सोमवार, 18 फ़रवरी 2019

मतदाता जागरूकता रथ रवाना: 6 विधानसभाओं में ईवीएम व वीवीपेट की देगें जानकारी

श्रीगंगानगर, 18 फरवरी 2019.

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा आम चुनाव 2019 के दौरान मतदाताओं को जागरूक करने के लिये जिले की 6 विधानसभाओं में प्रचार रथ रवाना किये गये।

जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने प्रचार रथों को सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि जिले की 6 विधानसभाओं  के लिये 12 प्रचार रथ रवाना किये गये है। यह रथ होर्डिग्स, बैनर तथा ऑडियों, विडियों के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करेंगे। प्रचार रथों पर अब कोई मतदाता नही छुटेगा, निर्भय हो मतदान करेगें, देश का हम सम्मान करेंगे, के स्लोगन लिखे हुए है। प्रचार रथों के माध्यम से ईवीएम व वीवीपेट की जानकारी दी जायेगी। 

इस अवसर पर उपजिला निर्वाचन अधिकारी श्री नख्तदान बारहठ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद श्री अजीत सिंह, उपनिदेशक लोक सेवाएं श्री मुकेश बारहठ सहित कलेक्ट्रेट परिसर के अधिकारी व चुनाव शाखा के अधिकारी उपस्थित थे। 





सांसद निहाल चंद कोटे की राशि सदुपयोग करने में राजस्थान में प्रथम

* करणीदानसिंह राजपूत *

राजस्थान के 25 संसदीय क्षेत्रों में गंगानगर के सांसद एवं पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री निहालचंद ने सर्वाधिक राशि का उपयोग विकास व निर्माण कार्यों में किया है। 

जिला परिषद से मिली जानकारी के अनुसार गत 5 वर्षों में प्रत्येक सांसद को सांसद क्षेत्र  विकास योजना में 25-25 करोड़ रूपये की राशि निर्माण व विकास के लिये दी गई थी। सांसद श्री निहालचंद ने दिसम्बर 2018 तक 25 करोड़ में से 22.5 करोड़ रूपये की राशि का सदुपयोग कर राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार देश में 40वां स्थान रहा है। श्री निहालचंद ने छत्तीस प्राईवेट बिलों में से तीन बिल स्वयं प्रस्तुत कर 23वीं रैंक प्राप्त की है। इसी प्रकार संसद में उपस्थिति 89.19 प्रतिशत रही, जो उपस्थिति की 40वीं रैंक है। श्री निहालचंद द्वारा संसद में लगभग 37 बार विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर बहस की गई। 

रविवार, 17 फ़रवरी 2019

कश्मीर के हुर्रियत व अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा हटी. हर साल करोड़ों खर्च करती थी सरकार

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार की सख्ती के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हुर्रियत और अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा हटा ली है। 

गृहमंत्रालय के आदेश के बाद कश्मीर के हुर्रियत और अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक, अब्दुल गनी बट्ट, बिलाल लोन, फजल हक कुरैशी, शब्बीर शाह की सरकारी सुरक्षा हटा ली गई है। सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें मिल रही सारी सरकारी सुविधाएं छीन ली गई है। 

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला किया। इस हमले में देश से अपने 40 जवानों को खो दिया। 

 केंद्र सरकार इन अलगाववादी और हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा पर करोड़ों रूपये खर्च करती है। 

 पिछले साल छपी एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने पिछले 10 सालों में जम्मू कश्मीर के हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा पर करीब 11 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। हुर्रियत के 14 नेताओं पर सरकार ने साल 2008 से लेकर साल 2017 के बीच सुरक्षा मद में 11 करोड़ की मोटी रकम खर्च की। हुर्रियत के कई नेताओं को 5 सिक्योरिटी गार्ड और 4 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर मिले हुए थे,जिसे सरकार ने अब हटा लिया है।


हुर्रियत नेता उमर फारूख पर साल 2015 में  सुरक्षा पर 34 लाख रुपए खर्च किए गए तो साल 2016 में 36 लाख रुपए और साल 2017 में  37 लाख रुपए खर्च कर दिए। 

साल 2015 से 2017 के बीच हुर्रियत नेता प्रोफेसर अब्दुल गनी बट की सुरक्षा और ट्रांसपोर्टेशन पर करीब 2.15 करोड़ रुपए खर्च किए गए। 

जबकि इसी दौरान आगा सैयद हसन मौलवी, मौलवी अबास अन्सारी और बिलाल गनी लोन की सुरक्षा पर 1 करोड़ रुपए खर्च किए गए।


पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने कश्मीर के इन हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा और सरकारी सुविधाएं हटा ली है। 


श्रीगंगानगर लोकसभा सीट:भाजपा टिकट:अशोक आसेरी भी दावेदार(गैर मेघवाल)


श्री गंगानगर लोकसभा चुनाव 2019 के लिए इस बार भारतीय जनता पार्टी की टिकट के लिए चर्मकार समुदाय के भाजपा नेता इंजीनियर अशोक कुमार आसेरी ने भी दावा किया है।


 श्री गंगानगर लोकसभा सीट पर  करीब 18 लाख 50 हजार वोट है जिनमें  31-32 प्रतिशत करीब 6 लाख वोट अनुसूचित जाति वर्ग के हैं।



(मेघवाल समाज)


 मेघवाल समुदाय के सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 17 से 19 हज़ार रायसिंहनगर में 12 से 14 हजार श्रीकरणपुर में  12 से 14 हजार श्रीगंगानगर में 15 हजार संगरिया में 10 हजार  पीलीबंगा में 25 हजार हनुमानगढ़ में 15 हजार सादुलशहर में 15 हजार हैं।

 अनुमान है कि 127000 मेघवाल वर्ग के वोट हैं जिन्हें अधिकतम माना जाए तो 140000 के करीब है।

 इनमें करीब मतदान 90,000 का होता है। 


(चर्मकार वर्ग)

(मोची खटीक रेगर सांसी आदि)


 सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 4000 रायसिंहनगर में  7000 श्रीकरणपुर 4000 श्री गंगानगर में  35000 संगरिया में 8000 पीलीबंगा में 15000 हनुमानगढ़ में 5000 सादुल शहर में 4000 करीब हैं जो कुल  82000 वोट है। मतदान में 50000 वोट पड़ते हैं।


इस बार भी भारतीय जनता पार्टी को  वोट मोदी के नाम से ही मिलेंगे इसलिए चर्मकार वर्ग ने भी अपना दावा शक्तिशाली तथ्यों से पेश किया है।

कि टिकट चर्मकार वर्ग में से दी जाए।


इस दावे के अंदर यह मानना है कि विधानसभा चुनाव 2018 में बीकानेर संभाग में 5 विधानसभा क्षेत्र आरक्षित थे। जिनमें दो सुजानगढ़ और खाजूवाला मेघवाल समुदाय को दिए गए और यह दोनों सीटें भारतीय जनता पार्टी हारी।  गैर मेघवाल समुदाय में 3 सीटें दी गई जो सभी जीती, जिनमें पीलीबंगा में धर्मेंद्र मोची चर्मकार वर्ग  जीते। रायसिंहनगर से बलवीर लूथरा रामदासिया वर्ग से जीते। अनूपगढ़ से श्रीमती संतोष बावरी बावरी वर्ग से जीती। श्री गंगानगर 8 विधानसभा क्षेत्रों में से दो रिजर्व है रायसिंहनगर और अनूपगढ़ दोनों पर गैर मेघवाल जीते।


अब आप देखिए कि मेघवाल समुदाय से दो व्यक्ति जो कि अन्य पार्टियों के थे वह पराजित हुए। पीलीबंगा से कांग्रेस के विनोद गोठवाल  हार गए। रायसिंहनगर से शोपत मेघवाल खड़े हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की तरफ से जो हारे। 


दावे अपने अपने स्तर से अलग अलग हैं श्री गंगानगर सीट पर इस बार यह दावा चर्मकार वर्ग से अशोक आसेरी जीनगर ( मोची) ने प्रस्तुत किया है। करीब 48 वर्षीय अशोक आसेरी क्षेत्र में समाज सेवा में और राजनीति में लोकप्रिय माने जाते हैं। भाजपा के हर अभियान में सक्रिय रहने वाले अशोक आसेरी अन्य सामान्य वर्ग में भी लोकप्रिय हैं।

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मदन लाल कस्वां का शव मिला: इंदिरा गांधी नहर में बख्तावरपुरा के पास


 ^^ करणी दान सिंह राजपूत ^^


सूरतगढ़ की राजनीति और समाज सेवा में लोकप्रिय मदन लाल कस्वां  निवासी जानकीदास वाला 9 फरवरी रात्रि करीब 8:00 बजे इंदिरा गांधी नहर की बुर्जी संख्या 285 पर मोबाइल पर वार्ता करते हुए अंधेरे में फैसले और नहर में गिर गए थे।


 उसके बाद खूब भागदौड़ हुई पुलिस प्रशासन और पारिवारिक रूप से नहर में तलाश शुरू हुई। दिन रात तलाश हुई।एक एक दिन उम्मीदों के सहारे बीत रहा था। 

शनिवार दिनांक 16-2-2019 मध्य रात्रि के बाद बख्तावरपुरा के पास उनका शव नहर में ऊपर आया। आठवें दिन जाकर यह शव मिला।

उनका अंतिम संस्कार गांव में रविवार 17 फरवरी को किया गया।

 मदनलाल कस्वां इलाके में लोकप्रिय व्यक्ति रहे हैं।

उनकी धर्मपत्नी सूरतगढ़ कृषि उपज मंडी समिति की अध्यक्ष रह चुकी हैं। लोगों का मानना है कि ईश्वर इस प्रकार की दुर्घटना मृत्यु किसी को भी नहीं दे।


शनिवार, 16 फ़रवरी 2019

सूरतगढ़ में नकली नोट गिरोह के 3 गिरफ्तार:राजस्थान, पंजाब हरियाणा में सक्रिय:1,20,000 के नकली नोट बरामद.

***** करणीदानसिंह राजपूत *


- एक सूरतगढ़, एक सरदार गढ का शामिल- 


पुलिस को सूरतगद शहर में पिछले कुछ दिनों से 2000 रूपये के 2 नकली नोट बाजार में  प्रचलन मे आने की सूचना मिली थी।

 इस पर तुरंत ही पर हेमन्त शर्मा पुलिस अधीक्षक  श्री गंगानगर व सुरेंद्र सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गंगानगर एवम  सीओ सूरतगद को सूूचित किया गया और उनके निर्देशानुसार थानाधिकारी निरीक्षक निकेतकुमार पारीक के नेतृत्व मे एक टीम गठित की गई।


 टीम ने सुखबीर की सूचना पर कार्यवाही करते हुए अश्वनी कुमार पुत्र श्री प्नसाद गिरी जाति गुंसाई उम्र 28 साल निवासी वार्ड नम्बर 6 सूरतगढ एवम मोहम्मद हुसेन पुत्र नूरहसन जाति मुसलमान उम्र 36 साल निवासी सरदारगढ पुलिस थाना जैतसर हाल निवासी वार्ड नम्बर 6 सूरतगढ एवं अजीत नगर धान मण्डी के पीछे अबोहर पुलिस थाना सीटी अबोहर पंजाब के अंग्रेज सिंह के कब्जा से कुल 40,000 रूपये के नकली नोट बरामद कर मुकदमा न० 45 दिनाक 13-2-2019 दर्ज करया।

 दौराने अनुसंधान मोहमद हुसैन की इत्तला से मुलजिम अंग्रेजसिह पुत्र हंसासिह जाति मजबी सिख उम्र 34 साल निवासी उतम नगर गली न० 3 पुरानी फाजिल्लका रोड वार्ड न० 32 अबोहर पुलिस थाना सिटी अबोहर जिला फाजिल्का पंजाब को गिरफतार कर अंग्रेजसिह के कब्जे से 20,000 रूपये के नकली नोट बरामद किये ।


 अंग्रेजसिह ने पूछताछ मे उक्त नकली नोट सुरजीत कुमार पुत्र  केसरा राम जाति चमार निवासी हुडीना जिला महेन्द्रगढ हरियाणा के घर से लेकर आना बताया। यह भी बताया कि सुरजीत कुमार अपने घर पर ही नकली नोट तैयार करता है।

अंग्रेजसिह की सुचना पर कार्यवाही करते हुए सुरजीत कुमार के घर दबिश दी। सुरजीत कुमार घर पर नही मिला। उसके घर से 40,000 के नकली नोट तथा नोट छापने की सामग्री एक रंगीन प्रिंटर , एक महात्मा गांधी के चित्र लगी मोहर,एक नम्बरिंग मशीन, एकेलिक पेंट की शीशी व दो तरह के  सफेद कागज बरामद हुऐ । 

मुलजिम अशवनी के घर से 20,000 के  नकली नोट और बरामद हुए।

 इस प्रकार अब तक इस कार्यवाही में  कुल 1,20,000 रूपये के नकली नोट बरामद हुऐ है। ये सभी नोट 2000-2000 के हैं।

मुलजिम मोहम्मद हुसेन, अश्वनीकुमार एवम अंग्रेजसिह पुलिस रिमाण्ड पर है जिनसे और अनुसंधान जारी है।

टीम के सदस्य… निकेतकुमार मु०नि० थानाधिकारी सूरतगढ शहर , लक्ष्मणसिंह एएसआई. ,इन्द्राज कानि:, टिकमचन्द कानि, देबीलाल कानि, हनुमान कानि, नागरमल कानि ।

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सूरतगढ़ पालिका कर्मियों द्वारा शहीद सीआरपीएफ जवानों को मौन श्रद्धाजंलि


 जम्मू कश्मीर के पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को आज नगर पालिका कर्मचारियों के द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

 श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा, पूर्व पार्षद सुनील छाबड़ा,पार्षद ओम अठवाल, अधिशासी अधिकारी लालचंद सांखला व अन्य अधिकारी कर्मचारियों ने भाग लिया।

शहीदों को  2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2019

पाकिस्तान तरसेगा भारत से सस्ते सामान के लिए.भारत के इस कदम से टूट जाएगी पाक की कमर


15 Feb 2019.

पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन  (एमएफएन या सर्वाधिक तरजीही देश) का दर्जा खत्म होने से वह संकट के वक्त भारत से सस्ते दामों पर सामान नहीं मंगा सकेगा। भारत उसके सामानों पर भारी आयात शुल्क लगा सकेगा और उससे आयात के कोटे को न्यूनतम भी कर सकेगा। 

पाकिस्तान की भारत के खुले बाजार में पहुंच खत्म हो जाएगी। दरअसल, पिछले एक दशक में संकट के वक्त पाकिस्तान ने भारत से आलू, प्याज, टमाटर, चीनी और चावल जैसे तमाम उत्पादों का आयात किया। वाघा बार्डर के जरिये पाकिस्तान को ये सामान काफी सस्ता पड़ा । इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड में वैश्विक व्यापार विशेषज्ञ राकेश मोहन जोशी ने कहा कि भारत ने तरजीही राष्ट्र के दर्जे पर सोचा समझा फैसला लिया है, क्योंकि भारत का निर्यात पाक से हो रहे आयात से ज्यादा है। भारत पाकिस्तान से फल, सीमेंट, चमड़ा, केमिकल और मसालों का आयात करता है। जबिक लोहा, स्टील, सब्जियों, कपास, डाई आदि का निर्यात करता है।


भारत को नुकसान नहीं


पाकिस्तान से व्यापार अगर शून्य स्तर पर भी आ जाता है तो भारत को कोई नुकसान नहीं होगा। भारत और पाक का व्यापार भारत के कुल व्यापार का महज 0.40 फीसदी हिस्सा ही है। पाक भारत के दस फीसदी उत्पादों के आयात को ही मंजूरी देता है। जबकि भारत पाकिस्तान के 99 फीसदी उत्पादों पर कोई रोक नहीं लगाता है। वर्ष 2017-18 में पाक को 1.9 अरब डॉलर का निर्यात किया गया, जबकि 50 लाख डॉलर का आयात हुआ। विश्व बैंक के मुताबिक, अगर शांति रहे द्विपक्षीय व्यापार 15 गुना बढ़कर 37 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।


पाक से एमएफएन का दर्जा छीने से उसकी अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगेगा, जो पहले ही लड़खड़ा रही है। जबकि भारत की पाकिस्तान के बाजार पर निर्भरता नहीं है और आसानी से वह मध्यपूर्व के देशों का रुख कर सकता है।  -राजीव कुमार, नीति आयोग के उपाध्यक्ष 


संकट के समय फैलाया हाथ


2014 जुलाई : दो हजार टन आलू का रोजाना निर्यात हुआ पाक को अटारी वाघा बार्डर से, पाक में आलू के दाम 40-50 रुपये होने के बाद


2015 अगस्त : भारत ने प्याज की कमी को देखते हुए पाकिस्तान से रोजाना एक हजार टन प्याज आयात पाक से आयात को मंजूरी दी


2010-16 जुलाई : भारत ने 6 साल में पाक से 87 लाख टन नमक का आयात किया। इसमें ज्यादा मात्रा व्रत और त्योहार में इस्तेमाल सेंधा नमक की है। वहीं भारत ने उसे करीब 50 लाख टन सादा नमक का निर्यात किया।


2016-17 अक्तूबर : दो लाख टन टमाटर हर साल गुजरात से पाकिस्तान को निर्यात होता है। 2017 में तनाव बढ़ने के बाद पाक ने प्रतिबंध लगा दिया। 


2012 फरवरी : पाक ने संकट के वक्त पहली बार भारत से चावल आयात किया। 2500 टन चावल की पहली खेप।


सैनिक सहायता कोष के लिये 51 हजार का सहयोग

***** करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़/श्रीगंगानगर, 15 फरवरी 2019.

 जम्मू कश्मीर क्षेत्र के पुलवामा में आतंकी हमले से शहीद हुए जवानों को श्रृद्धांजलि दी जा रही है, वही पर बींझबायला के किसान रणवीर गोदारा ने सैनिक सहायता कोष में 51 हजार रूपये की सहयोग राशि का चैक जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते को सौंपा। 

इस अवसर पर गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड, रायसिंहनगर विधायक श्री बलवीर सिंह लूथरा भी उपस्थित थे। बींझबायला निवासी किसान श्री रणवीर ने बताया कि ऋण माफी योजना के तहत 49 हजार रूपये की राशि का बैंक कर्ज माफ हुआ था। इसी राशि को आज सैनिक कल्याण कोष में सहायता स्वरूप प्रदान की गई है। 





सीमांत क्षेत्र के लिये महत्वपूर्ण योजनाः- जिला कलक्टर

श्रीगंगानगर, 15 फरवरी। जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि सीमांत क्षेत्र विकास योजना सीमा क्षेत्र के गांवों के लिये एक महत्वपूर्ण योजना है, जो राजस्थान के सीमा से लगे चार जिलों में इस योजना के तहत विकास के कार्य करवाये जाते है। श्रीगंगानगर जिला कृषि जिला होने के कारण सीमा के नजदीक तक हमारे गांव व ढाणियों बसी हुई है। बीएडीपी के निर्माण व विकास कार्यों से आमजन के साथ-साथ सुरक्षा बलों को भी विकास कार्यां का लाभ मिलता है। 

जिला कलक्टर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में सीमांत क्षेत्र विकास योजना के वर्ष 2019-20 के प्लान के लिये सीमा से 0 से 10 किलोमीटर के क्षेत्र में विकास कार्यों से संबंधित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अत्यधिक जरूरत के कार्य 10 किलोमीटर से थोडा बाहर निकलकर भी लिये जा सकते है। बैठक में गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गोड व जिला प्रमुख श्रीमती प्रिंयका श्योरान ने भी सीमा क्षेत्र में करवाये जाने वाले निर्माण व विकास कार्यों के संबंध में अपने सुझाव रखें। 

जिला कलक्टर ने बताया कि प्रथम प्राथमिकता में विकास कार्यों के लिये 29.59 करोड़ तथा द्वितीय प्रथमिकता विकास कार्यों के लिये 14.79 करोड़ रूपये की राशि के प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार के माध्यम से भारत सरकार को भेजे जायेगें। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि 44.38 करोड़ की राशि में से 10 प्रतिशत राशि सुरक्षा बलों के लिये विकास कार्यों पर खर्च की जायेगी। 60 प्रतिशत राशि से पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा, महिला बाल विकास, समाज कल्याण से संबंधित विकास कार्यों को लिया जायेगा। इसके अलावा शेष राशि से सड़क, भवन व अन्य विकास कार्य लिये जा सकते है।

बैठक में सुरक्षा बलों की ओर से 51 लाख रूपये की राशि के प्रस्ताव दिये गये है। जिले की विभिन्न पंचायत समितियों के माध्यम से प्रथम प्राथमिकता में गंगानगर पंचायत समिति ने 328.71 लाख, करणपुर पंचायत समिति ने 603.76 लाख, रायसिंहनगर पंचायत समिति ने 483.01 लाख, अनूपगढ़ ने 778.18 लाख, घडसाना पंचायत समिति ने 764.76 लाख रूपये की राशि के प्रस्ताव दिये है। इसी प्रकार दूसरी प्राथमिकता में गंगानगर पंचायत समिति ने 164.36 लाख, करणपुर पंचायत समिति ने 301.88 लाख, रायसिंहनगर पंचायत समिति ने 241.51 लाख, अनूपगढ़ ने 359.09 लाख, घडसाना पंचायत समिति ने 382.38 लाख रूपये की राशि के प्रस्ताव प्रस्तुत किये है। 

गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल की ज्यादा मांग रहती है। आमजन को स्वच्छ पेयजल मिले, इसके लिये पेयजल परियोजनाओं पर अधिक ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रा में अधिकांश पेयजल परियोजनाओं में फिल्टर काम नही करते तथा ग्रामीणों को सीधा ही रॉ वाटर सप्लाई किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिये अनुकूल नही है। 

बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अजीत सिंह, उपवन संरक्षक श्री पंयोग शशि, पेयजल विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री अशोक गुप्ता, विधुत विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री के.के.कस्वा एवं सुरक्षा बलों के अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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