करणी प्रेस इंडिया
सोमवार, 18 मई 2026
ईओ पूजा शर्मा निवास का अतिक्रमण. सूरतगढ़ एसडीएम तुड़वाए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 18 मई 2026.
नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने अभी कुछ दिन अतिक्रमण हटाने तोड़ने का कार्यक्रम चलाया। लाऊडस्पीकर से लोगों को सूचना दी गई कि जिलाकलेक्टर महोदय के आदेश से यह किया। इस कार्यक्रम में शहर के अनेक अतिक्रमण हटाए जुर्माना भी लगाया मगर ईओ पूजा शर्मा के निवास के आगे गली में किया खुद परिवार का अतिक्रमण नहीं हटाया। यह अतिक्रमण आज भी मौजूद है।यह घोर निंदनीय है कि करीब एक साल पहले ईओ ने अपने निवास की गली के दूसरे लोगों के स्लोप तुड़वाए ताकि ईओ की कार आ जा सके। लोगों ने एतराज किया तो उनको धमकियां दिलवा दी कि बोले तो छज्जे भी तुड़वा दिए जाएंगे।
जिलाकलेक्टर के आदेश से अतिक्रमण हटाने सफाई करने का कार्य था तो शहर के अनेक सड़कों के अतिक्रमण क्यों नहीं हटाए गये।
* बीकानेर रोड ,रेलवे रोड,के नालों के अतिक्रमण नहीं हटाए न नाले साफ किये। ईओ पर घोटालों के अनेक आरोप हैं।
* आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमण नहीं हटाए गए जिनको नोटिस भी दिए गए थे। आवासन मंडल कालोनी के 58 मकान मालिकों को 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए जिनमें 3 दिन में अपने अपने अतिक्रमण हटा लेने व बाद में नगरपालिका द्वारा हटा दिए जाने की चेतावनी थी।
ईओ पूजा शर्मा ने चेतावनी अवधि बीतने जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए। सवा महीने से अधिक बीत गया। उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा नगरपालिका के प्रशासक हैं उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में सफाई और सड़कें साफ होने व अतिक्रमण हटाने पर स्वयं निरीक्षण कर कार्वाई करानी चाहिए। प्रशासनिक दायित्व भी है।
👍ईओ पूजा शर्मा के निवास के आगे के अतिक्रमण बाबत मुख्यमंत्री को शिकायत हुई है जो नगरपालिका में पूजा शर्मा के पास ही काफी दिनों से पेंडिंग पड़ी है। समय अवधि में इसका निस्तारण नहीं होने पर यह शिकायत उपनिदेशक, स्वायत्त शासन विभाग बीकानेर को गई। उपनिदेशक ने इसको निस्तारण करने का आदेश देकर ईओ नगरपालिका सूरतगढ़ को वापस भेज दिया। अब प्रशासन उपखंड अधिकारी का पूर्ण दायित्व है कि यह अतिक्रमण अपनी देखरेख में तुड़वाए। उपखंड अधिकारी शायद नोडल अधिकारी भी हैं और उनकी हरतरह से जनता के हित की ड्युटी है।०0०
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रविवार, 17 मई 2026
सूरतगढ़ में स्वच्छ भारत अभियान में बाधा क्यों? क्या कासनिया ने सभी की ताकत छीन ली?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 17 मई 2026.
सूरतगढ़ में स्वच्छ भारत अभियान में बाधा क्यों हैं? बरसात से पहले करो कराओ जो शहर को बचाए।
रेलवे रोड, गौरव पथ के और निकासी के नाले साफ क्यों नहीं किए जाते?
आवासन मंडल सड़क अतिक्रमण क्यों नहीं हटते?
ईओ पूजा के निवास का सड़क अतिक्रमण क्यों है?
* भाजपा वाले उत्तर दें.*
नगर अध्यक्ष गौरव बलाना एवं कार्यकारिणी, जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, स्थानीय जिला पदाधिकारी,पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया,पूर्व विधायक अशोक नागपाल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष आरती शर्मा,पूर्व नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा और महामंत्री लालचंद शर्मा व कार्यकारिणी।
👍 स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संपूर्ण भारत में एक निर्देश है और राजस्थान में भाजपा सरकार का प्रशासन का आदेश है।
भाजपा के ये नेता नेतियां बताएं कि यह मिशन आपने सभी ने फेल क्यों कर रखा है? इस मिशन में सड़कें नाले नालियां एकदम साफ होने चाहिए फिर सूरतगढ़ में सभी मोहल्लों में भी हालात बिगड़े हुए क्यों हैं?
यहां न कांग्रेस का राहुल है, न टीएमसी की ममता बनर्जी है, न आप के अरविंद केजरीवाल है। यहां बाधा कौन डाल रहा है?
सारे शहर में घूम कर देखलो कि नगरपालिका प्रशासन ने शहर का सत्यानाश कर दिया है। अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा एक की जिम्मेदारी है। ईओ पूजा शर्मा, कम्प्यूटर आपरेटर दोनों मिल कर स्वच्छ भारत अभियान की मांग,परिवाद पर निस्तारण का झूठा जवाब दे देते हैं। एक ईओ काम नहीं करे और भाजपा के सभी नेता मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान को फेल होता देखते रहें। ईओ का ट्रांसफर नहीं हालात और भ्रष्टाचार आरोपों पर जवादेह जांच के लिए सस्पेंड करवाएं।
👍 पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया ईओ पूजा शर्मा को हटवाना न चाहे लेकिन बाकी सभी मोदी अभियान पर ईओ के विरुद्ध कार्वाई कराएं। केवल कासनिया होने नहीं देता की चर्चा से तो बात नहीं बनती। सभी में कुछ ताकत है या सभी ताकत हीन है। क्या कासनिया ने सभी की पावर भी छीन ली है?
कोई एक भी मुंह खोलना बोलना शिकायत करना चाहता है तो आगे आकर जिलाकलेक्टर, मुख्यमंत्री को सब सच्च सच्च लिखे और जनता को भी बताए।
👍 शहर को साफ सुथरा देखने और रखने का दायित्व कांग्रेस का भी है। विधायक डुंगरराम गेदर और सूरतगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया और नेता पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु भी शहर का भ्रमण कर देखलें उसके बाद निकम्मे प्रशासन को हटवाएं। केवल धरना आंदोलन आदि की कागजी चेतावनी से कुछ नहीं होने वाला। ये चेतावनियां पांच दस दिन बाद झूठी साबित हो जाती है।
👍 वे जो आगे नगरपालिका चुनाव लड़ना चाहते हैं उनमें जो जांबाज है शहर को साफ सुथरा भ्रष्टाचार मुक्त बनाना चाहते हैं वे भी अभियान चलाएं।
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एडवोकेट गोपाल बोस राज.उच्च न्यायालय में भारत सरकार की पैरवी करेंगे. सूरतगढ़ से लिंक.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 17 मई 2026.
भारत सरकार की ओर से राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ में पैरवी करने के लिए एडवोकेट्स का पैनल घोषित हुआ है जिसमें उच्च न्यायालय के वरिष्ठ एडवोकेट गोपाल बोस भी शामिल किए गए हैं। भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय की ओर से यह आदेश 12 मई 2026 को जारी हुआ।
गोपाल बोस यहां के निवृत नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के दामाद हैं। गोपाल बोस जोधपुर में निवास करते हैं।
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शनिवार, 16 मई 2026
हर्ष कॉन्वेंट स्कूल,सूरतगढ़.सीबीएसई 12वीं में सफलता के आकाश पर.समीक्षा रिपोर्ट.
* करणीदानसिंह राजपूत *
* निष्ठा 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ बनीं टॉपर
17 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक किये प्राप्त वहीं 53 विद्यार्थियों ने 80% से अधिक अंक पाकर रचा इतिहास।
*राजनीति विज्ञान और भूगोल में विद्यार्थियों ने बनाया 'शतक' *
सूरतगढ । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही हर्ष कॉन्वेंट स्कूल परिसर उत्सव में सराबोर हो गया।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी मेधा और कठिन परिश्रम के दम पर आकाश को स्पर्श किया।
*शानदार आंकड़े: मेधावियों की लगी कतार*
निष्ठा: 98.2% अंकों के साथ प्रथम स्थान पर
प्राची: 97.2% अंकों के साथ द्वितीय स्थान पर
काजल: 96.6% अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रही ।
वहीं जान्हवी शर्मा और नंदिनी सारस्वत ने राजनीति विज्ञान में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर वहीं,यशोदा ने भूगोल विषय में शत-प्रतिशत अंक हासिल कर विषय पर अपनी पकड़ को साबित किया।
* विद्यालय के कुल 17 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वहीं, 54 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त कर विद्यालय की औसत सफलता दर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है।
प्रबंधन और शिक्षकों का *अनुशासन ही सफलता की नींव*
विद्यालय की इस अभूतपूर्व सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निदेशक अनिल धानुका ने कहा की
आज हमारे विद्यार्थियों ने जो मुकाम हासिल किया है, वह रातों-रात नहीं मिला। यह वर्षों के अनुशासन और संयम का परिणाम है। हर्ष कॉन्वेंट में हम केवल किताबी ज्ञान पर जोर नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अनुशासन का अर्थ केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि अपने लक्ष्यों के प्रति ईमानदार होना है। हमारे शिक्षकों और छात्रों के बीच जो जीवंत संवाद है, वही हमारी असली ताकत है।
*टीम वर्क से मिलती है सफलता*
प्रधानाचार्य डॉ. एपी सिंह ने इस उपलब्धि को एक सामूहिक जीत करार दिया। उन्होंने कहा:
यह सफलता हमारे टीम वर्क का जीवंत उदाहरण है। जब शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक एक ही दिशा में प्रयास करते हैं, तो परिणाम ऐसे ही सुखद होते हैं। हमने सत्र की शुरुआत से ही कमजोर और मेधावी दोनों वर्गों के छात्रों के लिए अलग-अलग रणनीतियां बनाई थीं। नियमित काउंसिलिंग और छात्रों के साथ निरंतर संवाद ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। मैं उन सभी शिक्षकों को बधाई देता हूँ जिन्होंने दिन-रात एक कर बच्चों के भविष्य को संवारा है।
*सफलता की त्रिमूर्ति: आईएएस बनने का है सपना*
विद्यालय की तीनों शीर्ष मेधावियों—निष्ठा, प्राची और काजल—का लक्ष्य साझा है। तीनों देश की सेवा के लिए आईएएस (IAS) अधिकारी बनना चाहती हैं।
*मोबाइल से दूरी और निरंतरता:-निष्ठा*
अपनी सफलता साझा करते हुए निष्ठा ने कहा:
"मेरी सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं था। मैंने प्रतिदिन 6 से 8 घंटे गहन अध्ययन किया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मैंने सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। बार-बार रिवीजन करना और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना मेरे लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। माता-पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। गौरतलब है कि निष्ठा गांव रामपुरा की रहने वाली है और बिना किसी ट्यूशन के स्कूल में करवाई गई पढ़ाई को बार-बार रिवीजन कर सफलता प्राप्त की
*मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता:-प्राची*
प्राची ने अपनी तैयारी के बारे में बताया कि
पढ़ाई के साथ-साथ खुद को शांत रखना बहुत जरूरी है। मैंने अपनी दिनचर्या में योगा और मॉर्निंग वॉक को अनिवार्य रूप से शामिल किया। इससे एकाग्रता बढ़ती है। जब भी मुझे तनाव महसूस होता, मैं अपने शिक्षकों से बात करती। उन्होंने मुझे हमेशा प्रेरित किया कि अंकों के पीछे मत भागो, केवल विषय को समझने पर ध्यान दो।
रिवीजन ही सफलता की कुंजी:-काजल
काजल ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा
मेरा मानना है कि आप कितना पढ़ते हैं, उससे ज्यादा जरूरी है कि आप कितना याद रख पाते हैं। मैंने अपने नोट्स खुद तैयार किए और गुरुजनों द्वारा बताए गए हर छोटे निर्देश का पालन किया। मेरा लक्ष्य शुरू से स्पष्ट था, और आज की सफलता ने मेरे आईएएस बनने के संकल्प को और भी मजबूत कर दिया है।"
*शुभकामनाओं का तांता*
इस अवसर पर निदेशक राकेश धानुका ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं का यह संगम हर्ष कॉन्वेंट को विशिष्ट बनाता है। उप प्राचार्य नरेश कश्यप ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह परिणाम हमारी शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है।
*विद्यालय में जश्न का माहौल*
जैसे ही परिणाम पोर्टल पर अपडेट हुए, स्कूल में मिठाई बाँटने और ढोल-नगाड़ों का दौर शुरू हो गया। टॉपर विद्यार्थियों को फूल-मालाओं से लाद दिया गया। अभिभावकों की आँखों में खुशी के आँसू थे और शिक्षकों के चेहरों पर संतोष। हर्ष कॉन्वेंट स्कूल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो और मार्गदर्शन सही हो तो सफलता निश्चित मिलती है।
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सूरतगढ़:श्री गौशाला में अध्यक्ष की चौधर.चुनाव की मांग उठने लगी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 16 मई 2026. सूरतगढ़ इलाके की सबसे पुरानी श्रीगौशाला में इस बार दो वर्षीय कार्यकाल के लिए अध्यक्ष पद के चुनाव नहीं कराए गए। मार्च माह में चुनाव होने थे लेकिन वर्तमान अध्यक्ष सुशील कुमार धानुका ने अपनी मनमानी सभी पर थोप दी जिससे गौ भक्तों, दानदाताओं और व्यापार मंडल के लोगों में नाराजगी हो रही है।
* सुशील धानुका दो बार लगातार अध्यक्ष बन चुके हैं। इस बार मार्च माह में चुनाव कराने थे जिसकी जिम्मेदारी सुशील धानुका की थी लेकिन वे अपनी चौधर ही चलाना चाहते हैं। संपूर्ण व्यवस्था भी सहमति से नहीं अपनी मर्जी से चलाते हैं।
* अकेले अध्यक्ष की मनमर्जी से आगे गौशाला को चंदा,लागा और सामग्री कैसे मिल पाएगी? शिकायतें हुई तो सरकारी अनुदान आदि पर भी असर पड़ सकता है। अभी तो लोगों की चुनाव कराने की मांग उठ रही है।०0०
शुक्रवार, 15 मई 2026
सूरतगढ़.शराबबंदी की चर्चा भी खत्म हुई.लोग पूजा छाबड़ा को भूलने लगे.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 15 मई 2026.
गुरूशरण छाबड़ा ने राजस्थान में संपूर्ण शराबबंदी की मांग के लिए प्राण त्याग दिए लेकिन उनके कर्म क्षेत्र सूरतगढ़ में अब शराबबंदी की चर्चा भी नहीं है। सन् 2023 की शुरुआत से शराबबंदी की चर्चा खत्म होने लगी और अब पूर्ण शून्य हो चुकी है।
गुरूशरण छाबड़ा सन् 1977 में सूरतगढ़ से विधायक चुने गये थे और ईमानदारी व सही निर्णय करने के मामलों में लोकप्रिय रहे। उनके नाम से सूरतगढ़ में एक राजकीय महाविद्यालय और एक राजकीय माध्यमिक विद्यालय चल रहे हैं। उनकी प्रतिमा राजकीय उप जिला चिकित्सालय के पास लगी है जहां उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर अब गिनती के लोग एकत्रित होते हैं। वहां शराबबंदी मांग में प्राण त्याग करने के वक्तव्य होते हैं जो कार्यक्रम समाप्ति के बाद आगे याद भी नहीं किए जाते। शराबबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरूशरण छाबड़ा की पुत्रवधु पूजा छाबड़ा ने यहां शराबबंदी कार्यक्रम शुरू किए थे लेकिन लोकसभा चुनाव सन् 2024 से पहले वे भारतीय जनता पार्टी की सदस्य बन गई। इन पर कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी होने की छाप लगी हुई है। सन् 2023 में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले लोग मानने लगे थे कि पूजा छाबड़ा भाजपा या कांग्रेस की टिकट ला सकती है लेकिन किसी भी पार्टी से ऐसा नहीं हुआ। कुछ लोगों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू की लेकिन उसमें तो बहुत ताकत की जरूरत होती। जब राजनीति में विधानसभा चुनाव लड़ने की सोच शुरू हुई तब शराबबंदी कार्यक्रम यहां खत्म हो गये। भाजपा में सदस्यता लेने के बाद स्वतंत्र अस्तित्व नहीं रहता। पूजा छाबड़ा के शराबबंदी कार्यक्रम पहले ही बंद हो गये थे। अब तीन साल से सूरतगढ़ में शराबबंदी कार्यक्रम नहीं हुए। लोगों को जोड़े रखने के लिए लगातार कार्यक्रम हों लेकिन वह स्थिति नहीं रही। पूजा छाबड़ा का जयपुर में अधिक और सूरतगढ़ में यदाकदा रहने से भी लोगों का जुड़ाव खत्म होता गया। अरोड़ वंश समुदाय में पूजा छाबड़ा को कुछ माना जाने लगा और लोग भावी विधायक की तस्वीर देखने लगे। अब ऐसी स्थिति नहीं है। भाजपा में प्रवेश से पहले निश्चय ही पूजा छाबड़ा को बड़ा माना जाता था लेकिन अब भाजपा में सबसे नीचे के स्तर नगरमंडल में सदस्य हैं। इस स्तर से ऊंची उड़ान में किसी राजनैतिक पद के मिलने की भी चर्चा नहीं हो रही। पूजा छाबड़ा के भाजपा में सदस्य बनने के बाद शराबबंदी कार्यक्रम यहां खत्म हो गये। राजस्थान की भाजपा सरकार शराब को बंद करने की नीति वाली नहीं है।शायद इस कारण से पूजा छाबड़ा भी शराबबंदी कार्यक्रम नहीं कर रही। पूजा के जयपुर में अधिक रहने से सूरतगढ़ भाजपा में पूजा छाबड़ा से अधिक ताकतवर चेहरे दिखाई देने लगे हैं जिनमें कुछ बीसियों सालों से है। अरोड़वंश समुदाय में जो ताकत बनी थी वह भी सूरतगढ़ में कम रहने से कम हुई है। पूर्व विधायक अशोक नागपाल के साथ पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा राजनैतिक रूप में अरोड़ा समुदाय में ताकतवर थे। अब एकदम से ऊंचाई पर सुनील कुमार छाबड़ा भी आ गये। सुनील छाबड़ा पश्चिम बंगाल चुनाव में एक माह तक भवानीपुर सीट पर काम करने और खतरनाक क्षेत्रों में भाजपा का संपर्क अभियान चलाने वाले रहे। भवानीपुर सीट पर टीएमसी की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पराजय और वहां से जीतने वाले सुधेंदु का मुख्यमंत्री बनने से सुनील छाबड़ा भाजपा में और अरोड़वंश समुदाय में ताकत बन गये। सुनील छाबड़ा और उनकी पत्नी काजल छाबड़ा भाजपा में व अरोड़ा समुदाय में लोकप्रिय हैं। राजनैतिक हालात सूरतगढ़ में तेजी से बदल गए हैं। इन बदले हालात के हिसाब से ही लोग चलेंगे यह एक प्रचलित नियम है। सूरतगढ़ में नयी परिस्थितियां बन गई हैं। भाजपा के राज में सूरतगढ़ में अब लोग कुछ नया चाहते हैं जिसमें शराबबंदी नहीं है।
पूजा छाबड़ा की राजनीतिक दौड़़ में शराबबंदी कार्यक्रम बंद हुए और अब कहीं चर्चा भी नहीं है।०0०
58 लोगों के अतिक्रमण हटाने में प्रशासन नाकाम क्यों? सूरतगढ़ आवासन मंडल कालोनी अतिक्रमण.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 15 मई 2026.
सड़क जनता की है और उस पर चलने का अधिकार केवल जनता को है लेकिन सूरतगढ़ में 58 लोगों ने सूचना दिए जाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाकर नगरपालिका प्रशासन को चुनौती दी है। ये 58 लोग शहर की आबोहवा को बिगाड़ने वाले हैं।
नगरपालिका प्रशासन ने आवासन मंडल पुरानी कालोनी के 58 मकान मालिकों को 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए कि 3 दिन में अपने अतिक्रमण हटालें। इस अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाए गए तो नगरपालिका प्रशासन अतिक्रमण हटाएगा। एक माह से अधिक समय बीत गया लेकिन नोटिस देकर भी नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी ने आगे कार्वाई नहीं की जिससे प्रशासन की हंसी उड़ रही है। नगरपालिका में प्रशासक पद पर उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा और अधिशाषी अधिकारी पद पर पूजा शर्मा हैं जो जवाब देह हैं और इनकी जिम्मेदारी बनती है।
पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में सड़कें साफ होनी चाहिए लेकिन यहां अभियान को अधिकारी ही ठप्प कर रहे हैं। आवासन मंडल कालोनी पुरानी में सड़क अधिकार की भूमि पर अतिक्रमण हैं। नगरपालिका प्रशासन किसी के घर को नहीं तोड़ रही जिसके लिए पूर्व सूचना दे। नगरपालिका को सड़कों के अतिक्रमण हटाने हैं जिसके लिए नोटिस एक मजाक बन कर रह गये हैं। आम जनता को बताया नहीं जा रहा कि शहर में अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं तब आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमण हटाने की कार्वाई क्यों नहीं हो रही। जैसे शहर में जुर्माना वसूली और अतिक्रमण हटाओ कार्वाई चल रही है वैसे ही नोटिस तारीख से जुर्माना वसूली भी अतिक्रमण हटाने के साथ हो। आवासन मंडल में अतिक्रमण कारियों से वे पड़ोसी परेशान हैं जिनके अतिक्रमण नहीं है तथा उनके घर पीछे दब रहे हैं। नगरपालिका प्रशासन पर कोई दबाव है या कोई कारण है तो वह आम जनता को बताया जाना चाहिए। नगरपालिका प्रशासन द्वारा 58 अतिक्रमणकारियों की सूची प्रकाशन के लिए मीडिया को तुरंत दी जानी चाहिए। अतिक्रणकारियों के नाम आम पब्लिक को मालुम होने चाहिए कि ये लोग शहर की स्वच्छ आबोहवा को बिगाड़ने वाले हैं।०0०
गुरुवार, 14 मई 2026
सूरतगढ़. सौदर्यीकरण में सड़कों पर फैले कंक्रीट ढेर से खतरा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 14 मई 2026.
नगरपालिका की ओर से स्टेशन के आगे की दो सड़कों पर सौदर्यीकरण हुआ या खतरनाक हालत हुई है यह वहां से गुजरने वाले दुपहिया चालकों को अनुभव हो रहा है। सुभाष चौक के पास करनाणी धर्मशाला के आगे और रेलवे रोड डिवाईडर के पास सड़कों के बीच में फैले कंक्रीट बजरी के ढेरों से हर रोज दुर्घटनाएं हो रही है। दुपहिया इन ढेरों पर फिसल रहे हैं, पलट रहे हैं। कुछ दिन से ये ढेर लगे हैं।
*सौदर्यीकरण के ठेकेदार की लापरवाही है लेकिन जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की है।०0०
बुधवार, 13 मई 2026
सूरतगढ़:भवानी सिंह पंवार होंगे अतिरिक्त जिला कलेक्टर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 13 मई 2026.
राजस्थान प्रशासनिक सेवाओं के स्थानांतरण हुए हैं। यहां अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के पद पर भवानीसिंह पंवार को लगाया गया है। पंवार हनुमानगढ़ में राजस्व अपील अधिकारी के पद से सूरतगढ़ लगाए गये हैं। यहां एसडीएम रह चुके हैं।
यहां से एडीएम दीनानाथ बब्बल को समेकित बाल विकास सेवा जयपुर लगाया गया है। बब्बल जयपुर से आए और जयपुर ही भेजे गए हैं।
187 आरएएस अधिकारियों के हुए तबादले हुए हैं।०0०
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