* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान में दिल्ली की पर्ची से भजनलाल शर्मा की सरकार बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री बनने से रोक कर नारी सम्मान किया था? राजनाथसिंह के हाथ पर्ची दिलवाई और वसुंधरा राजे के हाथ से विधायक दल की बैठक में खुलवाई। इससे अधिक अपमान के घूंट और क्या पिला सकते थे? नारी सम्मान की बात करने वाले नरेंद्र मोदी ने जो किया वह कोई कूटनीति नहीं थी बल्कि इसे छल कहा जाता रहा है। ऐसे छल कपट के घाव कभी समय बीतने के साथ भरते नहीं है बल्कि बार बार याद कराते हैं।
मोदी जी ने पर्ची से मुख्यमंत्री पैदा कर सरकार तो बनादी लेकिन सरकार चल नहीं रही है और न चलती हुई दिखाई दे रही है। कम से कम चलती हुई दिखे और लोगों को महसूस हो कि सरकार चल रही है, यह भी नहीं हो रहा।
भाजपा के लोग ही निराश हो रहे हैं कि उनके काम नहीं हो रहे और कार्यकर्ता इसलिए भी निराश हो रहे हैं कि ढाई साल बीतने के बावजूद अभी तक राजनैतिक पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई। मुख्यमंत्री और मंत्री तो 5 साल राज का भोग करें और जिन कार्यकर्ताओं ने मंत्री बनाया वे धूल फांके। दुखों से भरा आश्चर्य यह भी है कि ये मंत्री तो कार्यकर्ताओं के भरोसे से ही बने और अब कार्यकर्ताओं की मजबूती पर भरोसा नहीं करते। पद देने के बाद कार्यकर्ता कैसा निकलेगा? राजनैतिक पद दिए जाने के बाद कार्यकर्ता अपने अपने फील्ड में काम पर जुट जाते और आम लोगों का काम कराते जिससे भाजपा को ही मजबूती मिलती। एक कड़वा सच्च है, कि कार्यकर्ताओं को न भजनलाल शर्मा समझ रहे हैं न भाजपा के प्रांतीय अध्यक्ष मदन राठौड़ समझ रहे। इन दोनों का व्यवहार कार्यकर्ताओं को निरंतर निराश कर रहा है जिसके कारण वे पार्टी के विभिन्न प्रचारक कार्यक्रमों से दूर हट रहे हैं। भाजपा के प्रचारक कार्यकर्म आजकल बहुत कम उपस्थिति वाले और रसहीन से होते हैं। कार्यक्रमों में अनेक सक्रिय कार्यकर्ता अनुपस्थित रहते हैं। मोदी और भजन के नाम पर भाजपा नेता नेतियां जो प्रदर्शन आदि करते हैं उनमें 40 से 50 लोग ही हर जगह दिखते हैं।
भजनलाल शर्मा एक गंभीर गलती भी किए हुए हैं और वह गलती भी हानि पहुंचा रही है। कांग्रेस सरकार के लगाए कर्मचारी वहीं बैठे हैं जहां कांग्रेस ने लगाया था। वे कांग्रेसियों के हर काम कर रहे हैं और भाजपा के टालते हैं या रोक देते हैं। इनको ही बदल नहीं सके। ये भाजपा सरकार और उसकी नीतियों पर काम नहीं कर रहे। भाजपा वालों को अच्छे ढंग से समझ में आ जाना चाहिए कि प्रदेश में सरकार चलती हुई महसूस क्यों नहीं हो रही?
अधिकारी कर्मचारी पीड़ित लोगों की सुन नहीं रहे रहे।
एसीबी रिश्वत में अधिकारियों कर्मचारियों को आए दिन पकड़ रही है। इससे ही,यह साबित हो रहा है कि लोगों के काम पैसों से हो रहे हैं। काम नहीं होता तब पीड़ित मजबूरी में रिश्वत देने को मजबूर होता है तथा एक तरफ रिश्वत देने की हां करता है और दूसरी तरफ एसीबी से संपर्क कर लेता है। भ्रष्टाचारियों को भजनलाल शर्मा की कोई चेतावनी नहीं और सरकार के मंत्रियों की भी कोई चेतावनी नहीं। वे काम क्यों करें? अधिकारी 11 बजे से पहले दफ्तरों में आते नहीं और बीच में ही लौट जाते हैं। संपूर्ण राजस्थान में ये बिगड़े हालात दिखाई दे रहे हैं। काम करने कराने के वास्ते प्रशासन को नीतिगत आदेशों के पालन के लिए सक्रिय रखना जरूरी होता है लेकिन भजनलाल सरकार में फील्ड के नगरीय व ग्रामीण कार्यालयों में नजर नहीं आ रहा।
नारी सम्मान के लिए विख्यात राजस्थान में वसुंधरा राजे का नाम सीएम से हटवा कर पर्ची से भजनलाल शर्मा को सीएम तो बना दिया लेकिन यह नारी का सम्मान नहीं है और राजस्थान इस सरकार को ढो रहा है। दिया कुमारी को आगे लाने की राजनीति रही है लेकिन उनमें वसुंधरा राजे जैसा दम नहीं है। अभी समय जो बचा है उसमें नारी सम्मान की सोच हो तो वह किया जाए।०0०
21 अप्रैल 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 62 वां वर्ष,
94143 81356.
👍 प्रकाशन की अनुमति की आवश्यकता. नहीं. लेखक.
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* करणीदानसिंह राजपूत *
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्घाटन करने से एक दिन पहले पचपदरा रिफाइनरी में आग लगना बेहद चिंता जनक और गंभीरता का मामला है जिसके कारण खोजने में प्रशासन और रिफाइनरी अधिकारी जुट गये हैं। प्रधानमंत्री 21 अप्रैल को उद्घाटन और सभा करने वाले थे और एक दिन पूर्व आग लगने से कारण जानना इसलिए जरूरी है कि पीएम सुरक्षा के लिए बंदोबस्त हो चुका था जिसमें पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों का घेरा लगा हुआ था। पीएम की सभा जहां होने वाली थी वह स्थान भी पास ही है जहां आग लगी है। अग्नि कांड का कारण आज मालुम नहीं हुआ तो अफरातफरी में प्रधानमंत्री का दौरा सुरक्षा कारणों से प्रभावित हो सकता है।
* राजस्थान के मुख्य मंत्री भजनलाल शर्मा आज 20 अप्रैल को उद्घाटन की तैयारियां देखने को आने वाले थे।
* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन प्रभावित होगा या नहीं होगा का रात तक मालुम हो सकेगा। बताया जा रहा है कि एक युनिट में आग लगी है जिसको बुझाने के लिए अंदरूनी अग्निशमन प्रणाली से कार्य तत्काल शुरू हो गया था। इसके अलावा रिफाइनरी की दमकलें अग्निशमन में लगी। आसपास की नगरपालिकाओं की दमकलें भी बुलाई गई हैं।
प्रारंभिक मीडिया समाचारों के अनुसार रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट सेक्शन के बीच स्थित हीट एक्सचेंजर में तकनीकी खराबी के चलते विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के उपकरण भी इसकी चपेट में आ गए और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। हालांकि प्रारंभिक सूचना के अनुसार किसी बड़े जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन कुछ कर्मचारियों के झुलसने की आशंका जताई जा रही है। इस अग्नि कांड से लाखों रूपये का नुकसान होना तो निश्चित ही है।
* इस रिफाइनरी का निर्माण और आजतक की अवधि हमेशा किसी न किसी विवाद में रही इसलिए निर्माण में भी देरी होती रही है। अब उद्घाटन का सुअवसर आया तो यह दुर्घटना हो गई।०0०
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 20 अप्रैल 2026.
रिलायंस बायोगैस संयंत्र निर्माण पूर्णता की ओर है। बहुत तेजी से हर कार्य हो रहा है। आबादी क्षेत्र में और हनुमानगढ़ श्रीगंगानगर बाईपास और सूरतगढ़ से श्रीगंगानगर, सूरतगढ़ से अनूपगढ़ रेल मार्ग से सटा हुआ है यह संयंत्र। बसंत विहार, आनंद विहार, संगम विहार व नगरीय अन्य आबादी वार्ड पास में हैं।
फोटो. 20 अप्रैल 2026 दिन 10-09 बजे के हैं। विडिओ पत्रकार के फेसबुक पेज पर देख सकते हैं।
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* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 18 अप्रैल 2026.
गंगानगर में सड़कों के अतिक्रमण हटाने की मांग उठ गई है। सड़क हमारी यानि जनता की है और उस पर चलने का अधिकार केवल जनता को है। अतिक्रमणकारियों को नहीं जो अच्छे पदों पर नौकर हैं या अच्छे पदों से रिटायर हुए लोग हैं जिन्होंने सूरतगढ़ में आवासन मंडल कालोनी में सड़कों को रोक रखा है। इनमें नेता भी हैं। अतिक्रमणकारियों ने बेशरमी की चादर ओढ रखी है। स्थानीय प्रशासन पर ऊफर से आदेश हुआ और प्रशासन अतिक्रमण तोड़ने शुरू करेगा उस दिन सभी की चादर फट जाएगी और नाम उजागर हो जाएंगे।
नगरपालिका प्रशासन ने नोटिस दिए थे कि तीन दिन में खुद अतिक्रमण हटालें अन्यथा नगरपालिका द्वारा हटा दिए जाएंगे। ये नोटिस 58 मकान मालिकों को 9 अप्रैल 2026 को दिए गए थे। अतिक्रमण करने वाले बड़ी गलतफहमी में हैं कि उनके सड़क अतिक्रमण नहीं टूटेंगे। यदि अतिक्रमण कारी सोचते हैं कि ईओ पूजा शर्मा नालों को पानी निकासी अवरोध गंदगी को देख गई है नाले साफ हो जाएंगे और सड़कों तक किए अतिक्रमण बच जाएंगे तो वे गलतफहमी में हैं। उच्चाधिकारियों का कलेक्टर, संभागीय आयुक्त आदि का सख्त आदेश आया तो यह ईओ ही खड़े रहकर अपनी मौजूदगी में अतिक्रमण ध्वस्त कराएगी। जब ईओ नालों का निरीक्षण कर रही थी तब अतिक्रमण कारी राजनैतिक पदाधिकारी लोग साथ रहे।
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* करणीदानसिंह राजपूत *
भारतीय जनता पार्टी यानी एनडीए की सरकार का 33% महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका। संविधान संशोधन के लिए दो तिहाई मत चाहिए जो मिल नहीं पाए।
भारतीय जनता पार्टी का 33 प्रतिशत नारी आरक्षण का सोच पक्का है तो इसे अपनी पार्टी में
सर्वप्रथम लागू करके ऐतिहासिक शुरुआत करनी चाहिए। भाजपा का नारी सम्मान का इरादा पक्का है तो इसे अपनी पार्टी में सच्च बनाना चाहिए। बड़ी पार्टी शुरुआत कर देगी तो प्रतिपक्षी पार्टियों को अपनी अपनी पार्टियों में इसे लागू करना पड़ जाएगा। इस प्रक्रिया से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण की परंपरा बन जाएगी और संविधान में संशोधन की आवश्यकता भी नहीं होगी। नारी आरक्षण विधेयक पारित कराने का श्रेय भाजपा लेना चाहती थी वह नहीं मिला लेकिन सबसे पहले नारी आरक्षण लागू करने का श्रेय तो मिल ही जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। यदि इसके नेताओं का मन एकदम साफ है तो सबसे पहले 33% प्रतिशत नारी आरक्षण का कार्य अपनी पार्टी से शुरू करके देश में प्रेरणादायी बने और विश्व में इतिहास रचे।
राज्य विधानसभाओं,लोकसभा और राज्य राज्यसभा में और भारत सरकार के एवं राज्यों के मंत्रिमंडल में भाजपा पार्टी अपने में 33 प्रतिशत नारी आरक्षण को लागू करे जो भविष्य के लिए परंपरा बने।
भाजपा लोकसभा चुनाव सन् 2029 से पहले विभिन्न राज्यों में विधानसभाओं के चुनाव होंगे उनमें 33 प्रतिशत सीटें नारी सदस्यों के लिए आरक्षित कर सकती है। इससे भी पहले जो छोटे चुनाव हैं पंचायत के चुनाव नगर निकायों के चुनाव जहां भी होने वाले हैं उनमें 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दे। इस तरह से महिलाओं को आगे बढ़ाने का कार्य करे तो अन्य पार्टियों को ऐसा करने के लिए बाध्य होना पड़ जाएगा। जब यह 33 प्रतिशत सीटें नारी आरक्षण की परंपरा बन जाएगी तो संविधान संशोधन की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी की संसदीय कार्य समिति पार्टी का राजनीतिक संगठन इसमें कदम बढ़ाए तो भारतीय जनता पार्टी अपने आप में देश में प्रेरणादाई बनेगी विश्व मंच पर एक इतिहास बनाएगी। भारतीय जनता पार्टी में महिला संगठन इस कदम के लिए अपने-अपने क्षेत्र में आवाज़ उठाएं तो यह काम पार्टी के अंदर ही आसानी से हो सकेगा।०0०
सामयिक लेख. 18 अप्रैल 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 62 वर्ष,
(राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार)
मो.94143 81356.
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* करणीदानसिंह राजपूत *
भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार करने वालों पर खुला लिखने की अनेक की आदत है। उनकी कोशिश यही रहती है कि घटनाओं की फोटो लगाई जाए, तथ्य लगाए जाएं, तथ्य दिए जाएं,दस्तावेज भी हों उनका उल्लेख भी हो,और यह लगभग रिपोर्ट में होता है।
*नेता लोग जो अपनी-अपनी दुकानें चलाते हैं, वे भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर चुप रहते हैं। उनकी दुकान जिस तरीके से चले केवल उस एक सब्जेक्ट को अपनी जरूरत के हिसाब से लेते हैं। उसे जोड़ते हैं बाकी जनता का अहित होता रहे, भ्रष्टाचारी लोग जनता को लूटते रहें, उस विषय पर उन घटनाओं पर समाचारों पर नेता चुप रहते हैं।
किसी भी पार्टी का नेता हो नेतियां हों भ्रष्टाचार पर चुप ही रहते हैं।उनके रवैये से ऐसा महसूस होता है कि उनका गरीब और पीड़ित से कोई लेना-देना नहीं है। पीड़ित की सेवा करना, समाज सेवा करना जो कुछ कहते हैं वह केवल हवाई बातें हैं।
कोई ठोस कार्य किया हो भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाई हो तो नेताजी की डायरी पूरी तरह से खाली मिलती है। जनता की पीड़ाओं पर नेता और नेतियां किसी दफ्तर में साथ नहीं जाते,काम नहीं करवाते। उनके भरोसे पीड़ित गरीब चक्कर काट काट करके थक जाता है। नेताओं को गरीबों के मंच चाहिए। गरीब पीड़ाओं में जब मंच लगता है, धरना लगाता है,प्रदर्शन करता है तब अचानक कोई नेता और कोई नेता वहां जरूर पहुंच जाते हैं। अनेक धरना और प्रदर्शन तो ऐसे होते हैं जिनके विषय के बारे में नेता नेतियों को पूरा पता नहीं होता लेकिन वे वहां एक साथ अनेक भी पहुंच जाते हैं। विभिन्न पार्टियों के एक साथ पहुंच जाते हैं। जब सवाल आता है कि अगले दिन किसी दफ्तर में जाना है, किसी अधिकारी से मिलना है, किसी अधिकारी के भ्रष्टाचार पर उसको फटकारना है तो नेताओं का बहाना होता है कि उनका काम निकल आया और वे शहर से बाहर चले गए। गरीब के साथ लगभग ऐसा होता रहता है। गरीब पीड़ित के साथ दफ्तरों मैं बैठे अधिकारी कर्मचारी तो ठगी करते ही हैं लेकिन नेता नेतियां भी ठगी करते शर्म नहीं करते।
गरीब को लूटने वाले गरीब को ठगने वाले धोखा देने वाले भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध लिखना अनेक चाटुकारों को बुरा लगता है लेकिन आश्चर्य यह है कि उनको भ्रष्टाचार करना बुरा नहीं लगता और भ्रष्टाचारी भी बुरा नहीं लगता। अनेक मामलों में नेता नेतियां भ्रष्टाचारियों के साथ खड़े होकर फोटो खिंचवाने में अपने आप को आनंदित महसूस करते हैं।
* यह प्रमाणित मानकर चलना चाहिए कि राजस्थान में लगभग रोजाना ही कोई ना कोई भ्रष्टाचारी रंगे हाथों भ्रष्टाचार निरोधक टीम के द्वारा किसी न किसी जगह पकड़ा जाता है।
* भ्रष्टाचार का अंत निश्चित रूप से होता है। भ्रष्टाचारी के अंतिम दिन जो लगभग अधेड़ अवस्था या वृद्धावस्था में होते हैं वे दिन जेल के अंदर बीतते हैं और बहुत बुरे हालातो में बीतते हैं। अब जो भ्रष्टाचार कर रहे हैं। जनता को पीड़ित कर रहे हैं। वे चाहे स्त्री हों या पुरुष हों, किसी भी पद पर हों उनका अंत भी किसी न किसी दिन अवश्य आएगा। कभी ना कभी वे निश्चित रूप से गिरफ्तार होंगे, तब उनको रोना आएगा और उनके चाटुकार हैं वे एक भी उनके पास नहीं आएंगे।
भ्रष्टाचारी किसी भी पद पर हो आय से अधिक संपत्ति में पकड़ा जाता है। उसकी जांच होती है तो वर्षों का खाया पिया लूटा हुआ धन एकदम से उजागर हो जाता है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जांच में कभी कमी नहीं रखता। वह छुपाए हुए हर चल अचल संपत्ति को खोज ही लेता है। उसे जब्त कर लेता है। भ्रष्टाचारी अपने आप को बहुत शातिर समझते हैं, बुद्धिमान समझते हैं, भ्रष्टाचार में पैसे लेने के नए-नए तरीके आजमाते हैं,लेकिन फिर भी पकड़ लिए जाते हैं।
आज जो अपनी कुर्सियों पर बैठे भ्रष्टाचार करते हुए इतराते हैं। अपने जाति और वर्ग के कुछ लोगों का समर्थन देख इतराते हैं,उनका भविष्य भी बुरे दिनों की ओर बढ़ रहा है।०0०
18 अप्रैल 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 62 वां वर्ष,
स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार द्वारा अधिस्वीकृत आजीवन) सूरतगढ़.
94143 81356.
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* करणीदानसिंह राजपूत *
दूर की गिरफ्तारी पर खुश शहर के नागरिक मीडिया बुद्धिमान लेकिन अपने ही शहर में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर सभी चुप। बस, यह एक कारण यानि यह एक मृतजीवन ने शहर का बेड़ा गर्क कर दिया है। भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर नहीं बोलने,विरोध नहीं करने पर भ्रष्टाचार बढ रहा है और भ्रष्टाचारी अधिकारियों की मनमानी बढ रही है जिससे आम आदमी लुट रहा है। आम आदमी के काम रुक रहे हैं। आम आदमी की फाईलों को अधिकारी कर्मचारी दबा देते हैं और पूछने पर अनेक चक्कर काटने पर फाईल नहीं मिलने का जवाब मिलता है। बार बार चक्कर काटने पर कह दिया जाता है कि काम नहीं होगा। कोई नियम नहीं बताते कि क्यों नहीं होगा? बस नहीं होगा। जरूरतमंद पीड़ित भी कहाँ जाए? नेता नेतियां मरे हुए वे कभी साथ नहीं देते। गरीब का काम कराना हो तो वे दिन में दस बारह बार मर जाते हैं। नेता नेतियां काम कराने के लिए साथ नहीं जाते बल्कि फोन भी नहीं करते। मरे हुए हों तब फोन कैसे करें? युवाओं में जोश होता है और वे भ्रष्टाचारियों से भिड़ जाते हैं लेकिन इस शहर में युवाओं की हालत तो बुड्ढों से बदतर है। नेताओं नेतियों के कुछ रूप कागजी जोश के हैं। उनके जोश कागजी हैं तो उनके भाषण संघर्ष आदि भी कागजी ही हैं जिन पर पीड़ित भरोसा कैसे करे कि इनके कहने से कभी काम तो होगा नहीं। पीड़ित जरूरतमंद का तब एक बड़ा सहारा उसकी जेब ही होता है। आम आदमी के काम रिश्वत देने पर हो पाते हैं।
👍 मरे नेताओं नेतियों वाले शहर में कोई ऐसा भी होता है जो मरना नहीं चाहता। वह एसीबी की तरफ आगे बढता है तब कभी कभी एसीबी की कार्वाई और भ्रष्टाचारी की गिरफ्तारी की न्यूज बन जाती है। ऐसी न्यूज का इंतजार है। किसकी न्यूज बनेगी? हां,अपने शहर में बनेगी। ( अपने शहर का नाम सोच लें,भ्रष्टाचारी का नाम भी सोच लें)
17 अप्रैल 2026.
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* करणी प्रेस इंडिया * 16 अप्रैल 2026.
एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर एसीबी सवाई माधोपुर इकाई द्वारा कार्यवाही करते हुये काजल मीना उप खण्ड अधिकारी, उपखण्ड नादोती, रीडर दिनेश कुमार सैनी,प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक के मारफत रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
परिवादी से उसकी भूमि की तकाशनामें की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 60 हजार रू. की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार एसीबी चौकी सवाई माधोपुर को एक शिकायत इस आशय कि मिली कि परिवादी से उसकी भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में एसडीएम काजल मीना अपने रीडर दिनेश सैनी के मार्फत 50,000 रूपये रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है। परिवादी ने यह भी बताया पूर्व में एक लाख रूपये रिश्वत की मांग कर 50,000/- रूपये रिश्वत राशि लेने पर सहमत हुये। परिवादी द्वारा आज दिनांक 16.04.2026 को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया तो काजल मीना एसडीएम के रीडर द्वारा परिवादी की भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 50,000/- रूपये एसडीएम काजल मीना व 10,000/- रूपये स्वंय के लिये मांग की गई।
उक्त मांग के अनुसरण में रिश्वत राशि 60 हजार रूपये आज दिनांक 16.04.2026 को परिवादी से कार्यालय उपखण्ड अधिकारी नादोती में बुलाकर प्राप्त करना एवं रिश्वत राशि 60,000/- रूपये प्राप्त कर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को देकर रवाना करना एवं वक्त कार्यवाही आरोपी रीडर दिनेश सैनी रिश्वत राशि एसडीएम काजल मीना के लिये लेना बताने पर जरिये मोबाईल काजल मीना की रीडर दिनेश सैनी से वार्ता करवाई गई। रिश्वत राशि की सहमति देना एवं रीडर दिनेश सैनी से जरिये मोबाईल प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को जरिये मोबाईल सूचित कर रिश्वत राशि सहित कार्यालय में उपस्थित होने की कहने पर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक एसडीएम कार्यालय मय बैग के उपस्थित हुआ।
उक्त बैग में रिश्वत राशि 60,000 रुपये बरामद होना एवं उक्त बैग में संदिग्ध राशि 4 लाख रूपये बरामद होने पर उक्त सुश्री काजल मीना एसडीएम, दिनेश सैनी रीडर, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को रंगे हाथों पकड़ा गया।
एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में ज्ञान सिंह चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी सवाई माधोपुर द्वारा ट्रेप कार्यवाही करते हुये काजल मीना एसडीएम, दिनेश सैनी रीडर, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को परिवादी से 60 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथों डिटेन किया गया है व अन्य संदिग्ध राशि 4 लाख रूपये भी बरामद हुये है। उक्त संदिग्ध राशि के सम्बन्ध में भी पूछताछ जारी है।
ए.सी.बी. की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन एवं एस परिमला महानिरीक्षक पुलिस के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। ०0०
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 16 अप्रैल 2026.
अरोड़वंश कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक भाटिया और कार्यकारिणी पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए रजिस्ट्रार संस्थाएं श्रीगंगानगर को शिकायत की गई है। समिति के आजीवन सदस्य दर्शन चुघ ने शिकायत में लिखा है कि दीपक भाटिया अध्यक्ष व कार्यकारिणी का कार्यकाल सन् 2023 तक था जो खत्म हो चुका है। दीपक भाटिया और कार्यकारिणी सदस्य अपने पदों का व धन संपदा का दुरूपयोग कर रहे हैं। समिति के आय व्यय का विवरण सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर रहे और रजिस्ट्रार संस्थाएं को भी प्रस्तुत नहीं किया है।
* रजिस्ट्रार संस्थाएं को की गई शिकायत में वित्तीय लेनदेन की जांच करने की मांग है।
* दर्शन चुघ ने नये चुनाव कराने की मांग की है। यह मांग भी है कि नये चुनाव होने तक समिति पर प्रशासक नियुक्त किया जाए। दर्शन चुघ ने स्वयं उपस्थित होकर लिखित में शिकायत की है।
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* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 15 अप्रैल 2026.
आगामी परिसीमन में सूरतगढ़ सीट महिला आरक्षित हुई तो भाजपा से टिकट मिलने की संभावनाओं में जिनके नाम किसी न किसी तरह से आगे आते हैं उनमें पूजा छाबड़ा और बिरमादेवी नायक अभी पहले क्रम पर नजर आ रही हैं।
* अनुसूचित जाति महिला के लिए सीट आरक्षित हुई तो बिरमादेवी अधिक चर्चा में है। बिरमा पंचायत समिति के प्रधान पद पर रह चुकी हैं। बिरमादेवी का कार्यकाल बिना किसी विवाद परेशानियों के अच्छा रहा था। सन् 2014 से प्रधान पद का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी बिरमा पार्टी के कार्यक्रमों में सर्वाधिक लगभग हर कार्यक्रम में उपस्थित देखी गई हैं। इसके अलावा सामाजिक कार्यक्रमों में उपस्थिति होने से लोकप्रिय है। माना जाता है कि बिरमादेवी का ग्रामीण जनसंपर्क सबसे अधिक है।
* ओबीसी महिला के लिए सीट आरक्षित हुई तो प्रसिद्ध नामों में पूजा छाबड़ा है जो पैदायशी सिंधी हैं,मगर पूजा सामान्य में अधिक चर्चित है और टिकट का दावा सामान्य में अवश्य करेगी। यहां ओबीसी में एकदम नया चेहरा हो सकता है। जाट और कुम्हार लीडर किसी भी परिवारों में टिकट मांगेंगे।
* महिला सामान्य हुई तब जिनके नाम चर्चा में आते हैं उनमें पूजा छाबड़ा, काजल छाबड़ा और आरती शर्मा हैं। काजल छाबड़ा और आरती शर्मा नगरपालिका सूरतगढ़ की अध्यक्ष रह चुकी हैं। मगर पूजा सामान्य में अधिक चर्चित है और टिकट का दावा सामान्य में अवश्य करेगी।
* विधानसभा सीट के लिए पुरूषों में अभी पूरी तैयारियों में सबसे आगे संदीप कासनिया है जो शहर और ग्रामों के आम कार्यक्रमों में सबसे अधिक उपस्थिति में आते हैं। विभिन्न कार्यक्रमों में सबसे अधिक संबोधन संदीप कासनिया के हैं। शांत तैयारियों में ओमप्रकाश कालवा भी हैं जो अपने वर्ग को मजबूत बनाने में जुटे हैं ताकि उनका बड़ा सहयोग मिले। कालवा को अभी तो रामप्रताप कासनिया के नजदीक माना जाता है और उनके साथ ही कार्यक्रमों में उपस्थित होते हैं। आगे कौन कहां अधिक चर्चा में रहते हैं यह आगे विभिन्न परिस्थितियों में कुछ भी हो सकता है।
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