करणी प्रेस इंडिया
शुक्रवार, 26 जून 2026
आपातकाल: शाह आयोग और कानसिंह समिति की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे. डर तो कांग्रेस को हो.
* करणीदानसिंह राजपूत *
इंदिरा गांधी ने अपनी सरकार अपना प्रधानमंत्री पद बचाने के लिए आपातकाल लगाया। 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक आपातकाल की अवधि में संविधान कुचल दिया, मूल अधिकार खत्म,अखबारों पर सेंसर और अनेक बंद,लाखों लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया। कुंवारों और बुड्ढों की जबरन नसबंदी कर दी गई थी। संपूर्ण भारत में अत्याचार हुए। अनेक नेताओं पर राष्ट्र द्रोह जैसे मुकदमे हुए। मीसा रासुका और सीआरपीसी के तहत गिरफ्तारियां हुई।
* लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में जनता पार्टी की सरकारें बनी। भारत सरकार ने आपातकाल के अत्याचारों के लिए शाह आयोग का गठन किया। राजस्थान सरकार में मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत ने जस्टिस कानसिंह की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया। शाह आयोग और कानसिंह समिति की रिपोर्ट सरकारों ने सार्वजनिक नहीं की। इन रिपोर्ट्स में आधिकारिक वर्णन है जो देश के सामने उजागर होने चाहिए। आपातकाल के 51 सिल बीत गये। केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार को ये सार्वजनिक करनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से और राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी मांगे हुई है कि ये रिपोर्ट्स सार्वजनिक हों। इनमें तथ्य हैं जो जनता के सामने आएं। आपातकाल का विरोध करने वाले,जेलों की यातनाएं सहने वाले भी पढ सकें। आपातकाल जेल बंदी 70 वर्ष से 95 की उम्र में हैं और परलोक जा रहे हैं। जो जीवित हैं वे पढ़ लें। आखिर इनके बस्तों में बंद रखने से फिर कौन पढेगा। किसको पढाने के लिए ये बस्तों मैं बंद है। इन रिपोर्ट्स के सार्वजनिक होने से तो कांग्रेस को डर होना चाहिए। ०0०
26 जून 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
लोकतंत्र सेनानी राजस्थान,
स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत आजीवन)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
( प्रकाशन कर सकते हैं।)
सूरतगढ़ गंगानगर के लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि 30 हजार रू.- सीएम भजनलाल शर्मा की घोषणा.
- करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 26 जून 2026.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि में वृद्धि की घोषणा की है। यह घोषणा 25 जून को की गई। इसी माह से 25 हजार रू.सम्मान राशि और 5 हजार रू. चिकित्सा भत्ता कुल 30 हजार रू. मिलेंगे। (तक अभी 20 हजार रू सम्मान राशि और 4 हजार रू. चिकित्सा भत्ता मिलता था). कांग्रेस राज इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री की ओर से इमरजेंसी लगाई गई। मूल अधिकार छीन लिए गये। संविधान की रक्षा और लोकतंत्र पुनः स्थापित करने के लिए आपातकाल के विरोध और जेलों में बंद रहे लोगों को राजस्थान सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान प्रदान किया हुआ है।
आपातकाल 1975-77
💐सूरतगढ़ में लोकतंत्र सेनानी हैं।
1-विधायक वरिष्ठ वकील सरदार हरचंद सिंह सिद्धु
2-वरिष्ठ पत्रकार करणीदान सिंह राजपूत
3-हनुमानप्रसाद मोट्यार
4- श्री नेमीचंद छींपा
5-श्री सुगन पुरी
6-श्री महावीर प्रसाद पारीक
7-श्री मुरलीधर उपाध्याय
8- श्री गुरनाम सिंह
10-श्री घनश्याम लाल शर्मा
12- बलराम वर्मा
13- लक्ष्मण शर्मा
जिन लोकतंत्र सेनानी परलोक चले गये,उनकी पत्नियों को सम्मान राशि मिल रही है जो अब 30 हजार रू. मिलेगी। श्रीमती लक्षमी देवीश्रीमती गुड्डी देवी.श्रीमती रोमिला हैं।
हरचंद सिंह सिद्धु हनुमान विधायक मोट्यार सुगनपुरी सरकारी कर्मचारी रहे उनको चिकित्सा भत्ता पहले से पेंशन में मिल रहा है सो इनको सम्मान राशि 25 हजार रू. प्रतिमाह मिलेगी।
श्रीगंगानगर जिले से लोकतंत्र सेनानी ये भी हैं।
श्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता हाल ऐलनाबाद, श्री रामकुमार पारीक रायसिंह नगर,
श्री भंवरलाल श्रीगंगानगर, श्री मदनलाल जिंदल श्रीगंगानगर, श्री रामस्वरूप मांझू बींझबायला, श्रीमती मंजू टांटिया श्रीगंगानगर, श्रीमती सरोज चुघ श्रीगंगानगर,श्रीमती सविता देवी श्रीगंगानगर, श्री पूर्णनाथ गोस्वामी, श्रीमती राजविंदर कौर, श्रीमती इंदुबाला, श्री मांगीलाल जैन घड़साना हैं।०0०
गुरुवार, 25 जून 2026
नगरीय शहरी सेवा शिविरों में करवाए जाने वाले काम.
* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान नगरीय शहरी सेवा शिविरों में करवाए जाने वाले कार्यों के आदेश को पढा जाए। अधिक से अधिक फार्वर्ड करें ताकि संपूर्ण राजस्थान में लोग लाभ उठा सकें
०0
सूरतगढ़: सड़क निर्माण में गड़बड़ी,कौन करेगा सही जांच.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 25 जून 2036.
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा सूरतगढ़ ने 22 जून को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वार्ड संख्या 24 एवं 28 के मध्य सिविल कोर्ट के पीछे इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि उक्त स्थान पर पूर्व में निर्मित इंटरलॉकिंग सड़क को हटाकर पुनः नया निर्माण कार्य करवाया गया है।
*संगठन ने मांग की कि पूर्व में करवाए गए पीसीसी (* Plain Cement Concrete) कार्य एवं वर्तमान इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाई जाए, ताकि कार्य की वास्तविक स्थिति एवं गुणवत्ता स्पष्ट हो सके।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने नगर पालिका प्रशासन से पूर्व कार्य की पैमाइश, वर्तमान कार्य की माप *पुस्तिका (MB), बिल एवं भुगतान* रिकॉर्ड की जांच करवाने की मांग की है। साथ ही हटाई गई पुरानी इंटरलॉकिंग टाइल्स/ब्लॉक्स की मात्रा, उनके स्टॉक रजिस्टर में दर्ज विवरण एवं उनके उपयोग की जानकारी भी उपलब्ध करवाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, कार्य की मात्रा एवं भुगतान प्रक्रिया की जांच करवाने तथा जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान पर रोक लगाने की मांग रखी गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में *राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के उमेश कुमार, किशन लाल पारीक, संजीव कुमार, लाखन सिंह, रामेश्वर लाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
* नगरपालिका सड़क बनवा रही है। नगरपालिका प्रशासन को सब मालुम है कि निर्माण पर क्या हो रहा है? जो बनवा रहे हैं वे किसकी जांच करेंगे।
* ज्ञापन किसको सौंपा? वह तो उपखंड अधिकारी को सौपते। गुणवत्ता ही नहीं इसमें गड़बड़ी बता रहे हैं तो यह लगातार पीछा करने से ही होगा। उपखंड अधिकारी को गड़बड़ी के लिखा जा सकता है।
👍 क्वालिटी की जांच करानी है तो क्वालिटी कंट्रोल श्रीगंगानगर को लिखा जाने पर सही जांच हो सकती है। जब जांच हो तब राष्ट्रीय अधिकार मोर्चे के प्रतिनिधि उपस्थित रह सकते हैं। ०0०
बुधवार, 24 जून 2026
आवासन मंडल 58 अतिक्रमण. सीएमओ में ईओ के विरुद्ध शिकायत दर्ज.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 जून 2026.
आवासन मंडल कालोनी पुरानी में 58 मकानों के आगे सड़कों पर अतिक्रमण की शिकायत आज सीएमओ में दर्ज हुई है। ईओ पूजा शर्मा द्वारा नोटिस देने के बाद कार्यवाही नहीं करने में ईओ की कार्यप्रणाली की जांच की शिकायत हुई है। ईओ पूजा शर्मा पर आरोप है कि आवासन मंडल पुरानी कालोनी में सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले 58 मकान मालिकों को 9 अप्रैल 2026 को नोटिस दिए गये। नोटिसों में 3 दिन में अतिक्रमण हटाने का लिखा गया था। यदि अतिक्रमण 3 दिन में नहीं हटाए तो नगरपालिका हटा देगी। नगरपालिका ईओ पूजा शर्मा को 12 अप्रैल से अतिक्रमण हटाने की कार्वाई शुरू कर अतिक्रमण हटा देने थे,लेकिन 3 माह बीत जाने के बावजूद ईओ ने अतिक्रमण नहीं हटाए। ०0
नगरपालिका में घोटाले. ईओ पूजा के घोटाले. लोगों की राय एसीबी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 जून 2026.
नगरपालिका में घोटाले और ईओ पूजा शर्मा के घोटालों पर मैटर तथ्य शिकायतों के पढने वालों का कहना होता है कि कुछ भी नहीं होगा, चाहे जितना लिखते रहो। नेताओं पर बात आती है कि ये कुछ नहीं करेंगे। राजनैतिक पार्टियों सामाजिक संघों के पदाधिकारियों की ओर से भी कुछ नहीं हो रहा। नगरपालिका के भ्रष्टाचारों से काम नहीं होने से पीड़ित तो बहुत हैं लेकिन शिकायतें नहीं करना चाहते। लोग राय देते हैं कि सारे मैटर एसीबी के हैं प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम, एडीएम, कलेक्टर, कमिश्नर, मुख्य सचिव कुछ नहीं करेंगे।
प्रशासनिक जांच में ट्रांसफर, एपीओ, सस्पेंड और मामला लटक जाता है। ईओ पूजा शर्मा पर बड़ा आरोप है अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा का नियमविरुद्ध अवैध रूप से सफाई कर्मचारी से जमादार प्रमोशन करना। इसमें अन्य अनुसूचित जाति के कर्मचारी का हक मारा गया।
👍 अधिकतर लोगों की राय एसीबी की मिल रही है। एसीबी मतलब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो। एसीबी को अन्वेषण करने और दोष सिद्ध प्रमाण मिलने पर गिरफ्तारी करने के अधिकार होते हैं, लेकिन एसीबी का अन्वेषण धीमा चलता है।
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सूरतगढ़ जागो! होटलों,भवनों का अवैध निर्माण. अग्निशमन व सुरक्षा नहीं.खतरनाक हालात.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 जून 2026.
होटलों, दुकानों के अवैध( स्वीकृत 2 मंजिला,अवैध निर्माण 3,4,5 मंजिल) अधिक ऊंचाई की मंजिलों के निर्माण होने, कुछ निर्माणाधीन होने तथा उनमें अग्निशमन व सुरक्षा के प्रबंध नहीं होने पर सीज करने सील करने की मांग 27 फरवरी 2026 को उपखंड अधिकारी से की गई थी। उपखंड अधिकारी के यहां से शिकायतें नगरपालिका में भेज दी जाती है और आगे की कार्वाई नगरपालिका प्रशासन को करनी होती है।होटल आम आदमी नहीं बनाता। पैसे वाले,प्रभावशाली, नेता बनाते हैं और उन पर कार्वाई नहीं हो पाती। पढेलिखे लोग सहयोग नहीं करते। उपखंड अधिकारी नगरपालिका के प्रशासक भी हैं,उनको शिकायत किए तीन महीने बीत गये और कोई कार्वाई नहीं हुई। अवैध होटलों पर कार्वाई नहीं हुई न जांच नहीं हुई।
* दिल्ली में 3 जून 2026 को अग्नि दुर्घटना हुई जिसमें 21 मौतें हुई। तब 4 जून 2026 को अतिरिक्त जिलाकलेक्टर श्री भवानीसिंह पंवार को फिर एक शिकायत की गई। उन्हें उपखंड अधिकारी को की गई शिकायत से अवगत कराया गया व उपखंड अधिकारी को की गई शिकायत की प्रति भी दी गई। ( राजस्थान पत्रिका 4 जून 2026 का अंक भी साथ में दिया, जिसमें दिल्ली की खबर और फोटोज थे)
👍 नगरपालिका की अधिशाषी अधिकारी को कार्वाई करनी होती है। ईओ पद पर पूजा शर्मा है जो कार्वाई नहीं करती। अवैध निर्माणों पर प्रशासन के एक्शन नहीं लेने से निर्माताओं को छूट मिली हुई है तथा नगरपालिका को हर निर्माण पर लाखों रुपये का टैक्स मिलता वह नहीं मिला।
👍 शहर में हर पार्टी के नेता नेतियां हैं मगर वे चुप रहते हैं।
* लखनऊ में हुए अग्नि कांड और मौतों के बाद आज 24 जून 2026 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री भवानीसिंह पंवार को एक बार पुनः याद कराया गया। ( आवासन मंडल कालोनी अतिक्रमण तुड़वाने की नयी शिकायत देते समय होटलों के बारे में भी कहा गया।)
मंगलवार, 23 जून 2026
ईओ पूजा शर्मा के ट्रांसफर की चर्चा. क्या होगा ट्रांसफर. सामान्य या दंड.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 23 जून 2026.
नगरपालिका की अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा ( मूल पद रेवन्यु आफिसर) के ट्रांसफर होने की बात रखकर चर्चा चलाई जा रही है। अभी ट्रांसफर खोले जाने के बाद यह चर्चा जानकारी लेने देने के नाम पर हो रही है। जनरल लीस्ट में ट्रांसफर होना न तो किसी नेता की शिकायत पर होना कहलाता है न दंड कहलाता है। पूजा शर्मा का ट्रांसफर ड्यु है। यहां के कार्यकाल की अवधि के हिसाब से ट्रांसफर ड्यु है। पूजा शर्मा ने यहां सूरतगढ़ में 20 फरवरी 2024 को जोईन किया था। शर्मा का कार्यकाल यहां 2 वर्ष 3 माह हो चुका है। कुछ महीनों पहले एक आवेदन हुआ था जिसमें केवल इतना लिखा गया कि सूरतगढ़ में अच्छा ईओ भेजा जाए। इस पर ट्रांसफर नहीं हुआ।
ईओ पूजा के विरुद्ध केवल एक शिकायत डीएलबी में है। पूजा शर्मा को यहां से हटाया जाकर मूल पद राजस्व अधिकारी पर भेजा जाए व यहां के कार्यकाल की जांच की जाए। पूजा शर्मा पर आरोप है कि नगरपालिका को एक करोड़ रु. से अधिक की हानि पहुंचाई लोगों का व निजी लाभ उठाया। पूजा शर्मा का ट्रांसफर होता है तो अनेक घपलों की फाईलें खुलेंगी,यह संभावना है।
अभी जो राजनीतिक स्थिति है उसमें कासनिया कालवा और भाटिया आदि कोई भी पूजा शर्मा के विरूद्ध नहीं है। ईओ पूजा शर्मा भी यहां से जाने की इच्छुक नहीं है, जिसका बड़ा कारण यह है कि ऐसा शून्य और कहीं नहीं है। भाजपा संगठन की नजर में नगरपालिका एक छोटी सी इकाई है।यहां की गतिविधियों से सत्ता में कोई प्रभाव नहीं पड़ता। कांग्रेस के हर काम तुरंत होते हैं इसलिए उनको कोई शिकायत नहीं है। आम चर्चा और माना जाता है कि पूजा शर्मा कांग्रेस का बोर्ड बनवाएगी, उसकी कार्यप्रणाली इस प्रकार की है। एक बड़ा प्रमाण है कि पूजा शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य सरकार का स्वच्छ भारत अभियान फेल करके रख दिया है।०0०
गली विवाद का हल क्या हो?अरोड़ा कैमरे लगवाए.पुलिस नगरपालिका कार्वाई रिकॉर्ड होता रहे.
* करणीदानसिंह राजपूत *
भग्गुवाला कुआ के पास गली होने नहीं होने के मामले में एक अरोड़े और एक शर्मा का विवाद चर्चा में है। असली समाधान कागजों में है।
अरोड़े ने बणिये से जमीन खरीदी,रजिस्ट्री हुई। सब दस्तावेज सही और प्रमाणित। पड़ोसी शर्मा ने पहले बणिये को दबाने की कोशिश की। पार नहीं पड़ी। अरोड़े ने खरीद ली तो उस पर दबाव जो आज तक चला नहीं। शर्मा अपने भूखंड की गली बताता है तो वह शर्मा के पट्टे में होगी। शर्मा विवाद में पुलिस और नगरपालिका में अप्रोच कर अरोड़े पर दबाव बना रहा है।
पुलिस और नगरपालिका के अधिकारियों को अप्रोच के बजाय शर्मा का पट्टा देखना ही नहीं रिकॉर्ड में लेना चाहिए। शर्मा के पट्टे में गली है उसका अधिकार बनता है तो किसी भी प्रकार की मौखिक कार्वाई के बजाय अधिकृत लिखित कार्वाई करके शर्मा की गली खुलवानी चाहिए। यदि शर्मा अपना पट्टा कापी नहीं देता है तो पुलिस और नगरपालिका को कोई भी मौखिक कार्वाई नहीं करनी चाहिए।
👌 यदि शर्मा के पास अपने पट्टे में किसी दस्तावेज में गली होती तो वह पेश कर चुका होता। असल में गली अन्य स्थान पर से है, और खुलवानी है तो वहां से खुलवाई जानी चाहिए।
👌 अरोड़े को सबसे पहले कुछ कैमरे लगवाने चाहिए ताकि हर आने वाले का आने जाने और उसका कहना रिकॉर्ड होता रहे।भूखंड पर कुछ भी वाद विवाद, कोई गाली, दबाव,गलत होता है तो कैमरा रिकॉर्ड सबूत होंगे। बड़े मौखिक आदेश देने वाले साथ नहीं आते।
👌शर्मा के पास पट्टा और उसमें गली का दस्तावेज सबूत है तो वह पुलिस और नगरपालिका में पेश करना चाहिए। असली और सही समाधान के लिए अदालत में मामला दिया जा सकता है।
👍 मामला बड़ा रोचक आश्चर्य भरा है कि नगरपालिका ने गली वाली सही जगह के बजाय प्राईवेट भूखंड में इंटरलोकिंग सड़क और सीवरेज कैसे बनाए। किस पार्षद ने बनवाए? कितने रूपये बरबाद हुए?
इसकी जांच होगी तो उस समय के ईओ,इंजीनियर भी लपेटे में आएंगे। यह घपला भी जांच का एक मुद्दा तो बन ही गया है।
नगरपालिका के इंजीनियर सहायक अभियंता दबाव बनाने मौके पर जा रहे हैं तो उनको और ईओ को अपना नक्शा पहले देख कर और शर्मा से रिकॉर्ड मांग कर कदम उठाना चाहिए। गलत कार्वाई खतरा ही बनती है और यह गली विवाद
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