करणी प्रेस इंडिया
शनिवार, 30 मई 2026
शुक्रवार, 29 मई 2026
सूरतगढ़:अतिक्रमण नहीं तोड़ रहे ईओ और प्रशासक.शिकायत दर शिकायत.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 मई 2026.
मेघवाल समाज के परसराम भाटिया व योगेश मेघवाल आदि ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि
नगरपालिका क्षेत्र में सूरतगढ़ पीजी कालेज के पीछे एक विशाल भूखंड पर हो रहे अतिक्रमण को ध्वस्त नहीं किया जा रहा। आज परसराम भाटिया, योगेश मेघवाल, एडवोकेट प्रमोद सहाय,एडवोकेट रामस्वरूप बारूपाल, लालचंद परिहार, बरकत बादला आदि ने प्रशासक भरतजयप्रकाश मीणा को एक मांगपत्र दिया जिसमें आरोप लगाया हुआ था कि दि. 17 अप्रैल 2026 को अतिक्रमण की शिकायत की गई थी लेकिन प्रशासक व ईओ ने कोई कार्वाई नहीं की। आज फिर अतिक्रमण को ध्वस्त करने की मांग की गई। अभी नगरपालिका के प्रशासक पद पर उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा और अधिशाषी अधिकारी पद पर पूजा शर्मा कार्यरत्त हैं।
मांग पत्र में लिखा गया है कि विशाल भूखंड 60 गुणा 90 फुट मेघवाल समाज के छात्रावास के लिए आरक्षित था जिस पर ओमप्रकाश कालवा ने अतिक्रमण कर लिया था। उस समय शिकायत पर निर्माण को ध्वस्त करके नगरपालिका संपत्ति का बोर्ड लगा दिया गया था। उस समय सामग्री नगरपालिका ने अपने कब्जे में ले ली थी। आरोप है कि नगरपालिका से मिलकर सांठगांठ करके इस पर अतिक्रमण फिर से शुरू कर दिया गया। इस पर 17-4-2026 को शिकायत करते हुए अतिक्रमण को ध्वस्त करने की मांग की गई लेकिन अतिक्रमण को हटाया नहीं गया। (उक्त अतिक्रमण स्थल मेघवाल समाज छात्रा वास के लिए आरक्षित किसने किया यह शिकायत में वर्णन नहीं है। अब धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। नगरपालिका प्रशासक पर आरोप लगाकर उन्हीं को मांगपत्र सौंपा गया है। ०0०
शर्मा बाल मंदिर से 1,10,100 रू.जुर्माना वसूल करना पड़ा.सुशील तावणिया की शिकायत थी.ऐसे नोटिस ठंडे बस्ते में.अनेक दबाव में जारी नहीं हुए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 मई 2026.
भारत माता चौक ( भग्गुवाला कुआ चौक) के पास शर्मा बाल मंदिर के आवासीय भूखंड का गैर आवासीय में बिना स्वीकृति निर्माण होने की शिकायत के नोटिस जारी होने के करीब 6 माह नगरपालिका को 1,10,100 रू. शाश्ति ( जुर्माना)
वसूलना पड़ा। सुशील कुमार तावणिया ने अवैध निर्माण पर कार्वाई करने की शिकायत नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा को की थी। बार बार कार्वाई की जानकारी लेने पर नगर पालिका ने कार्वाई की जिसमें 1,10,100 रू.जमा कराने का नोटिस शर्मा बाल मंदिर के व्यवस्थापक श्रीगोपाल शर्मा को 18 दिसंबर 2025 को जारी किया गया।
ईओ पूजा शर्मा ने नोटिस तो जारी कर दिया,मगर इस वसूली को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर उजागर हुआ और नगर में चर्चा बन गई कि ईओ वसूली को क्यों टाल रही है?
* शिकायत कर्ता को भी भ्रमित करने का प्रयास किया गया लेकिन उसने अपने प्रयास बंद नहीं किए। सुशील कुमार तावणिया का आरोप था कि इससे राजकोष यानि नगरपालिका के कोष को हानि हो रही है।
* सुशील कुमार तावणिया ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर इसकी शिकायत की तब नगरपालिका प्रशासन को वसूली कार्वाई करनी पड़ी।
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर परिवाद संख्या 042605226554299 दिनांक 30 अप्रैल 2026 को दर्ज होने के बाद भी शिकायत कर्ता ने निरंतर दबाव बनाए रखा तब वसूली की कार्वाई हुई।
का नगर पालिका प्रशासन द्वारा निस्तारण कर राहत प्रदान की गई है। परिवादी सुशील कुमार द्वारा शर्मा बाल मंदिर सूरतगढ़ के खिलाफ जारी नोटिस एवं राजकोष को हो रहे नुकसान से संबंधित मामला उठाया गया था।
परिवाद संख्या 042605226554299 दिनांक 30 अप्रैल 2026 को स्वायत्त शासन विभाग (नगर निकाय) में दर्ज किया गया था। मामले में आरोप लगाया गया था कि शर्मा बाल मंदिर सूरतगढ़ के विरुद्ध जारी नोटिस की कार्रवाई नहीं होने से राजकोष को नुकसान पहुंच रहा है। इस वसूली के बाद परिवाद निस्तारण 27 मई 2026 को किया गया।
👍 नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा द्वारा निर्माण व शुल्क वसूली के अनेक नोटिस जारी किए हुए हैं जिन पर महीनों बाद भी वसूली की कार्वाई शुरू नहीं हुई है। नगरपालिका ईओ पूजा शर्मा की ढील के कारण नोटिसों के बाद भी नगरपालिका कोष में लोगों ने करोड़ों रूपये जमा नहीं करवाए हैं। नगरपालिका ईओ ने बड़े होटलों फर्मों को एक एक नोटिस दिया और आगे सख्ती नहीं की। ऐसे पचासों मामले हैं। सूरतगढ़ में बीसियों होटल व मार्केट काम्प्लेक्स या दुकानें बिना स्वीकृति के बन रहे हैं जिनको सीज नहीं किया जा रहा। होटलों के मालिकों ने नगरपालिका प्रशासन पर दबाव बना कर अवैध निर्माण शुरू कर रखे हैं। होटलों की ऊंचाई दो मंजिल और निर्माण 3,4,5 मंजिलों तक हो गये तथा कुछ के अभी भी हो रहे हैं। ऐसे मामलों की शिकायतें भी हो चुकी हैं।
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गुरुवार, 28 मई 2026
सूरतगढ़ के पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा के स्मारक की दुर्दशा क्यो?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 28 मई 2026. यहां के पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा (सन् 1977) का स्मारक स्थल राजकीय उपजिला चिकित्सालय के मुख्य द्वार के आगे मुख्य सड़क पर है जिसमें उनकी आदमकद प्रतिमा लगी है जिसकी नियमित सार संभाल के अभाव में दुर्दशा हो रही है। स्मारक बगीची अब पूरी सूख चुकी है। पुष्प पौधै एक भी नहीं रह पाए और दूब के बजाय सूखी जमीन है।
शहीद गुररूशरण छाबड़ा समिति की ओर से छाबड़ा की जयंती 9 जून और पुण्यतिथि 3 नवंबर मनाई जाती है तब यहां नजदीकी व परिवार के लोग एकत्रित होते हैं। एक दो घंटे के कार्यक्रम के अलावा कभी कोई पहुंचता हो,ऐसा नहीं लगता। पिछले तीन सालों से स्मारक की संभाल नहीं हुई। पहले छाबड़ा के एक साथी बलदेव राज तनेजा हर रोज सुबह से शाम तक बगीची में रहते हुए संभालते। तनेजा की सार संभाल के समय फूलों के पौधे और हरियाली दूब का आकर्षण था। पक्षियों के लिए पानी भी रखा जाता था। तनेजे से पिछले वर्ष पूछने पर उन्होंने बताया था कि बगीची के गेट के ताले की चाबी दो साल पहले उनकी पुत्र वधु पूजा छाबड़ा को सौंप दी थी।
पिछले 9 जून 2026 पर बहुत कम लोग स्मारक पर आए थे। उस समय स्मारक की अनदेखी लोगों के सामने आई थी। उस दिन भी लोगों ने सूखती बगीची देखी थी। इस बात का दुख भी कुछ लोगों ने प्रगट किया था कि स्मारक को नियमित रूप से रोजाना संभाला नहीं जा रहा। उस समय यही सोचा जा रहा था कि स्मारक की सारसंभाल शुरू हो जाएगी लेकिन यह सोच गलत साबित हो गई है। एक साल बीत गया है लेकिन स्मारक की सार संभाल न तो स्मारक समिति ने की है और न गुरूशरण छाबड़ा के किसी परिजन ने की। किसी के पास न समय है न रूपये हैं कि यहां चौकीदार माली पारिश्रमिक पर रखा जा सके। कहने को समिति के लोग और नजदीकी व परिवार जन सभी धनियों में है और करोड़़ों की संपत्ति के मालिक हैं।
अब 9 जून 2026 को गुरूशरण छाबड़ा की जयंती है और बगीची उजड़ी हुई सूखी हुई पड़ी है।
* गुररूशरण छाबड़ा स्मृति समिति के अध्यक्ष व पदाधिकारियों को स्मारक को लगातार रोजाना संभालना चाहिए चाहे घूमने के लिए ही पहुंचे।
* गुरूशरण छाबड़ा सन् 1977 में सूरतगढ़ से विधायक चुने गए थे। राजस्थान में संपूर्ण शराबबंदी के लिए जयपुर में आमरण अनशन में सन् 2016 में 3 नवंबर को उनके प्राण चले गए थे। उनकी देह चिकित्सालय को दान कर दी गई थी। गुररूशरण छाबड़ा की स्मृति में राजकीय महाविद्यालय का नाम किया गया। एक सैकेंडरी स्कूल का नाम भी उनकी स्मृति में कर दिया गया। गुरूशरण छाबड़ा की ईमानदारी को याद किया जाता है लेकिन स्मारक की सार संभाल नहीं किया जाना निकृष्टता दर्शाता है। ०0०
बुधवार, 27 मई 2026
क्या कांग्रेस सूरतगढ़ को बरसाती पानी के खतरे से बचा पाएगी?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 26 मई 2026.मानसून की बरसात से पहले 12 जून तक नाले नालियां एक दम साफ की जाने के सख्त निर्देश हैं और शहर के नाले नालियां कचरे गंदगी से भरे हैं। बारह जून तक बरसाती पानी निकासी का प्रबंध पक्का हो जाना यहां असंभव लग रहा है क्योंकि अभी हर वार्ड में नाले नालियां गाद से भरी पड़ी हैं। गौरवपथ और रेलवे रोड,महाराणा प्रताप चौक क्रोसिंग नाला और सुभाष चौक क्रोसिंग नाला के लिए तो नगरपालिका प्रशासन ने जिद्द ही कर ली है कि लाख शिकायतें करो,इनको साफ करना ही नहीं है। यह जिद्द अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की है जिसने यहां निरीक्षण तक नहीं किया बल्कि सफाई निरीक्षक ने भी निरीक्षण नहीं किया। नगरपालिका ने रात्रि सफाई का नाटक एक बार फिर शुरू किया है जिसमें एक क्षेत्र की सड़क की ही सफाई की जाती है। जिन नालों पर तीन मौतें हो चुकी है उनके बारे में अभी सब चुप हैं।
* पीएम नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान यहां फेल है जिस पर नगरपालिका की ईओ को भय नहीं है क्योंकि भाजपा और उसके नेता ही नहीं बोल रहे। पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया यहां राजकाज का संचालन कर रहे हैं। नगरपालिका के खासकर ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचार और कर्त्तव्य पर वे चुप हैं। हालांकि इस चुप्पी पर शहर में बदनामी भी हो रही है। उनको गलतफहमी भी हो रही है कि कुछ दो चार ही विरोध करते हैं। शहर उनके साथ है। अब यह समझने वाली बात है कि शहर ने विधानसभा चुनाव में जो रोल किया था उसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। शहर ने कासनिया को बुरी तरह से हराकर कांग्रेस के डुंगरराम गेदर को जिताया था। शहर रत्ती भर भी कासनिया की तरफ नहीं हुआ है। हां चंद लोग हैं जिन्होंने रामप्रताप कासनिया को घेर रखा है और यही हालत उनके पुत्र संदीप कासनिया की है। इन पिता पुत्र ने भी किसी नाली नाले की गंदगी और किसी टूटी सड़क को अपनी नज़रों से नहीं देखा है।
* शहर के भाजपा के अन्य खेमों गुटों के नेता कार्यकर्ता भी चुप हैं। खासकर पूर्व विधायक अशोक नागपाल चुप हैं। कासनिया और नागपाल के अलावा जो भाजपाई हैं वे भी मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को ठुकराया जाता देख रहे हैं।
* कांग्रेस पार्टी ने तीन चार बार नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर रोष प्रगट किया है और ज्ञापन भी दिए हैं। नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा कांग्रेसियों के ज्ञापनों को भी कागजी धमकियाँ और थोथी चेतावनी ही मानती है इसलिए साफ सफाई न देखती न करती है।
* कांग्रेस ने विधायक डुंगरराम गेदर के नेतृत्व में 13 मई 2026 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीनानाथ बब्बल को मांगपत्र दिया व गेदर ने बातचीत में हर बिंदु से अवगत कराया था। उसके बाद इतने दिन बीत गये साफ सफाई बाबत कोई काम नहीं हुआ जो नाले नालियों पर होना चाहिए था। कांग्रेस के मांग पत्र पर विधायक डुंगरराम गेदर,पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु, परसराम भाटिया, बलराम वर्मा, जे.पी.गहलोत और योगेश मेघवाल के हस्ताक्षर थे। क्या ये अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की लापरवाहियों व भ्रष्टाचार को चुनौती देते हुए लगातार धरना प्रदर्शन करते हुए शहर को बरसात के पानी से बचाने के लिए पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और ईओ पूजा शर्मा का कड़ाई से विरोध कर पाएंगे?
नगरपालिका के आगामी चुनाव से पहले शहर को बचाने के कार्य पूरे हो जाने चाहिए। बारह जून तक नाले नालियां पूर्ण साफ करादी जाए तो संभव है शहर में बरसात के पानी से नुकसान न हो लेकिन अभी तो यह लग रहा है कि कुछ भी नहीं होगा। कांग्रेस भी केवल मांगपत्र से अखबारों में मीडिया में नाम चाहती है इससे आगे कोई भी काम आंदोलन तब हो जब डुंगरराम गेदर के पास संघर्शशील कार्यकर्ताओं की टीम हो। कांग्रेस के पास लगातार धरना प्रदर्शन की पावर नहीं है न कार्यकर्ता हैं। यह जानकर ईओ पूजा शर्मा 12 जून तक के दिन भी खाली ही टपाएगी। पूजा शर्मा को यह भरोसा भी है कि नगरपालिका के प्रशासक भरतविजयप्रकाश मीणा ने शहर का आजतक निरीक्षण नहीं किया है सो वे आगे भी सड़कों नाले नालियों का निरीक्षण करने को नहीं निकलेंगे। यहां अतिम अवसर कांग्रेस के पास ही है। कांग्रेस जोर लगाएगी तो उसका लाभ आगामी चुनाव में पाएगी। कांग्रेस लगातार धरना प्रदर्शन करती है, आमरण अनशन करवाती है तो प्रशासक और ईओ को भय तो रहेगा। ०0०
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मंगलवार, 26 मई 2026
किसानों के फसल बीमा मामले.विधायक डुंगरराम की कृषि आयुक्त से भेंट.
* करणी प्रेस इंडिया *
जयपुर, 26 मई 2026.
सूरतगढ़ विधायक डूंगर राम गेदर ने आज कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल से भेंट कर सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसानों से जुड़े विभिन्न फसल बीमा मामलों एवं लंबित पड़े क्लेम पर विस्तार से चर्चा की।
विधायक गेदर ने क्षेत्र के किसानों को फसल बीमा क्लेमों के भुगतान में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने वर्ष 2024 की सरसों फसल के लंबित क्लेम, रबी 2025 के लंबित दावे, बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के व्यक्तिगत क्लेम तथा अन्य लंबित प्रकरणों पर कृषि आयुक्त का ध्यान आकर्षित किया।
गेदर ने कहा कि काफी समय से क्लेम लंबित रहने के कारण किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में संबंधित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर किसानों को राहत प्रदान करना आवश्यक है।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने विषय पर गंभीरता से विचार-विमर्श करते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।०0०
रविवार, 24 मई 2026
आवासन मंडल कॉलोनी के अतिक्रमण हटेंगे जरूर. किसकी है शिकायत?
* करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़ 24 मई 2026.
आवासन मंडल कॉलोनी ( पुरानी) में सड़कों के अतिक्रमण एक दिन निश्चित ही हटा दिए जाएंगे,जैसे नेशनल हाईवे 62 के हटाए जा रहे हैं? आज कहा जा रहा है कि सत्ता धारी पार्टी का नेता बचा रहा है,लेकिन जब उसके अवैध निर्माणाधीन होटल पर कार्वाई होगी शिकायत होगी तब वह अपना होटल बचाएगा। यह आवासन मंडल के अतिक्रणकारियों को जान लेना चाहिए। अभी भी शिकायतों से उक्त नेता के नाक में दम है।
* आवासन मंडल कालोनी अतिक्रमण की शिकायत और अतिक्रमण हटाने की मांग किसने की है? अभी चरणजीत टंडन का नाम उछाला जा रहा है। टंडन ने आवासन मंडल कालोनी के नाले नालियां साफ करने की मांग नगरपालिका प्रशासन से की। नगरपालिका प्रशासन ने कालोनी में जिन 58 मकानों के आगे अतिक्रमण है उनको 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए। नगरपालिका ने उस समय बताया कि चरणजीत की शिकायत है इसलिए नाले साफ करने हैं सो 3 दिन में अतिक्रमण हटालें उसके बाद नगरपालिका हटा देगी। चरणजीत की शिकायत थी और उस पर कार्वाई शुरू हुई तो अब तक अतिक्रमण हटा दिए जाने चाहिए थे। नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने आगे कार्वाई क्यों नहीं की, यह सूचना नगरपालिका की ओर से किसी मीडिया को नहीं दी गई और न किसी ने जानकारी ली।
* 2 जून 2025 को शिकायत हुई जो नगरपालिका में क्रमांक 252 पर दर्ज हुई। इसके बाद एक साल बीत रहा है।
* इसके बाद भी शिकायतें हुई।
* सन् 2026 में भी शिकायतें हुई। यह तो निश्चित है की सड़कों के हक की जमीन के ऊपर हुए अतिक्रमण हटाए तो जाएंगे। अनेक शहरों में हटाए जा रहे हैं। नेशनल हाईवे पर हटाए जा रहे हैं। ऐसे ही नगरपालिका जब हटाएगी तब कोई भी नेता वहां बचाने को उपस्थित नहीं होगा। नेताजी अपना बचाएंगे या आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमणों को बचाएंगे। कोई अधिकारी निश्चित ही कार्वाई करेगा चाहे अपने मन से करेगा चाहे ऊपरी दबाव से करेगा।०0०
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