Thursday, October 19, 2017

रावला तहसील घोषित :अनूपगढ़ जिला बनने का दबाव बढ़ा-करणीदानसिंह राजपूत -


 राजस्थान सरकार ने 18 अक्टूबर 2017 को रावला मंडी को राजस्व तहसील घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी। राजस्थान सरकार ने इलाके की कई सालों की मांग को दीपावली के अवसर पर पूरा कर अनूपगढ़ क्षेत्र के सीमा क्षेत्र निवासियों को यह उपहार दिया है। रावला मंडी के राजस्व तहसील घोषित होने के बाद अनूपगढ़ को जिला बनाने की संभावनाएं प्रबल हो गई है। इससे अनूपगढ़ को जिला बनाए जाने के लिए दबाव भी बढा है।  अनूपगढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर अनूपगढ इलाके के सभी प्रकार के संगठन पिछले कई सालों से लगातार धरना प्रदर्शन करके आंदोलन खड़ा किए हुए हैं। यह आंदोलन अभी भी जारी है। वर्तमान स्थिति में देखें तो रावला मंडी तहसील घोषित होने के बाद अनूपगढ़ को जिला बनाने की मांग में रावला मंडी घड़साना अनूपगढ़ और श्री बिजय नगर तहसीलें शामिल हैं।

सूरतगढ़ को जिला बनाए जाने की मांग भी पिछले 40 सालों से चल रही है। सूरतगढ़ उपखंड में अभी केवल सूरतगढ़ राजस्व तहसील और राजियासर व जैतसर उप तहसीलें हैं। राजस्थान सरकार यदि अनूपगढ़ को जिला बनाने की घोषणा करती है तो श्री गंगानगर जिले के पुनर्गठन में संभव है श्री बिजय नगर तहसील सूरतगढ़ में शामिल करके सूरतगढ़ को भी जिला बना दिया जाए। फिलहाल रावलामंडी को अनूपगढ़ को जिला बनाने की मांग में दबाव बढ़ा है। अनूपगढ़ पाक सीमा के अत्यंत नजदीकी कस्बा है इसलिए संभव है जिला मुख्यालय बनाने पर संकट बना रह सकता है। सीमा क्षेत्र के अत्यधिक नजदीक जिला मुख्यालय बनाने की घोषणा होने में अवरोध है मगर राजनीतिक दबाव से सब कुछ संभव हो सकता है।



सरकार के आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही का अभाव

जिला कलक्टर ज्ञानाराम ने पंचायत समिति सूरतगढ़ की ग्राम पंचायत भगवानगढ़ में  17.10.2017 को रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना लेकिन कुछ अधिकारियों ने निर्देश की परवाह नहीं की और वे इस चौपाल में शामिल नहीं हुए। जिला कलेक्टर कई बार रात्रि चौपाल में उपस्थित होने का निर्देश दे चुके हैं सख्त कार्यवाही नहीं होने के कारण अधिकारी इसे गंभीरता. से नहीं लेते। अधिकारियों की सोच है कि नोटिस देंगे और भूल जाएंगे।

जिला कलक्टर ने इस रात्रि चौपाल में नहीं आने वाले अधिकारियों के बाबत एसडीएम सूरतगढ़ को निर्देशित किया है  कि सार्वजनिक निर्माण विभाग, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक सीएमएचओ, आयुर्वेद अधिकारी तथा सीपीडीओ को रात्रि चौपाल में उपस्थित नही होने पर कारण बताओं नोटिस जारी करें।

जिला कलेक्टर नयी शक्तियों के तहत कार्यवाही करने में सक्षम


 राजस्था सरकार ने जिला कलक्टर की शक्तियों में बढ़ोतरी की है जिससे निकम्मे लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों की तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकेगी। 

राज्य के कार्मिक विभाग ने शुक्रवार 13. 10.2017 को इस सबंध में आदेश जारी किया है।

 जिला कलक्टर अब किसी भी अधिकारी और कर्मचारी की तीन वेतन वृद्धि को रोक सकता है। जिला कलक्टर को यह अधिकार राज्य सेवा के कर्मचारियों पर धारा 17 सीसी के तहत कार्रवाई करने के लिए दिए गए हैं।

 यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अनुशासन​हीनता, आदेश की अवेहलना जैसे कार्यों में लिप्त ​पाया जाता है तो उसके खिलाफ सीधे कार्रवाई का अधिकार जिला कलक्टर के पास होगा।

यह कार्रवाई राजस्थान सिविल सेवा वर्गीकरण एवं नियंत्रण अपील नियमों के नियम 17 के तहत होगी। अभी तक यह कार्रवाई सबंधित विभाग के द्वारा की जाती थी। उम्मीद की जा रही है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब एक्शन त्वरित होगा। जिससे कि सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार होगा।


लेखन एवं पत्रकारिता के साथ मेरा 73 वें वर्ष में आनन्ददायी प्रवेश-करणीदानसिंह राजपूत:




अपने मन​ की बात


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मेरे जन्मदिन की तिथि 19 अक्टूबर इस बार दीपावली के हर्षोल्लास​ पर्व दिवस पर है जिसे संपूर्ण भारत स्वच्छता और प्रकाश के पर्व रूप में क्षेत्रीय परंपराओं से उत्साह से मनाता है। हर्ष और उत्साह हमारे मानव जीवन को जीने का आदर्श आधार है। मेरे जीवन को हर्ष और उत्साह आपके सहयोग से मिलता रहा है और आगे भविष्य में भी निर्विघ्न मिलता रहेगा। यह सहज रूप में मैं आशा करता हूं। मैं इसके लिए आपका आभारी हूं और आगे भी रहूंगा। मेरी सोच समझ और लेखन में आपकी आलोचना समालोचना से सदा प्रकाश रहेगा। मुझे यह पक्का विश्वास है।

मेरे पत्रकारिता एवं लेखन के बावन वर्षों के  आनन्ददायी अनुभवों व महान लेखकों पत्रकारों की रचनाओं को पढ़ते और उनसे मिलती रही प्रेरणा से मेरे जीवन के बहतर वर्ष पूर्ण हुए एवं 19 अक्टूबर 2017 को तिहेतरवें वर्ष में प्रवेश की सुखद अनुभूति। पत्रकारिता एवं लेखन में नये आने वाले साथी भी अनेक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करते हैं और मैंने बेहिचक उन्हें भी आत्मसात किया है। पत्रकारिता तो सदा ही चुनौतीपूर्ण रही है,चाहे कोई युग रहा हो व किसी की भी सत्ता रही हो।

मैं अपनी बात कह रहा था।


सीमा क्षेत्र का छोटा सा गांव जो अब अच्छा कस्बा बन गया है अनूपगढ़ जिसमें मेरा जन्म हुआ। माता पिता हीरा रतन ने और परिवार जनों ने वह दिया जिसके लिए कह सकता हूं कि मेरी माँ बहुत समझदार थी और पिता ने संषर्घ पथ पर चलने की सीख दी।

जयपुर के साप्ताहिक ज्वाला में मेरा लेख पहली बार  15 जुलाई 1965 को छपा। 'जल: जीवन और स्वास्थ्य कार्यकर्ता दाता' पहला लेख जीवन विज्ञान पर था।

सन् 1965 में दैनिक वीर अर्जुन नई दिल्ली में खूब छपा और सरिता ग्रुप जो बड़ा ग्रुप आज भी है उसमें छपने का गौरव मिला।हिन्दी की करीब करीब हर पत्रिका में छपने का इतिहास बना।

धर्मयुग और साप्ताहिक हिन्दुस्तान में छपना गौरव समझा जाता था। दोनों में भी कई बार छपा।

छात्र जीवन में वाचनालय में दिनमान पढ़ता था तब सोचा करता था कि इसके लेखक क्या खाते हैं कि इतना लिखते हैं। वह दिन भी आए जब दिनमान में भी लेख खूब छपे।


सन् 1974 में प्राणघातक हमला हुआ। राजस्थान की विधानसभा में कामरोको प्रस्ताव 20 विधायकों के हस्ताक्षरों से पेश हुआ। 48 विधायक बोले और फिर संपूर्ण सदन ही खड़ा हो गया था। मुख्यमंत्री को खड़े होकर सदन को शांत करना पड़ा था। राजस्थान विधानसभा की प्रतिदिन की कार्यवाही उन दिनों छपती थी। मेरे पास वह एक प्रति है। सात दिनों तक यह हंगामा किसी न किसी रूप में होता रहा था। बीबीसी,रेडियो मास्को, वायस ऑफ अमेरिका सहित अनेक रेडियो ने दुनिया भर में वह घटना प्रसारित की। देश के करीब करीब हर हिन्दी अग्रेजी अखबार में संपादकीय छपे।

आरएसएस का पांचजन्य,वामपंथी विचारधारा और जवाहर लाल नेहरू के मित्र आर.के.करंजिया का ब्लिट्ज,कांग्रेसी टच का करंट और समाजवादी विचार धारा के जॉर्ज फरनान्डीज के 'प्रतिपक्ष 'में 1974-75 में खूब छपा। प्रतिपक्ष साप्ताहिक था जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नींद हराम करके रखदी थी और बाद में तो इस पर आपातकाल में प्रतिबंध लग गया था।

 आपातकाल  1975 अत्याचार का काल था जिसमें मेरा साप्ताहिक भारत जन भी सरकारी कोपभाजन का शिकार बना। पहले सेंसर लगाया गया। सरकार की अनुमति के बिना कोई न्यूज छप नहीं सकती थी। विज्ञापन रोक दिए गए। अखबार की फाइल पेश करने के लिए मुझे श्रीगंगानगर बुलाया गया और  30 जुलाई 1975 को वहां गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप लगाया गया कि पब्लिक पार्क में इंदिरा गांधी के विरोध में लोगों को भड़का रहा था। एक वर्ष की सजा भी सुनाई गई। सवा चार माह तक जेल मे बिताए और उसके बाद एक संदेश मिला बाहर कार्य करने का। उस संदेश के  मिलने पर 3 दिसम्बर 1975 को जेल से बाहर आया। आपातकाल में बहुत कुछ भोगा। मेरी अनुपस्थिति में छोटी बहन,पिता और नानी को क्षय रोग ने ग्रस लिया। इलाज तो हुआ वे ठीक भी हुए लेकिन वह काल बड़ा संघर्षपूर्ण रहा। परिवार ने कितनी ही पीड़ाएं दुख दर्द भोगे मगर यह अनुभव राजपूती शान के अनुरूप था।

गरीबों व पिछड़े लोगों व ग्रामों आदि पर लिखने की एक ललक थी कि दैनिक पत्रों में लिखा जाए तब 1969 में सरकारी पक्की नौकरी छोड़ कर लेखन के साथ पत्रकारिता में प्रवेश किया। अनेक अखबारों में लिखता छपता हुआ सन 1972 में राजस्थान पत्रिका से जुड़ा और 15 मई 2009 तक के 35 साल का यह सुखद संपर्क रहा।

राजस्थान पत्रिका का एक महत्वपूर्ण स्तंभ कड़वा मीठा सच्च था। इस स्तंभ में लेखन में घग्घर झीलों के रिसाव पर सन् 1990 में लेखन पर सन् 1991 में राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार मिला। इंदिरागांधी नहर पर 12 श्रंखलाएं लिखी जो सन् 1991 में छपी तथा दूसरी बार 1992 में पुन: राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। राजस्थान की शिक्षा प्रणाली पर व्यापक अध्ययन कर दो श्रंखलाओं में सन् 1993 में प्रकाशित लेख पर तीसरी बार राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसके बाद सन 1996 में राजस्थान की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पद्धति पर व्यापक अध्ययन कर 4 श्रंखलाएं  लिखी। इस पर सन् 1997 में राज्य स्तरीय दूसरा पुरस्कार मिला।

राजस्थान पत्रिका के श्रद्धेय कर्पूरचंद कुलिश का मेरे पर वरद हस्त रहा और उन्होंने जोधपुर में पत्रकारों के बीच में कहा कि मैं तुम्हारे हर लेख को पढ़ता हूं। यह एक महान गौरववाली बात थी। गुलाब कोठारी और मिलाप कोठारी एक घनिष्ठ मित्र के रूप में आते मिलते और अनेक विषयों पर हमारी चर्चाएं होती। माननीय गुलाब जी सुझाव लेते और वे पत्रिका में लागू भी होते। गुलाब कोठारी ने श्रीगंगानगर में सर्वश्रेष्ठ संवाददाता के रूप में सम्मानित किया तब कई मिनट तक एकदूजे से गले मिले खड़े रहे। आज भी पत्रिका परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।

9 अगस्त 1997 को शिक्षा संस्थान ग्रामोत्थान संगरिया में पत्रकारिता में सम्मानित किया गया।

    रामनाथ गोयनका के इंडियन एक्सप्रेस का विस्तार जब जनसत्ता दैनिक के रूप में हुआ तब जनसत्ता दिल्ली में खूब छपा। जब चंडीगढ़ से छपने लगा तब वहां के संपादकओमप्रकाश थानवी के अनुरोध पर उनके कार्यकाल में चंडीगढ़ में भी खूब छपा। साप्ताहिक हिन्दी एक्सप्रेस बम्बई में भी अनेक लेख छपे।

राजस्थान की संस्कृति,सीमान्त क्षेत्र में घुसपैठ,तस्कर,आतंकवाद पर भी खूब लिखा गया। पंजाब के आतंकवाद पर टाइम्स ऑफ इंडिया बम्बई ने लिखने के लिए कहा तब कोई तैयार नहीं हुआ। वह सामग्री वहां से छपने वाली पत्रिका धर्मयुग में छपनी थी। मैंने संदेश दिया और मेरा लेख सन् 1984 में दो पृष्ठ में छपा। धर्मयुग में लेख छपना बहुत बड़ी बात मानी जाती थी। धर्मयुग में बाद में कई लेख प्रकाशित हुए।

मेरे लेख और कहानियां बहुत छपी।

आकाशवाणी सूरतगढ़ से वार्ताएं कहानियां कविताएं रूपक आदि बहुत प्रसारित हुई हैं।

इंदिरागांधी नहर पर दूरदर्शन ने एक रूपक बनाया जिसमें कई मिनट तक मेरा साक्षात्कार रहा। वह साक्षात्कार मेरे इंदिरागांधी नहर पर लेखन के अनुभवों के कारण लिया गया। दूरदर्शन के दिग्गज प्रसारण अधिकारी के.के.बोहरा के निर्देशन में वह साक्षत्कार हुआ व राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारण हुआ।

मेरा लेखन कानून नियम विरुद्ध सामाजिक दायित्व के लिए सच्च के प्रयास में रहा। कई बार ऐसा लेखन अप्रिय भी महसूस होता है लेकिन जिन लाखों लोगों के लिए लिखा जाता है,उनके लिए आगे बढऩे का कदम होता है।

मेरे परिवार जन,मित्रगण और कानून ज्ञाता जो साथ रहे हैं वे भी इस यात्रा, में सहयोगी हैं। मेरे लेखन में माता पिता की सीख रही है।

मैंने मेरे पूर्व के लेखों में लिखा है कि लिखने बोलने की यह शक्ति ईश्वर ही प्रदान करता है और वह परम आत्मा जब तक चाहेगा यह कार्य लेखन और पत्रकारिता चलता रहेगा और लोगों का साथ भी रहेगा।

मेरी वेब साईट  www.karnipressindia.com आज अत्यन्त लोक प्रिय साईट है जो देश और विदेश में प्रतिदिन हजारों लोग देखते हैं।

आपका शुभेच्छु,

करणीदानसिंह राजपूत,

राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवालय से

अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार,

सूरतगढ़ / राजस्थान/ भारत 

91 94143 81356.

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Wednesday, October 18, 2017

हर्षिता दहिया की हत्या मामले में बड़ा खुलासा

 हर्षिता की बहन लता ने अपने पति को ही बहन का हत्यारा बताया है. अपने पति पर हत्या का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए लता ने कहा कि हर्षिता की हत्या उसके जीजा दिनेश ने की है. और उसने हर्षिता के रेप भी किया था. 

दिनेश लता का पति है और हर्षिता से रेप के आरोप में इनदिनों तिहाड़ जेल में बंद है. दिनेश पर हर्षिता की मां की हत्या का भी आरोप है. उसने लता को भी धमकी दी थी.

रिपोर्ट्स के अनुसार हर्षिता अपनी मां के हत्यारे को पहचानती थी, इसलिए उसकी हत्या कर दी गई. हाल ही में हर्षिता ने अपने जीजा पर बलात्कार का भी आरोप लगाया था और इस मामले में उन्होंने एक केस भी दर्ज करवाया था. अब हर्षिता की बहन के इस बयान के बाद मामले में एक नया मोड़ आ गया है. अब सवाल यह है कि क्या जेल के अंदर हर्षिता की हत्या की साजिश रची गई? अब पुलिस इस मामले की जांच में जुट चुकी है।

ग़ौरतलब है कि हर्षिता की पानीपत के इसराना में बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक हर्षिता को बेहद करीब से चार गोलियां मारी गईं. हरियाणा की मशूहर डांसर सपना चौधरी की ही तरह हर्षिता भी रागिनी गाती थीं और इसी पर डांस परफॉर्म करती थीं. पुलिस के मुताबिक हर्षिता इसराना के गांव चमराडा में एक कार्यक्रम करने के बाद लौट रहीं थीं, तभी उन पर हमला हो गया. हमले के वक्त हर्षिता वैगन आर कार में सवार थीं और उनके साथ कुछ और लोग भी थे.



किसानों की कर्ज माफी लटका रही भाजपा की संवेदनहीन सरकार - पायलट



जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने किसान संगठनों से हुए समझौते के तहत गठित कमेटी में दो मंत्रियों के नदारद रहने को भाजपा सरकार की किसानों की अनदेखी की प्रवृत्ति का परिचायक बताया है।

पायलट ने कहा कि सरकार ने किसान संगठनों से 50 हजार रुपए तक की कर्ज माफी का समझौता किया था और इसके लिए कमेटी का गठन करने की बात कही गई थी, परंतु सरकार ने कुछ समय तक तो कमेटी ही गठित नहीं की थी और कांग्रेस की किसान न्याय पदयात्रा के कारण बने दबाव में आकर गत 1 अक्टूबर को 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया और कमेटी गठन के 13 दिन बाद आयोजित बैठक में दो मंत्रियों का शिरकत नहीं करना स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार में किसानों के प्रति संवेदनहीनता व्याप्त है। 


उन्होंने कहा कि 50 हजार रुपए का कर्जा माफ करने के लिए भी सरकार कमेटी के सदस्यों को दीपावली और विधानसभा के मानसून सत्र के बाद विभिन्न राज्यों में भेजकर कर्ज माफी का आंकलन करवाएगी, जो बेहद हास्यास्पद है। हर राज्य की अपनी परिस्थितियां होती हैं और सरकार को किसानों के हित में राज्य में उत्पन्न हालातों मसलन प्राकृतिक आपदाओं व अन्य कारकों को संज्ञान में लेकर मुआवजा, राहत व कर्ज माफी घोषित करनी चाहिए, न कि बदहाल किसानों को राहत से वंचित रखने के लिए बहाने ढूंढ़े जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि गत कांग्रेस सरकार ने किसान आयोग का गठन कर किसानों की समस्याओं को उजागर करने व प्रशासन के साथ तालमेल बिठाने का काम किया था, परन्तु चार सालों में इस क्षेत्र में कोई प्रगति नहीं हुई है, जो बताता है कि सरकार ने किसानों के हित में जारी योजनाओं व नीतियों को भी ठप कर रखा है। 


कमेटी पर होने वाला खर्चा सरकारी खजाने का दुरुपयोग

उन्होंने कहा कि कमेटी को विभिन्न राज्यों में भेजने पर जितना खर्चा आएगा, वह एक तरह से सरकारी खजाने का दुरुपयोग ही होगा। इससे बेहतर है कि सरकार बिना विलंब किए किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी को लागू करे ना कि इसे लेकर आगामी विधानसभा चुनावों में किसानों के वोट हासिल करने के लिए घोषणा के रूप लम्बित रखे। उन्होंने कहा कि 80 से ज्यादा किसानों के मरने के बाद भी सरकार यह सोचती है कि यह समस्या निदान के लायक नहीं है तो यह भाजपा सरकार का किसानों के साथ सबसे बड़ा छलावा साबित होगा। भाजपा सरकार बनने के बाद किसानों की जिस स्तर पर दुर्दशा हुई है, उससे किसान सरकार द्वारा की जा रही निरन्तर अनदेखी को अब सहन करने की शक्ति खो चुके हैं।



केरल सरकार ने दलित और हरिजन शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाई

 सरकार के पब्लिक रिलेशन विभाग ने दलित और हरिजन शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए सर्कुलर जारी किया है। पीआर विभाग ने एसटी/एससी कमिशन की एक सिफारिश का हवाला देते हुए नोटिस जारी किया है। पीआर विभाग ने सर्कुलर के जरिए सभी सरकारी पब्लिकेशन और सरकार की प्रचार-प्रसार सामग्री में ‘दलित’, ‘हरिजन’ शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की अपील की है।


पीआर विभाग का यह सर्कुलर सरकार और अन्य विभागों के बीच इन शब्दों पर बैन लगाने को लेकर चल रही चर्चा के बीच आया है। सर्कुलर में दलित/हरिजन शब्दों की जगह एससी/एसटी शब्द इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। इंडिया टुडे के मुताबिक एससी/एसटी कमिशन के सूत्रों का कहना है कि दलित और हरिजन शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने की सिफारिश उन सामाजिक भेदभाव को खत्म करने के लिए की गई थी जो आज भी कई जगहों पर हो रहे हैं।

(जनसत्ता)


हरियाणवी गायिका व नृत्यांगना हर्षिता को गोलियों से भून डाला



हरियाणवी गायिका एवं डांसर हर्षिता दहिया की चमराड़ा व काकोदा के बीच गोली मारकर हत्या कर दी। उसे पांच से छह गोलियां मारी गईं। हर्षिता चमराड़ा गांव में कार्यक्रम में प्रस्तुति देकर अपने साथियों के साथ कार से वापस जा रही थी।


हत्यारोपी फोर्ड फिगो कार में सवार होकर आए थे। हत्या का प्राथमिक कारण सोशल मीडिया पर हर्षिता दहिया द्वारा एक विवादित टिप्पणी वाला वीडियो अपलोड करना माना जा रहा है। हर्षिता ने एक अन्य वीडियो में इसको लेकर धमकी मिलने की बात भी कही थी। एसपी व डीएसपी ने मौका मुआयना किया और थाना इसराना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्जकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। 


मूल रूप से सोनीपत के गांव नाहरा-नाहरी निवासी हरियाणवी गायिका एवं डांसर हर्षिता दहिया (23) नरेला, दिल्ली में अपनी मौसी के घर रहती थी। बताया जा रहा है कि वह मंगलवार को चमराड़ा गांव में किसान मिशन कार्यक्रम में प्रस्तुति देने आई हुई थी और शाम करीब चार बजे आई-10 कार में अपने ड्राइवर दो अन्य सहयोगियों के साथ वापस जा रही थी। उनकी कार जैसे ही चमराड़ा गांव से काकोदा की तरफ चली तो पीछे से काले रंग की फोर्ड फिगो गाड़ी आई और उनकी गाड़ी के आगे खड़ी हो गई।





बदमाशों ने ड्राइवर, सहयोगी लड़के संजीव निवासी गुमड़ व निशा निवासी बल्लभगढ़ को नीचे उतार दिया और गाड़ी की पिछली सीट पर बैठी हर्षिता पर ताबड़-तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावरों ने उसकी कनपटी और गर्दन में पांच से छह गोलियां मारीं। हर्षिता की मौके पर मौत हो गई।


हत्यारोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। वारदात की सूचना मिलते ही एसपी राहुल शर्मा, डीएसपी देशराज, एसएचओ इसराना नवीन कुमार व सीआईए-वन प्रभारी संदीप छिक्कारा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को शवगृह में रखवा दिया और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

17.10.2017.

दीवाली 2017 पर बाजारों में सन्नाटा-बाजार में 40 प्रतिशत मंदी की आशंका

दिवाली में सिर्फ एक दिन बचा है लेकिन इस बार देशभर के बाजारों में सन्नाटा छाया हुआ है और त्योहारी माहौल बना ही नहीं है। जबकि हर वर्ष इस समय खरीदारी अपनी उच्च सीमा पर होती थी। बाजारों में ग्राहकों की आवक बेहद कम है जिसके चलते गत वर्ष के मुकाबले लगभग बिक्री में 40 फीसद की गिरावट है। कैट (कंफडरेशन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स) के अध्यक्ष बीसी भरतिया और महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया की क्योंकि उपभोक्ताओं की जेब में नकद की तंगी है, इस कारण से बाजारों में मंदी का माहौल है। उपभोक्ता अधिकांश बेहद जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं और दिवाली त्योहार की खरीद से बच रहे हैं। लोगों ने बड़ी मात्रा में रियल एस्टेट और सोने में निवेश कर रखा है और इन दोनो क्षेत्रों में मंदी के कारण से उनका पैसा ब्लॉक हो गया है।

दूसरी ओर, व्यापारियों ने अपना पैसा स्टॉक में निवेश कर दिया जिसके कारण उनका पैसा भी ब्लॉक हो गया है। ई-कामर्स कंपनियों के सरकार की नीतियों की धज्जियां उड़ाते हुए बड़ी मात्रा में डिस्काउंट देकर सामान बेचने का भी विपरीत प्रभाव बाजारों के व्यापार पर पड़ा है। ऊपर से जीएसटी से उपजे भ्रम ने बाजारों में अफरा-तफरी फैला रखी है और व्यापारी परेशान है। त्योहार से जुड़े अधिकांश सामान पर कर की दर 28 फीसद होने के कारण उपभोक्ता इतनी ज्यादा कर दर देना नहीं चाहता। बाजारों के माहौल को देखते हुए लगता ही नहीं की देश का इतना बड़ा त्योहार पास है और यदि यही हाल रहा तो इस बार व्यापारियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा । इलेक्ट्रॉनिक्स, रसोईघर का सामान, घड़ियां, उपहार, मिठाइयां, सूखे मेवे, घर सजाने का सामान, बिजली का सामान, कपड़, फर्नीचर आदि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो मंदी की सीधी मार झेल रहे हैं। देश में त्योहारी मौसम पहले नवरात्र से शुरू होकर 14 दिसंबर तक चलता है और फिर दोबारा 14 जनवरी से शुरू होकर अप्रैल तक चलता है और इसी बीच दिसंबर में क्रिसमस और नव वर्ष का सीजन भी आता है।


Tuesday, October 17, 2017

राजस्थान सरकार में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू

धनतेरस आज राजस्थान के राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खुशी लेकर आया। सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को सातवें वेतन आयोग को लागू कर दिवाली की सौगात दी है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा इसी महीने से मिलेगा।

केंद्र की तर्ज पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग राज्य कर्मचारी लंबे समय से कर रहे थें। राजस्थान में फरवरी में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी डीसी सामंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस कमेटी ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर राज्य कर्मचारियों के लिए रिवाइज्ड वेतनमान, भत्तों और इससे सरकार पर आने वाले वित्तीय भार का आकलन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को पिछले दिनों सौंप ​दी थी। 

ये सिफारिशें लागू होने से राज्य सरकार पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए का भार आएगा। वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से राज्य कर्मचारियों का वेतन में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। 


अक्टूबर से मिलेगी बढ़ी हुई तनख्वाह

राज्य कर्मचारियों को अक्टूबर माह से 7वें वेतन आयोग के अनुरूप बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। राज्य के 12 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसका फायदा मिलेगा। 

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि वर्ष 2017-18 के बजट में 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों को सुशासन की बैकबोन मानती है और उनके हितों एवं कल्याण के लिए पूरी तरह संवेदनशील है। 


सूरतगढ़ सूर्योदय नगरी व शहर को जोड़ने वाला अंडर पास का लोकार्पण:


- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ 17 अक्टूबर 2017.

सूरतगढ़ के सूर्योदय नगरी की 45 प्रतिशत और शहर की 55 प्रतिशत आबादी को जोड़ने वाला प्रमुख रेल अंडरपास का लोकार्पण आज विधायक राजेंद्र सिंह भादू के द्वारा किया गया।चौ.चरण सिंह चौक पर आयोजित लोकार्पण समारोह में बोलते हुए राजेंद्र सिंह भादू ने इस कार्य में 50 सालों से लगे हुए नेताओं को कार्यकर्ताओं को बधाई के साथ शुभकामनाएं दी। सूर्योदय नगरी में रहने वाले विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमाने वाले लोगों को भी उन्होंने अपने भाषण में सम्मान प्रदान किया। 

भादू ने अपने वक्तव्य में कहा की यह उपहार या विकास कार्य मेरा नहीं है मेरी ओर से नहीं है यह जनता का कार्य है जिसे मैंने अपनी लगन दायित्व से पूर्ण करने का बीड़ा उठाया था जो आज वह पूरा हुआ है। 

विधायक भादू ने कहा कि अन्य अंडरपास और फुट ओवर ब्रिज का कार्य भी शीघ्र ही पूर्ण कर जनता को समर्पित किये जाएंगे।

 विधायक ने कहा कि उनके कार्यकाल के 4 साल पूर्ण हो चुके हैं 1 साल बाकी है और इस एक साल में भी जनता के अनेक कार्य करने हैं। उन्होंने कहा कि जनता उन्हें जो भी कार्य सौंपेगी वे जनता के सहयोग से नगरपालिका और पंचायत समिति के सहयोग से इलाका विशेष में पूर्ण किए जाएंगे।

 इस समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा ने कहां की इस अंडर पास से शहर की बहुत बड़ी समस्या का हल हुआ है, और नगर पालिका अपने क्षेत्र में अन्य विकास कार्यों में भी पूरा सहयोग करती रहेगी। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी जुबेर खान ने  अंडर पास को विकास का बहुत बड़ा कदम बताया।

 पूर्व पार्षद राजा राम गोदारा,कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बलराम वर्मा ने भी संबोधित किया।

 समारोहों में वक्तव्य के बाद विधायक भादू काजल छाबड़ा ने रिबन काटकर काली माता मंदिर के तरफ से द्वार का शुभारंभ किया इसके बाद अन्य द्वार विधिवत शुरु  किए गए।समारोह में पंचायत समिति प्रधान श्रीमती निर्मला देवी नायक, उप प्रधान रामकुमार भांभू,भाजपा के नेता अमित भादू, पालिका उपाध्यक्ष पवन औझा,नगर मंडल अध्यक्ष महेश सेखसरिया,महामंत्री सुभाष गुप्ता, पूर्व पार्षद सुनील छाबड़ा,बाबू सिंह खीची, पार्षद ओमप्रकाश अठवाल,पार्षद राजा पंवार,पार्षद सावित्री स्वामी, पार्षद सुभाष सैनी ने भाग लिया।

 पूर्व पार्षद परमजीत सिंह पम्मी ने भी समारोह में भाग लिया।

 पूरे शहर के प्रमुख लोग इस समारोह में शामिल हुए। समारोहों का संयोजन संचालन प्रेम सिंह सूर्यवंशी ने किया।



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