करणी प्रेस इंडिया

बुधवार, 20 मई 2026

प्रशासन में यह मनमर्जी नहीं चल सकती.सूरतगढ़ का क्या होगा बरसात में?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 20 मई 2026.

प्रशासन में अधिकारियों की मनमर्जी नहीं चल सकती। अधिकारी न मनमर्जी से  काम निपटा सकते हैं न महीनों तक पेंडिंग रख सकते हैं और न डस्टबिन में डाल सकते हैं। नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली में यह सब किया जा रहा है। यहां दो अधिकारी हैं। अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा और प्रशासक उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा हैं। 

* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान यहां दम तोड़ गया क्योंकि यहां दोनों अधिकारी सरकार के निर्देशों का सही सही पालन नहीं कर रहे। सड़कें नाले नालियां एक दम साफ होने चाहिए यह मुख्य माणक है लेकिन यहां तो बार बार की मांग,प्रदर्शन,ज्ञापन के बाद भी महीने निकल गये। दोनों अधिकारियों ने निरीक्षण नहीं किये। पिछले वर्ष 2025 में आई विपदाओं से और  नालों में गिरने से हुई मानव मौतों से ही सीख ले लेनी थी। यह सीख भाजपा नेता नेतियों को तो जरूर लेनी चाहिए थी कि इनकी लापरवाही अनदेखी से अधिकारी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे और मोदी जी का स्वच्छ भारत अभियान फेल हो रहा है। शहर की हर वार्ड की सड़कें गलियां और कीचड़ भरे नाले नालियां गवाह हैं। जीवित आदमी, नेता,मीडिया झूठ बोल सकता है लिख सकता है अपना मुंह बंद रख सकता है लेकिन निर्जीव सड़कें और नाले नालियां तो सच्च प्रदर्शन करते हैं।

* आवासन मंडल पुरानी कालोनी के सड़कों के अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए और उसके बावजूद ईओ पूजा शर्मा ने हटाने की कार्वाई नहीं की। पिछले वर्ष बरसात में आवासन मंडल के अनेक आवासों में पानी भर गया था और सड़कें काफी दिन डूबी रही थी। इसबार सड़कों के अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर फिर बुरी हालत होगी। इनमें वे लोग भी परेशान होते हैं जिनके सड़कों पर अतिक्रमण नहीं हैं।

* गौरव पथ बीकानेर रोड के दोनों ओर के नालों पर से न अतिक्रमण हटाए न उनकी सफाई हुई। बीकानेर रोड के नालों की सफाई कराने की मांगें अनेक बार हुई। मुख्यमंत्री तक हुई और ईओ ने जिद्द पकड़ ली है कि नालों की मांग होती है वे सफाई करनी नहीं है। बाजारों के सभी नाले कचरे से भरे पड़े हैं। मोहल्लों में भी नाले जाम हैं। ईओ की मुख्य ड्युटी है जिसका वे पालन नहीं कर रही। नगरपालिका के प्रशासक उपखंड अधिकारी भरत जय प्रकाश मीणा को भी निरीक्षण करना चाहिए लेकिन वे भी पीएम के स्वच्छ भारत अभियान को सफल करने में एक्टिव नजर नहीं आते। उनको जितने भी ज्ञापन लोगों ने पार्टियों ने दिए उन पर कोई कार्वाई नहीं हुई। नगरपालिका ईओ कार्वाई नहीं कर रही है तो एक्शन ले सकते हैं और जिलाकलेक्टर को भी संपूर्ण रिपोर्ट कर सकते हैं। ईओ के विरूद्ध कोई भी एक्शन लेने में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को हिचक क्यों है? इन दोनों अधिकारियों की अनदेखी और बड़ी लापरवाही से बरसात में सूरतगढ़ का क्या होगा? यह भाजपा को जानने की फुरसत नहीं है लेकिन लोगों को आने वाली आफत से अपने घर दुकानों के बारे में सोचना चाहिए। यदि जानलेवा दुर्घटनाएं हो गई तब क्या होगा और प्रशासक व ईओ कितने जिम्मेदार होंगे?०0०








ऋषभ जाजू को मिला सम्मान.“वैश्य आइकॉन ऑफ इल्यूजन एंड हिप्नोसिस” सम्मान.

 

* करणीदानसिंह. राजपूत *
श्रीगंगानगर,20 मई 2026.
अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन  द्वारा  आयोजित संगीतमयी कार्यक्रम “दिल ने फिर याद किया” में युवा कलाकार ऋषभ जाजू ने अपनी अद्भुत सम्मोहन एवं इल्यूजन कला से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। ऋषभ जाजू ने उपस्थित लोगों के मन की भावनाओं को समझकर उन्हें मंच पर प्रस्तुत किया।इससे दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। उनकी अद्भुत हिप्नोसिस एवं इल्यूजन कला ने पूरे हॉल को रोमांच और कौतूहल से भर दिया।



 इस विलक्षण प्रतिभा के धनी ऋषभ को  विशिष्ट अतिथि प्रवीणकुमार, अजय गुप्ता, संदीप सेठी, जिलाध्यक्ष विमल बिहाणी, कार्यक्रम संयोजक आचार्य विशाल सिंगला एवं प्रसिद्ध उद्योगपति सतीश अग्रवाल ने उनको वैश्य आइकॉन ऑफ इल्यूजन एंड हिप्नोसिस” सम्मान दिया गया। ऋषभ जाजू  उद्योगपति मनोज जाजू एवं स्वाति जाजू के पुत्र हैं। ऋषभ जाजू हाल ही में लंदन से शिक्षा प्राप्त कर लौटे हैं और अपनी अनूठी कला एवं प्रतिभा के माध्यम से लगातार नई पहचान बना रहे हैं। ०0०









मंगलवार, 19 मई 2026

ओमप्रकाश कालवा व विद्या कालवा द्वारा उप जिला चिकित्सालय में इन्वर्टर भेंट.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 19 मई 2026. नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष भाजपा नेता ओमप्रकाश कालवा एवं पत्नी विद्या कालवा ने आज उपजिला चिकित्सालय के जच्चा बच्चा वार्ड में एक विद्युत इन्वर्टर का उद्घाटन किया। कालवा ने कहा कि अपने स्व.पिता जोधाराम कालवा की स्मृति में यह इन्वर्टर भेंट किया है। इस अवसर पर चिकित्सालय प्रभारी डा. नीरज सुखीजा व डा. भारतभूषण और स्टाफ उपस्थित रहे। डा. सुखीजा ने कहा कि भयानक गर्मी में विद्युत के अचानक कट पर इन्वर्टर से  रोगियों खासकर बच्चों को लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि विद्युत कट के समय पर जैनरेटर चलाने में कुछ मिनट लग जाते थे और यहां वार्ड में शिशु बहुत परेशान होते थे, अब बिजली जाते ही तुरंत इन्वर्टर से पंखे चल पड़ेंगे।  इन्वर्टर उद्घाटन के पश्चात विद्या कालवा ने चिकित्सा लाभ ले रही महिलाओं से भेंट कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। ओमप्रकाश कालवा ने बताया कि यहां आने वाले रोगियों के परिजनों के बैठने के लिए कुछ बैंचे शीघ्र ही भेंट करेंगे।०0० 












सोमवार, 18 मई 2026

नगरपालिका ईओ पूजा शर्मा की लापरवाही से जनगणना शुरू नहीं हुई.गंभीर गड़बड़ी के संकेत.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 18 मई 2026.राष्ट्रीय जनगणना का 16 मई 2026 से शुरू हो जाने वाला कार्य यहां नगरपालिका अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की 

ड्युटी के प्रति घोर लापरवाही से शुरू नहीं हो पाया। मामला गंभीर लापरवाही का है जिसकी जांच से मालुम होगा कि ईओ पूजा शर्मा ने निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया। आरोप यह है कि पूजा शर्मा का खास संरक्षण में माने जाने वाले संविदा पर कार्यरत कम्प्यूटर आपरेटर संदीप गिल ने बड़ी गड़बडियां की। ईओ पूजा शर्मा ने घोर लापरवाही पर भी संदीप गिल को कुछ नहीं कहा। जनगणना में लगे प्रगणक व सुपरवाइजर जिनको प्रशिक्षण दिया गया उनमें से अनेक को नगरपालिका कम्प्यूटर से ड्युटी नहीं सौंपी गई और उनके नाम सूची में शामिल नहीं किए गए। यह गंभीर गड़बड़ी किसी दबाव से की गई या इसमें भ्रष्टाचार हुआ? यह मामला गंभीर और जिला स्तरीय अधिकारी की जांच से ही खुलेगा। नगरपालिका की ईओ स्तर से हुई गड़बड़ी उपखंड अधिकारी के सामने आज आई जब प्रगणक व सुपरवाईजरों ने शिकायत की । उपखंड अधिकारी भरत जयप्रकाश मीणा ने शिकायत मिलने पर तुरंत ही अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा और कम्प्यूटर आपरेटर संदीप गिल को अपने दफ्तर में बुलाया। प्रगणक और सुपरवाइजर उस समय मौजूद थे। आश्चर्य जनक शिकायत थी कि नगरपालिका की ओर से सामग्री, नक्शे आदि कुछ भी उपलब्ध नहीं कराया गया था। सभी सामग्री पहले उपलब्ध कराई जाती तब 16 मई 2026 से जनगणना कार्य सही दिन से शुरू हो जाता लेकिन 18 म ई तक तो आवश्यक सामग्री ही उपलब्ध नहीं कराई गई

जनगणना के लिए कुल 122 ब्लॉकों में 122 प्रगणकों की नियुक्ति की जानी थी, 

लेकिन यह प्रक्रिया भी अब तक पूर्ण नहीं हो सकी, लगातार ड्यूटी में बदलाव किए जाने से कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ गई,

स्थिति यह भी है कि प्रगणकों और सुपरवाइजरों को अब तक पूर्ण सामग्री, आवश्यक दस्तावेज और नजरिया नक्शे तक उपलब्ध नहीं करवाए गए, ऐसे में समय पर और सुचारू रूप से जनगणना कार्य पूरा होना बड़ा सवाल बन गया है। संविदा कर्मी कम्प्यूटर आपरेटर के विरूद्ध पहले भी शिकायतें हुई हैं लेकिन ईओ पूजा शर्मा ने उसे काम से हटाया नहीं और अब यह राष्ट्रीय कार्य प्रभावित हुआ। 👍 फिलहाल उपखंड अधिकारी ने ईओ पूजा शर्मा और कम्प्यूटर आपरेटर को शीघ्रता से कार्य करने का निर्देश दिया है। उपखंड अधिकारी के समक्ष आज दोनों गैरजिम्मेदाराना ड्युटी की वजह से दोषियों के रूप में उपस्थित थे।

आरोप है कि उक्त कम्युटर आपरेटर की कमाई कहां से व रूपये खर्च कहां से आते हैं कि यह अपने घर डबलीराठान कार से आताजाता है। इसके दफ्तर आने का समय 11 बजे और गुरुवार को यह दोपहर को दफ्तर से चला जाता है। यह आपरेटर ईओ पूजा शर्मा की शह पर संपर्क पोर्टल पर आने वाले परिवादों के निस्तारण की झूठी रिपोर्ट तक अपलोड कर देता है। डिजिटल हस्ताक्षर ईओ पूजा शर्मा के लगाने का मतलब यही निकलता है कि ईओ की शह पर यह होता है। मुख्यमंत्री कार्यालय तक को झूठी रिपोर्ट देने का आरोप है और वह मामला उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा को लिखित में दिया गया। पूर्व पार्षदों हरीश दाधीच और राजीव चौहान ने भी उक्त कम्युटर आपरेटर पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक शिकायत अतिरिक्त जिला कलेक्टर सूरतगढ़ को की हुई है। * मामला जांच का है और संविदा कर्मी कम्युटर आपरेटर रणदीप गिल उर्फ संदीप गिल को कार्यमुक्त कर नौकरी से हटाया जा सकता है और ईओ पूजा शर्मा के विरूद्ध भी शासकीय एक्शन लिया जा सकता है।०0०








ईओ पूजा शर्मा निवास का अतिक्रमण. सूरतगढ़ एसडीएम तुड़वाए.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 18 मई 2026.

नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने अभी कुछ दिन अतिक्रमण हटाने तोड़ने का कार्यक्रम चलाया। लाऊडस्पीकर से लोगों को सूचना दी गई कि जिलाकलेक्टर महोदय के आदेश से यह किया। इस कार्यक्रम में शहर के अनेक अतिक्रमण हटाए जुर्माना भी लगाया मगर ईओ पूजा शर्मा के निवास के आगे गली में किया खुद परिवार का अतिक्रमण नहीं हटाया। यह अतिक्रमण आज भी मौजूद है।यह घोर निंदनीय है कि करीब एक साल पहले ईओ ने अपने निवास की गली के दूसरे लोगों के स्लोप तुड़वाए ताकि ईओ की कार आ जा सके। लोगों ने एतराज किया तो उनको धमकियां दिलवा दी कि बोले तो छज्जे भी तुड़वा दिए जाएंगे। 

 जिलाकलेक्टर के आदेश से अतिक्रमण हटाने सफाई करने का कार्य था तो शहर के अनेक सड़कों के अतिक्रमण क्यों नहीं हटाए गये। 

* बीकानेर रोड ,रेलवे रोड,के नालों के अतिक्रमण नहीं हटाए न नाले साफ किये। ईओ पर घोटालों के अनेक आरोप हैं।

* आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमण नहीं हटाए गए जिनको नोटिस भी दिए गए थे। आवासन मंडल कालोनी के 58 मकान मालिकों को 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए जिनमें 3 दिन में अपने अपने अतिक्रमण हटा लेने व बाद में नगरपालिका द्वारा हटा दिए जाने की चेतावनी थी।

ईओ पूजा शर्मा ने चेतावनी अवधि बीतने जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए। सवा महीने से अधिक बीत गया। उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा नगरपालिका के प्रशासक हैं उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में सफाई और सड़कें साफ होने व अतिक्रमण हटाने पर स्वयं निरीक्षण कर कार्वाई करानी चाहिए। प्रशासनिक दायित्व भी है।



👍ईओ पूजा शर्मा के निवास के आगे के अतिक्रमण बाबत मुख्यमंत्री को शिकायत हुई है जो नगरपालिका में पूजा शर्मा के पास ही काफी दिनों से पेंडिंग पड़ी है। समय अवधि में इसका निस्तारण नहीं होने पर यह शिकायत उपनिदेशक, स्वायत्त शासन विभाग बीकानेर को गई। उपनिदेशक ने इसको निस्तारण करने का आदेश देकर ईओ नगरपालिका सूरतगढ़ को वापस भेज दिया। अब प्रशासन उपखंड अधिकारी का पूर्ण दायित्व है कि यह अतिक्रमण अपनी देखरेख में तुड़वाए। उपखंड अधिकारी शायद नोडल अधिकारी भी हैं और उनकी हरतरह से जनता के हित की ड्युटी है।०0०

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रविवार, 17 मई 2026

सूरतगढ़ में स्वच्छ भारत अभियान में बाधा क्यों? क्या कासनिया ने सभी की ताकत छीन ली?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 17 मई 2026.

सूरतगढ़ में स्वच्छ भारत अभियान में बाधा क्यों हैं? बरसात से पहले करो कराओ जो शहर को बचाए।

रेलवे रोड, गौरव पथ के और निकासी के नाले साफ क्यों नहीं किए जाते?

आवासन मंडल सड़क अतिक्रमण क्यों नहीं हटते?

ईओ पूजा के निवास का सड़क अतिक्रमण क्यों है? 

          * भाजपा वाले उत्तर दें.*

नगर अध्यक्ष गौरव बलाना एवं कार्यकारिणी, जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, स्थानीय जिला पदाधिकारी,पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया,पूर्व विधायक अशोक नागपाल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष आरती शर्मा,पूर्व नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा और महामंत्री लालचंद शर्मा व कार्यकारिणी।

👍 स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संपूर्ण भारत में एक निर्देश है और राजस्थान में भाजपा सरकार का प्रशासन का आदेश है।

भाजपा के ये नेता नेतियां बताएं कि यह मिशन आपने सभी ने फेल क्यों कर रखा है? इस मिशन में सड़कें नाले नालियां एकदम साफ होने चाहिए फिर सूरतगढ़ में सभी मोहल्लों में भी हालात बिगड़े हुए क्यों हैं?

यहां न कांग्रेस का राहुल है, न टीएमसी की ममता बनर्जी है, न आप के अरविंद केजरीवाल है। यहां बाधा कौन डाल रहा है?

 सारे शहर में घूम कर देखलो कि नगरपालिका प्रशासन ने शहर का सत्यानाश कर दिया है। अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा एक की जिम्मेदारी है। ईओ पूजा शर्मा, कम्प्यूटर आपरेटर  दोनों मिल कर स्वच्छ भारत अभियान की मांग,परिवाद पर निस्तारण का झूठा जवाब दे देते हैं। एक ईओ काम नहीं करे और भाजपा के सभी नेता मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान को फेल होता देखते रहें। ईओ का ट्रांसफर नहीं हालात और भ्रष्टाचार आरोपों पर जवादेह जांच के लिए सस्पेंड करवाएं।

 👍 पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया ईओ पूजा शर्मा को हटवाना न चाहे लेकिन बाकी सभी मोदी अभियान पर ईओ के विरुद्ध कार्वाई कराएं। केवल कासनिया होने नहीं देता की चर्चा से तो बात नहीं बनती। सभी में कुछ ताकत है या सभी ताकत  हीन है। क्या कासनिया ने सभी की पावर भी छीन ली है?

 कोई एक भी मुंह खोलना बोलना शिकायत करना चाहता है तो आगे आकर जिलाकलेक्टर, मुख्यमंत्री को सब सच्च सच्च लिखे और जनता को भी बताए। 

👍 शहर को साफ सुथरा देखने और रखने का दायित्व कांग्रेस का भी है। विधायक डुंगरराम गेदर और सूरतगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया और नेता पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु भी शहर का भ्रमण कर देखलें उसके बाद निकम्मे प्रशासन को हटवाएं। केवल धरना आंदोलन आदि की कागजी चेतावनी से कुछ नहीं होने वाला। ये चेतावनियां पांच दस दिन बाद झूठी साबित हो जाती है।

👍 वे जो आगे नगरपालिका चुनाव लड़ना चाहते हैं उनमें जो जांबाज है शहर को साफ सुथरा भ्रष्टाचार मुक्त बनाना चाहते हैं वे भी अभियान चलाएं।

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एडवोकेट गोपाल बोस राज.उच्च न्यायालय में भारत सरकार की पैरवी करेंगे. सूरतगढ़ से लिंक.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 17 मई 2026.

भारत सरकार की ओर से राजस्थान उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ में पैरवी करने के लिए एडवोकेट्स का पैनल घोषित हुआ है जिसमें उच्च न्यायालय के वरिष्ठ एडवोकेट गोपाल बोस भी शामिल किए गए हैं। भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय की ओर से यह आदेश 12 मई 2026 को जारी हुआ।

गोपाल बोस यहां के निवृत नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के दामाद हैं। गोपाल बोस जोधपुर में निवास करते हैं।

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शनिवार, 16 मई 2026

हर्ष कॉन्वेंट स्कूल,सूरतगढ़.सीबीएसई 12वीं में सफलता के आकाश पर.समीक्षा रिपोर्ट.

 




​* करणीदानसिंह राजपूत *


* निष्ठा 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ बनीं टॉपर

​17 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक किये प्राप्त वहीं 53 विद्यार्थियों ने 80% से अधिक अंक पाकर रचा इतिहास।

*​राजनीति विज्ञान और भूगोल में विद्यार्थियों ने बनाया 'शतक' *


​सूरतगढ । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  द्वारा कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही हर्ष कॉन्वेंट स्कूल परिसर उत्सव में सराबोर हो गया। 

विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी मेधा और कठिन परिश्रम के दम पर आकाश को स्पर्श किया।


*​शानदार आंकड़े: मेधावियों की लगी कतार*


निष्ठा: 98.2% अंकों के साथ प्रथम स्थान पर

​प्राची: 97.2% अंकों के साथ द्वितीय स्थान पर 

​काजल: 96.6% अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रही ।

​वहीं जान्हवी शर्मा और नंदिनी सारस्वत ने राजनीति विज्ञान  में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर वहीं,यशोदा ने भूगोल विषय में शत-प्रतिशत अंक हासिल कर विषय पर अपनी पकड़ को साबित किया।

* विद्यालय के कुल 17 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वहीं, 54 विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त कर विद्यालय की औसत सफलता दर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है।


​प्रबंधन और शिक्षकों का *अनुशासन ही सफलता की नींव*

​विद्यालय की इस अभूतपूर्व सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निदेशक अनिल धानुका ने कहा की

​आज हमारे विद्यार्थियों ने जो मुकाम हासिल किया है, वह रातों-रात नहीं मिला। यह वर्षों के अनुशासन और संयम का परिणाम है। हर्ष कॉन्वेंट में हम केवल किताबी ज्ञान पर जोर नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अनुशासन का अर्थ केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि अपने लक्ष्यों के प्रति ईमानदार होना है। हमारे शिक्षकों और छात्रों के बीच जो जीवंत संवाद है, वही हमारी असली ताकत है।

*​टीम वर्क से मिलती है सफलता*

​प्रधानाचार्य डॉ. एपी सिंह ने इस उपलब्धि को एक सामूहिक जीत करार दिया। उन्होंने कहा:

​यह सफलता हमारे टीम वर्क का जीवंत उदाहरण है। जब शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक एक ही दिशा में प्रयास करते हैं, तो परिणाम ऐसे ही सुखद होते हैं। हमने सत्र की शुरुआत से ही कमजोर और मेधावी दोनों वर्गों के छात्रों के लिए अलग-अलग रणनीतियां बनाई थीं। नियमित काउंसिलिंग और छात्रों के साथ निरंतर संवाद ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। मैं उन सभी शिक्षकों को बधाई देता हूँ जिन्होंने दिन-रात एक कर बच्चों के भविष्य को संवारा है।






*​सफलता की त्रिमूर्ति: आईएएस बनने का है सपना*

​विद्यालय की तीनों शीर्ष मेधावियों—निष्ठा, प्राची और काजल—का लक्ष्य साझा है। तीनों देश की सेवा के लिए आईएएस (IAS) अधिकारी बनना चाहती हैं।

*​मोबाइल से दूरी और निरंतरता:-निष्ठा*

​अपनी सफलता साझा करते हुए निष्ठा ने कहा:

​"मेरी सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं था। मैंने प्रतिदिन 6 से 8 घंटे गहन अध्ययन किया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मैंने सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। बार-बार रिवीजन करना और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना मेरे लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। माता-पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। गौरतलब है कि निष्ठा गांव रामपुरा की रहने वाली है और बिना किसी ट्यूशन के स्कूल में करवाई गई पढ़ाई को बार-बार रिवीजन कर सफलता प्राप्त की 

*​मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता:-प्राची*

​प्राची ने अपनी तैयारी के बारे में बताया कि 

​पढ़ाई के साथ-साथ खुद को शांत रखना बहुत जरूरी है। मैंने अपनी दिनचर्या में योगा और मॉर्निंग वॉक को अनिवार्य रूप से शामिल किया। इससे एकाग्रता बढ़ती है। जब भी मुझे तनाव महसूस होता, मैं अपने शिक्षकों से बात करती। उन्होंने मुझे हमेशा प्रेरित किया कि अंकों के पीछे मत भागो, केवल विषय को समझने पर ध्यान दो।

​रिवीजन ही सफलता की कुंजी:-काजल

​काजल ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा

​मेरा मानना है कि आप कितना पढ़ते हैं, उससे ज्यादा जरूरी है कि आप कितना याद रख पाते हैं। मैंने अपने नोट्स खुद तैयार किए और गुरुजनों द्वारा बताए गए हर छोटे निर्देश का पालन किया। मेरा लक्ष्य शुरू से स्पष्ट था, और आज की सफलता ने मेरे आईएएस बनने के संकल्प को और भी मजबूत कर दिया है।"

*​शुभकामनाओं का तांता*

​इस अवसर पर निदेशक राकेश धानुका ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं का यह संगम हर्ष कॉन्वेंट को विशिष्ट बनाता है। उप प्राचार्य नरेश कश्यप ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह परिणाम हमारी शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है।

*​विद्यालय में जश्न का माहौल*

​जैसे ही परिणाम पोर्टल पर अपडेट हुए, स्कूल में मिठाई बाँटने और ढोल-नगाड़ों का दौर शुरू हो गया। टॉपर विद्यार्थियों को फूल-मालाओं से लाद दिया गया। अभिभावकों की आँखों में खुशी के आँसू थे और शिक्षकों के चेहरों पर संतोष। हर्ष कॉन्वेंट स्कूल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो और मार्गदर्शन सही हो तो सफलता निश्चित मिलती है।




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सूरतगढ़:श्री गौशाला में अध्यक्ष की चौधर.चुनाव की मांग उठने लगी.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 16 मई 2026. सूरतगढ़ इलाके की सबसे पुरानी श्रीगौशाला में इस बार दो वर्षीय कार्यकाल के लिए अध्यक्ष पद के चुनाव नहीं कराए गए। मार्च माह में चुनाव होने थे लेकिन वर्तमान अध्यक्ष सुशील कुमार धानुका ने अपनी मनमानी सभी पर थोप दी जिससे गौ भक्तों, दानदाताओं और व्यापार मंडल के लोगों में नाराजगी हो रही है।

* सुशील धानुका दो बार लगातार अध्यक्ष बन चुके हैं। इस बार मार्च माह में चुनाव कराने थे जिसकी जिम्मेदारी सुशील धानुका की थी लेकिन वे अपनी चौधर ही चलाना चाहते हैं। संपूर्ण व्यवस्था भी सहमति से नहीं अपनी मर्जी से चलाते हैं। 

* अकेले अध्यक्ष की मनमर्जी से आगे गौशाला को चंदा,लागा और सामग्री कैसे मिल पाएगी? शिकायतें हुई तो सरकारी अनुदान आदि पर भी असर पड़ सकता है। अभी तो लोगों की चुनाव कराने की मांग उठ रही है।०0०







शुक्रवार, 15 मई 2026

सूरतगढ़.शराबबंदी की चर्चा भी खत्म हुई.लोग पूजा छाबड़ा को भूलने लगे.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 15 मई 2026.

 गुरूशरण छाबड़ा ने राजस्थान में संपूर्ण शराबबंदी की मांग के लिए प्राण त्याग दिए लेकिन उनके कर्म क्षेत्र सूरतगढ़ में अब शराबबंदी की चर्चा भी नहीं है। सन् 2023 की शुरुआत से शराबबंदी की चर्चा खत्म होने लगी और अब पूर्ण शून्य हो चुकी है।

 गुरूशरण छाबड़ा सन् 1977 में सूरतगढ़ से विधायक चुने गये थे और ईमानदारी व सही निर्णय करने के मामलों में लोकप्रिय रहे। उनके नाम से सूरतगढ़ में एक राजकीय महाविद्यालय और एक राजकीय माध्यमिक विद्यालय चल रहे हैं। उनकी प्रतिमा राजकीय उप जिला चिकित्सालय के पास लगी है जहां उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर अब गिनती के लोग एकत्रित होते हैं। वहां शराबबंदी मांग में प्राण त्याग करने के वक्तव्य होते हैं जो कार्यक्रम समाप्ति के बाद आगे याद भी नहीं किए जाते। शराबबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरूशरण छाबड़ा की पुत्रवधु पूजा छाबड़ा ने यहां शराबबंदी कार्यक्रम शुरू किए थे लेकिन लोकसभा  चुनाव सन् 2024 से पहले वे भारतीय जनता पार्टी की सदस्य बन गई। इन पर कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी होने की छाप लगी हुई है। सन् 2023 में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले लोग मानने लगे थे कि पूजा छाबड़ा  भाजपा या कांग्रेस की टिकट ला सकती है लेकिन किसी भी पार्टी से ऐसा नहीं हुआ। कुछ लोगों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू की लेकिन उसमें तो बहुत ताकत की जरूरत होती। जब राजनीति में विधानसभा चुनाव लड़ने की सोच शुरू हुई तब शराबबंदी कार्यक्रम यहां खत्म हो गये। भाजपा में सदस्यता लेने के बाद स्वतंत्र अस्तित्व नहीं रहता। पूजा छाबड़ा के शराबबंदी कार्यक्रम पहले ही बंद हो गये थे। अब तीन साल से  सूरतगढ़ में शराबबंदी कार्यक्रम नहीं हुए। लोगों को  जोड़े रखने के लिए लगातार कार्यक्रम हों लेकिन वह स्थिति नहीं रही। पूजा छाबड़ा का जयपुर में अधिक और सूरतगढ़ में यदाकदा रहने से भी लोगों का जुड़ाव खत्म होता गया। अरोड़ वंश समुदाय में पूजा छाबड़ा को कुछ माना जाने लगा और  लोग भावी विधायक की तस्वीर देखने लगे। अब ऐसी स्थिति नहीं है। भाजपा में प्रवेश से पहले निश्चय ही पूजा छाबड़ा को बड़ा माना जाता था लेकिन अब भाजपा में सबसे नीचे के स्तर नगरमंडल में सदस्य हैं। इस स्तर से ऊंची उड़ान में किसी राजनैतिक पद के मिलने की भी चर्चा नहीं हो रही। पूजा छाबड़ा के भाजपा में सदस्य बनने के बाद शराबबंदी कार्यक्रम यहां खत्म हो गये। राजस्थान की भाजपा सरकार शराब को बंद करने की नीति वाली नहीं है।शायद इस कारण से  पूजा छाबड़ा भी शराबबंदी कार्यक्रम नहीं कर रही। पूजा के जयपुर में अधिक रहने से सूरतगढ़ भाजपा में पूजा छाबड़ा से अधिक ताकतवर चेहरे दिखाई देने लगे हैं जिनमें कुछ बीसियों सालों से है। अरोड़वंश समुदाय में जो ताकत बनी थी वह भी सूरतगढ़ में कम रहने से कम हुई है। पूर्व विधायक अशोक नागपाल के साथ पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष काजल छाबड़ा राजनैतिक रूप में अरोड़ा समुदाय में ताकतवर थे। अब एकदम से ऊंचाई पर सुनील कुमार छाबड़ा भी आ गये। सुनील छाबड़ा पश्चिम बंगाल चुनाव में एक माह तक भवानीपुर सीट पर काम करने और खतरनाक क्षेत्रों में भाजपा का संपर्क अभियान चलाने वाले रहे। भवानीपुर सीट पर टीएमसी की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पराजय और वहां से जीतने वाले सुधेंदु का मुख्यमंत्री बनने से सुनील छाबड़ा भाजपा में और अरोड़वंश समुदाय में ताकत बन गये। सुनील छाबड़ा और उनकी पत्नी काजल छाबड़ा भाजपा में व अरोड़ा समुदाय में लोकप्रिय हैं। राजनैतिक हालात सूरतगढ़ में तेजी से बदल गए हैं। इन बदले हालात के हिसाब से ही लोग चलेंगे यह एक प्रचलित नियम है। सूरतगढ़ में नयी परिस्थितियां बन गई हैं। भाजपा के राज में सूरतगढ़ में अब लोग कुछ नया चाहते हैं जिसमें शराबबंदी नहीं है।

पूजा छाबड़ा की राजनीतिक दौड़़ में शराबबंदी कार्यक्रम बंद हुए और अब कहीं चर्चा भी नहीं है।०0०









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