करणी प्रेस इंडिया

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

किसकी बनेगी एसीबी न्यूज! इस शहर में!!

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

दूर की गिरफ्तारी पर खुश शहर के नागरिक मीडिया बुद्धिमान लेकिन अपने ही शहर में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर सभी चुप। बस, यह एक कारण यानि यह एक मृतजीवन  ने शहर का बेड़ा गर्क कर दिया है। भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर नहीं बोलने,विरोध नहीं करने पर भ्रष्टाचार बढ रहा है और भ्रष्टाचारी अधिकारियों की मनमानी बढ रही है जिससे आम आदमी लुट रहा है। आम आदमी के काम रुक रहे हैं। आम आदमी की फाईलों को अधिकारी कर्मचारी दबा देते हैं और पूछने पर अनेक चक्कर काटने पर फाईल नहीं मिलने का जवाब मिलता है।   बार बार चक्कर काटने पर कह दिया जाता है कि काम नहीं होगा। कोई नियम नहीं बताते कि क्यों नहीं होगा? बस नहीं होगा। जरूरतमंद पीड़ित भी कहाँ जाए? नेता नेतियां मरे हुए वे कभी साथ नहीं देते। गरीब का काम कराना हो तो वे दिन में दस बारह बार मर जाते हैं। नेता नेतियां काम कराने के लिए साथ नहीं जाते बल्कि फोन भी नहीं करते। मरे हुए हों तब फोन कैसे करें? युवाओं में जोश होता है और वे भ्रष्टाचारियों से भिड़ जाते हैं लेकिन इस शहर में युवाओं की हालत तो बुड्ढों से बदतर है। नेताओं नेतियों के कुछ रूप कागजी जोश के हैं। उनके जोश कागजी हैं तो उनके भाषण संघर्ष आदि भी कागजी ही हैं जिन पर पीड़ित भरोसा कैसे करे कि इनके कहने से कभी काम तो होगा नहीं। पीड़ित जरूरतमंद का तब एक बड़ा सहारा उसकी जेब ही होता है। आम आदमी के काम रिश्वत देने पर हो पाते हैं। 

👍 मरे नेताओं नेतियों वाले शहर में कोई ऐसा भी होता है जो मरना नहीं चाहता। वह एसीबी की तरफ आगे बढता है तब कभी कभी एसीबी की कार्वाई और भ्रष्टाचारी की गिरफ्तारी की न्यूज बन जाती है। ऐसी न्यूज का इंतजार है। किसकी न्यूज बनेगी? हां,अपने शहर में बनेगी। ( अपने शहर का नाम सोच लें,भ्रष्टाचारी का नाम भी सोच लें)

17 अप्रैल 2026.

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गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

एसडीएम काजल मीना रिश्वत लेते गिरफ्तार. वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़,रीडर दिनेश सैनी भी गिरफ्तार.

  



* करणी प्रेस इंडिया * 16 अप्रैल 2026.

एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर एसीबी सवाई माधोपुर इकाई द्वारा कार्यवाही करते हुये काजल मीना उप खण्ड अधिकारी, उपखण्ड नादोती, रीडर दिनेश कुमार सैनी,प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक के मारफत रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

 परिवादी से उसकी भूमि की तकाशनामें की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 60 हजार रू. की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। 

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार एसीबी चौकी सवाई माधोपुर को एक शिकायत इस आशय कि मिली कि परिवादी से उसकी भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में एसडीएम काजल मीना अपने रीडर दिनेश सैनी के मार्फत 50,000 रूपये रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है। परिवादी ने यह भी बताया पूर्व में एक लाख रूपये रिश्वत की मांग कर 50,000/- रूपये रिश्वत राशि लेने पर सहमत हुये। परिवादी द्वारा आज दिनांक 16.04.2026 को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया तो काजल मीना एसडीएम के रीडर द्वारा परिवादी की भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 50,000/- रूपये एसडीएम काजल मीना व 10,000/- रूपये स्वंय के लिये मांग की गई। 

उक्त मांग के अनुसरण में रिश्वत राशि 60 हजार रूपये आज दिनांक 16.04.2026 को परिवादी से कार्यालय उपखण्ड अधिकारी नादोती में बुलाकर प्राप्त करना एवं रिश्वत राशि 60,000/- रूपये प्राप्त कर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को देकर रवाना करना एवं वक्त कार्यवाही आरोपी रीडर दिनेश सैनी रिश्वत राशि एसडीएम काजल मीना के लिये लेना बताने पर जरिये मोबाईल काजल मीना की रीडर दिनेश सैनी से वार्ता करवाई गई। रिश्वत राशि की सहमति देना एवं रीडर दिनेश सैनी से जरिये मोबाईल प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को जरिये मोबाईल सूचित कर रिश्वत राशि सहित कार्यालय में उपस्थित होने की कहने पर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक एसडीएम कार्यालय मय बैग के उपस्थित हुआ। 

उक्त बैग में रिश्वत राशि 60,000 रुपये बरामद होना एवं उक्त बैग में संदिग्ध राशि 4 लाख रूपये बरामद होने पर उक्त सुश्री काजल मीना एसडीएम, दिनेश सैनी रीडर, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को रंगे हाथों पकड़ा गया।

एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में ज्ञान सिंह चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी सवाई माधोपुर द्वारा ट्रेप कार्यवाही करते हुये काजल मीना एसडीएम, दिनेश सैनी रीडर, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को परिवादी से 60 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथों डिटेन किया गया है व अन्य संदिग्ध राशि 4 लाख रूपये भी बरामद हुये है। उक्त संदिग्ध राशि के सम्बन्ध में भी पूछताछ जारी है।

ए.सी.बी. की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन एवं एस परिमला महानिरीक्षक पुलिस के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। ०0०






अरोड़वंश कल्याण समिति अध्यक्ष की शिकायत.वित्तीय आरोप.चुनाव तक प्रशासक लगाने की मांग.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 16 अप्रैल 2026.

अरोड़वंश कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक भाटिया और कार्यकारिणी पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए रजिस्ट्रार संस्थाएं श्रीगंगानगर को शिकायत की गई है। समिति के आजीवन सदस्य दर्शन चुघ ने शिकायत में लिखा है कि दीपक भाटिया अध्यक्ष व कार्यकारिणी का कार्यकाल सन् 2023 तक था जो खत्म हो चुका है। दीपक भाटिया और कार्यकारिणी सदस्य अपने पदों का व धन संपदा का दुरूपयोग कर रहे हैं। समिति के आय व्यय का विवरण सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर रहे और रजिस्ट्रार संस्थाएं को भी प्रस्तुत नहीं किया है। 

* रजिस्ट्रार संस्थाएं को की गई शिकायत में वित्तीय लेनदेन की जांच करने की मांग है।

* दर्शन चुघ ने नये चुनाव कराने की मांग की है। यह मांग भी है कि नये चुनाव होने तक समिति पर प्रशासक नियुक्त किया जाए। दर्शन चुघ ने स्वयं उपस्थित होकर लिखित में शिकायत की है।

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बुधवार, 15 अप्रैल 2026

भाजपा में बिरमा नायक सामान्य व ओबीसी में पूजा छाबड़ा.पुरूष नाम. परिस्थितियों में नाम.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 15 अप्रैल 2026.

आगामी परिसीमन में सूरतगढ़ सीट महिला आरक्षित हुई तो भाजपा से टिकट मिलने की संभावनाओं में जिनके नाम किसी न किसी तरह से आगे आते हैं उनमें पूजा छाबड़ा और बिरमादेवी नायक अभी पहले क्रम पर नजर आ रही हैं।

* अनुसूचित जाति महिला के लिए सीट आरक्षित हुई तो बिरमादेवी अधिक चर्चा में है। बिरमा पंचायत समिति के प्रधान पद पर रह चुकी हैं। बिरमादेवी का कार्यकाल बिना किसी विवाद परेशानियों के अच्छा रहा था। सन् 2014 से प्रधान पद का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी बिरमा पार्टी के कार्यक्रमों में सर्वाधिक लगभग हर कार्यक्रम में उपस्थित देखी गई हैं। इसके अलावा सामाजिक कार्यक्रमों में उपस्थिति होने से लोकप्रिय है। माना जाता है कि बिरमादेवी का ग्रामीण जनसंपर्क सबसे अधिक है।

* ओबीसी महिला के लिए सीट आरक्षित हुई तो प्रसिद्ध नामों में पूजा छाबड़ा है जो पैदायशी सिंधी हैं,मगर पूजा सामान्य में अधिक चर्चित है और टिकट का दावा सामान्य में अवश्य करेगी। यहां ओबीसी में एकदम नया चेहरा हो सकता है। जाट और कुम्हार लीडर किसी भी परिवारों में टिकट मांगेंगे।

* महिला सामान्य हुई तब जिनके नाम चर्चा में आते हैं  उनमें पूजा छाबड़ा, काजल छाबड़ा और आरती शर्मा हैं। काजल छाबड़ा और आरती शर्मा नगरपालिका सूरतगढ़ की अध्यक्ष रह चुकी हैं। मगर पूजा सामान्य में अधिक चर्चित है और टिकट का दावा सामान्य में अवश्य करेगी।

* विधानसभा सीट के लिए पुरूषों में अभी पूरी तैयारियों में सबसे आगे संदीप कासनिया है जो शहर और ग्रामों के आम कार्यक्रमों में सबसे अधिक उपस्थिति में आते हैं। विभिन्न कार्यक्रमों में सबसे अधिक संबोधन संदीप कासनिया के हैं। शांत तैयारियों में ओमप्रकाश कालवा भी हैं जो अपने वर्ग को मजबूत बनाने में जुटे हैं ताकि उनका बड़ा सहयोग मिले। कालवा को अभी तो रामप्रताप कासनिया के नजदीक माना जाता है और उनके साथ ही कार्यक्रमों में उपस्थित होते हैं। आगे कौन कहां अधिक चर्चा में रहते हैं यह आगे विभिन्न परिस्थितियों में कुछ भी हो सकता है। 

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सोमवार, 13 अप्रैल 2026

सूरतगढ़.सफाई कर्मी: वाल्मीकि सफाई पर और स्वर्ण दफ्तर के एसी रूम में। वाल्मीकि के हक पर कौन नेता चुप हैं?



* करणीदानसिंह राजपूत * 

सूरतगढ़ 13 अप्रैल 2026.

नगरपालिका प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों के प्रति दो तरह के नियम बना रखे हैं जिनसे वाल्मीकि कर्मचारियों से भेदभाव हो रहा है और उनकी आवाज को प्रशासक भरत जयप्रकाश मीणा ( उपखंड अधिकारी) और अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा दोनों ही दबा रहे हैं। उच्च स्तरीय जांच हुई तो इन दोनों अधिकारियों के विरुद्ध जानबूझकर भेदभाव करने पर कार्वाई हो सकती है। 

* नगरपालिका में जो सफाई कर्मचारी स्वर्ण जाति वर्ग के हैं, उनको फील्ड में सफाई के लिए न भेजकर दफ्तर में वातानुकूलित कमरों में बिठाया हुआ है और सरकारी आदेश के विरूद्ध दूसरे काम सौंपे हुए हैं। वाल्मीकि वर्ग के ही कर्मचारियों को नाले सफाई कचरा मैला उठाने हटाने पर लगाया हुआ है।

अधीशाषी अधिकारी पूजा शर्मा की प्रशासनिक देखरेख में संविधान और राज्य सरकार की नीति के विरूद्ध यह भेदभाव चलाया जा रहा है। अनेक समाचार, मांगपत्र दिए जाने के बावजूद भी यह भेदभाव खत्म नहीं किया गया है, जबकि सफाई कर्मचारियों ने कुछ माह पूर्व अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा के हाथों में मांगपत्र दिया था कि दफ्तर में लगाए सफाई कर्मचारियों को फील्ड में लगाया जाए ताकि सफाई व्यवस्था में सुधार हो सके। यही मांग पत्र प्रशासक ( उपखंड अधिकारी) भरतजयप्रकाश मीणा को भी हाथों में सौंपा गया था। भरतजयप्रकाश मीणा आईएएस अधिकारी हैं और वे भी तुरंत एक्शन करने के बजाय ईओ की गलत भेदभाव पूर्ण व्यवस्था पर चुप हैं। कर्मचारियों का मांगपत्र कहां दब गया है,यह किसी जांच में ही सामने आ सकेगा। फिलहाल उपखंड अधिकारी और अधीशाषी अधिकारी दोनों ही इस व्यवस्था के दोषी हैं। 

* वाल्मीकि सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय और भी हो रहे हैं। जो सेवा निवृत हो गये हैं उनकी पेंशन,ग्रेच्युटी आदि सालों तक नहीं दी जाती। अभी भी अनेक वाल्मीकि कर्मचारियों के लाखों रूपये नगरपालिका प्रशासन ने नहीं दिए। यहां तक कि समय पर वेतन नहीं दिया जाता।  👍अनेक बेगार पर लगाए हुए हैं जिनकी उपस्थिति नगरपालिका में लगती है और वेतन नगरपालिका देती है। इससे शहर की सफाई चौपट हो रही है। 

👍 नगरपालिका प्रशासन की इस गलत नीति और वाल्मीकि वर्ग के कर्मचारियों से अन्याय भेदभाव के जानकर होते हुए भी ये सब सुधार नहीं करवा रहे। ईओ को लिखित में देना नहीं चाहते।  नगरपालिका पिछले बोर्ड में (भाजपा नेता) अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ( मेघवाल) हैं और अपने ही वर्ग के प्रति अन्याय देख रहे हैं। परसराम भाटिया (मेघवाल) 120 दिन अध्यक्ष रहे। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष हैं। जगदीश (मेघवाल) भी कुछ दिन अध्यक्ष रहे हैं और भाजपा नेता हैं। इन तीनों ने कभी कोई लिखित में शिकायत नहीं की। 

* वर्तमान विधायक डुंगरराम गेदर जो बसपा में थे तब अनुसूचित जाति के प्रति आवाज उठाते थे और कांग्रेस से विधायक बनने के बाद नगरपालिका में हो रहे अन्याय पर चुप हैं।

👍 पूर्व विधायक रामप्रताप कासनिया, उनके पुत्र संदीप कासनिया भी ईओ पूजा शर्मा के गलत कार्वाई पर चुप हैं। 

* पूजा शर्मा ने वाल्मीकि को मिल रहे प्रमोशन के बजाय अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा को अवैध रुप से प्रमोशन दिया, अनुचित लाभ दिया और नगरपालिका को हानि पहुंचाई। दस्तावेज गलत बनाए। एक वाल्मीकि का हक मारा। उस समय ओमप्रकाश कालवा अध्यक्ष थे जो मालुम होने के बाद आजतक चुप हैं और सरकार को शिकायत नहीं करते।

इस पर ये सभी राजनेता,नेता चुप हैं और शिकायत नहीं कर रहे। अनुसूचित वर्ग के लिए संघर्ष करने वाले संगठन, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नाम लेवा भी वाल्मीकि कर्मचारियों पर हो रहे अत्याचार पर चुप हैं। 👍 पूर्व विधायक अशोक नागपाल, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू भी चुप हैं। ये सभी नेता नगरपालिका में हो रहे भेदभाव पर जांच कराने पर 14 अप्रैल को कोई संकल्प लेकर अगले दिन से कार्वाई कराएंगे!०0०









रविवार, 12 अप्रैल 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आसपास का भारत,गरीबी में तड़पता जीवन! रोटी के संकट में उनके सपने!

 





* करणीदानसिंह राजपूत *

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करोड़ों का गरीब निवास और और गगनचुंबी इमारतों का ऐश्वर्य भरा अमीर भारत वहीं आसपास एक अकाट्य सच्च धरती चूमती गंदगी कीचड़ कचरे झोंपड़ का दुर्गंध भरा गरीब भारत! 

👌प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिन के चौबीस घंटों में अठारह घंटे काम करते हैं,देश के लिए काम करते हैं। मोदी है तो हर कुछ मुमकिन है। ये जो धरती से जुड़े  मजबूरी का जीवन जीते लोग परिवार हैं, ये तो चौबीस घंटों में हर घंटे काम पर ही होते हैं।इनकी कब होती है छुट्टी! आदमी खपता है तो औरत भी खपती है। छोट्टे छोट्टे बालक बालिका भी खपते हैं। कहां हैं इनके स्कूल और शिक्षा ? इन परिवारों में बुड्ढे बुड्ढी भी मरते दम तक खपते हैं,तब कहीं रोटी नसीब होती है। इन गरीबों को फिंगरप्रिंट के बिना मुफ्त अन्नाज का भी सहयोग नहीं और नेताओं के खास साहूकार करोड़ों रू.बैंकों से ले विदेश भाग गये। गरीब ईमानदार है तो भी भरोसेमंद नहीं है, वह चोर है लुटेरा है,बिना अपराध के अपराधी है। अमीर बेईमान है तो भी भरोसेमंद हैं क्योंकि वह सत्ताधारी नेताओं में किसी न किसी का हमप्याला हमनिवाला है इसलिए साहूकार है। आचरण हमप्याला हमनिवाला से भी आगे ऊंची पसंद का है तो वह और अधिक खास है  और वह राजनेता बन जाता है, मंत्री भी बन जाता है। अमीर को बैंक करोड़ों रूपये घर जाकर दे देते हैं लेकिन गरीब को कच्चे घर के लिए भी कर्ज नहीं मिल पाता। प्रधानमंत्री आवास योजना में दो लाख रू तक की सहायता है कि जमीन हो तो यह सहायता पक्का मकान बनाने के लिए है। गरीब के पास जमीन कहां से होगी? जमीन तो सरकार की है। अमीर गगनचुंबी इमारतें बना सकते हैं तो सरकार ऐसी ही गगनचुंबी इमारतें गरीबों के लिए बनाकर दे दे। गरीबों के लिए बना दें लेकिन महानगरों में जमीन नहीं है। यह कह दिया जाता है। गरीब एक एक झोंपड़ी बना कर जितने घेरे क्षेत्रफल की जमीन पर बसे हैं, वहां उतने से कम क्षेत्रफल में गगनचुंबी इमारतें बनाई जाएं तो और अधिक  गरीब बसाए जा सकते हैं तथा अधिक जमीन की आवश्यकता शायद नहीं पड़ेगी, लेकिन इस पर विचार कौन करे? 

राजनैतिक नेताओं की सोच सरकार से बाहर होती है तब कुछ और होती है तथा जब सरकार बन जाती है तब सोच बदल जाती है। 

गरीब तो मकान और बच्चों को शिक्षा की सोच ही नहीं पाता। रोटी कमाने में ही सारा समय निकल जाता है। मतलब 24 घंटे में वह केवल रोटी ही कमा पाता है,मकान शिक्षा के रूपये तो इकट्ठे हो ही नहीं पाते। महानगरों में गरीबों की कालोनियों के लिए भूमि नहीं ( लेख में सुझाव है कि गगनचुंबी इमारतें सरकार बनाए) लेकिन जो छोटे नगर हैं, नगरपालिकाएं ग्राम पंचायतें हैं और वहां जमीन है तो वहां गरीबों के लिए बहुमंजिली कालोनियां बना कर दी ही जा सकती है। 

राजधानी में भारतीय जनता पार्टी के विशाल कार्यालय के लिए करोड़ों रूपये मिल गये और जमीन भी मिल गई। यह विशाल कार्यालय भवन आंखों के आगे है। इसे देखकर ही प्रश्न उत्पन्न होते हैं। भाजपा के अग्रिम संगठनों के भी भवन हैं और उनके निर्माण के लिए जमीन भी मिली और धन भी मिला। गरीबों की कालोनियों के लिए  प्रयास किया होता तो सफलता मिलने की उम्मीद होती। 


भारतीय जनता पार्टी का राज जिसमें भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जुड़े हुए हैं। अनेक विचार समय समय पर आते हैं। महा भारत! हिंदू राष्ट्र! राम राज! मोदी का भारत! मोदी है तो सब मुमकिन है! मोदी का स्वच्छ भारत अभियान कहां गुम हो गया? देश की राजधानी दिल्ली के परिक्षेत्र में भयानक गंदगी तो है लेकिन स्वच्छ भारत का कहीं नारा भी नहीं दिखता। गगनचुंबी इमारतों के आसपास झुग्गी झोंपड़ी का गरीब दिखता है। गरीबी का जीवन दिखता है। यह सच्च देश भर में है। स्वच्छ भारत मिशन गायब है। भाजपा नेता और संघ के कार्यकर्ताओं में इतनी हिम्मत नहीं कि इस अभियान को कुचलने वाले अधिकारियों से बात कर सकें। यह अभियान केवल दीवार लेखन और कागजों मे सीमित कर दिया गया है। लाखों रूपये हर शहर में अधिकारी डकार रहे हैं। भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध कार्वाई करना तो बहुत दूर कल्पना से भी परे है।

राम राज का सच्च गरीब के लिए होता तो सन् 2014 ईसवी से 2026 तक गरीब को हर शहर में अपना घर मिल गया होता। अभी जो बजट बनते रहे हैं उनमें ऐसी योजनाएं होती हैं जिनका उपयोग पैसे वाले ही कर सकते हैं। 








* गरीब को मुफ्त का अन्नाज दे देने और उसका प्रचार कर श्रेय लेना राजनीति है और वह वोट लेने तक पहुंच कर खत्म हो जाती है। आज का गरीब युवा गरीबी का मुफ्त अन्नाज नहीं चाहता। युवा काम मांग रहा है। युवा रोजगार मांग रहा है। वह चाहता है कि अपने परिश्रम से जीवन को बदल कर आगे बढें। भारत के असली निर्माण करने वाले गरीब मजदूर किसान आदि हैं जिनके लिए कोई ठोस नीति नहीं बनती जो जितनी जल्दी बनाई जाए उतना ही भविष्य के लिए अच्छा होगा।०0०

12 अप्रैल 2026. ( दिल्ली राजधानी परिक्षेत्र से)

करणीदानसिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार,पत्रकारिता 62 वां वर्ष.

94143 81356.

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शनिवार, 11 अप्रैल 2026

चापड़ मिलाकर बना रहे थे मसाले. मिर्च पावडर व चापड़ सीज.

 

* राजकीय समाचार *

जयपुर, 9 अप्रेल 2026.

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेशभर में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शुद्ध आहार एवं मिलावट पर वार अभियान के तहत ब्यावर में मसाला फैक्ट्री पर कार्रवाई कर मिलावटी मसाले जब्त किए गए।


खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि अतिरिक्त आयुक्त श्री भगवत सिंह के सुपरविजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत की टीम ने मिलावटी मसालों की शिकायतों पर ब्यावर में कार्रवाई की। बुधवार आधी रात तक चली कार्रवाई में ब्यावर स्थित सराधना इंडस्ट्रियल एरिया में मैसर्स महावीर गृह उद्योग पर केंद्रीय दल के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कलर एवं चापड़ मिलाकर तैयार किया जा रहा 5480 किलो मिर्च पाउडर एवं 1400 किलो चापड़ को मौके पर सीज किया। 

फैक्ट्री परिसर में चापड़ के कट्टों से भरी गाड़ी पाई गई। इस चापड़ को लाल मिर्च पाउडर में मिलाकर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी। इसी की दूसरी फर्म मैसर्स गुलाब चंद-उत्तम चंद के परिसर में मिर्च, धनिया, हल्दी को पीसने का काम किया जा रहा था। मौके पर उपलब्ध मसालों की ढेरियों में से हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, मिर्च पाउडर एवं साबुत मिर्च के नमूने लिए गए। साथ ही, 1550 किलो हल्दी पाउडर, 700 किलो धनिया पाउडर, 1900 किलो मिर्च पाउडर को सीज किया गया। मसालों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।०0०



सूरतगढ़:आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमणों पर चलेगा पीला पंजा.लेटेस्ट

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 11 अप्रैल 2026. वीआईपी बड़े विशिष्ठ कहलाने वाले लोगों के अतिक्रमण अब टूटने का समय चक्र आ गया। बड़े लोगों के अतिक्रमण अपने घरों से बीसियों फुट आगे सड़क छूते हुए हैं और बार बार लिखे जाने,शिकायतें की जाने,मुख्यमंत्री कार्यालय तक हुई शिकायतें भी नगरपालिका में दबाई जाती रही। नगरपालिका ने कुछ माह पहले अतिक्रमण हटा लेने की चेतावनी

भी दे दी थी लेकिन उसके बाद अतिक्रमण हटाए नहीं और नगरपालिका ने भी हटाने की कार्वाई नहीं की। उस समय नगरपालिका द्वारा कारवाई नहीं किए जाने पर ईओ पूजा शर्मा ने पूछने पर एक राजनेता का नाम लेते बताया कि उन्होंने मना कर दिया। अब समय चक्र घूम गया है और वीआईपी लोगों का नखरा कथित पावर,पहुंच सभी पर नगरपालिका के नोटिस की ताकत हावी हो गई है। यह भी होगा कि बचे खुचे पावर मे अपनी हेकड़ी में अतिक्रमण खुद मकान मालिक नहीं हटाएंगे। नगरपालिका की जेसीबी चलेगी जो फोटो विडिओ के समाचार होंगे। 

👍 आवासन मंडल कालोनी ( पुरानी) के अतिक्रमणों पर  सन् 2022 में सबसे पहले दैनिक भास्कर ने आठ कालम में बहुत बड़ी रिपोर्ट मेरी जानकारी अनुसार  अगस्त माह में प्रकाशित की थी। उसके बाद 'करणी प्रेस इंडिया' में भी अनेक बार समाचार रिपोर्ट छपते रहे। 

* आज 11 अप्रैल 2026 के दैनिक भास्कर में अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी होने की खबर प्रकाशित की है। 10 अप्रैल को नोटिस जारी हुए हैं और 3 दिन में अतिक्रमण हटा लेने की समय सीमा है। इसके अंदर अतिक्रमणकारियों ने अपने अतिक्रमण नहीं हटाए तो नगरपालिका प्रशासन अतिक्रमण हटा देगा। भास्कर खबर के अनुसार 58 मकान मालिकों को नोटिस दिए गए हैं। 



👍 अभी तो अवैध बिना स्वीकृति के,स्वीकृति से अधिक मंजिलों वाले होटलों मार्केट काम्प्लेक्सों का नंबर भी आने वाला है। यह निश्चित मानें कि ये भी ध्वस्त होंगे या नगरपालिका द्वारा सीज सील मोहर होंगे।०0o





शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

सूरतगढ:सड़कों पर निजि स्कूल,ब्युटी पार्लर,पार्क:बड़े पैसे वालों के कब्जे.आवासन मंडल पुरानी कालोनी.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

आवासन मंडल आवासीय कॉलोनी (पुरानी) के  बड़े लोगों बड़े भूमाफियाओं के अतिक्रमण तोड़ने में नगर पालिका प्रशासन मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद जानबूझकर देरी कर अवहेलना कर रहा है। नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी श्रीमती पूजा का इन अतिक्रमणों पर जेसीबी चलाने में देरी कर रही है।

 * आवासन मंडल कॉलोनी में जिन लोगों के अतिक्रमण है वे सभी पढ़े लिखे शिक्षित हैं और उन्हें पता है कि उन्होंने अतिक्रमण कर रखा है और सड़क हक की जमीन दबा रखी है। करीब 250 अतिक्रमण हैं। घरों से आगे सड़क तक की जमीन दबा रखी है। ऐसे भी हैं कि जितना पट्टा उतना ही आगे अतिक्रमण। 

👍 आवासन मंडल कालोनी के चिपते क्षेत्र पश्चिम और उत्तर में भी करीब ढाई सौ घरों के आगे सड़कों पर अतिक्रमण हैं।

* यहां निजी स्कूल भी हैं। जब इनका आचरण ही भ्रष्ट है तो ये बच्चों को कैसी शिक्षा देते हैं? यहां ब्यूटी पार्लर जैसी दुकानें चल रही है। लोगों ने झूले डाल रखे हैं। कारों की पार्किंग बना रखी है। बगीचे बना रखे हैं। बड़े लोगों ने अपनी ऐशभरी जिंदगी के लिए ये सब अतिक्रमण कर रखें हैं। ये अतिक्रमण एक के बाद एक बढ़ते रहे हैं। हर चुनाव की आचार संहिता में नए-नए अतिक्रमण होते रहे हैं। सड़कों पर अतिक्रमण कर निजी स्कूल,पार्लर,व्यवसाय चलाने वाले मकान नगरपालिका प्रशासन द्वारा तुरंत ही सीज( तालाबंद) किए जाएं


** नगर पालिका प्रशासन कच्ची बस्तियों में जेसीबी भेज कर गरीबों के  मकानों पर जेसीबी चलाता है लेकिन आवासन मंडल की कालोनी के बड़े लोगों के कब्जों को चिन्हित करने के बावजूद जेसीबी चलाने में प्रशासन पीछे हट रहा है और अपनी ड्यूटी नहीं निभा रहा। नगरपालिका प्रशासन अब यह निश्चित करे निर्णय करे कि अतिक्रमण कब हटाने शुरू करे। अतिक्रमण सड़कों पर है और वे हटाने हैं इसलिए किसी को नोटिस देना जरूरी नहीं। किसी घर के निर्माण पर हटाने की कार्वाई करनी हो तो नोटिस दिया जाना चाहिए। एक सार्वजनिक घोषणा नगरपालिका प्रशासन करना चाहे तो कर दे।







 *आवासन मॉडल पुरानी कॉलोनी प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण कर रखे हैं जहां नगर पालिका ने अतिक्रमणों पर चिह्न भी लगाए थे जो अभी भी मौजूद है तथा कुछ लोगों ने उन पर दोबारा पेंट करवा दिया ताकि पता नहीं चल सके। इसके बाद और नये अतिक्रमण भी हो गये।

* सूरतगढ के स्वयंशंभू नेता,समाजसेवी, नगरपालिका पर ब्यान देते रहने वाले नौटंकी करने वाले आवासन मंडल कालोनी के बड़े लोगों के अतिक्रमणों पर एकदम चुप हैं।

 *नगर पालिका के लिए अतिक्रमण हटाने का केवल दो-तीन दिन का ही एक काम है जिसे नगर पालिका लगातार टाल रही है। वर्तमान अधिशासी अधिकारी श्रीमती पूजा को तुरंत इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण हटाने के समय कोई विरोध होने वाली स्थिति नहीं है लेकिन फिर भी पुलिस जाब्ता लिया जा सकता है। नगरपालिका प्रशासन इस बाबत जिलाकलेक्टर  प्रशासन को तुरंत अवगत कराए।  स्थानीय अतिरिक्त जिला कलेक्टर,उपखंड अधिकारी को इस संबंध में अवगत कराते हुए कार्यवाही करे। 👍 ईओ पूजा शर्मा और उपखंड अधिकारी संदीप काकड़ के साथ उपखंड अधिकारी कार्यालय में स्पष्ट बात हुई। ईओ पूजा शर्मा ने सन् 2025 में कहा था कि मानसून निकल जाने के बाद आवासन मंडल कालोनी के अतिक्रमण हटा देंगे। मानसून 2025 बीते 8 महीने हो गये। नगरपालिका प्रशासन को मानसून 2026 आने से पहले ही अतिक्रमण हठा देने चाहिए। पिछले 2025 के मानसून में अतिक्रमण की वजह से आवासन मंडल में काफी दिनों तक वर्षा पानी सड़कों पर जमा रहा और अनेक घरों में भी घुस गया था। 

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10 अगस्त 2024./10 अप्रैल 2026.

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