करणी प्रेस इंडिया
मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
वह अवतरित हुई,आनंदित हुए हम
* दिव्यता*
वह अवतरित हुई
आनन्दित हुए
हम सब।
उसके
हाव भाव
देते रहे
दिव्य संदेश।
परी सी उड़ गई
एक दिन
विलीन हो गई
आकाश में।
छोड़ गई
स्मृतियों में
अनन्त
संदेश।
.......
श्रीमती विनीता सूर्यवंशी-करणीदानसिंह राजपूत :
माता-पिता
योगेन्द्र प्रतापसिंह-रीतिका-अनाया
सिह,रूद्राक्ष ( लघु भ्राता. भाभी-भतीजी,भतीजा)
रवि प्रतापसिंह-साक्षी: अद्वित ( लघु भ्राता-भाभी-भतीजा)
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सोमवार, 27 अप्रैल 2026
सूरतगढ़ गैस प्लांट.मानकसर क्षेत्र में.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 27 अप्रैल 2026. सूरतगढ़ के मानकसर आबादी एरिया में एक सीएनजी (गैस) प्लांट और लगने को तैयार है।मानकसर ग्राम पंचायत के 37 पीबीएन में यह लगाने की तैयारी है।
सूत्रानुसार कंपनी ने मानकसर ग्राम पंचायत से नो ओब्जेक्शन (आपत्ति नहीं ) का प्रमाण पत्र लेने के लिए सरपंच (प्रशासक) को पत्र दिया है।सरपंच को सौंपे पत्र का भी इलाके के आम लोगों को मालुम नहीं है। इलाके में आसपास कालोनियां बन गई है और प्लांट का स्थान पास में है। लोगों की राय सार्वजनिक सूचना देकर मालुम की जानी चाहिए। अभी तक कंपनी की तरफ से कोई सार्वजनिक सूचना नहीं दी गई है। ग्राम पंचायत की ओर से भी कोई सार्वजनिक सूचना प्रकाशित नहीं हुई है। मानकसर ग्राम पंचायत की ओर से इलाके के लोगों की आम सभा आयोजित कर वैध रूप में राय मालुम करनी चाहिए कि लोग क्या चाहते हैं? सूत्रानुसार कंपनी के प्रबंधन नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए दबाव डाल रहे हैं। इलाके के लोग,इलके के राजनेता जनप्रतिनिधि क्या चाहते हैं? जनता को प्लांट लगने का मालुम पड़ेगा तब लगाने देने/ न लगाने देने की स्थिति सामने आएगी
👌 सब गुपचुप किया जा रहा है। गैस प्लांट बन चुका है जिसकी एन ओ सी लिए बिना चालू किया जाना संभव नहीं है। पहले ग्राम पंचायत से स्वीकृति ली हुई नहीं है। सूरतगढ़ बाईपास वाला ही बताया जा रहा है।
सूरतगढ़ में बिजली पानी और सफाई का हाहाकार.बिजली के कितने कट ?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 27अप्रैल 2026.
राजस्थान सरकार के गर्मी में पानी बिजली सुचारू व्यवस्था के आदेश यहां विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से हवा हो गए और पीएम मोदी का स्वच्छ भारत अभियान कचरे के ढेरों और गंदगी भरे नालों में से निकाला नहीं जा सका। लोगों की परेशानी को समझा नहीं जा रहा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शुद्ध पेयजल देने में फेल हो गया है तथा जोधपुर विद्युत वितरण निगम बार बार के विद्युत कट का रिकॉर्ड बनाने से चूकना नहीं चाहता। यहां राज को यहां चलाने वाले भाजपा नेता बुड्ढे बीमार और लाचार हो गये हैं कि उनकी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग,जोधपुर विद्युत वितरण निगम परवाह नहीं करता और नगरपालिका प्रशासन तो कुछ समझता भी नहीं। 👍शहर के 45 वार्डों में कहीं न कहीं गंदा पेयजल आ ही जाता है। ऐसा लगता है कि प्राईवेट व्यापारियों, विक्रेताओं के फिल्टर आर ओ,और पानी के केन बिकवाने में विभागीय अधिकारियों का सहयोग चल रहा हो। विभाग पानी के नमूने लेकर जांच करवाने में पिछड़ा हुआ है। मीटर रीडिंग महीनों से नहीं हो रही। अनेक स्थानों पर पानी पाईपलाईन रिसाव कर रही है और विभाग को मालुम नहीं। पानी शुरू से ही बिना फिल्टर किये हुए वितरित हो रहा है तो कहीं टूटे पाईपों में से गंदगी पेयजल में घुलमिल रही है। विभाग ऐसी पाईप लाईनों का मालुम करने के लिए स्टाफ को फील्ड में नहीं भेजता। अवैध कनेक्शनों की भरमार है। एक वैध और बाकी अवैध कनेक्शन भी हैं। विभाग अवैध कनेक्शन हटाने में पिछड़ा है।
* बिजली के बार बार कट होने की परेशानी सभी नागरिक घरों में और अपने व्यवसायिक संस्थानों पर भोग रहे हैं। व्यापार व दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
* नगरपालिका प्रशासन ने स्वच्छ सूरतगढ़ के होर्डिंग लगवा दिए हैं। इन होर्डिग्स का सच्च से दूर तक संबंध नहीं है। होर्डिंग प्रिंट और विज्ञापन प्रदर्शन स्थानों के ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के अलावा किसी काम के नहीं। सुभाष चौक,भारत शहीद भगतसिंह चौक और भारत माता चौक पर प्रतिमाओं के पास ही गंदगी कचरे के ढेर रहते हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं नेतियों और कार्यकर्ताओं के पूजनीय स्थल हैं लेकिन नगरपालिका प्रशासन को कहने से शिकायत करने से डर बैठा हुआ है। सूरतगढ़ शहर के 45 वार्ड हैं। सत्ताधारी भाजपा के पास 45 कार्यकर्ता नहीं है जो एक एक वार्ड को संभाल सके या देख सकें।
👌स्थानीय देखरेख पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया और उनके पुत्र संदीप कासनिया के पास है जिनकी आलोचना इन विभागों के अधिकारी करवा रहे हैं।नागरिकों को सर्वाधिक शिकायतें और परेशानियां नगरपालिका से है और पिता पुत्र दोनों ही मजबूरी के कारण कोई एक्शन नहीं ले पा रहे। ०0०
रविवार, 26 अप्रैल 2026
ओम कालवा आरती शर्मा काजल छाबड़ा मोदी के स्वच्छता अभियान के फेल होने पर चुप क्यों?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 26 अप्रैल 2026
नगरपालिका सूरतगढ़ के पूर्व अध्यक्षों आरती शर्मा, काजल छाबड़ा और ओमप्रकाश कालवा का अपने कार्यकाल के बाद नगर के प्रति, नागरिकों के प्रति कोई जिम्मेदारी क्यों नहीं है? आश्चर्य यह है कि ये सभी वर्तमान में भाजपा में हैं।
नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा के कारण सूरतगढ़ गंदगी और भ्रष्टाचार से धधक रहा है। तीनों पूर्व अध्यक्षों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत स्वच्छता अभियान में एक दो दिन झाड़ू लगा कर फोटो खिंचवाए। अब ईओ पूजा शर्मा के सूरतगढ़ सड़ रहा है तो इन तीनों पूर्व अध्यक्षों का कोई मांग पत्र कोई शिकायत नहीं है। भाजपा में पार्टी स्तर पर भी इन तीनों की ओर से नगरपालिका के भ्रष्टाचार और सफाई व्यवस्था की लापरवाही पर कोई सूचना नहीं है। मतलब कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में इनका कोई सहयोग नहीं।
सूरतगढ़ में यह अभियान दम तोड़ गया। जनता इन तीनों के मुंह खुलने का इंतजार कर रही है।
आरती शर्मा और काजल छाबड़ा भाजपा टिकट से अध्यक्ष चुनी गई थी। ओमप्रकाश कालवा कांग्रेस टिकट पर पार्षद फिर अध्यक्ष चुने गये। पूर्व विधायक (कांग्रेस) गंगाजल मील से नहीं बनी तब भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश किया।
बनवारीलाल मेघवाल सन् 2009 में कांग्रेस के टिकट से अध्यक्ष निर्वाचित हुए। सन् 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले गंगाजल मील आदि भाजपा में प्रवेश किया तब बनवारी भी भाजपा में घुसे लेकिन यहां सक्रिय नहीं रहे।
👍 नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में नगरपालिका ईओ और स्टाफ के लापरवाही व घोटालों पर शिकायत करने की जिम्मेदारी आरती शर्मा,काजल छाबड़ा और ओमप्रकाश कालवा की बनती है। ओमप्रकाश कालवा नगरपालिका के पिछले बोर्ड के अध्यक्ष रहे हैं और हर नये नियमों के जानकार हैं इसलिए इनकी ड्युटी अधिक है लेकिन अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा के भ्रष्टाचार और घोटालों पर चुप हैं। ये सभी पूर्व अध्यक्ष शहर की गंदगी देख रहे हैं और मोदी जी का स्वच्छ भारत अभियान बड़े बड़े होर्डिंग्स में ही नगरवासी देख रहे हैं। यह भी घोटाला है। शहर की जनता गंदगी से बेहद परेशान है और इन तीन पूर्व अध्यक्षों की तरफ देख रही है कि ये जनता के हित में जनता के लिए अपने मुंह खोलें और नगरपालिका प्रशासन की लापरवाहियों और ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचारों पर बोलें, सरकार तक शिकायत पहुंचाएं। पार्टी के जिलाध्यक्ष व उच्चपदाधिकारियों तक असलियत पहुंचाएं। यदि ये चुप रहते हैं तो इनकी राजनीति खत्म होगी और राजनीति में नाम खत्म हो जाएगा। शहर की जनता इनके मुंह खुलने का इंतजार कर रही है।०0०
कुत्तों से भी गये बीते हो गये.गंदगी में रहते हुए भी चुप.
* करणीदानसिंह राजपूत *
ना जाने कब से यह कहावत चल रही है कि कुत्ता भी साफ घूरी में रहना पसंद करता है। जिसने भी यह कहावत जब कभी भी किसी को कहनी लिखनी बोलनी शुरू होगी वह तो अब पता लगाना मुश्किल है लेकिन बात यह सटीक ही कही। जब कोई गंदगी में रहता है या गंदगी कचरा आसपास होता है तब यह ताना मारते हुए कही जाती है या सीख के लिए कही जाती है ानताकि सुनने के बाद वह व्यक्ति रहने वाली जगह को साफ सुथरा रखे। मैं जब आठ दस साल का था तब से यह कहावत किसी न किसी को कही जाते वक्त सुनता रहा हूं। मतलब करीब सत्तर साल से तो सुन ही रहा हूं।
👍 आज कोई कहे कि कुत्तों से भी गये बीते हो गये हो तो समझ में आता है कि यह ताना या गाली गंदगी में या गंदगी के माहौल में रहने के कारण कही जा रही है। आज के समय में अपने आसपास गंदगी फैलने पर भी कोई न बोले न शिकायत करे तो यह ताना कभी न कभी सुनने को मिल सकता है। लेकिन लोग खानपान और ऐसी संगति में रहने लगे हैं और इतने निष्क्रिय हो गये हैं कि यह ताना सुन कर भी बोलेंगे नहीं। 26 अप्रैल 2026.
०0०
गुरुवार, 23 अप्रैल 2026
सूरतगढ़:3 दिन में अतिक्रमण हटा लेने के 58 नोटिस किसने दिलाए?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 23 अप्रैल 2026. नगरपालिका प्रशासन आवासन मंडल पुरानी कालोनी के अतिक्रमणों पर शिकायतों के बावजूद चुप था लेकिन पूर्व विधायक के ईशारे पर अचानक एकदम से 58 नोटिस जारी कर दिए गये। अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा ने 9 अप्रैल को 58 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए कि वे अपने अतिक्रमण 3 दिन में हटा लें अन्यथा नगरपालिका प्रशासन हटा देगा।
👌 क्या पालिका ने पूर्व विधायक के निर्देश पर नोटिस दिए जिनसे हड़कंप मच गया था ? नोटिसों के बाद नगरपालिका जाकर जैसे तैसे कुछ पूछताछ कर वापस लौटने वाले लोगों में पूर्व विधायक के प्रति निराशा और नाराजगी हुई है। नाराजगी से पैदा हो रही हालत से राजनैतिक छवि खराब हो रही है।इन हालात में पूर्व विधायक ही स्पष्ट कर सकते हैं कि आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस जारी कराने की बात ईओ से उन्होंने की थी या नहीं की थी। पूर्व में आवासन मंडल कालोनी के आवासों के आगे के अतिक्रमणों को तुड़वाने में पूर्व विधायक की ना की बातें निकलती थी। कहा जाता था कि वे अतिक्रमण हटाने के लिए मना कर रहे हैं, लेकिन अब जो बात निकल कर चर्चा में है वह पहले से उलट है। पहले बचाना चाहते थे और ईओ पूजा शर्मा कहती थी कि पूर्व विधायक तोड़ने से मना कर रहे हैं। अब बात जो फैल रही है वह उलट है। हालांकि नगरपालिका् प्रशासन ने इन नोटिसों पर चुप्पी कर ली है और अतिक्रमण तोडऩे की कार्वाई ठंडे बस्ते में डाल दी है। लेकिन भी नोटिस जैसे के तैसे कायम हैं। 9 अप्रैल के नोटिस 3 दिन में अतिक्रमण हटा लेने व बाद में नगरपालिका प्रशासन द्वारा हटाने के थे। यानि नगरपालिका को 13 अप्रैल से अतिक्रमण हटा देने थे चेतावनी अवधि का समय बीतने के बाद 10 दिन बीत गये। क्या ये नोटिस पूर्व विधायक से संपर्क करने,उनकी हाजिरी बजाने के लिए थे। पूर्व विधायक की राजनीतिक छवि प्रभावित हो रही है और उनको जनता के बीच फैल रहे भ्रम को तुरंत साफ करना चाहिए। ०0
सूरतगढ़ थर्मल का ठेकेदार 27 मार्च से लापता.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 23 अप्रैल 2026. सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन में ठेकेदारी करने वाला मेघराज आसेरी 27 मार्च 2026 से लापता है। मेघराज आसेरी सूरतगढ़ निवासी है। पुराने बस स्टैंड राठी स्कूल के दक्षिण में मोची मोहल्ले में परिवार सहित रहने वाला 55 वर्षीय मेघराज को लापता हुए 27 दिन हो चुके हैं। 27 मार्च को लापता होने के बाद परिजनों ने रिश्तेदारी में तथा इधर उधर खोज की लेकिन न मिलने पर पुत्र कार्तिक आसेरी ने 7 अप्रैल 2026 को पुलिस थाना सिटी सूरतगढ़ में प्रथम सूचना रिपोर्ट गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस सहायक सब इंस्पेक्टर होशियार सिंह को यह प्रकरण सौंपा गया है। परिवारजनों ने लापता मेघराज की खोज में दिनरात एक कर रखा है। पुत्र कार्तिक को मालुम हुआ है कि 27 मार्च को सुबह करीब 12 बजे सूरतगढ़ से बीकानेर जाने वाली लोक परिवहन की बस में मेघराज को सवार होते किसी ने देखा था। उसके पास में कोई सामान आदि नहीं था।०0०
मंगलवार, 21 अप्रैल 2026
वसुंधरा से छल करना कौनसा नारी सम्मान था?भजन सरकार में कार्यकर्ता परेशान. प्रशासन को भय नहीं.
* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान में दिल्ली की पर्ची से भजनलाल शर्मा की सरकार बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री बनने से रोक कर नारी सम्मान किया था? राजनाथसिंह के हाथ पर्ची दिलवाई और वसुंधरा राजे के हाथ से विधायक दल की बैठक में खुलवाई। इससे अधिक अपमान के घूंट और क्या पिला सकते थे? नारी सम्मान की बात करने वाले नरेंद्र मोदी ने जो किया वह कोई कूटनीति नहीं थी बल्कि इसे छल कहा जाता रहा है। ऐसे छल कपट के घाव कभी समय बीतने के साथ भरते नहीं है बल्कि बार बार याद कराते हैं।
मोदी जी ने पर्ची से मुख्यमंत्री पैदा कर सरकार तो बनादी लेकिन सरकार चल नहीं रही है और न चलती हुई दिखाई दे रही है। कम से कम चलती हुई दिखे और लोगों को महसूस हो कि सरकार चल रही है, यह भी नहीं हो रहा।
भाजपा के लोग ही निराश हो रहे हैं कि उनके काम नहीं हो रहे और कार्यकर्ता इसलिए भी निराश हो रहे हैं कि ढाई साल बीतने के बावजूद अभी तक राजनैतिक पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई। मुख्यमंत्री और मंत्री तो 5 साल राज का भोग करें और जिन कार्यकर्ताओं ने मंत्री बनाया वे धूल फांके। दुखों से भरा आश्चर्य यह भी है कि ये मंत्री तो कार्यकर्ताओं के भरोसे से ही बने और अब कार्यकर्ताओं की मजबूती पर भरोसा नहीं करते। पद देने के बाद कार्यकर्ता कैसा निकलेगा? राजनैतिक पद दिए जाने के बाद कार्यकर्ता अपने अपने फील्ड में काम पर जुट जाते और आम लोगों का काम कराते जिससे भाजपा को ही मजबूती मिलती। एक कड़वा सच्च है, कि कार्यकर्ताओं को न भजनलाल शर्मा समझ रहे हैं न भाजपा के प्रांतीय अध्यक्ष मदन राठौड़ समझ रहे। इन दोनों का व्यवहार कार्यकर्ताओं को निरंतर निराश कर रहा है जिसके कारण वे पार्टी के विभिन्न प्रचारक कार्यक्रमों से दूर हट रहे हैं। भाजपा के प्रचारक कार्यकर्म आजकल बहुत कम उपस्थिति वाले और रसहीन से होते हैं। कार्यक्रमों में अनेक सक्रिय कार्यकर्ता अनुपस्थित रहते हैं। मोदी और भजन के नाम पर भाजपा नेता नेतियां जो प्रदर्शन आदि करते हैं उनमें 40 से 50 लोग ही हर जगह दिखते हैं।
भजनलाल शर्मा एक गंभीर गलती भी किए हुए हैं और वह गलती भी हानि पहुंचा रही है। कांग्रेस सरकार के लगाए कर्मचारी वहीं बैठे हैं जहां कांग्रेस ने लगाया था। वे कांग्रेसियों के हर काम कर रहे हैं और भाजपा के टालते हैं या रोक देते हैं। इनको ही बदल नहीं सके। ये भाजपा सरकार और उसकी नीतियों पर काम नहीं कर रहे। भाजपा वालों को अच्छे ढंग से समझ में आ जाना चाहिए कि प्रदेश में सरकार चलती हुई महसूस क्यों नहीं हो रही?
अधिकारी कर्मचारी पीड़ित लोगों की सुन नहीं रहे रहे।
एसीबी रिश्वत में अधिकारियों कर्मचारियों को आए दिन पकड़ रही है। इससे ही,यह साबित हो रहा है कि लोगों के काम पैसों से हो रहे हैं। काम नहीं होता तब पीड़ित मजबूरी में रिश्वत देने को मजबूर होता है तथा एक तरफ रिश्वत देने की हां करता है और दूसरी तरफ एसीबी से संपर्क कर लेता है। भ्रष्टाचारियों को भजनलाल शर्मा की कोई चेतावनी नहीं और सरकार के मंत्रियों की भी कोई चेतावनी नहीं। वे काम क्यों करें? अधिकारी 11 बजे से पहले दफ्तरों में आते नहीं और बीच में ही लौट जाते हैं। संपूर्ण राजस्थान में ये बिगड़े हालात दिखाई दे रहे हैं। काम करने कराने के वास्ते प्रशासन को नीतिगत आदेशों के पालन के लिए सक्रिय रखना जरूरी होता है लेकिन भजनलाल सरकार में फील्ड के नगरीय व ग्रामीण कार्यालयों में नजर नहीं आ रहा।
नारी सम्मान के लिए विख्यात राजस्थान में वसुंधरा राजे का नाम सीएम से हटवा कर पर्ची से भजनलाल शर्मा को सीएम तो बना दिया लेकिन यह नारी का सम्मान नहीं है और राजस्थान इस सरकार को ढो रहा है। दिया कुमारी को आगे लाने की राजनीति रही है लेकिन उनमें वसुंधरा राजे जैसा दम नहीं है। अभी समय जो बचा है उसमें नारी सम्मान की सोच हो तो वह किया जाए।०0०
21 अप्रैल 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 62 वां वर्ष,
94143 81356.
सोमवार, 20 अप्रैल 2026
पचपदरा रिफाइनरी में आग कैसे लगी? पीएम मोदी के उद्घाटन करने से 1 दिन पहले आग.
* करणीदानसिंह राजपूत *
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्घाटन करने से एक दिन पहले पचपदरा रिफाइनरी में आग लगना बेहद चिंता जनक और गंभीरता का मामला है जिसके कारण खोजने में प्रशासन और रिफाइनरी अधिकारी जुट गये हैं। प्रधानमंत्री 21 अप्रैल को उद्घाटन और सभा करने वाले थे और एक दिन पूर्व आग लगने से कारण जानना इसलिए जरूरी है कि पीएम सुरक्षा के लिए बंदोबस्त हो चुका था जिसमें पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों का घेरा लगा हुआ था। पीएम की सभा जहां होने वाली थी वह स्थान भी पास ही है जहां आग लगी है। अग्नि कांड का कारण आज मालुम नहीं हुआ तो अफरातफरी में प्रधानमंत्री का दौरा सुरक्षा कारणों से प्रभावित हो सकता है।
* राजस्थान के मुख्य मंत्री भजनलाल शर्मा आज 20 अप्रैल को उद्घाटन की तैयारियां देखने को आने वाले थे।
* प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन प्रभावित होगा या नहीं होगा का रात तक मालुम हो सकेगा। बताया जा रहा है कि एक युनिट में आग लगी है जिसको बुझाने के लिए अंदरूनी अग्निशमन प्रणाली से कार्य तत्काल शुरू हो गया था। इसके अलावा रिफाइनरी की दमकलें अग्निशमन में लगी। आसपास की नगरपालिकाओं की दमकलें भी बुलाई गई हैं।
प्रारंभिक मीडिया समाचारों के अनुसार रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट सेक्शन के बीच स्थित हीट एक्सचेंजर में तकनीकी खराबी के चलते विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के उपकरण भी इसकी चपेट में आ गए और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। हालांकि प्रारंभिक सूचना के अनुसार किसी बड़े जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन कुछ कर्मचारियों के झुलसने की आशंका जताई जा रही है। इस अग्नि कांड से लाखों रूपये का नुकसान होना तो निश्चित ही है।
* इस रिफाइनरी का निर्माण और आजतक की अवधि हमेशा किसी न किसी विवाद में रही इसलिए निर्माण में भी देरी होती रही है। अब उद्घाटन का सुअवसर आया तो यह दुर्घटना हो गई।०0०
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