रविवार, 20 जनवरी 2019

गुरुभरोसा सेवा संस्थान में शारीरिक शोषण की शिकायत:पुलिस को सौंपी

* करणी दानसिंह राजपूत*  

 सूरतगढ़ के गुरु भरोसा सेवा संस्थान में जबरन बंदी बनाने,नशा देने,औरतों से दुराचार के समाचारों से हड़कंप मचा है। 

गुरु भरोसा सेवा संस्थान में महिलाओं से अत्याचार दुराचार होने के के समाचार आने के बाद एक पीड़ित युवती को यहां से छुड़ाया गया है। 

उसके पिता ने पुलिस उपाधीक्षक को 19 जनवरी 2019 को एक शिकायत लिखित में दी जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसकी पुत्री के साथ गुरु भरोसा सेवा संस्थान में अवैध रूप से बंदी रखा गया,शारीरिक मानसिक शोषण कर पीड़ित किया गया। विदित रहे कि  श्रीगंगानगर के जिला पुलिस अधीक्षक ने चैनलों पर समाचार आने के बाद में कहा था कि किसी की शिकायत आने पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। 

पीड़ित पिता अपनी पुत्री को छुड़ाने के लिए चार-पांच दिन से सूरतगढ़ में संस्थान के  चक्कर लगा रहा था। कल 19 जनवरी को युवती के छुड़ाए जाने के बाद उन्होंने यह शिकायत की है,जिसमें सिकंदर सिंह,अध्यक्ष मनप्रीत कौर,जगदेव सिंह का नाम है।विधानसभा सत्र के चलते यह मामला उजागर हुआ है।


 शिकायत की प्रति यहां भी जा रही है नियमानुसार पीड़िता का नाम और पहचान नहीं दी जा सकती। इस युवती के बाल लंबे थे जिन्हें काट कर उसका चेहरा ही बदल दिया गया।

 ऐसी सूचना है कि एक और शिकायत भी शिकायत भी गुरु भरोसा सेवा संस्थान के खिलाफ पुलिस को दी गई है। इस संस्थान में गड़बड़ी होने का समाचार विभिन्न चैनलों पर प्रसारित हो रहा है। आरोप है कि भीतर में जबरन बंद किए महिला पुरुषों को नशीली गोलियां भी दी जाती रही।पहचान छिपाने के चक्कर में और पगलाए हुए लोग दिखाने के लिए संस्था में लाए हुए  महिला पुरुषों के बाल भी  काट दिए जाते थे जिससे यह लगे कि यह लोग पागल है। अब जांच से ही बहुत कुछ सामने आएगा।

किशनपुरा आबादी में जहां पालिका भूमि पर अतिक्रमण करके भवन बनाया गया है, वहीं के एक निवासी भरत भादू ने भी संचालकों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराने की शिकायत पुलिस को दी है।




शनिवार, 19 जनवरी 2019

हर्ष कॉन्वेट स्कूल व स्पिक मैके के तत्वाधान में शास्त्रीय नृत्य:दीपक महाराज का कत्थक

हर्ष कॉन्वेट स्कूल व स्पिक मैके के संयुक्त तत्वाधान में शास्त्रीय नृत्य कलाकार श्री दीपक महाराज द्वारा कथक की प्रस्तुती दी गई। उन्होने अपना परिचय देते हुए अपनी कामयाबी का श्रेय अपने गुरू व पिता श्री बिरजु महाराज को दिया। हर्ष कॉन्वेट स्कूल के सभागार में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में डिप्टी कमान्डेट श्री गिरीश चावला (सी.आर.पी.एफ.) , मेजर जयवीर, व्यापार मण्डल अध्यक्ष श्री ललित सिडाना अतिथि थे।  

कार्यक्रम में दीपक महाराज ने विद्यार्थियो को भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के प्रति प्रेरित करते हुए शास्त्रीय नृत्य कथक की बहुत सी बारीक बातें सिखायी उन्होनें जीवन के हर पडाव में लय की महता को समझाते हुए जीवन की तीन अवस्थाओं (बाल्यावस्था, युवावस्था, वृद्धावस्था) को नृत्य द्वारा दर्शाया विद्यार्थियो का मन मोहने के लिए उन्होनें कृष्ण यशोदा माखन प्रसंग अभिनय व नृत्य के साथ प्रस्तुत किया। नायक-नायिका की जुगलबन्दी को घुंघरू व तबले की ताल द्वारा दर्शाया जिससे पुरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।

 मुख्य अतिथि श्री गिरिश जी चावला व मेजर जयवीर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियो को सौभाग्यशाली बताया जो इतनी छोटी उम्र में इतनें बड़े कलाकार की प्रस्तुती देख सके। कार्यक्रम में श्री दीपक महाराज के अलावा तबला वादक प्रान्शु चतुरलाल, जनाब वारिस खान, जनाब मोहम्मद आयुब आदि कलाकारों का भी सहयोग रहा। 

 गई। उन्होने अपना परिचय देते हुए अपनी कामयाबी का श्रेय अपने गुरू व पिता श्री बिरजु महाराज को दिया। हर्ष कॉन्वेट स्कूल के सभागार में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में डिप्टी कमान्डेट श्री गिरीश चावला (सी.आर.पी.एफ.) , मेजर जयवीर, व्यापार मण्डल अध्यक्ष श्री ललित सिडाना अतिथि थे।  


 कार्यक्रम में दीपक महाराज ने विद्यार्थियो को भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के प्रति प्रेरित करते हुए शास्त्रीय नृत्य कथक की बहुत सी बारीक बातें सिखायी उन्होनें जीवन के हर पडाव में लय की महता को समझाते हुए जीवन की तीन अवस्थाओं (बाल्यावस्था, युवावस्था, वृद्धावस्था) को नृत्य द्वारा दर्शाया विद्यार्थियो का मन मोहने के लिए उन्होनें कृष्ण यशोदा माखन प्रसंग अभिनय व नृत्य के साथ प्रस्तुत किया। नायक-नायिका की जुगलबन्दी को घुंघरू व तबले की ताल द्वारा दर्शाया जिससे पुरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।

 मुख्य अतिथि श्री गिरिश जी चावला व मेजर जयवीर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियो को सौभाग्यशाली बताया जो इतनी छोटी उम्र में इतनें बड़े कलाकार की प्रस्तुती देख सके। कार्यक्रम में श्री दीपक महाराज के अलावा तबला वादक प्रान्शु चतुरलाल, जनाब वारिस खान, जनाब मोहम्मद आयुब आदि कलाकारों का भी सहयोग रहा। 




कांग्रेस कार्यकर्ता नगेंद्र सिंह शेखावत के पिता ओंकार सिंह जी का स्वर्गवास

* करणी दान सिंह राजपूत*

 सूरतगढ़ 19 जनवरी 2019.

 कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता नगेंद्र सिंह शेखावत के पिता माननीय ओंकार सिंह जी का स्वर्गवास आज दोपहर को हो गया वे कुछ दिन से बीमार थे। उनका अंतिम संस्कार मुख्य कल्याण भूमि (वार्ड नंबर 16 जजी के पास)में   रविवार 20 जनवरी को सुबह 11:00 बजे किया जाएगा।


गुरु भरोसा सेवा संस्थान का अध्यक्ष कौन है? आरोपों पर सामने क्यों नहीं आ रहा


 ** करणी दान सिंह  राजपूत**

सूरतगढ़ में संचालित गुरु भरोसा सेवा संस्थान की भीतर औरतों लड़कियों से  बदसलूकी  नशे की दवाएं  के आरोप लगने से मचे हड़कंप के बावजूद संस्था के अध्यक्ष  सामने  क्यों नहीं  आए?  

अभी तक इस संस्था के अध्यक्ष  का चेहरा  किसी  पत्रकार  जो मौके पर गए, वहां वार्तालाप किया जानकारियां ली केवल एक सेवादार उपस्थित रहा और  जानकारियां देता रहा है।असल में  संस्था  किस उद्देश्य को लेकर  स्थापित हुई  और इसका  अध्यक्ष कौन है?  यह अभी  सामने  नहीं आया है  जो भी लोग जा रहे हैं उनको जानकारियां केवल सिकंदर सिंह सेवादार ही बताने को आगे रहता है। 

यह बहुत बड़ा मुद्दा है कि  संस्था को  संचालित करने वाली समिति का अध्यक्ष इतने बड़े हंगामे के बावजूद सामने नहीं है। संस्था अध्यक्ष औरत है या पुरूष है तो वह सामने आने से बच क्यों रहा है? क्या यह संस्था अध्यक्ष इतने सालों में कभी महिलाओं के सामने आया उसने  महिलाओं की सार संभाल के लिए कोई महिलाओं से बातचीत की? इस हंगामे के बाद भी उसने महिलाओं के साथ आकर के कोई बात की। यह कहीं  सामने नहीं आने से  आशंका होती है  कि कुछ गड़बड़ जरूर है।  जितने लोग वहां पहुंचे और जानकारियां ली थी उनको संविधान नहीं बताया गया संस्था के संविधान में ही सारा उद्देश्य लिखा हुआ है कि संस्था किस उद्देश्य से बनाई गई है और इसकी संचालन समिति में अध्यक्ष कौन हैं सचिव कौन है सदस्य कौन है? यह सारी बातें जो की महत्वपूर्ण है लेकिन अभी तक आम जनता से और जानकारियां लेने वालों से छुपाई जाती रही है  पत्रकारों को भी  अध्यक्ष का  ज्ञान नहीं है कि इस संस्था का अध्यक्ष कौन है? सच्चाई यह है कि  अध्यक्ष  ही  सामने आकर  बताएं कि  संस्था के ऊपर लगे हुए आरोपों  का एक एक बात का जवाब दे।

अभी तक  सेवादार सिकंदर सिंह ने भी यह नहीं बताया कि  नसे  की गोलियां जबरन देने आदि के बारे में जो आरोप लग रहे हैं। उसके बारे में सेवादार सिकंदर सिंह चुप है,जो लोग ठीक थे उनको भी  जबरन क्यों रखा गया?

 आगे जो भी स्थिति बने।

 संस्था की जांच हो सबसे बड़ा सवाल यह है कि संस्था में जो भी  औरत पुरुष लाए जाए वह वह केवल  पुलिस के मार्फत लाए जाएं। 

पुलिस पहले सारा वेरीफिकेशन करे। उसके बाद पुलिस चाहे जिस संस्था को  संबंधित औरत और पुरुष को सौंपे। 

संस्था के  किसी भी व्यक्ति को  किसी भी औरत  पुरुष को  सीधा  सेवा संस्थान में ले जाने का अधिकार नहीं है अगर वह ऐसा करता है तो अपहरण और जबरन बंदी बनाने के आरोप के अंदर  घेरे में आता है।

संस्था के अध्यक्ष, सचिव आदि कार्यकारिणी सदस्य के नाम और संविधान सामने नहीं आने तक शंकाएं कायम रहेंगी। 

सेवा दार सिकंदर सिंह सरकारी कर्मचारी है। वह कितना समय देता है और इसका स्थानांतरण हो जाता है तो फिर कौन पीछे रहेगा,इसलिए अध्यक्ष सहित कार्यकारिणी के नाम सामने आने जरूरी है।

गुरुवार, 17 जनवरी 2019

गुरूभरोसा सेवा संस्था:कितने लाचार औरतों पुरुषों को पकड़ ले गए,वेअब कहां है ?

** कितने दिन नशीली दवाएं देकर बंद रखा दुराचार मारपीट  किया **

*** प्रशासन पुलिस आपराधिक मुकदमा करवाकर जांच करवाए तब ही अपराधी आएंगे कानून के शिकंजे में ***

***** करणी दान सिंह राजपूत -

 सूरतगढ़ में गुरु भरोसा सेवा संस्था के क्रियाकलापों को लेकर समाचारों से हड़कंप मचा है और बहुत बड़ा रहस्य छिपा हुआ है कि सेवा भाव के नाम पर कितने लाचार औरतों आदमियों को रेलवे स्टेशन,बस स्टैंड बस स्टैंड के आसपास से और यत्र तत्र पकड़ा गया और संस्था के भवन में ले जाया गया। जिन लोगों को ले जाया गया जबरन पकड़ा गया वे चिल्लाते रहे मगर परवाह नहीं हुई।

लोग मानते रहे की संस्था के लोग सेवा भाव के लिए औरतों और पुरुषों को लाचार लोगों को ले जा रहे हैं जो अपंग हैं बीमार हैं या भटक कर सूरतगढ़ पहुंच गए हैं।

समाचारों से यह लोगों के सामने आया कि जिन लोगों को पकड़ा गया उनका कोई समुचित रिकॉर्ड संस्था में नहीं है। 

कितनी औरतें लड़कियां पकड़ी गई और अब संस्था में कितनी है और बाकी की कहां भेज दी गई? एक -एक महिला और एक -एक पुरुष का रिकॉर्ड पुरुष रिकॉर्ड संस्था की ओर से कभी प्रदर्शित नहीं किया गया।सबसे बड़ा रहस्य यह है कि इस प्रकार के औरतों और पुरुषों को संस्था भवन में नशे की दवाइयां दी जाती रही और मारपीट करके दवाइयां दी जाती जो नहीं लेते उनके भोजन में मिला करके दी जाती रही रही।

 संस्था के संचालक नशीली दवाइयों का डोज भी अपनी मनमर्जी से से देते रहे।किसी डॉक्टर की सलाह नहीं,किसी डॉक्टर की पर्ची नहीं। होना तो यह चाहिए था कि जो भी महिला लड़की पुरूष लाचार हालत में पाया जाता वह पहले पुलिस रिकॉर्ड में आता।पुलिस उसका अता पता मालूम करती और डॉक्टर से जांच करवाकर मानती कि बीमार है या विक्षिप्त है। बाद में किसी संस्था को सेवा के लिए सौंपती। लेकिन यहां पर ऐसा नहीं हो रहा था संस्था के संचालक और उनके कारिंदे  लाचार लोगों को पकड़ते और ले जाते रहे। तत्काल किसी की सूचना कहीं नहीं दी गई गई।पुलिस को भी सूचना अपनी मनमर्जी से अगले दिन या बाद में दी गई। इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं सूचना पुलिस को दी गई। संस्था के पत्र पर कोई क्रमांक नहीं, पत्र पर संस्था के अध्यक्ष या संस्था   संचालन कर्ता के हस्ताक्षर नहीं।


जिन लोगों को पकड़ा गया उनका विधिवत 1-1 का रिकॉर्ड होना चाहिए।वह नहीं। हर व्यक्ति की जांच और हर व्यक्ति की दवा अलग अलग होती है लेकिन ऐसा कोई प्रबंध नहीं। संस्था में जो व्यक्ति सार संभाल के नाम पर लाए गए उनकी संख्या कितनी थी उनमें से कितने लोगों को कहां-कहां भेजा गया? इसकी जांच बहुत जरूरी है। 

जो पकड़े गए उन लोगों को इलाज के लिए तत्काल चिकित्सकों एलोपैथी आयुर्वेदिक होम्योपैथिक आदि से दिखाकर दवाइयां दी जानी चाहिए थी। प्रत्येक की पर्ची प्रत्येक की प्रत्येक की दवा अलग अलग होती और उस हिसाब से ही होती और उस हिसाब से मेडिकल स्टोर से डाक्टर की परची पर ली जाती लेकिन आश्चर्य है कि संस्था के संचालक सभी को जबरन दवाइयां देते रहे और दवाइयों से लाचार लोग अपनी आवाज को समुचित उठा नहीं सकते। उनको मालूम ही नहीं था कि वह सूरतगढ़ की किसी संस्था में बंद हैं।कहां पर बंद है?उनकी एक ही आवाज थी कि यहां से किसी तरह से बाहर निकाला जाए। 

सबसे बड़ा आश्चर्य और घोटाला यह है कि प्रशासन नशे की दवाइयों के विरोध में प्रचार प्रसार कर रहा है। पुलिस भी इसी कार्य में लगी हुई है लेकिन यहां पर इतनी भारी मात्रा में एक साथ नशीली दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची पर कैसे मिलती रही?कौन सा मेडिकल स्टोर यह अपराध शामिल होकर करता रहा ?  ड्रग इंस्पेक्टर किस प्रकार की जांच मेडिकल स्टोरों पर करते रहे हैं?

इन सब की की जांच होना बहुत जरूरी है। किसी भी औरत पुरुष को लाचार मानकर जबरन पकड़ कर ले जाना उसकी मनमर्जी के  विपरीत ले जाना  बंद रखना नशीली दवाइयां देना आदि अपहरण और जबरन बंद रखने के आपराधिक मामले में मुकदमे में नामजद करके और जांच होनी चाहिए।

 आश्चर्य है कि किसी भी औरत और पुरुष को संस्था संचालकों ने कैसे अपनी मर्जी से विक्षिप्त मान लिया, मानसिक बीमार मान लिया, बिना किसी डॉक्टर की जांच के दवाइयां भी देते रहे। प्रतिबंधित दवाइयां कहां से मिली दवाइयों के बिल किस किस रोगी के नाम से बने या बिना बिलों के ही यह सब कुछ होता रहा। 

नशे से संबंधित कोई भी दवा बिना डॉक्टर की पर्ची के दी नहीं जाती। बहुत सख्त नियम है फिर यहां इस संस्था को बहुत सारी दवाएं एक साथ कैसे मिलती रही? 

आश्चर्यजनक यह भी है कि पुरुष और महिला का रखरखाव संरक्षण अलग अलग प्रकार का होता है। महिलाओं की सेवा के लिए कितनी महिलाएं लगाई हुई थी। लाचार महिलाओं को या कथित विक्षिप्त महिलाओं को नहलाने धुलाने का कार्य कौन कर रहा था?

संस्था का संचालन मंडल, कारिंदे और अन्य इसमें जांच के दायरे में लिए जाकर प्रशासन की तरफ से ही आपराधिक मुकदमा होना चाहिए।

देश में आश्रमों आदि का बवाल मचा है, गिरफ्तारियां जांचे और जेलें हुई है वहीं सूरतगढ़ में यह सब कैसे चलता रहा? कुछ पत्रकारों ने गहन जांच के बाद समाचार देने शुरू किए मगर प्रशासन फिर भी नहीं जागा।लेकिन यह मामला बहुत गंभीर है और जांच मुकदमा अविलंब नहीं हुआ तो प्रशासन भी घेरे मेंं आने से बच नहीं पाएगा।



बुधवार, 16 जनवरी 2019

अमित शाह को स्वाईन फ्लू:एम्स मेंं भर्ती, ईलाज जारी


सूत्रों के मुताबिक एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की देखरेख में शाह का इलाज चल रहा है। उन्हें ओल्ड प्राइवेट वार्ड (301 नंबर) में भर्ती किया गया है।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की तबीयत खराब है। उन्हें बुधवार (16 जनवरी) को एम्स में भर्ती कराया गया है। शाह ने खुद ट्वीट कर जानाकारी दी है कि उन्हें स्वाइन फ्लू हुआ है और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। उनके बीमार होने की खबर मिलते ही बीजेपी मंत्रियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

अमित शाह रात 8.30 बजे कमजोरी और बुखार के चलते एम्स अस्पताल पहुंचे थे। जहां डाक्टरों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वाइन फ्लू हो गया है। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें एडमिट कर इलाज शुरू कर दिया है। अमित शाह ने ट्विट कर जानकारी दी कि, ‘मुझे स्वाइन फ्लू हुआ है, जिसका उपचार चल रहा है। ईश्वर की कृपा, आप सभी के प्रेम और शुभकामनाओं से शीघ्र ही स्वस्थ हो जाऊंगा।’ सूत्रों के मुताबिक एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की देखरेख में शाह का इलाज चल रहा है। उन्हें ओल्ड प्राइवेट वार्ड (301 नंबर) में भर्ती किया गया है।

अमित शाह के अस्वस्थ होने की खबर मिलते ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने ट्विट करते हुए लिखा कि, ‘अमितभाई, आपके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की मैं ईश्वर से कामना करता हूं।

वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने भी उनके जल्द ठीक होने की कामना की है।

इन दिनों भारतीय जनता पार्टी के कई मंत्री बीमार चल रहे हैं। कुछ दिन पहले गुर्दा संबंधी बीमारी की वजह से वित्त मंत्री अरुण जेटली बीमार हो गए थे। वहीं  गोवा के मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर कैंसर से जंग लड़ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान अचानक बेहोश हो गए थे।


 


मंगलवार, 15 जनवरी 2019

गेहूं सरसों खरीद, भुगतान, उठाव व भंडारण तक पुख्ता इंतजाम होः- जिला कलक्टर


श्रीगंगानगर, 15 जनवरी 2019.

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि जिले में सरसों व गेहूं की खरीद सुव्यवस्थित तरीके से हो, इसके लिये संबंधित विभागों, खरीद ऐजेंसियों को समय रहते तैयारियां करनी होगी। उन्होंने कहा कि जीन्स खरीद से लेकर, उठाव व भुगतान तक किसी कार्य में विलम्ब न हो, ऐसी पुख्ता व्यवस्थाएं की जाये। 

    जिला कलक्टर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में गेहूं, सरसों फसल खरीद के संबंध में आयोजित बैठक मे बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि खरीद ऐजेंसियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसान के साथ फसल में नमी व गुणवत्ता को लेकर भेदभाव नही होना चाहिए। प्राप्त बारदाने का वितरण भी समान रूप से हो। बारदाने की कमी न रहे, इसके लिये अभी से ही आवश्यकता अनुरूप बारदाने की मांग व आपूर्ति सुनिश्चित की जाये। क्रय किया गया अनाज बारिश के समय खराब न हो, इसके अच्छे इंतजाम किये जाये। फसल भंडारण में गोदामों के अलावा स्टेंकिंग वैज्ञानिक तरीके से बनाई जाये। 

    जिला कलक्टर ने कहा कि प्राप्त गेहूं, सरसों फसलों का उठाव नियमित हो, इसके लिये वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। छोटे वाहनों से फसल उठाने में अधिक समय लगता है, जबकि बड़े वाहनों से उठाव में तेजी लाई जा सकती है। उठाव जितना जल्दी होगा, उतनी ही फसल अन्य किसान मंडी में ला सकेगें। जिला कलक्टर ने कहा कि खरीद ऑनलाईन हो या ऑफलाईन हो ये सरकार स्तर के निर्णय है। जिला स्तर की सभी व्यवस्थाएं हम सभी को करनी है। जिला स्तर पर कोई समस्या हो, तो उसका निपटारा किया जायेगा। जिला कलक्टर ने कहा कि फसल खरीदने से लेकर भुगतान व उठाव तक किसी तरह की समस्या न हो, इसको लेकर जल्द ही व्यापारियों, खरीद ऐजेंसियों, मजदूरों एवं किसान प्रतिनिधियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जायेगी। गेहूं, सरसों के उठाव में लगने वाले वाहनों का पंजीयन, नवीनीकरण तथा वाहनों की फिटनेस इत्यादि का भी परिवहन विभाग द्वारा निरीक्षण किया जायेगा। श्रीगंगानगर जिले में लगभग 6.21 लाख मैट्रिक टन गेहूं क्रय की जायेगी तथा सरसों का लगभग 2.25 लाख मेट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है। 

बैठक में व्यापारियों ने बताया कि किसान सीधा व्यापारी से जुडा हुआ है तथा फसल निकालने के बाद मंडी में एक साथ अनाज आ जाता है। अगर ऑनलाईन के साथ-साथ ऑफलाईन की व्यवस्था भी हो तो उपयुक्त रहेगा। व्यापारियों का कहना था कि उन्हें 2.25 प्रतिशत आड़त, 25 पैसे सैकड़ा तुलाई तथा 50 पैसे सैकड़ा मजदूरी तथा 1 रूपये 30 पैसे प्रति क्विंटल झराई का भुगतान करना होता है। 

भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक ने बताया कि किसान को ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करना है, जिसमें आड़तिया भी शामिल है। किसान को उपज बैचने का दिनांक व समय मिल जाता है। अगर किसान उस दिन अपनी फसल नही बेच पाता तो पुनः नई तिथि मिल जाती है। फसल का ऑनलाईन विक्रय नही बल्कि पंजीयन है। 

बैठक में एडीएम प्रशासन श्री नख्तदान बारहठ, जिला रसद अधिकारी श्री पार्थ सारथी, निरीक्षक श्री सुरेश, उप पंजीयक श्री दीपक कुक्कड़, राजफैड के क्षेत्राय अधिकारी श्री रणवीर सिंह, तिलम संघ के महाप्रबन्धक श्री एम.के. पुरोहित, भारतीय खाद्य नियम के प्रबन्धक श्री अभिमन्यू स्वामी, मंडी सचिव श्री शिव सिंह भाटी,  व्यापारी श्री विपिन्न अग्रवाल, श्री रामगोपाल, श्री राजकुमार, श्री विनय जिंदल, श्री प्रदीप गर्ग, श्री विनित जिन्दल, श्री सुरेन्द्र कुमार सहित अन्य विभागों के व्यापारी व अधिकारी उपस्थित थे।

पीजी हास्टलों की निगरानी होगी: जिला कलेक्टर के आदेश:

*औषधि निरीक्षक 10-10 मेडिकल दुकानों का निरीक्षण करेगें:नशा रोक अभियान*

श्री गंगानगर 15-1-2019.

जिले में नशे पर अंकुश लगाने के लिये औषधि निरीक्षक विभाग के निरीक्षक 10-10 ऐसी दुकानों का निरीक्षण करेगें, जहां नशीले पदार्थ बिकने की शिकायत मिल रही हो। उन्होंने पुलिस विभाग को भी निर्देश दिये कि जहां भी नशे की प्रवृति ज्यादा हो, वहां निगरानी रखी जाये। उन्होंने कहा कि पीजी में निवास करने वाले युवाओं को नशे से दूर रखने के लिये उन पर निगरानी जरूरी है। पीजी में अधिक देर से आने वाले विधार्थी या उनके पास देर रात्रि में आने वाले विधार्थी पर नजर रहनी चाहिए तथा इसकी सूचना पुलिस को दी जाये

अतिक्रमण हटाने के तुरंत बाद यह कार्य किया जाए: कलेक्टर का आदेश

नगरपरिषद द्वारा जहां अतिक्रमण हटाया जाता है, वहां पर मलबा हटाने के साथ-साथ नाली निर्माण का कार्य प्रारम्भ करें। उन्होंने इन्दिरा कॉलोनी में आमजन द्वारा अपने आप अतिक्रमण हटाने के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि नगरपरिषद ऐसे 10 कार्यों को पेरायटी में लेवे, जहां अतिक्रमण हटाने के बाद मलबा हटाकर नाली का निर्माण करेगें। जो लोग स्वेच्छा से अतिक्रमण नही हटाते, वहां मार्किंग, नोटिस के बाद पुलिस जाब्ते के साथ अतिक्रमण हटाने होगें। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद नाली निर्माण का कार्य होने से एक अच्छा  संदेश जनता में जाता है। उन्होंने पुरानी आबादी के वार्ड नम्बर 3,4,5 में नालों की स्थिति, उन्हें ढ़कने के संबंध में निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नगरपरिषद स्वीकृत नालों का कार्य प्रारम्भ करे एवं पूर्व के नालों की सफाई के लिये एक नाला टीम पर्याप्त नही है,इसके लिये कम से कम 10 नाला सफाई टीम का गठन किया जाये। 

श्री गंगानगर:नहरों को क्षति पहुंचाने वाले पेड़ों को हटाया जाएगा


15-1-2019.पहले चिन्हित किया जायेगा। चिन्हिकरण में तीन तरह की लाल, नीला व हरे रंग की श्रेणियां बनाई जाये। सर्वप्रथम रैड श्रेणी में वे पेड जो बिल्कुल नहर के पट्डे के उपर है तथा कभी भी नहर को क्षति पहुंचा सकते है। जिला कलेक्टर ने वन विभाग को भी सर्वें करने के निर्देश दिये। जल संसाधन विभाग आगामी सात दिवस में चिन्हिकरण का कार्य करेगा। ऐसे पेडों को हटाने के लिये नियमानुसार स्वीकृति के बाद हटाये जायेगें।

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