करणी प्रेस इंडिया
शनिवार, 7 मार्च 2026
खाद के साथ जबरन अटैचमेंट:381 फर्मों की बिक्री रोकी और 169 लाइसेंस निलंबित – कृषि मंत्री
* करणीदानसिंह राजपूत *
जयपुर, 6 मार्च 2026.
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि उर्वरकों के साथ किसानों को जबरन अन्य उत्पाद जोड़कर देने की शिकायतों पर राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई के तहत अधिसूचित 744 उर्वरक निरीक्षकों ने औचक निरीक्षण करते हुए 11,938 निरीक्षण किए तथा 18,319 उर्वरकों के नमूने लिए। इस दौरान 765 फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 381 फर्मों की बिक्री पर रोक लगाई गई और 169 विक्रेताओं के विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित या निरस्त किए गए।
कृषि मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक श्री ललित मीणा द्वारा पुछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कई बार उर्वरक के साथ ऐसे उत्पाद अटैच कर दिए जाते हैं जिनकी किसानों को आवश्यकता नहीं होती, जिससे उन पर अनावश्यक आर्थिक भार पड़ता है। इसे रोकने के लिए विभाग द्वारा उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों के जबरन अटैचमेंट पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को समय-समय पर निर्देश दिए गए हैं तथा उर्वरक विक्रेताओं और आपूर्तिकर्ताओं को भी चेताया गया है। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर विक्रेताओं के पास मौजूद रहकर उर्वरकों का वितरण कराया गया। उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर फर्टिलाइजर रेगुलेटरी टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि “धरती माता बचाओ अभियान” के तहत उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जबरन अटैचमेंट, राज्य से बाहर परिगमन, अवैध बिक्री और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं, ताकि उर्वरकों का डायवर्जन रोका जा सके। उन्होंने कहा कि कई बड़ी कंपनियों द्वारा भी जबरन अटैचमेंट की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा स्वयं सूरतगढ़ जाकर 32 हजार यूरिया के बैग पकड़े गए ताकि उनका डायवर्जन रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि यदि बड़ी कंपनियों के खिलाफ शिकायतें आती हैं तो उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच की जाएगी और लाइसेंस भी निरस्त किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में पहले बनाए गए चेक पोस्ट की तरह अब पुलिस के सहयोग से और अधिक चेक पोस्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि उर्वरकों के डायवर्जन और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
इससे पूर्व मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में कृषि मंत्री ने बताया कि भरतपुर और कोटा संभाग में सरसों की बुवाई क्षेत्रफल अधिक होने के कारण डीएपी उर्वरक की मांग भी अधिक रहती है। राज्य सरकार ने रबी सीजन शुरू होने से पहले ही एक लाख मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक सुनिश्चित किया था। रबी सीजन 2025-26 की शुरुआत में भरतपुर और कोटा संभाग में 30,658 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध था। उन्होंने सदन में रबी 2025-26 का भरतपुर और कोटा संभागों के जिलों में डीएपी की मांग और उपलब्धता का जिला-वार विवरण भी उपलब्ध कराया गया है।
कृषि मंत्री ने बताया कि बारां और झालावाड़ जिलों में उर्वरकों के साथ जबरन अटैचमेंट की कुल 16 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिन पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए। जबकि सीमावर्ती जिलों भरतपुर, धौलपुर, डीग, करौली, सवाई माधोपुर और कोटा में ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। उन्होंने बताया कि पूर्वी राजस्थान से अन्य राज्यों में उर्वरकों की तस्करी या परिगमन की 4 शिकायतें मिली थीं, जिनमें 28.55 मीट्रिक टन यूरिया और 17.50 मीट्रिक टन एसएसपी उर्वरक जब्त किए गए तथा संबंधित पुलिस थानों में 4 एफआईआर दर्ज करवाई गई।
कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले छह माह (सितंबर 2025 से फरवरी 2026) के दौरान भरतपुर और कोटा संभाग में विभाग ने 1373 आदान विक्रेताओं के औचक निरीक्षण किए। उल्लंघन पाए जाने पर 53 विक्रेताओं के आदानों की बिक्री रोकी गई, 98 लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए, 8 प्रकरणों में आदानों की जब्ती की गई तथा 2 विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।०0०
पांसल व समोडी तालाबों के अतिक्रमण मानसून से पहले हटाएंगे - जल संसाधन मंत्री
* करणीदानसिंह राजपूत *
जयपुर, 6 मार्च 2026.
जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि भीलवाड़ा के पांसल तथा समोडी तालाब में अतिक्रमण कर मलबा डालने का विषय संज्ञान में आने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा संबंधित लीजधारी को नोटिस जारी किए गए हैं।
जिला कलेक्टर, भीलवाड़ा को भी इस संबंध में कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
मंत्री श्री रावत ने आश्वस्त किया कि आगामी वर्षाकाल से पहले ही इन तालाबों के भराव व बहाव क्षेत्र से अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि जल प्रवाह क्षेत्र के अवरोधों को हटाने के संबंध में राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति बनी हुई है, जिसमें जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं।
जल संसाधन मंत्री श्री रावत प्रश्नकाल के दौरान सदस्य श्री उदयलाल भडाणा द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में बजट वर्ष 2026-27 के तहत पंचायती राज विभाग से जल संसाधन विभाग में आए छोटे बांधों और तालाबों में से 200 तालाबों का चरणबद्ध रुप से 300 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्दार का कार्य करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा जिले के सुरास, पांसल व समोडी तालाब पंचायत राज को हस्तान्तरित तालाबों में सम्मलित हैं।०0०
शुक्रवार, 6 मार्च 2026
बेनामी बडे़ मेडिकल स्टोर पर बड़ी रेड.पुलिस की मौजूदगी.सूरतगढ़
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 6 मार्च 2026.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां बिना नाम के चल रहे मेडिकल स्टोर पर बड़ी रेड हुई है जिसमें लाखों रूपये की मेडिसिन हैं और शंका है कि इसमें प्रतिबंधित ड्रग्स भी हो सकती है। महाराणा प्रताप चौक काफी समय से चल रहे इस मेडिकल स्टोर पर किसी भी नाम का बोर्ड नहीं है।
सूत्रानुसार किसी बड़ी शिकायत पर यह छापा कार्रवाई हुई है जिसमें स्वास्थ्य विभाग
की टीम ने पुलिस को साथ लेकर रेड किया। आज सुबह 11 बजे यह रेड की कार्वाई शुरू हुई जो रात के 8 बजे बाद भी जांच चल रही थी। मेडिकल स्टोर के बाहर पुलिस थी और अंदर जांच चल रही थी।
सूत्रानुसार मेडिकल स्टोर में बड़े रूप में थोक टाईप काम था। प्रतिदिन बड़ा लेनदेन था। मेडिकल स्टोर का लायसेंस अनिवार्य है और नाम भी स्टोर पर जरूरी होता है। यह बेनामी मेडिकल स्टोर श्याम मेडिकल स्टोर के ठीक सामने एक बड़ी किराये की दुकान में संचालित हो रहा है।
सूत्रानुसार इस दुकान का किराया ही काफी है। बहुत बड़ा मेडिकल स्टोर कोई बड़ा व्यक्ति ही संचालित कर सकता है और किसी बड़े पावर से हुई शिकायत से ही बड़ी रेड हो सकती है।
सूत्रानुसार मेडिकल स्टोर में समस्त मेडिसिन की सूची बनाई जाने के बाद सील मोहर सहित फिलहाल जब्ती हो सकती है। मेडिसिन प्रतिबंधित ड्रग्स मिलते हैं तो जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे जा सकते हैं और एनडीपीएस एक्ट में कार्वाई हो सकती है। सूरतगढ़ में यह पहली सबसे बड़ी कार्वाई है।०0०
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सूरतगढ़.पेयजल गंदा वितरित. विभाग की अनदेखी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 6 मार्च 2026.
नाम जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और लापरवाही से पेयजल गंदा वितरित हो तो जन स्वास्थ्य नाम का ही नाश। वार्ड नं 41 में गंदे पेयजल की सप्लाई लगातार। विभाग को सूचना दी गई। लेकिन मौके की कोई अधिकारिक निरीक्षण नहीं। सरकारी पोर्टल पर भी सूचना डाल दी गई। ०0
राजस्थान:पुलिस द्वारा स्वर्णकारों को अनावश्यक परेशान किए जाने का मुद्दा विधानसभा में उठा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 6 मार्च 2026.
सूरतगढ़ के विधायक डूंगरराम गेदर ने आज राजस्थान विधानसभा में प्रदेश के विभिन्न जिलों के सराफा बाजारों में कार्यरत स्वर्णकारों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का मुद्दा उठाया जिसमें विशेष रूप से पुलिस की अनावश्यक जांचों से हो रही परेशानियों को विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से सरकार के सामने रखा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सराफा बाजारों में कार्यरत स्वर्णकार लंबे समय से सोना-चाँदी और आभूषणों का वैध व्यवसाय करते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं। वे रोजगार सृजन, व्यापारिक गतिविधियों और राजस्व वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उनकी विश्वसनीयता पर ही आम जनता का विश्वास टिका रहता है, जिससे बाजार व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती है।
हाल के समय में यह शिकायतें सामने आई हैं कि आपराधिक प्रकरणों में गिरफ्तार आरोपियों के कथनों के आधार पर कई स्थानों पर पुलिस द्वारा बिना ठोस साक्ष्य के स्वर्णकारों की दुकानों पर बार-बार दबिश दी जा रही है। कई मामलों में संबंधित स्वर्णकारों का आरोपियों से कोई संबंध नहीं होता और न ही किसी प्रकार का अवैध लेन-देन किया गया होता है, फिर भी संदेह के आधार पर की जा रही कार्रवाई से उनमें भय और असुरक्षा का वातावरण बन रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यवाहियों के कारण सराफा बाजारों का सामान्य व्यापार प्रभावित हो रहा है, प्रतिष्ठानों की साख धूमिल हो रही है तथा समाज में उनकी वर्षों से स्थापित प्रतिष्ठा को आघात पहुँच रहा है।
विधायक गेदर ने कहा कि यदि किसी विशेष मामले में जांच आवश्यक है तो वह पूरी तरह विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए। संपूर्ण स्वर्णकार समुदाय को संदेह के आधार पर परेशान करना उचित नहीं है।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस विषय की निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा निर्दोष स्वर्णकारों को संरक्षण प्रदान किया जाए, ताकि व्यापारिक वातावरण में विश्वास और सुरक्षा की भावना बनी रहे।०0०
विधायक डुंगर राम गेदर बोले:बजट बड़े उद्योगपतियों के लिए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
जयपुर, 5 मार्च। सूरतगढ़ के विधायक डुंगरराम गेदर ( कांग्रेस) विधानसभा में राजस्थान की भाजपा सरकार के कार्यों की अनेक खामियों को उजागर करते रहे हैं। सरकार के बजट 2026-27 पर भी जनहित की आवाज रखी।
राजस्थान विधानसभा में आज राजस्थान जन विश्वास अपबंधों का संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान विधायक श्री डूंगर राम गेदर ने विधेयक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रस्तावित संशोधन मुख्य रूप से वन अधिनियम 1953 से जुड़े प्रावधानों में बदलाव से संबंधित हैं, जिनसे पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न होती हैं।
विधायक श्री गेदर ने कहा कि वर्तमान स्वरूप में यह संशोधन बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला प्रतीत होता है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि आपराधिक दंड के स्थान पर केवल अर्थदंड का प्रावधान रखा जाएगा तो प्रभावशाली और बड़े कारोबारी इसे निवेश की तरह मानकर नियमों का उल्लंघन कर सकते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और पर्यावरण को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कई अपराधों को गैर-अपराधीकरण करने की बात कही गई है, लेकिन जवाबदेही सुनिश्चित करने के स्पष्ट प्रावधान विधेयक में दिखाई नहीं देते। इससे कानून के उद्देश्य और अनुशासन की व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है।
विधायक गेदर ने राज्य में तेजी से लग रहे सौर ऊर्जा संयंत्रों और औद्योगिक गतिविधियों से पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने गंगानगर जिले का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जहां तापमान और जल स्थिति बेहतर थी, वहीं अब किसानों को सिंचाई, ऊर्जा और फसलों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को खेजड़ी जैसे महत्वपूर्ण वृक्षों के संरक्षण के लिए स्पष्ट और कड़ा कानून लाना चाहिए था। ऐसा नहीं होने से यह प्रतीत होता है कि सरकार अपने पूर्व में किए गए वादों को पूरा करने में गंभीर नहीं है।
विधायक श्री गेदर ने कहा कि इस विधेयक में छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, कारीगरों और स्थानीय उद्योगों के हितों की स्पष्ट सुरक्षा दिखाई नहीं देती। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं ऐसा न हो कि बड़े उद्योगों को राहत देने के लिए छोटे व्यापारियों पर नियमों का अतिरिक्त बोझ डाल दिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग की लापरवाही या देरी के कारण किसी नागरिक या व्यापारी को नुकसान होता है तो प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का स्पष्ट प्रावधान कानून में होना चाहिए। साथ ही लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं को वास्तव में सरल बनाया जाना चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों और कामगारों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
अंत में विधायक डूंगर राम गेदर ने कहा कि कानून का मूल उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं में बदलाव करना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास मजबूत करना होता है। इसलिए इस विधेयक में मौजूद कमियों को दूर करते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही और छोटे व्यापारियों के हितों की स्पष्ट सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस विधेयक को व्यापक जनमत प्राप्त करने के लिए छह माह के लिए वापस लिया जाए, ताकि सभी वर्गों की राय लेकर एक संतुलित और जनहितकारी कानून बनाया जा सके।०0०
बुधवार, 4 मार्च 2026
भाजपा नेता पूर्व राज्यमंत्री कासनिया से करणीदानसिंह राजपूत की मुलाक़ात
* करणी प्रेस इंडिया * सूरतगढ़ 4 मार्च 2026.
लोकतंत्र सेनानी,पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत की भाजपा नेता पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया की होली पर्व की खास मुलाक़ात हुई। होली की रामरमी हुई और राजनीतिक बातें भी जुड़ती चली गई। कासनिया का किसान युनियन पीलीबंगा के अध्यक्ष पद से निरंतरता और विधानसभा चुनाव,बीकानेर लोकसभा चुनाव की बातें। वर्तमान में सूरतगढ़ की राजनीति और भाजपा के नेताओं में कासनिया की जीवित कार्य पद्धति पर उपस्थित लोग भी चर्चा में शामिल हुए।
होली पर्व.4 मार्च 2026.०
पटाखे बजाते बाईक सवार हुड़दंगी.पुलिस से नहीं डरते हुड़दंगी.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़। पटाखे बजाते बाईक। एक बाईक पर सवार चार शोर मचाते,डर फैलाते हुड़दंगियों ने होली पर बाजारों में और होली दहन कुछ जगहों पर तेज गति से बाईक चलाए। जहां जहां ये सब किया वहां लोग चोट लगने से इधर उधर होकर बचे। होली पर पुलिस जवानों की ड्युटी मगर हुड़दंगियों को पुलिस का भय नहीं था। सख्त कार्रवाई हो तब डर होता है लेकिन वह भय नहीं। एक स्थान से पूर्व पार्षद बीरबल सिंह सैनी ने
ट्रेफिक पुलिस को सूचना भी दी लेकिन बाजारों में होली भीड़ को नियंत्रण में ही व्यस्तता थी। होली के बाद भी ऐसा हुड़दंग मोहल्ला सड़कों या मुख्य बाजारों में होता है तो सख्त कार्वाई होनी ही चाहिए। बहुत तेज गति से पटाखा बाईक निकलते हैं तो पैदल तो डर से उछल जाते हैं।
* पहले ट्रैफिक प्रभारी मूलसिंह शेखावत ने पटाखा बाईक पर कार्वाई की थी।
** वर्तमान ट्रैफिक प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने भी कुछ दिन पूर्व पटाखा बाईकों पर कार्वाई की थी। अभी शीशों पर काली फिल्म लगी कारों पर भी कार्रवाई हुई।
👌 होली के बाद पटाखा बाईकों पर सवारों सहित कार्रवाई हो। बाईक जब्त हों।
👌👌कारों पर नंबर प्लेट पर लाल पट्टी लगा कर फर्जी वी.आई.पी भी भ्रमित कर रहे हैं, जिनकी लाल पट्टी हटवाई जाए या फिर कार्वाई की जाए। शहर में यह फर्जीवाड़ा भी बंद करवाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर इन लाल पट्टी कारों के फोटोज आने चाहिए कि कौन कौन नेता फर्जी वी.आई.पी बने हैं। ०0०
मंगलवार, 3 मार्च 2026
सत्ता भूमाफिया का एक कब्जा ध्वस्त.टूटेंगे और भी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 3 मार्च 2026.
सत्ता भूमाफिया का अतिक्रमण निरंकारी भवन के पीछे आखिर नगरपालिका प्रशासन को तोड़ना पड़ा और जमीन को अपने अधिकार में ले लिया जहां सार्वजनिक हित के निर्माण से पहले तारबंदी की जाएगी। नगरपालिका प्रशासन दबाव में ध्वस्त की कार्वाई से दूर रहने की कोशिश कर चुका था लेकिन उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा की सख्ती से यह कीमती भूखंड अतिक्रमण से मुक्त करवाना पड़ा।
* सत्ता और भूमाफिया का डर मानकर मीडिया ने फोटो,वीडियो कुछ नहीं किया जबकि गरीब का छत ध्वस्त करने पर फोटो विडिओ होते और समाचार भी छापे जाते। एक बड़े अखबार के पत्रकार ने तो नगरपालिका प्रशासन से मिलीभगत के कारण अतिक्रमण होते रहने और तोड़े जाने की न्यूज को लगातार रोके रखा। अखबार में न्यूज नहीं छपी।
* सत्ता के साथ चिपटे और करोड़ों रूपये के भूखंडों पर अतिक्रमण करके खौफ पैदा करने का यह बड़ा अतिक्रमण ध्वस्त हुआ है अभी और अतिक्रमण भी निश्चित ही ध्वस्त होंगे की उम्मीद है।
👌 सब पर निगाहें.
नेशनल हाईवे के पास अतिक्रमण करके मार्केट बनाने,दुकानें बनाने के करोड़ों के अतिक्रमण फोटोग्राफी में आए हैं।
आवासीय भूखंडों पर भी अवैध मार्केट बनाने के मामले हैं जहां सभी अवैध निर्माण स्थानीय साप्ताहिक 'ब्लास्ट की आवाज' में सचित्र कई बार छप चुके हैं। ये नगरपालिका प्रशासन अधिशासी अधिकारी को मालुम होते रहे हैं।
अनेक गलियों में नगरपालिका की भूमि पर आवासीय अतिक्रमण हुए और कहा जाता रहा कि गरीब है लेकिन वहां बीसियों लाख की दुकानें बन जाने पर हालात उजागर हो रहे हैं कि ये अतिक्रमण तो भूमाफिया के हैं और वे वर्तमान में चलती सत्ता के एक नेता के यहां चौकड़ी जमाते हैं ताकि नगरपालिका प्रशासन सत्ता के डर से वहां तोड़ने की कार्वाई नहीं कर सके। लेकिन ऐसे कुछ दुकानें मार्केट दिखाई पड़े हैं और वे भी किसी दिन जरूर टुटेंगे। ऐसे ही मुख्य बाजार, रेलवे रोड,सुभाष चौक,पुराना बस स्टैंड की रोड पर व अन्य कई होटल अवैध बन चुके हैं और कुछ निर्माण में चल रहे हैं। कुछ होटल दो मंजिल की निर्माण अनुमति लेकर अवैध रूप से तीन चार मंजिल तक अवैध बना चुके हैं। सत्ता के नेता या बचाव के लिए सत्ता के पैर पकड़े हुए अतिक्रमणकारियों के अवैध निर्माण दुकानें होटल आदि पर भी कार्वाई होगी। इसमें कुछ समय लग सकता है लेकिन सत्ता नेता अतिक्रमण बचा नहीं सकते। ०0०
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