शुक्रवार, 16 नवंबर 2018

श्रीगंगानगर जिले की प्रत्येक विधानसभा के कितने मतदाता हैं-जानिए

* जिले में 13,50,022 मतदाता है*

श्रीगंगानगर, 28 सितम्बर2018.

जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 6 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का अन्तिम प्रकाशन कर दिया गया है। इसके बाद भी नाम जोड़ने व हटाने का क्रम जारी रहेगा। 6 विधानसभा क्षेत्रों में कुल अब तक 13 लाख 50 हजार 22 मतदाता है। 

    श्री ज्ञानाराम शुक्रवार को कलैक्ट्रेट कक्ष में मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने बताया कि

 

सादुलशहर विधानसभा क्षेत्र में पुरूष मतदाता एक लाख 13 हजार 238, महिला मतदाता एक लाख 2 हजार 158 है। 

श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र में पुरूष मतदाता एक लाख 13 हजार 585 तथा महिला मतदाता एक लाख 4 हजार 8 है। 

श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र में पुरूष मतदाता एक लाख 15 हजार 901, महिला मतदाता एक लाख 5 हजार 202 है। 

सूरतगढ विधानसभा क्षेत्र में पुरूष मतदाता एक लाख 20 हजार 634, महिला मतदाता एक लाख 6 हजार 719 है।

रायसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र में पुरूष मतदाता एक लाख 28 हजार 535 तथा महिला मतदाता एक लाख 15 हजार 984 है।

अनूपगढ विधानसभा क्षेत्रमें पुरूष मतदाता एक लाख 18 हजार 471 तथा महिला मतदाता एक लाख 5 हजार 588 है।

इस प्रकार जिले में कुल पुरूष मतदाता 7 लाख 10 हजार 420 तथा महिला मतदाता 6 लाख 39 हजार 602 है। 

जिला कलक्टर ने बताया कि 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाएं होगी, जिसमें मतदाता सूचियों का पठन होगा तथा नये मतदाता बनाने के आवेदन, नाम हटाने के आवेदन भी लिए जाएंगे। ग्राम सभा 3 व 4 को भी लगातार रहेगी। 7 अक्टूबर 2018 को प्रातः से सायं 7 बजे तक राजनैतिक दलों के बीएलए के साथ भी मतदाता सूचियों की जानकारी दी जाएगी। 

    जिला कलक्टर ने एमसीएमसी पैड न्यूज एवं मीडिया प्रकोष्ट की जानकारी दी। किसी भी दल व उम्मीदवार की ओर अधिक झुकाव वाली खबर या विशेषण की खबर पैड न्यूज की श्रेणी में आती है। रेडियो व टीवी पर विज्ञापन के लिए उम्मीदवार को कमेटी से प्रमाणीकरण करवाना होगा। इसके लिए तीन दिन पूर्व आवेदन करना होगा। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी श्री नखतदान बारहठ भी उपस्थित थे।

सूरतगढ:कांग्रेस टिकट हनुमान मील को मिली

* करणीदानसिंह राजपूत *

युवा चेहरे  हनुमान मील को सूरत गढ से प्रत्याशी बनाया 





 


गुरुवार, 15 नवंबर 2018

पूर्व विधायक अशोक नागपाल ने भाजपा छोड़ी:पार्टी अध्यक्ष को त्याग पत्र भेजा


- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ 15-11-2018.
भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार अशोक नागपाल ने टिकट नहीं मिलने पर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है।
सूरत गढ से वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू की टिकट काटी गई और पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया को देदी। अनूप गढ में प्रियंका बेलान को भी टिकट नहीं दिया गया।
नागपाल श्री गंगानगर से निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं।






मंगलवार, 13 नवंबर 2018

औरतों से पेच:औरतों ने ही मरवा दिया-सूरतगढ़ पुलिस का खुलासा



* करणी दान सिंह राजपूत *

 सूरतगढ़ 12 नवंबर 2018.

पराई औरतों से संबंधों के चलते उन्हीं से हुए विवाद से  हनुमानगढ़ में हुई हत्या और  सूरतगढ़ के पास नहर में थैले मे हाथ पैर बांधी मिली लाश की जांच में 2 औरतों व 3 आदमियों को गिरफ्तारियां और फरार दो अभियुक्त बार-बार नाम बदलते रहे जगह बदलते 

रहे लेकिन गिरफ्तार कर लिए गए

सूरतगढ़ के थाना अधिकारी सीआई निकेत पारीक ने घटनाक्रम गिरफ्तारियां पत्रकारों के समक्ष रखी और यह दावा किया कि अपराध कभी छुपता नहीं तथा अपराधियों की पकड़ जरूर हो जाती है। चाहे वे कितनी ही जगह बदले, कितने ही नाम और काम बदलें। 

सीआई निकेत पारीक


थाना अधिकारी ने सूरतगढ़ के पास 22 दिसंबर 2016 को भाखड़ा नहर की पीलीबंगा ब्राच चक 35 में नहर के अंदर एक प्लास्टिक थैले में बंद हाथ पैर बांधी हुई और पूरी तरह से मारपीट किए हुए एक व्यक्ति की लाश बरामद की। पुलिस ने आसपास मालूम किया मगर कोई पता नहीं चला तब पुलिस थानों को सूचित किया गया व सोशल मीडिया पर भी सूचना जारी की गई। तब लाश की पहचान हुई। 

 मृतक हनुमानगढ़ जंक्शन के वार्ड नंबर 42 में सुरेशिया मोहल्ला निवासी पचपन वर्षीय हरजिंद्र सिंह था। पुलिस जांच में पाया गया कि उसका कोई वारिस नहीं था वह पिछले 10- 12 सालों से सुरेशिया में रह रहा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर उसी वार्ड के पार्षद व अन्य लोगों को शव सुपुर्द कर दिया था। 

पुलिस जांच के अंदर यह मालूम हुआ कि हरजिंदर सिंह कुछ समय तक पाठी के रूप में कार्य कर रहा था। 

रहस्य उजागर हुआ के हरजिंद्र सिंह वहीं पर रहने वाली 55 वर्षीय आशा पत्नी मक्खन लाल अरोड़ा के संपर्क में था। हरजिंद्रसिंह और आशा के बीच एक प्लाट को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले में समझौता हो गया। वहीं

सुरेशिया मोहल्ले में एक और स्त्री परमजीत कौर उर्फ पम्मी उर्फ  चरणजीत कौर 45 वर्षीय पत्नी मलकीत सिंह किराए के मकान में रहती थी। वह चट्ठा गांव थाना मंडी डबवाली सिरसा की रहने वाली थी लेकिन सुरेशिया में जगजीत सिंह उर्फ विक्की 36 वर्षीय के साथ रहती थी। हरजिंदर सिंह उस स्त्री के साथ छेड़खानी करता था। यह आरोप विवाद और झगड़े का कारण बना। 

हरजिंदर सिंह का एक झगड़ा आशा के साथ हुआ दूसरा झगड़ा परमजीत कौर के साथ हुआ। उनके संगी भी हरजिंदर के विरोधी हो गए। यह रंजिश बढ़ती हुई हरजिंद्र सिंह की हत्या तक पहुंच गई।

20 दिसंबर 2016 को दोपहर में हरजिंद्र सिंह को पकड़ कर जगजीतसिंह के किराए के घर में लाया गया और बुरी तरह से मारपीट की गई। करंट लगाया गया। बाद में लाठियों से पीटकर हत्या कर डाली। घटनाक्रम में जगजीत सिंह ने अपने मित्र युसूफ पुत्र गुल्ले खान जितेंद्र पुत्र सोहनलाल बावरी के साथ मिलकर हरजिंद्र को ठिकाने लगाया। उस कार्य में वहां पर आशा और परमजीत कौर भी मौजूद थी। इन सभी ने मिलकर  हरजिंद्र को मार डाला। उसकी लाश वाला थैला मोटर सायकिल पर  लाद कर निकले और  थैला सूरतगढ़ के पास नहर में डाल दिया गया। 

पुलिस ने जांच शुरू कर 13 जनवरी 2017 को हत्या का खुलासा किया और युसूफखान,जितेंद्र और आशा को गिरफ्तार कर लिया,लेकिन जगजीत सिंह और परमजीत कौर फरार हो गए। यह मामला जांच में पेंडिंग पड़ा था खोजबीन में मालूम नहीं चल रहा था कि ये दोनों कहां रह रहे हैं।

 अब जिला पुलिस अधीक्षक आदेश पर इन फरार अभियुक्तों की गहन तरीके से खोजबीन शुरू हुई। 

थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक ने इसके लिए एक टीम का गठन किया जिसमें हेड कांस्टेबल रतनलाल कांस्टेबल इंद्राज और कांस्टेबल कांता देवी को लगाया गया। 

कई दिन तक रैकी करते रहे और उन्हें पता लगा कि बठिंडा रिफाइनरी के पास फरार अभियुक्त जगजीत सिंह कोई चाय का खोका किया करता था लेकिन वह दुकान बंद कर कहीं चला गया। अब खोजबीन फिर आगे चली और इस खोजबीन में पता लगा कि यह दोनों बबहमण जैसासिंह वाला थाना तलवंडी साबो बठिंडा अंदर रह रहे हैं।

पुलिस ने इन दोनों को 11 नवंबर 2018 वहां गिरफ्तार किया।

 थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक ने बताया कि समस्त पांचो अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अपराध कैसे भी किया जाए कोई भी करें कहीं भी गायब हो जाए लेकिन एक न एक दिन वह पुलिस की गिरफ्त में आ जाता है और पुलिस उसे न्याय के लिए अदालत को सौंप देती है। 

यहां पर गिरफ्तार जगजीत सिंह और परमजीत कौर के फोटोग्राफ्स दिए जा रहे हैं पास में उपस्थित है टीम लीडर रतनलाल हेड कांस्टेबल।

 

 


सोमवार, 12 नवंबर 2018

महाराणा प्रताप प्रतिमा पर किसने लगवाया यह बोर्ड?


सूरतगढ। मुख्य बाजार के चौराहे पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थल पर लगाया गया एक बोर्ड यह प्रदर्शित करता है कि पुलिस के पक्ष में संदेश लिखवा कर कहीँ भी लगाया जा सकता है। इस बोर्ड के कारण प्रतिमा स्थापना की घोषणा की शब्दावली ढ़क दी गई है।  बोर्ड लगाने के लिए किसने चुना यह स्थल?

 यह कार्य प्रतिमा के अपमान का कारक बना है,प्रतिदिन प्रतिमा पर माल्यार्पण होता है लेकिन माल्यार्पण करने वाले और उसमें उपस्थित यातायात पुलिसकर्मियों को यह दिखाई नहीं दे रहा। व्यवस्था के नाम पर किसी संदेश और व्यवसाय का प्रचार करने के लिए प्रतिमा स्थल को ढकना अनुचित कार्य है।

रविवार, 11 नवंबर 2018

सूरतगढ़ भाजपा टिकट रामप्रताप कासनिया को मिली

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ सीट पर भारतीय जनता पार्टी की टिकट रामप्रताप कासनिया को घोषित हो गई।

 दो दिग्गजों वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू और पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया के बीच टिकट वास्ते जबरदस्त कसम कस चल रही थी।

 रामप्रताप कसनिया ने सन 2013 में टिकट नहीं मिलने पर पार्टी के उच्च नेताओं के निर्देश पर राजेंद्र सिंह भादू को मंच पर खुला समर्थन दिया व विजय श्री दिलाने में पूरा योगदान दिया।

 कासनिया ने 5 वर्ष तक भारतीय जनता पार्टी की अनुशासन तपस्या करके पार्टी को अन्य चुनावों में भी पूरा सहयोग दिया व  सत्ता पर बिठाने में योगदान दिया।

 कसनिया ने तपस्या में स्वयं को सफल मानकर लोगों की समीक्षा और समर्थन पाकर सन 2018 की टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी।

एक सभा 10 अक्टूबर को करके यह साबित भी किया कि वर्तमान में सूरतगढ़ क्षेत्र के लोग उन्हें बहुत चाहते हैं। 

लोग यह मानते हैं कि टिकट कासनिया को दिया जाए तो विपरीत हालात में भी यह सीट भारतीय जनता पार्टी की दावे के साथ विजय श्री की ओर बढ़ सकती है। 

इस सीट पर भाजपा का वर्चस्व कायम है और चुनाव के अंदर कांग्रेस के साथ जबरदस्त टक्कर होगी।

राम प्रताप कासनिया ने कहा था कि सर्वे के आधार पर टिकट दिया जाए। राजेंद्र सिंह भादू ने अपने विकास कार्यों पर पूरा भरोसा करते हुए कहा कि विकास हुए हैं उनके आधार पर टिकट का वितरण किया जाए।वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू की टिकट काट दी गई है,दुबारा नहीं दी गई।

राजनीतिक क्षेत्रों में चाहे मोदी और वसुंधरा का नारा चले ना चले लेकिन यह तो मानकर चल रहे हैं कि कांग्रेस के पक्ष में जो हवा बताई जा रही है वह वोटिंग के समय तक नहीं रहेगी । 

लोग अभी भी भाजपा को चाहते हैं और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में अधिक वोट करेंगे। 



शनिवार, 10 नवंबर 2018

बसपा झंडे तले आमजन के हक और अधिकारों की लडा़ई लड़ता रहूगां - डूंगरराम गेदर

सूरतगढ - 10 नवम्बर 2018,  बहुजन समाज पार्टी सूरतगढ के प्रत्याशी डूंगरराम गेदर ने वार्ड नंबर 4, 5, 6, 7, व 23, 24, 25, 26, 27 में  नुक्कड़ सभा में दीपावली की राम राम करते हुए कहा कि मैं पिछले 30 वर्षों से बसपा के नीले झंडे के नीचे तीन महा संकल्प, आजीवन शादी नहीं करूंगा,  मैं अपने लिये किसी प्रकार की कोई सम्पति नहीं रखूंगा, व मै अपना संम्पूर्ण जीवन समाज सेवा में लगाऊंगा, का प्रण लेकर राजनीति में आया हूं और सच्ची जन सेवा करते हुए गरीबों के हक और अधिकारों की लड़ाई कांग्रेस और भाजपा की सरकारों से लड़ता आया हू और  लड़ता रहूंगा। गेदर ने कहा कि वर्तमान में नेता अपने लाभ के लिए व चुनाव जीतने के लिए जिस प्रकार कपड़े बदलते हैं उसी प्रकार पार्टियां बदलते रहते हैं। रातों रात ऐसे लोगों का डंडा वही रहता है और झंडा बदल जाता है। लेकिन मैंने जनसेवा को ही सच्ची सेवा मानते हुए पिछले 30 वर्षों से बसपा के नीले झंडे के नीचे कार्य करता आया हूं। गेदर ने लोगों से कहा की सेवा करने की इच्छा है मन में, इसलिए एक बार सेवा का मौका दें। लोगों ने गेदर को भारी मतों से जिताने का आश्वासन देते हुए तन मन धन से सहयोग करने का वादा किया और माला पहनाकर जीतने का आशीर्वाद दिया। गेदर के साथ बसपा नगर अध्यक्ष पवन सोनी, राजेन्द्र बोगियां,रज्जाक खान ,महावीर टाक, पूर्व पार्षद बनवारी लाल नायक ,भूपेंद्र सेठ, साधु राम गवारिया, धन्नालाल मेघवाल, मदन मेघवाल, रामप्रताप जालप ,साहब राम नाथ ,प्रेम जावा,मकशुद शेख,हरबंस ढूंढेरिया रामकुमार बावरी,हंस राज शर्मा ,घनश्याम स्वामी,अजय घुसर मनोज चांगरा,मलकीत सिंह ,टेक सिंह,नेमीचंद, अमित कल्याणा, मनोज जाटव, एडवोकेेेट लोकेश गहरवाल, आदि ने सभा को संबोधित किया।







शुक्रवार, 9 नवंबर 2018

राजस्थान में वसुंधरा के ताज पर संकट कितना:इंडिया टुडे व एक्सिस माई इंडिया का सर्वे पर टिप्पणी

* करणीदानसिंह राजपूत *

 9 नवंबर 2018.

राजस्थान में वसुंधरा राजे की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार के पांच साल पूर्ण होते इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया का सर्वे सामने आया है। सटोरियों,चर्चाओं और अखबारबाजी में वसुंधरा सरकार को संकट में बताने का हल्ला मचा है लेकिन हालात बहुत अधिक बिगड़े हैं या नहीं? यह जानिए।

सर्वे के मुताबिक, राजस्थान की 43 फीसद जनता सरकार बदलना चाहती है वहीं 39 प्रतिशत मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार का समर्थन करती है जबकि 18 प्रतिशत इस मसले पर कोई राय प्रगट नहीं करती। इस 18 प्रतिशत का रुख मतदान तक क्या होगा? सामान्य तया ये राय प्रगट नहीं करने वाले सरकार के पक्ष में रह जाते हैं जब सामने भी एकजुटता नजर नहीं आती हो। अभी कांग्रेस में नेतृत्व में एकजुटता की कमी है। टिकटार्थियों में कोई भी यह नहीं कह रहा कि वह टिकट नहीं मिलने पर तय प्रत्याशी के साथ खड़ा होगा। मतलब वह किधर भी मुंह कर सकता है। 


कांग्रेस की दशा भी इस सर्वे में समझें।


सर्वे में जनता ने सरकार बदलाव के अलावा अन्य कई मुद्दों पर अपनी राय प्रगट की है। मालूम हो कि पिछले कई चुनावी सर्वे में वसुंधरा सरकार की स्थिति सामने आ चुकी है। इनमें सीएम वसुंधरा के प्रति लोगों की नाराजगी सामने आई है। सर्वे में राजस्थान की जनता मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर अपनी राय प्रकट की है। चुनाव प्रचार में सीएम राजे बीजेपी की अगुवाई कर रही है। वहीं कांग्रेस की ओर से सचिन पायलट मोर्चा संभाल रहे हैं। लेकिन सर्वे में अशोक गहलोत सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर सामने आए हैं।

सर्वे में शामिल 35 प्रतिशत लोग अशोक गहलोत को अगला मुख्यमंत्री चाहते हैं और 11 प्रतिशत लोग सचिन पायलट को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। आश्चर्य है कि मौजूदा मुख्यमंत्री वसुंधरा को 31 प्रतिशत लोग फिर से मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। 

हां,कांग्रेस दो दिग्गज नेता अशोक गहलोत और पायलट के आंकड़ों को जोड़ दिया जाए तो वह संयुक्त रूप से 46 प्रतिशत पहुंचता है।

क्या इससे यह अनुमान लगता है की भाजपा कांग्रेस की ही टक्कर होगी?


 

राजस्थान में 12 से 19 नवंबर तक नामांकन:

श्रीगंगानगर, 9 नवम्बर। विधानसभा आम चुनाव 2018 के दौरान 12 नवम्बर 2018 से नाम निर्देशन का कार्य प्रारम्भ होगा। नाम निर्देशन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 19 नवम्बर होगी। 

जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने बताया कि नाम निर्देशनों की 20 नवम्बर को संवीक्षा की जायेगी। 22 नवम्बर तक अभ्यर्थियों के नाम वापस लेने की अंतिम तिथि रहेगी। 7 दिसम्बर 2018 को प्रातः 8 से सायं 5 बजे तक मतदान रहेगा। 

बुधवार, 7 नवंबर 2018

25 महिला होमगार्ड्स के यौन शोषण के आरोप: 2 अधिकारी सस्पेंड।

*महिलाओं ने अपनी शिकायत में दो वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे उनका ‘मानसिक, शारीरिक, यौन, भावनात्मक और आर्थिक तौर पर उत्पीड़न’ करते हैं और उनमें से कुछ का यौन शोषण करना चाहते थे।*


November 7, 2018.


गुजरात के सूरत में 25 महिला होम गार्ड्स ने दो वरिष्ठ अधिकारियों पर उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसके बाद दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और जांच के आदेश दिए गए हैं। महिला कर्मियों ने पुलिस आयुक्त (नगर) सतीश शर्मा को पिछले हफ्ते लिखित शिकायत दी थी। होम गार्ड्स के कमांडेंट जनरल पीबी गोंडिया ने कहा, ‘‘महिला होम गार्ड्स की अपने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद हमनें उन्हें (दो वरिष्ठ अधिकारियों) निलंबित कर दिया है और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के एक अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा है।’’

उन्होंने कहा कि 25 शिकायतकर्ताओं में से 19 के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं और अन्य के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। महिलाओं ने अपनी शिकायत में दो वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे उनका ‘मानसिक, शारीरिक, यौन, भावनात्मक और आर्थिक तौर पर उत्पीड़न’ करते हैं और उनमें से कुछ का यौन शोषण करना चाहते थे।

गौरतलब है कि, इन 25 महिला होमगार्डस ने शुक्रवार शाम सूरत पुलिस आयुक्त सतीष शर्मा के कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज करवायी थी। शिकायत में कहा गया था कि, ऑफिसर कमांडिंग सोमनाथ परेड के समय परेड ग्राउन्ड पर टर्न आउट के नाम पर चेक करने के बहाने इधर उधर हाथ लगाते रहते हैं। साथ ही शिकायत में एक महिला अधिकारी का नाम भी सामने आया था। कहा गया था कि, महिला होमगार्ड इंचार्ज भावना बेन कंथारिया कहती हैं कि तुम्हें साहब का ध्यान रखना पड़ेगा। सोमनाथ अपने घर बुलाएं तो जाना पड़ेगा। ऐसा करके तुम अपनी नौकरी सुरक्षित रखोगी।

( जनसत्ता ओन लाइन साभार)


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