करणी प्रेस इंडिया
रविवार, 25 अक्टूबर 2026
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
पटवारी का क्या अपराध और पुलिस पर क्या आरोप.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 अक्टुबर 2026.
सूरतगढ़ के सिटी थानाधिकारी सीआई कलावती चौधरी पर आरोप है कि उसने और पुलिस ने हेलमेट नहीं होने व स्कुटी चलाते मोबाइल पर बात करते पटवारी को रोका, पकड़ा,विवाद किए जाने पर थाने ले गए और पीटा। पटवारी संगठनों ने सीआई और पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने व जांच की मांग की है तथा दो दिन की चेतावनी दी है।
👍 इस मामले की जांच उठी है। घटनाक्रम को हरेक ने अपने अपने अलग अलग ऐंगल से लिखा है,बताया है। जांच हो जाए तो संपूर्ण स्थिति साफ हो जाएगी। घटनाक्रम ऐसा भी नहीं है कि सीआई कलावती चौधरी व पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया जाए।
*यह जांच कौन करेगा? जरूरी होगी तब स्थिति के अनुसार पुलिस उप अधीक्षक,अपर जिलापुलिस अधीक्षक या जिलापुलिस अधीक्षक जांच कर सकते हैं। पुलिस कर्मी जांच में दोषी पाए जाते हैं तो विभागीय कार्वाई हो सकती है।
* पुलिस ने पटवारी को क्यों रोका?
इस घटना को गंभीरता से स्टेप बाई स्टेप समझना होगा कि सीआई कलावती ने पटवारी को रोका या पकड़ा तब की मौके की स्थिति क्या थी? पटवारी देवीलाल अपनी पत्नी के साथ स्कुटी पर सवार था और स्कुटी चलाते हुए मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। उस समय पटवारी के सिर पर हेलमेट भी नहीं था। स्कुटी या दुपहिया को एकदम सही चलाने के लिए दो हैंडल और दोनों हाथ हैंडलों पर होते हैं। एक हाथ से मोबाइल पकड़ बात की जाए तो निश्चित है कि एक हाथ एक हैंडल से वाहन को सही नहीं चलाया जा सकता और कोई आपदा आए तो एकदम से नियंत्रण भी नहीं हो सकता। मतलब हर हालत में दुर्घटना का खतरा।
👌 सीआई कलावती ने यह गलत सीन देखा और रोक लिया तथा बहस होने पर ड्युटी अधिकारी को बुला लिया।
* अगर वह नहीं रोकती और पटवारी स्कुटी चलाते
मोबाइल पर बात करते चूक कर,हड़बड़ी में जल्दबाजी में अपनी स्कुटी किसी वाहन से टकरा देता तब क्या होता? यदि पटवारी अपनी स्कुटी किसी राहगीर से,किसी वृद्ध या बच्चे से टकरा देता और उस दुर्घटना में कोई व्यक्ति, बच्चा, महिला घायल हो जाते,पटवारी और उसकी पत्नी ही घायल हो जाते तब क्या होता?
👌 पटवारी से दुर्घटना हो जाती । कोई घायल हो जाता तब मौके की भीड़ ही पिटाई कर देती। वाहन को भी नुकसान पहुंचा देती।
ऐसा ही होता आया है। दुर्घटना करने वाले को भीड़ की पिटाई से पुलिस ही बचाती है। लेकिन पुलिस विभिन्न,आपराधिक धाराओं में मुकदमा भी बनाती है तथा वाहन भी जब्त कर लेती है। यहां पुलिस द्वारा रोके जाने पर कोई संभावित दुर्घटना नहीं हुई। जांच की मांग है जिसमें स्वयं देवीलाल द्वारा लिखित में मांग होनी चाहिए। देवीलाल स्वयं ही जांचें और बताएं कि स्कुटी चलाते हुए मोबाइल पर बात करना सही था या गलत था।
👍 लोग दोनों पक्षों की तरफ से सोशल मीडिया पर चर्चा को गर्म करने में लगे हैं।०0०
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026
नगरपालिका भवन ही साफ सुथरा नहीं. शहर कैसे होगा साफ? सूचना पट्ट पर अभी ओमप्रकाश कालवा अध्यक्ष.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 23 अक्टुबर 2026.
शहर में नाले नालियां कचरे की गंदगी सूरतगढ़ की आबोहवा दूषित कर रही है। अनेक बीमारियां फैल रही है। प्रभावशाली पैसे वाले भी क्रूर बीमारियों से संसार छोड़ रहे हैं। लेकिन नगरपालिका प्रशासन को परवाह नहीं। अभी सबसे अधिक शिकायतें गंदगी को साफ कराने की मिल रही है। शहर में नियमित रोजाना सफाई के लिए कौन कर्मचारी और जमादार कहां ड्युटी पर है का पार्षदों को मालुम नहीं और न अभी तक किसी ने यह जानने की ड्युटी चार्ट मांगने की कोशिश ही नहीं की। व्यवस्था तभी होगी जब ड्युटी का कर्मचारियों की संख्या का हाजिरी का मालुम हो। कर्मचारी वेतन उठा रहे हैं लेकिन उनकी ड्युटी इलाके में सफाई महीनों से नहीं हो रही।
नगरपालिका बोर्ड में हर पार्षद की नैतिक जिम्मेदारी है कि सफाई तो हर रोज हो। भाजपा का बोर्ड है तो उनकी जिम्मेदारी अधिक है लेकिन चेयरमैन कक्ष में हथाई करते तो मिलते हैं मगर उनको भी शहर की चिंता नहीं है। यह काम न चेयरमैन को,न ईओ को न पार्षदों को करना है, काम सफाई कर्मचारियों से करवाना है। इसमें नगरपालिका प्रशासन फेल है। भाजपा के पार्षदों को शहर की चिंता नहीं है तो कांग्रेसी पार्षद,निर्दलीय पार्षद बोलें लिखें,सफाई कर्मचारियों का ड्युटी चार्ट मांगे और मौके पर जांचें लेकिन उनमें भी सुस्ती और सोच है कि हम नगरपालिका प्रशासन की निगाहों में बुरे क्यों बनें।
👌 नगरपालिका बोर्ड और प्रशासन में सबसे बड़े अधिकारी ' अधिशासी अधिकारी ही बिना सफाई वाले गंदे कार्यालय में बैठें,अपने ही कार्यालय को साफ नहीं करवा सकें,ड्युटी कर्मचारियों, जमादार, सफाई निरीक्षक पर कार्वाई नहीं कर सकें तब शहर की गंदगी कचरे को साफ सुथरा कराने की उम्मीद करना ही बेकार है।
* नगरपालिका भवन का पोर्च शैड के पास ही विंडो शैड के ऊपर एक पीपल ऊगा है जो दीवार को क्षति पहुंचा रहा है। सबूत है कि सफाई व्यवस्था चौपट है। भवन के भीतर सीढियों की लोहे की लाल ब्राउन रंग की रैलिंग पर महीनों से धूल जमी है और उसका रंग मिट्टी का हो चुका है। कमरों के दरवाजों पर धूल जमी है।
उपर के कमरों का और पोर्च का छत पलस्तर गिर रहा है,सरीये दिखाई दे रहे हैं। कभी किसी के ऊपर पलस्तर गिरा तो नुकसान हो सकता है। नगरपालिका भवन में जहां कर्मचारियों के केबिन हैं वहां कबाड़ टूटे अनुपयोगी सामान पड़ा है। राजीवगांधी सभागार के गेट पर मैल,सीढियां टूटी हुई। जब नगरपालिका का बुरा हाल हो तो इस प्रशासन से सफाई की उम्मीद कैसे हो?
👍 अधिशासी अधिकारी के प्रशासन का निकम्मा पन लापरवाही तो यह है कि भवन के अंदर लगे सूचना पट्ट पर अभी भी अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा है। ओमप्रकाश कालवा का अध्यक्ष काल 25 नवंबर 2024 तक ही था। तेईस महीने बीत गये एक नया बोर्ड ईओ पूजा शर्मा से नहीं लगाया गया। ईओ पूजा शर्मा यहां से एपीओ हुई और अब अन्य स्थान पर है लेकिन उसका भी नाम है। कुछ और इंजीनियर व स्टाफ है जो अन्यत्र बदली हो गई, सेवा निवृत हो गये,कुछ नौकरी पर ही नहीं हैं, लेकिन उनके नाम हैं।
👌 अवैध निर्माण, अवैध होटल ,भवन निर्माण अवैध निर्माण तुड़वाने की,अवैध निर्माण रुकविने,सीज करने की कार्वाई नहीं हो रही। ऐसी शिकायतें दबाने में लगा है प्रशासन। अनेक वसूली के मामलों पर भी कार्वाई नहीं हो रही, जिनसे नगरपालिका को लाखों की आय होने वाली है।
👌 नगरपालिका बोर्ड को,नगरपालिका प्रशासन को शहर की सफाई और ड्युटी चार्ट का मौके पर निरीक्षण के लिए ,सफाई नहीं करने वाले कर्मचारियों पर एक्शन लेने लिवाने का होश आएगा?
०0०
गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
सूरतगढ़. सड़क अतिक्रमण हटाए.कुछ कायम क्यों रहे.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 22 अक्टुबर 2026.
राजस्थान सरकार के सेवा सेतु अभियान 7 अक्टुबर से 16 अक्टुबर तक नगरपालिका ने अनदेखी की जिसकी शिकायत हुई। लेकिन आज नगरपालिका प्रशासन और यातायात पुलिस ने कार्वाई की। रेलवे रोड सुभाष चौक से महाराणा प्रताप चौक,बीकानेर रोड से सब्जी फल व अन्य रेहडिय़ों को हटा दिया गया। लोगों को अच्छा लगा।
👍 लेकिन रेलवे मेन गेट पर भोजनालय वालों के आधी सड़क पर अतिक्रमण मेज कुर्सियां आदि कायम रहे। सुभाष चौक पर जूस वाले का अतिक्रमण भी कायम रहा।
रात को 8-10 बजे भोजनालय, जूस दुकान के अतिक्रमण फोटो में मौजूद आए.
👌 रेलवे रोड सब्जी की दुकानों का सामान भी दो तीन फुट तक सड़क पर रखने की छूट भी क्यों रही।
* यातायात पुलिस के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक श्री विरेंद्र सिंह बन्ना को कायम अतिक्रमण के बारे में बताया गया।
* कुछ कार वाले सड़कों पर कारें खड़ी कर चले गये. आगे के दिनों में चालान होना ही चाहिए।
👌 लोग खुश लगे लेकिन यह अभियान एक दिन नहीं स्थाई रहने की उम्मीद करते हैं। मामूली छूट से फिर हालात खराब होंगे। आजाद चौक सड़क अतिक्रमण और महाराणा प्रताप चौक से बीकानेर रोड के साईनबोर्ड व अतिक्रमण भी हटाने से सड़कें साफ होंगी।
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल ने पंचायत चुनावों में भाजपा को वोट देने की अपील की.
* करणी प्रेस इंडिया *
हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल का विडिओ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें विधायक पंचायत राज चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समितियों में भाजपा को वोट देने की अपील कर रहे हैं। बंसल कह रहे हैं कि 2023 विधानसभा चुनाव में निर्वाचित होने के बाद भाजपा सरकार का समर्थन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकास करने की मंशा जताई। नगरपरिषद में बोर्ड बनाया।
* गणेशराज बंसल एक पुराने मुकदमे में गिरफ्तार किए गए। उच्च न्यायालय में अपील के बाद जमानत पर छूटे। एक मुकदमा और हुआ है।
👌 अभी यह मालुम नहीं हुआ है कि खुद गणेशराज बंसल कहां हैं? उनका यह बयान किसी दबाव में आया है? क्या लोग इन परिस्थितियों में अपील पर वोट भाजपा को दे देंगे? हनुमानगढ़ में राजनीति इस विडिओ के बाद जबरदस्त गर्म हो गई है। क्या होगा? गणेशराज बंसल की पूर्व मंत्री डा.रामप्रताप से बिल्कुल ही नहीं बनती। भाजपा के प्रत्याशियों को इस अपील पर वोट मिल जाएंगे या कांग्रेस की तरफ बढ जाएंगे? आज अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता। गणेशराज को लोग आज का हीरो मानते हैं जिसने हनुमानगढ़ को विकास का नया रूप दिया। इसी कारण उनको नगरपरिषद अध्यक्ष से विधायक बना दिया। गणेशराज बंसल के विडिओ अपील को लोग मानेंगे पर अलग अलग राय है। लोग उफने हुए हैं। यदि नाराज हुए तो वोट भाजपा को मिलने में शंका रहेगी। ०0०
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026
डुंगरराम की कांग्रेस में टूटन:क्या होगा सूरतगढ़ राजियासर पंचायत समिति चुनावों में.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ 20 अक्टुबर 2026.विधायक डुंगरराम गेदर की कांग्रेस में शहर में शुरू हुई टूटन अब गांवों में शुरू होने और भीतरघात से सूरतगढ़ और राजियासर पंचायत समितियों में भी सफाया होने का खतरा रहेगा। सूरतगढ़ नगरपालिका गेदर के हाथ में आते आते टूटन और भीतरीघात से भाजपा के हाथ में चली गयी। एक वोट कांग्रेस का टूटने से भाजपा की अध्यक्ष बन गई। एक वोट कौन सा भाजपा में चले जाने का विलाप गेदर कर रहे थे और भाजपा पर तोड़ने का आरोप बयानों में लगा रहे थे किडुंगरराम से कांग्रेस की टिकट लेकर जीते 2 पार्षद भाजपा में जा मिले। डुंगरराम गेदर अपना घर ही नहीं संभाल सके। दो पार्षदों के भाजपा में जा मिलने के बाद यह चर्चा आम हुई और भाजपा सूत्रों ने कहा कि 3 पार्षद औरफिर 2 और पार्षद भी भाजपा में मिलेंगे। यह गेदर को चुनौती ही है जिसका कारण यह है कि गेदर की पकड़ कमजोर हो रही है।
* विजयदशमी की संध्या में एक पार्षद का चेहरा और नाम की भनक हुई है कि वह कभी भी भाजपा का दामन थाम लेगा। गेदर को कुछ भी मालुम नहीं हो रहा कि उसकी कांग्रेस में कमजोरी आ घुसी है और गेदर के पास कांग्रेस को मजबूत करने वाला कोई दवा इंजेक्शन नहीं है।
* डुंगरराम गेदर के कमजोर होने का एक पक्का सबूत बना है कि ग्रामीण क्षेत्र के कुछ कांग्रेस जन पंचायत राज चुनाव की तारीखें घोषित होने के बाद सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गाँव संगीता एवं लाडाना के कुछ लोगों ने अचानक कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में प्रवेश कर लिया। पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया के आवास पर गाँव संगीता से उपसरपंच अमरचंद नंदीवाल, रामचंद्र लिंबा, महेंद्र गेदर, सतपाल नंदीवाल वार्ड पंच एवं अनेक कार्यकर्ताओं ने अपनी टीम के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर संगठन के प्रति विश्वास व्यक्त किया। इस मौके पर वर्तमान मंडल अध्यक्ष गोपाल जी एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष कालूराम सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
* कांग्रेस में मील की तरह ताकत से घर संभालने वाला अब कोई नहीं है, जिसके कारण लगातार ऐसे समाचार मिलते रहेंगे।
* कांग्रेस को तोड़ने का तरीका भी भाजपा ने बदल लिया है। भाजपा बहुमत ले लेगी और बहुमत नहीं मिला तथा बराबर जैसी स्थिति रही तो भाजपा जीते हुए प्रतिनिधियों को तोड़ेगी ऐसी शंका है। नगरपालिका में एक पार्षद तोड़ा गया वैसे ही बराबर की स्थिति में भाजपा पंचायतों में कांग्रेस से डायरेक्टर पद जीते प्रतिनिधियों में से जरूरत जितने लोगों को तोड़कर अपने में मिला लेगी। डुंगरराम गेदर अनेक चुनाव लड़ने के अनुभव तो रखते हैं मगर उनके साथ रहने वाले भी भरोसेमंद नहीं हैं। कौन कौन भाजपा से मिला है और कब खेल कर दे का मालुम गेदर को पहले होना मुश्किल है और गेदर इसी कमजोरी का शिकार पंचायत राज चुनाव में होगा की संभावनाएं प्रबल है।
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
लोकतंत्र सेनानी वरिष्ठ पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत का उम्र में 82 वर्ष में और पत्रकारिता लेखन में 63 वें वर्ष में प्रवेश.
* विशेष लेख*
सूरतगढ़। लोकतंत्र सेनानी वरिष्ठ पत्रकार लेखक करणीदानसिंह राजपूत ने 19 अक्टुबर 2026 को 81 वर्ष पूर्ण कर उम्र के 82 वर्ष में और लेखन व पत्रकारिता के 63 वें वर्ष में प्रवेश किया। इनके राजनैतिक लेखन और समीक्षा पठन में लोगों की गहरी रुचि है।
पहला लेख 'जल - जीवन और स्वास्थ्य का दाता' साप्ताहिक ज्वाला जयपुर में 15 जुलाई 1965 को प्रकाशित हुआ। यह लेख जीवन विज्ञान पर था।
सन् 1965 में दैनिक वीर अर्जुन नई दिल्ली में खूब छपे और सरिता ग्रुप जो बड़ा ग्रुप आज भी है उसमें छपने के शुभारंभ का गौरव मिला। सरिता और भूभारती में खूब छपे
अखबारों में लिखते छपते हुए सन 1972 में राजस्थान पत्रिका से जुड़े और 15 मई 2009 तक के 37 साल तक पत्रिका से जुड़े रहे। पत्रिका में हजारों लेख होंगे।इतवारी पत्रिका में भी अनेक लेख रिपोर्ट छपी।
पंजाब के आतंकवाद पर टाइम्स ऑफ इंडिया बम्बई ने लिखने के लिए कहा तब कोई तैयार नहीं हुआ। तब राजपूत का लेख सन् 1984 में दो पृष्ठ में छपा। धर्मयुग में बाद में कई लेख प्रकाशित हुए। टाइम्स ऑफ इंडिया के दिनमान और विभिन्न हिंदी प्रकाशनों में रिपोर्ट छपी। नवभारत टाइम्स जयपुर में भी। हिन्दुस्तान टाइम्स के साप्ताहिक हिन्दुस्थान,इंडियन एक्सप्रेस के पाक्षिक हिंदी एक्सप्रेस, दैनिक जनसत्ता दिल्ली और चंडीगढ़, सन्मार्ग कोलकत्ता,पंजाब केसरी जलंधर, दैनिक ट्रिब्यून चंडीगढ़ में आनेक रिपोर्ट व लेख छपे।
आरएसएस के पांचजन्य,वामपंथी विचारधारा और जवाहर लाल नेहरू के मित्र आर.के.करंजिया के साप्ताहिक ब्लिट्ज बम्बई,कांग्रेसी टच के करंट बम्बई, और समाजवादी विचार धारा के जॉर्ज फरनान्डीज के 'प्रतिपक्ष' नई दिल्लीमें खूब छपे। राजस्थानी मासिक माणक,राजस्थानी भाषा साहित्य अकादमी की जागती जोत,राजस्थान हिंदी अकादमी की मधुमति में लेख व कहानियां बहुत छपे।
आकाशवाणी सूरतगढ़ से वार्ताएं कहानियां कविताएं रूपक आदि बहुत प्रसारित हुई हैं।
* राजपूत पर पत्रकारिता के कारण ही मार्च सन् 1974 में प्राणघातक हमला हुआ। इस पर राजस्थान की विधानसभा में काम रोको प्रस्ताव ( कट मोशन) 20 विधायकों के हस्ताक्षरों से पेश हुआ। काम रोको प्रस्ताव पर 48 विधायक बोले और फिर संपूर्ण सदन ही खड़ा हो गया था। मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी को खड़े होकर सदन को शांत करना पड़ा था। सात दिनों तक यह हंगामा किसी न किसी रूप में होता रहा था। बीबीसी,रेडियो मास्को, वायस ऑफ अमेरिका सहित अनेक रेडियो ने दुनिया भर में वह घटना प्रसारित की।देश के करीब करीब हर हिन्दी अग्रेजी अखबार में समाचार और संपादकीय छपे।
प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा की जो 21 मार्च 1977 तक चला।आपातकाल अत्याचार का काल था जिसमें राजपूत का साप्ताहिक " भारत जन "भी सरकारी कोप का शिकार बना।
भारतजन पर पहले सेंसर लगाया गया। सरकार की अनुमति के बिना कोई न्यूज छप नहीं सकती थी। विज्ञापन रोक दिए गए। अखबार की फाइल पेश करने के लिए उनको श्रीगंगानगर बुलाया गया और 30 जुलाई 1975 को वहां गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप लगाया गया कि पब्लिक पार्क में प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के विरूद्ध लोगों को भड़का रहा थे। एक वर्ष की सजा भी सुनाई गई। सवा चार माह तक जेल मे बिताए और उसके बाद एक संदेश बाहर कार्य करने का मिलने पर 3 दिसम्बर 1975 को बाहर आये।
राजस्थान सरकार ने संविधान की रक्षा करने व लोकतंत्र को बहाल कराने के लिए राजपूत को * लोकतंत्र सेनानी* सम्मान प्रदान किया है। यह बड़ा सम्मान है। इसमें प्रतिमाह सम्मान राशि व सुविधाएं मिल रही है।
👌 राजपूत को जनवरी 2025 से राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवालय से अधिस्वीकृति (मान्यता) लाईफटाईम मान्यता मिली।
* पुरस्कार - अलंकरण *
* घग्घर झीलों के रिसाव पर सन् 1990 में लेखन पर सन् 1991 में राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार मिला। (राजस्थान पत्रिका)
* इंदिरागांधी नहर पर 12 श्रंखलाएं लिखी जो सन् 1991 में छपी तथा दूसरी बार 1992 में पुन: राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।( राजस्थान पत्रिका)
* राजस्थान की शिक्षा प्रणाली पर व्यापक अध्ययन कर दो श्रंखलाओं में सन् 1993 में प्रकाशित लेख पर तीसरी बार राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार 1994 में प्राप्त हुआ। (राजस्थान पत्रिका)
* इसके बाद सन 1996 में राजस्थान की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पद्धति पर व्यापक अध्ययन कर 4 श्रंखलाएं लिखी। इस पर सन् 1997 में राज्य स्तरीय दूसरा पुरस्कार मिला। (राजस्थान) पत्रिका
* सन् 2002 में तीर निशाने पर स्तंभ में लेख. सोनिया गांधी सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन पर पहली इकाई के लोकार्पण और दूसरी इकाई के शिलान्यास पर आई तब लाखों रूपये खर्च हुए। सुरक्षा व्यवस्था पर भी। राजस्थान में लगातार 6-7 साल से अकाल पड़ रहा था। यह स्टोरी राज्यस्तर पर पुरस्कृत हुई। 3 जनवरी 2003 को समारोह में यह पुरस्कार भारत के श्रम मंत्री साहिब सिंह वर्मा के हाथों से मिला। (राजस्थान पत्रिका.)
* वर्ष 1997 में विश्व प्रसिद्ध शिक्षा संस्थान ग्रामोत्थान विद्यापीठ संगरिया में आयोजित समारोह में विद्यापीठ के बहादुरसिंह ट्रस्ट की ओर से पत्रकारिता में सम्मान व पुरस्कार प्रदान किया गया। अजमेर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर के हाथों यह पुरस्कार मिला।
* बीकानेर संभाग का "राजस्थान गौरव पत्रकारिता सम्मान 2019" बीकानेर के रवीन्द्र मंच पर 4 अगस्त 2019 को प्रो.ललित किशोर चतुर्वेदी स्मृति संस्थान जयपुर की ओर से प्रदान किया गया। गुलाब चंद कटारिया के हाथों से मिला। अभी गुलाब चंद कटारिया पंजाब के राज्यपाल हैं।
अभी लेखन और पत्रकारिता निरंतर चल रहे हैं।
०0०
रविवार, 18 अक्टूबर 2026
पंचायत चुनावों में विधायक डुंगरराम गेदर की मुश्किलें.अपनों से ही भीतरी खतरों का संकट.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 18 अक्टुबर 2026.
कांग्रेस के किस बडगर ने एक वोट भाजपा को दिलवाकर नगरपालिका सूरतगढ़ के अध्यक्षीय चुनाव में विधायक डुंगरराम गेदर की पक्की जीत को हार में बदल डाला। उसका राज शायद कभी नहीं खुले क्योंकि इस खेल में सभी भाजपा को वोट देने वाले पार्षद का मालुम करने में लगे हैं लेकिन बडगर की कोई खोज खबर नहीं हो रही। भाजपा पर आरोप है कि उसने प्रशासन व पुलिस की सहायता से सत्ता हथियाई। कांग्रेस का कोई पार्षद बिका नहीं न किसी के बिकने की चर्चा है लेकिन एक वोट भाजपा में चला गया। वोट बिका नहीं तो कांग्रेस से भाजपा में किसके इशारे पर चला गया।
इस एक वोट के भाजपा में चले जाने से कांग्रेस को कम और विधायक डुंगरराम गेदर की ताकत को बड़ी चोट पहुंचाई है।
कांग्रेस के भीतर डुंगरराम गेदर को विधायक देख कर कुछ नेता खुश नहीं है। आगामी विधानसभा चुनाव सन् 2028 से पहले डुंगरराम गेदर की ताकत को मटियामेट करने के मौकों में चुनावों से बड़ा मौका और कोई हो नहीं सकता था। नगरपालिका चुनाव में डुंगरराम गेदर ने अपनी पूरी ताकत और सूझबूझ से चुनाव लड़ाया। कांग्रेस 16 तो भाजपा भी 16 वार्डों में जीती। निर्दलीय 12 जीते भाजपा में 6 गये तो 6 को कांग्रेस ने अपने खेमे मे कर लिया। माकपा का एक वोट कांग्रेस के साथ मिल जाने पर कांग्रेस की एक वोट से ताकत बढ गई। अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की जीत पक्की हो गयी थी। यह जीत डुंगरराम गेदर की मानी जाती और गेदर मजबूत भी होते। यहां पर ऐन मौके पर चोट मारी गई जिससे परिणाम एकदम उलटा दिया गया।
नगरपालिका बोर्ड के अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस खेमे के 23 वोटों में से एक वोट भाजपा को डलवा दिए जाने से भाजपा की जीत हो गई। भाजपा के खेमे में 22 वोट थे तथा कांग्रेस खेमे का एक वोट मिल जाने से भाजपा में 23 हो गये। डुंगरराम गेदर को बड़ी और पक्की चोट से घायल करने वाला छुपा रुस्तम कौन था का मालुम नहीं हो सका।
दोनों पंचायत समितियों में कांग्रेस और भाजपा का कड़ा मुकाबला है और इन दोनों में भाजपा की जीत करवादी जाती है तो कांग्रेस की यह हार विधायक डुंगरराम गेदर की ताकत को शून्य जैसी कर डालेगी। डुंगरराम गेदर को नापसंद करने वालों की बड़ी जीत होगी। डुंगरराम गेदर दोनों पंचायत समितियों में कोई भी रणनीति अपनाएं लेकिन चुनाव के बीच में कुछ भी कर भी नहीं सकते। शक करने से भी खतरा है। एक तरफ कुंआ दूसरी तरफ खाई।
👌 विधानसभा चुनाव सन् 2023 में रामप्रताप कासनिया को किसने हराया था? कांग्रेस ने और डुंगरराम गेदर ने नहीं हराया था। रामप्रताप कासनिया को अपनों ने ही हराया था। अब डुंगरराम गेदर भी अपनों के ही खतरों में घिरे हैं।
शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
वाशिंग लाईन और वंदेभारत कोच मेंटेनेंस. कार्य प्रगति पर.सूरतगढ़ व क्षेत्र का इतिहास बदल जाएगा.
* विशेष: करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 17 अक्टुबर 2026.
रेलवे यार्ड में आधुनिक वाशिंग लाइन और वंदेभारत कोच मेंटेनेंस का निर्माण कार्य तेज गति पर चल रहा है। रेल की गति शक्ति शाखा ने नींव रखी जाने के बाद सबसे पहले वाशिंग लाइन के ओफिसियल बिल्डिंग निर्माण का कार्य शुरू किया है। इसके बाद दो वाशिंग लाइन और दो पिट लाइनों का निर्माण होगा। यहां वंदेभारत के कोच मेंटेनेंस का कार्य भी होगा।
रेल विकास एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष ललित कुमार शर्मा की टीम प्रयासों से रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से अनेक बार मिलने रेलवे को बड़ा यात्री लाभ मिलने की तथ्यात्मक स्थिति सामने रखने पर सूरतगढ़ में निर्माण का निर्णय हुआ था।
* अध्यक्ष ललित शर्मा ने बताया कि संपूर्ण कार्य 75 करोड़ रूपये के हैं। उन्होंने बताया कि द्रुत गति से चल रहे सभी निर्माण आगामी डेढ वर्ष तक पूर्ण होंगे। शर्मा ने बातचीत में कहा कि सूरतगढ़ के रेल इतिहास में इस निर्माण के बाद दूरी की रेलें मिलेंगी तथा सीमा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
(स्वतंत्र पत्रकार, राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवालय से अधिस्वीकृत लाईफटाईम)
सदस्यता लें
संदेश (Atom)


















































