करणी प्रेस इंडिया
मंगलवार, 8 सितंबर 2026
सोमवार, 7 सितंबर 2026
बैक फुट पर कांग्रेसी प्रत्याशी कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया.पट्टा कांड उजागर होने का असर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 सितंबर 2026.पिछले नगरपालिका बोर्ड में पार्षद होते हुए कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया ने सरकार के नियम विरुद्ध मां कमलादेवी के नाम से पट्टा लेने का समाचार ऐन चुनाव बीच आने के बाद हालात बदले हैं और कृष्ण बेनीवाल एकदम से बैकफुट पर हैं।
* समाचार के बाद वार्ड 43 से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रहे कृष्ण बेनीवाल का एक प्रदर्शन करते भाषण विडिओ वायरल हुआ है। जिसमें चुनावी जोश में बेनीवाल स्वीकार करते हैं कि पट्टा लिया। जोश में कहते हैं मैंने भूखंड खरीदा,उसका पट्टा लिया और बेच दिया। कोई गलत नहीं किया। यह समाचार से विचलित होकर जोश में होश नहीं रखते हुए दिया गया भाषण था। प्रदर्शन में शामिल लोग कुछ मिनट तो खुश होते हैं मगर गलत त़ गलत ही होता है। वार्ड में समझदार वोटर भी हैं जिन्होंने इसे गलत ही माना। ब्लास्ट की आवाज अखबार में पार्षद होते हुए नियम विरूद्ध मां के नाम से पट्टा लिए जाने का और रद्द किए जाने की कार्वाई शुरू की फोटो प्रकाशित की है। पट्टा सही लिया तो उसके रद्द किए जाने की कार्वाई शुरू क्यों हुई। पहले सरकार को धोखे में रख कर पट्टा लिया गया। जब मालुम हुआ कि रद्द होगा तब आगे किसी को बेच दिया है तो यह खरीदने वाले के साथ धोखा होगा अगर यह भूखंड बेच दिया हो।
* यदि भूखंड बेच दिया गया हो तब रद्द होने की कार्वाई का मालुम होते ही खरीदार अपनी रकम तुरंत ही वापस मांगेगा। रकम तुरंत नहीं लौटाई गई तो फिर विवाद होगा।
👌 यह निश्चित है शतप्रतिशत कि गलत लिया गया पट्टा निरस्त होगा।
* गलत काम करना और स्वीकार करना। ऐसे गलत काम करने के बाद फिर पार्षद बनने के लिए चुनाव लड़ना कौनसी जन सेवा है।
👌 पट्टा कांड उजागर तो पहले हो चुका था लेकिन चुनाव में इस समाचार ने कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया को बैकफुट पर ला दिया है जिसका बुरा असर कीनिया के वोटों को कम करने वाला होगा। लोग कहते नहीं मगर चुपचाप वोट नहीं देने का निर्णय लेते हैं।फ्रॉड करना और फिर चुनाव में शान बघारते स्वीकार करना कि मैंने किया है। यह शान बघारना बहुत बड़ी गलती है जो कृष्ण बेनीवाल ने कर डाली। जबरदस्त टक्कर वाली सीट पर शान बघारने वाले भाषण से गुपचुप तीस चालीस वोट इधर से उधर होकर भाजपा में चले गये तो कीनिया ने अपना बड़ा नुकसान कर लिया है।०0०
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बलराम वर्मा की लीडरशिप. पत्नी विमला वर्मा कांग्रेस की टिकट पर चुनाव मैदान में.परिवार का शानदार राजनैतिक इतिहास.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 सितंबर 2026.
नगरपालिका सूरतगढ़ के चुनाव और वार्ड नं 16 से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रही विमला वर्मा पत्नी बलराम वर्मा कांग्रेस के वरिष्ठतम नेता पर
चर्चा करने से पहले इस परिवार की स्थिति पर चर्चा करें की लीडरशिप में क्या स्थिति है।
👌 सूरतगढ़ में राजनैतिक पार्टियों के नेता नेतियां राज्य मंत्री, विधायक,सांसद,पंचायत समिति प्रधान नगरपालिका अध्यक्ष आदि बने,चुनाव लड़े,जीते हारे लेकिन उनमें लीडरशिप नहीं थी।
👌भादू बंधुओं मनफूलसिंह भादू राजस्थान में उपमंत्री बने,अनेक बार सांसद बने और
बीरबल भादू 30-40 साल तक पंचायत समिति सूरतगढ़ के प्रधान रहे लेकिन लोग मानते हैं कि राजनैतिक लीडरशिप उनमे नहीं थी।
* लीडरशिप एक गुण होता है जो इनमें नहीं था। अच्छे और बुरे में जो कुछ करे वह लीडरशिप गुण वाला। अच्छे बुरे में जो अपना नहीं सोचे,घाटे नफे यानि लाभ हानि का नहीं सोचे और घर से निकल कर लोगों के बीच में खड़ा हो जाए। जनता की परेशानियों में साथी बने। ये गुण लीडरशिप में माने जाते हैं। केवल नारे लगाने भाषण देने आदि में आगे रहने वाले को भी लीडरशिप वाली मान्यता नहीं दी जा सकती।
* राजनैतिक वरिष्ठ सोच समझ रखने वाले जो अपनी बातचीत प्रभावी ढंग से कहते हैं वे लीडरशिप के गुण वाले नाम भी लेते हैं। सूरतगढ़ क्षेत्र में लीडरशिप गुणों वाले तीन नाम सामने आते हैं जिन्होंने जनता की पीड़ाओं में दिन रात को कभी अपना नहीं समझा और वे जनता के दुखदर्द परेशानियों में शामिल रहे। ये नाम हैं गुरूशरण छाबड़ा, सरदार हरचंद सिंह सिद्धु और बलराम वर्मा।
* गुरूशरण छाबड़ा अब संसार में नहीं है। हमेशा पीड़ित के साथ रहे। सन् 1977 में सूरतगढ़ से विधायक चुने गये थे। ईमानदारी में कोई मिसाल नहीं। सख्ती में कोई मिसाल नहीं। आज हर ओर उनका उदाहरण दिया जाता है।
* सरदार हरचंद सिंह सिद्धु वरिष्ठ वकील हैं। अनुमान कि सिद्धु ने सन् 1958 के लगभग सूरतगढ़ में वकालत शुरू की और यहां के निवासी बने।पीलीबंगा से 2 बार विधायक चुने गये। पहली बार लोकदल से जनता पार्टी के टिकट पर सन् 1977 में विधायक चुने गये जब गुरूशरण छाबड़ा सूरतगढ़ से चुने गये थे। पीलीबंगा से दूसरी बार कांग्रेस टिकट पर सन् 1998 में विधायक चुने गये। पीलीबंगा से दो बार विधानसभा चुनाव हारने वाले भी रहे। इनमें लीडरशिप के गुण रहे और कभी अपने नुकसान की नहीं सोची और जन संघर्ष में अनेक मुकदमें भी झेले। अब करीब 88 वर्ष की उम्र में हैं और सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन सलाह देने में आज भी सक्रिय हैं।
*** लीडरशिप के भरपूर गुणों वाला एक प्रसिद्ध नाम है बलराम वर्मा जो अभी भी हर संघर्ष परेशानियों में पीड़ित लोगों के साथ खड़े होते हैं। आश्चर्य जनक यह है कि लोग झगड़ों विवादों में इनसे पंचायती कराते हैं। इनके घर आंगन में पंचायती कराने वाले सुबह आने शुरू हो जाते हैं। हर महीने पांच सात पंचायती तो जरूर हो जाती है। बलराम वर्मा के साथ करीब 45 वर्षों का राजनैतिक इतिहास है।
वर्मा छात्र दिनों से ही संघर्षों में जूझने लगे और अभी भी जनता के मजदूर किसान व्यापारी,नौजवानों के साथ खड़े हैं। कालेज आंदोलन, थर्मल,सिंचाई पानी,सूरतगढ़ फार्म,जिला बनाओ आदि अनेक आंदोलनों का इतिहास रहा है। अनेक चुनावों का अनुभव है। सूरतगढ़ नगरपालिका पार्षद रह चुके हैं।
(बलराम वर्मा के पुत्र वेद वर्मा 2009-14 में पार्षद रहे और पुत्र वधु अलका वर्मा भी 2014-19 में पार्षद रह चुके हैं।)
बलराम वर्मा रामपुरा पंचायत से सरपंच रह चुके हैं। सन 2003 में विधानसभा चुनाव पीलीबंगा सीट पर 18 हजार वोट और सूरतगढ़ सीट पर 40 हजार वोट मिलने का रिकॉर्ड रहा है।
अशोक गहलोत सन 2004 के लोकसभा चुनाव में बलराम वर्मा के घर आए और आग्रह करके कांग्रेस में शामिल किया। आज भी सूरतगढ़ से जिला और प्रदेश राजधानी जयपुर तक संपर्क हैं जिनका लाभ पीड़ित लोगों की समस्याओं को समाधान कराने में इस्तेमाल करते हैं। विभिन्न राजनैतिक विचारधारा वाले सूरतगढ़ में वर्तमान समय में सक्रिय लीडरशिप में बलराम वर्मा का नाम है। सूरतगढ़ शहर और सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चहुंमुखी विकास में बलराम वर्मा की लीडरशिप का लाभ उठाया जा सकता है।
👌 इसके लिए कांग्रेस और जनता के लिए एक अच्छा मौका है कि वे विमला वर्मा को अच्छे वोटों से पार्षद चुन सकते हैं।०0०
वार्ड 45.भाजपा से पार्षदगी जाएगी या बचेगी.भाजपा कांग्रेस माकपा में तिकोनी टक्कर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 सितंबर 2026.
भाजपा सोच बाहुल्य वार्ड नं 45 सामान्य में भाजपा ने ओबीसी वर्ग की पूर्व पार्षद श्रीमती संतोष गिरी को इस बार टिकट देकर सामान्य वर्ग से जानबूझकर युद्ध छेड़ लिया है। सामान्य वर्ग के लिए फिर बाद में कब नं आएगा और सामान्य वर्ग के बाद में कब चुनाव लड़ेंगे और नगरपालिका बोर्ड में अपना प्रतिनिधि पार्षद भेजेंगे।
* यहां श्रीमती संतोष गिरी से पार्षदगी छीन लेने के लिए माकपा के मदन ओझा पूर्व पार्षद कई दिनों से जूझ रहे हैं। मदन ओझा का वार्ड आरक्षित हो गया तब उन्होंने वार्ड नं 45 को अपनी जीत हो सकने की उम्मीद में चुनाव लड़ने को चुना। यहां मदन ओझा सामान्य वर्ग के होते हुए भी बाहर के वार्ड वासी भी माने जा रहे हैं। पहले तो भाजपा के सामने अकेले कामरेड मदन ओझा का ही हल्ला था लेकिन अब वार्ड में कांग्रेस का हल्ला विधायक डुंगरराम गेदर,पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु की टीम के साथ मचा है। इसी वार्ड के निवासी राधेश्याम उपाध्याय ने कांग्रेस की टिकट लेकर भाजपा की संतोष गिरी को पार्षदगी छीन लेने की चुनौती दी है। यह चुनौती माकपा के मदन ओझा को भी है। यदि राधेश्याम उपाध्याय की जीत होती है तो भाजपा तो नगरपालिका में नहीं जा पाएगी। लेकिन कामरेड मदन ओझा भी नगरपालिका भवन का बोर्ड बाहर से ही पढेंगे। कामरेड मदन ने पार्षद होते हुए भी नगरपालिका में भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुंह नहीं खोला। एक भी भ्रष्टाचार पर न मुंह खोला न शिकायत की। आखिर अब फिर से पार्षद क्यों बनना चाहते हैं जब सब प्रकार के भ्रष्टाचार आंखों के सामने होते रहे? ईओ पूजा शर्मा ने अनेक अनियमितताएं की नगर को गंदगी में धकेले रखा और कामरेड चुप रहे। सारी पार्टी चुप रही और यह खेल जनता देख रही थी। इस वार्ड नं 45 की जनता भी देख रही थी। यहां कामरेड येनकेन प्रकरेण कुछ लोगों को तो प्रभावित करने में सफल हो सकेंगे लेकिन मतदाता पार्षद नहीं बनाएंगे।
* पहले अकेले कामरेड सामने था और अब राधेश्याम उपाध्याय भी है जो इसी वार्ड का है। अपने वाकपटुता यानि भाषण से तो सबसे आगे है। उपाध्याय कुटुंब राजनीति में कहीं न कहीं 40-45 सालों से सक्रिय दिखाई देता है। वार्ड वासियों का झुकाव राधेश्याम उपाध्याय की ओर बाहर ओर भीतर से होने की जानकारी मिल रही है।
यहां भाजपा माकपा और कांग्रेस में ही तिकोनी टक्कर है जिसमें राधेश्याम उपाध्याय की स्थिति मजबूत लग रही है। भाजपा के नेता सत्ताधारी दल के नेता देखते हैं कि श्रीमती संतोष गिरी की पार्षदगी बचाने को क्या कुछ कर पाते हैं?
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सूरतगढ़:जोधपुर डिस्कॉम का सीसी बाबू 10 हजार रु. रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़/जयपुर, दिनांक 7 सितम्बर 2026.
ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. चौकी श्रीगंगानगर इकाई द्वारा आज कार्रवाई करते हुए श्री सुधीर, सीसी बाबू, कार्यालय सहायक अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम, सूरतगढ़, जिला श्रीगंगानगर को परिवादी की फर्म द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत दो पत्रावलियों में सोलर का एस.सी.ओ. (सर्विस कनेक्शन ऑर्डर) जारी करवाने की एवज में 10,000 रुपये बतौर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस श्री गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ए.सी.बी. चौकी श्रीगंगानगर को परिवादी द्वारा एक शिकायत इस आशय की मिली कि उसकी फर्म द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत उपभोक्ताओं के सोलर सिस्टम लगवाये जाते हैं। उसकी फर्म द्वारा उक्त योजना के तहत तीन उपभोक्ताओं के सोलर लगाने की स्वीकृति हेतु आवेदित पत्रावलियों में एस.सी.ओ. (सर्विस कनेक्शन ऑर्डर) जारी करवाने की एवज में सुधीर, सीसी बाबू, कार्यालय सहायक अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम, सूरतगढ़, जिला श्रीगंगानगर द्वारा खर्चे-पाणी/रिश्वत की मांग की जा रही है। रिश्वत राशि नहीं देने पर स्वीकृति जारी नहीं करने की धमकी दी जा रही है।
जिस पर श्री नारायण टोगस, उप महानिरीक्षक पुलिस, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रेंज बीकानेर के सुपरवीजन में ए.सी.बी. श्रीगंगानगर के श्री पवन कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, श्रीगंगानगर एवं ब्यूरो स्टाफ द्वारा ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी सुधीर, सीसी बाबू, कार्यालय सहायक अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम, सूरतगढ़, जिला श्रीगंगानगर को परिवादी से 10,000 रुपये बतौर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव तथा महानिरीक्षक पुलिस श्रीमती एस. परिमला के सुपरवीजन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।
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-किसी व्यक्ति के विरुद्ध एसीबी में प्रकरण ( अभियोग, प्राथमिक जांच, आदि) दर्ज होने पर , ACB से सीधे संपर्क कर अपना पक्ष/स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रस्तुत स्पष्टीकरण के ACB द्वारा विस्तृत विश्लेषण के उपरांत ही अनुसंधान में निर्णय लिया जाना ACB की कार्य प्रणाली का हिस्सा है
यह जानकारी एसीबी के डर से धोखाधड़ी आदि के शिकार होने की संभावना के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल फ्री नम्बर 1064 एवं व्हाट्सएप हेल्पलाईन नम्बर 94135-02834 पर 24X7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। एसीबी आपके वैध कार्य को करवाने में पूरी सहायता करेगी।०0०
रविवार, 6 सितंबर 2026
राजाराम गोदारा को कांग्रेस ओबीसी जिलाध्यक्ष पद से हटाया.पत्नी व पुत्र का कांग्रेस के सामने चुनाव लड़ना.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 6 सितंबर 2026.
कांग्रेस नेता राजाराम गोदारा को तुरंत प्रभाव से श्रीगंगानगर जिला ओबीसी के जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। ओबीसी के प्रदेशाध्यक्ष ने राजाराम गोदारा को जिलाध्यक्ष पद से मुक्त करने के आदेश में सूरतगढ़ के पालिका चुनाव में पत्नी को वार्ड नं 15 से और पुत्र को वार्ड नं 16 से निर्दलीय रूप से काग्रेस प्रत्याशियों के सामने लड़ाने का कारण बताया गया है।
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भाजपा बोर्ड बनेगा मगर आसान नहीं.भाजपा के नेताओ की कांग्रेसियों से मिली भगत.
👌 करणीदानसिंह राजपूत 👌
सूरतगढ़ 6 सितंबर 2026.
भाजपा नेताओं की भ्रष्टाचारी कांग्रेसी नेताओं से दोस्ती से भाजपा का नगरपालिका बोर्ड बनाना आसान नहीं है। भाजपा को बहुत बड़े संकट में डालने वाले नेताओं में जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,पूर्व विधायक अशोक नागपाल, पूर्व नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा व महामंत्री लालचंद शर्मा, जगदीश मेघवाल,सुभाष गुप्ता हैं। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और पुलिस मुकदमों में फंसे कांग्रेसी परसराम भाटिया से दोस्ती ने भाजपा को संकट में डाला। भाजपा के इन नेताओं ने परसराम भाटिया को बचाया। इन नेताओं की भाटिया के भ्रष्टाचारों पर न शिकायत न कोई बयान। यह स्थिति आजतक है। भाजपा नेता पदों पर रहते यह दोस्ती चली और अभी तक चल रही है। भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह और पूर्व विधायक अशोकनागपाल भ्रष्टाचार आरोपी परसराम भाटिया के दोस्त हों मिलीभगत से खुशी मनाएं तब उच्च स्तरीय प्रदेश अध्यक्ष तक कांग्रेस के विरुद्ध कोई एक्शन कौन करवाए?
* भाजपा के नेता और कांग्रेस के भ्रष्टाचार में फंसे बदनाम परसराम भाटिया,धर्मदास सिंधी संयुक्त रूप में जीत का अंग्रेजी का विक्ट्री निशान बना कर खुशियां मनाते हुए। भ्रष्टाचारी परसराम भाटिया के साथ मिल कर कौनसी जीत की खुशी मना रहे थे। यह फोटो 10 नवंबर 2024 के समाचार रिपोर्ट में है। इस फोटो में बाएं से लालचंद शर्मा(भा) योगेश मेघवाल (कां) सुरेश मिश्रा(भा)परसराम भाटिया (कां) पूर्व विधायक अशोकनागपाल (भा) जगदीश मेघवाल (भा)बसंतकुमार बोहरा(कां) शरणपालसिंह भाजपा जिलाध्यक्ष (भा)सुभाष गुप्ता (भा) धर्मदास सिंधी(कां) नवनीत मुंजाल (भा) हैं। भाजपा कांग्रेस नेताओं का फोटो तो सिथ में खड़े हो सकता है लेकिन यहां दोनों एकसाथ जीत की खुशी मनाते हुए फोटो खिंचवाते हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेसियों के साथ मिल कर भाजपा से कौनसा धोखा किया था? * कांग्रेस के योगेश मेघवाल, परसराम भाटिया व धर्मदास सिंधी नगरपालिका चुनाव लड़ रहे हैं।
भाजपा के नेता शरणपालसिंह, सुरेश मिश्रा, सुभाष गुप्ता,अशोकनागपाल टिकट तय करने वाली बैठकों में शामिल रहे। आरोप यह भी है कि ऐसे टिकट तय कर दिए गये जिनका विरोध हो रहा है और अनेक बागी होकर निर्दलीय बन चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा को नुकसान यह है कि टिकट वाला जीत नहीं पाएगा और निष्ठावान को नाराज कर दिया।
* श्रीगंगानगर के जिला प्रभारी दशरथ सिंह शेखावत और भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता पर आफत रहेगी। दशरथ सिंह शेखावत जिला प्रभारी हैं तो उनकी ड्युटी है कि वे प्रदेशाध्यक्ष व भाजपा को अवगत कराएं।
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भाजपा का बोर्ड बनाना आसान नहीं. सूरतगढ़.
👌 करणीदानसिंह राजपूत 👌
सूरतगढ़ 6 सितंबर 2026.
भाजपा नेताओं की भ्रष्टाचारी कांग्रेसी नेताओं से दोस्ती से भाजपा का नगरपालिका बोर्ड बनाना आसान नहीं है। भाजपा को बहुत बड़े संकट में डालने वाले नेताओं में जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान,पूर्व विधायक अशोक नागपाल, पूर्व नगरमंडल अध्यक्ष सुरेश मिश्रा व महामंत्री लालचंद शर्मा, जगदीश मेघवाल,सुभाष गुप्ता हैं। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और पुलिस मुकदमों में फंसे कांग्रेसी परसराम भाटिया से दोस्ती ने भाजपा को संकट में डाला। भाजपा के इन नेताओं ने परसराम भाटिया को बचाया। करणी प्रेस इंडिया में समाचार रिपोर्ट छपते रहे और फिर भी भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों से भाजपा नेताओं की दोस्ती रही।
* श्रीगंगानगर के जिला प्रभारी दशरथ सिंह शेखावत और भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं पर आफत रहेगी।०0०
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शनिवार, 5 सितंबर 2026
कृष्ण बेनीवाल ( कीनिया) की ईमानदारी और असलियत.सच्चाई पढें कितने ईमानदार! सबूत मां का पट्टा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 5 सितंबर 2026.
नगरपालिका सूरतगढ़ में कांग्रेस का ईमानदार बोर्ड बनाएंगे। यह डुंगरराम गेदर का सार्वजनिक वक्तव्य कैसे सच्च होगा जब अनियमितताओं भ्रष्टाचार से लिप्त कृष्ण बेनीवाल ( कीनिया) वार्ड नं 43 से और परसराम भाटिया वार्ड नं 35 से कांग्रेस टिकट पर चुनाव में खड़े हों। हालांकि ईमानदारी से इनका कोई लेनादेना नहीं और जीतने के दावे हवाई महल बनाना है।
कृष्ण बेनीवाल ( कीनिया) ने अपने पिछले कार्यकाल 2019-24 में अपनी माता कमला देवी के नाम का पट्टा जारी करवाया। कमला देवी फत्नी कुंभाराम के नाम से यह पट्टा नं 561 दि. 4 अक्टूबर 2023 को जारी हुआ। यह पट्टा नियम विरूद्ध जारी कराया गया। यह भ्रष्टाचार का पक्का सबूत है। परसराम भाटिया ने यह पट्टा जारी किया। अब चुनाव के मौके पर नहीं बल्कि यह समाचार "करणी प्रेस इंडिया में 23 मई 2025 को अपराध. आरोप.चर्चित प्रकरण" स्तंभ में छपा। इस पट्टे की फोटो यहां दी गई है। मां का पट्टा ले लिया तो क्या हुआ? लेकिन नगरपालिका नियमों के विपरीत यह भ्रष्टाचार है।
नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने मई 2025 में परसराम भाटिया और पट्टे लेने वाले पार्षदों की शिकायत मुख्यमंत्री राजस्थान और निदेशक स्वायत्त शासन विभाग को की। उसकी जांच की तथ्यात्मक रिपोर्ट ईओ पूजा शर्मा ने मई 2025 को की। ईओ ने इसे जारी करना गलत माना है।
इसकी कार्वाई में कृष्ण बेनीवाल पर आपराधिक कार्वाई होगी और पट्टा निरस्तीकरण की कार्वाई शुरू हो चुकी।
कृष्ण बेनीवाल ( कीनिया) के चुनाव में ईमानदारी के नारे लगाना ईमानदार बताना अलग और असलियत अलग है।०0०
छींपा से पार्षदगी छिन लेने को घमासान.वार्ड नं 30 में सामान्य वर्ग एक हुआ.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 5 सितंबर 2026.
नया वार्ड नं 30 सामान्य होने और उसमें सत्ताधारी भाजपा द्वारा सामान्य टिकटार्थियों के प्रयासरत होते हुए भी ओबीसी के कृष्ण छींपा को टिकट देने के बाद से घमासान मचा है। सामान्य वर्ग के सुशील कुमार तावणियां ने एकजुट होकर चुनाव का अभियान चलाया जिसके तहत निर्दलीय रूप में एडवोकेट दयाशंकर शर्मा को चुनाव में सामान्य वर्ग से उतार दिया गया है। दयाशंकर शर्मा पहले भी इस वार्ड क्षेत्र से चुनाव लड़े और अच्छी पोजीशन में रहे लेकिन इस बार चुनाव सामान्य वर्ग की जीत के लिए लड़ा जा रहा है। जोश भरा गया है कि सामान्य वार्ड में भाजपा ने ओबीसी कृष्ण छींपा को टिकट दी जो भारी गलती है, आखिर सामान्य वर्ग फिर कब चुनाव लड़ेगा। इस क्षेत्र से ओबीसी के सत्यनारायण छींपा परिवार का 40 सालों से नगरपालिका में आधिपत्य रहा। इस बार सत्यनारायण छींपा के पुत्र कृष्ण छींपा को टिकट दी गई। इससे सामान्य वर्ग के लोग नाराज होना शुरू हुए। सामान्य वर्ग से छींपा परिवार को बार बार समझाया गया कि वे चुनाव न लड़ें और रिक्वेस्ट माने कि सामान्य वार्ड में सामान्य वर्ग के लिए सीट पर चुनाव छोड़ दें तथा सामान्य वर्ग को साथ दें। यह भी कहा गया कि सामान्य वर्ग हमेशा छींपा परिवार के साथ रहा है तो अब छींपा परिवार सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को टिकट लेने दें। छींपा कृष्ण का चुनाव में दावा है कि वे चालीस सालों से सेवा करते आ रहे हैं और उसके लिए चुनाव मैदान में हैं।
* सामान्य वर्ग भाजपा के टिकट वितरकों से भी नाराज है कि जब नियम बनाया हुआ था कि सामान्य वार्ड में और किसी वर्ग को टिकट नहीं दी जाएगी तब ओबीसी के कृष्ण छींपा को टिकट क्यों दिया गया और उस स्थिति में दिया गया जब सामान्य वर्ग से टिकटार्थी थे जो आवेदन भी कर चुके थे। अब दावा किया जा रहा है कि सामान्य वर्ग से एकजुट होकर चुनाव मैदान में निर्दलीय उतारे दयाशंकर शर्मा को शानदार विजय दिलाकर भाजपा नेताओं के राजनैतिक थप्पड़ मारा जाएगा। दयाशंकर शर्मा समर्थक इसी जोश से वोटरों से सम्पर्क कर रहे हैं। इस वार्ड से ओबीसी के राजकुमार सेन भी चुनाव मैदान में हैं और वे भी पहले चुनाव लड़ चुके हैं। कांग्रेस प्रत्याशी भी चुनाव में है। अनेक प्रत्याशी होने से चुनाव बहुकोणीय होते हुए भी त्रिकोणीय कृष्ण छींपा,निर्दलीय दयाशंकर शर्मा व राजकुमार सेन में और मुख्यरूप में सामान्य वर्ग व ओबीसी वर्ग में कृष्ण छींपा व दयाशंकर शर्मा में जमा है। सामान्य वर्ग ने ताल ठोक रखी है कि कृष्ण छींपा को जीतने नहीं देंगे और दयाशंकर शर्मा को सफल बनाएंगे।०0०
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