करणी प्रेस इंडिया

बुधवार, 22 जुलाई 2026

देश में ज्वालामुखी फूटेगा: कविता- करणीदानसिंह राजपूत




मेरा देश बोलेगा

मेरा देश देखेगा

मेरा देश सुनेगा 

सब कुछ होगा।



 मेरे देश में 

घटनाओं पर घटनाएं

कुछ भी हो जाए 

ऐसा सदा नहीं चलेगा


 मेरे देश के आँखें हैं

 मेरे देश के कान भी हैं

मेरे देश के मुंह भी है।


अरे। घमंडी अत्याचारियों

इसका विशाल रूप

ताकत का स्वरूप

कंकाल नहीं हुआ है।

मेरे देश में बदलाव आएगा


आएगा वह दिन आएगा

जब मेरा देश गौर से देखेगा

जब मेरा देश गौर से सुनेगा

जब मेरा देश उदघोष करेगा।


मेरे देश के दिल में 

मेरे देश के दिमाग में

हलचल मचेगी और

ज्वालामुखी फूटेगा।


भ्रष्टाचार के विरूद्व

तानाशाही के विरूद्ध

हर गली हर मोड़ से

क्रांतिकारियों के चौक से

तूफान उठेगा।


ठहर नहीं पाएंगे

भाग जाएंगे

सफेदपोश भ्रष्टाचारी दुराचारी 

ऐसा दिन आएगा?

हां,ऐसा भी दिन आएगा।


 चप्पे चप्पे से

भारत मां का जयघोष

जोरों से गूंजेगा।


क्रांतिकारियों की प्रतिमाएं

स्मारकों से निकल कर

संसद में बैठेंगी

सीमा पर सैनिक बन

दुश्मन को मार भगाएंगी

आएगा जल्दी वह दिन।


जब हम और तुम 

एक दिल एक जान

एक सोच से 

मशाल उठा कर

शक्तिशाली बन जाएंगे

भारत बन जाएंगे।

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रचना 24 जून 2018.
अपडेटेड. 15 फरवरी 2021.
अपडेट. 15 जनवरी 2024.
अपडेट 10 अप्रैल 2024.
अपडेट 9 फरवरी 2026.
अपडेट 22 जुलाई 2026.

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करणीदानसिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार,

पत्रकारिता 62 वां वर्ष.

सूरतगढ़ ( राजस्थान) 

94143 81356

***०००००😊










मंगलवार, 21 जुलाई 2026

सूरतगढ़ को अब मिला भरोसा. अब राहुल लेघा भी चलाएंगे सरकारी नीतियां.




 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 21 जुलाई 2026.

सूरतगढ़ शहर ताप में झुलस रहा है और अच्छी बरसात की उडीक में है जो तब हो जब सारे नाले नालियां बरसात के पानी को बहाने के लिए साफ हो। अभी तो पांच दस मिनट की बरसात में ही बाजारों में और गली मोहल्लों में सड़कें गलियां घंटों के लिए डूब जाती है और दुर्घटना का डर लगता है। कभी ऐसी दुर्दशा कहीं नहीं देखी तो सूरतगढ़ में देखलें। ईओ पूजा शर्मा यहां से 10 जुलाई 2026 को हटाई गई और एपीओ कर जयपुर भेजी गई। उनका उल्लेख यहां इसलिए किया जा रहा है कि वे 27 महीनों के कार्यकाल में 10-15 दिन ही शहर विजीट को निकली। जब ईओ निरीक्षण नहीं करे तो स्टाफ सफाई निरीक्षक, जमादार भी निरीक्षण क्यों करे और सफाई कर्मचारी भी ड्युटी सही क्यों करे? बात सीधे आती है कि शहर में शासन चलाने वाले पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया टीम ने शहर का निरीक्षण नहीं किया। ईओ पूजा शर्मा 27 महीनों में 10-15 दिन निरीक्षण को निकली और कासनिया टीम और लीडर एक दिन भी निरीक्षण को नहीं निकले।

कासनिया टीम के इस आलसीपन लापरवाही रवैये और नगरपालिका प्रशासन को कुछ भी नहीं कहने की वजह से शहर के हालात बिगड़े और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राज्य सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को पूरी तरह से फेल करके रख दिया। इस अभियान को सफल बनाने की राजकीय ड्युटी थी तो पार्टी स्तर पर भी ड्युटी थी। करणी प्रेस इंडिया में शहर की गंदगी, अतिक्रमण के फोटो वीडियो समाचार अनेक बार प्रसारित हुए। सब पढ कर इग्नोर किया जाता रहा।

👍 बरसात के पानी का निकास तो नहीं हुआ मगर ईओ पूजा शर्मा का सूरतगढ़ से निकास हो गया। पूजा शर्मा को यहां ही रखने के लिए कासनिया टीम ने पूरा जोर लगा दिया और पार नहीं पड़ी। पूजा शर्मा यहां से दूसरे शहर में तबादला नहीं की गई बल्कि भ्रष्टाचारों की ढेरों शिकायतों के कारण एपीओ की गई। ड्युटी के प्रति लापरवाह और भ्रष्टाचारों की शिकायतों के बावजूद कासनिया टीम इस प्रयास में रही है कि पूजा शर्मा को किसी नगरपालिका में ईओ लगवाया जाए। सूरतगढ़ में आए ईओ मनीषकुमार पारीक को भी यहां न रखें किसी ओर को लगा दिया जाए। कम से कम इतनी तो चले। हमारे सामने शहर और शहर की पीड़ित जनता है। शहर के गंदगी भरे बुरे हालात हैं। लोगों की दृष्टि में जो है, उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

👍 ईओ मनीषकुमार पारीक को कौन लाया की चर्चा की राजनीति*

ईओ मनीषकुमार पारीक को भाजपा युवा मोर्चे के प्रदेश मंत्री राहुल लेघा की डिजायर पर नगरपालिका में लगाने की चर्चा है और यह पूजा समर्थक कासनिया टीम को आहत कर रही है। * मनीषकुमार पारीक ने 13 जुलाई 2026 को पद भार ग्रहण कर कार्य शुरु किया। उसी दिन उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आदेश पर यहां आए हैं और सरकार की नीतियों योजनाओं को लागू कर लोगों को लाभ पहुंचाएंगे।

👍 कासनिया टीम को राहुल लेघा एक प्रतिस्पर्धी नेता और उसकी शुरू हुई राजनीति नहीं सुहा रही। चर्चा चलाई गई कि ' राहुल लेघा सूरतगढ़ शहर में क्या है? सूरतगढ़ में नहीं चल पाएगा। कासनिया टीम को जबरदस्त जवाब शुरू हुआ है कि राहुल लेघा ने आज 21 जुलाई 2026 को जोरदार ढंग से    सूरतगढ़ शहर की कुंडी खड़का दी है और अब पूरे शहर में हर वार्ड में लोगों की समस्याओं को हल करने के प्रयास में रहेंगे। राहुल लेघा नरक बने हुए वार्ड नं 45 में पहुंचे। उनके साथ ही नगरपालिका प्रशासन की पूरी टीम में ईओ मनीषकुमार पारीक,सहायक अभियंता महेंद्र थालोड़, कनिष्ठ संदीप अभियंता कालवा,व सफाई टीम थी। वार्ड वासियों को समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिया गया। अब यह भरोसा पूरे शहर में आगे बढेगा और कासनिया टीम खुद के आलसीपन के रवैये का नतीजा देखती रहेगी। 

*  कासनिया टीम को अब स्पष्ट प्रमाण मिल जाना चाहिए कि ईओ मनीषकुमार पारीक को यहां स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने, सरकार की योजनाओं को लागू करने के लिए कौन लेकर आया है!०0०


रविवार, 19 जुलाई 2026

राहुल लेघा की रामप्रताप कासनिया को चुनौती से हालात बदलेंगे. सूरतगढ़ की सबसे गरम चर्चा.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़। भाजपा युवा मोर्चे के प्रदेश मंत्री राहुल लेघा ने चालीस सालों से राजनीति कर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया की राजनैतिक कार्यप्रणाली को चुनौती दी है, जिसकी पूरे सूरतगढ़ विधानसभा में और बाहर हर ओर गरम चर्चा है। 'काल को छोरो राज चलावेगो अर चुनाव लड़्या कासनिया जी देखेगा, आ क्यूं कर चालण देवांगा' कासनिया जी के अनेक समर्थक बतियाते हैं। कासनिया जी 50 हजार से अधिक वोटों से हार कर भी जगह नहीं छोड़ें,मनमर्जी भी चलाएं तो फिर कोई तो चुनौती देगा। गलत सलत होते हुए देख कर कोई तो बोलेगा। यहां जब भाजपा में से कोई नहीं बोला तो राहुल लेघा ने गलत सलत पर चुनौती दी और अब लगातार चुनौतियां ही रहेंगी। राहुल अब कल कल का छोरा नहीं रहा है। पंचायत समिति सूरतगढ़ में एक इलाके का डायरेक्टर रहा है और परिवार सक्रिय राजनीति और सामाजिक सेवाओं में कासनिया से बहुत आगे है। राहुल लेघा के पास भाजपा युवा मोर्चे का प्रदेश मंत्री पद है। भाजपा को आगे बढाने की युवा ताकत है जिसको अपने प्रधान रहे दादा चंदुराम लेघा और नगरपालिका श्रीबिजयनगर के अध्यक्ष रहे चाचा राजेंद्र लेघा से राजनैतिक गुर मिल रहे हैं।

* कासनिया को चुनौती आखिर क्यों नहीं दी जाए? कासनिया जी के समर्थक नजदीकी लोग यह जानें कि कासनिया जी भी तो किन्हीं राजनैतिक लोगों को चुनौती देते हुए ही विधायक बने,राज्य मंत्री बने और इस उम्र में विधानसभा चुनाव हार कर भी राजनीति कर रहे हैं। राजनीति में कोई भी स्वेच्छा से काम नहीं छोड़ता लेकिन चुनौती दर चुनौती मिलने पर चुप होकर बैठता है। यह हाल कासनिया जी का भी होगा। सन् 2018 में विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले पुरानी धानमंडी में कासनिया जी ने एक आम सभा की और उसमें घोषणा की थी कि यह अंतिम चुनाव है कहते सहयोग मांगा था। उक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद सन् 2023 में कासनिया जी चुनाव में फिर खड़े हो गये। विधानसभा के हर गांव शहर से आवाज उठी कि कासनिया हारेंगे, नये को टिकट दिया जाए। कासनिया जी ने अड़ कर टिकट ली और चुनाव में धाप कर फजीहत हुई। पचास हजार से अधिक वोटों से हार जाने पर तो चुप होना चाहिए था। लोगों को नहीं सुहा रहा कि पचास हजार से अधिक वोटों से हार जाने वाला राजकाज चलाए। बात आती है कि हम चुनाव लड़े हम हारे और अब काल को छोरो राहुल लेघो छाती पर मूंग दलसी। अब इतना तो समझ लेना चाहिए कि चुनाव का रिजल्ट पहले ही आ गया था फिर भी क्यों लड़ा था? 

सबसे बड़ी बात यह है कि कासनिया जी विभागों में अपनी चलाएं और आम आदमी काम के लिए रोता फिरे। यह हालात संपूर्ण विधानसभा में हो गये हैं। अधिकारी किसी की नहीं सुनते। अधिकारी हर रोज एक दो घंटे लेट आते हैं और मन में आए तब समय से पहले दफ्तर से निकल जाते हैं। संपूर्ण क्षेत्र में नशा बढा अपराध बढे हैं और कोई नियंत्रण नहीं है। अरे! पीने को शुद्ध पानी नहीं, बिजली की कटौती से भी जनता तंग। गरीब अपने पट्टों के लिए मरता घूम रहा है। एक भी ऐसा विभाग नहीं रहा जहां बैठा अधिकारी लोगों की बात सुने और काम करे।

👍 ऐसे हालात में जब सभी भाजपा नेता चुप बैठे ढाई साल निकाल चुके हैं तब नगर निकाय और पंचायत चुनावों से कुछ महीनों पहले राहुल लेघा और युवा ग्रुप का उदय होना हालात बदलने वाला होगा। यह भी हो सकता है कि  रामप्रताप कासनिया भी हवा का रुख देख कर अपनी कार्यप्रणाली में चुपचाप बदलाव कर लें।





०0०







महावीर इंटरनेशनल का बीकानेर संभागीय अधिवेशन एवं कार्यशाला. बड़ी रिपोर्ट.



* करणी प्रेस इंडिया *

बीकानेर/ सूरतगढ़ 19 जुलाई 3026.

महावीर इंटरनेशनल का बीकानेर संभागीय दो दिवसीय अधिवेशन एवं कार्यशाला 18 एवं 19 जुलाई को  ओसवाल पंचायत भवन भीनासर ( बीकानेर) में आयोजित किया गया।

 अधिवेशन में महावीर इंटरनेशनल के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष वीर अनिल जैन, अंतरराष्ट्रीय कोषाध्यक्ष वीर सुधीर जैन, संभागीय अध्यक्ष वीर टोडरमल चोपड़ा, इंटरनेशनल डायरेक्टर वीर रविंद्र जैन व अनिल बांठिया, रीजन-5 उपाध्यक्ष वीर राजेंद्र राठौड़, रीजनल सचिव वीर संतोष बांठिया एवं संभागीय सचिव वीर राजेश वर्मा सहित विभिन्न केंद्रों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।


अधिवेशन के प्रथम दिवस  कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं प्रार्थना के साथ हुआ। संभागीय अध्यक्ष वीर टोडरमल चोपड़ा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके पश्चात दिवंगत वीरों एवं समाजसेवियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।


इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष वीर अनिल जैन ने सेवा कार्यों को अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने पर जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार व्यवसाय में पूरी लगन, समर्पण एवं लक्ष्य भावना के साथ सफलता प्राप्त की जाती है, उसी प्रकार सेवा कार्यों में भी पूर्ण समर्पण, योजना एवं निरंतरता आवश्यक है। उन्होंने सेवा कार्यों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने एवं उनका विस्तार करने का आह्वान किया।


अंतरराष्ट्रीय कोषाध्यक्ष वीर सुधीर जैन ने संगठन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने पर जोर देते हुए वित्तीय व्यवस्था एवं फाइनेंस सिस्टम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संगठन की गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए पारदर्शी एवं व्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन को आवश्यक बताया।


कार्यक्रम के मंचासीन अतिथियों द्धारा  महावीर प्रवाह पत्रिका व  सुकुन की छाँव के छाते का विमोचन किया गया। इसके पश्चात आयोजित ओपन सेशन में उपस्थित सदस्यों ने संगठन एवं सेवा कार्यों से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं एवं प्रश्न रखे, जिनका पदाधिकारियों द्वारा उचित समाधान किया गया।


प्रथम दिवस रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉमेडियन मुकेश सोनी एवं उनकी टीम ने अपनी प्रस्तुतियों से भरपूर मनोरंजन किया। महावीर इंटरनेशनल के सदस्यों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को यादगार बनाया।


अधिवेशन के दूसरे दिन प्रातः 7:00 बजे जन-जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली के माध्यम से समाज सेवा, जन-जागरूकता एवं सामाजिक सरोकारों का संदेश दिया गया। इसके पश्चात प्रातः 10:00 बजे कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।


कार्यशाला में हरगोविन्द जिला उद्योग केंद्र, लीलाधर पंवार उपनिदेशक सामाजिक उत्थान एवं संरक्षण योजना , अनुराधा सक्सेना उपनिदेशक महिला अधिकारिता ने अपने अपने क्षेत्र की सरकारी योजनाओं की जानकारी दी व महावीर इंटरनेशनल के साथ मिलकर इन योजनाओं धरातल पर सुचारू रूप से लागू करने पर जोर दिया । इंटरनेशनल डायरेक्टर वीर रविंद्र जैन ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया। वहीं  प्रकाश पालीवाल एपेक्स कार्यकाल जयपुर ने महावीर इंटरनेशनल की वेबसाइट एवं उसकी विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।

अधिवेशन के समापन अवसर पर विभिन्न केंद्रों के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सूरतगढ़ केंद्र को सर्वश्रेष्ठ रक्तदान, व्यर्थ में अर्थ, मातृत्व परियोजना, चिकित्सा व स्वास्थ्य व जीवदया प्रकोष्ठ  तथा  वीर रामपाल रोकना को सर्वश्रेष्ठ सचिव का सम्मान एव सर्वश्रेष्ठ केंद्र सहित कुल 7 पुरस्कार प्रदान किए गए। 









 अधिवेशन में सूरतगढ़ केंद्र की ओर से अंतरराष्ट्रीय सह निदेशक वीर संजय बैद, संभागीय सचिव वीर राजेश वर्मा, उपाध्यक्ष वीर रमेश कुमार दाधीच, सचिव एवं गवर्निंग काउंसिल सदस्य वीर रामपाल रोकना, पूर्व अध्यक्ष वीर दिलीप कुमार मिश्रा, वीर बाबू खान, वीर रतन लाल चोपड़ा, वीर विजय कुमार सावनसुखा, वीर नीरज डांग, वीर कालूराम बिश्नोई, वीर धनराज नवलखा, वीर तुषार कामरा, वीरा केंद्र की ओर से वीरा नीतू बैद, अध्यक्ष विजयश्री बैद, कोषाध्यक्ष सारिका रांका, ज्योति डागा व इंदु सोनी आदि सदस्यों ने भाग लिया। 

अंत में राष्ट्रगान के साथ दो दिवसीय संभागीय अधिवेशन एवं कार्यशाला का  समापन हुआ।०0०






प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत मंगल पांडे की 200 वीं जयंती मनाई गई.

  

* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 19 जुलाई 2026. भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान सेना नायक मंगल पांडे की 200 वीं जयंती यहां ब्राह्मण धर्मशाला में क्रांतिकारियों को स्मरण रखने वाले जागरूक लोगों द्वारा मनाई गई।

शहीद मंगल पांडे के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। मंगल पांडे अमर रहे के नारों से वातावरण को गूंजायमान किया।

क्रांतिकारी महावीर भोजक और कामरेड मदन ओझा ने कहा कि जिस वक्त महानायक मंगल पांडे ने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ विद्रोह किया उस वक्त संसार में अंग्रेजों का सूर्य अस्त नहीं होता था। दुनिया भर में उनका राज था। ऐसी ताकतवर हुकूमत के खिलाफ मंगल पांडे का बगावत करना यह साबित करता है कि वे बहुत जीविट और दिलेर देशभक्त थे। उनकी यह बगावत सुलगते सुलगते पूरे 90 साल बाद देश को आजादी मिली। ऐसे क्रांतिकारी को याद करना प्रत्येक नागरिक का फर्ज बनता है।

 इस मौके पर जितेंद्र शर्मा योगेश स्वामी विमल सिंह रमेश चंद्र माथुर रमेश पारीक गौरव ओझा महेश सरावगी उपस्थित थे। ०0०






शनिवार, 18 जुलाई 2026

भ्रष्ट नेता भ्रष्ट अधिकारी जब अच्छे लगें.बाद में क्या होता है? सच्च आपके आसपास.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

भ्रष्ट नेता अच्छा लगे।

भ्रष्ट अधिकारी अच्छा लगे।

जब माल्यार्पण कर स्वागत हो।

जब गुलदस्ते भेंट कर स्वागत हो।

जब भ्रष्ट अधिकारियों भ्रष्ट नेताओं का समारोह में अभिनंदन हो,स्तुति गान हो।

भ्रष्टाचार में नहाए नेता और अधिकारी एक हो जाएं जब मालाओं गुलदस्तों से इनकी ताकत बढा दी जाए। वह बढी ताकत जब जनता पर कहर ढाने लगे तब कोई भी रोक नहीं सकता।

👌 मालाएं पहनाने वाले गुलदस्ते भेंट करने वाले भी बाद में उनको रोक नहीं सकते। 

👌 बदमाशों की बढी ताकत फिर एक दिन मालाएं पहनाने वालों,गुलदस्ते भेंट करने वालों को भी लपेट लेती है। यही सच्च है जो सबकुछ जानकर भी लोग समझते नहीं। देखलो,एक बार फिर से समझा दिया है। 

👍भ्रष्ट नेता और भ्रष्ट अधिकारी किसी के भी सगे नहीं होते। लेकिन दुखों को परेशानियों को झेलते हुए भी लोग बदमाश भ्रष्ट नेताओं एवं भ्रष्ट अधिकारियों का स्वागत करने को मालाएं गुलदस्ते लिए खड़े होते हैं लेकिन बाद में अपनी जमीन अपना व्यक्तित्व खो देते हैं। यह सच्च आसपास ही है। आंखें खोलो और देखो।

०0०

17 जुलाई 2025.

अपडेट 18 जुलाई 2026.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधि स्वीकृत लाईफटाईम)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356.

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कौशल्या चोपड़ा ( गंगाशहर-बीकानेर) का संथारा (अन्नत्यागा) .लोकतंत्र सेनानी हुलासमल चोपड़ा की पत्नी.

 

*  करणीदानसिंह राजपूत *

जैन परंपरा के अनुसार कौशल्या देवी चोपड़ा  (84) धर्मपत्नी लोकतंत्र सेनानी एडवोकेट हुलासमल जी चोपड़ा ने आज 18 जुलाई 2026 से अन्नत्याग दिया। इसे संथारा कहा जाता है।परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी की आज्ञा से मुनि श्री अमृतकुमार जी एवं साध्वी श्री त्रिशलकुमारी जी ने आज दोपहर 01:07 बजे  तिविहार संथारा का प्रत्याख्यान करवाया। यह परिवार तेरापंथी है।

 जीवन में धर्मप्रिय कौशल्या चोपड़ा ने अपने पति हुलासमल के साथ श्रीगंगानगर में सामाजिक एवं राजनैतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। आपातकाल में  सन् 1975 में हुलासमल चोपड़ा संविधान बचाने लोकतंत्र को पुनः स्थापित करने के आंदोलन में जेल भोगी। श्रीगंगानगर में हुलासमल चोपड़ा प्रसिद्ध वकीलों में माने जाते थे।

कौशल्या चोपड़ा ने सन् 1977 में विधानसभा चुनाव के लिए श्रीगंगानगर से जनता पार्टी से टिकट की प्रबल दावेदार रही थी। सूरतगढ़ से सन् 1977 में विधायक चुने गये स्व.गुरूशरण छाबड़ा और लोकतंत्र सेनानी पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत कौशल्या देवी को टिकट दिलाने के समर्थन में रहे थे। श्रीमती चोपड़ा टिकट नहीं मिलने के बाद भी राजनैतिक गतिविधियों में रही।

* पिछले कुछ वर्षों से कौशल्या चोपड़ा हुलासमल चोपड़ा परिवार अपने स्थाई निवास बीकानेर के उपनगर गंगाशहर में निवास करने लगे। उनका निवास छलानी निवास तातेड गली पुरानी लेन गंगाशहर में है। हुलासमल चोपड़ा की उम्र इस समय करीब 87 साल है। ( रतनलाल चोपड़ा सूरतगढ़,( दी ब्युटी हट ) से आज श्रीमती कौशल्या देवी चोपड़ा के संथारा ग्रहण की सूचना मिली।(समाचार मेरी स्मृति के अनुसार. करणीदानसिंह राजपूत, सूरतगढ़ ( राजस्थान) 18 जुलाई 2026.०0०








शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

सूरतगढ़.स्वच्छ और स्वस्थ कैसे रहे! कर्मचारियों की ड्युटी पर सख्ती हो. (सरकार बड़ी या स्थानीय प्रशासन!!)

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 17 जुलाई 2026.

नगरपालिका का वार्ड नं 45 नरक बना हुआ है। आवासन मंडल कालोनी पुरानी व पश्चिम क्षेत्र नरक बनने वाले हैं। अन्य वार्डों में भी गंदगी भरी है। जमादारों का दैनिक निरीक्षण पूरी तरह से खत्म है। ड्युटी जमादारों और सफाई निरीक्षकों की है लेकिन वे वार्डों में जाते ही नहीं।

नये ईओ मनीषकुमार पारीक को गंदगी से बेहाल,सड़कों पर अतिक्रमण वाला, अव्यवस्थित कार्यालय मिला है। 

* शहर स्वच्छ और स्वस्थ जनता को कागजी सूचनाएं देने से प्रेरणा देने से नहीं हो सकता जब तक कार्यालय में और व्यवस्था में अपना ही कुप्रबंध ड्युटियों में करके अपने आदमियों को,रिश्तेदारों को फील्ड के बजाय ए.सी.लगे कमरों में सरकारी आदेशों के विपरीत बैठाया हुआ हो,घरों पर बेगार में लगाया हुआ हो। दफ्तर में कर्मचारी कम हैं तो नियुक्त करें लेकिन फील्ड वालों को दफ्तर में लगाकर शहर को गंदा बनाने की कार्वाई में तो सुधार हो। 

* उदाहरण के लिए ये प्रमाण हैं।

1- ईओ पूजा शर्मा ने अपने कार्यकाल में अवैध नियम विरूद्ध अपनी भाभी बबीता शर्मा का सफाई कर्मचारी से प्रमोशन कर जमादार बनाया। उसे पहले भी फील्ड में सफाई पर कभी नहीं लगाया गया। उसे दफ्तर में रखा गया और प्रमोशन के बाद भी दफ्तर में रखा गया। सफाईकर्मी आमतौर पर अनुसूचित जाति बाल्मीकि लगते हैं। पहले कहीं अस्थायी लगते हैं। दो साल के अनुभव प्रमाण पत्र से सफाईकर्मी लगते हैं। लेकिन बबीता शर्मा को सफाई कर्मी यह सोचकर ही लगाया गया कि दफ्तर में बैठाये रखेंगे, फील्ड में सफाई झाड़ू नाली खुरपा नहीं देंगे। महिला बाल विकास में आंगनबाड़ी में काम करने वाली बबीता शर्मा के पास सफाई का तो कोई भी अनुभव नहीं था। वहां से सीधे नगरपालिका में सफाई कर्मचारी लगा दी गई। अब जमादार बनाई तो ड्युटी तो फील्ड में होनी थी। प्रमोशन के बाद में भी दफ्तर में है। इस प्रकार से कितने सफाई शाखा के अपने दफ्तर में और अन्य सरकारी दफ्तरों में भेजे हुए हैं और कितने अधिकारियों के यहां बेगार पर हैं? बेगार तो कभी छापामारी से ही सामने आएगी। स्वायत्त शासन निदेशक ने अनेक बार आदेश जारी किया कि सफाईकर्मियों से अन्यत्र नहीं लगाया जाए। अभी ताजा आदेश भी है। अब सवाल उठता है कि सरकार बड़ी है या स्थानीय प्रशासन ईओ या प्रशासक बड़े हैं जो आदेश नहीं मानते। सबसे बड़ी बात यह भेदभाव की है कि वाल्मीकि कर्मचारी तो फील्ड में सफाई पर लगाएं और स्वर्ण वर्ग सफाई कर्मचारी रिश्तेदार और अपने खास को दफ्तर में लगाओ। कितने दिन नहीं मानोगे सरकार के आदेश?

2- दमकल यानि अग्नि शमन की बड़ी जिम्मेदारी होती है और प्रशिक्षित स्टाफ होता है, प्रशिक्षण में समय और खर्च होता है। हर समय हर कर्मचारी ड्युटी पर जरूरी होता है। लीडिंग फायरमेन पद पर नौकरी पर लगी हुई श्रीमती सुप्रभा करीब सात सालों से दमकल दफ्तर में नहीं है। उसकी ड्युटी नगरपालिका दफ्तर में स्थापना शाखा में लगा रखी है, जो काम वह जानती नहीं। कर्मचारियों के पेंशन आदि विभिन्न कार्य वर्षों से अटके हुए पड़े हैं। लीडिंग फायरमेन को दफ्तर में लगा रखा है जबकि सरकार के स्पष्ट आदेश हैं कि दमकल कर्मियों को अन्यत्र नहीं लगाया जाए। जब पद का कार्य ही नहीं तो फिर उसका वेतन कैसे दिया जा रहा है? अब आगे सरकार के आदेश के विपरीत कितने दिन दफ्तर में रखेंगे?

👍 12 सितंबर 2025 को ईओ पूजा शर्मा को सफाई कर्मचारियों के संगठन ने एक मांगपत्र दिया था जिसमें मांग थी कि दफ्तर में लगाए हुए सफाई कर्मचारियों को फील्ड में लगाया जाए ताकि सफाई व्यवस्था में सुधार हो,लेकिन यह मांग पूरी नहीं की गई।

 *ये तो उदाहरण हैं और इनमें बिना विलंब के सुधार होना चाहिए चाहे कोई किसी का रिश्तेदार हो या खास हो।

3-स्वच्छ भारत अभियान में सड़कें गलियां एकदम साफ सुथरी होनी चाहिए। आवासन मंडल पुरानी कालोनी व उसके  पश्चिम क्षेत्रभविष्य में जल्दी ही नरक बनने वाली बात है तो हालात बिगड़े हैं। आवासन मंडल पुरानी कालोनी में 58 और उसके पश्चिम क्षेत्र में 32 अतिक्रमण सड़कों पर चिन्हित हैं। नोटिस और लाऊडस्पीकर चेतावनी के बावजूद हटाए नहीं गये। पूजा शर्मा के पीहर आवास के आगे सड़क पर अतिक्रमण हैं और आसपास के अनेक घरों के आगे है। यहां सामने के अतिक्रमण हटाए लेकिन खुद के घर की लाईन के नहीं हटाए। ऐसी हालत शहर में अनेक जगह है जो स्वच्छ भारत अभियान में बाधा है। नगरपालिका प्रशासन पर नेताओं का दबाव है लेकिन गरीब की छत झोपड़ी कच्चा कोठा जेसीबी से ध्वस्त करने में कोई शर्म नहीं आती चाहे सर्दी गर्मी बरसात कुछ भी हो। बाजारों में सड़कों पर अतिक्रमण स्वच्छ भारत अभियान में बाधा हैं। 

* गंदे पानी बरसात के पानी की निकासी भी काम करने,अतिक्रमण हटाने से हो पाएगी। घरों दुकानों का कचरा सड़कों पर नहीं फेंके, कचरा ट्रोली में डालें। यह संदेश अच्छा है लेकिन करोड़़ों रूपये लगाकर सीवरेज बनाई और 2 ट्रीटमेंट प्लांट लगाए 10-12 साल हो गये। ये दोनों बंद हैं। यहां से कितना सीवेज ( मल पावडर) बेचा? इनको चालू हालत में कौन रखेगा? नगर पालिका प्रशासन इनको चलाएगा या आम निवासी या दुकानदार चलाएंगे?

* नगरपालिका प्रशासन को कौन कहे कि खुद चुस्त रहें और कोई ड्युटी में लापरवाही करे तो उस पर सख्त कार्वाई भी करे। सफाई कर्मचारी खुद ड्युटी पर है या उसकी जगह कोई और ड्युटी पर है? जमादारों को डायरियां दी जाएं जिन में वे अपनी रिपोर्ट लिखें। सख्त कंट्रोल दफ्तर में और दफ्तर के बाहर भी हो तो हालात सुधर सकते हैं।०0०








गुरुवार, 16 जुलाई 2026

उपखंड अधिकारी भरत जयप्रकाश मीणा सम्मानित. रेल विकास संघर्ष समिति द्वारा सम्मानित।

  

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 16 जुलाई 2026.

उपखंड मजिस्ट्रेट एवं नगर पालिका सूरतगढ़ के प्रशासक भरतजयप्रकाश मीणा को आज रेल विकास संघर्ष समिति ने सम्मानित किया। समिति के अध्यक्ष ललित शर्मा व अन्य पदाधिकारियों ने श्री मीणा को शाल ओढा कर रेल विकास का स्मृति चिन्ह प्रदान किया। यह सम्मान उप खंड कार्यालय में किया गया। रेल विकास के विभिन्न विकास होने के उत्साह में समिति की ओर से 12 जुलाई 2026 रविवार को आयोजित  समारोह में उपखंड अधिकारी मुख्य अतिथि थे लेकिन किन्हीं विशेष कारणों से शहर से बाहर होने के कारण भाग नहीं ले पाए,इसलिए यह सम्मान आज किया गया। इस अवसर पर ललित शर्मा, एडवोकेट साहबराम स्वामी, दर्शन भगत परनामी, एडवोकेट श्यामसुंदर चांडक,ईंजीनियर रमेशचंद्र माथुर,सुरेंद्र कोठारी खूबचंद नायक आदि उपस्थित रहे।०0०







  

बुधवार, 15 जुलाई 2026

लायब्रेरी सीज मामला: अंडरग्राउंड अवैध निर्माण और ऊपर से प्रदर्शन की धौंस.

  

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 15 जुलाई 2026.

नगरपालिका प्रशासन ने जिन बेसमेंट ( अंडरग्राउंड) में चलाई जा रही लायब्रेरियों को ताले लगाए हैं वे अंडरग्राउंड बनाने की स्वीकृति नगरपालिका से ली हुई नहीं थी। बिना अनुमति के अवैध रूप से अंडरग्राउंड निर्माण करना और फिर उनमें आग से बचाव के कोई भी साधन नहीं होना और ऊपर से प्रदर्शन की धौंस दिखाकर दबाव डालना। इस प्रकार के दबाव से छात्रों का भविष्य बताकर दबाव डालने से लायब्रेरियों के खुलवा लेने की संभावना एक प्रतिशत भी नहीं है। 

* कहा जा रहा कि छात्रों की पुस्तकें, लेपटॉप आदि लायब्रेरियों में बंद रह गये। पूर्व सूचना नहीं दी गई, खामियां बताएं ताकि सुधार किया जा सके।

👍 जिलाकलेक्टर के निर्देश पर लायब्रेरियों का निरीक्षण हुआ और रिपोर्ट तैयार हुई। सबसे पहले अंडरग्राउंड पर कार्वाई का निर्णय हुआ जिसके समाचार कार्वाई से कुछ दिन पहले छप गये।

* कार्वाई के समय मौका मजिस्ट्रेट,पुलिस जाब्ता,नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी और कर्मचारी। नगरपालिका की विडियोग्राफी। पत्रकारों की वीडियोग्राफी। पुस्तकें लेपटॉप आदि बाहर करवाए गये। फिर भी यदि किसी स्टुडेंट की पुस्तकें लैपटॉप किसी लायब्रेरी में भीतर बंद रह गये हैं तो उसका आवेदन प्रशासन को दिया जा सकता है। इन बहानों से लायब्रेरी खुलवाकर डेस्क, फर्नीचर आदि हटवाना तो संभव नहीं और न प्रशासन ऐसा करने देगा। 

👍 अब बात आती है कि प्रशासन कमी बताए जो सुधार कर लें। अंडरग्राउंड बनाने की अनुमति नहीं थी जो अवैध बनाए गये तब इनमें क्या सुधार होगा?

👍👍 पहले सूचना नहीं दी। जहां जान माल का नुकसान होने, किसी भी समय दुर्घटना की आशंका हो,वहां पूर्व सूचना नहीं होती, वहां बिना विलंब कार्वाई होती है जो प्रशासन ने कर दी।

👍👍👍 अभी जो लायब्रेरियां असुरक्षित है जहां अग्नि व दुर्घटना के बचाव साधन नहीं हैं, वहां प्रशासन को तुरंत कार्वाई करनी चाहिए। अवैध कार्य करने वाले चाहे जितने प्रदर्शन करते रहें, उनसे कार्वाई रूकने का दबाव संभव नहीं। दुर्घटना हो जाए और उसमें जानमाल की हानि हो जाए तो यही लोग प्रशासन के खिलाफ भी हो जाएंगे कि प्रशासन ने समय रहते कार्वाई क्यों नहीं की। अब आवश्यकता है कि प्रशासन कानूनी प्रक्रिया से अवैध निर्माण को ध्वस्त करे।०0०







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