करणी प्रेस इंडिया
गुरुवार, 11 जून 2026
सूरतगढ़: उप जिला चिकित्सालय में अव्यवस्था. सीएमओ में शिकायत दर्ज.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 11 जून 2026.
स्थानीय उप जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं से लोगों को हो रही परेशानियों की सीएमओ में की गई एक शिकायत आज रजिस्टर में दर्ज हुई है। चिकित्सालय में डाकटरों के साप्ताहिक अवकाश रोटेशन से बदलाव सहित तुरंत लागू करने,समस्त उपकरण चालू रहने और ट्रोमा सेंटर में हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की स्थाई नियुक्ति किए जाने की मांग है। चिकित्सालय में हड्डी रोग विशेषज्ञ डाक्टर की सेवा और साप्ताहिक अवकाश आदि को लेकर नागरिक संघर्ष कर रहे हैं। ०0०
भाजपा नेता ओमप्रकाश कालवा लोकसभा या विधानसभा चुनाव लड़ने को उत्सुक. पत्रकारों से बातचीत.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 11 जून 2026.
भाजपा के नेता ओमप्रकाश कालवा ने पत्रकारों से बातचीत में भावी राजनीति के बारे में उठाए सवालों के उत्तर में कहा कि पार्टी ने टिकट दिया तो लोकसभा या विधानसभा का चुनाव लड़ने को उत्सुक हैं।
महाराणा प्रताप चौक पर पत्रकारों की बैठक में आज रात्रि में राजनैतिक चर्चा के बीच सवाल दर सवाल में कालवा के मुंह को खुलवा लिया। ओमप्रकाश कालवा नगरपालिका सूरतगढ़ के पिछले बोर्ड 2019-2024 में अध्यक्ष रहे। नगरपालिका के अध्यक्ष के आगामी चुनाव से सवाल शुरू कर आगे बढाए गये जिसमें कालवा की उत्सुकता उजागर हुई। कालवा से पत्रकार राजेंद्र पटावरी,सुशील तावणिया, अमित पारीक और करणीदानसिंह राजपूत चर्चा कर रहे थे। विदित रहे कि ओमप्रकाश कालवा भाजपा के कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। ०0०
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बुधवार, 10 जून 2026
और अधिक अच्छे दिन दें.हिंद के मालिक
* करणीदानसिंह राजपूत *
अच्छे दिन चल रहे हैं।
हर रोज कुछ नया अच्छा मिल रहा है।
हिंद के हर प्रदेश में प्रसन्नता है।
हिंद के हर शहर गांव में लोग आपको याद करते हैं मालिक।
सुबह शाम को आपके नाम की माला और आरती।
शहर शहर गांव गांव शुरू हो चुकी है।
जो लोग बाकी थे,वे भी पूजन अर्चन शुरू कर रहे हैं।
जो सवाल जवाब करते हैं उनसे हां कराने वाली टोलियां भी बन चुकी है, मालिक।
मालिक, आप किसी प्रकार की चिंता न करें।
आप तो और अच्छे दिन देने की सोचते रहें।
और अच्छे दिन जल्दी जल्दी देते रहें।
मालिक.
10 जून 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
94143 81356.
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मंगलवार, 9 जून 2026
बरसात आपदा नियंत्रण कक्ष श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर स्थापित.15 जून से 24 घंटे सर्विस
श्रीगंगानगर, 9 जून 2026.आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग जयपुर के निर्देशानुसार पूर्व वर्षों की भांति मानसून सत्र 2026 में भी संभावित बाढ़ के खतरों से बचाव की परिपूर्ण व्यवस्था करने एवं आपदा प्रबंधन करने के लिये श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।* कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित नियंत्रण कक्ष 15 जून से 30 सितम्बर 2026 तक 24 गुणा 7 राउंड दी क्लॉक संचालित किया जायेगा। नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0154-2440988, टोल फ्री नम्बर 1077, 1070 व 112 रहेगा।एडीएम प्रशासन श्री सुभाष कुमार ने बताया कि नियंत्रण कक्ष के प्रभारी तहसीलदार भू-अभिलेख श्री राहुल कुमार होंगे। प्रथम पारी प्रातः 6 से दोपहर 2 बजे तक, द्वितीय पारी दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक तथा तृतीय पारी रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक संचालित होगी। इनके अलावा एक रिजर्व दल भी स्थापित किया गया है।०0०
सोमवार, 8 जून 2026
राजनीति की लालसा में शराब बंदी पर काम नहीं हुआ. सूरतगढ़ में शराब बढी,पीने वाले बढे.
करणीदानसिंह राजपूत *
पूर्व विधायक गुरु छाबड़ा ने राजस्थान में संपूर्ण शराब बंदी और.लोकपाल की नियुक्ति की मांग के आमरण अनशन में अपने प्राण उत्सर्ग कर दिये थे लेकिन उनके मुख्य कर्म स्थल सूरतगढ़ में शराबबंदी कार्यक्रम पिछले 3 सालों से संपूर्ण प्रकार से बंद हो गया है। शराबबंदी पर काम करना तो दूर रहा उस पर कहीं बोलना लिखना परिचर्चा करना भी नहीं चाहते। शराबबंदी आंदोलन का नेता घोषित करने और काम नहीं करने का हश्र यह हुआ है कि छाबड़ा के कर्मक्षेत्र सूरतगढ़ में शराब पीने पिलाने वालों की संख्या बढ गई और शराब की बिक्री बहुत अधिक होने से व्यवस्था के लिए सूरतगढ़ में आबकारी विभाग का उपायुक्त का नया पद सृजित कर दिया गया है। श्रीगंगानगर जिले में पहले एक उपायुक्त था जिसका मुख्यालय श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर था। अब जिले में उपायुक्त नं 2 पद सृजित किया गया है जिसका मुख्यालय सूरतगढ़ रखा गया है। इस उपायुक्त का कार्यक्षेत्र राजस्व विभाग के 5 उपखंडों सूरतगढ़, श्रीबिजयनगर, अनूपगढ़, घड़साना और रायसिंहनगर तक होगा।
राजनीति की पद लालसा ने यहां शराबबंदी आंदोलन को खत्म कर दिया। शराबबंदी का नाम लेवा भी कोई दिखाई नहीं देता। शराबबंदी का कहीं नारा सुनाई नहीं देता। दो घोड़ों पर सवार जैसा नाटक कभी सफल नहीं होता। ऐसा ही हुआ। राजनीति में कुछ पाने की लालसा में शराबबंदी में कुछ नहीं हुआ और राजनीति में भी फिसड्डी रहे। राजनीति में फील्ड में जनता के साथ रहकर पीड़ाओं को बराबर भोगना होता है, लेकिन ऐसा दम नहीं था। लोगों का भरोसा टूटा। शराबबंदी को छोड़ा और राजनीति में कुछ मिला नहीं न कुछ अस्तित्व बना।
👌 राजस्थान में लोकपाल की नियुक्ति की मांग इसलिए थी कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकपाल का कार्य पूर्ण स्वतंत्र होगा जिसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। लोकपाल नियुक्त नहीं किया गया। सूरतगढ़ शहर और आसपास में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध भी कोई एक भी काम नहीं हुआ। छाबड़ा जी का नाम लेकर आगे बढ़ना चाहें लेकिन कहीँ एक शिकायत भी भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी की नहीं की गई। सूरतगढ़ में भ्रष्टाचार दिनरात बढा भ्रष्टाचारी बढे,अखबारों में सोशल मीडिया में मामले और अधिकारियों के नाम उजागर होते रहे मगर इस मुद्दे पर भी जनता का साथ नहीं दिया गया। दोनों ही मोर्चों पर विफलता रही।
👌 छाबड़ा जी भ्रष्टाचार अनाचार रिश्वत आदि के घोर विरोधी रहे लेकिन यहां भ्रष्टाचार से लूट मची है और छाबड़ा जी के नाम लेवा किसी पीड़ित की सहायता करते हुए दिखाई नहीं देते। जनता को लुटता पिटता देख कर आंखें बंद कर लेना कौनसी राजनीति या होशियारी है? भ्रष्टाचार के मामलों को शिकायतों को अनदेखा करना और भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं करना,सरकार के आगे मंत्रियों के आगे नहीं रखना चुप रहना तो कोई भी राजनीति नहीं सिखाती। राजनीति तो जनता के बीच उनके दुख दर्द में साझीदार होकर ही की जाती है। ये गुण गुरूशरण छाबड़ा में थे लेकिन गुररूशरण के नाम को ओढने वालों में नहीं दिखे।
*शराब पीने वालों के साथ हेलमेल रखकर शराबबंदी कार्यक्रम नहीं चलाए जा सकते और भ्रष्टाचारियों के साथ हेलमेल रखते हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा सकती। भ्रष्टाचारी साथ होंगे तब भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध कार्य नहीं किये जा सकते बल्कि अपने साथ रहने वालों के कहने पर चला जाएगा। अपने साथियों व जानकारों के भ्रष्टाचार सरकारी सम्पत्ति हड़पने के काम दिखाई नहीं देते और भ्रष्टाचार में सहयोगी अधिकारी कर्मचारी भी दिखाई नहीं देते। ऐसा ही सूरतगढ़ में हुआ है। ऐसी नीति के आचरण को बदलती है तथा व्यक्ति को भ्रष्ट बनाती है और वह जनता से दूर होता जाता है। जनता गरीब असहाय पीड़ित दुखों में डूबी हो सकती है लेकिन एक बार के काम पड़ने और काम नहीं करने में ही समझ जाती है। जनता की समझ और अपनी कार्यशैली पर विचार करना उचित होता है। अपने एकदम साथ रहने वाले सहयोगियों के कामों और सुझावों में एक पर भी काम नहीं करवा पाना राजनीति में बड़ी मूर्खता और असफलता होती है। राजनीति में धरती पर काम करने वाले सफल होते हैं और यही शराबबंदी में फील्ड वर्क हो तो सफलता मिलती है। ये गुण गुरूशरण छाबड़ा में थे। गुरूशरण छाबड़ा का नाम और नारा नहीं, उनकी नीतियों का ईमानदारी से अनुशरण होना चाहिए जो यहां सूरतगढ़ में नहीं हुआ।
गुरूशरण छाबड़ा की जयंती 9 जून को मनाई जाती है। छाबड़ा ने जनता की मांगों के लिए,परेशानियों को दूर करने के लिए अनेक संघर्ष किए थे। अब उनकी तरह काम करने वाला व्यक्ति चाहिए। उनका नाम लेकर न राजनीति की जा सकती है और न शराबबंदी का काम किया जा सकता है। राजनीति और शराबबंदी दोनों में फील्ड में ही काम करने होते हैं जिनको मंचों पर भाषण देकर नहीं किया जा सकता।
गुरूशरण छाबड़ा की जयंती 9 जून पर यह निर्णय करना चाहिए कि किस एक काम को चुना जाए और उस पर कदम बढाए जाएं?
* राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के आगे उनकी आदमकद प्रतिमा है। सूरतगढ़ में उनकी प्रतिमा बड़े बाग में स्थापित होनी चाहिए।०0०
8 जून 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधि स्वीकृत लाईफटाईम)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
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रविवार, 7 जून 2026
ईओ पूजा शर्मा कर रही सूरतगढ़ का सत्यानाश.प्रशासन देखे हालात.
भाजपा संघ कहाँ छुपे हो तुम सारे.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 जून 2026. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान सूरतगढ़ में एक ईओ पूजा शर्मा सत्यानाश करने पर तुली है और भाजपा नेता और संघ चुप हैं। क्या भाजपा की सरकार में भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान और पूर्व विधायक अशोक नागपाल की भी सुनवाई नहीं होती? आखिर ये सूरतगढ़ नगरपालिका में ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचारों और ड्युटी के प्रति लापरवाही में नगरपालिका कोष को हो रही हानि और शहर की गंदगी पर चुप क्यों हैं? साईकिलों पर सवार होकर अपनी आंखों से हालात देखलें। अभी समय है फिर चुनाव के बाद तो सिर पीटना ही बचेगा।क्योंकि जनता के पास वोट की ताकत तो बची हुई है और रहेगी।
👍 क्या पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया की ही चलेगी और शहर का सत्यानाश होता रहेगा। कासनिया अकेले पूजा शर्मा को संरक्षण देते रहेंगे? हालांकि पूरे शहर में दुर्दशा भोगते लोगों में कासनिया की बदनामी हो रही है।
* शहर को देखने हालात सुधारने के लिए ईओ पूजा शर्मा वार्डों में नहीं घूमती। लेकिन शिकायतों और समाचारों को पढते रह कर एसडीएम भरतजयप्रकाश मीणा को अवश्य ही घूमना और एक्शन लेना चाहिए। अभी नगरपालिका के प्रशासक हैं सो उनकी भी ड्युटी शहर बचाने की है।
* शहर का वार्ड नं 45 का हर गली हर छोर हर नाला नाली गंदे पानी से लबालब कचरा भरे बदबू और बीमारियां फैला रहे हैं। वार्ड के जागरुक लोग चिल्ला रहे हैं। उनकी आवाजें ईओ पूजा शर्मा और प्रशासक भरतजयप्रकाश मीणा सुन नहीं रहे। ईओ और प्रशासक मान लें कि लोगों की अनसुनाई अनदेखी विस्फोटक हो सकती है। कोई जानलेवा हादसा हो उससे पहले अभी निरीक्षण करलें। एक वार्ड 45 ही नहीं संपूर्ण सूरतगढ़ का निरीक्षण कर लें क्योंकि हालात पूरे शहर के ही खराब हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान और राज्य सरकार के आदेश यहां कागजों फाईलों में हैं या कुछ दीवारों पर नारों में लिखे हैं।
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शनिवार, 6 जून 2026
चुप नहीं रहेगा सूरतगढ़:हड्डी डाक्टर का मामला;ओम राजपुरोहित का बुलावा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 6 जून 2026.
उपजिला चिकित्सालय और ट्रोमा सेंटर में हर वक्त हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी का होना आवश्यक है लेकिन सत्ताधारियों की अनदेखी के कारण घोर लापरवाही और अव्यवस्था रोगियों और दुर्घटनाओं में घायलों को झेलनी पड़ रही है।
मौजूदा हड्डी रोग विशेषज्ञ भारत भूषण की मनमर्जी से रेस्ट और ड्युटी तथा प्रभारी डा.नीरज सुखीजा का रेस्ट सिस्टम में उचित व्यवस्था नहीं करना आम लोगों को आंदोलन के लिए विवश कर चुका है। डा.भारतभूषण का लिखित पत्र सहयोगी रवैया नहीं है तो उनका स्थानांतरण हो।
* संघर्शशील अपील कर्ता ओम राजपुरोहित सहित शहर के अनेक जागरूक लोगों की बात प्रशासन से चिकित्सालय में धरने पर हुई। उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा ने दो दिन में डाक्टर की व्यवस्था का आश्वासन दिया और वे दिन बीत गये। विधायक डुंगरराम गेदर व व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधि 4 जून को अतिरिक्त जिला कलेक्टर भवानीसिंह पंवार से भी मिले और व्यवस्था की बात की। आंदोलन ढीला होता है तो प्रशासनिक तरीके भी ढीले होते हैं। आंदोलन की गति पर यहां हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक आएगा नहीं तो सब कागजी मांग जैसा ही रहेगा। जो नेता और संस्था पदाधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों से मिले हैं उन से बात बनती नजर नहीं आती।
* भारत भूषण अपने आवास पर रोगियों घायलों को देखता है, ईलाज करता है। एक तरीका पिकेटिंग का है डाक्टर के आवास से 20-25 फुट की दूरी पर शांति पूर्ण घेराबंदी हो तथा लोगों को समझाया जाए कि आवास पर ईलाज न कराएं। रोगियों के भारतभूषण के आवास पर पहुंचने पर रोक लगाई जाए। डाक्टर अपने आप चिकित्सालय आएगा नहीं तो खुद स्थानांतरण करवाएगा।
** आमरण अनशन शुरू हो।
* इस मांग और व्यवस्था के लिए सूरतगढ़ चुप नहीं रह सकता।
* ओम राजपुरोहित का बुलावा है। बीकानेर रोड पर अरोड़ वंश भवन पर 7 जून रविवार को 5-30 बजे लोगों का जमाव विचार और अगले कदम का निर्णय होगा। यह बुलावा संघर्ष है और इसकी गति से यहां हर हालत में हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी की व्यवस्था विभाग को करनी ही पड़ेगी। अच्छा होगा कि सत्ता धारी पार्टी के जिलाध्यक्ष स. शरणपालसिंह मान इस संघर्ष में सक्रिय होकर जागते हुए होने का सबूत दें। ०0०
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