करणी प्रेस इंडिया

गुरुवार, 3 सितंबर 2026

सूरतगढ़ के वार्ड नं 19 में निर्दलीय ताकतवर. भाजपा कोरा कागज.कांग्रेस नया प्रत्याशी.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 सितंबर 2026.

नगरपालिका के वार्ड नं 19 में चुनावी दौड़ में अधिकांश लोग निर्दलीय साहिर सिद्दीकी उर्फ राजू सिद्दीकी के साथ हैं। सबकी समझ में आने वाला तथ्य यह है कि पिछले बोर्ड में साहिर सिद्दीकी की भाभी यासमीन सिद्दीकी ने कच्चे गंदगी भरे क्षेत्र को साफ सफाई में सुंदर बनाने का काम किया। भाजपा के रिंकु सिद्दीकी ( यासमीन के पति)ने गरीब कमजोर तबके के लोगों को सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ दिलाया। इस बार रिंकु सिद्दीकी ने भाजपा से टिकट मांगी लेकिन जयपुर के ऊपरी दबाव से भाजपा की टिकट रजनी मोदी को दे दी गई। सिद्दीकी परिवार का काम नहीं देखा गया और ऊपरी दबाव से टिकट बदलाव का खेल हुआ। रजनी मोदी भाजपा में सालों से हैं लेकिन फील्ड वर्क में जीरो है। ऊपरी दबाव से टिकट तो मिल गयी लेकिन फील्ड में नो वर्क नो वोट की हालत है। बसंत विहार आनंद विहार संजम विहार कालोनियां देखें तो कचरे गंदगी झाड़ झंखाड़ भरा क्षेत्र है और इस वीआईपी क्षेत्र में वसंत विहार में रजनी मोदी परिवार रहता है। इस क्षेत्र करणी प्रेस इंडिया के निरीक्षण में घूमने पर पचासों जगह झाड़ियां कचरा गंदगी नजर आई। भाजपा के पास नरेन्द्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान था जिसमें रजनी मोदी 5-10 प्रतिशत काम भी नहीं करा पाई। रजनी मोदी अपने फील्ड वर्क और भाजपा की योजनाओं का लाभ लोगों को दिलाने में पीछे रही। केवल जानपहचान और भाजपा टिकट से काम नहीं चलता। रामप्रताप कासनिया के पास भाजपा की टिकट थी और 50 हजार से अधिक वोटों से हारे। वार्ड नं 19 में 1200 के लगभग वोट हैं और रजनी मोदी की हालत कासनिया जैसी हो रही है। काम की कीमत होती है और उससे भी परीक्षा होती है। आज भाजपा ने टिकट दिया है तो भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना और इसी कालोनी के निवासी पूर्व विधायक अशोकनागपाल को जोर लगाना चाहिए ताकि रजनी को ताकत मिले। रजनी हारती है तो इन सभी की हार होती है। कम से कम अशोकनागपाल को यह समझना होगा। नागपाल से तो लोग पूछेंगे कि परिणाम रजनी मोदी को विजय दिलाने वाला क्यों नहीं रहा। नागपाल जी आप क्या करते रहे? ऊपर से टिकट लाना आसान है और चुनावी दौड़ लगाना मुश्किल होता है।

* कांग्रेस ने यहां हरीशकुमार दाधीच उर्फ छोटू पंडित को टिकट दिया है और छोटू पंडित का भी हाल नो वर्क नो वोट है। छोटू पंडित पार्षद थे। इस बार उनका वार्ड आरक्षित हो जाने पर उन्होंने भाजपा से दूसरे वार्ड में टिकट मांगा। लेकिन इस बार भाजपा ने टिकट नहीं दिया। छोटू पंडित ने नाराज होकर कांग्रेस पार्टी जोईन कर ली। परसराम भाटिया की सिफारिश पर छोटू पंडित को वार्ड नं 19 से कांग्रेस की टिकट मिल गई। छोटू पंडित यहां बुरी तरह से फंसा हुआ दौड़ में बहुत पिछड़ा हुआ है। कांग्रेस समर्थन के वोट भी मिलने मुश्किल है।

 मोटे तौर पर साहिर सिद्दीकी, रजनी मोदी और हरीश दाधीच की यह स्थिति वार्ड में दिख रही है और इसको अपनी आंखों से देखना है तो लोगों को वार्ड में घूमकर देखना भी चाहिए।०0० 







बुधवार, 2 सितंबर 2026

चन्नी से नाराजगी शुरू.वार्ड 27 भी जाएगा यदि 26 में पंगा लिया।

 

* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 2 सितंबर 2026.

आवासन मंडल पुरानी कालोनी वार्ड नं 27 से चरणजीत सिंह टंडन चन्नी अपनी पत्नी सुनीता टंडन को चुनाव लड़ा रहा है। जहां बड़ा समर्थन मिल रहा है तथा जीत भी मानी जा रही है। 

* लेकिन अब चन्नी के वार्ड नं 26 से स्वयं चुनाव लड़ने की तैयारी से लोग नाराज हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह वार्ड नं 26 में खड़ा होगा तो वार्ड नं 27 में उसकी पत्नी सुनीता टंडन को जीतने नहीं देंगे। चर्चा है कि चन्नी खुद,पत्नी व एक पुत्र को चुनाव लड़ाने का ईच्छुक है। लोगों का कहना है कि वह अपनी पत्नी को वार्ड 27 से लड़ा रहे हैं तो अन्य वार्डों में कोई दखल न करें। 







सूरतगढ़:भाजपा से 7 महिलाएं अध्यक्ष पद के लिए प्रभावी (नाम.)

 

सूरतगढ़ 2 सितंबर 2026.

नगरपालिका मे इस बार अध्यक्ष पद महिला सामान्य है जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी में सात महिलाएं प्रभावी मानी जा रही हैं। 

👌 वार्ड क्रमानुसार ये महिलाएं हैं।

5 से श्रीमती ज्योति कंवर

19 से "' रजनी मोदी

24 से " दीपा तरड़

27 से " सरोजदेवी गोयल

40 से " आरती शर्मा

41 से " साक्षी नागपाल

43 से " वीना रानी छाबड़ा

* भाजपा का बोर्ड बनता है तो इन नामों में से जीतने वाली में से कोई एक अध्यक्ष होगी।

👌 वार्ड नं 27 से भाजपा की प्रत्याशी सरोजदेवी गोयल के पति भाजपा नेता का एक साक्षात्कार वायरल हुआ है। उनका कहना है कि उनकी तरफ से चैयरमनी का चुनाव नहीं ,पार्षद का चुनाव लड़ा जा रहा है। 

०0०





मंगलवार, 1 सितंबर 2026

विधायक डुंगरराम गेदर,परसराम भाटिया और सामने राजाराम गोदारा में कौन ताकतवर?विधायक की नीति दोगली रही.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 1 सितंबर 2026.

नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पार्षद चुनाव की टिकट वितरण में राजाराम गोदारा आदि को टिकट नहीं दी क्योंकि उन्होंने कासनिया के स्कूल को भूमि देने के प्रस्ताव में विरोध नहीं किया,काग्रेस की व्हिप नहीं मानी।लेकिन परसराम भाटिया ने उच्च न्यायालय में रिट लगाकर वापस लेली उससे गेदर की भी बदनामी हुई इसके अलावा भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे,कुछ मुकदमें होते हुए भी परसराम भाटिया को टिकट दी है। कासनिया के स्कूल को जमीन देने के प्रस्ताव में सहयोगी भाजपा पार्षद हरीशकुमार दाधीच( छोटू पंडित) को भाजपा ने टिकट नहीं दी,मगर कांग्रेस ने टिकट दे दी। 

👌 विधायक डुंगरराम गेदर ईमानदार गेदर एक ही प्रस्ताव पर तीन लोगों पर तीन तरह के निर्णय क्यों कर गये? इसका जवाब तो चुनाव परिणाम देगा लेकिन अभी विधायक की इस नीति की आलोचना हो रही है। 



👌 परसराम भाटिया 120 दिन के लिए सरकार की ओर से नगरपालिका के अध्यक्ष मनोनीत रहे और रिकॉर्ड तोड़ भ्रष्टाचार किया। मुकदमें भी हो गये,जो डुंगरराम गेदर को इतने प्रिय हैं कि उनको टिकट दी है। ये एक दूजे को मिठाई कतली खिलाएं लेकिन दोनों का टिकट वितरण कांग्रेस को भारी पड़ेगा। भ्रष्टाचारों के आरोपों से घिरे परसराम भाटिया को टिकट देने की जो भी मजबूरी डुंगरराम गेदर को रही है वह चुनाव में जो नतीजा पेश करेगी उससे डुंगरराम गेदर की नींद हराम होगी। 

* राजाराम गोदारा ने अपनी टिकटों से अधिक संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी खड़े कर दिए जो चुनाव में कांग्रेसी प्रत्याशियों के लिए आफत और जीत में बाधा होंगे तथा अध्यक्षीय चुनाव में भी गेदर की मुसीबत होंगे। मीडिया में राजाराम गोदारा का हल्ला है। परसराम भाटिया और हरीश दाधीच दोनों ही सीटें जीत पाएंगे में संशय है। परसराम भाटिया के भ्रष्टाचार और मुकदमे गेदर न देखें मगर वोटर तो देखेंगे।०0०






सोमवार, 31 अगस्त 2026

सूरतगढ़. राजपूतानी होगी चेयरमैन.भविष्य प्रबल !

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़.31 अगस्त 2026.भाजपा ने नगरपालिका चुनावी खेत में चैयरमैनी बीज दी है। सब कुछ ठीकठाक रहेगा और जो भविष्य प्रबल है उसके अनुसार राजपूतानी सीट पर राज करेगी। इस बार चेयरमैन पद महिला (सामान्य) है।


करणी प्रेस इंडिया के पक्के सूत्र से ज्योति कंवर चेयरमैन के प्रबल चांस है। ऐसी तैयारियां बैठकें वार्तालाप हो रहे हैं। भाजपा टिकट से वार्ड नं 5 की प्रत्याशी है ज्योति कंवर। भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह राठौड़ की धर्मपत्नी हैं ज्योति कंवर। भाजपा में चेयरमैन पद के लिए और भी प्रत्याशी हैं लेकिन पार्षद चुनाव जीत कर चेयरमैन पद के चुनाव तक पहुंचना है। 

करणी प्रेस की मतदान और मतगणना से पूर्व की हालात की समीक्षा और आगे के कदम ज्योति कंवर के चेयरमैन राजयोग के पक्ष में होने की संभावनाएं अधिक हैं।०0०






 

सूरतगढ़. भाजपा प्रत्याशियों की अधिकृत सूची.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 31 अगस्त 2026.

नगरपालिका सूरतगढ़ के चुनाव में भाजपा की अधिकृत सूची प्रदेश कार्यालय से जारी हुई है। नगरपालिका के समस्त 45 वार्डों में से कुल 44 वार्डों के प्रत्याशी घोषित किए गये हैं। भाजपा ने वार्ड नं 15 में अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया। यह वार्ड नं 15 ओबीसी (महिला) के लिए आरक्षित है। कांग्रेस ने वार्ड नं 15 में कविता पत्नी राहुल सहारण को टिकट दी है। भाजपा द्वारा  यहां प्रत्याशी घोषित नहीं करना बड़ी चर्चा बन गया है।






सूरतगढ़: भाजपा की सूची जयपुर की स्वीकृति को भेजी. बगावत के डर से जयपुर को भेजी.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 31 अगस्त 2026.

नगरपालिका सूरतगढ़ के चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक होने के दो घंटे बाद तक भाजपा की सूची सार्वजनिक नहीं होने से   यहां अनेक सवाल उठने लगे हैं कि भाजपा सूची सार्वजनिक करने से डर रही है कि नामों पर विरोध हो सकता है। जबकि नामों के आभास और भनक पड़ते ही 30 अगस्त से विरोध के स्वर उठने लग चुके हैं। 

* भाजपा के जिला प्रभारी दशरथसिंह शेखावत, जिला अध्यक्ष शरणपालसिंह मान सूची जारी करते और अब सार्वजनिक होने में देरी से लोग इन पर निशाना साध रहे हैं। सूची निर्वाचन अधिकारी को यहां सौंप दी गई, फिर सार्वजनिक करने में कोई अड़चन नहीं होनी चाहिए।

👍  भाजपा की प्रत्याशी सूची को लेकर बड़ा सस्पेंस खड़ा हो गया है। पार्टी ने दोपहर करीब 2:30 बजे अधिकृत प्रत्याशियों की सूची निर्वाचन अधिकारी को सौंप दी थी। लेकिन इसके बाद भी तीन घंटों तक सूची को सार्वजनिक नहीं किया गया। सवाल सीधा है—जब सूची तय है, निर्वाचन अधिकारी को सौंप दी गई है तो फिर भाजपा उसे जनता और मीडिया से छिपा क्यों रही है? आखिर डर किस बात का है?


इधर कांग्रेस ने अपने सभी 45 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारी को सौंपने के साथ ही मीडिया को उपलब्ध करवा दी। कांग्रेस की ओर से जहां चुनावी तस्वीर साफ करने में कोई देर नहीं की गई, वहीं भाजपा की सूची पर रहस्य का पर्दा डाल दिया गया।


सबसे हैरान करने वाली बात तो यह रही कि सूची को लेकर जानकारी लेने के लिए मीडिया कर्मियों ने भाजपा नेताओं से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन उठाने की बजाय कई नेता ‘मौन’ हो गए। मीडिया के सवालों से बचने की यह कोशिश अब खुद भाजपा के लिए नए सवाल खड़े कर रही है। भाजपा आखिर किस ‘तूफान’ से बचने की कोशिश कर रही है?

सूत्रानुसार भाजपा की सूची जयपुर की नजरों में डाली जाने के बाद सार्वजनिक की जाएगी। पहले ऐसे ही समाचार थे। सूरतगढ़ में कोई विरोध हो तो कहा जा सके कि जयपुर से यस होने के बाद मीडिया को दी गई। ०0०


सूरतगढ़. कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक हुई.

 

* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 31 अगस्त 2026.

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने नगरपालिका सूरतगढ़ के चुनाव के लिए समस्त 45 वार्डों में अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची आम वोटरों व जनता के लिए सार्वजनिक कर दी। 





रविवार, 30 अगस्त 2026

भाजपा में टिकट फाईनल की जबरदस्त नाराजगी.निर्दलीय पड़ेंगे भारी. कौन जीत रहा.



 * करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ लेटेस्ट 30 अगस्त 2026.

भाजपा के प्रत्याशियों के नामों की भनक से उपजे हालात बिगड़ कर विरोध के स्वर अब वार्डों में फैले हैं। नगरपालिका में बोर्ड बनाने का दावा कर रही भाजपा की स्थिति डाउन होने की हालत से कुछ वार्डों में निर्दलीय का माहौल बन गया है। सामान्य वार्डों में ओबीसी,सामान्य वार्ड में बाहरी,फील्ड वर्कर के बजाय अन्य को टिकट फाईनल के होने  से भाजपा में फूट का उफान है। यह टिकट वितरकों को दिखाई नहीं देता। टिकट वितरण में जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान और पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष का दबाव रहा जिसमें पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया की नहीं चली बल्कि उनके कहने पर भी कुछ मेहनती फील्ड में जूझते रहे कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दी गई। कासनिया को खत्म करने की सोच से टिकटें नहीं दी गई।

* भाजपा 23 प्लस की नीति से चुनाव लड़ने की तैयारी पर थी जिससे 45 वार्डों में बहुमत के बाद भाजपा का बोर्ड आसानी से बनता हुआ नजर आ रहा था।

अब विभिन्न वार्डों में विरोध के स्वर उठ रहे हैं और भाजपा की ताकत कमजोर हो रही है। अब नीचे खिसकती हालत में भाजपा 15 प्लस पर है। बहुत बार सत्ता का नशा और अकड़ काम नहीं आती और यह स्थिति दो चार दिन में भाजपा नेताओं और विद्रोह वाले वार्डों में थोपे जाने वाले प्रत्याशियों को असली वोट का आईना दिखा देगी।

* वार्ड नं 30 सामान्य घोषणा के तुरंत बाद सुशील तावणिया ने भाजपा टिकट की दावेदारी और चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। वहां ओबीसी वर्ग से कृष्ण छींपा ने भी भाजपा टिकट की दावेदारी और चुनाव लड़ना है कि घोषणा कर दी। कृष्ण छींपा का परिवार पिता सत्यनारायण व माता  ही काफी सालों से चुनाव लड़ते रहे हैं। अब टिकट कृष्ण छींपा को टिकट दिए जाने से विरोध भी शुरू हो गया है कि सामान्य वर्ग फिर कब चुनाव लड़ेगा,जब नंबर आए हुए भी टिकट नहीं मिले। सुशील कुमार तावणियां ब्राह्मण जाति से हैं और भाजपा के प्रसिद्ध कार्यकर्ता हैं। विरोध शुरू होने से कृष्ण छींपा की जीत और खुशियां प्रभावित होंगी।  यहां सामान्य वर्ग ने  दया शंकर शर्मा को निर्दलीय प्रत्याशी तय किया है और अब वोट दयाशंकर को देना तय किया गया है।

* वार्ड नं 45 सामान्य वार्ड है जहां पूर्व पार्षद श्रीमती संतोष गिरी को फिर से भाजपा  टिकट दिए जाने की चर्चा से नाराजगी शुरू है। संतोष गिरी ओबीसी वर्ग की है। इस वार्ड में सामान्य वर्ग के कई लोग चुनाव मैदान में हैं। 

* वार्ड नं 19 सामान्य है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने उपरी सिफारिश पर श्रीमती रजनी मोदी को टिकट देना फाईनल किया। कासनिया रिंकु सिद्दीकी को टिकट के पक्ष में थे और उनकी नहीं चली। यहां इसी परिवार की यासमीन सिद्दीकी पार्षद रही।

 इस वार्ड के क्षेत्र में रिंकु सिद्दी परिवार की पकड़ मजबूत है। सिद्दीकी परिवार विकास कार्यों का  ताकतवर नेता है जबकि रजनी मोदी फील्ड में किसी एक भी विकास से जुड़ी हुई नहीं है। यहां सिद्दीकी परिवार ने टिकट नहीं मिलने पर अपने परिवार के साहिर सिद्दीकी को निर्दलीय खड़ा कर दिया है। यहां कांग्रेस ने हरीश दाधीच निवृत हुए पार्षद को चुनाव में उतारा है । हरीशदाधीच पिछले चुनाव में भाजपा से पार्षद था। अब भाजपा नेताओं से नाराजगी की वजह से कांग्रेस में चले गये। हरीशदाधीच यहां बाहरी माना गया है। वार्ड में  निर्दलीय साहिर सिद्दीकी सब पर भारी है और यहां भाजपा की रजनी मोदी तीसरे क्रम पर मानी जा रही है।

* वार्ड नं 40 यहां भाजपा के पुराने सरावगी परिवार से सुमन पत्नी सुशील कुमार सरावगी भाजपा की टिकट की प्रबल दावेदार है लेकिन यहां दूसरे वार्ड की निवासी पूर्व पालिका अध्यक्ष आरतीशर्मा को चुनाव में उतारने से विद्रोह पनप रहा है। आरतीशर्मा का चेयरमैन काल 1994 से 1999 तक विवादों से घिरा रहा था। आरती शर्मा यहां बाहरी होने के कारण चर्चाओं में तीसरे क्रम पर मानी जा रही है। लोगों का आकलन है कि करीब एक सौ वोटों से पीछे रहेगी। आरतीशर्मा का वार्ड इस बार ओबीसी के लिए आरक्षित हो गया। आरतीशर्मा खुद को फिर से चेयरमैन का दावेदार मानती हुई सामान्य वार्ड नं 40 में घुस गई। सुमन सरावगी के समर्थक ताल ठोक रहे हैं कि यहां नियम के विपरीत जाकर भाजपा ने बाहरी आरतीशर्मा का टिकट फाईनल किया है जो सहन नहीं है। अब सरावगी परिवार को पीछे नहीं हटने देंगे और सुमन को चुनाव मैदान में निर्दलीय लड़ाएंगे। कुछ भी हो यहां  से चुनाव लड़ना आरतीशर्मा को हानिकारक रहेगा।  चेयरमैन पद के लोभ में वर्तमान स्थिति को आलोचना का शिकार बना देगी। सबसे विपदा उन भाजपा नेताओं पर आएगी जो आरतीशर्मा का चुनाव दूसरे वार्ड से समर्थन करने वालों में हैं। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना और नगरमंडल के पूर्व अध्यक्ष सुरेश मिश्रा का क्या होगा? 

* वार्ड नं 27 से भाजपा नेता विजय गोयल अपनी पत्नी सरोज गोयल को भावी चेयरमैन के पद के लिए पार्षद का चुनाव लड़ा रहे हैं। सरोज गोयल कभी फील्ड वर्कर नहीं रही।

यहां समाजसेवी पूर्व पार्षद चरणजीत सिंह टंडन चन्नी अपनी पत्नी सुनीता टंडन को चुनाव लड़ा रहे हैं जो भाजपा पर बहुत भारी हैं। यहां भाजपा का जीतना असंभव है। 

* वार्ड नं 43 से श्रीमती वीना पत्नी प्रवीण छाबड़ा भावी चेयरमैन पद की आशा में पार्षद का चुनाव भाजपा टिकट से लड़ रही है जिनकी टक्कर कांग्रेस प्रत्याशी से है। सूत्रानुसार यहां तिकड़म से वीना छाबड़ा की जीत की संभावना है और तिकड़म हो चुकी है जो जीत का नया राजनैतिक तरीका होगा।

* भाजपा में विष्णु तरड़ अपनी पत्नी को भावी चेयरमैन के चुनाव के लिए पार्षद का चुनाव लड़ा रहे हैं। चेयरमैन पद के लिए भाजपा किसको टिकट देगी यह अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।भाजपा में टिकटों को लेकर और वार्डों में भी विरोध अभी चल रहा है वह संकट पैदा करने वाला है।आरोप है कि पुराने कार्यकर्ता परिवारों को जानबूझकर पीछे धकेला जा रहा है। 

* वार्ड नं 41 में भाजप के पुराने परिवारों में है डिम्मी सचदेवा परिवार। सचदेवा परिवार अपनी बेटी के लिए भाजपा की टिकट मांग रहे हैं और वहां किसी और को टिकट थमाने की तैयारी चल रही है। 

*भाजपा के जीतने वाले चेहरों में पूर्व पार्षदों में ओम अठवाल वार्ड 31, राजेंद्र ताखर,जगदीश मेघवाल के नाम चर्चाओं में हैं। भाजपा के नरेन्द्र कालरा (मोनू कालरा) वार्ड नं 26 से जीत का चेहरा है। भाजपा ने पूर्व पार्षद प्रदीप चौहान को चुनाव में उतारा है जहां उनकी टक्कर कांग्रेस के योगेश मेघवाल से है। अभी मेघवाल भारी माने जा रहे हैं।

* रामप्रताप कासनिया को सन् 2003 के विधानसभा चुनाव में पीलीबंगा से भाजपा की टिकट नही मिली तब उन्होंने भाजपा से विद्रोह कर सफेद झंडे से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उस समय भाजपा की टिकट पीलीबंगा से गंगाजल मील को मिली थी। कासनिया ने कहा था कि मील को टिकट गलत दी गई है असली हकदार मैं हूं और सामने चुनाव लड़ूंगा। उस चुनाव में कासनिया जीते थे और भाजपा से अलग नहीं हुए थे।

आज ऐसी स्थिति सूरतगढ़ नगरपालिका चुनाव में है।भाजपा के अनेक कार्यकर्ता पूछ नहीं होने, सामान्य वार्ड में अन्य वर्गों को टिकट देने व बाहरी उम्मीदवार को टिकट देने से नाराज होकर कासनिया की सीख पर निर्दलीय मार्ग और

सफेद झंडा उठाने को एकजुट हो रहे हैं। जो कार्यकर्ता हक छिन जाने से क्रोधित हैं वे भाजपा के घोषित किए जा रहे नाम की भनक पड़ते ही सामने निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में एकजुट हो रहे हैं। वे भाजपा की टिकट को वार्ड से हराकर लौटा देंगे। आगे उनकी मर्जी रहेगी कि वे बोर्ड बनाने में भाजपा के साथ रहेंगे या कोई नया ग्रुप बनाकर बोर्ड बनाने को आगे बढेंगे। ऐसी स्थिति बदली परिस्थिति में भाजपा को चेयरमैन पद जाने तक का खतरा हो सकता है। अभी तो भाजपा नेताओं को सब असंभव लगता है। लेकिन राजनीति में बहुत कुछ संभव है।

* सन् 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले स्पष्ट हो गया था कि सूरतगढ़ के सीटिंग विधायक रामप्रताप कासनिया का जबरदस्त विरोध है तथा हर हालत में हार होगी। इसके बावजूद कासनिया को भाजपा ने टिकट दिया। कासनिया को नाराज कार्यकर्ताओं ने जनता से मिलकर धूल चटा दी और गुस्से में कांग्रेस को साथ देकर डुंगरराम गेदर को विधायक चुन लिया। भाजपा के लिए और कासनिया के लिए वह बहुत बड़ी सीख थी। अब कासनिया भाजपा की टिकट निर्धारित करने वालों में हैं और उनकी तय की हुई टिकटें हराकर वापस करने को भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर निर्दलीय रूप से किसी एक को साथ देकर जिताएंगे।  भाजपा का एक खेमा इस चुनाव में कासनिया को नीचा दिखाने को तत्पर है जिसकी शहर में चर्चा गर्म है।

👌 जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना पूर्व अध्यक्ष नगर मंडल सुरेश मिश्रा के लिए भाजपा से बागी हुए निर्दलीयों की जीत गहरी चोट होगी। ०0०







शनिवार, 29 अगस्त 2026

कासनिया ने की थी बगावत. कासनिया की राह पर भाजपा कार्यकर्ता.कांग्रेस में भी बगावत.

  

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 29 अगस्त 2026.

रामप्रताप कासनिया को सन् 2003 के विधानसभा चुनाव में पीलीबंगा से भाजपा की टिकट नही मिली तब उन्होंने भाजपा से विद्रोह कर सफेद झंडे से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उस समय भाजपा की टिकट पीलीबंगा से गंगाजल मील को मिली थी। कासनिया ने कहा था कि मील को टिकट गलत दी गई है असली हकदार मैं हूं और सामने चुनाव लड़ूंगा। उस चुनाव में कासनिया जीते थे और भाजपा से अलग नहीं हुए थे।

आज ऐसी स्थिति सूरतगढ़ नगरपालिका चुनाव में है।भाजपा के अनेक कार्यकर्ता पूछ नहीं होने, सामान्य वार्ड में अन्य वर्गों को टिकट देने व बाहरी उम्मीदवार को टिकट देने से नाराज होकर कासनिया की सीख पर निर्दलीय मार्ग और

सफेद झंडा उठाने को एकजुट हो रहे हैं।

जो कार्यकर्ता हक छिन जाने से क्रोधित हैं वे भाजपा के घोषित किए जा रहे नाम की भनक पड़ते ही सामने निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में एकजुट हो रहे हैं। वे भाजपा की टिकट को वार्ड से हराकर लौटा देंगे। आगे उनकी मर्जी रहेगी कि वे बोर्ड बनाने में भाजपा के साथ रहेंगे या कोई नया ग्रुप बनाकर बोर्ड बनाने को आगे बढेंगे। ऐसी स्थिति बदली परिस्थिति में भाजपा को चेयरमैन पद जाने तक का खतरा हो सकता है। अभी तो भाजपा नेताओं को सब असंभव लगता है। लेकिन राजनीति में बहुत कुछ संभव है।

* सन् 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले स्पष्ट हो गया था कि सूरतगढ़ के सीटिंग विधायक रामप्रताप कासनिया का जबरदस्त विरोध है तथा हर हालत में हार होगी। इसके बावजूद कासनिया को भाजपा ने टिकट दिया। कासनिया को नाराज कार्यकर्ताओं ने जनता से मिलकर धूल चटा दी और गुस्से में कांग्रेस को साथ देकर डुंगरराम गेदर को विधायक चुन लिया। भाजपा के लिए और कासनिया के लिए वह बहुत बड़ी सीख थी। अब कासनिया भाजपा की टिकट निर्धारित करने वालों में हैं और उनकी तय की हुई टिकटें हराकर वापस करने को भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर निर्दलीय रूप से किसी एक को साथ देकर जिताएंगे। 

* जिन नामों का भारी विरोध हो रहा है उनमें कृष्ण छींपा, श्रीमती संतोष गिरी, आरती शर्मा, रजनी मोदी के नाम प्रमुख हैं। अभी और नाम भी हैं। शनिवार 29 अगस्त को विभिन्न स्थानों पर एकजुटता के प्रयास हो रहे थे जो रविवार 30 अगस्त को भी जारी रहेंगे।

👌कासनिया की सीख और अब उसी तरीके से यह चोट कासनिया को कैसे रहेगी। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना पूर्व अध्यक्ष नगर मंडल सुरेश मिश्रा के लिए भी यह चोट कैसी रहेगी जब भाजपा प्रत्याशी हारेगा और भाजपा से विद्रोही बागी निर्दलीय होकर भी जीत जाएगा। 

👌 ऐसे ही हालात कांग्रेस खेमे में भाजपा से भी बढ कर हो रहे हैं। कांग्रेस में भी विधायक डुंगरराम गेदर को सबक सिखलाने के लिए नाराज कार्यकर्ता निर्दलीय का साथ देंगे।

*  अनेक भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ता पार्टी का और एक निर्दलीय का फार्म भर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ जाए तो निर्दलीय चुनाव लड़ लें।

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