सोमवार, 22 जुलाई 2019

सूरतगढ़ में ट्रेन का शिकार-कौन है के.के.एस.



*सूरतगढ़ 22-7-2019.

अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की है चपेट में आया है।

घग्घर रेल वे पुल के पास सोमवार सुबह की घटना। 

मृतक के एक हाथ पर अंग्रेजी में  *के के एस* गुदा हुआ है। सिटी पुलिस ने शव को शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखवाया है और  फोटो सोशल मीडिया पर जारी किए हैं। पहचानते हैं तो पुलिस को सूचना दें।

रविवार, 21 जुलाई 2019

सूरतगढ़:तेरापंथ में मंत्र दीक्षा कार्यक्रम:मंत्र में शक्ति और संस्कार


अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में मंत्र दीक्षा का कार्यक्रम देशभर में रखा गया है। इसी के अंतर्गत मंत्र दीक्षा का कार्यक्रम तेरापंथ युवक परिषद सूरतगढ़ द्वारा शासन श्री मुनि विमल कुमार जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन में रखा गया। जिसमें 25 बच्चों की उपस्थिति रही।

नवकार मंत्र के मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत मुनिश्री द्वारा हुई। तत्पश्चात ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओ द्वारा गीतिका प्रस्तुत की गई।  बच्चों द्वारा त्रिपदी वंदना की गई। सभी का स्वागत तेयुप अध्यक्ष दीपक बोथरा द्वारा किया गया। मुनिश्री द्वारा मंत्र दीक्षा का महत्व समझाया गया व महामंत्र की उपयोगिता समझाई गई। कार्यक्रम में पीलीबंगा से महिला मंडल की बहनें अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्या श्रीमती पुष्पा नाहटा के नेतृत्व में मुनिश्री के दर्शनों हेतु आई। श्रीमती नाहटा ने भी मन्त्र के महत्व पर व जैन विद्या की परीक्षा के बारे में बताया।  श्रीगंगानगर से भी श्रावक महासभा के कार्यकारिणी सदस्य व जैन संस्कारक श्री विमल कोटेचा के नेतृत्व में आये। कोटेचा जी ने जैन संस्कार के बारे में बताया व मन्त्र दीक्षा के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। मुनिश्री मधुर जी ने भी अपना उद्धबोधन दिया। अणुव्रत समिति के अनिल कुमार रांका ने भी अपनी भावनायें प्रस्तुत की। मुनिश्री विमल कुमार जी द्वारा दीक्षांत प्रवचन एवं बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई व बताया कि मंत्र दीक्षा से बालकों में नमस्कार महामंत्र का स्मरण करने के संस्कार जागृत होते हैं। आज के यह छोटे-छोटे बच्चे समाज एवं राष्ट्र की रीढ़ है। इन्हें संस्कारों के ढांचे में ढालना स्वस्थ समाज की संरचना करना है। मुनिश्री जी ने फरमाया मंत्र शक्ति का प्रतीक है। शक्ति के अभाव में ज्ञान उपयोग नहीं हो सकता, ना ही आनंद की प्राप्ति।  नमस्कार महामंत्र अनंत शक्तियों का भंडार है।

प्रवचन के तत्पश्चात बच्चों को युवक परिषद द्वारा मन्त्र दीक्षा की पुस्तक व माला पारितोषिक के रूप में दिए गए।कार्यक्रम संचालन मुनिश्री धन्य कुमार जी द्वारा किया गया एवं आभार ज्ञापन  कोषाध्यक्ष भरत ऋषि रांका द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में तेरापंथ युवक परिषद के सन्तोष बोरड़, अमन रांका, दीपेंद्र रांका, नितिन सेठिया, मनोज श्रीमाल आदि का सहयोग रहा। इस कार्यक्रम के दौरान महिला मंडल द्वारा जैन विद्या के फॉर्म भरवाये गये एवम अणुव्रत समिति द्वारा जल संरक्षण व स्वच्छ जल हेतु एक बेनर का विमोचन करवाया गया व शहर में लोगों को जागरूक करने हेतु उसे ऑटो पर लगवाया गया।




सूरतगढ मे विधिक सेवा शिविर आयोजित हुआ

सूरतगढ़/श्रीगंगानगर, 21 जुलाई2019.

 राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एंव जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में रविवार को विधिक सेवा शिविर पंचायत समिति परिसर मे आयोजित किया गया। शिविर का शुभारम्भ रालसा जोधपुर के सचिव देव कुमार खत्री जिला एंव सेशन न्यायाधीश चन्द्रशेखर शर्मा, एडीजे जिला विधिक सेवा समिति सचिव श्रीमति सुषमा पारीक, ताल्लुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष अपर जिला एंव सेशन न्यायधीश पृथ्वीपाल सिंह, एसडीएम रामावतार कुमावत, पंचायत समिति के विकास अधिकारी विनोद रेगर ने मां सरस्वती के चित्र के आगे दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर नवीन आर्दश विद्या मन्दिर की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर जिला एंव सेशन न्यायधीश चंन्द्रशेखर शर्मा ने विभिन्न कानून की जानकारी देते हुए व्यक्ति के जीवन एंव व्यवहारिकता का कहानी व कविता के माध्यम से महत्व बताया। रालसा जोधपुर के सचिव देव कुमार खत्रीने समय समय पर ऐसे कार्यक्रमो की उपयोगिता बताते हुए आमजन को कानून सबंधित जानकारी दी। एडीजे जिला विधिक सेवा समिति सचिव श्रीमति सुषमा पारीक ने नालसा व रालसा की ओर से चलाई जा रही विधिक सेवा द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में प्रकाश डाला। 

उपखण्ड अधिकारी रामावतार कुमावत व पंचायत समिति के विकास अधिकारी विनोद रेंगर ने राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे मे बताया। अपर एंव जिला सेशन न्यायधीश पृथ्वीपाल सिंह ने कार्यक्रम के लिए सबका आभार जताया। मंच संचालन अधिवक्ता सहदेव जोशी ने किया। शिविर में विभिन्न योजनाओं के वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, बैसाखी, व्हील चेयर, कानों की मशीन, छात्राओं को साइकिल वितरण आदि लाभ पात्र व्यक्तियों को मौका पर ही दिए गए। कार्यक्रम में एसीजीएम सूरतगढ विपिन बिश्नोई, न्यायिक मजिस्ट्रेट अजय कुमार पूनिया सहित जिले के न्यायिक अधिकारी, ताल्लुका विधिक सेवा समिति सचिव रविन्द्र सिंह शेखावत, शेहरिस्तेदार संतोष नोखवाल, बार संघ न्यायिक अध्यक्ष महेश मिश्रा सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत मे अतिथियों व न्यायिक अधिकारियों ने पंचायत समिति पार्क मे पौधारोपण किया। 



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कागद फाउंडेशन तीन साहित्यकारों को 'कागद सम्मान' प्रदान करेगा




हनुमानगढ़। राजस्थानी के पुरोधा साहित्यकार स्वर्गीय ओम पुरोहित कागद की पुण्यतिथि पर कागद सम्मान व कार्यक्रम के लिए कागद फाउंडेशन की बैठक चाणक्य क्लासेज में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रीमति भगवती पुरोहित ने की।बैठक में ओम पुरोहित कागद की पुण्यतिथि पर 12 अगस्त 2019 को आयोजित होने वाले कार्यक्रम पर चर्चा की गई।


सचिव दिनेश दाधीच ने बताया कि इस वर्ष तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें 10 अगस्त को बेबी हैपी मोर्डन डिग्री कॉलेज में ओमपुरोहित कागद साहित्यकार सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।  11 अगस्त को चाणक्य क्लाेज में कवि सम्मेलन व 12 अगस्त को कागद लाइब्रेरी का शिलान्यास एवं पौधरोपण किया जाएगा। सभी कार्यक्रमों हेतु अलग अलग समितियों का गठन किया गया।
ओमपुरोहित कागद साहित्यकार सम्मान में तीन नामों का चयन करने हेतु डॉ. भारत ओला नोहर, राजेश चड्डा सूरतगढ़, कृष्ण कुमार आशु श्री गंगानगर एवं चैनसिंह शेखावत हनुमानगढ़ को शामिल किया गया जो एक अगस्त तक सूची देंगे जिसमें हिंदी, राजस्थानी व युवा साहित्यकार के नाम शामिल होंगे। सम्मान समारोह हेतु समिति में गोपाल झा,  तरुण विजय एवं राज तिवाड़ी को शामिल किया गया।
कवि सम्मेलन हेतु समिति में नरेश मेहन, सुरेन्द सत्यम एवं मनोज देपावत को शामिल किया गया। शिलान्यास एवं पौधरोपण हेतु समिति में कालूराम शर्मा, दिनेश दाधीच एवं शिव पारीक को शामिल किया गया।

बैठक में कागद फाउंडेशन में नए सदस्य के रूप में सुरेन्द सत्यम, मनोज देपावत, चैनसिंह शेखावत, अमन बंसल, विरेन्द्र छापोला एवं एम.राठौड़ ने सदस्यता ग्रहण की।
बैठक में नरेश मेहन, गोपाल झा, दिनेश दाधीच, कालूराम शर्मा, राज तिवाड़ी, शिव परीक, सुरेन्द सत्यम, मनोज देपावत, वीरेंद्र छापोला, विनोद यादव, चैनसिंह शेखावत, एम.ऐ. राठौड़, मनोज पुरोहित, अमन बंसल उपस्थित थे।
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शनिवार, 20 जुलाई 2019

सूरतगढ़ में होता रहेगा हथियार लाइसेंस का नवीनीकरण

सूरतगढ़ 20-7-2019.

जिला कलक्टर ने बताया कि सूरतगढ़ में हथियार लायसेंस नवीनीकरण शुरू कर दिया गया है।

जिला कलक्टर ने 71 आरबी में रात्रि चौपाल में यह जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि एडीएम सूरतगढ का पद रिक्त होने के कारण हथियार लायसेंस नवीनीकरण नहीं किये जा रहे थे लेकिन अब एडीएम सूरतगढ का कार्यभार एडीएम सतर्कता गंगानगर को दिया गया है तथा हथियार लायसेंस नवीनीकरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

रात्रि चौपाल में लोगों ने कहा कि सूरतगढ़ में हथियार लायसेंस नवीनीकरण नहीं होने से परेशानी हो रही है।

श्री गंगानगर- गांव 71 आरबी में आयोजित हुई रात्रि चौपाल

* विधवा को मिली पेंशन, पात्र को खाद्य सुरक्षा का लाभ* 

*रात्रि चैपाल का उद्देश्य ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्या हल करना*

श्रीगंगानगर, 20 जुलाई। जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि रात्रि चैपाल का उद्धेश्य ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को जानना व समाधान करने के साथ-साथ सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देकर पात्र नागरिकों को लाभांवित करना भी है।

जिला कलक्टर श्री नकाते शुक्रवार को रायसिंहनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत 71 आरबी में आयोजित रात्रि चैपाल में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के बीच आने से उनकी छोटी-मोटी समस्याएं गांव में ही हल हो जाती है। इसलिये उन्हें अनावश्यक जिला मुख्यालय तक नही आना पडे़गा। रात्रि चैपाल में विधवा महिला रतनीदेवी ने विधवा पेंशन के लिए प्रार्थना पत्र दिया जिला कलक्टर ने विकास  अधिकारी को तत्काल विधवा पेंशन स्वीकृत करने के निर्देश दिये। वहीं पर गरीब बलजिन्द्र सिंह ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने के लिए जिला कलक्टर के समक्ष उपस्थित हुआ। पूर्व में उसे बताया गया कि 12 बीघा भूमि होने के कारण लाभ नही मिलेगा जबकि जिला कलक्टर ने उसकी भूमि के कागजात देखकर ज्ञात हुआ कि 12 बीघा भूमि मे कई हिस्सेदार है इसी आधार पर बलजिन्द्र सिंह के परिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा का लाभ अगस्त माह से मिलना शुरू होगा। इसी प्रकार अमरजीत सिंह को भी रात्रि चौपाल मे मौके पर ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा स्वीकृत की गई। 

रात्रि चैपाल में ग्रामीणों ने 71 आरबी मे विद्युत लाईन की समस्या बताई जिला कलक्टर ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता व उनकी पूरी टीम को मौका देखकर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। इसी प्रकार 72 आरबी के ग्रामीणों  ने जीएलआर मे पेयजल आपूर्ति नही होने की शिकायत की जिला कलक्टर ने पेयजल विभाग को निर्देश दिये कि जीएलआर मे जलापूर्ति की जाये। गांव 9 एफएफ में 60 लाख रूपये की राशि से लम्बित पेयजल परियोजना की शिकायत मिलने पर जिला कलक्टर ने सबंधित सहायक अभियंता को चार्जशीट देने एंव परियोजना को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार 14 आरबी मे हरिजन बस्ती मे पाईप लाईन की समस्या के समाधान के लिये पेयजल विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। 


रात्रि चौपाल में ग्रामवासियों ने आर्मस लाईसेन्स नवीनीकरण नहीं  होने की समस्या बताई जिला कलक्टर ने बताया कि एडीएम सूरतगढ का पद रिक्त होने के कारण हथियार लायसेंस नवीनीकरण नही किये जा रहे थे अब एडीएम सूरतगढ का कार्यभार एडीएम सतर्कता गंगानगर को दिया गया है तथा नवीनीकरण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

 रात्रि चैपाल में खाला निर्माण , डिग्गी निर्माण का भुगतान, भूमि के इन्तकाल, नरेगा योजना मे भुगतान सहित निजि व सार्वजनिक समस्यायें सामने आई। जिला कलक्टर ने एक-एक समस्या की सुनवाई करते हुए आवश्यक समाधान किये। जिला कलक्टर ने ग्रामीणों को बताया कि कृषि कार्य के लिए किसान समूह बनाकर ट्रैक्टर , कृषि औजार, डेयरी, कूलिंग प्लांट इत्यादि स्थापित करना चाहे तो इसके लिए नाबार्ड द्वारा 40 प्रतिशत की अनुदान राशि देने का प्रावधान है। 

रात्रि चैपाल में ग्रामीणो को बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लाभ के लिए ई-मित्रा के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। ऐसे गरीब परिवार जिनकी रसोई गैस नही है, वे प्रधानमंत्राी उज्जवला योजना में रसोई गैस का लाभ ले सकते है। श्रम विभाग की शुभ शक्ति , प्रसुति योजना की जानकारी दी गई। कृषि विभाग द्वारा नरमा कपास में लगने वाले रोग व उपचार की जानकारी दी गई। इसी प्रकार समाज कल्याण, शिक्षा विभाग, चिकित्सा विभाग सहित विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। 

रात्रि चैपाल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ स्वामी, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु श्री मोहम्मद जुनेद, एसडीएम श्री संदीप कुमार, जला रसद अधिकारी श्री राकेश सोनी, प्रवर्तक अधिकारी श्री सुरेश कुमार, विद्युत के अधीक्षण अभियन्ता श्री के.के. कस्वा, उपनिदेशक कृषि श्री जी.आर. मटोरिया, महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक श्री विजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय, ब्लाॅक स्तरीय अधिकारी व ग्रामीणजन उपस्थित थे।


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गुरुवार, 18 जुलाई 2019

मत मारो मुझे कोख में धरती पर आने दो- भ्रूण हत्या एक अभिशाप विषय पर संगोष्ठी,


 सूरतगढ़ 18-7-2019.

 गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति की ओर से एक सेमिनार का आयोजन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में किया गया।

 कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य मोहिनी पुरी ने की। विशिष्ट अतिथि व्याख्याता मनजीत कौर राजस्थानी साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी व समिति के मंत्री किशन लाल  थे। 


छात्रा रेखा ने गर्भस्थ शिशु की हत्या को कानूनी व सामाजिक अपराध बताया।

छात्रा योगिता ने कहा कि  बेटियों के बिना समाज का भविष्य अंधकार में होगा।

 छात्रा माफिया ने इस बुराई को बढ़ावा दिए जाने पर रोक लगाने की महती आवश्यकता पर बल दिया उन्होंने कहा कि कन्या है जीवन का वरदान इसे मार कर कैसे रखोगे स्वाभिमान।

छात्रा अंजलि ने कहा कि बेटियों को भी जीने का हक है।

छात्रा मुस्कान ने कहानी लड़का और लड़की में भेद पर अपनी बात कही जिसमें कहानी के माध्यम से बताया गया कि बेटियां हीरे जवाहरात से कम नहीं है, वे समाज को अपनी चमक और झिलमिला से चमकदार बनाती हैं।

छात्रा रूमी पाल ने मत मारो मुझे कोख में धरती पर आने दो कविता सुनाकर भाव विभोर किया।

सुमेशता ने कहा कि जिस प्रकार एक पहिए से गाड़ी नहीं चल सकती उसी प्रकार बेटियों के बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। 

छात्रा मोनिका ने बेटियों को बरसात की हवा बताया।

गुंजन ने कहा कि भ्रूण हत्या से बढ़कर कोई पाप नहीं हो सकता समाज में यह बड़ा क्रूर कृत्य माना जाना चाहिए।

कुसुम ने कहा कि मैं नहीं हूं ना मुझ को मारो तुम।

 छात्रा प्रियंका स्वामी ने भावपूर्ण कविता अब मुझे डोली में बिठा दिया तो आंसू ना हो पापा।

कार्यक्रम का  संचालन करते हुए शारीरिक व्याख्याता बलजिंदर कौर ने कहा कि छात्राएं अपने आपको समाज की इतनी ऊंचाइयों पर स्थापित करें कि सामने वाले को ऊपर देखना पड़े। उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों को अपना लक्ष्य निर्धारित करते हुए समाज में अग्रणी स्थान पर उनको स्थापित करना चाहिए और इस भेदभाव को मिटाने में वे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

राजस्थानी साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी ने भावपूर्ण दोहों के माध्यम से बताया कि किस तरह से बेटियों को गर्भ में टुकड़े-टुकड़े करके डस्टबिन में डाल दिया जाता है। इस बुराइयों को रोकने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना होगा।


प्रधानाचार्य मोहिनी पुरी ने कहा कि नारियों को सम्मान मिलना चाहिए। वे सदैव अग्रणी रही हैं। हर क्षेत्र में उन्होंने बताया कि नारी हूं सबला हूं परंतु अबला नहीं हूं। सबसे पहले सवाल उठता है कि नारियों को समाज में भेदभाव कर  दोयम दर्जे का क्यों माना जाता है? इसके लिए जरूरी है कि छात्राएं अपने भीतर आत्मविश्वास को पैदा करें और उमंग के साथ जीवन में आगे बढें।लड़कियां  लक्ष्य निर्धारित करें और समाज से इस बुराई को उठाकर फेंक दें। इस कार्यक्रम में समिति के मंत्री किशन लाल स्वामी ने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया व भविष्य में भ्रूण हत्या नहीं करने और  उस में सहयोग न करने के लिए छात्राओं से संकल्प पत्र भरवाए। 

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सेठ रामदयालराठी राजकीय उ.मा.विद्यालय सूरतगढ़ भवन खतरे में:



सैंकड़ों छात्रों व अध्यापकों की जान जोखिम में:नगरपालिका के बनाए नाले से हुआ बंटाधार:

करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ 16 जून 2016.

प डेट 23-5-2017.

अपडेट 18-7-2019.

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सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का भवन खतरे में है और यहां पढऩे वाले छात्रों और पढाने वाले व्याख्याताओं की जान जोखिम में है। 

राजस्थान कांग्रेस-एक व्यक्ति एक पद की मांग से हलचल-

राहुल गांधी ने कांग्रेस को मजबूत करने के लिए एक व्यक्ति एक पद का नारा दिया था लेकिन वह पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया।

 राजस्थान में कांग्रेस के नेता 2 पदों पर विराजमान हैं। सत्ता में भी हैं और संगठन में भी हैं।

एऐसे नेताओं के लिए अब अड़चन आ सकती है।

कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अब एक पद एक व्यक्ति का सिद्धांत राजस्थान में लागू करने की मांग करनी शुरू की है। राजस्थान में इससे बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है।

राजस्थान की गहलोत सरकार  की मंत्री परिषद में छह प्रदेश उपाध्यक्ष मंत्री हैं और 3 विधायक हैं। 

इनमें 5 कैबिनेट मंत्री और 1 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं।

विश्वेंद्र सिंह,मास्टर भंवरलाल, प्रमोद जैन, रघु शर्मा,उदयलाल आंजना,गोविंद सिंह डोटासरा (राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं, इनमें खिलाड़ी बैरवा, अशोक बैरवा, महेंद्रजीत सिंह मालवीय हैं। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री मुरारी लाल मीणा विधायक महेंद्र चौधरी सरकारी उप मुख्य सचेतक हैं।

 अलवर के जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली के इस्तीफे से गरमाई राज्य कांग्रेस की राजनीति में आम कार्यकर्ता भी कहने लगा है कि दो पदों पर एक व्यक्ति काबिज  रहेगा तो पार्टी की नींव मजबूत कैसे होगी? इस तरह से तो पार्टी सदा कमजोर ही रहेगी,क्योंकि नेता पार्टी संगठन को समय ही नहीं दे सकेंगे।

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बुधवार, 17 जुलाई 2019

सीवररेज की अति आवश्यक तकनीकी कानूनी जानकारी-(सूरतगढ़ वाले भी समझलें)


* लोगों का दायित्व क्या है?*


श्रीगंगानगर, 17 जुलाई 2019.

 राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के तहत श्रीगंगानगर शहर के वार्ड नम्बर 33,34,35,36,37,38 व नेहरा नगर आदि में सीवर कनेक्शन करने का कार्य नगरपरिषद द्वारा किया जा रहा है। इस व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालन के लिये जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने क्षेत्र के उपभोक्ताओं से सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आवश्यक तकनीकी व कानूनी जानकारियां नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। 

तकनीकी जानकारियां

रसोई व बाथरूम के सभी आउटलेट पर जाली लगाना आवश्यक है। गली ट्रेप के पाइप के मुंह पर गैस पाइप जरूर लगायें, जिससे बदबू घरों में न आये। घर से निकले व्यर्थ पानी के सभी आउटलेट को घर के बाहर एक स्थान पर जोड़ कर प्रोपर्टी चेम्बर से गली ट्रेप के माध्यम से जोड़ने का खर्च स्वयं उपभोक्ता को वहन करना होगा। विभाग ने मेनहाल से प्रोपर्टी चेम्बर तक पाइप बिछाया हुआ है। घर की छत के बरसाती पानी को सीवर लाईन से ना जोड़े। बरसाती पानी खुली नाली में बहने दे। गली ट्रेप पर जाली होनी चाहिए। सीवर लाइन जाम होने पर इससे छेड़ छाड़ न करें क्योंकि इसमें जहरीली गैस हो सकती है। 

कानूनी जानकारियां

राजस्थान म्यूनिसीपल एक्ट 2009 के नियम 259 की धारा 202 के अनुसार मल-नाली के पानी को, किसी अन्य तरल पदार्थ अथवा अन्य वस्तु को, जो दुर्गन्धपूर्ण हो, किसी खुले स्थान में बहाना या निकालना कानूनन जुर्म है। जो नागरिक इस अधिनियम का पालन नही करेगा जुर्म का भागी होगा। उसे कम से कम 5 हजार रूपये दण्ड के रूप में वहन करने पड़ सकते है। 

सीवरेज प्रणाली को सुचारू रखने हेतु ध्यान देने योग्य बातें

रसोई व स्नानघर का व्यर्थ जल भी सीवर कनेक्शन के द्वारा सीवर लाईन में जायें। सभी आउटलेट पर जाली लगाना आवश्यक है। नियमित रूप से इन जालियों की सफाई करें। गर्भ निरोधक व सेनेटरी नेपकीन को शौचालयों में प्रवाहित न करें। शौचालयों द्वारा ठोस कचरा सीवर लाईन में न जाने दें। मेनहॉल में मृत पशु अथवा उनके अंग न डाले व अन्य किसी को भी नही डालने दें। मेनहॉल खुला न छोड़े व न ही पत्थर, मलबा, प्लास्टिक, पॉलीथीन आदि डालें। सीवर लाईन जाम होने पर पाईप को न काटें न तोडे़। सीवर लाईन जाम होने पर इससे छेड़छाड न करें क्योंकि इसमें जहरीली गैसे हो सकती है। परेशानी के समय नगरपरिषद को सूचित करें। 

जिला प्रशासन की आमजन से अपील

शहर के वार्ड नम्बर 33,34,35,36,37,38 व नेहरा नगर आदि में सीवर कनेक्शन करने का कार्य स्थानीय निकाय द्वारा किया जा रहा है। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालन के लिये क्षेत्र के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। रसोई व बाथरूम के उपयोग किये गये पानी को किसी भी स्थिति में खुली नालियों में नही बहने दे, इसे सीवर में ही प्रवाहित करें। राज्य सरकार द्वारा पारित नगरपालिका अधिनियम के अनुसार जहां पर सीवर लाईन है, वहां पर गन्दे पानी के नाली में बहने पर नगरपरिषद द्वारा 5 हजार तक जुर्माना किया जा सकता है। 

सीवर लाईन जो आपके यहां डाली गयी है, वह घर के डब्ल्यू.सी., रसोई घर एवं बाथरूम में उपयोग किये पानी के लिये बनाई गयी है। सड़क के किनारे स्थित नाली केवल बरसात के पानी के लिये है। बरसाती पानी को सीवर लाईन से नही जोडे़, क्योकि सीवर लाईन बरसात के पानी के लिये नही बनायी गयी है। सीवर लाईन में रसाई व बाथरूम का कचरा (सब्जी, झूठन, चायपती, अदरक का टुकड़ा, राख, मिट्टी, बाल के गुच्छे, साबुन व कागज आदि) नही जाने चाहिए, इससे आपका सीवर लाईन से गली ट्रेप चोक होगा एवं आपके घर के पास पानी गली ट्रेप के उपर से बहकर गन्दगी फैलायेगा।

आपके घर से सड़क तक डाली गई सीवर लाईन आपकी स्वयं मिल्कियत है एवं उसमें स्थित गली ट्रेप की सफाई करना आपकी स्वयं की जिम्मेदारी है। सीवर के मेनहॉल में कोई कचरा नही फेंके, इससे सीवर लाईन चोक होती है एवं सीवेज सड़क पर बहने लगता है। सूखा कचरा, पत्थर, प्लास्टिक की थैलियां इत्यादि सीवर लाईन या मेन हॉल में नही डाले, इससे सीवर लाईन अवरूद्ध हो जायेगी एवं गन्दा पानी सड़क पर बहने लगेगा। सीवर संबंधी कोई भी शिकायत होने पर जाली या पाईप को काटे नही। नगरपरिषद को सूचित करें।

सीवरेज प्रणाली की आवश्यकता क्यों

रसोई व स्नानघर का पानी सीधे नालियों में छोडे़ जाने से पानी सड़क पर फैलता है, जिससे जीवाणु पैदा होते है, सीवरेज प्रणाली हानिकारक जीवाणुओं की उत्पति रोकने में सहायक जिससे चिकित्सा व्यय कम होता है। सीवरेज प्रणाली जल-जनित होने वाली लगभग 70 प्रतिशत बीमारियांं से बचाव करती हैं सीवरेज प्रणाली भूमिगत जल का प्रदूषण रोकती है। व्यर्थ पानी को सीवरेज प्रणाली में डालकर घर के आस-पास भरने से रोक कर घरों का सीलन व क्षति से बचाव किया जा सकता है, जिससे रख रखाव का खर्च कम होता है। सीवर शोधन संयंत्र में शोधित जल व मल का उपयोग सिंचाई, खाद के रूप में किया जाता है। सीवरेज प्रणाली शहर को साफ-सुथरा बनाने में सहायक है।  

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