रविवार, 16 दिसंबर 2018

स्कूटर से बांधकर कुतिया को 3 किलोमीटर घसीटा: डॉगी की मौत: नफीस व तौफिस गिरफ्तार



* डॉगी की घसीटने के बाद आई गंभीर चोटों की वजह से मौत हो गयी*


December 16, 2018.


गाजियाबाद में एक कुतिया को स्कूटर से बांधकर करीब तीन किलीमीटर तक घसीटा गया। यह घटना राजेंद्र नगर में हुई। कुतिया ने करीब दो हफ्ते पहले बच्चों को जन्म दिया था। मामले में पुलिस ने नफीस और तौसीफ नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। घटना की शिकायत पीपल फॉर एनीमल नाम के एक एनजीओ के सदस्य ने की थी।

मामला 14-12-2018 शुक्रवार रात का है। जहां स्थानीय लोगों ने दो युवकों को स्कूटर से कुतिया को बांधकर घसीटते हुए ले जाते देखा। इस पर पीपल फॉर एनीमल संस्था के सौरभ गुप्ता ने बताया कि, स्कूटर सवार दो युवक राजेंद्रनगर कान्हा कॉम्प्लेक्स के पास रस्सी से बांधकर कुतिया को ले जा रहे थे। स्कूटर तेज स्पीड में था। स्थानीय लोगों ने दोनों को पीछा कर रोका। जिसके बाद मामले की सूचना दी गई। लोगों ने युवकों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।

घसीटने के कारण बुरी तरह घायल हुई कुतिया को संजय गांधी एनीमल केयर सेंटर में भर्ती कराया गया। देर रात उसकी मौत हो गई। काफी दूर तक डॉगी को घसीटने के बाद आई गंभीर चोटों की वजह से मौत हो गई।

 वहीं, शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि कुतिया से बलात्कार किया गया है। पुलिस अब इस मामले की पड़ताल कर रही है।

वहीं, पूछताछ होने पर आरोपी ने बताया कि कुतिया ने करीब 20 दिन पहले ही बच्चों को जन्म दिया था। उसके बच्चों के पास से भी किसी के गुजरने पर वह उसे काट लेती थी। वह मोहल्ले के दर्जन भर से ज्यादा लोगों को काट चुकी है। लोगों में उसकी वजह से दहशत थी। इसलिए उसे दूसरी जगह ले जाकर छोड़ने के लिए वह स्कूटर से बांधा गया था। (साभार)


शनिवार, 15 दिसंबर 2018

जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर में था एजबेस्‍टॉस:कैंसर होने का आरोप क्या है?


^ कंपनी : रिपोर्ट रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में कंपनी के शेयर्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके शेयर 10 फीसदी गिर गए। इससे पहले 19 जुलाई 2002 को कंपनी के शेयर्स में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।

-- जनसत्ता ऑनलाइन

December 15, 2018 साभार। --


* कंपनी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है कि उसके पाउडर से कैंसर होता है।*


डार्लिन कोकर जानती थी कि वह मर रही थी। वह सिर्फ जानना चाहती थी क्यों? वह जानती थी कि उसका कैंसर, मेसोथेलियोमा, उसके फेफड़ों और अन्य अंगों के आस-पास पहुंच गया था। यह जितना दुर्लभ था उतना ही घातक भी था। वह जानती थी कि यह ज्यादातर ऐसे पुरुषों को होता है जिन्होंने खदानों में एस्बेस्टस धूल को सांस के माध्यम से लिया हो। कोकर की बेटी कैडी इवांस ने कहा कि, 52 वर्षीय कोकर की दो बेटियां थीं और पूर्वी टेक्सास के एक छोटे शहर लंबरटन में एक मसाज स्कूल चला रही थीं। वह एस्बेस्टोस के संपर्क में कैसे पहुंची थी? “वह जवाब चाहता थीं।” मशहूर अमेरिकी फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर आरोप लगा कि इसके बेबी पाउडर से कैंसर होता है। कंपनी पर इस चक्कर में 32 हजार करोड़ रुपए का जुर्माना भी लग चुका है। हालांकि कंपनी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है कि उसके पाउडर से कैंसर होता है। अब रॉयटर्स की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कंपनी के पाउडर में एस्बेस्टस होता है इसकी जानकारी कंपनी को दशकों पहले से थी। आपको बता दें कि एस्बेस्टस से कैंसर होता है।

रिपोर्ट में इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्स का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी ही नहीं बल्कि इसके एग्जीक्यूटिव से माइन मैनेजर तक, सब इस बात को जानते थे। इतना ही नहीं साइंटिस्ट, डॉक्टर और यहां तक की कंपनी के वकील को भी इस बात की जानकारी थी। इतना सब होने के बावजूद भी कंपनी अपने प्रॉडक्ट बेच रही थी। रिपोर्ट इससे जुड़े कई दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद तैयार की गई, रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 1971 से 2000 के बीच कई बार कंपनी के रॉ पाउडर और बेबी पाउडर की टेस्टिंग हुई और हर बार एस्बेस्टस होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में तो यह भी कहा गया है कि कंपनी की तरफ से अमेरिकी रेगुलेटर्स पर दवाब भी बनाया गया। दवाब इसलिए बनाया गया क्योंकि वह एस्बेस्टस की मात्रा को लिमिटेड करना चाहते थे, कंपनी अपनी तरफ से दवाब बनाने में काफी हद तक कामयाब भी रही।


इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में कंपनी के शेयर्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके शेयर 10 फीसदी गिर गए। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह कंपनी की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट थी। 19 जुलाई 2002 को कंपनी के शेयर्स में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद से 14 दिसंबर 2018 को दूसरी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। तब कंपनी की एक पुरानी कर्मचारी ने कंपनी पर रिकॉर्ड्स में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था।


रामलीला (राजस्थानी मांय)-कृति मनोज कुमार स्वामी:समीक्षा हिंदी


मंचन के उद्देश्य से रचित यह कालजयी  कृति मील का पत्थर सिद्ध होगी - केसरी कान्त शर्मा ’केसरी’

पत्रकारिता और साहित्य - सृजन में संलग्न एंव विशेषतया राजस्थानी  भासा के प्रति समर्पित जाने माने नाम मनोज कुमार स्वामी की प्रकाशित कृति रामलीला (राजस्थानी  मांय ) पढ़ कर सुखद अनुभूति होती है। हिन्दी ब्रज व अवधी की बोलियों में दशकों  पहले रामलीला  पार्टियां शेखावाटी के कस्बों  में चौत्र नवरात्रो में व अन्य अवसरो पर नौ दिनों तक रामलीला का आयोजन करती थी। वह लोकरंजक परम्परा टेलीविजन संस्कृति  के दौर में बंद प्राय: है। 

ऐसे में जन जन के आराध्य भगवान राम के लोकोत्तर चरित्र का राजस्थानी  भाषा में नारद मोह से  रावण - वध तक की सभी घटनाओं और प्रसंगों  के क्रमबद्ध  मंचन के उद्देश्य से रचित,  यह कालजयी कृति मील का पत्थर सिद्ध होगी। नौ रात्रियों तक प्रस्तुति की सामग्री का मायड़ भाष राजस्थानी  में मंचन हो तो,  इस भासा से जुड़े करोड़ों लोगों के लिये एक एक नये सांस्कृतिक  जागरण का माध्यम सिद्ध होगी और राजस्थानी  के प्रचार प्रसार में भी सहायक होगी ।

अपनी भासा में अपने पन की खुशबू,  मिठास और संप्रेषणीयता आम और खास सभी के लिए विशिष्ट होगी। हम कहीं भी जाएं,  देश विदेश में कहीं भी रहें  पर अपने लोगों सें अपनी भाषा में वार्तालाप होता है तो जीवन में अपनत्व सहज ही बरस जाता है।

इसकी प्रमुख विशेषता यह कि,  पात्रों के कथोपकथन और संवाद की तुकान्त पद्दात्मक रूप में प्रस्तुति रचनाकार की विलक्षण प्रतिभा की परिचायक है जो राधेश्याम  रामायण के तत्स्वरूप संवादों  से भी विस्तृत और विशिष्ट  और प्रभावी है।

बचपन में देखी गयी रामलीलाओं में प्रस्तुत काव्यात्मक लक्ष्मण-परशुराम संवाद,  हनुमान रावण संवाद पर दर्शको के सीधे मनोगत जुड़ाव और तालियों के जोश से पण्डाल गुंजायमांन हो उठता था। इस कृति में भी ऐसे संवाद- स्थलों के प्रसंग ऐसे ही भाव से आपूरित है।

यदि इस राजस्थानी रामलीला की रामानंन्द सागर की टी. वी.  रामकथा की तरह टी. वी.  सीरियल बनने की व्यवस्था  हो और राजस्थानी भाषा  के विकास  के प्रति  जुड़ाव रखने वाले लोक कलाकार,  रंगकर्मी रामलीला पार्टियां गठित कर इसका जगह जगह  मंचन करें तो एक महती कार्य होगा। 

नानी बाई रो मायरो की भांति  राजस्थानी  रामलीला  भी अत्यन्त लोकप्रिय होगी और लोगों में राजस्थानी  सीखने की प्रवृति जागृत होगी। राजस्थानी  रामलीला  की टोलियां गठित कर राजस्थानी  भाषा  की मान्यता  हेतु जन जागरण करें तो सोने पे सुहागा । अभी  राजस्थानी मान्यता  से वंचित होने के कारण पाठ्यक्रमों  में भी इसके माध्यम से शिक्षण नही हो रहा है। इस लिये राजस्थानी के प्रति पाठकीय रूझान का अभाव है भले ही अनेक राजस्थानी साहित्यकारों ने ही केवल अपनी मायड़ भाषा  की जोत जगा रखी है। भगवान राम का विशाल भक्त समुदाय राजस्थानी  रामलीला के मंचन से अपनी ही भाषा से जुड़ेगें  ओर भाषा में पढ़ कर सीखेंगे। जिस प्रकार देवकीनंदन  खत्री के जासूसी उपन्यासों  के पठन के लिए लाखों लोगो नें हिन्दी सीखी। अतरू प्रस्तुत राजस्थानी रामलीला ऐसे ही उपन्यास  का सेतु बननें की संभावना से आपुरित है। तमिल रामायण,  कम्ब रामायण,  बंग रामायण आदि आदि  पच्चिसों रामायण है किन्तु तुलसी के रामचरित मानस की लोकप्रियता का कारण समग्र उतरी और पूर्वी भारत  में सरलता सें समझी जा सकने वाली अवधी भाषा  रही है।

इस कृति को आद्दोपरान्त अक्षरशरू पढ़नें वाला पाठक अंक दर अंक पर्दा गिरने व उठने पर आगत घटनाओं को मनोगत भाव लोक में घटते देखने की भावानुभूति रखे तो,  पूरी रामलीला  साक्षात देखा हुआ सा हो जाता है। राम के वन-गमन,  दशरथ-मरण,  श्रवण-प्रसंग,  सीता-हरण,  राम-विलाप आदि प्रसंगों के स्थलो को मैं भी ऐसी ही भावातीत स्थिति में अश्रुपात करते हुए पढ़ पाया। राजस्थानी  के विशिष्ट  शब्दभण्डार द्वारा ऐसी मार्मिकता पैदा करना भाई मनोज का कौशल अनुभव है।

अपने प्राक्कथन में रचनाकार का यह मन्तव्य कि राजस्थानी  को मान्यता का प्रशन हो तो कोई यह नहीं कहे कि,  राजस्थानी  में रामलीला  ही नही है।  एक अभाव की पूर्ती करता है जिस प्रकार अनेक राजस्थानी  कोश और व्याकरण इसे मान्यता दिलाने के लिए वजनदार आधार है। इस प्रकार भाई मनोज स्वामी इस मान्यूमेटल रचना के द्वारा राजस्थानी  साहित्य की श्री वृद्धि  करने के साथ-साथ  महती उद्देश्य में सफल हुए है। भाषा  की ऐसी अनूठी सेवा के लिए उन्हें कोटिश धन्यवाद  और बधाईयां । उन पर भगवान  राम की कृपा सदा बनी रहे।


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पुस्तक - ’रामलीला - राजस्थानी  मांय’

लेखक - मनोज कुमार स्वामी 

बोधि प्रकाशन - जयपुर,  पैली खेप- मई 2017

मोल- 200 -  पृष्ठ - 244

केसरीकान्त शर्मा ’केसरी’ 

आनन्द पुरा वार्ड नं.  01

मण्डावा - 333704

जिला - झुंझनू (राज.)

राजस्थानी रा मानीता साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी रो परिचय अर पोथियां





मनोज कुमार स्वामी राजस्थानी भाषा री मान्यता सारूं आपरै जीव नै जितरो तोड़्यो मरोड़्यो, उण रो बखान करण वास्ते कई दिन चाईजै।पण अठै परिचय देवण री कोसिस करीजी है- करणीदानसिंह राजपूत-


मायड़ भासा राजस्थानी री संवैधानिक मान्यता सारू संकळपित‘ संघर्ष मांय सामल।
कन्या भू्रण हत्या रोकण सारू संकळपित गर्भस्थ शिशू संरक्षण समिति मांय सामल।
रंगमंच सूं जुड़ाव, साक्षरता, जनचेतना नाटकां रो स्थापित मंचा अर नुक्कड़ नाटकां रो मंचन।
‘‘गांव की गळी-गाळी‘‘ अर ‘‘कफन’’ रो मंचन घणों सराइज्यो।
दूरदर्शन रै कल्याणी कार्यकम मैं ‘‘द्रोपदी’’ फीचर मांय अभिनय।
सन् 1982 सूं आकाशवाणी केन्द्र सूरतगढ़ सूं लगो लग कहाणी पाठ अर लिख्योड़ै नाटकां रो प्रसारण। जिणां मांय ‘‘कुवारो’’ नाटक तो सो सूं बैसी बार प्रसारित।
कहाणी ‘‘औसर’’ पर भगवान दास शर्मा रै निर्देसण मांय बणी टेली फिलम, ’ओसर द पार्टी आफ डेथ’ श्रेष्ठ कथानक सूं पुरस्कृत।
बाल नाटकां री पोथी ‘‘ तांतड़ै रा आसूं’’ पर राजस्थान सरकार रो ’’ राजस्थानी भासा साहित्य एंव सुस्कृति अकादमी बीकानेर संू, ‘‘बाल साहित्य पुरस्कार 2006।’’
स्वर्गीय कुरड़ाराम ढिल राजस्थानी साहित्य सम्मान ( बरवाली- नोहर) स्वर्गीय नानूराम संस्कर्ता राजस्थानी साहित्य सम्मान (लूणकरणसर- बीकानेर)
 सुरजाराम जारीवाला राजस्थानी सृजन-सम्मान (श्रीगंगानगर 

 अमेरिका री संस्था 'राना' रो पदमश्री कन्हैया लाल सेठिया राजस्थानी साहित्य सम्मान( समारोह स्थल जोधपुर-राजस्थान)
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जागती जोत, राजस्थली, माणक, बिणजारो, नैणसी, हथाई, लीलटांस, अपरन्च, कथैसर, दिल्ली प्रेस युगपक्ष, सीमां संदेश, सूं लगो लग रचनावं रो प्रकासन।
मायड़ भासा सारू, 30 बरसां सूं पखवाड़ियै अखबाकर ‘‘सूरतगढ़ टाईम्स’’ रो प्रकासण।
पंजाब केसरी जालंधर सारू 22 बरसां स्यूं संवाद प्रेसण।
खास -मायड़ भासा राजस्थानी मांय देस मांय पैली बारी 10 दिना ताई रामलीला रौ सफल मंचन

छप्योड़ी पोथी

1. तांतड़ै रा आसूं ः- राजस्थानी नाटक संग्रै

2. काचो सूत ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै

3. बेटी ः- राजस्थानी कविता संग्रै

4. रिचार्ज ः- राजस्थानी नाटक संग्रै

5. इमदाद ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै

6. किंया...!! ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै

7. खैचळ अर खैचळ ः- राजस्थानी आत्मकथा

8. नाव अर जाळ ः- राजस्थानी उल्थौ 
उपन्यास मछुआरे (चेम्मीन)

लेखक पिल्लैई शिव शंकर

9. रामलीला राजस्थानी माय:- नाटक


10. टोपां-टोपां जूण ः- राजस्थानी उल्थौ 

उपन्यास कतरा-कतरा जिदगीं -

लेखक यादवेन्द्र शर्मा चंद्र


छपणै री अडीक में हिन्दी सूं राजस्थानी मांय उल्थौ

तिरस्कृत - सूरजपाल चौहान

संतप्त - सूरजपाल चौहान
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मनोज कुमार स्वामी अर जोड़ायत गंगादेवी
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 ठिकाणों:-    पुराणो बस   स्टैण्ड, सूरतगढ़़,335804,
                
                    जिला श्रीगंगानगर ‘राजस्थान’,


कानाबातीः  9414580960.


ईमेल पता.  manojswami2011@gmil.com

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Up date 15-12-2018.

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

सूरतगढ़:अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने पर हर्ष

^^ करणीदानसिंह राजपूत ^^

अशोक गहलोत के राजस्थान के मुख्यमंत्री बनाये पर सूरतगढ़ क्षेत्र में कांग्रेस जन हर्षित हैं। सामान्य जन भी अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनाये जाने पर अपनी हरेक प्रकार से अपनी सुरक्षा मानकर आनंदित है।

पूर्व विधायक सरदार हरचंद सिंह सिद्धू ने कहा के कांग्रेस की नीतियां और अनेक योजनाओं को भारतीय जनता पार्टी की वसुंधरा राजे सरकार ने छिन्न भिन्न कर दिया था,उन योजनाओं को फिर से लागू किया जा कर जनता को लाभान्वित किया जाएगा। 

सूरतगढ़ 14-12-2018.

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बुधवार, 12 दिसंबर 2018

करणी प्रेस इंडिया के पाठक 12 लाख से पार!

 * करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़,12-12- 2018.

सच्च को सामने लाने में और दबे हुए लोगों की आवाज को उठाने व समाज को जगाने के समाचारों विचारों के सामने लाने के प्रयास में करणी प्रेस इंडिया पाठकों की पसंद में शिखर पर है। पाठक 12 लाख से अधिक बार देख कर और आगे बढ चुके हैं। यह ऊंचाई पार करना प्रसन्नता पैदा करने वाली तो है ही और आगे बढने की प्रेरणा देने वाली भी है।

इस साइट सीधेे ही देेखने या इसके लिंक को फेस बुक मेरे नाम करणीदानसिंह राजपूत पर तथा ऑल वर्ल्ड ब्लॉग संगठन की न्यूज में देख पढ़ कर तत्काल विचार प्रगट करने में पाठक गण भी आगे रहे हैं। ये कदम ऐसे प्रभावशाली रहे हैं कि इनसे निरंतर तेज गति मिली  है।

 हमने विचारों को नया विस्तार दिया है जिसमें अनेक नए विषय शामिल किए हैं। व्यक्तियों के बजाय तथ्यों वाले कानून   एवं नियमों को सर्वाेपरि मानते हुए आगे बढ़ें हैं।

 महिलाओं व लड़कियों के साथ अपराध बढ़े हैं इसलिए सावधान व सतर्क रहने की जागरूकता के लिए भी पोस्टों को लिखा जा रहा है। कन्याओं को बचाने का अभियान हो  या नशा मुक्ति अभियान हो, उनके समाचार देने में आगे रहे हैं।

कई लोग व संगठन कानूनों से परिचित नहीं होते और इसलिए उनको लिखा हुआ अच्छा नहीं लगता,लेकिन उनकी आलोचनाओं  व टिप्पणियों पर गौर किया जाता रहा है। 

विशाल देश में नए नए समाचार तेजी से आते हैं। हमारे क्षेत्र में भी समाचारों का बाहुल्य है इसलिए किसी विषय को पकड़ कर नहीं रखा जा सकता। नए विषय पर भी आगे बढना होता है।

राजनीतिज्ञ​ सत्ताधारी धनबली और भ्रष्टाचारी सदा ही मीडिया को अपने विचारों से चलाना चाहते हैं लेकिन लोगों के साथ रहते हुए सच्चाई को ही आगे लाने के प्रयास में रहे हैं।

बड़े अखबार जिन समाचारों को रोकने में दबाने में व अपनी ईच्छानुसार बदल कर छापने में समय के अनुसार लगे हुए हैं। ऐसे समय में निर्भीक स्वतंत्र लेखन व समाचार देने का प्रयास रहा है। यही एक महत्वपूर्ण प्रमाण है कि अनेक समाचार बड़े अखबारों में नहीं मिलते जो करणी प्रेस इंडिया में पढ़ने को मिल जाते हैं। अखबारों में व चैनलों में आसपास के समाचार देने में आनाकानी होती है,लोग समाचार देखने को पढ़ने को आतुर रहते हैं लेकिन मिलते नहीं हैं। वे समाचार विचार करणी प्रेस इंडिया में देने का प्रयास रहता है। 

राजनैतिक आपराधिक सामाजिक धार्मिक आर्थिक विषय शहरी व ग्रामीण,सरकारी व गैर सरकारी सभी में आगे रहने का प्रयास सदा सफल रहा है।

हमारे समाचार,विचार,टिप्पणियां,लेख कहानियां,कविताएं एवं 

फोटो कवरेज आसपास और देश प्रदेश में सभी वर्गों द्वारा सराहे जाते रहे हैं। 

हमारे असंख्य पाठकों की आलोचनाओं समालोचनाओं ने ही इस ऊंचे शिखर पर पहुंचाया है। उनकी आलोचनाओं समालोचनाओं भरी राय से ही आगे और आगे बढने की प्रेरणा मिली है।

उच्च कोटि की टिप्पणियों व समाचारों के लिए लोग इस साइट पर भरोसा करते हुए देखते हैं। 

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2018 बीत चुके हैं। सरकार में परिवर्तन हो गया।जनता ने नई सरकार चुन ली।अन्य प्रदेशों मे भी परिवर्तन हुआ है।लोकसभा चुनाव 2019 मेंं कुछ महीने ही बाकी हैं तथा सभी उसकी तैयारी मेंं लग गए हैं। राजस्थान में 2019 में ही नगरपालिकाओं नगरपरिषदों के चुनाव होंगे।

पाठकों से आग्रह है कि करणी प्रेस इंडिया को देखते रहें व फोलोवर बनें।

www.karnipressindia.com

mail- karnidansinghrajput@gmail.com


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अशोक नागपाल की जिम्मेदारी में सूरतगढ़ रायसिंहनगर अनूपगढ़ भाजपा विजयी:


* करणीदान सिंह राजपूत * 


भारतीय जनता पार्टी को विजयी बनाने के अभियान में  पूर्व विधायक अशोक नागपाल को 3 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सौंपी थी।

अमित शाह और पूर्व विधायक अशोक नागपाल की 30 नवंबर 2018 शाम को विडिओ वार्ता हुई। इस वार्ता में नागपाल को 3 विधानसभा सूरत गढ रायसिंहनगर व अनूपगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे नागपाल ने स्वीकार किया है। नागपाल ने बिना किसी पद के पार्टी की सेवा करने का कहा लेकिन तीन विधानसभा सीटों पर जीत से नागपाल का कद पार्टी में बढा है।

अशोक नागपाल और अमितशाह की बातचीत में भारतीय जनता पार्टी की विशेष टीम ने भूमिका निभाई।

इस टीम में सूरतगढ़ के प्रभारी रवि कुक्कड़ जलालाबाद (पंजाब )भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता पूर्व जिला अध्यक्ष श्रीमती रजनी मोदी,भाजपा के वरिष्ठ युवा नेता मुरलीधर पारीक और संघ से जुड़े विश्व हिन्दू परिषद के नगर अध्यक्ष नवनीत मुंजाल की भूमिका अहम रही। 

इस विशेष टीम ने इन 3 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी के साथ भारतीय जनता पार्टी को मत देने के लिए अभियान शुरू किया था।अशोक नागपाल 2003 से 2008 तक सूरतगढ़ से भाजपा विधायक रहे तब क्षेत्र में सूरत गढ से घड़साना तक का विशाल इलाका शामिल था। 

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मंगलवार, 11 दिसंबर 2018

सूरतगढ़ जीत गया कासनिया,राह में कांटे खूब बिछाए



* करणी दान सिंह राजपूत*

 सूरतगढ़ 11 दिसंबर 2018.

 भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रामप्रताप कासनिया की जीत बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाएगी। राह में कांटे बिछाने में कोई कमी नहीं रखी गई।दिन रात दुष्प्रचार किया गया। आधारहीन बातें प्रचारित की गई, लेकिन कासनिया अपने महत्वपूर्ण संकल्प को लेकर कांटों  भरी राह के बीच से दुष्प्रचार को पछाड़ता जीत की ओर बढ़ता गया। परिणाम सबके सामने है।बहुत अच्छे वोटों से कासनिया की जीत हुई है।


 रामप्रताप कसनिया ने जीत के बाद जनता का आभार प्रकट करते हुए अपना पहला बयान यही दिया कि यह जीत जनता की है। जनता ने दिल से साथ देकर उन्हें विधायक की सीट सौंपी है। वे इस पद को पूर्ण मर्यादा के साथ निभाएंगे।रामप्रताप कसनिया पूर्व में राज्य मंत्री पद तक का दायित्व निभा चुके हैं।

सूरतगढ़ में 2008 में पराजय के बाद अब 10 साल बीतने के बाद  2018 में मिली जीत जबरदस्त जीत है।

 

कासनिया श्री गंगानगर से सूरतगढ़ शाम को चुनाव कार्यालय में पहुंचे जहां उनका जबरदस्त स्वागत किया गया। जयकारों से आकाश गुंजा दिया गया।मालाएं एक के बाद एक पहनाई जाती रही और काफी समय तक आतिशबाजी हुई व पटाखे छुड़ाए गए।

जनता कासनिया को अलग नहीं करना चाह रही थी और न खुद ही हटना चाह रही थी।






 ÁÁÁÁÁÁÁ





मंगलवार, 4 दिसंबर 2018

सूरतगढ:टिब्बा क्षेत्र व शहर में कासनिया भाजपा के काम:कोई मुकाबला नहीं







***** पांच सितारा विशेष रिपोर्ट: करणीदानसिंह  राजपूतः
सूरतगढ़ तहसील के टिबा क्षेत्र में करीब 5 हजार किसान परिवारों को रामप्रताप कसनिया के विधायक कार्यकाल और वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री काल में सन 2007-2008 में बारानी भूमि दो मुरब्बा तक का मुफ्त में खातेदारी अधिकार दिया गया।
50 सालों से किसान पीढ़ी दर पीढ़ी टीसी( अस्थायी) जोत रहे थे लेकिन मालिकाना अधिकार नहीं था। यह जमीन निशुल्क दी गई। कोई कीमत नहीं ली गई। इसके अलावा करीब दो हजार से ज्यादा किसानों को बालिग पुत्रों की भूमि पुख्ता आवंटित की गई। यह एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है जिसका कोई मुकाबला नहीं है। किसी भी विधायक के कार्यकाल में इतना बड़ा कार्य नहीं हुआ। 
 इसके अलावा रामप्रताप कासनिया के पूर्व के विधायक काल में रायसिख आदि को जमीने आवंटित की गई। विभिन्न प्रकार के समाज जो नहर निकलने के समय से जमीनों पर काबिज थे मगर उनके पास पट्टा नहीं था उनको पुख्ता आवंटन नहीं था।वे जमीनों के मालिक नहीं थे। ऐसी हजारों बीघा जमीन रामप्रताप कसनिया के विधायक काल में और मुख्यमंत्री वसुंधरा के राज में खातेदारी अधिकार मालिकाना अधिकार दिए गए। यह काम बहुत बड़ा काम था लेकिन कासनिया के काल में हुआ।
करीब चालीस पचास सालों से जो किसान जमीनों पर थे उनको मालिकाना अधिकार दिए गए।
कासनिया के काल में ही सेम ग्रस्त इलाकों का भी कायापलट करवाने के लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं बनाई गई। जहां अब खेती हो रही है। रामप्रताप कसनिया सन 2003 से 8 तक पीलीबंगा के निर्दलीय विधायक थे। उस समय सूरतगढ तहसील का  टिब्बा व अन्य क्षेत्र पीलीबंगा में था।
भाजपा के राज  वर्ष 2003 से 8 तक में सूरतगढ़ विधानसभा सीट से अशोक नागपाल विधायक थे। अशोक नागपाल के सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में सन 2007-8 में करीब 1 हजार किसानों को बारानी भूमिका पुख्ता आवंटन कर मालिकाना अधिकार दिए गए। यह भी एक रिकॉर्ड है।उस समय भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की थी।
इसके अलावा पिछले भारतीय जनता पार्टी के राज में 2013 से 2018 तक में विकास के अनेक कार्य हुए। गावों को सड़कों से जोड़ा गया। उच्च कोटि की पेयजल योजनाएं बनाई गई।शिक्षा और चिकित्सा के केंद्र खोले गए।सूरतगढ़ से अनूपगढ़ तक की सड़क बनाई गई। सूरतगढ़ शहर में गौरव पथ का निर्माण हुआ( जिसे बीकानेर रोड कहते हैं )आज आसानी से वाहन दौड़ रहे हैं।सीवरेज का कार्य महत्वपूर्ण कार्य है।निर्माण के समय निश्चित है कि खुदाई के बिना यह कार्य संभव नहीं था लेकिन अब आने वाले समय में संपूर्ण शुरुआत से शहर में एक नई प्रकार की सफाई व्यवस्था होगी और पानी शुद्ध होकर किसानों के खेतों को सिंचित करेगा जिसका एक बहुत बड़ा लाभ होगा।
टिब्बा क्षेत्र में सिंचाई के लिए सुविधा देने में कोई कमी नहीं रखी गई। टिब्बा क्षेत्र में खेतों में सिंचाई के लिए नलकूप लगाने के लिए बिजली के कनेक्शन आधी दरों पर दिए गए यानी कि 50% अनुदान दिया गया। इस प्रकार से करीब 500 किसानों को बिजली के कनेक्शन दिए गए। जिन खेतों में नलकूप पूर्ण काम कर रहे हैंवह खेत आज हरे भरे हैं और अच्छा उत्पादन कर रहे हैं। करीब 700 आवेदन बिजली के लिए और पड़े हैं आने वाले कार्यकाल में निश्चित रूप से उनके कार्य भी संभव होंगे।इसके अलावा खेतों में सिंचाई के लिए डिगियां  भी काफी बनाई गई है।
कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में अनेक कार्य हुए हैं जिनका कोई मुकाबला नहीं है।
रेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है।श्री गंगानगर हनुमानगढ़ सूरतगढ़ इलाके के अंदर से दूर दूर तक जाने वाली रेलें शुरू हुई है या ये जुड़े हैं। यात्रा का महत्वपूर्ण साधन इलाके को मिला है। बठिंडा से सूरतगढ़ तक रेल लाइन बिजली से जोड़ी जा रही है। जहां बिजली से रेल चलेगी और उनकी गति और अधिक हो सकेगी।
पेयजल की योजनाओं में सूरतगढ़ शहर में सूर्योदय नगरी और कच्ची बस्तियों में कई उच्च जलाशय बनाए गए हैं और कुछ का निर्माण अभी चल रहा है। सूर्योदय नगरी को शहर से जोड़ने के लिए 3 अंडरपास दिए गए हैं जिन पर करोड़ों रुपए का खर्चा हुआ है और नागरिकों की महत्वपूर्ण मांग पूरी हुई।
सूर्योदय नगरी के लिए एक डिस्पेंसरी भी खोली गई। सूर्योदय नगरी के लिए रेलवे का एक नया मुख्य द्वार भी बनाने की योजना है।
सूरतगढ़ की अनेक सड़कें और नाले नालियों का विकास हुआ है कुछ पार्क भी विकसित किए गए हैं।
सामाजिक संस्थाओं को नगर पालिका क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में धर्मशाला आदि के लिए विशेष छूट पर भूमि दी गई है और वहां पर संस्थाओं के भवन बन चुके हैं। वहां सामाजिक कार्य और समारोह हो रहे हैं। सूरगढ शहर के बीच बिश्रोई धर्मशाला के लिए पट्टा दिया गया जिसके लिए करीब तीस चालीस साल से मांग हो रही थी।
भाजपा के राज में पंचायत समिति कार्यालय के पास लाखों का अम्बेडकर भवन तैयार है। बस्तियों के ऊपर से गुजरती उच्च शक्ति की बिजली तारें हटाने का कार्य भी काफी क्षेत्र में हुआ है।
शहर में विशाल नंदी शाला का निर्माण हुआ जिसमें करीब 300 बेसहारा गौवंश को रखा हुआ है।
पुरानी धानमंडी परिसर जो गंदे पानी गंदगी में भरा रहता था को इंटरलॉकिंग टाईल्स लगाकर साफसुथरा रूप दिया गया जिससे वहां व्यवसाय करने वाले सुखी हुए हैं।
आलोचना करने वालों के पास थोथे बयानों के अलावा कोई प्रमाण नहीं है।
( मेरी जानकारी व अध्ययन से यह रिपोर्ट है - करणीदानसिंह राजपूत, प
*****पांच सितारा विशेष रिपोर्ट: करणीदानसिंह  राजपूतः
सूरतगढ़ तहसील के टिबा क्षेत्र में करीब 5 हजार किसान परिवारों को रामप्रताप कसनिया के विधायक कार्यकाल और वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री काल में सन 2007-2008 में बारानी भूमि दो मुरब्बा तक का मुफ्त में खातेदारी अधिकार दिया गया।
50 सालों से किसान पीढ़ी दर पीढ़ी टीसी( अस्थायी) जोत रहे थे लेकिन मालिकाना अधिकार नहीं था। यह जमीन निशुल्क दी गई। कोई कीमत नहीं ली गई। इसके अलावा करीब दो हजार से ज्यादा किसानों को बालिग पुत्रों की भूमि पुख्ता आवंटित की गई। यह एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है जिसका कोई मुकाबला नहीं है। किसी भी विधायक के कार्यकाल में इतना बड़ा कार्य नहीं हुआ। इसके अलावा रामप्रताप कासनिया के पूर्व के विधायक काल में रायसिख आदि को जमीने आवंटित की गई। विभिन्न प्रकार के समाज जो नहर निकलने के समय से जमीनों पर काबिज थे मगर उनके पास पट्टा नहीं था उनको पुख्ता आवंटन नहीं था।वे जमीनों के मालिक नहीं थे। ऐसी हजारों बीघा जमीन रामप्रताप कसनिया के विधायक काल में और मुख्यमंत्री वसुंधरा के राज में खातेदारी अधिकार मालिकाना अधिकार दिए गए। यह काम बहुत बड़ा काम था लेकिन कासनिया के काल में हुआ।
करीब चालीस पचास सालों से जो किसान जमीनों पर थे उनको मालिकाना अधिकार दिए गए।
कासनिया के काल में ही सेम ग्रस्त इलाकों का भी कायापलट करवाने के लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं बनाई गई। जहां अब खेती हो रही है। रामप्रताप कसनिया सन 2003 से 8 तक पीलीबंगा के निर्दलीय विधायक थे।
उस समय सूरतगढ तहसील का  टिब्बा व अन्य क्षेत्र पीलीबंगा में था।
भाजपा के राज  वर्ष 2003 से 8 तक में सूरतगढ़ विधानसभा सीट से अशोक नागपाल विधायक थे। अशोक नागपाल के सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में सन 2007-8 में करीब 1 हजार किसानों को बारानी भूमिका पुख्ता आवंटन कर मालिकाना अधिकार दिए गए। यह भी एक रिकॉर्ड है।उस समय भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की थी।इन रिकार्डों को कोई चुनौती नहीं दे।
इसके अलावा पिछले भारतीय जनता पार्टी के राज में 2013 से 2018 तक में विकास के अनेक कार्य हुए। गावों को सड़कों से जोड़ा गया। उच्च कोटि की पेयजल योजनाएं बनाई गई।शिक्षा और चिकित्सा के केंद्र खोले गए।सूरतगढ़ से अनूपगढ़ तक की सड़क बनाई गई। सूरतगढ़ शहर में गौरव पथ का निर्माण हुआ( जिसे बीकानेर रोड कहते हैं )आज आसानी से वाहन दौड़ रहे हैं।सीवरेज का कार्य महत्वपूर्ण कार्य है।निर्माण के समय निश्चित है कि खुदाई के बिना यह कार्य संभव नहीं था लेकिन अब आने वाले समय में संपूर्ण शुरुआत से शहर में एक नई प्रकार की सफाई व्यवस्था होगी और पानी शुद्ध होकर किसानों के खेतों को सिंचित करेगा जिसका एक बहुत बड़ा लाभ होगा।
टिब्बा क्षेत्र में सिंचाई के लिए सुविधा देने में कोई कमी नहीं रखी गई। टिब्बा क्षेत्र में खेतों में सिंचाई के लिए नलकूप लगाने के लिए बिजली के कनेक्शन आधी दरों पर दिए गए यानी कि 50% अनुदान दिया गया। इस प्रकार से करीब 500 किसानों को बिजली के कनेक्शन दिए गए। जिन खेतों में नलकूप पूर्ण काम कर रहे हैंवह खेत आज हरे भरे हैं और अच्छा उत्पादन कर रहे हैं। करीब 700 आवेदन बिजली के लिए और पड़े हैं आने वाले कार्यकाल में निश्चित रूप से उनके कार्य भी संभव होंगे।इसके अलावा खेतों में सिंचाई के लिए डिगियां  भी काफी बनाई गई है।
कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में अनेक कार्य हुए हैं जिनका कोई मुकाबला नहीं है।
रेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है।श्री गंगानगर हनुमानगढ़ सूरतगढ़ इलाके के अंदर से दूर दूर तक जाने वाली रेलें शुरू हुई है या ये जुड़े हैं। यात्रा का महत्वपूर्ण साधन इलाके को मिला है। बठिंडा से सूरतगढ़ तक रेल लाइन बिजली से जोड़ी जा रही है। जहां बिजली से रेल चलेगी और उनकी गति और अधिक हो सकेगी।
पेयजल की योजनाओं में सूरतगढ़ शहर में सूर्योदय नगरी और कच्ची बस्तियों में कई उच्च जलाशय बनाए गए हैं और कुछ का निर्माण अभी चल रहा है। सूर्योदय नगरी को शहर से जोड़ने के लिए 3 अंडरपास दिए गए हैं जिन पर करोड़ों रुपए का खर्चा हुआ है और नागरिकों की महत्वपूर्ण मांग पूरी हुई।
सूर्योदय नगरी के लिए एक डिस्पेंसरी भी खोली गई। सूर्योदय नगरी के लिए रेलवे का एक नया मुख्य द्वार भी बनाने की योजना है।
सूरतगढ़ की अनेक सड़कें और नाले नालियों का विकास हुआ है कुछ पार्क भी विकसित किए गए हैं।
सामाजिक संस्थाओं को नगर पालिका क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में धर्मशाला आदि के लिए विशेष छूट पर भूमि दी गई है और वहां पर संस्थाओं के भवन बन चुके हैं। वहां सामाजिक कार्य और समारोह हो रहे हैं। सूरगढ शहर के बीच बिश्रोई धर्मशाला के लिए पट्टा दिया गया जिसके लिए करीब तीस चालीस साल से मांग हो रही थी।
भाजपा के राज में पंचायत समिति कार्यालय के पास लाखों का अम्बेडकर भवन तैयार है। बस्तियों के ऊपर से गुजरती उच्च शक्ति की बिजली तारें हटाने का कार्य भी काफी क्षेत्र में हुआ है।
शहर में विशाल नंदी शाला का निर्माण हुआ जिसमें करीब 300 बेसहारा गौवंश को रखा हुआ है।
पुरानी धानमंडी परिसर जो गंदे पानी गंदगी में भरा रहता था को इंटरलॉकिंग टाईल्स लगाकर साफसुथरा रूप दिया गया जिससे वहां व्यवसाय करने वाले सुखी हुए हैं।
आलोचना करने वालों के पास थोथे बयानों के अलावा कोई प्रमाण नहीं है।
( मेरी जानकारी व अध्ययन से यह रिपोर्ट है - करणीदानसिंह राजपूत, पत्रकार. सूरतगढ़)
सूरतगढ:टिब्बा क्षेत्र व शहर में कासनिया भाजपा के काम:कोई मुकाबला नहीं
*****पांच सितारा विशेष रिपोर्ट: करणीदानसिंह  राजपूतः
सूरतगढ़ तहसील के टिबा क्षेत्र में करीब 5 हजार किसान परिवारों को रामप्रताप कसनिया के विधायक कार्यकाल और वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री काल में सन 2007-2008 में बारानी भूमि दो मुरब्बा तक का मुफ्त में खातेदारी अधिकार दिया गया।
50 सालों से किसान पीढ़ी दर पीढ़ी टीसी( अस्थायी) जोत रहे थे लेकिन मालिकाना अधिकार नहीं था। यह जमीन निशुल्क दी गई। कोई कीमत नहीं ली गई। इसके अलावा करीब दो हजार से ज्यादा किसानों को बालिग पुत्रों की भूमि पुख्ता आवंटित की गई। यह एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है जिसका कोई मुकाबला नहीं है। किसी भी विधायक के कार्यकाल में इतना बड़ा कार्य नहीं हुआ। इसके अलावा रामप्रताप कासनिया के पूर्व के विधायक काल में रायसिख आदि को जमीने आवंटित की गई। विभिन्न प्रकार के समाज जो नहर निकलने के समय से जमीनों पर काबिज थे मगर उनके पास पट्टा नहीं था उनको पुख्ता आवंटन नहीं था।वे जमीनों के मालिक नहीं थे। ऐसी हजारों बीघा जमीन रामप्रताप कसनिया के विधायक काल में और मुख्यमंत्री वसुंधरा के राज में खातेदारी अधिकार मालिकाना अधिकार दिए गए। यह काम बहुत बड़ा काम था लेकिन कासनिया के काल में हुआ।
करीब चालीस पचास सालों से जो किसान जमीनों पर थे उनको मालिकाना अधिकार दिए गए।
कासनिया के काल में ही सेम ग्रस्त इलाकों का भी कायापलट करवाने के लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं बनाई गई। जहां अब खेती हो रही है। रामप्रताप कसनिया सन 2003 से 8 तक पीलीबंगा के निर्दलीय विधायक थे।
उस समय सूरतगढ तहसील का  टिब्बा व अन्य क्षेत्र पीलीबंगा में था।
भाजपा के राज  वर्ष 2003 से 8 तक में सूरतगढ़ विधानसभा सीट से अशोक नागपाल विधायक थे। अशोक नागपाल के सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में सन 2007-8 में करीब 1 हजार किसानों को बारानी भूमिका पुख्ता आवंटन कर मालिकाना अधिकार दिए गए। यह भी एक रिकॉर्ड है।उस समय भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की थी।इन रिकार्डों को कोई चुनौती नहीं दे।
इसके अलावा पिछले भारतीय जनता पार्टी के राज में 2013 से 2018 तक में विकास के अनेक कार्य हुए। गावों को सड़कों से जोड़ा गया। उच्च कोटि की पेयजल योजनाएं बनाई गई।शिक्षा और चिकित्सा के केंद्र खोले गए।सूरतगढ़ से अनूपगढ़ तक की सड़क बनाई गई। सूरतगढ़ शहर में गौरव पथ का निर्माण हुआ( जिसे बीकानेर रोड कहते हैं )आज आसानी से वाहन दौड़ रहे हैं।सीवरेज का कार्य महत्वपूर्ण कार्य है।निर्माण के समय निश्चित है कि खुदाई के बिना यह कार्य संभव नहीं था लेकिन अब आने वाले समय में संपूर्ण शुरुआत से शहर में एक नई प्रकार की सफाई व्यवस्था होगी और पानी शुद्ध होकर किसानों के खेतों को सिंचित करेगा जिसका एक बहुत बड़ा लाभ होगा।
टिब्बा क्षेत्र में सिंचाई के लिए सुविधा देने में कोई कमी नहीं रखी गई। टिब्बा क्षेत्र में खेतों में सिंचाई के लिए नलकूप लगाने के लिए बिजली के कनेक्शन आधी दरों पर दिए गए यानी कि 50% अनुदान दिया गया। इस प्रकार से करीब 500 किसानों को बिजली के कनेक्शन दिए गए। जिन खेतों में नलकूप पूर्ण काम कर रहे हैंवह खेत आज हरे भरे हैं और अच्छा उत्पादन कर रहे हैं। करीब 700 आवेदन बिजली के लिए और पड़े हैं आने वाले कार्यकाल में निश्चित रूप से उनके कार्य भी संभव होंगे।इसके अलावा खेतों में सिंचाई के लिए डिगियां  भी काफी बनाई गई है।
कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में अनेक कार्य हुए हैं जिनका कोई मुकाबला नहीं है।
रेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है।श्री गंगानगर हनुमानगढ़ सूरतगढ़ इलाके के अंदर से दूर दूर तक जाने वाली रेलें शुरू हुई है या ये जुड़े हैं। यात्रा का महत्वपूर्ण साधन इलाके को मिला है। बठिंडा से सूरतगढ़ तक रेल लाइन बिजली से जोड़ी जा रही है। जहां बिजली से रेल चलेगी और उनकी गति और अधिक हो सकेगी।
पेयजल की योजनाओं में सूरतगढ़ शहर में सूर्योदय नगरी और कच्ची बस्तियों में कई उच्च जलाशय बनाए गए हैं और कुछ का निर्माण अभी चल रहा है। सूर्योदय नगरी को शहर से जोड़ने के लिए 3 अंडरपास दिए गए हैं जिन पर करोड़ों रुपए का खर्चा हुआ है और नागरिकों की महत्वपूर्ण मांग पूरी हुई।
सूर्योदय नगरी के लिए एक डिस्पेंसरी भी खोली गई। सूर्योदय नगरी के लिए रेलवे का एक नया मुख्य द्वार भी बनाने की योजना है।
सूरतगढ़ की अनेक सड़कें और नाले नालियों का विकास हुआ है कुछ पार्क भी विकसित किए गए हैं।
सामाजिक संस्थाओं को नगर पालिका क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में धर्मशाला आदि के लिए विशेष छूट पर भूमि दी गई है और वहां पर संस्थाओं के भवन बन चुके हैं। वहां सामाजिक कार्य और समारोह हो रहे हैं। सूरगढ शहर के बीच बिश्रोई धर्मशाला के लिए पट्टा दिया गया जिसके लिए करीब तीस चालीस साल से मांग हो रही थी।
भाजपा के राज में पंचायत समिति कार्यालय के पास लाखों का अम्बेडकर भवन तैयार है। बस्तियों के ऊपर से गुजरती उच्च शक्ति की बिजली तारें हटाने का कार्य भी काफी क्षेत्र में हुआ है।
शहर में विशाल नंदी शाला का निर्माण हुआ जिसमें करीब 300 बेसहारा गौवंश को रखा हुआ है।
पुरानी धानमंडी परिसर जो गंदे पानी गंदगी में भरा रहता था को इंटरलॉकिंग टाईल्स लगाकर साफसुथरा रूप दिया गया जिससे वहां व्यवसाय करने वाले सुखी हुए हैं।
आलोचना करने वालों के पास थोथे बयानों के अलावा कोई प्रमाण नहीं है।
( मेरी जानकारी व अध्ययन से यह रिपोर्ट है - करणीदानसिंह राजपूत, पत्रकार. सूरतगढ़)




सोमवार, 3 दिसंबर 2018

पूर्व विधायक अशोक नागपाल की कासनिया को विजयी बनाने की अपील


* करणी दानसिंह राजपूत *

सूरतगढ 3-12-2018.

भारतीय जनता पार्टी के विजय अभियान में पूर्व विधायक अशोक नागपाल ने आज सूरतगढ़ कार्यालय में जिंदाबाद के नारों के साथ क्षेत्र के मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रामप्रताप कसनिया के पक्ष में वोट डालने और विजयी बनाने की अपील की।

अशोक नागपाल  4 दिसंबर को भाजपा की श्री बिजयनगर रैली में भाग लेंगे।यह रैली सुबह 11:00 बजे निकाली जाएगी। श्री बिजय नगर का कुछ क्षेत्र रायसिंहनगर से भी जुड़ा हुआ है।


अशोक नागपाल ने आज 3 दिसंबर को पीलीबंगा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रत्याशी धर्मेंद्र मोची के पक्ष में जनसंपर्क प्रचार किया नागपाल पीलीबंगा डबली राठान में संपर्क कर शाम को सूरतगढ़ कार्यालय में लौटे। नागपाल कल विधानसभा क्षेत्र सूरतगढ़ में भी जनसंपर्क प्रचार में रहेंगे।
पूर्व विधायक अशोक नागपाल ने कासनिया को विजयी बनाने की अपील।

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