करणी प्रेस इंडिया

सोमवार, 24 अगस्त 2026

चुनावों में गर्म कासनिया का अवैध होटल निर्माण.कांग्रेस नेताओं में नहीं हिम्मत!

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 24 अगस्त 2026.

नगरपालिका चुनावों में कासनिया के अवैध बनाए जा रहे होटल और कांग्रेस नेताओं में निर्माण रुकवाने की हिम्मत नहीं होने की चर्चा गर्म है। कांग्रेस के सूरतगढ़ विधायक डुंगरराम गेदर,ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया व किसी नेता में हिम्मत नहीं होने की चर्चा नगरपालिका चुनाव में होने से आम जनता में यह संदेश फैल रहा है कि कांग्रेस कमजोर है। 

* पूजा शर्मा ईओ थी तब सवाल किया गया था कि उक्त होटल अवैध बनाया जा रहा है। सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं स्वीकृति है, दो मंजिल की। साथ में यह भी बताया कि होटल संदीपकासनिया बनवा रहा है। ईओ पूजा शर्मा को कहा गया कि होटल दो मंजिल से अधिक ऊंचा बन रहा है और अंडरग्राउंड निर्माण भी हुआ है, तब उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड की परमिशन तो नहीं है, वह बीकानेर उपनिदेशक कार्यालय से मिलती है।

👍 इस होटल के अवैध निर्माण की शिकायते व समाचार मीडिया में आने पर भी नगरपालिका ईओ गणपतराम द्वारा निर्माण बंद करवा कर होटल सीज नहीं किया गया है।

👍 नगरपालिका चुनाव की गहमागहमी और हर ओर अवैध होटल निर्माण का आम लोगों को मालुम होने के बावजूद विधायक डुंगरराम गेदर किसी कमजोरी के कारण उच्च अधिकारियों, जिला प्रशासन को शिकायत नहीं कर रहे। आम लोगों का मानना है कि विधायक शिकायत करे तो ईओ और प्रशासक को तुरंत ताले लगाने पड़ेंगे।०0०


कांग्रेस में चेयरमैन चेहरों में कौन महिला होगी? एक भी महिला का बैठक के मंच पर न होना कमजोरी.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 24 अगस्त 2026.

नगरपालिका सूरतगढ़ में इस बार चेयरमैन पद महिला के लिए आरक्षित हुआ है और ऐसी प्रमाणिक स्थिति में कांग्रेस की रविवार 23 अगस्त की बैठक के मंच पर एक भी महिला नेता कार्यकर्ता का न होना कमजोरी का संकेत है। कांग्रेस के सूरतगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया के वाट्सएप से मीडिया को मिले समाचार में मंच की फोटो में पुरूषों की भीड़ है और महिला एक भी नहीं। इस हालात पर मालुम हुआ कि एक महिला कुछ मिनटों के लिए मंच पर जरूर रही। कांग्रेस के पास चेयरमैन पद के लिए चेहरे होते तो वे मंच पर जरूर होते व संबोधन भी होता। 

* विधायक डुंगरराम गेदर का बैठक में भाषण था लेकिन उसमें भी कोई ईशारा नहीं था। हो सकता है कि गेदर ने किसी परिवार को चेयरमैन पद के लिए किसी नेता को कह रखा हो। 

* सूत्रानुसार वलीमोहम्मदपरिवार  व पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मोहम्मद इकबाल कुरैशी परिवारों में से कोई महिला अध्यक्ष पद की प्रत्याशी हो सकती है। वलीमोहम्मद के पुराने निवास स्थान के वार्ड में वलीमोहम्मद की पत्नी की चर्चा जोरों पर है। सूत्रानुसार जो चर्चा चल रही है उसमें दम है। हमारी इस बाबत 24 अगस्त को टेलिफोनिक बात भी हुई है।

 * आरक्षण से पहले दो वरिष्ठ पत्रकारों से लम्बी बातचीत में वलीमोहम्मद ने कहा था कि मौका मिला तो शहर की सुनियोजित कायापलट कर चमन सुंदर विकसित रूप दिया जाएगा। 

* अभी विधायक डुंगरराम गेदर की केवल हां ही होनी है। यदि कोई अन्य परिवार भी है तो 25 अगस्त को होने वाली कांग्रेस की बैठक में कुछ साफ होगा कि कौन है कांग्रेस का चेहरा?

* कांग्रेस में गुटबाजी है या भूल होती है कि महत्वपूर्ण बैठकों की न्यूज विज्ञप्ति में सीनीयर लीडर बलराम वर्मा का नाम गायब होता है। 23 अगस्त रविवार की बैठक में बलराम वर्मा और ओबीसी के जिलाध्यक्ष राजाराम गोदारा मौजूद थे मगर समाचार में नाम नहीं थे। करणीप्रेस में फोटो देखकर नाम जोड़े गये।०0०





रविवार, 23 अगस्त 2026

सूरतगढ़:जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस बोर्ड बनाएगी-डुंगरराम गेदर की घोषणा.





* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 23 अगस्त 2026

नगरपालिका चुनाव को लेकर विधायक डूंगर राम गेदर की अध्यक्षता में महाराजा पैलेस सूरतगढ़ में कांग्रेस की बैठक आयोजित हुई। बैठक में आगामी नगरपालिका चुनाव को लेकर कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई।

विधायक ने कहा कि सूरतगढ़ शहर के विकास के लिए ईमानदार, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त नगरपालिका बोर्ड जरूरी है। जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस बोर्ड बनाएगी।

विधायक डूंगर राम गेदर ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आमजन को बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में विफल रही है। स्कूलों के हालात खराब हैं तथा शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था का भी बुरा हाल है।





पूर्व विधायक राजेंद्र भादू ने कहा कि सूरतगढ़ के विकास के लिए मजबूत और जवाबदेह नगरपालिका बोर्ड की आवश्यकता है। कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी एकजुटता के साथ जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और विकास के विजन को पहुंचाएं तथा शहरहित में कांग्रेस का बोर्ड बनाने के लिए मेहनत करें।


ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया ने कहा कि इस बार शहर के विकास के लिए कांग्रेस का बोर्ड बनाया जाएगा। चुनाव में हुई देरी के कारण शहर के कई विकास कार्य ठप पड़े थे, जिन्हें कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद ईमानदारी और प्राथमिकता के साथ पूरा करवाया जाएगा।

बैठक में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर नगरपालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनाने का संकल्प लिया।

बैठक में पूर्व चेयरमैन मोहम्मद इकबाल कुरैशी ,राजियासर ब्लॉक अध्यक्ष गिरधारी स्वामी, संभाग प्रतिनिधि अमित कड़वासरा, पूर्व पार्षद हरीश सेखसरिया,शहर अध्यक्ष जेपी गहलोत एवं गगन विंडिंग ने विचार रखे।

इस अवसर पर वरिष्ठ नेता बलराम वर्मा,पूर्व पार्षद राजाराम गोदारा,मनदीप सिंह, बलवंत पंवार, बनवारी थोरी, योगेश मेघवाल, कृष्ण गोदारा, शिक्षा विद अनिल धानुका, एडवोकेट महफ़ूज़ आलम, राधा सोनी, पालाराम सैन एवं साहबराम छींपा सहित कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।०0०






पूर्वराज्यमंत्री कासनिया टीम, कांग्रेस विधायक गेदर टीम और निर्दलीयों की कड़ी टक्कर.खुली रिपोर्ट.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 23 अगस्त 2026.

 पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया नगरपालिका सूरतगढ़ में भाजपा का बोर्ड बनाएंगे और यह उनकी अबकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी बन गई है। नगरपालिका चेयरमैन पद महिला के लिए आरक्षित होने के बाद अनेक लोग चुनाव मैदान से कन्नी काट निकल गये कुछ भी हो किसी का भी बोर्ड बने कोई भी चेयरमैन बने उनको कुछ भी लेनादेना नहीं। लेकिन शासकीय संचालन यहां कासनिया के पास है इसलिए भाजपा नगरपालिका बोर्ड बना कर भजनलाल शर्मा की भाजपा सरकार को सौंपना है। इसके तुरंत काबाद पंचायत समिति में भी प्रधान भाजपा का बनाने की भी जिम्मेदारी कासनिया की है। नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड बनने के बाद इस हवा के प्रभाव से पंचायतों में जीत कर प्रधान बनाने में उत्साह रहेगा। भाजपा की संगठानत्मक योजनाएं भी शुरू हो चुकी है और चुनाव प्रभारी जसवंत सिंह ईंदा,जिला प्रभारी दशरथसिंह व अन्य  की देखरेख और नेतृत्व में बैठकें और कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं। 

भाजपा और उसके राजनैतिक तथा विभिन्न क्षेत्रों में फैले अग्रिम संगठन भी सक्रिय हो चुके हैं। सभी जानते हैं कि भाजपा के विभिन्न संगठनों की संख्या और शक्ति कांग्रेस संगठनों से अधिक प्रभावी है और अधिक शक्तिशाली भी है।

* नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना से जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,पूर्व विधायक अशोक नागपाल व नगर के पदाधिकारी तथा जिला कार्यकारिणी के स्थानीय पदाधिकारी सब बैठकों और फील्ड में सक्रिय हो चुके हैं। 

* पिछले नगरपालिका चुनाव में भाजपा ने 45 वार्डों में से 44 में प्रत्याशी उतारे जिनमें 12 ही जीत पाए थे। उस समय कांग्रेस का बोर्ड बना। कांग्रेस के 22 पार्षद जीते जो बहुमत से 1 कम रहे मगर ओमप्रकाश कालवा अध्यक्ष चुने गये। कालवा ने बाद में रामप्रताप कासनिया की अगुवाई में भाजपा की सदस्यता ले ली और बोर्ड भाजपा की अध्यक्षता का बन गया। अब ओमप्रकाश कालवा भी भाजपा की जीत और भाजपा का बोर्ड बनाने को सक्रिय हैं। पिछले चुनाव से अब स्थिति काफी बदल चुकी है। 

* भाजपा की चुनावी टक्कर किससे है यह जानलेना भी जरूरी है। भाजपा की टक्कर कांग्रेस से है बड़े रूप में यही दिखता है लेकिन जनता की चर्चाओं में आ रहा है कि लगभग 10 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों से टक्कर होगी। पिछले चुनाव में भी निर्दलीय काफी जीते लेकिन अधिकांश अध्यक्ष के साथ हो गये थे। आकलन अभी भी यह आ रहा है कि जो संभावित 10 निर्दलीय जीतेंगे,उनमें से अधिक भाजपा के साथ होंगे। वैसे भी सत्ता धारी पार्टी के साथ रहकर ही हर कार्य कराने में सफलता मिलती है और यही रास्ता अपनाने की बुद्धिमत्ता व चतुरता होती है। भाजपा से चेयरमैन के लिए प्रयासरत आरती शर्मा अपना वार्ड आरक्षित होने के बाद दूसरे वार्ड से ईच्छुक है लेकिन वहां सबसे बड़ा प्रश्न भी लोगों में घूम रहा है कि जो परिवार सामने खड़े हैं,कुछ कांग्रेस की टिकट मांग रहे हैं, तब उनमें वोटों के बंटवारे में आरती शर्मा को जीत के वोट कहां से मिलेंगे? जो लोग आरती शर्मा ( नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष 1994-1999)को अपने वार्ड से लड़ाना चाहते हैं वे कांग्रेस के वोट नहीं तोड़ सकते। भाजपा वार्डवासी टिकटार्थी को टिकट नहीं देकर बाहरी वार्ड की आरती शर्मा को टिकट देने से नाराजगी होगी और वह घातक होगी व आरतीशर्मा के विरूद्ध जाएगी। इससे पहले भाजपा नेता पहले लोगों को राजी करें। यदि राजी नहीं कर पाते हैं तो वहां आरतीशर्मा को भाजपा की टिकट पर सभी भाजपाई मिल कर भी जीता नहीं पाएंगे। आरतीशर्मा के लिए बड़ा विचारणीय काल है और देखते हैं उनका अपना निर्णय क्या होता है। नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष काजल छाबड़ा भी इस चुनाव में चेयरमैन की आशा में हैं लेकिन उनको भी अपने वार्ड में कड़ी टक्कर कांग्रेस से है। वैसे चेयरमैन पद के लिए और परिवार भी प्रयास में हैं लेकिन उनकी प्रसिद्धि नहीं है।

* भाजपा की टक्कर कांग्रेस से होगी और उस कांग्रेस में नगरपालिका के इस चुनाव की गतिविधियों में कितनी तूफानी है? ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस में बैठकें तो हुई हैं मगर काम ढीला ढाला सा दिखाई दे रहा है। कुल 45 वार्डों में से 30 में टिकट फार्म भरने के प्रति कुछ उत्साह है और 10-12 में खामोशी सी चल रही है। जहां तेजी लाना बहुत जरूरी है, तेजी नहीं लाई जाती है तो यह बड़ी कमजोरी रहेगी।

कांग्रेस में टिकट विधायक डुंगरराम गेदर बांटेंगे। गेदर ने पिछले विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा के प्रत्याशी रामप्रताप कासनिया को मोटे तौर पर 55 हजार से अधिक वोटों से हराया था। लेकिन गेदर जीत के वे हालात कायम नहीं रख पाए। ये क्या कारण रहे, उनमें कुछ विचारणीय हैं जो गेदर की स्थिति का परदा हटाते हैं।

रामप्रताप कासनिया के पुत्र संदीपकासनिया की अध्यक्षता का विवेकानंद स्कूल को हुई भूमि आवंटन के बाद मौके पर भूमि दिए जाने के नगरपालिका बैठक में कुछ कांग्रेस पार्षदों ने प्रस्ताव का साथ दिया और कुछ बैठक से अनुपस्थित रहे थे। कांग्रेस की व्हिप का उल्लंघन हुआ। कांग्रेस के सदस्यों से जवाब तलब किया गया लेकिन उन्होंने उत्तर तक नहीं दिया। गेदर ने इस पर कहा था कि प्रस्ताव का पक्ष करने वाले पार्षदों और बैठक से अनुपस्थित रहने वालों को भविष्य में चुनावों में कांग्रेस की टिकट नहीं दी जाएगी। नगरपालिका चुनाव आते ही यह मुद्दा फिर उठ गया। वे प्रस्ताव का साथ देने वाले इतने ताकतवर हैं कि उनकी अपनी कांग्रेस है। वे अपने दम पर जीतते हैं। उनको कांग्रेस की टिकट की जरूरत नहीं। वे निर्दलीय जीत जाएंगे। असल में कांग्रेस को उनकी जरूरत है। विवेकानंद स्कूल को जमीन दिए जाने के प्रस्ताव पर डुंगरराम गेदर की यह घोषणा कितनी कारगर होगी? परसराम भाटिया ने भूमि प्रकरण में विरोध में राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में रिट लगाई और चुपचाप एक तारीख में ही वापस ले ली। डुंगरराम गेदर को भी रिट वापसी का नहीं बताया न सलाह ली। परसराम भाटिया हर समय गेदर के साथ रहते हैं। भाटिया कांग्रेस के सूरतगढ़ ब्लॉक के अध्यक्ष हैं। क्या गेदर भाटिया के विरूद्ध भी कोई  निर्णय करेंगे। टिकट नहीं देंगे जैसा कोई और निर्णय ले पाएंगे? 

*  भाजपा और कांग्रेस की 23 अगस्त 2026 को चुनावी बड़ी बैठकें हुई है। दोनों बैठकों में नेताओं में जोश और टिकटार्थियों की भीड़ रही है। सबसे बड़ा प्रमाण यह भी है कि भाजपा टिकट के लिए लोगों की भीड़ कासनिया की कोठी और उस गली में रोजाना पहुंच रही है। यह भीड़ कांग्रेस से अधिक देखी जा रही है। दि 23 अगस्त 2026.

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शुक्रवार, 21 अगस्त 2026

सूरतगढ़:अभी जीत का दावा नहीं कर सकती भाजपा.स्पेशल रिपोर्ट.






* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 21 अगस्त 2026. नगरपालिका चुनाव में अपना वार्ड आरक्षित होने के बाद दूसरे वार्डों में जमीन तलाश में लगे बड़ी पार्टी भाजपा के कार्यकर्ताओं के चेहरों पर हवाईयां उड़ रही है। 

दूसरे वार्ड के चेहरों को तवज्जो नहीं दी जा रही। भाजपा की पूर्व पालिकाध्यक्ष आरती शर्मा का निवास वार्ड आरक्षित होने के बाद वे दूसरे वार्ड में जमीन तलाश रही है जहां भाजपा की तरफ से बहुत पुराने नेता जयप्रकाश सरावगी परिवार द्वारा टिकट की मांग है। वार्ड वासी के अनुसार सरावगी को टिकट से हटाना असंभव है। वहीं कोठारी परिवार की ओर से कांग्रेस के टिकट का दावा है। 

* भाजपा की संगठनात्मक बैठक बाहर से आए आकलन कर्ता पर्यवेक्षक के नेतृत्व में बैठक भी हुई है। कुछ नेता नेतियां और वार्ड अध्यक्षों ने भाग लिया। बात भाजपा का बोर्ड बनाने की हुई। मगर आज की तारीख में भाजपा बोर्ड बनाने की घोषणा करने की स्थिति में पावरफुल नहीं है। अमूमन पार्टी में चारों दिशाओं में चलने वाली स्थिति होती है मगर यहां तो पार्टी नेता नेतियां संगठन पदाधिकारी  दस दिशाओं में चल रहे हैं। एक दूसरे को सुहाते नहीं। इस कड़वा सच्च को भाजपा को मानना ही होगा कि किसी भी नेता नेतियों ने नगरपालिका में भ्रष्टाचार पर कभी मुंह नहीं खोला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान यहां बुरी तरह से फेल कर दिया गया। पूजा शर्मा यहां 27 महीने रही लेकिन उसने शहर को साफ नहीं कराया। उसके भ्रष्टाचार और अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा के अवैध प्रमोशन पर भाजपा पूरी चुप रही। उसकी जांच के बजाय किशनगगढ बास नगरपालिका में ईओ पद पर नियुक्ति मिल गई। भाजपा के अध्यक्ष पद के चेहरों के लिए स्वच्छ भारत अभियान का फेल होना बड़ी बाधा है। पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया, जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,पूर्व विधायक अशोक नागपाल एक ने भी स्वच्छ भारत  अभियान को फेल होते देखकर भी नगरपालिका प्रशासन को सचेत नहीं किया। समाचारों में हालात आते रहने पर भी परवाह नहीं की गई। यह लिखा जाता रहा कि नगरपालिका चुनाव में ये लापरवाहियां सवाल बनेगी, फिर भी नहीं जागे। अब भी प्रेशर पर किसी सामान्य वार्ड में ओबीसी या दूसरे वार्ड वासी को टिकट दिया तो बाहरी का जीतना संभव नहीं। 

👍 कुछ वर्ष पहले 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले संघ के अंग्रेजी के मुखपत्र ओर्गनाईजर में लेख था कि पुराने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को पूछते रहें सलाह लेते रहें। तब एक सहभोज हुआ था लेकिन उसके बाद सब बातें हवा हो गई। भाजपा में लोकतंत्र सेनानी भी हैं लेकिन 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए आपातकाल में विरोध कर जेलों में जाने वालों की किसी भी कार्यक्रम में पूछ नहीं और न निमंत्रण। मंचासीन करना तो बहुत पीछे। सवाल है कि इसमें पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान और पूर्व विधायक अशोक नागपाल सबसे बड़े जिम्मेदार हैं। आज भाजपा सूरतगढ़ में जिस स्थान पर खड़ी है उसमें ये तीनों जवाबदेह हैं। ०0०







सभी ईमानदार समाजसेवी तो शहर गंदा और नगरपालिका में भ्रष्टाचार कैसे होता रहा? बाहरी को वोट सपोर्ट क्यों करें?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 21 अगस्त 2026.नगरपालिका चुनाव 2026 घोषित होने के साथ ही सोशल मीडिया पर चुनाव लड़ने की घोषणाएं हो रही है। हरेक स्त्री पुरूष अपने आपको ईमानदार समाजसेवी जागरुक सजग घोषित कर रहे हैं। सभी ईमानदार सजग समाजसेवी हैं तो शहर गंदगी में कैसे भरा और नगरपालिका में भ्रष्टाचार घोटाले कैसे और क्यों हुए? अच्छी छवि वाले एक भी बोले नहीं, शिकायत विरोध नहीं किया। सभी देखते रहे। अब इस प्रकार की ईमानदारी और समाजसेवा के वोट सपोर्ट मांग रहे हैं। नगरपालिका में चेयरमैन पद महिला के लिए आरक्षित हो गया। इस पद पर वे महिलाएं प्रचारित हो रही हैं जिनको अपने घर की गली से दुसरी गली को कभी नहीं देखा। महिलाओं के पति और परिवार जन चुनाव लड़ा रहे हैं जबकि उन महिलाओं को शहर के एक भी काम के संबंध में ज्ञान नहीं है। महिलाओं के आरक्षित वार्डों में महिलाएं ही जीतेंगी और उनके परिवार जन चौधर करेंगे। वे ही कागज पत्र पढेंगे और हस्ताक्षर करवाएंगे। 

* इस प्रकार से चुने गये पार्षद शहर का विकास कैसे करवाएंगे? ऐसे में एक ही बात निकल कर आती है कि जिन्होंने घर से बाहर निकल कर थोड़ा बहुत काम किया है उनको पार्षद बनाएं। जो सच्च में समाजसेवी हैं उनको समर्थन करें। सबसे पहले अपने वार्ड के निवासी को ही सपोर्ट करें। अन्य वार्ड से आए को इन्कार करें कि जब संबंधित वार्ड 5 साल पीड़ित रहा गंदगी भरा रहा तब वे कहां थे? दूसरे वार्ड से आने वाले न समाजसेवी न कार्यों के प्रति ईमानदार,बस उनको पद चाहिए। अपने वार्ड में बाहर से आने वाले अवसरवादी हैं। अपने वार्ड में  अच्छे को चुनाव लड़ने को तैयार करें और बाहरी अवसरवादी को वोट सपोर्ट कुछ न करें।०0०







गुरुवार, 20 अगस्त 2026

सूरतगढ़: अध्यक्ष दावेदार चक्कर घिनी.चेयरमैनी घर में रहे। भटकाव।


 

* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 20 अगस्त 2026. चेयरमैन बनने के सपने हवा हो गये जब पद महिला के लिए हो गया। लड़ाकू सभी बेचारे हो गये। 
* जो महिलाएं पार्षद चुनाव लड़ती फिर अध्यक्ष का,लेकिन उनके वार्ड आरक्षित हो गये। अब वे दूसरे सेफ वार्ड की तलाश में भटक रही है कि उनको दूसरे वार्ड में पार्षद चुनाव लड़ने आमंत्रण मिल जाए लेकिन ऐसा सहयोग देने को एक दो जने तैयार होते हैं और मालुम पड़ता है कि वार्ड की ही महिला चुनाव में खड़ी होगी। 
पद का मोह छूटता नहीं। घर में नहीं बैठेंगे। दूसरी महिला के लिए खुद चुनाव लड़ने की ईच्छा छोड़ कर दूसरी महिला के सहयोग में लग सकने का भी सोचना चाहिए। पार्टी में अनेक नये उत्साही चेहरे हैं, उनको आगे बढाने का भी ध्येय होना चाहिए।
अब बात उन पुरूषों की जो पुरूष के बजाय महिला सीट हो जाने के कारण अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाने को तैयारियों में लगे हैं चाहे पत्नी को इस पद पर काम करने का थ्योरिटिकल ज्ञान भी ना हो,बस चेयरमैनी घर में रहनी चाहिए।०0०





बुधवार, 19 अगस्त 2026

चुनाव. सड़क अतिक्रमण नोटिस. अब प्रभावी. नामांकन खारिज होगा.

 

* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 19 अगस्त 2026.

आवासन मंडल कालोनी पुरानी मे कुछ लोग चुनाव लड़ने के ईच्छुक हैं। सोशल मीडिया पर प्रचार भी शुरू कर दिया है। कुछ ने सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है जिनको नगरपालिका ने नोटिस दिया था। उनका नामांकन खारिज हो सकता है। नगरपालिका ने 3 दिन में अतिक्रमण स्वतः हटा लेने का नोटिस जारी किया था।

 वे सड़क अतिक्रमण हटाएं। विधिवत नगरपालिका को अतिक्रमण हटा लिए जाने की सूचना देकर रसीद ले लेनी चाहिए। ०0०




सूरतगढ़. नगरपालिका चुनाव में भाजपा कांग्रेस के औसत टिकटार्थी.कौन करेंगे टिकट वितरण.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 19 अगस्त 2026.

नगरपालिका के चुनाव इस बार 2026 में 7 साल बाद होंगे। सूरतगढ़ के सभी 45 वार्डों में हलचल शुरू हो चुकी है। किसी वार्ड में अधिक तो किसी में हलचल कुछ धीमी है। अभी भाजपा के कार्यकर्ता अधिक मुखर हैं। 

* आम चर्चाओं के अनुमान से 45 वार्डों में भाजपा के औसत 3 कार्यकर्ता टिकट मांग रहे हैं। कुछ वार्डों में भाजपा की टिकट मांगने वाले चार पांच भी हैं।

* आम चर्चाओं के अनुमान से 45 वार्डों में कांग्रेस की टिकट मांगने वाले औसत कार्यकर्ता 2 हैं। कुछ वार्डों में कांग्रेस की टिकट मांगने वाले 3,4और 5 भी हैं। 

* मोटे तौर पर भाजपा की टिकट मांगने वाले अभी करीब 150 और कांग्रेस की टिकट मांगने वाले करीब 100 की संख्या में हैं।


* भाजपा में चेयरमैन का चुनाव लड़ सकने वाली महिला कार्यकर्ताओं की संख्या काफी है जबकि कांग्रेस में अभी यह संख्या बहुत कम है। भाजपा के चेयरमैन चुनाव की टिकट मांगने वाले संभावित महिला नेतियों के नाम सोशल मीडिया पर धडल्ले से चल रहे हैं जबकि कांग्रेस की एक भी महिला नेत्री का नाम नहीं है।

* अभी चुनाव तिथि की घोषणा होना शेष है। उसके बाद सही स्थिति और सही संख्या मालुम होगी।अभी भाजपा कांग्रेस में अनेक लड़ाकु तो चुप हैं। उनके बोलने के बाद स्थिति और साफ होगी। 

👍 भाजपा में टिकट वितरण में पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया, जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,जिला प्रभारी दशरथसिंह, भाजपा युवा मोर्चे के प्रदेश मंत्री राहुल लेघा, नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना और जो टीम घोषित होगी। लेघा युवाओं के लिए करीब 10 से 15 टिकट का प्रेशर डाल सकते हैं। देश भर में युवाओं की शक्ति को सभी स्वीकार कर रहे हैं।

👍 कांग्रेस में टिकट वितरण में विधायक डुंगरराम गेदर मुख्य रहेंगे। इनके अलावा ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया, सांसद कुलदीप इंदौरा, शहर अध्यक्ष जे.पी.गहलौत व जिला प्रभारी हो सकते हैं।०0०






सोमवार, 17 अगस्त 2026

नगरपालिका दफ्तर से 4 कर्मी हटाए गए.चुनाव अलर्ट. शिकायत पर कार्वाई.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 17 अगस्त 2026.

नगरपालिका कार्यालय में सालों पूर्व लगाए 4 कर्मियों को वापस स्वास्थ्य शाखा व दमकल शाखा में भेज दिया गया। 

बबीता शर्मा सफाई जमादार को दफ्तर से हटाकर वापस मूल स्थान स्वास्थ्य शाखा में भेजा गया। 

जीतराम झोरड़ लीडिंग फायरमेन, श्रीमती सुप्रभा लीडिंग फायरमेन एवं पूजा खन्ना फायरमेन को वापस मूल स्थान दमकल शाखा में भेजा गया।

अधिशाषी अधिकारी गणपतराम ने आज एक आदेश जारी किया था।

* इनको सरकारी आदेश के बावजूद गलत तरीकों से दफ्तर में लगाया हुआ था। उच्च स्तरीय व निर्वाचन विभाग को शिकायत पर त्वरित कार्वाई हुई। विदित रहे कि बबीता शर्मा ईओ पूजा शर्मा की सग्गी भाभी है। पूजा शर्मा ने जिसका सफाईकर्मी से जमादार पद पर गलत प्रमोशन किया व फील्ड के बजाय दफ्तर में लगाया। प्रमोशन की शिकायत अलग से है। ०0० 








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