करणी प्रेस इंडिया

रविवार, 6 सितंबर 2026

भाजपा का बोर्ड बनाना आसान नहीं. सूरतगढ़.

 




👌 करणीदानसिंह राजपूत 👌

सूरतगढ़ 6 दिसंबर 2026.

भाजपा नेताओं की भ्रष्टाचारी कांग्रेसी नेताओं से दोस्ती से भाजपा का नगरपालिका बोर्ड बनाना आसान नहीं है। भाजपा को बहुत बड़े संकट में डालने वाले नेताओं में जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,पूर्व विधायक अशोक नागपाल, पूर्व नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा व महामंत्री लालचंद शर्मा, जगदीश मेघवाल,सुभाष गुप्ता हैं। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और पुलिस मुकदमों में फंसे कांग्रेसी परसराम भाटिया से दोस्ती ने भाजपा को संकट में डाला। भाजपा के इन नेताओं ने परसराम भाटिया को बचाया। करणी प्रेस इंडिया में समाचार रिपोर्ट छपते रहे और फिर भी भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों से भाजपा नेताओं की दोस्ती रही। 

* श्रीगंगानगर के जिला प्रभारी दशरथ सिंह शेखावत और भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं पर आफत रहेगी।०0० 

०0०








शनिवार, 5 सितंबर 2026

कृष्ण बेनीवाल ( कीनिया) की ईमानदारी और असलियत.सच्चाई पढें कितने ईमानदार! सबूत मां का पट्टा.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 5 सितंबर 2026.

नगरपालिका सूरतगढ़ में कांग्रेस का ईमानदार बोर्ड बनाएंगे। यह डुंगरराम गेदर का सार्वजनिक वक्तव्य  कैसे सच्च होगा जब अनियमितताओं भ्रष्टाचार से लिप्त कृष्ण बेनीवाल ( कीनिया) वार्ड नं 43 से और परसराम भाटिया वार्ड नं 35 से कांग्रेस टिकट पर चुनाव में खड़े हों। हालांकि ईमानदारी से इनका कोई लेनादेना नहीं और जीतने के दावे हवाई महल बनाना है। 

कृष्ण बेनीवाल ( कीनिया) ने अपने पिछले कार्यकाल 2019-24 में अपनी माता कमला देवी के नाम का पट्टा जारी करवाया। कमला देवी फत्नी कुंभाराम के नाम से यह पट्टा नं 561 दि. 4 अक्टूबर 2023 को जारी हुआ। यह पट्टा नियम विरूद्ध जारी कराया गया। यह भ्रष्टाचार का पक्का सबूत है। परसराम भाटिया ने यह पट्टा जारी किया। अब चुनाव के मौके पर नहीं बल्कि यह समाचार "करणी प्रेस इंडिया में 23 मई 2025 को अपराध. आरोप.चर्चित प्रकरण" स्तंभ में छपा।  इस पट्टे की फोटो यहां दी गई है। मां का पट्टा ले लिया तो क्या हुआ? लेकिन नगरपालिका नियमों के विपरीत यह भ्रष्टाचार है।



नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने मई 2025 में परसराम भाटिया और पट्टे लेने वाले पार्षदों की शिकायत मुख्यमंत्री राजस्थान और निदेशक स्वायत्त शासन विभाग को की। उसकी जांच की तथ्यात्मक रिपोर्ट ईओ पूजा शर्मा ने मई 2025 को की। ईओ ने इसे जारी करना गलत माना है।



इसकी कार्वाई में कृष्ण बेनीवाल पर आपराधिक कार्वाई होगी और पट्टा निरस्तीकरण की कार्वाई शुरू हो चुकी। 

 कृष्ण बेनीवाल ( कीनिया) के चुनाव में ईमानदारी के नारे लगाना ईमानदार बताना अलग और असलियत अलग है।०0०






छींपा से पार्षदगी छिन लेने को घमासान.वार्ड नं 30 में सामान्य वर्ग एक हुआ.

 






* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 5 सितंबर 2026.

नया वार्ड नं 30 सामान्य होने और उसमें सत्ताधारी भाजपा द्वारा सामान्य टिकटार्थियों के प्रयासरत होते हुए भी ओबीसी के कृष्ण छींपा को टिकट देने के बाद से घमासान मचा है। सामान्य वर्ग के सुशील कुमार तावणियां ने एकजुट होकर चुनाव का अभियान चलाया जिसके तहत निर्दलीय रूप में एडवोकेट दयाशंकर शर्मा को चुनाव में सामान्य वर्ग से उतार दिया गया है। दयाशंकर शर्मा पहले भी इस वार्ड क्षेत्र से चुनाव लड़े और अच्छी पोजीशन में रहे लेकिन इस बार चुनाव सामान्य वर्ग की जीत के लिए लड़ा जा रहा है। जोश भरा गया है कि सामान्य वार्ड में भाजपा ने ओबीसी कृष्ण छींपा को टिकट दी जो भारी गलती है, आखिर सामान्य वर्ग फिर कब चुनाव लड़ेगा। इस क्षेत्र से ओबीसी के सत्यनारायण छींपा परिवार का 40 सालों से नगरपालिका में आधिपत्य रहा। इस बार सत्यनारायण छींपा के पुत्र कृष्ण छींपा को टिकट दी गई। इससे सामान्य वर्ग के लोग नाराज होना शुरू हुए। सामान्य वर्ग से छींपा परिवार को बार बार समझाया गया कि वे चुनाव न लड़ें और रिक्वेस्ट माने कि सामान्य वार्ड में सामान्य वर्ग के लिए सीट पर चुनाव छोड़ दें तथा सामान्य वर्ग को साथ दें। यह भी कहा गया कि सामान्य वर्ग हमेशा छींपा परिवार के साथ रहा है तो अब छींपा परिवार सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को टिकट लेने दें। छींपा कृष्ण का चुनाव में दावा है कि वे चालीस सालों से सेवा करते आ रहे हैं और उसके लिए चुनाव मैदान में हैं। 

* सामान्य वर्ग भाजपा के टिकट वितरकों से भी नाराज है कि जब नियम बनाया हुआ था कि सामान्य वार्ड में और किसी वर्ग को टिकट नहीं दी जाएगी तब ओबीसी के कृष्ण छींपा को टिकट क्यों दिया गया और उस स्थिति में दिया गया जब सामान्य वर्ग से टिकटार्थी थे जो आवेदन भी कर चुके थे। अब दावा किया जा रहा है कि सामान्य वर्ग से एकजुट होकर चुनाव मैदान में निर्दलीय उतारे दयाशंकर शर्मा को शानदार विजय दिलाकर भाजपा नेताओं के राजनैतिक थप्पड़ मारा जाएगा। दयाशंकर शर्मा समर्थक इसी जोश से वोटरों से सम्पर्क कर रहे हैं। इस वार्ड से ओबीसी के राजकुमार सेन भी चुनाव मैदान में हैं और वे भी पहले चुनाव लड़ चुके हैं। कांग्रेस प्रत्याशी भी चुनाव में है। अनेक प्रत्याशी होने से चुनाव बहुकोणीय होते हुए भी त्रिकोणीय कृष्ण छींपा,निर्दलीय दयाशंकर शर्मा व राजकुमार सेन में  और मुख्यरूप में सामान्य वर्ग व ओबीसी वर्ग में कृष्ण छींपा व दयाशंकर शर्मा में जमा है। सामान्य वर्ग ने ताल ठोक रखी है कि कृष्ण छींपा को जीतने नहीं देंगे और दयाशंकर शर्मा को सफल बनाएंगे।०0०








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शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

करणी प्रेस इंडिया पर बड़ा विश्वास. 28 लाख से पार क्लिक पाठक

   

 




 


💐 पाठकों का बड़ा विश्वास 💐

* करणीदानसिंह राजपूत  *

सूरतगढ़  4 सितंबर 2026 

💐 राजस्थान में नगरनिकायों के चुनाव के समय में करणी प्रेस के पाठकों दर्शकों की संख्या में दिन रात वृद्धि हुई। 

28 लाख से अधिक बार 'करणी प्रेस इंडिया' को देखकर पाठक और आगे बढ चुके हैं। यह ऊंचाई पार करना प्रसन्नता के साथ और आगे बढने की प्रेरणा देने वाली भी है।

* अनुमान था कि 28 लाख से पार होने का सूचक पोईंट अक्टूबर के पहले सप्ताह तक आएगा लेकिन इन दिनों संख्या तेजी से बढी और निकाय चुनावों के बीच आज कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर 28 लाख से पार होने की सूचना प्रदर्शित हुई। 

"करणी प्रेस इंडिया" पाठकों की पसंद में लगातार शिखर पर है। समाचारों और घटनाओं पर उच्च कोटि की  समालोचना के लिए लोग इस ब्लॉग साइट पर भरोसा करते हुए देखते हैं।

👌जनता को जगाने और नेतृत्व करने वाले राजनेताओं राजनैतिक पार्टियों को जनहित के लिए सजग करने का निरंतर प्रयास करने,सच्च को सामने लाने, दबे पिछड़े हुए लोगों की आवाज को उठाने,समाज को जगाने वाले विचारों को सामने लाने में 

*इस ब्लॉग साइट को सीधेे ही देेखने या इसके लिंक को फेस बुक मेरे नाम karnidansinghrajput पर देखने पढने में देश विदेश में पाठक निरंतर बढ रहे हैं। फेस बुक लिंक पर पढ कर तत्काल विचार प्रगट करने में पाठक गण भी आगे रहे हैं। 

💐पाठक सीधे करणी प्रेस इंडिया देखते हैं तब एक साथ कई समाचार देख सकते हैं।www.karnipressindia.com

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 अनेक महत्वपूर्ण स्तंभ है। महीनों और वर्षों से भी सामग्री पढी जा सकती है। 

* राजनैतिक पार्टियों एवं राजनीतिज्ञ​ सत्ताधारी लोगों की सही स्थिति को जनता के सामने रखने की कोशिश रही है। राजनेता धनबली और भ्रष्टाचारी सदा ही मीडिया को अपने विचारों से चलाना चाहते हैं। लेकिन हम इस ब्लॉग में लोगों के साथ रहते हुए सच्चाई को ही आगे लाने के प्रयास में रहे हैं। सामाजिक धार्मिक आर्थिक विषय शहरी व ग्रामीण, सरकारी व गैर सरकारी सभी में आगे रहने का प्रयास सदा सफल रहा है।हमारे विचार,टिप्पणियां,लेख कहानियां,कविताएं  आदि सामग्री सभी वर्गों द्वारा सराहे जाते रहे हैं।हमारे पाठकों की आलोचनाओं समालोचनाओं और सलाह ने ही इस ब्लॉग को ऊंचे शिखर पर पहुंचाया है।व्यक्तियों के बजाय तथ्यों वाले कानून   एवं नियमों को सर्वाेपरि मानते हुए आगे बढे हैं। महिलाओं व लड़कियों के साथ अपराध बढ़े हैं इसलिए सावधान व सतर्क रहने की जागरूकता के लिए सच्चे समाचार रिपोर्ट की पोस्टों को लिखा जा रहा है।

👌पाठकों का यह विश्वास ही विज्ञापन का बड़ा आधार है। विज्ञापन दाता इसका प्रभाव देख रहे हैं और उन्नति कर रहे हैं।

👌पाठकों से आग्रह है कि करणी प्रेस इंडिया को देखते रहें व फोलोवर बनें।

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4 सितंबर 2026.

करणीदानसिंह राजपूत,62 वर्ष से पत्रकारिता व लेखन (1965-66 से प्रारंभ)

स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवालय से अधिस्वीकृत आजीवन.)

सूरतगढ़ ( राजस्थान) भारत.

मो.91 94143 81356.*

विधायक की दावेदारी कर रही आरतीशर्मा नगरपालिका चुनाव में तीसरे क्रम पर.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 4 सितंबर 2026.

नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष आरतीशर्मा विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही थी जो नगरपालिका के चेयरमैन पद की लालसा में पार्षद चुनाव में उलझ गई है जहां आम चर्चाओं में वे तीसरे क्रम पर है। हालात ऐसे बने हुए हैं कि आरतीशर्मा अंतिम चौथे क्रम पर भी पहुंच सकती है। आखिर आरतीशर्मा के इन परिस्थितियों में पहुंचने की वजह पद लोभ है जिसके कारण वे अपना निवास का वार्ड आरक्षित होने पर वार्ड नं 40 से चुनाव लड़ने को तैयार हुई और जयपुर से प्रेशर डाल कर भाजपा की टिकट प्राप्त की। आरतीशर्मा ने इस वार्ड से जीत आसान समझी मगर यहां तो कुए में आ गिरी। आरतीशर्मा ने भाजपा की टिकट तो प्राप्त कर ली मगर वोट तो प्रेशर से मिल नहीं सकते।

👌 वार्ड नं 40 के पुराने निवासी भाजपा के पुराने कार्यकर्ता सरावगी परिवार से सुमन पत्नी सुशील कुमार सरावगी भाजपा की टिकट की प्रबल दावेदार थी लेकिन उसे टिकट नहीं मिली। सुमन सरावगी अब निर्दलीय चुनाव में डटी है। उसे बैठाने की हर चाल धमकियां भी बेकार हो गयी।

 यहां दूसरे वार्ड की निवासी पूर्व पालिका अध्यक्ष आरतीशर्मा को चुनाव में उतारने से विद्रोह पनप उठा। आरतीशर्मा का चेयरमैन काल 1994 से 1999 तक विवादों से घिरा रहा था। भ्रष्टाचार के आरोप लगे और बलराम वर्मा का आमरण अनशन पांच दिन चला। उस समय विकास की बात करें तो एक सड़क सुभाष चौक से महाराणा प्रताप चौक तक बनी थी। लोग भूल गये। समय भी अधिक हो गया इसलिए लोग कहने लगे कि आरतीशर्मा का अध्यक्षता काल ईमानदारी वाला स्वच्छ काल रहा।

* आरती शर्मा यहां वार्ड नं 40 में बाहरी होने के कारण चर्चाओं में तीसरे क्रम पर मानी जा रही है। लोगों का आकलन है कि करीब एक सौ वोटों से पीछे रहेगी। आरतीशर्मा का वार्ड इस बार ओबीसी के लिए आरक्षित हो गया। आरतीशर्मा खुद को फिर से चेयरमैन का दावेदार मानती हुई सामान्य वार्ड नं 40 में घुस गई। सुमन सरावगी के समर्थक ताल ठोक रहे हैं कि यहां नियम के विपरीत जाकर भाजपा ने बाहरी आरतीशर्मा का टिकट फाईनल किया है जो सहन नहीं है। अब सरावगी परिवार को पीछे नहीं हटने देंगे और सुमन को चुनाव मैदान में निर्दलीय लड़ाएंगे। सो सुमन सरावगी अब निर्दलीय चुनाव मैदान में है और आरतीशर्मा से अधिक ताकतवर है। यहां से कांग्रेस पार्टी ने कृष्णा देवी कोठारी को खड़ा किया है और यह भी आरतीशर्मा से अधिक ताकतवर है। इसके अलावा यहां एक और निर्दलीय आशा भी मैदान में है।

कुछ भी हो यहां  से चुनाव लड़ना आरतीशर्मा के लिए हानिकारक रहेगा और भविष्य का सिरदर्द बन जाएगा।

 👌सबसे अधिक विपदा भाजपा नेताओं पर आएगी जो आरतीशर्मा को दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने का समर्थन करने वालों में हैं। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना और नगरमंडल के पूर्व अध्यक्ष सुरेश मिश्रा का क्या होगा? 

👌 आरतीशर्मा की वार्ड नं 40 में हालात चर्चा में आ गये कि आरतीशर्मा तीसरे क्रम पर रहेगी, फिर भी चुनाव लड़ने की जिद रही।सब कुछ मालुम हो जाने के बाद नामांकन किया गया। इन हालात में आरतीशर्मा को टिकट देने वाले जिला प्रभारी दशरथ सिंह शेखावत और चुनाव प्रभारी जसवंत सिंह ईंदा भी हार होने के बड़े जिम्मेदार होंगे। इनकी ड्युटी थी कि ये जयपुर को संपूर्ण हालात बताते। आरतीशर्मा ने खुद ने अपने राजनैतिक भविष्य पर आत्मघाती कुठाराघात किया है।०0०






गुरुवार, 3 सितंबर 2026

सूरतगढ़ के वार्ड नं 19 में निर्दलीय ताकतवर. भाजपा कोरा कागज.कांग्रेस नया प्रत्याशी.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 सितंबर 2026.

नगरपालिका के वार्ड नं 19 में चुनावी दौड़ में अधिकांश लोग निर्दलीय साहिर सिद्दीकी उर्फ राजू सिद्दीकी के साथ हैं। सबकी समझ में आने वाला तथ्य यह है कि पिछले बोर्ड में साहिर सिद्दीकी की भाभी यासमीन सिद्दीकी ने कच्चे गंदगी भरे क्षेत्र को साफ सफाई में सुंदर बनाने का काम किया। भाजपा के रिंकु सिद्दीकी ( यासमीन के पति)ने गरीब कमजोर तबके के लोगों को सरकारी योजनाओं का भरपूर लाभ दिलाया। इस बार रिंकु सिद्दीकी ने भाजपा से टिकट मांगी लेकिन जयपुर के ऊपरी दबाव से भाजपा की टिकट रजनी मोदी को दे दी गई। सिद्दीकी परिवार का काम नहीं देखा गया और ऊपरी दबाव से टिकट बदलाव का खेल हुआ। रजनी मोदी भाजपा में सालों से हैं लेकिन फील्ड वर्क में जीरो है। ऊपरी दबाव से टिकट तो मिल गयी लेकिन फील्ड में नो वर्क नो वोट की हालत है। बसंत विहार आनंद विहार संजम विहार कालोनियां देखें तो कचरे गंदगी झाड़ झंखाड़ भरा क्षेत्र है और इस वीआईपी क्षेत्र में वसंत विहार में रजनी मोदी परिवार रहता है। इस क्षेत्र करणी प्रेस इंडिया के निरीक्षण में घूमने पर पचासों जगह झाड़ियां कचरा गंदगी नजर आई। भाजपा के पास नरेन्द्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान था जिसमें रजनी मोदी 5-10 प्रतिशत काम भी नहीं करा पाई। रजनी मोदी अपने फील्ड वर्क और भाजपा की योजनाओं का लाभ लोगों को दिलाने में पीछे रही। केवल जानपहचान और भाजपा टिकट से काम नहीं चलता। रामप्रताप कासनिया के पास भाजपा की टिकट थी और 50 हजार से अधिक वोटों से हारे। वार्ड नं 19 में 1200 के लगभग वोट हैं और रजनी मोदी की हालत कासनिया जैसी हो रही है। काम की कीमत होती है और उससे भी परीक्षा होती है। आज भाजपा ने टिकट दिया है तो भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना और इसी कालोनी के निवासी पूर्व विधायक अशोकनागपाल को जोर लगाना चाहिए ताकि रजनी को ताकत मिले। रजनी हारती है तो इन सभी की हार होती है। कम से कम अशोकनागपाल को यह समझना होगा। नागपाल से तो लोग पूछेंगे कि परिणाम रजनी मोदी को विजय दिलाने वाला क्यों नहीं रहा। नागपाल जी आप क्या करते रहे? ऊपर से टिकट लाना आसान है और चुनावी दौड़ लगाना मुश्किल होता है।

* कांग्रेस ने यहां हरीप्रसाद दाधीच उर्फ छोटू पंडित को टिकट दिया है और छोटू पंडित का भी हाल नो वर्क नो वोट है। छोटू पंडित पार्षद थे। इस बार उनका वार्ड आरक्षित हो जाने पर उन्होंने भाजपा से दूसरे वार्ड में टिकट मांगा। लेकिन इस बार भाजपा ने टिकट नहीं दिया। छोटू पंडित ने नाराज होकर कांग्रेस पार्टी जोईन कर ली। परसराम भाटिया की सिफारिश पर छोटू पंडित को वार्ड नं 19 से कांग्रेस की टिकट मिल गई। छोटू पंडित यहां बुरी तरह से फंसा हुआ दौड़ में बहुत पिछड़ा हुआ है। कांग्रेस समर्थन के वोट भी मिलने मुश्किल है।

 मोटे तौर पर साहिर सिद्दीकी, रजनी मोदी और हरीप्रसाद दाधीच की यह स्थिति वार्ड में दिख रही है और इसको अपनी आंखों से देखना है तो लोगों को वार्ड में घूमकर देखना भी चाहिए।०0० 







बुधवार, 2 सितंबर 2026

चन्नी से नाराजगी शुरू.वार्ड 27 भी जाएगा यदि 26 में पंगा लिया।

 

* करणी प्रेस इंडिया *

सूरतगढ़ 2 सितंबर 2026.

आवासन मंडल पुरानी कालोनी वार्ड नं 27 से चरणजीत सिंह टंडन चन्नी अपनी पत्नी सुनीता टंडन को चुनाव लड़ा रहा है। जहां बड़ा समर्थन मिल रहा है तथा जीत भी मानी जा रही है। 

* लेकिन अब चन्नी के वार्ड नं 26 से स्वयं चुनाव लड़ने की तैयारी से लोग नाराज हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह वार्ड नं 26 में खड़ा होगा तो वार्ड नं 27 में उसकी पत्नी सुनीता टंडन को जीतने नहीं देंगे। चर्चा है कि चन्नी खुद,पत्नी व एक पुत्र को चुनाव लड़ाने का ईच्छुक है। लोगों का कहना है कि वह अपनी पत्नी को वार्ड 27 से लड़ा रहे हैं तो अन्य वार्डों में कोई दखल न करें। 







सूरतगढ़:भाजपा से 7 महिलाएं अध्यक्ष पद के लिए प्रभावी (नाम.)

 

सूरतगढ़ 2 सितंबर 2026.

नगरपालिका मे इस बार अध्यक्ष पद महिला सामान्य है जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी में सात महिलाएं प्रभावी मानी जा रही हैं। 

👌 वार्ड क्रमानुसार ये महिलाएं हैं।

5 से श्रीमती ज्योति कंवर

19 से "' रजनी मोदी

24 से " दीपा तरड़

27 से " सरोजदेवी गोयल

40 से " आरती शर्मा

41 से " साक्षी नागपाल

43 से " वीना रानी छाबड़ा

* भाजपा का बोर्ड बनता है तो इन नामों में से जीतने वाली में से कोई एक अध्यक्ष होगी।

👌 वार्ड नं 27 से भाजपा की प्रत्याशी सरोजदेवी गोयल के पति भाजपा नेता का एक साक्षात्कार वायरल हुआ है। उनका कहना है कि उनकी तरफ से चैयरमनी का चुनाव नहीं ,पार्षद का चुनाव लड़ा जा रहा है। 

०0०





मंगलवार, 1 सितंबर 2026

विधायक डुंगरराम गेदर,परसराम भाटिया और सामने राजाराम गोदारा में कौन ताकतवर?विधायक की नीति दोगली रही.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 1 सितंबर 2026.

नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने पार्षद चुनाव की टिकट वितरण में राजाराम गोदारा आदि को टिकट नहीं दी क्योंकि उन्होंने कासनिया के स्कूल को भूमि देने के प्रस्ताव में विरोध नहीं किया,काग्रेस की व्हिप नहीं मानी।लेकिन परसराम भाटिया ने उच्च न्यायालय में रिट लगाकर वापस लेली उससे गेदर की भी बदनामी हुई इसके अलावा भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे,कुछ मुकदमें होते हुए भी परसराम भाटिया को टिकट दी है। कासनिया के स्कूल को जमीन देने के प्रस्ताव में सहयोगी भाजपा पार्षद हरीशकुमार दाधीच( छोटू पंडित) को भाजपा ने टिकट नहीं दी,मगर कांग्रेस ने टिकट दे दी। 

👌 विधायक डुंगरराम गेदर ईमानदार गेदर एक ही प्रस्ताव पर तीन लोगों पर तीन तरह के निर्णय क्यों कर गये? इसका जवाब तो चुनाव परिणाम देगा लेकिन अभी विधायक की इस नीति की आलोचना हो रही है। 



👌 परसराम भाटिया 120 दिन के लिए सरकार की ओर से नगरपालिका के अध्यक्ष मनोनीत रहे और रिकॉर्ड तोड़ भ्रष्टाचार किया। मुकदमें भी हो गये,जो डुंगरराम गेदर को इतने प्रिय हैं कि उनको टिकट दी है। ये एक दूजे को मिठाई कतली खिलाएं लेकिन दोनों का टिकट वितरण कांग्रेस को भारी पड़ेगा। भ्रष्टाचारों के आरोपों से घिरे परसराम भाटिया को टिकट देने की जो भी मजबूरी डुंगरराम गेदर को रही है वह चुनाव में जो नतीजा पेश करेगी उससे डुंगरराम गेदर की नींद हराम होगी। 

* राजाराम गोदारा ने अपनी टिकटों से अधिक संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी खड़े कर दिए जो चुनाव में कांग्रेसी प्रत्याशियों के लिए आफत और जीत में बाधा होंगे तथा अध्यक्षीय चुनाव में भी गेदर की मुसीबत होंगे। मीडिया में राजाराम गोदारा का हल्ला है। परसराम भाटिया और हरीश दाधीच दोनों ही सीटें जीत पाएंगे में संशय है। परसराम भाटिया के भ्रष्टाचार और मुकदमे गेदर न देखें मगर वोटर तो देखेंगे।०0०






सोमवार, 31 अगस्त 2026

सूरतगढ़. राजपूतानी होगी चेयरमैन.भविष्य प्रबल !

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़.31 अगस्त 2026.भाजपा ने नगरपालिका चुनावी खेत में चैयरमैनी बीज दी है। सब कुछ ठीकठाक रहेगा और जो भविष्य प्रबल है उसके अनुसार राजपूतानी सीट पर राज करेगी। इस बार चेयरमैन पद महिला (सामान्य) है।


करणी प्रेस इंडिया के पक्के सूत्र से ज्योति कंवर चेयरमैन के प्रबल चांस है। ऐसी तैयारियां बैठकें वार्तालाप हो रहे हैं। भाजपा टिकट से वार्ड नं 5 की प्रत्याशी है ज्योति कंवर। भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह राठौड़ की धर्मपत्नी हैं ज्योति कंवर। भाजपा में चेयरमैन पद के लिए और भी प्रत्याशी हैं लेकिन पार्षद चुनाव जीत कर चेयरमैन पद के चुनाव तक पहुंचना है। 

करणी प्रेस की मतदान और मतगणना से पूर्व की हालात की समीक्षा और आगे के कदम ज्योति कंवर के चेयरमैन राजयोग के पक्ष में होने की संभावनाएं अधिक हैं।०0०






 

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