करणी प्रेस इंडिया

सोमवार, 22 अप्रैल 2024

श्रीगंगानगर ज्वैलर्स मार्केट में कुलदीप हीरे की बोली ऊंची.

 










* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर के ज्वैलर्स मार्केट में कुलदीप हीरे की चमक दमक से ऊंची बोली चल रही है। गंगानगर हनुमानगढ़ सूरतगढ़ में कुलदीप हीरे की चर्चा है। शौ रूम में से बाहर आ रही भनक से कुलदीप हीरे की बोली 20,000 से शुरू हुई। भनक है कि बोली 1,00,000 तक या अधिक पहुंच जाएगी।

शौ रूम के गेट खुलने के बाद सही कीमत मालुम पड़ेगी। भनक यह है कि कुलदीप हीरे के पास ज्वैलर्स अधिक थे। मुनीम के बोल बाहर आए हैं कि यह हीरा ही पसंद आ रहा है और इसी की खरीद होगी।शौ रूम के गेट खुलने का इंतजार करें आप हम सभी।०0०

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22 अप्रैल 2024.

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शनिवार, 20 अप्रैल 2024

गौमांस कारखानों से भाजपा को करोड़ों का चंदा: पीएम नरेन्द्र मोदी बताएं ऐसा क्यों किया?

 

 * करणीदानसिंह राजपूत *

गौ मांस बेचने वाले कत्लकारखानों से 250 करोड़ रुपये चुनावी चंदा लेने से ऐन लोकसभा आम चुनाव के मौके पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बदनामी हो रही है। गायों को बचाने के लिए गौ प्रेमी लोग और भाजपा एक तरफ तो कत्लकारखानों को बंद करने की मांग वर्षों से कर रहे हैं और दूसरी ओर गुपचुप चंदा ले रहे हैं। गौ रक्षकों व धर्मप्रिय लोगों के सामने देश भर में इलेक्ट्रोल बांड से यह चुनावी चंदा लेने का सच्च खुलने के बाद से भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बदनाम हो गये हैं। प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा की तरफ से इस कृत्य के लिए भेद खुलते ही देश की जनता से तुरंत ही आम माफी मांगनी चाहिए थी लेकिन एक बयान तक नहीं आया है। इस कृत्य के लिए माफी मांगने के अलावा और कुछ हो भी नहीं सकता। लेकिन माफी नहीं मांग कर जो घमंड दिखाया जा रहा है उसकी भारी हानि उठानी पड़ सकती है। देश की जनता को ग्लानि हो रही है और वह इस चुनाव में वोट न देकर सत्ता छीन सकती है। लोकतंत्र में जनता के पास यह अधिकार है और नरेन्द्र मोदी व अन्य नेताओं के लिए चुनावी व मतदान होने की प्रक्रिया बाकी है। 

👌 धर्म के लिए संपूर्ण देश में गायों बैलों को कत्ल होने से बचाने के लिए लाखों स्थानों पर गौ शालाएं नंदीशालाएं चलाई जा रही है तथा राज्य सरकारें प्रत्येक गौ वंश के लिए अनुदान भी देती हैं। भाजपा और गौ प्रेमी संस्थाएं,साधुसंत कत्लकारखाने बंद करने की मांग करते रहे हैं।और वही भाजपा गौ काटने मांस बेचने वालों से चंदा लेती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में कत्लकारखानों को आधुनिक बनाने व बिजनेस को विस्तार देने के लिए करोडो़ं रूपये कर्ज दिया गया। । भाजपा को कत्लकारखाने बंद करवाने थे लेकिन मोदीजी की नीति के आगे सब अपना मुंह सीले हुए हैं तो ऐसे में जनता ही वोट की ताकत दिखाते हुए इनसे सत्ता छीन सकती है। यह भेद खुलना और चुनाव होना एक बहुत बड़ा मौका सर्वशक्तिमान ने ही दिया है। 

👌गौ वंश को बचाने के लिए भयानक सर्दी में गुड़ दलिया खिलाने वाले,गौ शालाओं नंदीशालाओं में चारा तूड़ी घास गुड़ आदि का दान करने वाले,हर धार्मिक तिथि पर हरा चारा खिलाने वाले लोगों के दिलों में भाजपा व मोदी सरकार ने घाव कर दिए हैं। 

*  नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की लालसा में है और 400 पार का नारा लगा रहे हैं। जागरूक जनता मोदी को भाजपा को अच्छे तरीके से समझ चुकी है और इस चुनाव में  ही वोट न देकर गौ वंश को बचाने के लिए सत्ता छीन सकती है। नरेन्द्र मोदी को भी हरा सकती है। कत्लकारखानों को बंद करवा सकती है। यह शक्ति जनता के वोट में है। जनता का वोट लेने के लिए गुमराह करने के लिए भाजपा झूठ भी बोल सकती है। गौ प्रेमी जनता साधु संत नारियां  बहकावे में आने वाली नहीं है और गायों की रक्षा के लिए भाजपा नरेंद्र मोदी को वोट नहीं देने की सौगंध भी उठा सकती हैं संकल्प ले सकती हैं।


पीपुल्स फॉर एनीमल के राजस्थान के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने कुछ वर्ष पहले( जब वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने बूचड़खाने बंद करने की मांग करते हुए बताया था कि देश में 72 ही वैध बूचड़खाने हैं। इनमें से 38 उत्तरप्रदेष में हैं। ये पशुओं को काटकर मांस बेचते हैं। हजारों की संख्या में देश-प्रदेश में अवैध बूचड़खाने अधिकारियों जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से बेजुबानों को काटने का काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कत्लखाने खोलने वालों को आयकर में छूट सब्सिडी बढ़ा दी गई। पत्र की प्रतिलिपी उन्होंने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी भेजी थी। 

* मोदी राज में तो सब हदें भी पार हो गयी।०0०

20 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकारिता 60 वर्ष.

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356.

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लेख अच्छा लगे समझ में आए तो अन्य को भी शेयर करें। प्रकाशित करें।गौ रक्षक बनें। यही एक अवसर मिला है।

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राजस्थान: लोकसभा चुनाव प्रथम चरण में कमजोर भाजपा का दर्पण:बड़े नेता कारण.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 400 पार के दावे और राजस्थान भाजपा का राज्य की संपूर्ण 25 सीटें जीतने का दावा है। प्रथम चरण की बारह सीटों के मतदान दिवस 19 अप्रैल पर भाजपा नेताओं की ताकत का बहुत कमजोर प्रदर्शन रहा।नेताओं के रवैये और हालात देख कर लोगों का कम सहयोग मिला। इसमें दावे के खंडित होने की बड़ी संभावना है। भाजपा का दावा समस्त 12 सीटों पर जीत का है और लोगों का दावा सात का है। सही हालात सामने आने से उच्च स्तरीय नेताओं को चिंता हो रही है।

* राजस्थान में बहुत कम वोटिंग हुई है। कम वोटिंग सत्ता के विरुद्ध मानी जाती है। भाजपा नेता कार्यकर्ता सनातनी, हिन्दू, समर्थक वोटों को बूथ तक नहीं ले जा सके। ये लोग घरों में खेतों गावों में रहे।उत्साह हीन जबकि अन्य लोग वोटिंग कर गये।

 शुरुआती हालात चिंताजनक होने से आगे और बुरी स्थिति आ सकती है जो 400 की घोषणा को हवा में लटका देगी। बड़े विश्वास में मारे गये वाली हालत।

*दावे प्रमाणिक नहीं होते लेकिन राजनैतिक दल शुरुआती हालात पर रिपोर्ट मंगवाते हैं और अपने आप में समीक्षा शुरू कर देते हैं।

*  राजस्थान की बची हुई 13 सभी सीटों पर भी भाजपा का जीत का दावा है लेकिन लोगों का दावा सात आठ का ही है। 

**राजस्थान भाजपा का दावा 25 पर और लोगों का दावा पन्द्रह सोलह पर है कि इससे अधिक भाजपा को नहीं मिलेगी। 

👌राजस्थान में ऐसे हालात क्यों और कैसे हुए?  हालात पर नजर डालें तो कुछ बड़े कारण सामने आते हैं। जितना बड़ा ढोल उतनी बड़ी उसमें पोल।

👍प्रथम कारण।

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की कमान जिनको सौंपी गई थी। उन्होंने दिल्ली तक सही रिपोर्ट नहीं भेजी। उनकी मनमर्जी वाली रिपोर्ट से टिकटें दी गई और भाजपा की सीटें दुबारा नहीं आई। राजस्थान की 200 सीटों में से 152 सीटों का दावा था। फिर यह दावा 125-130 तक नीचे गिरा। फिर यह भी स्थिर पक्का साबित नहीं हुआ और नीचे गिरा 115 सीटें ही मिल पाईं। *राममंदिर का मुद्दा बड़ा था खूब छाया और जनता ने सराहना की लेकिन यह सदा तो रह नहीं सकता था और नेताओं की मनमर्जी ने इसको नजदीक ही नहीं रखा।


* लोकसभा चुनाव 2024 तक जयपुर में वही मिलता जुलता सा कमजोर नेतृत्व रहा जिसने टिकटों के नाम तय करवाए। प्रदेश पदाधिकारी भी कमजोर रहे जिनकी एक एक की समीक्षा होगी तो अनेक हटा दिए जाएंगेः


👍 दूसरा कारण


विधानसभा चुनाव में गलत टिकटों से पराजित हुए लोगों को ही आगे कमान सौंपे रखी गई। जनता जिनको भारी मतों से हरा चुकी और अनेक की तो रवैये के कारण शक्ल ही नहीं देखना चाहती,उन्हीं पराजित हुए नेताओं को विधानसभा क्षेत्र में कमान सौंपे रखी और वे अपनी संतानों परिवार सदस्यों को आगे रख मनमर्जी चलाते रहे। इससे हालात और बिगड़े। यह फील्ड रिपोर्ट जयपुर के नेताओं ने दिल्ली से छुपाई। पराजित विधायकों से राय ली जाती रही। इनके खुले हाथों से बनाए मंडल मोर्चे आदि व जिलाध्यक्ष तक बदल दिए जाते तो प्रथम चरण कमजोर नहीं रहता।


👍 तीसरा कारण 

जयपुर के नेताओं ने बिना सोचे समझे परखे निकम्मे फेल हुए कांग्रेसियों को भाजपा में शामिल किया गया। भ्रष्टाचारी दुराचारी लोगों को भी लिया गया। इन शामिल किए लोगों ने लोकसभा चुनाव में कोई काम नहीं किया। इनके पास न लोग थे न वोट थे। जब इनको घुसाया तब पुराने निष्ठावान चुपचाप पीछे हो गये तब वोटर को लाया नहीं जा सका।

जयपुर नेताओं की बड़ी गलती का बड़ा नुकसान हुआ जिसका नुकसान आगे 13 सीटों पर भी होगा। अब सुधार भी होने की संभावना नहीं है।

👍 चौथा कारण. 

मूल ओबीसी और राजपूतों की ताकत को जयपुर के नेताओं ने अपनी मनमर्जी से कम आंका और इसी आधार पर दिल्ली भी चली। विधानसभा चुनाव में मूल ओबीसी को कम टिकटें दी गई और उनकी नाराजगी लोकसभा चुनाव तक खत्म नहीं हुई। राजपूतों को विधानसभा में कमतर आंका गया और अब राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में राजपूतों के बढते आक्रोश को खत्म करने के बजाय आरोप लगाए जाते रहे। मूल ओबीसी और राजपूतों की नाराजगी को भाजपा राष्ट्रीय नेताओं और सत्ता नेताओं जिनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह ने भी दूर करने की कोशिश नहीं की।

***** राजस्थान की स्थिति पर भाजपा दावे की समीक्षा की जाए तो 25 सीटों पर भाजपा का दावा है और अन्य 15-16 मानते हैं। मतलब 100 में भाजपा को 60-62 और अन्य दल 38-40 तक। अब प्रथम चरण की स्थिति के अनुसार मोदी जी की 400 पार का दावा किस हालत में मशीन से बाहर आएगा। अभी तार्किक दृष्टि से अन्य की भी सुने तो भाजपा को 250-255 का दावा करते हैं। यदि ऐसा होता है तो क्या होगा? अखबार चैनल दबाए हुए कोई सही रिपोर्ट नहीं दे रहे। लेकिन जनता जागती रहती है तो कोई रिपोर्ट छुपती नहीं।

* ये दावे प्रामाणिक नहीं होते लेकिन राजनीति हलचल मचाते हैं और  चुनाव परिणाम आने तक लोगों की बातचीत इन्हीं पर चलती है।०0०

20 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत.

पत्रकारिता 60 वर्ष,

( राजस्थान सरकार से आधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

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शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024

सूरतगढ़:वरिष्ठ पत्रकार के घर पर लगे 2 सीसीटीवी कैमरे चोरी.

 

सूरतगढ़ 19 अप्रैल 2024.

राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत वरिष्ठ पत्रकार के घर पर लगे 2 सीसीटीवी कैमरे दोपहर में कोई चुरा ले गया। पुलिस को सूचित किया गया है। 

पत्रकार मनोजकुमार स्वामी के वार्ड नं 5 स्थित घर पर सुरक्षा के लिए कैमरे लगे हुए थे। दिन में घर पर कोई नहीं था। मनोज शाम को घर आए तब मालुम हुआ। रिकार्डिंग के अनुसार एक कैमरा करीब 2 बजे और दूसरा कैमरा करीब 4 बजे चोरी हुआ। चोर घर के पीछे से छत पर आया था। मनोज कुमार स्वामी 'सूरतगढ़ टाईम्स' पाक्षिक प्रकाशित करते हैं।०0०

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गुरुवार, 18 अप्रैल 2024

श्रीगंगानगर सीट :भाजपा को एकादशी, लक्ष्मी याद आई: सीट खतरे में है क्या?











* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर सीट पर भाजपा को अपनी वास्तविक हालात का संकेत मिल गया है और खतरे में धर्म याद आया है। 19 अप्रैल को ग्यारस,लक्ष्मी के नाम पर भाजपा प्रत्याशी प्रियंका बेलान को वोट देने की गिड़गिड़ाहट की है। सोशल मीडिया पर ये विज्ञापन चल रहे हैं। क्या इनकी अनुमति निर्वाचन विभाग से ली गई है? भाजपा नेता और कार्यकर्ता पिछले 5 सालों में जनता के काम कराते तो धर्म के नाम पर वोट नहीं मांगने पड़ते। जो धर्म को याद कर जनता को भ्रमित करना चाहते हैं उनके रिपोर्ट कार्ड डायरी आदि सब कोरा कागज है। काम कराए होते तो काम के नाम पर वोट मांगते। न जाने ऐसी सलाह कौन देता है? इससे लगता है कि सीट पर खतरा है। ऐसी अपील यह साबित कर रही है। वैसे धर्म के नाम पर वोट मांगना ही गलत है। अनैतिक तरीके से चुनाव को प्रभावित करने में यह आता है। प्रियंका बेलान और उनके चुनाव एजेंट को इस प्रचार पर ध्यान दे लेना चाहिए।

** पहले तो ये नेता जुटे नहीं और अब नाटक कर रहे हैंं। जनता दो कदम आगे चल रही है।

* श्रीगंगानगर लोकसभा सीट में 8 विधानसभा सीटों में जो सीटें भाजपा हारी,उनका मत अंतर लाखों में है। पहले वह लाखों का अंतर भरेगा और उसके बाद वोट मिलेंगे वो कितने होंगे? हर सीट पर कोई ऐसे काम नहीं हुए कि जनता वापस भाजपा की ओर लौट जाए। 

** यहां भाजपा को नाराज हो रहे राजपूत, स्वामी,मेघवाल समुदाय से बात कर जोड़ बैठाना चाहिए था। पुराने नेताओं कार्यकर्ताओं को राजी करना चाहिए था जिनका नेताओं व संगठन पदाधिकारियों ने तिरस्कार कर नाराज कर रखा है। 

* असल में प्रियंका बेलान को इन बिगड़े हालात का पहले कुछ भी मालूम नहीं था लेकिन इतने दिनों में निश्चय ही मालुम हुआ होगा।

👍 भाजपा नेताओं ने एकादशी लक्ष्मी आदि से वोट की अपील कर अपनी कमजोरी प्रगट करदी है। यह सीट जीतती है तो यह अकेली प्रियंका बेलान को ही श्रेय माना जाएगा।०0०


भाजपा के विरुद्ध राजपूतों का उफान:राजस्थान में सभी 25 सीटों पर जीत असंभव

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

भाजपा राजस्थान की समस्त 25 लोकसभा सीटों पर जीत का दावा कर रही है लेकिन भाजपा के विरुद्ध राजपूतों के लगातार बढते उफान से और अन्य विरोधों से यह दावा खतरे में पड़ चुका है। 

चुनाव में निश्चित रूप से हानि की संभावना को मानकर राजनीतिक सूझबूझ अपनाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी को राजपूतों से सुलह के प्रयास में आगे आना चाहिए।

राजपूतों का विरोध बढता हुआ एक राज्य से दूसरे राज्य में बढ रहा है। आक्रोश इस हाईलेवल पर पहुंच गया है कि भाजपा का अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारी बात करे तो भी शांति होने की संभावना दिखाई नहीं देती।

* राजस्थान जैसे शांत राज्य में भी राजपूतों का विरोध लगभग आधी सीटों को प्रभावित कर रहा है जिसमें बाड़मेर जेसलमेर सीट तो निर्दलीय रविंद्र भाटी के साथ बहुत भीड़ नजर आती है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस सीट पर भाटी से कमजोर है। 

* भाजपा राजपूतों के विरोध के उफान को शांत करने की समझदारी के बजाय भाटी पर देश विरोधी ताकतों से विदेशी फंडिंग का आरोप लगा रही है। इस आरोप से राजपूत और अधिक गरमा गये हैं। ऐसी स्थिति में समझौता होने शांति  होने की संभावना एकदम धूल में है।

* भाजपा राजस्थान में सभी 25 सीटों पर जीत का दावा कर रही है लेकिन विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और जनता का आकलन 7 से 10 सीटों पर भाजपा की हानि मान रहा है तो ऐसी हालात में मोदीजी की 400 से पार की घोषणा पूरी होती नहीं लगती। लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण में राजस्थान में 19 अप्रैल से मतदान शुरू हो जाएगा। राजपूतों से तुरंत कोई बातचीत होने की उम्मीद अब संभव नहीं है। 

👌 राजपूतों को भ्रमित करने के लिए रात में और 19 अप्रैल को कुछ भी झूठे समाचार पोस्टें भाजपा को समर्थन देने के, राजपूतों के किसी संगठन के,कुछ सदस्यों के, सोशल मीडिया पर ग्रुपों में आ सकते हैं।

 👍 अब लगता नहीं है कि राजपूत अचानक आए किन्हीं पोस्टों से प्रभावित होकर बदल जाएं। राजपूतों क्षत्रियों के अपने सैंकड़ों ग्रुप हर राज्य में बने हुए हैं और एक दूसरे से बात करते हैं।

👌राजपूतों का मानना है कि हर चुनाव में उनको पीछे धकेला जाता रहा है और सीटें कम की जाती रही हैं। 

👍राजपूत इसी 2024 के चुनाव में ही भाजपा को सीख देना चाहते हैं और आगे का इंतजार नहीं करना चाहते। मोदी जी के नाम से वोट मिलने की धारणा से भाजपा की बड़ी भूल हो सकती है। राजनीति में पल पल हालात बदलते रहते हैं। 

** मोदीजी के नारे के हिसाब से भाजपा गठबंधन 400 पार का दावा कर रहा है वहीं अन्य भाजपा की 250 से 255 सीटें ही मान रहा है। सभी के अपने अपने दावे हैं। आम जनता मोदीजी जी से भाजपा से नाराज है और कितनी नाराज है और खुश है तो कितनी खुश है? यह तो संपूर्ण चुनाव परिणाम के बाद ही मालुम हो पाएगा।०0०

18 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकारिता 60 वर्ष.

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356

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बुधवार, 17 अप्रैल 2024

श्रीगंगानगर सीट:क्या कांग्रेस यह सीट भाजपा से छीन लेगी?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

लोकसभा चुनाव 2024 में एक बड़ा सवाल चल रहा है कि क्या कांग्रेस पार्टी भाजपा से यह सीट छीन लेगी? लोगों की हालात पर नजरें लगी है कि इस सीट पर क्या भाजपा कमजोर और कांग्रेस मजबूत हो गई है कि उलटफेर हो जाएगा?इस सीट पर 2019 में निहालचंद मेघवाल 4 लाख से अधिक मतों से जीते थे। इसबार 2024 में निहाल चंद की टिकट काट कर अनूपगढ़ की प्रियंका बेलाण को दी गई है जिनकी मुख्य टक्कर कांग्रेस के कुलदीप इंदौरा से है। दोनों की टक्कर में कौन भारी है? भाजपा भारी है या कांग्रेस भारी है?

👌 सन् 2023 के चुनाव पर अध्ययन करें तो अभी कांग्रेस भारी है। श्रीगंगानगर लोकसभा सीट में विधानसभा सीटें 8 हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा इन आठ सीटों में से केवल तीन सीटें ही जीत पाई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का भाषण भी पीलीबंगा में हुआ था लेकिन आसपास भी असर नहीं हुआ और पीलीबंगा सूरतगढ़ हनुमानगढ़ रायसिंहनगर सीटें भाजपा हार गई। विधानसभा चुनाव को 4 महीने ही बीते हैं और इतने समय में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं पड़ रहा। 

👌 भाजपा के हालात को आखिरी समय में बहुत बड़ी ताकत मिल सकती है कि सभी ईमानदारी और लग्न से काम करें और अपने घरों से बाहर निकलें। अभी तक ऐसी स्थिति दिखाई नहीं दे रही है।

 👌👌 नेता कार्यकर्ता पदाधिकारी,विधानसभा चुनावों के टिकटार्थी और लोकसभा चुनाव के टिकटार्थी सभी सीट पर जीत के लिए ईमानदारी से काम करने के लिए घरों से बाहर निकलें तब भाजपा से कांग्रेस यह सीट छीन नहीं सकती।

 👍ईमानदारी से काम करेंगे तो निहालचंद मेघवाल की 4 लाख से अधिक मतों की जीत कायम रह सकेगी और प्रियंका बेलाण भी इतने मत या अधिक ले सकेगी। भाजपा के ये सभी लोग पदाधिकारी अभी किस स्थिति में जीत के लिए सीढी के किस पायदान पर खड़े हैं? यह स्थिति जनता से कभी छुपा कर नहीं रखी जा सकती। कौन कौन अपने घरों से निकले हुए हैं?कौन सभाओं में फोटो खिंचवाने के लिए शामिल हुए? कौन कितने दिन से कितना समय दे रहे हैं? कौन अभी भी घरों से बाहर नहीं निकले हैं? यह समीक्षा तो श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के जिला अध्यक्षों तथा प्रदेश अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने निरंतर की होगी? जनता की नजरें हर जगह हर नेता पर रहती है। भाजपा की कमजोरी रही है कि सभी को घरों से बाहर निकाल नहीं पाई। इसके लिए ईमानदारी से काम ही नहीं हुआ। 👌जिन नेताओं को भाजपा में शामिल किया था वे लोग भी क्या साथ में लग गये।*

👍 19 अप्रैल को मतदान है। जब परिणाम आएगा तब सभी को मालुम होगा कि जनता ने किसको साथ दिया। लेकिन भाजपा नेताओं और कांग्रेस नेताओं को अपने अपने मन में मालुम है कि कितनी ईमानदारी से काम किया है? अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए काम किया या अपनी जमीन तैयार करने के लिए चेहरा दिखाया सभाएं की भागदौड़ की?

17 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

सूरतगढ़ (राजस्थान)

94143 81356

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राजपूत क्षत्रीय संघ करणी मंदिर में चैत्रीय नवरात्र नवमी पर हवन.

 






* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 17 अप्रैल 2024.

राजपूत क्षत्रिय संघ ने श्री करणी माता मंदिर प्रांगण में चैत्रीय नवरात्र की नवमी पर पूजन अर्चन और हवन कराया। राजपूत सरदारों मलसिंह भाटी, पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत बैस,किशोरसिंह जादौन एवं उम्मेदसिंह शेखावत सपत्नीक हवन किया। करणी माता का पूजन किया गया। कन्याओं को प्रसाद भोजन कराया गया। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।o0o

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मंगलवार, 16 अप्रैल 2024

17 अप्रैल को सायं 6 बजे से चुनाव प्रचार बंद होगा*

 




करणीदानसिंह राजपूत *

18 व 19 अप्रैल को प्रिन्ट मीडिया में विज्ञापन छपने से पूर्व अधिप्रमाणन जरूरी


श्रीगंगानगर, 16 अप्रैल 2024.
लोकसभा आम चुनाव 2024 के दौरान 19 अप्रैल को मतदान दिवस होने के कारण 18 व 19 अप्रैल को समाचार पत्रों में छपने वाले राजनैतिक दलों व उम्मीदवारों के विज्ञापनों का प्रकाशन अधिप्रमाणन के बाद ही किया जा सकेगा। जिला स्तरीय विज्ञापन अधिप्रमाणन समिति से प्री-सर्टिफिकेशन के बाद ही समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित किये जा सकेंगे। 18 व 19 अप्रैल को ई-पेपर व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी प्रकार के चुनाव से संबंधित विज्ञापन प्रसारित नहीं होंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री लोकबंधु ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रथम चरण में 19 अप्रैल 2024 को गंगानगर संसदीय क्षेत्र के लिये मतदान होगा। आयोग के निर्देशानुसार समस्त राजनैतिक दल व गंगानगर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचन में भाग ले रहे सभी उम्मीदवार 17 अप्रैल 2024 सायं 6 बजे के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार नहीं करेंगे, सायं 6 बजे से प्रचार बंद हो जायेगा। 18 व 19 अप्रैल को प्रिन्ट मीडिया में विज्ञापन देने से पूर्व जिला स्तरीय विज्ञापन अधिप्रमाणन समिति से प्रिन्ट मीडिया के विज्ञापनों का अधिप्रमाणन करवाकर ही प्रिन्ट मीडिया में विज्ञापन प्रसारित किये जा सकते हैं।
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