएं और गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जाकर लोगों को जागरूक करें।
ओबीसी कांग्रेस के बीकानेर संभाग अध्यक्ष अमित कड़वासरा ने बैठक को संबोधित करते हुए ग्रामीण अंचल के सबसे बड़े मुद्दे यानी किसानों और व्यापारियों की दुर्दशा पर बोलते हुए कहा कि आज अन्नदाता सड़कों पर आने को मजबूर है। देश-प्रदेश में किसानों की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं बिक रही हैं और मंडियों में किसानों की उपज को कौड़ियों के दाम खरीदने की साजिश रची जा रही है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि किसानों के हक के लिए आज व्यापारियों को भी धरने पर बैठना पड़ रहा है, क्योंकि व्यापार और कृषि एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और सरकार की गलत नीतियों ने दोनों की कमर तोड़ दी है। इसके साथ ही उन्होंने सिंचाई और पेयजल के संकट पर रोष जताते हुए कहा कि नहरों में पानी की भारी कमी है, जिससे फसलें सूख रही हैं। जो पानी नहरों में आ भी रहा है, वह अत्यधिक दूषित और केमिकल युक्त है, जो न तो सिंचाई के योग्य है और न ही इंसानों या पशुओं के पीने लायक है। बुवाई के समय किसानों को यूरिया और डीएपी खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है और ब्लैक में खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता योगेश मेघवाल ने अपने संबोधन में प्रदेश की आंतरिक राजनीति और स्थानीय निकायों के प्रशासनिक मुद्दों पर राज्य सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। योगेश मेघवाल ने राज्य सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सामना करने से डर रही है। उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों और दिशा-निर्देशों के बावजूद प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं। न्यायालय के आदेशों की सरेआम अवहेलना की जा रही है और बार-बार किसी न किसी बहाने से स्थानीय निकाय चुनावों को आगे टाला जा रहा है। इसका एकमात्र कारण यह है कि बीजेपी को अपनी करारी हार का डर सता रहा है। उन्हें अच्छी तरह पता है कि जनता उनके झूठे वादों को समझ चुकी है और चुनावों में उन्हें सबक सिखाने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है।
इस बैठक में ब्लॉक क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं, अग्रिम संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। ०0०
भूखंड नीलामी पर HC की रोक मामला. राजेंद्र तनेजा ने 35 साल पूर्व खरीदे 6 भूखंडों की जमीन मांगी. रिपोर्ट.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 मई 2026.नगरपालिका सूरतगढ़ भूखंड नीलाम कर बेचती है लेकिन बाद में जमीन नहीं देती। ऐसे अनेक मामले हो चुके हैं जिनमें करीब एक सौ खरीदारों के कुल करोड़़ों रूपये लिए हुए हैं। अनेक मामलों में सन् 1991 का मामला सबसे पुराना यानि की 35 साल पहले का है जिसके खरीदारों ने अपनी जवानी में अपने घरों की योजनाएं बनाई और वे भटकते हुए आज वृद्धावस्था में पहुंच गये लेकिन नगरपालिका ने जमीन उपलब्ध होते हुए भी उनको जमीन नहीं दी तथा और नयी नीलामी से बेचती रही।
* एडवोकेट राजेंद्र तनेजा रोटरी क्लब के सूरतगढ़ संस्थापक एवं अनेक समाजसेवा कार्यों में लाखों रूपये लगाने वाले प्रसिद्ध व्यक्ति हैं जिन्होंने सन् 1991 में नगरपालिका से नीलामी में 6 आवासीय भूखंड खरीदे।
* नगरपालिका प्रशासन में अनेक अधिकारी आए,बोर्ड भी आए लेकिन किसी ने भी राजेंद्र तनेजा को जमीन नहीं दी और परेशान करते रहे। राजेंद्र तनेजा द्वारा जमीन का यह संघर्ष चलते अब 35 साल हो गये।
* सन् 2025 में राजेंद्र तनेजा ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई। उच्च न्यायालय में नगरपालिका भी हाजिर हुई। उच्च न्यायालय में नगरपालिका ने अपना जवाब दिया। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना और राजेंद्र तनेजा के पक्ष में निर्णय दिया।
उच्च न्यायालय ने नगरपालिका को आदेश दिया कि जमीन खोजी जाए और राजेंद्र तनेजा को दी जाए।
* नगरपालिका प्रशासन ने राजेंद्र तनेजा को राजीव गांधी मार्केट योजना में जमीन बताई। तनेजा ने कहा कि मेरे भूखंड आवासीय हैं सो आवासीय भूमि दी जाए।
* नगरपालिका के पास सब रजिस्ट्रार कार्यालय के पास 7 आवासीय भूखंड की जमीन उपलब्ध थी जो तनेजा को दी जा सकती थी लेकिन उसको नीलामी से बेचने का कार्यक्रम जारी कर दिया जिसकी ई नीलामी शुरू हो गई।
* नगरपालिका प्रशासन ने उच्च न्यायालय का आदेश सन् 2025 नहीं माना और आवासीय जमीन उपलब्ध होते हुए भी तनेजा को देने के बजाय नीलामी शुरू करदी। इस पर तनेजा ने राजस्थान उच्च न्यायालय में फिर याचिका लगाई जिसमें सन् 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को आधार बनाया। उच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई शुरू करते हुए नीलामी पर स्थगन आदेश जारी किया।
* नगरपालिका के अधिकारियों को खरीदारों के प्रति शुद्ध व्यवहार रखना चाहिए जो लाखों रू करते करते करोड़ों रुपये जमा कराते हैं।
* नगरपालिका ने सन् 2024 में जाखड़ावाली के विवेकानंद स्कूल को जमीन दी है जो सन् 1997 में आवेदन और 2005-6 में रकम जमा कराई गई थी। राजेंद्र तनेजा के 6 आवासीय भूखंडों की जमीन का मामला तो इस स्कूल से भी 15 साल पुराना है। शहर का सबसे पुराना मामला 35 साल पुराना। अब नगरपालिका का कोई बहाना चलेगा नहीं। नगरपालिका प्रशासन अपने व्यवहार में बदलाव कर नागरिकों के प्रति,जमीन खरीदारों के प्रति शुद्ध सुचिता व्यवहार कायम कर प्राप्त रकमों से विकास में रूचि ले।०0०
शनिवार, 23 मई 2026
कॉकरोच जनता पार्टी से भाजपा को भय.
* करणीदानसिंह राजपूत *
टीएमसी यानि ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में हराने के बाद य राजनैतिक विश्लेषकों द्वारा माना जिने लगा कि अब भाजपा को रोकना असंभव है। लेकिन टीएमसी पर जीत प्राप्त करने के मतगणना तिथि 3 मई 2026 के 13 दिन बाद ही 16 मई को अचानक कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म हो गया और बहुत तेजगति से फोलोवर्स की संख्या 2 करोड़ से भी अधिक हो गई। भारत में अनेक भविष्य वक्ता हैं जो समय समय पर भविष्य वाणी करते रहे हैं लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी का उद्गम एकदिन अचानक होगा और भाजपा को डर शुरू होगा का किसी को भी मालुम नहीं हुआ।
* अभी तो कॉकरोच जनता पार्टी की घोषणा ही हुई है। उसका संविधान आदि तैयार किए जाने,चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन होने तथा देश भर में स्थापित होने में कुछ दिन तो अवश्य ही लगेंगे। लेकिन भाजपा के लोगों को तो अभी से भय लगने लगा है। इसके दो कारण हो सकते हैं। एक तो कॉकरोच जनता पार्टी का तेजी से बढना और दूसरा भाजपा के नेताओं के वक्तव्य और राज में विपक्ष व विरोध करने वालों को गैरकानूनी तरीकों से केसों में फंसाने से लोगों में बढती नाराजगी।तीसरा कारण भी है कि भाजपा के नेता लोग आलसी हो गये जो आम परेशान लोगों के साथ कहीं भी खड़े नजर नही आते। युवाओं में बेरोजगारी से असंतोष है और उसके कारण ही कॉकरोच जनता पार्टी का उदय हुआ जो रोकने के लिए भाजपा के पास एकदम से कोई तोड़ नहीं है। हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी को बदनाम करने के लिए कुछ शक्तिहीन प्रयास शुरू हुए हैं जिनको जनता की तरफ से शुरूआती स्वीकृति नहीं मिल रही। इन प्रयासों में जो बातें फैलाई जा रही है उनमें मोदी को हटाने की विपक्षी साजिश बताई जाने,विदेशों से धन आने,विदेशों में फोलोवर्स होने जैसी बातें हैं। यह सभी को मालुम है कि इस पार्टी का जन्म किसी षड्यंत्र से नहीं हुआ बल्कि एक जज की बेरोजगारों पर की गई टिप्पणी से हुआ। अगर जज की टिप्पणी नहीं होती तो यह नयी पार्टी भी नहीं होती। किसी के दिमाग में भी इसके जन्म का, पैदा करने का विचार नहीं था।
अब युवाओं के दिल दिमाग और आगे बढने की सोच से इसका तेजी से विस्तार हो रहा है। इस गति पर भाजपा के राष्ट्रीय नेता पहुंच नहीं पा रहे।कॉकरोच जनता पार्टी का संपूर्ण विधि विधान बनना भी भाजपा के लिए सन् 2029 के लोकसभा चुनाव में मुश्किलें खड़ी करेगा। लोकसभा चुनाव से पहले 2028 के प्रदेश विधानसभा चुनाव और आने वाले छोटे स्थानीय चुनाव पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा के लिए मुश्किलें होंगी। भाजपा ने कांग्रेस बसपा आप टीएमसी को पछाड़ दिया लेकिन अब कॉकरोच जनता पार्टी को पछाड़ना मुश्किल होगा। सत्ता परिवर्तन में युवाओं के वोटों को प्रभावी माना जाता है। भाजपा भी यही सोच रखती है। युवा बदलाव कर सकते हैं उन पर नियंत्रण और दबाव से मुश्किलें बढती है फिर विस्फोटक हालात होते हैं जो बदलाव करते हैं तथा बड़े बड़े नेता भी सत्ता होते हुए भी कुछ नहीं कर पाते। आज देश में भाजपा नेताओं नरेन्द्र मोदी और अमित शाह का मुकाबला करने की स्थिति में अन्य पार्टियों में भी कोई नेता नहीं है। राहुल को पीएम बनाने के लिए इंडिया गठबंधन में एकविचार नहीं है। ऐसी स्थिति में भाजपा चल रही थी लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी ने स्थितियों को और आम धारणा को बदलने को विवश कर दिया है। यह अचानक का परिवर्तन आगे क्या करेगा? यह भय भाजपा के लोगों को लग रहा है।० चित्र साभार।
दि. 23 मई 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 62 वां वर्ष.
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356.
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