करणी प्रेस इंडिया
बुधवार, 9 सितंबर 2026
सूरतगढ़.शांतिपूर्ण मतदान.निर्वाचन अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा से वार्ता.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 9 सितंबर 2026.
नगरपालिका के अनेक वार्डों में सूर्योदय नगरी व शहर के मतदान केंद्रों पर भ्रमण करते हुए हमारी प्रेस टीम भग्गु वाला कुआ के पास वार्ड नं 43 के मतदान केन्द्र पर पहुंची। निर्वाचन अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा वहां उपस्थित मिले। निर्वाचन अधिकारी से वरिष्ठ पत्रकार करणीदानसिंह राजपूत की चुनाव और मतदान पर बातचीत हुई। नगर के समस्त पैंतालिस वार्डों में सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ।
श्री मीणा ने कहा कि निर्वाचन स्टाफ व पुलिस की उचित व्यवस्था सभी मतदान केन्द्रों पर है।
👌 श्री मीणा का सर्विस के बाद यह पहला निर्वाचन उनके निर्देशन में हो रहा है। यह भी बड़ा अनुभव रहेगा।
* विभिन्न वार्डों के कुछ फोटो यहां प्रदर्शित किए गये हैं।
वार्ड नं 43 के मतदान केंद्र पर मामूली विवाद में एक प्रत्याशी कृष्ण बेनीवाल का कहना था कि उसे मतदान केंद्र में जाने नहीं दिया जा रहा और दूसरे बार बार जा रहे हैं। यह मामूली मामला समझाईस से शांत कराया गया। मौके पर विधायक डुंगरराम गेदर,सुखवंत चावला, भाजपा नेता संदीप कासनिया पहुंचे थे।( मतदान केंद्र के भीतर जाने के लिए प्रवेश पत्र फोटो लगा हर समय सीने पर प्रदर्शित होना चाहिए। प्रत्याशियों एजे़ंटों सभी के पास हर समय होना चाहिए। ०0०
मंगलवार, 8 सितंबर 2026
चन्नी की वाईफ की जीत पक्की नहीं.विजय गोयल की वाईफ से टक्कर.वार्ड 27.लेटेस्ट.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 8 सितंबर 2026. आवासन मंडल पुरानी कालोनी क्षेत्र के वार्ड नं 27 में चरणजीत सिंह चन्नी की धर्मपत्नी की पक्की जीत की चलाई हवा थम गई और अब कहा जाने कि विजय गोयल की वाईफ से कड़ी टक्कर है।
* पहले धूम मची थी कि चन्नी की वाईफ का तो कोई मुकाबला ही नहीं है। चरणजीत सिंह चन्नी की पानी बिजली की आने जाने की पल पल की सूचना और सफाई व्यवस्था पर चल रही सेवा सेअधिकांश वार्ड वासी खुश थे और उसी भावना से कहा जा रहा था कि चन्नी की वाईफ की जीत पक्की।
* भाजपा के विजय गोयल वर्तमान में व्यापार मंडल के अध्यक्ष, भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष भी रह चुके हैं के मैदान में ताल ठोकने से हालात अकेले चन्नी के पक्ष में नहीं रहे। चुनाव तो चुनाव ही होते हैं। चन्नी के भी समझ में आ गया कि माहौल एकतरफा उसके पक्ष में नहीं है। विजय गोयल की वाईफ है और कांग्रेस भी है। चन्नी के बनाए ग्रुप में सभी के प्रचार छपने लगे तो चन्नी ने सभी के लिए ग्रुप बंद कर दिया। एडमिन ही समाचार मैसेज डाल सकता है। इस रोक से साबित हो रहा है कि वार्ड नं 27 में तिकोनी टक्कर है और उसमें किसी की भी जीत हो सकती है। चन्नी एकबार फिर नगरपालिका से बाहर एक दर्शक हो सकता है। समाजसेवा और राजनीति में बड़ा अंतर है। राजनीति में समाजसेवा का कोई महत्व नहीं होता।०0०
वार्ड 31 में भाजपा की वोटर पर्ची का इंतजार. कांग्रेस की वोटरपर्ची घरों में पहुंची.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 8 सितंबर 2026.
नगरपालिका चुनाव में मतदान के पहले दिन तक वोटर पर्ची घर घर पहुंचाने में कांग्रेस की पर्ची वार्ड नं 31 में पहुंची। वोटर इसका उपयोग करेंगे। हरेक प्रत्याशी मतदाता को आखिरी संपर्क में वोटरपर्ची देता है और वोट देने की अपील करता है।
भाजपा की तरफ से वार्ड नं 31 में वोटरपर्ची का वितरण नहीं किया गया। वार्ड कमेटी, वार्ड कमेटी अध्यक्ष, वोटरलीस्ट का पाना प्रमुख आदि कोई भी अंतिम संपर्क को रात तक नहीं पहुंचा।
* रात को कांग्रेसी एक बार फिर संपर्क कर गये, मगर भाजपा की वोटरपर्ची का इंतजार होता रहा।०0०
सूरतगढ़. भाजपा ने 25 वार्ड कवर किए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 8 सितंबर 2026.
नगरपालिका चुनाव में आज आठ सितंबर को लाउडस्पीकर का शोर नहीं हर ओर शांति है। इसी शांति में जनसंपर्क के अंतिम समय तक भाजपा ने पूरी शक्ति लगाते हुए कुल 45 वार्डों में से 25 को कवर कर लिया। भाजपा ने इस बार वोटरों से संपर्क के अनेक तरीके अपनाए हैं। वोटरों के परिवारों कुटुम्बों के प्रमुखों से प्रत्याशी या खास खास चुने व्यक्ति ही मिले और प्रभावित किया।
सूत्र के अनुसार भाजपा का वार्डों को कवर करने का संपर्क अभियान जारी है। वार्ड कवर करना और आगे बढ रहा है। निर्दलियों के सहयोग के बिना सब कुछ हो जाएगा। आम तौर पर पहले माना जा रहा था कि भाजपा व कांग्रेस जो भी पार्टी बोर्ड बनाएगी उसमें निर्दलियों का सहयोग लेना ही होगा। पिछले चुनाव में 9 निर्दलीय जीते थे। इसबार भी लगभग ऐसी ही उम्मीद है। ०0०
पर्युषण महापर्व के प्रथम दिन खाद्य संयम दिवस पर संयमपूर्ण आहार का संदेश
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़, 8 सितम्बर 2026.
पर्युषण महापर्व के अंतर्गत आज श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा भवन, सूरतगढ़ में खाद्य संयम दिवस का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बालोतरा से पधारी उपासिका बहनों श्रीमती विमला जी संकलेचा एवं श्रीमती सुमन जी कुहाड़ ने उपस्थित श्रावक श्राविकाओं को खाद्य संयम दिवस के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि पर्युषण महापर्व आत्मशुद्धि, तप, त्याग एवं संयम का पर्व है और खाद्य संयम के माध्यम से व्यक्ति अपनी इच्छाओं एवं स्वाद की आसक्ति पर नियंत्रण करना सीखता है।
उपासिका बहनों ने सभी को आवश्यकता के अनुरूप एवं विवेकपूर्ण आहार ग्रहण करने तथा अन्न के प्रति संयम और कृतज्ञता का भाव रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि संयम केवल भोजन का त्याग नहीं, बल्कि अपनी इंद्रियों और इच्छाओं पर नियंत्रण का अभ्यास है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने खाद्य संयम के संदेश को आत्मसात करते हुए पर्युषण महापर्व की आराधना को अधिक सार्थक बनाने का संकल्प लिया। कल पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन स्वाध्याय दिवस के रूप में मनाया जायेगा। प्रति दिन प्रवचन सुबह 9 बजे से 10 बजे तक तेरापंथ भवन में रहेगा।०0०
सोमवार, 7 सितंबर 2026
बैक फुट पर कांग्रेसी प्रत्याशी कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया.पट्टा कांड उजागर होने का असर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 सितंबर 2026.पिछले नगरपालिका बोर्ड में पार्षद होते हुए कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया ने सरकार के नियम विरुद्ध मां कमलादेवी के नाम से पट्टा लेने का समाचार ऐन चुनाव बीच आने के बाद हालात बदले हैं और कृष्ण बेनीवाल एकदम से बैकफुट पर हैं।
* समाचार के बाद वार्ड 43 से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रहे कृष्ण बेनीवाल का एक प्रदर्शन करते भाषण विडिओ वायरल हुआ है। जिसमें चुनावी जोश में बेनीवाल स्वीकार करते हैं कि पट्टा लिया। जोश में कहते हैं मैंने भूखंड खरीदा,उसका पट्टा लिया और बेच दिया। कोई गलत नहीं किया। यह समाचार से विचलित होकर जोश में होश नहीं रखते हुए दिया गया भाषण था। प्रदर्शन में शामिल लोग कुछ मिनट तो खुश होते हैं मगर गलत त़ गलत ही होता है। वार्ड में समझदार वोटर भी हैं जिन्होंने इसे गलत ही माना। ब्लास्ट की आवाज अखबार में पार्षद होते हुए नियम विरूद्ध मां के नाम से पट्टा लिए जाने का और रद्द किए जाने की कार्वाई शुरू की फोटो प्रकाशित की है। पट्टा सही लिया तो उसके रद्द किए जाने की कार्वाई शुरू क्यों हुई। पहले सरकार को धोखे में रख कर पट्टा लिया गया। जब मालुम हुआ कि रद्द होगा तब आगे किसी को बेच दिया है तो यह खरीदने वाले के साथ धोखा होगा अगर यह भूखंड बेच दिया हो।
* यदि भूखंड बेच दिया गया हो तब रद्द होने की कार्वाई का मालुम होते ही खरीदार अपनी रकम तुरंत ही वापस मांगेगा। रकम तुरंत नहीं लौटाई गई तो फिर विवाद होगा।
👌 यह निश्चित है शतप्रतिशत कि गलत लिया गया पट्टा निरस्त होगा।
* गलत काम करना और स्वीकार करना। ऐसे गलत काम करने के बाद फिर पार्षद बनने के लिए चुनाव लड़ना कौनसी जन सेवा है।
👌 पट्टा कांड उजागर तो पहले हो चुका था लेकिन चुनाव में इस समाचार ने कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया को बैकफुट पर ला दिया है जिसका बुरा असर कीनिया के वोटों को कम करने वाला होगा। लोग कहते नहीं मगर चुपचाप वोट नहीं देने का निर्णय लेते हैं।फ्रॉड करना और फिर चुनाव में शान बघारते स्वीकार करना कि मैंने किया है। यह शान बघारना बहुत बड़ी गलती है जो कृष्ण बेनीवाल ने कर डाली। जबरदस्त टक्कर वाली सीट पर शान बघारने वाले भाषण से गुपचुप तीस चालीस वोट इधर से उधर होकर भाजपा में चले गये तो कीनिया ने अपना बड़ा नुकसान कर लिया है।०0०
०0०
बलराम वर्मा की लीडरशिप. पत्नी विमला वर्मा कांग्रेस की टिकट पर चुनाव मैदान में.परिवार का शानदार राजनैतिक इतिहास.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 सितंबर 2026.
नगरपालिका सूरतगढ़ के चुनाव और वार्ड नं 16 से कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ रही विमला वर्मा पत्नी बलराम वर्मा कांग्रेस के वरिष्ठतम नेता पर
चर्चा करने से पहले इस परिवार की स्थिति पर चर्चा करें की लीडरशिप में क्या स्थिति है।
👌 सूरतगढ़ में राजनैतिक पार्टियों के नेता नेतियां राज्य मंत्री, विधायक,सांसद,पंचायत समिति प्रधान नगरपालिका अध्यक्ष आदि बने,चुनाव लड़े,जीते हारे लेकिन उनमें लीडरशिप नहीं थी।
👌भादू बंधुओं मनफूलसिंह भादू राजस्थान में उपमंत्री बने,अनेक बार सांसद बने और
बीरबल भादू 30-40 साल तक पंचायत समिति सूरतगढ़ के प्रधान रहे लेकिन लोग मानते हैं कि राजनैतिक लीडरशिप उनमे नहीं थी।
* लीडरशिप एक गुण होता है जो इनमें नहीं था। अच्छे और बुरे में जो कुछ करे वह लीडरशिप गुण वाला। अच्छे बुरे में जो अपना नहीं सोचे,घाटे नफे यानि लाभ हानि का नहीं सोचे और घर से निकल कर लोगों के बीच में खड़ा हो जाए। जनता की परेशानियों में साथी बने। ये गुण लीडरशिप में माने जाते हैं। केवल नारे लगाने भाषण देने आदि में आगे रहने वाले को भी लीडरशिप वाली मान्यता नहीं दी जा सकती।
* राजनैतिक वरिष्ठ सोच समझ रखने वाले जो अपनी बातचीत प्रभावी ढंग से कहते हैं वे लीडरशिप के गुण वाले नाम भी लेते हैं। सूरतगढ़ क्षेत्र में लीडरशिप गुणों वाले तीन नाम सामने आते हैं जिन्होंने जनता की पीड़ाओं में दिन रात को कभी अपना नहीं समझा और वे जनता के दुखदर्द परेशानियों में शामिल रहे। ये नाम हैं गुरूशरण छाबड़ा, सरदार हरचंद सिंह सिद्धु और बलराम वर्मा।
* गुरूशरण छाबड़ा अब संसार में नहीं है। हमेशा पीड़ित के साथ रहे। सन् 1977 में सूरतगढ़ से विधायक चुने गये थे। ईमानदारी में कोई मिसाल नहीं। सख्ती में कोई मिसाल नहीं। आज हर ओर उनका उदाहरण दिया जाता है।
* सरदार हरचंद सिंह सिद्धु वरिष्ठ वकील हैं। अनुमान कि सिद्धु ने सन् 1958 के लगभग सूरतगढ़ में वकालत शुरू की और यहां के निवासी बने।पीलीबंगा से 2 बार विधायक चुने गये। पहली बार लोकदल से जनता पार्टी के टिकट पर सन् 1977 में विधायक चुने गये जब गुरूशरण छाबड़ा सूरतगढ़ से चुने गये थे। पीलीबंगा से दूसरी बार कांग्रेस टिकट पर सन् 1998 में विधायक चुने गये। पीलीबंगा से दो बार विधानसभा चुनाव हारने वाले भी रहे। इनमें लीडरशिप के गुण रहे और कभी अपने नुकसान की नहीं सोची और जन संघर्ष में अनेक मुकदमें भी झेले। अब करीब 88 वर्ष की उम्र में हैं और सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन सलाह देने में आज भी सक्रिय हैं।
*** लीडरशिप के भरपूर गुणों वाला एक प्रसिद्ध नाम है बलराम वर्मा जो अभी भी हर संघर्ष परेशानियों में पीड़ित लोगों के साथ खड़े होते हैं। आश्चर्य जनक यह है कि लोग झगड़ों विवादों में इनसे पंचायती कराते हैं। इनके घर आंगन में पंचायती कराने वाले सुबह आने शुरू हो जाते हैं। हर महीने पांच सात पंचायती तो जरूर हो जाती है। बलराम वर्मा के साथ करीब 45 वर्षों का राजनैतिक इतिहास है।
वर्मा छात्र दिनों से ही संघर्षों में जूझने लगे और अभी भी जनता के मजदूर किसान व्यापारी,नौजवानों के साथ खड़े हैं। कालेज आंदोलन, थर्मल,सिंचाई पानी,सूरतगढ़ फार्म,जिला बनाओ आदि अनेक आंदोलनों का इतिहास रहा है। अनेक चुनावों का अनुभव है। सूरतगढ़ नगरपालिका पार्षद रह चुके हैं।
(बलराम वर्मा के पुत्र वेद वर्मा 2009-14 में पार्षद रहे और पुत्र वधु अलका वर्मा भी 2014-19 में पार्षद रह चुके हैं।)
बलराम वर्मा रामपुरा पंचायत से सरपंच रह चुके हैं। सन 2003 में विधानसभा चुनाव पीलीबंगा सीट पर 18 हजार वोट और सूरतगढ़ सीट पर 40 हजार वोट मिलने का रिकॉर्ड रहा है।
अशोक गहलोत सन 2004 के लोकसभा चुनाव में बलराम वर्मा के घर आए और आग्रह करके कांग्रेस में शामिल किया। आज भी सूरतगढ़ से जिला और प्रदेश राजधानी जयपुर तक संपर्क हैं जिनका लाभ पीड़ित लोगों की समस्याओं को समाधान कराने में इस्तेमाल करते हैं। विभिन्न राजनैतिक विचारधारा वाले सूरतगढ़ में वर्तमान समय में सक्रिय लीडरशिप में बलराम वर्मा का नाम है। सूरतगढ़ शहर और सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चहुंमुखी विकास में बलराम वर्मा की लीडरशिप का लाभ उठाया जा सकता है।
👌 इसके लिए कांग्रेस और जनता के लिए एक अच्छा मौका है कि वे विमला वर्मा को अच्छे वोटों से पार्षद चुन सकते हैं।०0०
वार्ड 45.भाजपा से पार्षदगी जाएगी या बचेगी.भाजपा कांग्रेस माकपा में तिकोनी टक्कर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 सितंबर 2026.
भाजपा सोच बाहुल्य वार्ड नं 45 सामान्य में भाजपा ने ओबीसी वर्ग की पूर्व पार्षद श्रीमती संतोष गिरी को इस बार टिकट देकर सामान्य वर्ग से जानबूझकर युद्ध छेड़ लिया है। सामान्य वर्ग के लिए फिर बाद में कब नं आएगा और सामान्य वर्ग के बाद में कब चुनाव लड़ेंगे और नगरपालिका बोर्ड में अपना प्रतिनिधि पार्षद भेजेंगे।
* यहां श्रीमती संतोष गिरी से पार्षदगी छीन लेने के लिए माकपा के मदन ओझा पूर्व पार्षद कई दिनों से जूझ रहे हैं। मदन ओझा का वार्ड आरक्षित हो गया तब उन्होंने वार्ड नं 45 को अपनी जीत हो सकने की उम्मीद में चुनाव लड़ने को चुना। यहां मदन ओझा सामान्य वर्ग के होते हुए भी बाहर के वार्ड वासी भी माने जा रहे हैं। पहले तो भाजपा के सामने अकेले कामरेड मदन ओझा का ही हल्ला था लेकिन अब वार्ड में कांग्रेस का हल्ला विधायक डुंगरराम गेदर,पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु की टीम के साथ मचा है। इसी वार्ड के निवासी राधेश्याम उपाध्याय ने कांग्रेस की टिकट लेकर भाजपा की संतोष गिरी को पार्षदगी छीन लेने की चुनौती दी है। यह चुनौती माकपा के मदन ओझा को भी है। यदि राधेश्याम उपाध्याय की जीत होती है तो भाजपा तो नगरपालिका में नहीं जा पाएगी। लेकिन कामरेड मदन ओझा भी नगरपालिका भवन का बोर्ड बाहर से ही पढेंगे। कामरेड मदन ने पार्षद होते हुए भी नगरपालिका में भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुंह नहीं खोला। एक भी भ्रष्टाचार पर न मुंह खोला न शिकायत की। आखिर अब फिर से पार्षद क्यों बनना चाहते हैं जब सब प्रकार के भ्रष्टाचार आंखों के सामने होते रहे? ईओ पूजा शर्मा ने अनेक अनियमितताएं की नगर को गंदगी में धकेले रखा और कामरेड चुप रहे। सारी पार्टी चुप रही और यह खेल जनता देख रही थी। इस वार्ड नं 45 की जनता भी देख रही थी। यहां कामरेड येनकेन प्रकरेण कुछ लोगों को तो प्रभावित करने में सफल हो सकेंगे लेकिन मतदाता पार्षद नहीं बनाएंगे।
* पहले अकेले कामरेड सामने था और अब राधेश्याम उपाध्याय भी है जो इसी वार्ड का है। अपने वाकपटुता यानि भाषण से तो सबसे आगे है। उपाध्याय कुटुंब राजनीति में कहीं न कहीं 40-45 सालों से सक्रिय दिखाई देता है। वार्ड वासियों का झुकाव राधेश्याम उपाध्याय की ओर बाहर ओर भीतर से होने की जानकारी मिल रही है।
यहां भाजपा माकपा और कांग्रेस में ही तिकोनी टक्कर है जिसमें राधेश्याम उपाध्याय की स्थिति मजबूत लग रही है। भाजपा के नेता सत्ताधारी दल के नेता देखते हैं कि श्रीमती संतोष गिरी की पार्षदगी बचाने को क्या कुछ कर पाते हैं?
०0०
सूरतगढ़:जोधपुर डिस्कॉम का सीसी बाबू 10 हजार रु. रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़/जयपुर, दिनांक 7 सितम्बर 2026.
ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. चौकी श्रीगंगानगर इकाई द्वारा आज कार्रवाई करते हुए श्री सुधीर, सीसी बाबू, कार्यालय सहायक अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम, सूरतगढ़, जिला श्रीगंगानगर को परिवादी की फर्म द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत दो पत्रावलियों में सोलर का एस.सी.ओ. (सर्विस कनेक्शन ऑर्डर) जारी करवाने की एवज में 10,000 रुपये बतौर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस श्री गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ए.सी.बी. चौकी श्रीगंगानगर को परिवादी द्वारा एक शिकायत इस आशय की मिली कि उसकी फर्म द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत उपभोक्ताओं के सोलर सिस्टम लगवाये जाते हैं। उसकी फर्म द्वारा उक्त योजना के तहत तीन उपभोक्ताओं के सोलर लगाने की स्वीकृति हेतु आवेदित पत्रावलियों में एस.सी.ओ. (सर्विस कनेक्शन ऑर्डर) जारी करवाने की एवज में सुधीर, सीसी बाबू, कार्यालय सहायक अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम, सूरतगढ़, जिला श्रीगंगानगर द्वारा खर्चे-पाणी/रिश्वत की मांग की जा रही है। रिश्वत राशि नहीं देने पर स्वीकृति जारी नहीं करने की धमकी दी जा रही है।
जिस पर श्री नारायण टोगस, उप महानिरीक्षक पुलिस, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रेंज बीकानेर के सुपरवीजन में ए.सी.बी. श्रीगंगानगर के श्री पवन कुमार मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, श्रीगंगानगर एवं ब्यूरो स्टाफ द्वारा ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी सुधीर, सीसी बाबू, कार्यालय सहायक अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम, सूरतगढ़, जिला श्रीगंगानगर को परिवादी से 10,000 रुपये बतौर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव तथा महानिरीक्षक पुलिस श्रीमती एस. परिमला के सुपरवीजन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।
*****
-किसी व्यक्ति के विरुद्ध एसीबी में प्रकरण ( अभियोग, प्राथमिक जांच, आदि) दर्ज होने पर , ACB से सीधे संपर्क कर अपना पक्ष/स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रस्तुत स्पष्टीकरण के ACB द्वारा विस्तृत विश्लेषण के उपरांत ही अनुसंधान में निर्णय लिया जाना ACB की कार्य प्रणाली का हिस्सा है
यह जानकारी एसीबी के डर से धोखाधड़ी आदि के शिकार होने की संभावना के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल फ्री नम्बर 1064 एवं व्हाट्सएप हेल्पलाईन नम्बर 94135-02834 पर 24X7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। एसीबी आपके वैध कार्य को करवाने में पूरी सहायता करेगी।०0०
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