करणी प्रेस इंडिया

सोमवार, 13 अप्रैल 2026

सूरतगढ़.सफाई कर्मी: वाल्मीकि सफाई पर और स्वर्ण दफ्तर के एसी रूम में। वाल्मीकि के हक पर कौन नेता चुप हैं?



* करणीदानसिंह राजपूत * 

सूरतगढ़ 13 अप्रैल 2026.

नगरपालिका प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों के प्रति दो तरह के नियम बना रखे हैं जिनसे वाल्मीकि कर्मचारियों से भेदभाव हो रहा है और उनकी आवाज को प्रशासक भरत जयप्रकाश मीणा ( उपखंड अधिकारी) और अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा दोनों ही दबा रहे हैं। उच्च स्तरीय जांच हुई तो इन दोनों अधिकारियों के विरुद्ध जानबूझकर भेदभाव करने पर कार्वाई हो सकती है। 

* नगरपालिका में जो सफाई कर्मचारी स्वर्ण जाति वर्ग के हैं, उनको फील्ड में सफाई के लिए न भेजकर दफ्तर में वातानुकूलित कमरों में बिठाया हुआ है और सरकारी आदेश के विरूद्ध दूसरे काम सौंपे हुए हैं। वाल्मीकि वर्ग के ही कर्मचारियों को नाले सफाई कचरा मैला उठाने हटाने पर लगाया हुआ है।

अधीशाषी अधिकारी पूजा शर्मा की प्रशासनिक देखरेख में संविधान और राज्य सरकार की नीति के विरूद्ध यह भेदभाव चलाया जा रहा है। अनेक समाचार, मांगपत्र दिए जाने के बावजूद भी यह भेदभाव खत्म नहीं किया गया है, जबकि सफाई कर्मचारियों ने कुछ माह पूर्व अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा के हाथों में मांगपत्र दिया था कि दफ्तर में लगाए सफाई कर्मचारियों को फील्ड में लगाया जाए ताकि सफाई व्यवस्था में सुधार हो सके। यही मांग पत्र प्रशासक ( उपखंड अधिकारी) भरतजयप्रकाश मीणा को भी हाथों में सौंपा गया था। भरतजयप्रकाश मीणा आईएएस अधिकारी हैं और वे भी तुरंत एक्शन करने के बजाय ईओ की गलत भेदभाव पूर्ण व्यवस्था पर चुप हैं। कर्मचारियों का मांगपत्र कहां दब गया है,यह किसी जांच में ही सामने आ सकेगा। फिलहाल उपखंड अधिकारी और अधीशाषी अधिकारी दोनों ही इस व्यवस्था के दोषी हैं। 

* वाल्मीकि सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय और भी हो रहे हैं। जो सेवा निवृत हो गये हैं उनकी पेंशन,ग्रेच्युटी आदि सालों तक नहीं दी जाती। अभी भी अनेक वाल्मीकि कर्मचारियों के लाखों रूपये नगरपालिका प्रशासन ने नहीं दिए। यहां तक कि समय पर वेतन नहीं दिया जाता।  👍अनेक बेगार पर लगाए हुए हैं जिनकी उपस्थिति नगरपालिका में लगती है और वेतन नगरपालिका देती है। इससे शहर की सफाई चौपट हो रही है। 

👍 नगरपालिका प्रशासन की इस गलत नीति और वाल्मीकि वर्ग के कर्मचारियों से अन्याय भेदभाव के जानकर होते हुए भी ये सब सुधार नहीं करवा रहे। ईओ को लिखित में देना नहीं चाहते।  नगरपालिका पिछले बोर्ड में (भाजपा नेता) अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ( मेघवाल) हैं और अपने ही वर्ग के प्रति अन्याय देख रहे हैं। परसराम भाटिया (मेघवाल) 120 दिन अध्यक्ष रहे। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष हैं। जगदीश (मेघवाल) भी कुछ दिन अध्यक्ष रहे हैं और भाजपा नेता हैं। इन तीनों ने कभी कोई लिखित में शिकायत नहीं की। 

* वर्तमान विधायक डुंगरराम गेदर जो बसपा में थे तब अनुसूचित जाति के प्रति आवाज उठाते थे और कांग्रेस से विधायक बनने के बाद नगरपालिका में हो रहे अन्याय पर चुप हैं।

👍 पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया, उनके पुत्र संदीप कासनिया भी ईओ पूजा शर्मा के गलत कार्वाई पर चुप हैं। 

* पूजा शर्मा ने वाल्मीकि को मिल रहे प्रमोशन के बजाय अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा को अवैध रुप से प्रमोशन दिया, अनुचित लाभ दिया और नगरपालिका को हानि पहुंचाई। दस्तावेज गलत बनाए। एक वाल्मीकि का हक मारा। उस समय ओमप्रकाश कालवा अध्यक्ष थे जो मालुम होने के बाद आजतक चुप हैं और सरकार को शिकायत नहीं करते।

इस पर ये सभी राजनेता,नेता चुप हैं और शिकायत नहीं कर रहे। अनुसूचित वर्ग के लिए संघर्ष करने वाले संगठन, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नाम लेवा भी वाल्मीकि कर्मचारियों पर हो रहे अत्याचार पर चुप हैं। 👍 पूर्व विधायक अशोक नागपाल, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू भी चुप हैं। ये सभी नेता नगरपालिका में हो रहे भेदभाव पर जांच कराने पर 14 अप्रैल को कोई संकल्प लेकर अगले दिन से कार्वाई कराएंगे!०0०









रविवार, 12 अप्रैल 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आसपास का भारत,गरीबी में तड़पता जीवन! रोटी के संकट में उनके सपने!

 





* करणीदानसिंह राजपूत *

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करोड़ों का गरीब निवास और और गगनचुंबी इमारतों का ऐश्वर्य भरा अमीर भारत वहीं आसपास एक अकाट्य सच्च धरती चूमती गंदगी कीचड़ कचरे झोंपड़ का दुर्गंध भरा गरीब भारत! 

👌प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिन के चौबीस घंटों में अठारह घंटे काम करते हैं,देश के लिए काम करते हैं। मोदी है तो हर कुछ मुमकिन है। ये जो धरती से जुड़े  मजबूरी का जीवन जीते लोग परिवार हैं, ये तो चौबीस घंटों में हर घंटे काम पर ही होते हैं।इनकी कब होती है छुट्टी! आदमी खपता है तो औरत भी खपती है। छोट्टे छोट्टे बालक बालिका भी खपते हैं। कहां हैं इनके स्कूल और शिक्षा ? इन परिवारों में बुड्ढे बुड्ढी भी मरते दम तक खपते हैं,तब कहीं रोटी नसीब होती है। इन गरीबों को फिंगरप्रिंट के बिना मुफ्त अन्नाज का भी सहयोग नहीं और नेताओं के खास साहूकार करोड़ों रू.बैंकों से ले विदेश भाग गये। गरीब ईमानदार है तो भी भरोसेमंद नहीं है, वह चोर है लुटेरा है,बिना अपराध के अपराधी है। अमीर बेईमान है तो भी भरोसेमंद हैं क्योंकि वह सत्ताधारी नेताओं में किसी न किसी का हमप्याला हमनिवाला है इसलिए साहूकार है। आचरण हमप्याला हमनिवाला से भी आगे ऊंची पसंद का है तो वह और अधिक खास है  और वह राजनेता बन जाता है, मंत्री भी बन जाता है। अमीर को बैंक करोड़ों रूपये घर जाकर दे देते हैं लेकिन गरीब को कच्चे घर के लिए भी कर्ज नहीं मिल पाता। प्रधानमंत्री आवास योजना में दो लाख रू तक की सहायता है कि जमीन हो तो यह सहायता पक्का मकान बनाने के लिए है। गरीब के पास जमीन कहां से होगी? जमीन तो सरकार की है। अमीर गगनचुंबी इमारतें बना सकते हैं तो सरकार ऐसी ही गगनचुंबी इमारतें गरीबों के लिए बनाकर दे दे। गरीबों के लिए बना दें लेकिन महानगरों में जमीन नहीं है। यह कह दिया जाता है। गरीब एक एक झोंपड़ी बना कर जितने घेरे क्षेत्रफल की जमीन पर बसे हैं, वहां उतने से कम क्षेत्रफल में गगनचुंबी इमारतें बनाई जाएं तो और अधिक  गरीब बसाए जा सकते हैं तथा अधिक जमीन की आवश्यकता शायद नहीं पड़ेगी, लेकिन इस पर विचार कौन करे? 

राजनैतिक नेताओं की सोच सरकार से बाहर होती है तब कुछ और होती है तथा जब सरकार बन जाती है तब सोच बदल जाती है। 

गरीब तो मकान और बच्चों को शिक्षा की सोच ही नहीं पाता। रोटी कमाने में ही सारा समय निकल जाता है। मतलब 24 घंटे में वह केवल रोटी ही कमा पाता है,मकान शिक्षा के रूपये तो इकट्ठे हो ही नहीं पाते। महानगरों में गरीबों की कालोनियों के लिए भूमि नहीं ( लेख में सुझाव है कि गगनचुंबी इमारतें सरकार बनाए) लेकिन जो छोटे नगर हैं, नगरपालिकाएं ग्राम पंचायतें हैं और वहां जमीन है तो वहां गरीबों के लिए बहुमंजिली कालोनियां बना कर दी ही जा सकती है। 

राजधानी में भारतीय जनता पार्टी के विशाल कार्यालय के लिए करोड़ों रूपये मिल गये और जमीन भी मिल गई। यह विशाल कार्यालय भवन आंखों के आगे है। इसे देखकर ही प्रश्न उत्पन्न होते हैं। भाजपा के अग्रिम संगठनों के भी भवन हैं और उनके निर्माण के लिए जमीन भी मिली और धन भी मिला। गरीबों की कालोनियों के लिए  प्रयास किया होता तो सफलता मिलने की उम्मीद होती। 


भारतीय जनता पार्टी का राज जिसमें भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जुड़े हुए हैं। अनेक विचार समय समय पर आते हैं। महा भारत! हिंदू राष्ट्र! राम राज! मोदी का भारत! मोदी है तो सब मुमकिन है! मोदी का स्वच्छ भारत अभियान कहां गुम हो गया? देश की राजधानी दिल्ली के परिक्षेत्र में भयानक गंदगी तो है लेकिन स्वच्छ भारत का कहीं नारा भी नहीं दिखता। गगनचुंबी इमारतों के आसपास झुग्गी झोंपड़ी का गरीब दिखता है। गरीबी का जीवन दिखता है। यह सच्च देश भर में है। स्वच्छ भारत मिशन गायब है। भाजपा नेता और संघ के कार्यकर्ताओं में इतनी हिम्मत नहीं कि इस अभियान को कुचलने वाले अधिकारियों से बात कर सकें। यह अभियान केवल दीवार लेखन और कागजों मे सीमित कर दिया गया है। लाखों रूपये हर शहर में अधिकारी डकार रहे हैं। भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध कार्वाई करना तो बहुत दूर कल्पना से भी परे है।

राम राज का सच्च गरीब के लिए होता तो सन् 2014 ईसवी से 2026 तक गरीब को हर शहर में अपना घर मिल गया होता। अभी जो बजट बनते रहे हैं उनमें ऐसी योजनाएं होती हैं जिनका उपयोग पैसे वाले ही कर सकते हैं। 








* गरीब को मुफ्त का अन्नाज दे देने और उसका प्रचार कर श्रेय लेना राजनीति है और वह वोट लेने तक पहुंच कर खत्म हो जाती है। आज का गरीब युवा गरीबी का मुफ्त अन्नाज नहीं चाहता। युवा काम मांग रहा है। युवा रोजगार मांग रहा है। वह चाहता है कि अपने परिश्रम से जीवन को बदल कर आगे बढें। भारत के असली निर्माण करने वाले गरीब मजदूर किसान आदि हैं जिनके लिए कोई ठोस नीति नहीं बनती जो जितनी जल्दी बनाई जाए उतना ही भविष्य के लिए अच्छा होगा।०0०

12 अप्रैल 2026. ( दिल्ली राजधानी परिक्षेत्र से)

करणीदानसिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार,पत्रकारिता 62 वां वर्ष.

94143 81356.

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शनिवार, 11 अप्रैल 2026

चापड़ मिलाकर बना रहे थे मसाले. मिर्च पावडर व चापड़ सीज.

 

* राजकीय समाचार *

जयपुर, 9 अप्रेल 2026.

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेशभर में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शुद्ध आहार एवं मिलावट पर वार अभियान के तहत ब्यावर में मसाला फैक्ट्री पर कार्रवाई कर मिलावटी मसाले जब्त किए गए।


खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि अतिरिक्त आयुक्त श्री भगवत सिंह के सुपरविजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत की टीम ने मिलावटी मसालों की शिकायतों पर ब्यावर में कार्रवाई की। बुधवार आधी रात तक चली कार्रवाई में ब्यावर स्थित सराधना इंडस्ट्रियल एरिया में मैसर्स महावीर गृह उद्योग पर केंद्रीय दल के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कलर एवं चापड़ मिलाकर तैयार किया जा रहा 5480 किलो मिर्च पाउडर एवं 1400 किलो चापड़ को मौके पर सीज किया। 

फैक्ट्री परिसर में चापड़ के कट्टों से भरी गाड़ी पाई गई। इस चापड़ को लाल मिर्च पाउडर में मिलाकर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी। इसी की दूसरी फर्म मैसर्स गुलाब चंद-उत्तम चंद के परिसर में मिर्च, धनिया, हल्दी को पीसने का काम किया जा रहा था। मौके पर उपलब्ध मसालों की ढेरियों में से हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, मिर्च पाउडर एवं साबुत मिर्च के नमूने लिए गए। साथ ही, 1550 किलो हल्दी पाउडर, 700 किलो धनिया पाउडर, 1900 किलो मिर्च पाउडर को सीज किया गया। मसालों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।०0०








सूरतगढ़:आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमणों पर चलेगा पीला पंजा.लेटेस्ट

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 11 अप्रैल 2026. वीआईपी बड़े विशिष्ठ कहलाने वाले लोगों के अतिक्रमण अब टूटने का समय चक्र आ गया। बड़े लोगों के अतिक्रमण अपने घरों से बीसियों फुट आगे सड़क छूते हुए हैं और बार बार लिखे जाने,शिकायतें की जाने,मुख्यमंत्री कार्यालय तक हुई शिकायतें भी नगरपालिका में दबाई जाती रही। नगरपालिका ने कुछ माह पहले अतिक्रमण हटा लेने की चेतावनी

भी दे दी थी लेकिन उसके बाद अतिक्रमण हटाए नहीं और नगरपालिका ने भी हटाने की कार्वाई नहीं की। उस समय नगरपालिका द्वारा कारवाई नहीं किए जाने पर ईओ पूजा शर्मा ने पूछने पर एक राजनेता का नाम लेते बताया कि उन्होंने मना कर दिया। अब समय चक्र घूम गया है और वीआईपी लोगों का नखरा कथित पावर,पहुंच सभी पर नगरपालिका के नोटिस की ताकत हावी हो गई है। यह भी होगा कि बचे खुचे पावर मे अपनी हेकड़ी में अतिक्रमण खुद मकान मालिक नहीं हटाएंगे। नगरपालिका की जेसीबी चलेगी जो फोटो विडिओ के समाचार होंगे। 

👍 आवासन मंडल कालोनी ( पुरानी) के अतिक्रमणों पर  सन् 2022 में सबसे पहले दैनिक भास्कर ने आठ कालम में बहुत बड़ी रिपोर्ट मेरी जानकारी अनुसार  अगस्त माह में प्रकाशित की थी। उसके बाद 'करणी प्रेस इंडिया' में भी अनेक बार समाचार रिपोर्ट छपते रहे। 

* आज 11 अप्रैल 2026 के दैनिक भास्कर में अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी होने की खबर प्रकाशित की है। 10 अप्रैल को नोटिस जारी हुए हैं और 3 दिन में अतिक्रमण हटा लेने की समय सीमा है। इसके अंदर अतिक्रमणकारियों ने अपने अतिक्रमण नहीं हटाए तो नगरपालिका प्रशासन अतिक्रमण हटा देगा। भास्कर खबर के अनुसार 58 मकान मालिकों को नोटिस दिए गए हैं। 



👍 अभी तो अवैध बिना स्वीकृति के,स्वीकृति से अधिक मंजिलों वाले होटलों मार्केट काम्प्लेक्सों का नंबर भी आने वाला है। यह निश्चित मानें कि ये भी ध्वस्त होंगे या नगरपालिका द्वारा सीज सील मोहर होंगे।०0०














शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

सूरतगढ:सड़कों पर निजि स्कूल,ब्युटी पार्लर,पार्क:बड़े पैसे वालों के कब्जे.आवासन मंडल पुरानी कालोनी.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

आवासन मंडल आवासीय कॉलोनी (पुरानी) के  बड़े लोगों बड़े भूमाफियाओं के अतिक्रमण तोड़ने में नगर पालिका प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद जानबूझकर देरी कर अवहेलना कर रहा है। नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी श्रीमती पूजा का इन अतिक्रमणों पर जेसीबी चलाने में देरी कर रही है।

 * आवासन मंडल कॉलोनी में जिन लोगों के अतिक्रमण है वे सभी पढ़े लिखे शिक्षित हैं और उन्हें पता है कि उन्होंने अतिक्रमण कर रखा है और सड़क हक की जमीन दबा रखी है। करीब 250 अतिक्रमण हैं। घरों से आगे सड़क तक की जमीन दबा रखी है। ऐसे भी हैं कि जितना पट्टा उतना ही आगे अतिक्रमण। 

👍 आवासन मंडल कालोनी के चिपते क्षेत्र पश्चिम और उत्तर में भी करीब ढाई सौ घरों के आगे सड़कों पर अतिक्रमण हैं।

* यहां निजी स्कूल भी हैं। जब इनका आचरण ही भ्रष्ट है तो ये बच्चों को कैसी शिक्षा देते हैं? यहां ब्यूटी पार्लर जैसी दुकानें चल रही है। लोगों ने झूले डाल रखे हैं। कारों की पार्किंग बना रखी है। बगीचे बना रखे हैं। बड़े लोगों ने अपनी ऐशभरी जिंदगी के लिए ये सब अतिक्रमण कर रखें हैं। ये अतिक्रमण एक के बाद एक बढ़ते रहे हैं। हर चुनाव की आचार संहिता में नए-नए अतिक्रमण होते रहे हैं। सड़कों पर अतिक्रमण कर निजी स्कूल,पार्लर,व्यवसाय चलाने वाले मकान नगरपालिका प्रशासन द्वारा तुरंत ही सीज( तालाबंद) किए जाएं


** नगर पालिका प्रशासन कच्ची बस्तियों में जेसीबी भेज कर गरीबों के  मकानों पर जेसीबी चलाता है लेकिन आवासन मंडल की कालोनी के बड़े लोगों के कब्जों को चिन्हित करने के बावजूद जेसीबी चलाने में प्रशासन पीछे हट रहा है और अपनी ड्यूटी नहीं निभा रहा। नगरपालिका प्रशासन अब यह निश्चित करे निर्णय करे कि अतिक्रमण कब हटाने शुरू करे। अतिक्रमण सड़कों पर है और वे हटाने हैं इसलिए किसी को नोटिस देना जरूरी नहीं। किसी घर के निर्माण पर हटाने की कार्वाई करनी हो तो नोटिस दिया जाना चाहिए। एक सार्वजनिक घोषणा नगरपालिका प्रशासन करना चाहे तो कर दे।







 *आवासन मॉडल पुरानी कॉलोनी प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण कर रखे हैं जहां नगर पालिका ने अतिक्रमणों पर चिह्न भी लगाए थे जो अभी भी मौजूद है तथा कुछ लोगों ने उन पर दोबारा पेंट करवा दिया ताकि पता नहीं चल सके। इसके बाद और नये अतिक्रमण भी हो गये।

* सूरतगढ के स्वयंशंभू नेता,समाजसेवी, नगरपालिका पर ब्यान देते रहने वाले नौटंकी करने वाले आवासन मंडल कालोनी के बड़े लोगों के अतिक्रमणों पर एकदम चुप हैं।

 *नगर पालिका के लिए अतिक्रमण हटाने का केवल दो-तीन दिन का ही एक काम है जिसे नगर पालिका लगातार टाल रही है। वर्तमान अधिशासी अधिकारी श्रीमती पूजा को तुरंत इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण हटाने के समय कोई विरोध होने वाली स्थिति नहीं है लेकिन फिर भी पुलिस जाब्ता लिया जा सकता है। नगरपालिका प्रशासन इस बाबत जिलाकलेक्टर  प्रशासन को तुरंत अवगत कराए।  स्थानीय अतिरिक्त जिला कलेक्टर,उपखंड अधिकारी को इस संबंध में अवगत कराते हुए कार्यवाही करे। 👍 ईओ पूजा शर्मा और उपखंड अधिकारी संदीप काकड़ के साथ उपखंड अधिकारी कार्यालय में स्पष्ट बात हुई। ईओ पूजा शर्मा ने सन् 2025 में कहा था कि मानसून निकल जाने के बाद आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमण हटा देंगे। मानसून 2025 बीते 8 महीने हो गये। नगरपालिका प्रशासन को मानसून 2026 आने से पहले ही अतिक्रमण हठा देने चाहिए। पिछले 2025 के मानसून में अतिक्रमण की वजह से आवासन मंडल में काफी दिनों तक वर्षा पानी सड़कों पर जमा रहा और अनेक घरों में भी घुस गया था। 

👍 

10 अगस्त 2024./10 अप्रैल 2026.

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सूरतगढ़:ईओ पूजा शर्मा ने किया सग्गी भाभी बबीता का प्रमोशन भ्रष्टाचार. कब तक बचेंगे घोटालेबाज.

 



करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ 10 अप्रैल 2026.

एसीबी के हाथ बहुत लंबे हैं। वे पकड़ ही लेते हैं। पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को जलजीवनमिशन घोटाले में गिरफ्तार कर ही लिया। 

नगरपालिका सूरतगढ़ में घोटाले भ्रष्टाचार करने वाले भी कानून की गिरफ्त में जरूर फंसेंगे। 

* नगरपालिका सूरतगढ़ में अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बनाया है। अनेक मामले हैं। 

नगरपालिका में पूजा शर्मा ने 20 फरवरी 2024 को जोईन किया और उसके बाद जो भ्रष्टाचार किए उनमें महा भ्रष्टाचार है कि सफाई कर्मचारी पद पर लगी अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा का नियम विरुद्ध जमादार के पद पर प्रमोशन किया और अनुचित लाभ देकर नगरपालिका के हितों को व आर्थिक हानि पहुंचाने का कार्य किया। इस प्रमोशन के लिए गलत कागज बनाए मतलब कि कागजों में रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई। सफाईकर्मियों को फील्ड में सफाई कार्य करना होता है। बबीता को पहले नियुक्ति समय से ही सिफारिश के कारण दफ्तर में लगाया गया। भविष्य में कोई अधिकारी फील्ड में झाड़ू पकड़ाए,इससे बचने के लिए जमादार पद पर प्रमोशन कर दिया। यह जमादार पद से भी कभी फील्ड में नहीं लगाई गई।

* बबीता शर्मा के गलत प्रमोशन पर युनियन नेता नहीं बोलें इसलिए मनीन्दर सारसर और मनोज धौल को भी गैरकानूनी प्रमोशन देकर दोनों को जमादार बनाया गया। 

** बबीता शर्मा,मनीन्दर सारसर और मनोज धौल से जो सीनियर और उच्च शिक्षित को इग्नोर किया गया। 

* ईओ पूजा ने घोटाला फर्जीवाड़ा ऐसे किया। 

👌 28 अगस्त 2024 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव नं 7 संदीप कासनिया के प्रबंधन वाले विवेकानंद स्कूल को जमीन देने का था। उक्त प्रस्ताव 31 पार्षदों की ओर से रखवाया गया था और सभी उत्साह से पारित करने में थे। इस विशेष हालत में ईओ पूजा शर्मा ने घपला किया और प्रमोशन प्रस्ताव रखा ताकि उत्साह में पारित हो जाए। प्रमोशन का प्रस्ताव नं 8 रखा गया लेकिन उसमें नाम नहीं देकर सभी पार्षदों को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तक को अंधेरे में रखा और विभाग से धोखा किया।  




यहां प्रस्ताव देखें कि अन्य प्रस्ताव 9,10 में कर्मचारियों के नाम दिए गये हैं। प्रस्ताव नं 8 में प्रमोशन किए जाने वाले सफाईकर्मियों बबीता शर्मा, मनीन्दर सारसर और मनोज धौल के नाम नहीं लिखे। नाम लिखे होते तो उसी मीटिंग में ही भ्रष्टाचार सामने आ जाता।  ये नाम बाद में सामने आए। सफाई कर्मियों को जो सीनियर थे को डरा दिया गया कि बोले तो इस नौकरी से भी चले जाओगे।

👌 प्रमोशन के इस प्रस्ताव पर तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को भी अंधेरे में रखा गया। ओमप्रकाश कालवा ने  प्रमोशन की नोटशीट  पर ' प्रमोशन नियमानुसार किए जाएं' नोट लगाया था। लेकिन ईओ पूजा शर्मा ने अपनी भाभी बबीता शर्मा  को प्रमोशन देने के लिए उस नोट को भी नहीं माना। 

👌 इस घोटाले भ्रष्टाचार में गलत लाभ लेने वाले भी कानूनी रूप से दोषी होते हैं। इसमें अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा, सफाई कर्मचारी बबीता शर्मा, मनिन्दर सारसर और मनोज धौल के नाम आते हैं। 

👍 यह प्रकरण छुपा हुआ नहीं रहा। नवंबर 2024 में स्थानीय साप्ताहिक अखबार में छपा। करणी प्रेस इंडिया में भी छोटे रूप में छपा। 

👍 ईओ पूजा शर्मा के इस घोटाले का पूरी तरह से  इन नेताओं को मालुम है लेकिन अपने अपने कारणों से सभी चुप हैं।

पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया, संदीप कासनिया, ओमप्रकाश कालवा, जिलाध्यक्ष भाजपा शरणपालसिंह,पूर्व विधायक अशोक नागपाल,पूर्व नगरपालिका अध्यक्षों बनवारीलाल मेघवाल,आरती शर्मा, राकेश बिश्नोई, पूजा छाबड़ा आदि को जानकारी है।

विधायक डुंगरराम गेदर,ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु को इस भ्रष्टाचार का मालुम है और जानकारी है।

👍 शहर में गंदगी फैलने, सफाई नहीं होने से ईओ पूजा शर्मा और उसके घोटाले चर्चा बने हैं।०0०







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