करणी प्रेस इंडिया

मंगलवार, 30 जून 2026

पींपासर( राजस्थान) गांव के जोहड़ पर खेती.नेताओं व बड़े लोगों की खेती.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 30 जून 2026.

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का रेतीले इलाके का पुराना गांव पीपासर और उसमें पुराना जोहड़ है जिसका उपयोग गरीब साधारण लोग नहीं कर सकते। चालीस पैंतालीस सालों से जोहड़े पर प्रभावशाली सत्ताधारियों के नजदीकी लोगों की खेती हो रही है। लोगों ने सत्ता के बल पर अपने अपने अतिक्रमणों में नलकूप लगा लिए और हर फसल लाखों की उठा रहे हैं। वर्तमान में अतिक्रमण खेतों में मूंगफली और नरमे की खेती है।

* जिला प्रशासन,उपखंड प्रशासन और तहसील में अधिकारियों का आना जाना रहा मगर किसी ने भी फोर्सली अतिक्रमण हटाने की कार्वाई नहीं की। 

* प्रशासनिक रिपोर्ट जोहड़ अतिक्रमण मुक्त कराने की रिपोर्ट है। अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस जाब्ता प्रबंध भी हो गया लेकिन अतिक्रणकारियों ने कार्वाई नहीं होने दी। गांव के काफी लोगों ने अतिरिक्त जिलाकलेक्टर भवानीसिंह पंवार को हालात से अवगत कराया व ज्ञापन दिया। बुजुर्ग ने कहा कि जिनके घर हैं उनसे कोई शिकायत नहीं मगर जो फसलें उठा रहे हैं उनसे जोहड़ा खाली करवाएं। अतिरिक्त जिलाकलेक्टर ने कहा कि कार्वाई के लिए यह ज्ञापन उपखंड अधिकारी को भिजवा रहे हैं।



उपखंड अधिकारी कार्यालय के आगे एकत्रित गाँव वालों के कहने में कुछ नाम आए जो जोहड़ की जमीन पर खेती कर रहे हैं। बलदेव नाम का आदमी 96 बीघा पर,पवन नाम का आदमी 15 बीघा पर,गणपतराम नामका आदमी 10 बीघा पर,भागीरथ नामका आदमी 35 बीघा पर,लालचंद नामका आदमी 25 बीघा पर ,दुलाराम नामका आदमी 25 बीघा पर,जुगराज नामका आदमी 20 बीघा पर व कुछ और आदमी भी खेती करने वालों में शामिल हैं। ये लोग किस अधिकार से या किसी गलतफहमी से खेती कर रहे हैं? असल में इन लोगों की जमीन है तो वह कितनी है और कहां स्थित है? जमीन के पट्टे, खातेदारी है तो उनके आधार पर सही जगह पर खेती कर सकते हैं लेकिन जोहड़ की जमीन पर खेती नहीं कर सकते। बलदेव खुद इलाके का जानकर है। उसे व अन्य सभी को सही जगह के लिए प्रशासन से मांग करनी चाहिए। यह विवाद चालीस सालों से है तो इसका निपटारा भी किया जाना चाहिए ताकि गांव में सभी शांति से हिलमिल कर रह सकें।






सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है की जल क्षेत्रों पर अन्य कोई कार्य नहीं हो सकता,अतिक्रमण भी नहीं हो सकता। पींपासर की सरपंच रामी देवी है जो हालात पर सही स्थिति बनाए  क्योंकि जल क्षेत्रों का दुरपयोग किसी भी हालत में नहीं किया जा सकता। लोगों की एकजुटता से हालात ऐसे लग रहे हैं कि प्रशासन इस मांग को पैंडिंग नहीं रख सकता। 


एसडीएम का दस दिन में कब्जे हटवाने का  आदेश।


 पीपासर व चक अमरपुरा में जोहड़ पायतनों के कब्जे हटाने की मांग को लेकर विधायक डूंगर राम गेदर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने  उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया  कि पींपासर व चक अमरपुरा में 175 बीघा जमीन जोहड़ पायतन भूमि 45 वर्षों से प्रभावशाली लोगों के कब्जे में हैं।ग्रामीणों ने बताया कि जोहड़ पायतन का कब्जा हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों को अनेक बार अवगत करवाने के बाद भी कब्जा नही हटाया गया। प्रभावशाली लोग जोहड़ पायतन की भूमि पर ट्यूबवैल लगा कर अवैध रूपसे खेती कर रहे हैं।ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि उन्होनें इससे पहले इसी संबंध में सूरतगढ़ तहसीलदार विनोद कुमार कड़वासरा प्रार्थना पत्र दिया गया था।जिस पर तहसीलदार ने राजियासर उप तहसील के नायब तहसीलदार गुलाबसिंह नोजल के दिशा निर्देश में दो गिरदावरों व तीन पटवारियों की टीम गठित की गई। ग्रामीणों ने बताया कि प्रभावशाली लोग राजनीतिक रूप से राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों पर दवाब बनाते रहे हैं। इसी कारण पैंतालीस वर्ष से जोहड़ पायतन के कब्जे नहीं हटे।  ग्रामीणों ने जोहड़ पायतन पर कब्जे नहीं हटाने पर राजियासर उप तहसील के समक्ष धरना लगाने की चेतावनी दी। 

* एसडीएम  भरतजयप्रकाश मीणा ने  दस दिन में जोहड़ पायतनों से अतिक्रमण हटवाने का तथा किसी तरह से जांच प्रभावित नही होने का आश्वासन दिया।

 ज्ञापन देने वालों में ग्रामीण रामप्रताप गोदारा, लेखराम शर्मा, मामराज गोदारा, रामकुमार शर्मा,परसराम शर्मा,हेतराम गोदारा, पूर्णाराम गोदारा,मदनलाल शर्मा, बीरबल राम गोदारा,  अजय पाल गोदारा पवन शर्मा, ओम प्रकाश सेन, कृष्णलाल, सुरेंद्र कुमार, मनीराम दिलीप इमीलाल, लीलाधर, अणतराम गोदारा, मेरचंद खातरिया, योगेंद्र शर्मा, हरिराम, सुरजाराम, शीशपाल,रमेश, पूर्णराम सौलंकी सहित अनेक  ग्रामीण मौजूद रहे।


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ईओ पूजा शर्मा के विरुद्ध हो सकता है बड़ा एक्शन.गलत बनाए गये पट्टे निरस्त करने थे ,नहीं किए.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 30 जून 2026.

राजस्थान में भाजपा की सरकार है और कांग्रेस राज में मनोनीत अध्यक्ष परसराम भाटिया द्वारा बनाए गए गलत पट्टों को निरस्त करने के बजाय ईओ पूजा शर्मा ने सरकार को गलत रिपोर्ट भेजी और 13 महीनों से मामले को दबा रखा है। पूजा शर्मा ने लोकसेवक का कर्तव्य पूरा करने के बजाय पट्टे लेने वालों को बचा रखा है। सरकार को झूठी रिपोर्ट भेज दी,यह सोचकर कि फाईलें कौन देखता है,गलत पट्टे भी बच जाएंगे और गुपचुप जांच फाईल इधरउधर करदी जाएगी। 

👍 ये पट्टे पार्षदों के परिजनों, बड़े लोगों, सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों व सूरतगढ़ से बाहर रहने वालों के झूठे दस्तावेजों से,नगरपालिका स्टाफ की मिलीभगत से हड़पे हुए हैं। सड़कों के किनारे,सड़क पर पट्टे बना दिए जिनकी जमीन कीमत करीब 10 करोड़ रू है।

* डीएलबी ने शिकायत पर जांच की कार्वाई क्षेत्रीय उपनिदेशक बीकानेर को सौंपी। उपनिदेशक ने नगरपालिका ईओ को लिखा। ईओ पूजा शर्मा ने मई 2025 को उपनिदेशक को जवाब दिया। ईओ ने हरेक पट्टे की नोटिंग में एक जैसी टिप्पणी लिखी। लिखा गलत दस्तावेज से पट्टे गलत बने,निरस्तीकरण की कार्वाई शुरू कर दी है, जांच पूरी होने पर अवगत करा दिया जाएगा। पार्षदों के परिजनों के पट्टों बाबत लिखा कि पार्षद पट्टे नहीं ले सकते। पट्टे गलत जारी हुए, निरस्तीकरण कार्वाई शुरू कर दी गई है। सरकारी अधिकारी कर्मचारी पट्टे नहीं ले सकते,निरस्तीकरण की कार्वाई शुरू कर दी है। मानकसर के व्यक्ति द्वारा पट्टा लिए जाने पर भी लिखा है कि गलत वोटर लीस्ट बना कर लिया। सड़क पर पट्टा गलत जारी होने का लिखा जिसमें निरस्तीकरण शुरू करने का उल्लेख नहीं किया। 

* ईओ पूजा शर्मा ने 13 महीने पहले पट्टे निरस्तीकरण  कार्वाई शुरू करने का लिखा और 13 महीनों में कार्वाई के बजाय पट्टे लेने वालों से सांठगांठ कर ली तथा पट्टे निरस्त नहीं किए। यह कार्वाई तो उसी समय पूरी कर,लोगों के अतिक्रमण ध्वस्त कर जमीन नगरपालिका के कब्जे में ले लेनी थी। नगरपालिका संपत्ति के बोर्ड वहां लगा दिए जाने थे। 

👌 एक मामला पानादेवी को गलत पट्टा जारी करने की शिकायत का था। ईओ पूजा शर्मा का नाम था। उस पट्टे को ईओ पूजा शर्मा ने तुरंत निरस्त किया। पानादेवी का अतिक्रमण ध्वस्त कर नगरपालिका संपत्ति का बोर्ड लगा दिया था, लेकिन 13 पट्टों के मामले में लोकसेवक का कर्तव्य नहीं निभाया। ईओ पूजा शर्मा पर बड़ा एक्शन हो सकता है। पूजा शर्मा इस मामले में सख्ती हुई तो जांच के बाद नौकरी से बर्खास्त भी हो सकती है। अभी चलते शहरी सेवा शिविर में गुपचुप पट्टे निरस्तीकरण भी कर सकती है। मामला एक बार फिर सरकार की शिकायत में पहुंचा है।०0०








सोमवार, 29 जून 2026

सूरतगढ़ की राजनीति में राहुल लेघा की बढी ताकत. सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र 2026. लेटेस्ट रिपोर्ट.

  



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ विधानसभा क्षेत्र में युवा चेहरे राहुल लेघा का ग्रामीण इलाकों में बढ रहा प्रभाव और शहर में राजनीतिक चर्चा बढ रही है वह अन्य नेताओं को पीछे छोड़ रही है। कुछ नेताओं का घटनाओं पर अचानक प्रगट होना और कुछ की राजनीतिक फाईलें जनता में बंद होने की स्थिति में नया चेहरा राहुल लेघा राजनीति और सामाजिक कार्यों में पारिवारिक पृष्ठभूमि की सक्रियता से लगातार आगे नजर आ रहा है। 




* राहुल लेघा को भारतीय जनता युवा मोर्चा राजस्थान का प्रदेश मंत्री बनाए जाने के बाद से सूरतगढ़ की राजनीति में हलचल हुई है। यह हलचल राहुल लेघा की ओर आकर्षित कर रही है। 

* विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा प्रत्याशी रामप्रताप कासनिया की हार की राजनैतिक समीक्षा यह रही कि लोग कासनिया को लगातार दुबारा सही नहीं मान रहे थे। (* उस समय जाट वर्ग का विरोध नहीं था। कासनिया का विरोध था। अभी भी इस वर्ग का कोई विरोध नहीं है। )

राहुल लेघा 2023 में भी दावेदार थे। आगामी विधानसभा चुनाव 2028 में राहुल लेघा को प्रत्याशी बनाए जाने का पक्ष अधिक मजबूत होगा। यह अभी आभास होने लगा है। विधानसभा चुनाव 2028 की चर्चा काफी पहले 2026 में करने का सीधा मतलब है कि हमारी राजनैतिक स्पर्श की नजर लगातार आम लोगों की गतिविधियों पर है। जो दिखाई दे रहा है वह लिखा जा रहा है। राजनीति में लगातार सक्रियता और लोगों से संपर्क भी लगातार रखना जरूरी होता है। यह स्थिति कायम रखना राहुल लेघा और उनके समर्थकों के लिए बहुत जरूरी है। राजनीति में हर कदम संभल संभल कर रखना होता है,यह पूरा परिवार अच्छे रूप में जानता है। 

* सूरतगढ़ में राहुल लेघा को अपनी टीम में नये उत्साही लोगों को रखना होगा। बुझे और निरुत्साहित लोगों का संपर्क गति में तेजी नहीं रखता।



👌 राहुल लेघा पर करणी प्रेस इंडिया पर एक विशेष रिपोर्ट. 28 फरवरी 2022 को दी गई थी। वह रिपोर्ट यहां एक बार फिर बिना किसी संशोधन के दी है। यह रिपोर्ट करणी प्रेस इंडिया पर अभी भी मौजूद है।



* करणीदानसिंह राजपूत *



सूरतगढ़ सीट पर बुजुर्गों की कई साल की राजनीति के चलते पिछले दो-तीन साल से लगातार मांग उठ रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2023 में नया चेहरा हो युवा चेहरा हो।

इस मांग को पूरा करने के लिए पारिवारिक राजनैतिक पृष्ठभूमि और इलाके की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले लेघा परिवार से भारतीय जनता पार्टी की ओर से टिकट मांगेंगे राहुल लेघा सुपुत्र महावीर लेघा। 26 वर्षीय राहुल लेघा इस समय पंचायत समिति सूरतगढ़ के रघुनाथपुरा गुडली इलाके से डायरेक्टर हैं।


राहुल लेघा के दादा चंदू राम लेघा पंचायत समिति सूरतगढ़ में योग्य और प्रसिद्ध प्रधान रह चुके हैं।



*भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार युवा चेहरे राहुल लेघा के बारे में पहले बात करें।*



 राहुल लेघा भारतीय जनता पार्टी के अग्रिम संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य रहते महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर से 2014-15 में छात्र संघ अध्यक्ष रहे।


उच्च शिक्षित राहुल लेघा माइनिंग में बीटेक करने के बाद हिंदुस्तान जिंक में जिंक में  2015 से 2019 तक सर्विस में रहे। क्षेत्रीय राजनीति में प्रवेश करने के लिए 2019 में नौकरी छोड़ कर इलाके में युवाओं की टीम के संग राजनीति और सामाजिक कार्यों में उत्तरे। पंचायत समिति सूरतगढ़ के 2022 के चुनाव में एक महत्वपूर्ण इच्छा को लेकर चुनाव लड़ा और डायरेक्टर चुने गए। राहुल लेघा इलाके के विकास को लेकर बहुत बड़े सपने संजोए हुए हैं और वे सपने विधानसभा क्षेत्र तक पूरे करने के इरादे हैं।


* हम आते हैं परिवार की राजनीति और वर्तमान स्थिति पर*


चंदू राम लेघा इस समय करीब 72 साल की उम्र में भी राजनीतिक लोकप्रियता प्राप्त किए हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी में एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। यह पहचान उनके विगत पदों और कार्यों के कारण स्थाई बनी हुई है। इनके पौत्र राहुल लेघा सूरतगढ़ पंचायत समिति के डायरेक्टर चुने गए। इन्हीं के 1 पुत्र राजेंद्र लेघा नगर पालिका श्रीबिजयनगर के अध्यक्ष हैं। 


 एक पुत्र धनराज लेघा जोधपुर हाईकोर्ट में वकालत करते हुए वापस ग्रामीण क्षेत्र में लौटे और रघुनाथपुरा गांव में श्री कृष्ण गौशाला में अध्यक्ष के रूप में गौ सेवा में लगे हैं। चंदूराम लेघा की एक खासियत रही है। उन्होंने गौ सेवा के लिए भी दान देने में कमी नहीं रखी। गौशाला निर्माण के वक्त 21 लाख रुपए दान दिए। अब 6 फरवरी 2022 को 11लाख रुपए फिर दान दिए। इलाके में गोवंश रक्षक के रूप में भी एक ख्याति बनी हुई है।


* राहुल की भाजपा टिकट की दावेदारी में दादा की राजनीति और इलाके की सेवा *


राहुल लेघा भाजपा की टिकट के लिए जो प्रबल दावेदारी कर रहे हैं,उसमें पारिवारिक जनसेवा और राजनीतिक पहचान बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। 

दादा चंदू राम जी लेघा (सुपुत्र भारूराम जी लेघा) का जन्म 4 अप्रैल 1949 को हुआ। हायर सेकेंडरी करने के साथ ही वे अपने ग्रामीण क्षेत्र में में कार्य में आगे निकले। 1973 से 1982 तक रघुनाथपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष पद पर रहे। 1989 में तिलहन उत्पादक सहकारी समिति रघुनाथपुरा के अध्यक्ष रहे और 1992 में तिलम संघ बीकानेर के अध्यक्ष रहे। 

1982 से 1988 तक गोविंद सर ग्राम पंचायत के उपसरपंच रहे और 1981 से 92 तक यहां सरपंच रहे। 


1989 से 3 वर्ष तक कृषि उपज मंडी समिति सूरतगढ़ के अध्यक्ष भी रहे। 


**1995 से 2000 तक पंचायत समिति सूरतगढ़ के प्रधान रहे। यह प्रधानगी इलाके में सादगी के रूप में कार्य के रूप में प्रसिद्ध रही। आज तक लोग चंदू राम लेघा के प्रधान कार्य काल का गौरवपूर्ण वर्णन करते हैं। 


चंदू राम लेघा 20 सूत्री समिति,जिला अंधता निवारण समिति,जिला साक्षरता समिति के सदस्य रहे। सिंचित क्षेत्र विकास समिति बीकानेर के सदस्य रहे।

* इन सेवाओं के साथ में भारतीय जनता पार्टी के एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता और नेता के रूप में भी हर समय आगे रहे। 2002 से 2004 तक भारतीय जनता पार्टी सूरतगढ़ के देहात मंडल के अध्यक्ष रहे। 2006 से 2008 तक कृषि उपज मंडी समिति के सदस्य रहे।2000 से पिछले कई सालों तक भाजपा श्रीगंगानगर जिला कार्यसमिति के सदस्य भी रहे। 

सूरतगढ़ क्षेत्र में राजनैतिक व  सामाजिक सेवा में इस परिवार की अग्रणी पहचान है। यह पहचान सेवा जानकारी और प्रसिद्धि सभी मिलाकर नये चेहरे युवा चेहरे राहुल लेघा की दावेदारी को मजबूत करते हैं। भाजपा में  और इलाके में नया चेहरा और युवा चेहरा की मांग को भी पूरा करते हैं।०0०

👌 2023 में सूरतगढ़ सीट पर भाजपा और बसपा की टक्कर कांग्रेस के डूंगर राम गेदर से होगी यह माना जा रहा है। कांग्रेस डूंगर राम गेदर को टिकट देगी। इसकी 99 प्रतिशत संभावना है। गेदर कांग्रेस के नये चेहरे के रूप में उतारे जाएंगे।०0०


दि. 28 फरवरी 2022.


रिपोर्ट; करणीदानसिंह राजपूत,

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कम्प्यूटर आपरेटर रमणदीपसिंह को नगरपालिका सेवा से हटाया.पूर्व पार्षद की शिकायत की जांच के बाद हटाया.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 29 जून 2026.कम्प्यूटर आपरेटर रमणदीपसिंह को नगरपालिका सूरतगढ़ की सेवा से हटा दिया गया है। अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने 26 जून 2026 को रमणदीपसिंह को नगरपालिका सेवा से मुक्त कर 'समय सेवा प्रदाता, भादरा को लौटा दिया व नया  कम्युटर आपरेटर उपलब्ध कराने के लिए लिखा। नगरपालिका सूरतगढ़ में समय सेवा प्रदाता, भादरा की ओर से संविदा पर  रमणदीपसिंह को उपलब्ध कराया हुआ था।

*  पूर्व पार्षद हरीश दाधीच व अन्य की एक बड़ी शिकायत थी। पूर्व पार्षद ने उपखंड अधिकारी को शिकायत की थी। अनेक लोग शिकायत के समय शामिल थे। प्रशासन ने शिकायत की जांच राजस्व तहसीलदार को सौंपी। पूर्व पार्षद हरीश दाधीच ने बयान दिए व तथ्य सौंपे। अन्य लोगों के बयान भी हुए थे जिनमें रमणदीपसिंह पर आरोप लगाए गये थे कि वह गड़बड़ी करता है व रिपोर्ट झूठी कर देता है। नगरपालिका ने समय सेवा प्रदाता को केवल कम्युटर आपरेटर को लौटाने का ही लिखा है।०0०








रविवार, 28 जून 2026

रामप्रताप कासनिया की पावर नहीं चल रही.सामुदायिक भवन पशुओं का बाड़ा बना.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 28 जून 2026.

नगरपालिका सूरतगढ़ के क्षेत्र में रामदेव मंदिर रोड पर बना सामुदायिक भवन रामप्रताप कासनिया के फंड से बना,उनके द्वारा उदघाटन हुआ मगर शुरू नहीं हो पाया। इस सामुदायिक भवन की कार्यकारी एजेंसी ग्राम पंचायत 7एसजीएम थी। रामप्रताप कासनिया के विधायक काल में करीब 10 लाख रूपये से यह भवन बनाया गया। रामप्रताप कासनिया ने 27 सितंबर 2023 को उद्घाटन किया। 



* रामप्रताप कासनिया के फंड से बना सामुदायिक भवन नगरपालिका संभालना नहीं चाहती। आखिर ऐसी कौनसी खामी या परिस्थितयां हैं कि रामप्रताप कासनिया नगरपालिका प्रशासन से यह सामुदायिक भवन शुरू नहीं करवा पाए और दो साल बीत गये। नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी पद पर 20 फरवरी 2024 से पूजा शर्मा है। ईओ पूजा शर्मा के कार्यकाल में यह भवन नष्ट हो रहा है। यह सरकारी धन से बना सामुदायिक भवन है। कासनिया जी की सब विभागों में चलती है। नगरपालिका में यह स्थिति क्यों है? रामप्रताप कासनिया के पुत्र संदीप कासनिया के सभी काम ईओ पूजा शर्मा कर रही है। लोगों को यह अजीब लग रहा है। अब संभावना लग रही है कि यह सामुदायिक भवन नया ईओ आने के बाद शुरू कराएगा।०0०








शुक्रवार, 26 जून 2026

सूरतगढ़:नया ईओ आएगा तो शहर की गंदगी से चकराएगा.कहां आ गये नाम के भुलावे में?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 26 जून 2026.

 नगरपालिका में नया ईओ आएगा तो शहर की गंदगी देखकर चकराएगा। बड़े नाम का बदबूदार शहर जिसकी साफ सफाई करने में महीनों लग जाएंगे। सबसे पहले कुछ दिनों में ही मिलेगी बरसाती पानी निकासी की समस्या जिसमें पानी में डूबती दिखाई देगी गली मोहल्ले की सड़कें और गलियां। लेकिन मुख्य बाजार में बुरे हालात। आखिर एक लाख के करीब जनता भरा यह शहर गंदे हालात में कैसे घिरा? कोई एक भी नहीं बोला और ईओ पूजा मनमानियों से ड्युटी करती रही। 









 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के लिए ईओ पूजा शर्मा को  हर कार्य दिवस पर शहर को देखना चाहिए था लेकिन शर्मा सवा दो साल के कार्यकाल में 10-15 बार ही निरीक्षण को निकली और ये निरीक्षण भी कुछ मिनटों के रहे। इस कारण स्वच्छ भारत अभियान यहां दो साल में गंदगी फैलाता अभियान बन कर रह गया। नगरपालिका की करोड़़ों रूपयों की जमीनों पर भूमाफिया और नेताओं की शह पर लोगों के अतिक्रमण हो गये तथा अनेक पर मार्केट काम्प्लेक्स बन गये,दुकानें बन गयी,अवैध होटल बन गये। ईओ पर भी आरोप है कि यह सब शह पर हुआ। नगरपालिका में घोटाले हैं और उनकी फाईलें मिलती नहीं है। स्थानीय निकायों के स्थानांतरण सोमवार  29 जून से किसी भी दिन होंगे। राजस्थान में स्थानांतरण 4 जुलाई 2026 तक होंगे। * यहां वार्ड नं 45 की गंदगी, गंदा पानी सड़कों पर है और इस तरह के हालात ही लगभग अन्य अधिकांश वार्डों के हैं। देखते हैं कौन आता है,सरकार किसको भेजती है?०0०








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आपातकाल: शाह आयोग और कानसिंह समिति की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे. डर तो कांग्रेस को हो.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

इंदिरा गांधी ने अपनी सरकार अपना प्रधानमंत्री पद बचाने के लिए आपातकाल लगाया। 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक आपातकाल की अवधि में संविधान कुचल दिया, मूल अधिकार खत्म,अखबारों पर सेंसर और अनेक बंद,लाखों लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया। कुंवारों और बुड्ढों की जबरन नसबंदी कर दी गई थी। संपूर्ण भारत में अत्याचार हुए। अनेक नेताओं पर राष्ट्र द्रोह जैसे मुकदमे हुए। मीसा रासुका और सीआरपीसी के तहत गिरफ्तारियां हुई। 

* लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में जनता पार्टी की सरकारें बनी। भारत सरकार ने आपातकाल के अत्याचारों के लिए शाह आयोग का गठन किया। राजस्थान सरकार में मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत ने जस्टिस कानसिंह की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया। शाह आयोग और कानसिंह समिति की रिपोर्ट सरकारों ने सार्वजनिक नहीं की। इन रिपोर्ट्स में आधिकारिक वर्णन है जो देश के सामने  उजागर होने चाहिए। आपातकाल के 51 सिल बीत गये। केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार को ये सार्वजनिक करनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से और राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी मांगे हुई है कि ये रिपोर्ट्स सार्वजनिक हों। इनमें तथ्य हैं जो जनता के सामने आएं। आपातकाल का विरोध करने वाले,जेलों की यातनाएं सहने वाले भी पढ सकें। आपातकाल जेल बंदी 70 वर्ष से 95 की उम्र में हैं और परलोक जा रहे हैं। जो जीवित हैं वे पढ़ लें। आखिर इनके बस्तों में बंद रखने से फिर कौन पढेगा। किसको पढाने के लिए ये बस्तों मैं बंद है। इन रिपोर्ट्स के सार्वजनिक होने से तो कांग्रेस को डर होना चाहिए। ०0०

26 जून 2026.

करणीदानसिंह राजपूत,

लोकतंत्र सेनानी राजस्थान,

स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत आजीवन) 

सूरतगढ़ ( राजस्थान )

94143 81356.

( प्रकाशन कर सकते हैं।)


सूरतगढ़ गंगानगर के लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि 30 हजार रू.- सीएम भजनलाल शर्मा की घोषणा.

 


- करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 26 जून 2026.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि में वृद्धि की घोषणा की है। यह घोषणा 25 जून को की गई। इसी माह से 25 हजार रू.सम्मान राशि और 5 हजार रू. चिकित्सा भत्ता कुल 30 हजार रू. मिलेंगे। (तक  अभी 20 हजार रू सम्मान राशि और 4 हजार रू. चिकित्सा भत्ता मिलता था).  कांग्रेस राज इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री की ओर से इमरजेंसी लगाई गई। मूल अधिकार छीन लिए गये। संविधान की रक्षा और लोकतंत्र पुनः स्थापित करने के लिए आपातकाल के विरोध और जेलों में बंद रहे लोगों को राजस्थान सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान प्रदान किया हुआ है।

आपातकाल 1975-77 

 💐सूरतगढ़ में लोकतंत्र सेनानी हैं।

 1-विधायक वरिष्ठ वकील सरदार हरचंद सिंह सिद्धु

2-वरिष्ठ पत्रकार करणीदान सिंह राजपूत

3-हनुमानप्रसाद मोट्यार

4- श्री नेमीचंद छींपा 

 5-श्री सुगन पुरी

6-श्री महावीर प्रसाद पारीक

7-श्री मुरलीधर उपाध्याय 

 8- श्री गुरनाम सिंह

10-श्री घनश्याम लाल शर्मा 

12- बलराम वर्मा 

13- लक्ष्मण शर्मा 

जिन लोकतंत्र सेनानी परलोक चले गये,उनकी पत्नियों को सम्मान राशि मिल रही है जो अब 30 हजार रू. मिलेगी। श्रीमती लक्षमी देवीश्रीमती गुड्डी देवी.श्रीमती रोमिला हैं।

हरचंद सिंह सिद्धु हनुमान विधायक  मोट्यार सुगनपुरी सरकारी कर्मचारी रहे उनको चिकित्सा भत्ता पहले से पेंशन में मिल रहा है सो इनको सम्मान राशि 25 हजार रू. प्रतिमाह मिलेगी।


श्रीगंगानगर जिले से लोकतंत्र सेनानी ये भी हैं।

श्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता हाल ऐलनाबाद, श्री रामकुमार पारीक रायसिंह नगर,

 श्री भंवरलाल श्रीगंगानगर, श्री मदनलाल जिंदल श्रीगंगानगर, श्री रामस्वरूप मांझू बींझबायला,  श्रीमती मंजू टांटिया श्रीगंगानगर, श्रीमती सरोज चुघ श्रीगंगानगर,श्रीमती सविता देवी श्रीगंगानगर,  श्री पूर्णनाथ गोस्वामी,  श्रीमती राजविंदर कौर, श्रीमती इंदुबाला, श्री मांगीलाल जैन घड़साना हैं।०0०











गुरुवार, 25 जून 2026

नगरीय शहरी सेवा शिविरों में करवाए जाने वाले काम.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान नगरीय शहरी सेवा शिविरों में करवाए जाने वाले कार्यों के आदेश को पढा जाए। अधिक से अधिक फार्वर्ड करें ताकि संपूर्ण राजस्थान में लोग लाभ उठा सकें


















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