करणी प्रेस इंडिया

रविवार, 14 अप्रैल 2024

झोला ढूंढ कर मोदी जी को थमाने का वक्त आ गया है.लोग ऐसा क्यों मानने लगे हैं?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

अब वह समय आ गया है कि जनता उनके हाथों में झोला डंडा थमा कर रवाना करे,क्योंकि वे स्वयं अब जाने वाले नहीं है। इस साधु का मन राज में रम गया है। मन को ऐसा रमा लिया है कि किसी भी मंत्री को बोलने झंडी दिखाने लोकार्पण शिलान्यास करने का मौका नहीं देते। सभी मंत्रियों के काम अकेले करते हैं।सभी मंत्रियों के अधिकार अपने में समाहित कर लिए हैं और बोले तो पद भी छिन जाएगा इसलिए कहीं से चूं की आवाज भी नहीं आ रही। जब सारे काम अपने ही दिखाने हैं तो मंत्रियों की संख्या 8-10 तक सीमित करके खर्च कम करने का उदाहरण पेश किया जा सकता है। एक अनूठा प्रयोग किया जा सकता है लेकिन अभी यह सुझाव किसी ने दिया नहीं है।

मोदीजी जी ने भाषण जरूर दिया था राजपाट छोड़ने का लेकिन अपनी मर्जी से अब राज छोड़कर जाने वाले नहीं है। झोला ढूंढ कर मोदी जी को थमाने का वक्त आ गया है। लोग ऐसा  मानने लगे हैं?

मोदी जी ने यह भाषण दिया था" हमारा क्या है हम तो फकीर हैं, जब चाहेंगे झोला डंडा उठा कर चल देंगे।" आखिर जनता के विचारों में से मोदीजी दूर कैसे होते जा रहे हैं।

पीएम केयर फंड में कितना रूपया जमा किया कितना कहां खर्च किया? कोई हिसाब नहीं मांग सकता। सूचना अधिकार से भी नहीं मांग सकते।आखिर यह नियम क्यों बनाया? देशवासियों से क्यों छिपाया? प्रधानमंत्री यह क्यों छिपाना चाहते हैं? क्या धन का खर्च ऐसी जगह ऐसे कामों पर खर्च हुआ जो जनता में मान्य नहीं हो। देश का ही धन और उसके लिए देशवासी जान नहीं सकते।


नोटबंदी जिसमें लाखों लघु उद्योग बंद हुए करोड़ों लोगों की रोजी रोटी छिन गई और मोदी जी शाबासी लेते रहे। नई करैंसी छापी गई उसका खर्च कितना आया?

अनेक काम और योजनाएं हैं जो सवालों के घेरे में हैं।

इलेक्ट्रिकल बांड का भी भंडाफोड़ हो गया।

विदेशों से  कालाधन लाने का बड़ा वादा था। वह ला नहीं पाए। आश्चर्य जनक यह हुआ है कि मोदी राज में स्विस बैंकों में कालाधन बढ गया है। यह कैसे बढा?

* जो पूंजी पति धंधे बाज करोड़ों रूपये बैंकों का लेकर विदेश भाग गये उनको वापस नहीं ला पाए। कितना प्रयास किया। करोड़ों रूपये डकारने वाले विदेशों में ऐयाश जीवन जी रहे हैं और भारत में कानून का पालन करने वाले गरीबी जीवन। 

गाय को माता कहने की राजनीति में विपक्ष पर भाजपा के लोग आरोप लगाते रहे। मोदी सरकार ने कत्लकारखानों के आधुनिकीकरण के लिए करोड़ों रूपये दिए ताकि वे अधिक मांस विदशों को भेज सकें। अब तो यह भी सामने आ गया है कि कत्लकारखाने वाले बड़े मालिक से करोड़ों का चंदा भी लिया है। 

गुजरात में अजब गजब शराब नीति है जहां शराबबंदी है और अवैध रूप से हर स्थान पर उपलब्ध है। कालाबाजरिये तस्कर हर दिन करोड़ों रूपये कमा रहे हैं तो अकूत संपत्ति भी बना चुके हैं, जहां पर ईडी सीबीआई आदि कोई छापे नहीं मारती लेकिन दिल्ली में छापेमारी करती है। और केवल बयान पर कार्यवाही करती है,मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की आप सरकार आंखों में खटक रही है सो केवल एक बयान पर केजरीवाल को जेल भेज दिया। बयान देने वाला भाजपा से संबंधित है। बयान पर पहले जांच होती यदि कुछ तथ्य मिलते तब गिरफ्तारी होती तो जनता सही मानती। जिस शराब नीति का हल्ला मचाया जा रहा है उसको उपराज्यपाल स्वीकृत कर चुके थे।ऐसा क्यों हुआ? करोड़ों रूपया खाने का आरोप है लेकिन कहीं बरामदगी नहीं हुई तो पैसा कहां गया? इससे भाजपा की बदनामी हुई है। जहां अभी तक कुछ मिला नहीं वहां केजरीवाल और उसके मंत्री को पकड़ना और करोडो़ं रूपये खाने वाले भ्रष्टाचारियों को जेल में नहीं भेजकर भाजपा में शामिल कर स्वागत करना आश्चर्यजनक है। ऐसे कामों से विपक्ष को कुचलने जेल में डालने की राजनीति को भाजपा अच्छा बताए,चाहे मोदी जी का प्रचार करे लेकिन जनता अच्छा नहीं समझ रही है। 

*झोला डंडा ढूंढ कर मोदी जी को थमाने का वक्त आ गया है।लोग ऐसा क्यों मानने लगे हैं?लोकतंत्र में किसी को सत्ता में लाना या हटाना है तो वह चुनाव और वोट है। लोकसभा के आमचुनाव 2024 के परिणाम के बाद ही जनता के भीतर की सही सोच उजागर हो पाएगी। 

०0०

बाबा भीमराव अम्बेडकर जयंती

14 अप्रैल 2024.

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करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार, सूरतगढ़. राजस्थान.

94143 81356

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शनिवार, 13 अप्रैल 2024

चम्बल नदी का नयनाभिराम दृश्य: आकर्षित करता है कोटा.

 





* करणीदानसिंह राजपूत *

कोटा 13 अप्रैल 2024.

राजस्थान के कोटा शहर की चौथी यात्रा में चम्बल नदी के आकर्षित करते विकसित सुंदर रूप को देखा। पिछले कुछ सालों में चम्बल के किनारों का रूप ही बदल गया। 

💐मैं कोटा पहली बार 7 मार्च 1994 को राजस्थान पत्रिका के 'कड़वा मीठा सच्च स्तंभ' का राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार ग्रहण करने आया था। तीसरी बार प्रथम पुरस्कार " राजस्थान की शिक्षा प्रणाली " पर लिखी श्रंखला पर मिला था। सन्1993 में दो किस्तों की श्रंखला प्रकाशित हुई थी। 

💐 उस दिन चम्बल को देखा था। बहुत गंदगी भरी हुई थी। ताप बिजली घर भी देखा था। आज से 29 साल पहले देखा और अब देखा।*

** राजस्थान पत्रिका का कड़वा मीठा सच्च स्तंभ मेरा प्रिय स्तंभ रहा। पहली बार राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार 1991 में मिला। सन् 1990 में घग्घर पर लिखे लेख पर मिला। दूसरी बार राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार 1992 में इंदिरा गांधी नहर पर लिखी श्रंखला पर मिला जो 1991 में 12 विशाल किस्तों में प्रकाशित हुई थी।०0०

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार.( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)

विजयश्री करणी भवन,

सूर्यवंशी स्कूल के पास.

मिनी मार्केट, 

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356

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सीएम की सूरतगढ़ सभा: 2 जिले, 30 नेता,3000 की भीड़: नेताओं के मन में क्या है?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 13 अप्रैल 2024.

श्रीगंगानगर लोकसभा सीट पर प्रियंका बेलान को भाजपा टिकट मिलने के बाद से नेताओं के मन में क्या ? किसी के मन को पढ पाना बड़ा मुश्किल होता है लेकिन कई बार कठिन प्रश्न भी आसानी से हल हो जाता है। भाजपा के टिकटार्थियों और कुछ संगठन पदाधिकारियों के मन में क्या है जैसा कठिन प्रश्न एग्जामिनर के सिर पर खड़े रहते भी आसानी से हल हो जाता है।

* राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल की सूरतगढ़ में 12 अप्रैल की सभा में श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ दोनों जिलों के नेताओं को अधिक से अधिक भीड़ जुटाने का संदेश था। पुरानी धान मंडी में सभा के पंडाल में लगी सारी कुर्सियां भर गई और सात आठ सौ लोग खड़े भी थे। पंडाल मे 2200 कुर्सियां लगी थी। 50-100 अधिक हो सकती है। इस भरे पंडाल और भरे मंच को देखकर क्या अनुमान लगाएंगे? 

इस भरे पंडाल से जो लगता था वह असल में नहीं था। राज के राजा की सभा थी। दोनों जिलों श्रीगंगानगर  हनुमानगढ़ के विधायक,पूर्व विधायक, सांसद संगठन पदाधिकारी आदि लगभग 30 नेता उपस्थित थे। कुछ मंच पर तो कुछ सामने बैठे व खड़े थे। दो जिलों के 30 नेता और 3,000 की भीड़। तीन हजार की भीड़ को 30 नेताओं से भाग दो और भागफल बताओ। यही प्रश्न है। उत्तर में भागफल 100 आता है। यानि 1 नेता 100 की भीड़ लाया। लेकिन यह भागफल असल में सही नहीं है। बहुत बार जो देखते हैं वह सच्च नहीं होता। सूरतगढ़ की सभा में भी असल कुछ और रहा। एक नेता के साथ दस नहीं थे और 100 प्रतिशत सच्चाई में तो एक नेता के साथ पांच भी नहीं थे। नेता अकेला आता है और महिला नेता भी अकेली आती है। नेता मतलब नेतृत्व करने वाला। उस एक नेता के साथ सभा समारोह में 100 या 200 की भीड़ तो होनी ही चाहिए। जो विधानसभा चुनाव में टिकटार्थी रहे और जो लोकसभा चुनाव के लिए टिकटार्थी रहे उनके साथ कितने लोग सभा में आने चाहिए थे?विधायक के साथ कितने आने चाहिए थे? विधानसभा चुनाव में टिकट पाकर लड़े और पराजित हुए पूर्व राज्य मंत्रियों सुरेंद्रपालसिंह और रामप्रताप कासनिया के साथ कितने लोग आने चाहिए थे? कासनिया का तो विधानसभा सूरतगढ़ गृहक्षेत्र है और सपूत को नेतागिरी में आगे लाने की घोषणा कर चुके हैं और वह नीति चलाई भी जा रही है। पूर्व विधायक अशोकनागपाल, नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष आरती शर्मा और काजल छाबड़ा जो विधानसभा में टिकटार्थी रही,इनके साथ कितने लोगों की भीड़ होनी चाहिए थी?अशोक आसेरी सांसद की टिकट मांग रहे थे?

नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को कितनी भीड़ जुटानी चाहिए थी? नगरपालिका के भाजपा पार्षद पंचायत समिति के भाजपा डायरेक्टर व सरपंच को कितने लोग जुटाने चाहिए थे? नगरमंडल, पांच देहात मंडल,युवा व महिला मोर्चे भी हैं। जिले और प्रदेश के पदाधिकारी भी हैं। शराबबंदी नशामुक्ति आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा छाबड़ा और स्वयं प्रियंका बेलान को भी अपनी संख्या मन में मान लेनी चाहिए कि कितनी भीड़ उनके साथ होनी चाहिए थी?

सात बार सांसद की टिकट लेने वाले पांच बार सांसद चुने जाने वाले एवं एक बार केन्द्र में राज्य मंत्री तक रहने वाले और एक बार विधायक भी रहने वाले निहालचंद मेघवाल के साथ कितने लोग आने चाहिए थे? उनको इसबार भी टिकट मिलती तब वे कितने लोग लाते?

* सभी के मन में क्या है ? यह एकदम साफ है कि नेताओं मन में क्या है? 

* मोदी के नाम पर वोट कमल के फूल पर मिल ही जाएंगे। मुख्यमंत्री के साथ फोटो हो जाए जो भविष्य में काम आ सके। सोशल मीडिया ग्रुपों में अपनी अपनी फोटो चला सकें। 

* मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यह चुनावी सभा इतने नेताओं ने बेअसर करके रख दी। इस चुनावी सभा से विजय शब्द नहीं निकला है।

👍 एक बड़ी सोचने वाला चुनावी बिंदु है। कहा जा रहा था कुछ लिख भी रहे थे कि प्रियंका बेलाण को टिकट देकर मेघवाल और अरोड़ा दो समुदायों को साधने का काम किया गया है। चुनावी सभाओं में चुनाव कार्यालय शुभारंभ पर रैलियों में मेघवाल समुदाय के दिग्गज लोगों को कहीं साथ नहीं रखा जा रहा है और यह व्यवस्था कौन करता है और करवा रहा है? इस आरक्षित सीट पर नायक बावरी वाल्मीकि और अन्य भी समुदाय हैं लेकिन उनके भी किसी नेता संगठन पदाधिकारी को मंच पर बोलते नहीं देखा गया? 17 अप्रैल की शाम तक प्रियंका बेलान को ही सुधार करना है। मोदी के नाम पर भी वोट मिलने की गारंटी नहीं है।

* श्रीगंगानगर सीट पर हालात जयपुर दिल्ली तक मालुम है और मोदीजी का कार्यक्रम यहां नहीं बनाया गया शायद कुछ लाभ मिलता। राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा का कार्यक्रम संगरिया में रखा गया जिसमें करीब दो हजार से कुछ अधिक भीड़ मानलें। कार्यक्रम दोनों ही फ्लाप रहे। नेताओं के मन में जो था वैसा हुआ। गहरी चाल और गहरी घात की नीति के दो पाटों में यह सीट और चुनाव है।०0०

सूरतगढ़.94143 81356

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सूरतगढ़ में गौरवपथ की दुर्दशा: गारंटी काल में दुर्घटना की निश्चित गारंटी: स्वयं को बचाएं. Yu

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 13 अप्रैल 2024. सूरतगढ़ में एक करोड़ रूपये से सेठ रामदयाल राठी स्कूल से इंदिरा सर्कल तक गौरव पथ बना था। नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड था काजल छाबड़ा का अध्यक्ष काल और राजेंद्र सिंह भादू का विधायक काल था। राठी स्कूल से बंसल क्लिनिक के सामने तक सीसी और वहां से इंदिरा सर्कल तक डामर से बनाया गया। उस समय घटिया निर्माण के आरोप लगे लेकिन कौन सुनता? कुछ दिनों में ही बरसात आई और कई जगहों से कंकड़ निकल गये दरारें पड़ गई। लीपापोती हुई और होती रही। डामर उखड़ता रहा और अभी काफी लंबाई में बुरा हाल है। खजूर के पेड़ नगरपालिका ने लगाए वे कुछ दिनों में ही खत्म हो गये। भ्रष्टाचार का शोर मचा लेकिन विधिवत किसी ने शिकायत नहीं की। 

* अभी सीएम भजनलाल शर्मा 12 अप्रैल 2024 को चुनाव सभा में भाषण देने आए। पुरानी धानमंडी में सभा स्थल के आगे महाराजा होटल तक पूर्व रात में रिपेयर हो गई। गड्ढे भर दिए गये। 

** गुरूद्वारा गुरूसिंह सभा के सामने एक नाले के ऊपर बार बार टूट जाता है गौरव। यदि इधर से सीएम गुजरते तो रिपेयर सही हो जाती। बार बार टूटने का मतलब कि रिपेयर में खोट होती है। 

👍 बस,ध्यान रखें कि गारंटी की घोषणा दर घोषणा में दुर्घटना की भी गारंटी है सो खुद ही बच कर चलें।

फोटो : राजेश शर्मा. करीब डेढ महीने से यह हाल. ०0०

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शुक्रवार, 12 अप्रैल 2024

बीकानेर इंडस्ट्रियल एरिया रासायनिक गंदगी की बदबू और अर्जुनराम मेघवाल की सीट.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

बीकानेर रेल मंडल में इंडस्ट्रियल एरिया के रासायनिक गंदे पानी का तालाब रेल लाईन के एकदम पास तक पहुंचा हुआ है। रेल इसके पास से निकलती है तब भयानक गंदगी की जानलेवा बदबू हवा यात्रियों को परेशान करती है। स्वस्थ यात्री भी इस बदबू को सहन नहीं कर पाते।

दमे के रोगी,फेफड़ों के रोगी या अन्य बीमार यात्रियों को बहुत परेशानी होती होगी। 

 इस बदबू के पास से गुजरने में रेल दो से चार मिनट तक लेती है। यह बदबू कोच में से हटते सामान्य कोच में करीब दस मिनट लग जाते हैं,क्योंकि यात्री इनके खिड़कियां आदि खोलते रहते हैं सो ताजा हवा बाद में आ जाती है। एसी कोचों में बदबू घुसने के बाद 15 मिनट से अधिक समय तक रहती है और अधिक सुविधाओं के साथ अधिक समय तक बदबूदार वातावरण में रहते हैं।

रेलवे मंगलमय सकुशल यात्रा का शुभकामना संदेश देता है। लेकिन  इस बदबू के रासायनिक गंदे पानी को रेल लाईन के पास तक आने से रोकने के लिए राज्य सरकार से कोई पत्र व्यवहार तक नहीं किया है। राजस्थान में प्रदुषण रोकने के लिए एक मंडल भी बना हुआ है और वह भी इसके लिए कार्यवाही करता है। जहां तक मुझे ध्यान है रेल लाईन तक यह रासायनिक गंदा पानी अवैध ही आ रहा है। जो उद्योग यह गंदा पानी छोड़ रहे हैं उनके विरुद्ध प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की। उद्योग विभाग से यह छिपा नहीं है। 

* बीकानेर में केन्द्र के मंत्री अर्जुन राम मेघवाल अब फिर लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी हैं ने भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। बीकानेर का इंडस्ट्रियल एरिया ही गंदगी से भरा हो यह बात नहीं, सारे बीकानेर में सफाई नहीं दिखाई देती। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चहेते मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के बीकानेर में मोदी जी का स्वच्छ भारत अभियान हर तरफ दम तोड़ चुका है। लोगों का दम घुट रहा है और अर्जुनराम मेघवाल मोदी भजन गाकर पब्लिक को रिझाने में लगे हैं।

वे सन् 2014,2019 में जीतने के बाद अब 2024 में जीतने की लालसा रखते हैं। बीकानेर की जनता तो उनको परख चुकी और बहुत नाराज है लेकिन वे मोदी के नाम से भजन गाकर चुनावी वैतरणी पार कर लेना चाहते हैं। लेकिन इस बार अर्जुन राम  सीट निकाल पाएंगे इसमें संशय है। मोदी गारंटी भी शायद नहीं चल पाज। जनता की नाराजगी से यह लोकसभा सीट कमजोर सीटों में मानी जा रही है।०0०

12 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत.

पत्रकार,

सूरतगढ़ राजस्थान

94143 81356

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सूरतगढ़:ईओ पूजा शर्मा का रोज घोटाला:भाजपा का अध्यक्ष भाजपा की सरकार.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 12 अप्रैल 2024.

नगरपालिका सूरतगढ़ में घोटाले रुक नहीं रहे।ईओ पूजा शर्मा के दस्तावेजी घोटाले। फर्जी तैयार होते हैं दस्तावेज। रोकने के लिए भाजपा की ओर से कोई रोक नहीं हो रही। भाजपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को सब मालुम है लेकिन वे घोटाले रोकने के लिए ईओ पूजा शर्मा को यू नोट जारी नहीं कर रहे बल्कि कूट रचे जा रहे दस्तावेजों में शामिल हो रहे हैं। 

* अनेक फाईलें भी व्यवस्थित नहीं है। लोगों के पत्र रद्दी में फेंके जा रहे हैं। शहर की सफाई बाजार सड़क के अतिक्रमण नहीं हट रहे। ईओ मौका निरीक्षण के लिए सड़कों पर नहीं निकलती न सफाई देखती।

*सीवरेज के 1 करोड़ 45 भुगतान के आरोप में 6 माह तक सस्पेंड रहे और अभी क्लीन चिट नहीं हुए ओमप्रकाश कालवा नये घोटालों में फिर ईओ के साथ उलझ सकते हैं। 


* कासनिया किसी तरह से अध्यक्ष को एक बार बहाल करा लाए लेकिन क्लीन चिट नहीं हुए और इस बहाली को चुनौती देते हुए पार्षद परसराम भाटिया हाईकोर्ट में चले गये।

* कालवा ने बहाली पर 20 फरवरी 2024 को कार्यभार ग्रहण किया। उसी दिन अनूपगढ़ से स्थानांतरित होकर आई ईओ पूजा शर्मा ने भी कार्यभार ग्रहण किया। कालवा ने पूजा शर्मा को पुष्प गुच्छ भेंट किए और कहा आपसे कुछ सीखेंगे। तो कालवा क्या सीख रहे हैं। जनता ने चुना स्थानीय सरकार के लिए जो वे भूल गये।

👍 ईओ पूजा शर्मा असल में ईओ सिलेक्ट नहीं है। पूजा शर्मा राजस्व की कर निरीक्षक है जिनको स्वायत्त शासन निदेशालय ने ईओ का चार्ज दिया हुआ है और ईओ उसी निदेशालय के आदेशों को रद्दी में डाल कर सरकार को लाखों की हानि कर चुकी है। कर्मचारियों जो ड्यूटी नहीं कर रहे उनकी फर्जी हाजिरी और भुगतान। अध्यक्ष भी है शामिल। फर्जी हाजिरी लगाने में सफाई निरीक्षक और अन्य भी शामिल। नगरपालिका में लगे सीसीटीवी कैमरे हैं पक्के सबूत। जिस दिन भी यह मामला शिकायत में आया तो अध्यक्ष और ईओ दोनों लपेटे में आएंगे। अब अध्यक्ष को सोचना है कि वे किस स्थिति में बाकी का समय बिताना चाहते हैं।

👍 ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचार को रोकने के लिए तबादला अभी नहीं तो केवल ईओ का कार्यभार फील्ड में जाने वाले विकास निर्माण करवाने वाली अभियंता शाखा के सीनियर इंजीनियर को भी दिलाया जा सकता है और इसको कोई चुनौती नहीं दी जा सकती। भाजपा और भाजपा का पालिका अध्यक्ष शीघ्र ही क्या करते हैं या कोई अन्य कुछ करेगा? ०0० 

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

(राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

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पीएम नरेन्द्र मोदी का स्वागत व राजनीतिक चर्चा करते शंकरलाल अग्रवाल सूरतगढ़.

  





* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 12 अप्रैल 2024.

राजस्थान विधानसभा और लोकसभा चुनाव व परिणाम की समीक्षा पुस्तकों के लेखक संघ के स्वयं सेवक शंकरलाल अग्रवाल ने 11 अप्रैल को जयपुर हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत और संक्षिप्त राजनीतिक चर्चा की। राजस्थान की चुनावी स्थिति पर संक्षिप्त जानकारी पीएम को दी।

प्रधानमंत्री वायुसेना के विमान से जयपुर उतरे थे और आगे करौली जाना था तब यह स्वागत और भेंट हुई।

* शंकरलाल अग्रवाल राजनीतिक समीक्षक होने के कारण ऊंची पहुंच रखते हैं और हर चुनाव पर उनकी नजर रहती है।  

* शंकरलाल अग्रवाल मूल रूप से सूरतगढ़वासी अब जयपुर में एक बड़ी चार्टर्ड एकाऊंट एजेंसी के मालिक है। सूरतगढ़ में उनके नाना भाजपा के वयोवृद्ध नेता प्रयागचंद अग्रवाल हैं।जिनके पुत्र महेश अग्रवाल बड़े व्यवसायी है।

* शंकरलाल अग्रवाल राजनीतिक चुनाव विश्लेषण की पुस्तकें अध्ययन के लिए पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत को भेंट करते रहे हैं। ०0०

12 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत.

पत्रकार,

(राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

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गुरुवार, 11 अप्रैल 2024

सूरतगढ़ भाजपा में गुट बढे. पावरफुल कौनसा गुट रहेगा?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक उलटफेर से भाजपा में गुटों की संख्या बढ गई है। हरेक गुट नेताओं की कार्य प्रणाली स्थानीय स्तर पर अलग अलग है। एक दूसरे से दूरी बनाए रखते हैं। आपसी खींचतान में भविष्य में कौन पावरफुल होगा और कार्यकर्ता किधर जाएंगे?

भाजपा में पहले पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया,पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू और पूर्व विधायक अशोकनागपाल के तीन गुट थे। कासनिया और भादू बड़े गुट रहे और इनके आपसी मतभेद  टकराव व दूरी रही थी।

* अब कांग्रेस के पूर्व विधायक मील गुट का भाजपा में और भादू गुट का कांग्रेस में प्रवेश होने से राजनीतिक स्थिति में बदलाव हुआ है जिसका 

परिवर्तन आगामी हर छोटे बड़े चुनाव में देखने को मिलेगा। भाजपा में अब सूरतगढ़ के तीनों पूर्व विधायकों के अपने अपने गुट हो गये हैं। 

* लोग व कार्यकर्ता दबंगता कार्यकर्ता संख्या और पैसा खर्चने की ईच्छा शक्ति के नजरिये से पावर का आकलन करते हैं। इस नजरिए से आज की स्थिति में मील को अपने पांव जमाने हैं इसलिए वह हर कोशिश करेगें। सबका ध्येय आगे विधानसभा चुनाव में टिकट लेने का है और उसके अनुसार ही दबंगता प्रगट की जाएगी।

** दबंगता के नजरिए से आज की स्थिति में किसको माने पावर यूज कर सकने वाला।


भाजपा में अभी प्रवेश लेने वाले पूर्व विकाधायक गंगाजल मील और भतीजे हनुमान मील का गुट अधिक प्रभावी नजर आता है। अभी पंचायत समिति प्रधान इन्हीं के कुटुम्ब का हजारीराम मील है और हेतराम मील पंचायत समिति में डायरेक्टर है।

** पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया और उनके पुत्र संदीप कासनिया का गुट है जो अपनी चलाता रहा है लेकिन मील के भाजपा में आने से खींचतान निश्चित ही रहेगी। अभी इस गुट में नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा है और इस गुट की कार्यप्रणाली से लोग व भाजपा कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं है। कासनिया के नजदीकी भी असंतुष्ट है। अभी एक संस्था के कार्यक्रम में कालवा को मंच पर नहीं सामने बैठाया गया था। स्वयं कालवा भी अनेक प्रकार से अपनी ढीली कार्य प्रणाली से लोगों को नाराज करता रहा है। अध्यक्ष अपने आप में बहुत पावर वाला होता है जिसके लिए तुरंत पक्का निर्णय और उसको पूर्ण करना होता है। हरेक काम के लिए कासनिया से हां कराने की स्वीकृति लेने की जरूरत नहीं होती। कुछ रिस्क लेने के निर्णय दबंगता से खुद को भी करने होते हैं। कालवा पहले कांग्रेस और मील गुट में था। भाजपा में प्रवेश हुआ तो कासनिया ही विधायक थे सो इस गुट में होना ही था।इस गुट में फिलहाल नगरमंडल के पदाधिकारी आदि हैं। अभी कमान कासनिया के पास है और भाजपा के सभी कार्यकर्ता व लोग संतुष्ट नहीं है। कासनिया के बुरी तरह से हारने के बाद लोग चाहते ही नहीं है।

 लोकसभा चुनाव के बाद नगरपालिका चुनाव से पहले कमान बदलाव होने की संभावना है और पावर भी बदल जाएगी तब कमान नये हाथों को सौंपी जाएगी इसका इंतजार हो रहा है।

** पूर्व विधायक अशोक नागपाल का गुट तीसरा है। हर तरीके प्रणाली से पावर से कार्यकर्ता संख्या से पीछे माना जाता है। अशोक नागपाल 2003 से 2008 तक विधायक रहे। उसके बाद जिला अध्यक्ष रहे। जिलाध्यक्ष पद से हटाए भी गये। अब भाजपा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं जिसकी अपने आप में कोई पावर नहीं होती। पावर दिखाए तो जनता माने कि कुछ है। भविष्य में टिकट आदि मिलने की कोई आशा नहीं। 

*** शराबबंदी और नशामुक्ति आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा भारती छाबड़ा ने काफी समय अशोक गहलोत राज होने न होने की प्रतीक्षा करते हुए कांग्रेस राज खत्म होने के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है और स्पष्ट रूप से ध्येय विधानसभा टिकट है। पूजा छाबड़ा को फिलहाल चौथा गुट माना जा सकता है।

*पूजा छाबड़ा के साथ जो लोग जुड़े वे अब छिन्नभिन्न हैं साथ नहीं है। लेकिन निरंतर कार्यक्षमता से पांच साल में यह लोगों को वापस जोड़ने की क्षमता रखती है इसलिए टिकट के समय तक बहुत ताकतवर हो सकती है। अपनी भाषण क्षमता वाकपटुता और बड़े संपर्क आगे बढने में बहुत काम आएंगे। 2028 तक भाजपा में नारियों को 30 प्रतिशत हिस्सा मिलने की संभावना है सो यह शक्तिशाली रोल अदा करेगी।लेकिन यह सब अभी नहीं,आगे कार्य करते मिलेगा। ऐसी संभावना लगती है। फिलहाल नारी शक्ति में यही एक चेहरा नजर आता है।

👍 आम लोगों की समस्याओं पीड़ाओं सरकारी नीतियों को लागू करने कराने के प्रति किसी की भी रूचि नहीं है। सूरतगढ़ समस्याओं का घर और गंदखाना बनाया हुआ है। लोकसभा चुनाव के बाद नगरपालिका के चुनाव होंगे। अध्यक्ष पद के लिए अनेक चेहरे हैं मगर नगरपालिका में व अन्य विभागों में जनहित के काम पर किसी के पास वक्त नहीं है और विभागों की कार्यपद्धति भी नहीं जानते। धरना प्रदर्शन आदि कार्य पद्धति की जानकारी में नहीं आते।

* नारी अत्याचार का नारा लगाने वाली भाजपा सूरतगढ़ में सभी कुछ भी करना बोलना नहीं चाहते।

* लोकसभा चुनाव 2024 के बाद किसकी चलेगी ? यह पावर कौन इस्तेमाल कर पाएगा?०0०

11 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार,

राजस्थान सरकार द्वारा अधिस्वीकृत.

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356

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बुधवार, 10 अप्रैल 2024

क्या भाजपा सीएम भजनलाल को दुष्कर्म पीड़ित परिवार से मिलाने सांवलसर ले जाएगी?

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

भाजपा के प्रदेश मंत्री विजेंद्र पूनिया जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया पूर्व विधायक अशोकनागपाल पूर्वविधायक गंगाजल मील,पूजा भारती छाबड़ा,महिला मोर्चा और लोकसभा प्रत्याशी प्रियंका बेलाण मेघवाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को दुष्कर्म पीड़ित परिवार से मिलाने सांत्वना व न्याय के लिए सांवलसर ले जाएंगे? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 12 अप्रैल को सूरतगढ़ आएंगे।


 दुष्कर्म सें परेशान स्वामी परिवार की दो औरतें भाभी ननद आत्महत्या करलें और उसके एक मुकदमें में जांच अधिकारी पुलिस उप अधीक्षक प्रतीक मील और उसका रीडर भी नामजद अभियुक्त हो तब मामले की गंभीरता सैकड़ों गुणा बढ जाती है। क्या सही और तीव्र जांच के लिए इस मामले को एस ओ जी को सौपा जाने के लिए ये सभी प्रयास करेंगे या इसे पुलिस अधिकारी को बचाने के लिए बीच में लटकता छोड़ देंगे ताकि पीड़ित गरीब परिवार थक कर न्याय मांगना ही छोड़ जाए। 

* अभी तक भाजपा नेताओं का रवैया निष्क्रियता भरा साफ साफ दिखाई दे रहा है। श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ पुलिस सर्किल के राजियासर थाना क्षेत्र के सांवलसर ग्राम का मामला है। तीन जनों ने एक महिला को शिकार बनाया और उसके विडिओ बनाए। उसके बाद उसको विडिओ सार्वजनिक करने की धमकियां देकर मजबूर किया और ननद को भी शिकार बनाया। परेशान होकर महिला ने आग लगाली और कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। उसके पीहर वालों ने मौत पर ससुराल वालों पर मुकदमा कर दिया। दुष्कर्मी कुछ समय गायब रहे और फिर ननद को उसका वीडियो सार्वजनिक करने को धमकाने लगे। पीड़ित लड़की ने 25 मार्च को राजियासर थाने में रेप का मुकदमा नं 81 दर्ज कराया। पीड़िता ने  जांच अधिकारी पुलिस उप अधीक्षक प्रतीक मील और उसके रीडर रामप्रकाश के विरूद्ध 27 मार्च को जिलापुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। आरोप लगाया कि एक ही समुदाय के होने के कारण अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर रहे। उल्टे उसे पीड़िता को धमकाया जा रहा है कि भाभी की मौत के मामले में जेल भेज देंगे और परिवार को भी फंसा देंगे। उसका डाक्टरी मुआयना कराने के लिए भी भटकाते रहे। पीड़िता ने आत्महत्या करने से पहले मीडिया को अपना बयान रिकॉर्ड कराया उसमें  दर्दनाक हालात बताए। डाक्टरी मुआयना करने वाले  डॉक्टर ने भी पीड़िता को धमकाया। अभी डाक्टर का नाम शामिल नहीं हुआ है लेकिन जब विडिओ जांच में लिया जाएगा तब डाक्टर पर भी मुश्किल आ सकती है। 

* इसके बाद पीड़िता ने 3 अप्रैल की रात को फांसी लगाली और मर गई। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया। लोगों व पीड़ित परिवार के धरना प्रदर्शन लाश नहीं लेने का मामला हुआ। आखिर 5 अप्रैल 2024 को मुकदमा नं 96 राजियासर थाने में दर्ज हुआ। एक दुष्कर्मी जो वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देता था और दो पुलिस वालों पुलिस उप अधीक्षक प्रतीक मील,रीडर रामप्रकाश पर केस दर्ज  हुआ। जांच रामकरण पुलिस उप अधीक्षक को सौंपी गई लेकिन आरोपी पुलिस उप अधीक्षक प्रतीक मील को न सस्पेंड किया न एपीओ किया। चुनाव ड्यूटी में लगा दिया। 

* पुलिस ने जो मुकदमा किया उसमें रामप्रकाश को एफसी और पता सीओ कार्यालय सूरतगढ़ लिखा गया लेकिन पुलिस उप अधीक्षक को पद और एडरैस अलग तरीके से लिखा गया। केवल प्रतीक मील और उसके बीकानेर घर का पता लिखा गया। 



* पुलिस जांच में अभियुक्तों के मोबाइल जिनमें विडिओग्राफी हुई जब्ती हुई या नहीं। सभी अभियुक्तों के मोबाइल काल डिटेल आदि अन्य साक्ष्य के लिए त्वरित जांच के लिए सभी प्रकरण जन दबाव से  एस ओ जी को निश्चित ही सौंपा जाएगा।

* भाजपा की सरकार है और महिला अत्याचार नहीं होने का दावा करती है इसलिए फिलहाल तो इनके नेताओं और महिला नेताओं का रवैया देखना है कि ये उच्च स्तरीय जांच व पुलिस उप अधीक्षक को सस्पेंड करवाने आदि के लिए क्या करते हैं? क्योंकि धरना आदि में ये मांगे थी। सत्ता धारी भाजपा नेताओं ने परिवार को पीड़ाजनक हालत में छोड़ दिया है या कुछ कर रही है। भाजपा नेताओं की कोई गतिविधियां दिखाई नहीं दे रही और प्रियंका बेलाण की ओर से कोई बयान नहीं है। 

०0०

10 अप्रैल 2024.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकार. 

( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356

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करणी मंदिर सूरतगढ़ की अद्भुत प्रतिमा:बगीचे में मिलती शांति और पीपल से देवीय शक्ति का आनंद.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

भारत के राजस्थान राज्य में श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ शहर में आना  हो तो करणी माता मंदिर के दर्शन पूजन के असीम आनंद को भी प्राप्त करना चाहिए। यह मंदिर शहर से सटे श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ बाइपास रोड पर स्थित है। इसकी स्थापना राजपूत क्षत्रिय संस्था सूरतगढ़ की ओर से हुई और संस्था ही संचालन देखरेख करती है।. दर्शन पूजन सभी समाजों के श्रद्धालु करते हैं। 



करणीमाता के देशनोक मंदिर की शिला प्रतिमा की अनुकृति ही सूरतगढ़ मंदिर में स्थापित है। सिंदूर चढी यह प्रतिमा अद्भुत है। श्रद्धालुओं को लगता है कि देवी उनकी तरफ ही देख रही है। इस विशेषता से श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद में खो जाते हैं।





मंदिर के आगे एक पीपल का पेड़ है जो सूर्य के प्रकाश को एक ओर से प्रवेश कराता है और दूसरी ओर सतरंगी आभा में फैला देता है। यह अनोखापन  देखते ही रह जाते हैं। दोपहर के बाद जब सूर्य अस्ताचल की ओर बढ रहा था तब मैंने अपरान्ह चार बजे के बाद यह अद्भुत दृश्य कैमरे में उतारा। इस दृश्य को इस लेखन से पहले पचासों बार देखा और देखता रहा। इस पीपल की विशेषता वानस्पतिक भी है कि अनेक तने इसे खूबसूरत बनाते हैं। इस पीपल के नीचे पास में खड़े होकर देखने हवा लेने का आनंद ही अलग है जिसमें श्रद्धालु खो जाते हैं।मौन शांत अलौकिक सा आध्यात्मिक आनंद। 















मंदिर के बगीचे में विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधों और पुष्पों की सुगन्धित समीर का आनंद हरियाली दूब पर विचरण से बैठने से मिलता है। भजन कीर्तन पाठ करने का आनंद हमारी कल्पना से भी बहुत अधिक। 
करणी माता मंदिर प्रांगण में ये असीम आनंद श्रद्धालु उठाते हैं।




( मेरे अहसास अनुभूति और विश्वास से रचा यह लेख और छाया चित्र श्रद्धालुओं को प्रस्तुत है। हर श्रद्धालु की अपनी अनुभूति होती है,हो सकता है कि मेरे से भी अधिक आनंद अन्य ने प्राप्त किया हो। आनंदित सभी श्रद्धालुओं का वंदन।)०0०

23 अक्टूबर 2021.

अपडेट 10 अप्रैल 2024.


( 60 वर्ष सन 1966 से पत्रकारिता लेखन)

करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
विजयश्री करणी भवन,सूर्यवंशी स्कुल के पास,मिनि मार्केट, सूर्योदय नगरी,
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
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