गुरुवार, 21 जून 2018

जम्मूकश्मीर में एन एस जी के ब्लैक कैट कमांडो नियुक्त


आतंकवाद विरोधी बल एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो को जम्मू कश्मीर में तैनात किया गया है। जहां वे मुठभेड़ और लोगों को बंधक बनाने जैसी स्थितियों से निपटने में सुरक्षाबलों की मदद करेंगे। यहां तैनाती के बाद एनएसजी को भी लाइव मुठभेड़ों से निपटने का अनुभव होगा।

जम्मू-कश्मीर में पहले से ही तैनात सुरक्षा एजेंसियों को लेकर सेना नहीं चाहती थी कि एनएसजी भी यहां आए। लंबे विचार विमर्श के बाद बीते महीने गृह मंत्रालय ने एनएसजी की तैनाती पर मुहर लगाया था। एनएसजी बीएसएफ के साथ मिलकर हुमहमा कैंप पर ट्रेनिंग कर रही है।   

गृह मंत्रालय कश्मीर घाटी में राष्ट्रीय सुरक्षा बल (एनएसजी) को इसलिए तैनात किया है ताकि उच्च जोखिम वाली, आतंकवाद से संबंधित घटना होने पर वे भारतीय सेना, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के साथ मिल कर काम कर सकें। 


यह पहली बार नहीं है जब ब्लैक कैट  के नाम से पहचाने जाने वाले एनएसजी कमांडो जम्मू कश्मीर में तैनात किये जाएंगे। इस बल के कमांडो पूर्व में भी घाटी में तैनात हो चुके हैं। 

अधिकारी ने बताया कि आतंकियों को पकड़ने के लिए की जाने वाली घेराबंदी के दौरान बंधकों को रिहा करने का उनका विशेष कौशल ऐसे हालात में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2017 सुरक्षाबल के 82 लोग मारे गए थे और इस साल अब तक करीब 34 लोग मारे गए हैं। वहीं, आम लोगों की बात करें तो 2017 में 68 लोग मारे गए थे और इस साल अभी तक 38 लोग मारे गए हैं।

हाल ही में तेलंगाना में एनएसजी के एक समारोह के दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि देश के समक्ष नयी सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुये सरकार विचार कर रही है कि बल की भूमिका को कैसे बढ़ाया जा सकता है क्योंकि आतंकियों द्वारा लोगों को मानव ढाल बनाने और नागरिक परिसर में घुस आने वाली जैसी  स्थिति में अभियानों के दौरान ये कमांडो एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। 

ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद वर्ष 1984 में एनएसजी का गठन किया गया था। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान पंजाब के अमृतसर शहर में स्वर्ण मंदिर में छिपे आतंकवादियों का सफाया किया गया था। 

एनएसजी में करीब 7,500 जवान

ब्लैक कैट कमांडो को मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमलों से जनवरी 2016 में पठानकोट वायु सेना शिविर पर हुए आतंकी हमले से और गुजरात के अक्षरधाम मंदिर में हुए आतंकी हमले से निपटने के लिए तैनात किया गया था। 

संसद में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जम्मू कश्मीर में इस साल जनवरी से मार्च के मध्य तक आतंकी हिंसा की करीब 60 घटनाएं हुईं जिनमें 15 सुरक्षा कर्मी और 17 आतंकी मारे गए।

( दैनिक हिन्दुस्तान)

बसपा की सत्ता प्राप्त करो बाइक रैली व जैतसर सभा



* कांग्रेस, भाजपा की बंदरबांट को जनता अब समझ चुकी हैं - डूंगरराम गेदर*

 - करणीदानसिंह राजपूत -

 सूरतगढ़ -21जून 2018.

 बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान में प्रदेश स्तरीय सत्ता प्राप्त करो संकल्प बाइक रैली" जिला परिषद सदस्य श्री डूंगरराम गेदर के नेतृत्व में गांव 7 LC से प्रातः 8:30 बजे रवाना होकर मघेवाली ढाणी, किकर वाली जोहड़ी, मानेवाला, सादकवाला, 3 चक ,8चक ,7 SGM, 9 SGM, सरदारगढ़ ,हिंदो, सरूपसर ,से होकर शाम को धानक मोहल्ला जैतसर में पहुंचकर जनसभा की गई । इससे पूर्व रैली के दौरान गांव में नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डूंगरराम गेदर ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की बंदरबांट को लोग अब समझने लगे हैं , तथा लगातार जन आंदोलनों से किसान, मजदूरों में जागृति आई है ,गेदर ने  प्रदेश व केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसान, मजदूर, बेरोजगारों और व्यापारियों का दमन करने वाली सरकार हैं । इनकी नीतियां किसान हितेषी न होकर, पूंजीपतियों के पक्ष में है ,उन्होंने कहा कि प्रदेश में कर्ज माफी और सिंचाई पानी के लिए किसानों द्वारा किए गए आंदोलनो के आगे सरकार को झुकना पड़ा है ,लेकिन अभी भी स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने, आवारा पशुओं के लिए नंदी गौशाला सहित सिंचाई पानी व बिजली के भारी भरकम बिलों की समस्या से निपटने के लिए सरकार के पास कोई नीति नहीं है। बसपा के वरिष्ठ नेता रामजीवन मेघवाल ने कहा कि लोग बसपा को आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं ,आगरा से पहुंचे राजेंद्र बोगिया ने कहा कि SC, ST का बैकलॉग भरने ,दलितों पर जुल्म ज्यादतिया और महिला अत्याचार रोकने में प्रदेश सरकार विफल रही है,  पूर्व प्रदेश सचिव श्रवण सिंगाठिया व मंगल घारू ने ग्रामीणों को इस बार बसपा का साथ देने के लिए हाथ उठाकर संकल्प दिलवाया। बसपा के अमित कल्याणा ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं । कार्यक्रम में बसपा जिला महासचिव कालूराम कड़ेला ,नगर अध्यक्ष पवन सोनी,जेठाराम धानका ,महावीर मेघवाल, एडवोकेट लोकेश गहरवार, राकेश शीला, हंसराज भाट ,इंद्राज कालवा, राजा राम बेनीवाल ,भागीरथ नायक ने भी संबोधित किया!  रैली के दौरान ग्राम वासियों ने जगह-जगह बसपा नेता डूंगरराम गेदर का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम समापन पर पंचायत समिति सदस्य आदराम मेघवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया ।


बुधवार, 20 जून 2018

रेलवे में ग्रुप सी कर्मचारियों को अफसर बनाने की प्रक्रिया शुरू: करीब 3 लाख का प्रमोशन होगा

 नईदिल्ली 20-6-2018.

रेलवे ने ग्रुप-सी के पदों पर काम कर रहे लाखों कर्मचारियों को अफसर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को प्रोन्नति कर ग्रुप-बी अधिकारियों का दर्जा देने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।


एक माह बाद समिति की सिफारिशें लागू होने पर सालों से ग्रुप -सी के पदों पर कार्यरत कर्मचारी अधिकारी बन जाएंगे।


सूत्रों ने बताया कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिश में 4600 रुपये ग्रेड पे कर्मचारियों को ग्रुप सी से प्रोन्नत कर ग्रुप-बी का दर्जा देने की बात कही गई। 

कई राज्य सरकारों से 4200 रुपये ग्रेड पे को ग्रुप-बी का दर्जा मिल चुका है। कर्मचारियों के दबाव के बाद रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों को अफसर बनाने के लिए 12 जून को उच्च स्तरीय अधिकारियों की समिति का गठन कर दिया है।


अगले माह यह समिति अपनी सिफारिशें सौंप देगी। इसके बाद सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टेलीकॉम आदि कैडर के ग्रुप-सी के कर्मचारियों को ग्रुप -बी का दर्जा दिया जाएगा। 


रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समिति की सिफारिशों के आधार पर कर्मचारियों को फायदा होगा। तकनीकी स्टाफ लगभग नौ हजार है और गैर तकनीकी सटाफ लगभग चार लाख से ऊपर है।


इस तरह से ढाई से तीन लाख लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। अधिकारी ने बताया कि ग्रुप -सी के कर्मचारियों को ग्रेड पे के अनुसार ग्रुप-बी राजपत्रित (गजेटेड) व ग्रुप-बी गैर राजपत्रित (नॉन गजेटेड) का दर्जा दिया जा सकता है। 


इन्हें मिलेगा प्रमोशन


 अगले माह यह समिति अपनी सिफारिशें सौंप देगी। इसके बाद सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टेलीकॉम आदि कैडर के ग्रुप-सी कर्मचारियों को ग्रुप-बी का दर्जा दिया जाएगा। 


इन्हें होगा फायदा


ग्रुप-बी अफसर बनने के बाद कर्मियों का ग्रेड पे 4800 रुपये हो जाएगा। रेलवे के विशेष पास, अफसर क्लब आदि की सुविधा के अलावा क्लास वन अफसरों के बंगले मिलेंगे। रेलवे की ओर से चपरासी,वाहन आदि मिलेंगे।

जम्मूकश्मीर में राज्यपाल शासन लागू


नई दिल्ली20-6-2018.

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से मंजूरी मिलने के बाद जम्मू – कश्मीर में बुधवार को तत्काल प्रभाव से राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया है.

 बेहद आश्चर्यजनक तरीके से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार 19-6-2018  को खुद को प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार से अलग कर लिया था. इसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस्तीफा दे दिया.


भाजपा ने सरकार से समर्थन वापस लेते हुए कहा था कि राज्य में बढ़ती कट्टरता और आतंकवाद के बीच सरकार में बने रहना असंभव हो गया है.


मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद राज्यपाल एनएन वोहरा ने राष्ट्रपति को भेजे गए एक पत्र में राज्य में केंद्र का शासन लागू करने की सिफारिश की थी. इसकी एक प्रति केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी गई थी.


राष्ट्रपति ने वोहरा की सिफारिश को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद बुधवार को तत्काल प्रभाव से प्रदेश में राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया है.


बीते एक दशक में यह चौथी बार है जब राज्य में राज्यपाल शासन लगा है.


गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर में तत्काल प्रभाव से राज्यपाल शासन लगाने की मंजूरी दे दी है.’


जम्मू-कश्मीर में मंगलवार रात भर राजनीतिक घटनाक्रम जारी रहा. जब राज्यपाल एनएन वोहरा ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति भवन को भेजी उस वक्त राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद विमान में थे.


राज्यपाल की रिपोर्ट का ब्यौरा तुरंत ही सूरीनाम भेजा गया जहां राष्ट्रपति अपने पहले दौरे पर जा रहे थे और उनका विमान भारतीय समयानुसार तड़के तीन बजे वहां उतरना था.


राज भवन के एक प्रवक्ता ने मंगलवार रात श्रीनगर में बताया, ‘सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ विचार विमर्श करने के बाद राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेज दी है जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 92 के तहत राज्यपाल शासन लागू करने की सिफारिश की है.’


राष्ट्रपति ने रिपोर्ट को देखने के बाद अपनी मंजूरी दे दी और इस बाबत बुधवार सुबह छह बजे केंद्रीय गृह मंत्रालय को सूचित किया गया. इसके बाद राज्यपाल शासन लगाने की प्रक्रिया तैयार की गई और इसे श्रीनगर भेजा गया.


बीते चार दशक में यह आठवीं बार है जब राज्य में राज्यपाल शासन लगाया गया है और वर्ष 2008 से वोहरा के कार्यकाल में चौथी बार राज्य में राज्यपाल शासन लागू किया गया है.


भाजपा ने मंगलवार दोपहर अचानक ही राज्य में पीडीपी के साथ तीन साल पुराने सत्तारूढ़ गठबंधन से समर्थन वापस ले लिया था और यहां राज्यपाल शासन लगाने की मांग की थी.


भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने घोषणा की थी कि पार्टी गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले रही है. गठबंधन में कटु राजनीतिक कलह और बदतर होती सुरक्षा स्थितियों की वजह से दरारें पड़ने लगी थीं.


माधव ने कहा था, ‘जम्मू-कश्मीर की गठबंधन सरकार में बने रहना भाजपा के लिए मुश्किल हो गया है.’


वोहरा के कार्यकाल में राज्य में पहली बार राज्यपाल शासन वर्ष 2008 में 174 दिन के लिए लगाया गया था जब गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में कांग्रेस और पीडीपी की गठबंधन सरकार से पीडीपी ने अमरनाथ भूमि विवाद के चलते समर्थन वापस ले लिया था.


उमर अब्दुल्ला के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही राज्यपाल शासन पांच जनवरी 2009 को समाप्त हुआ था.

(साभार दी वायर)

मंगलवार, 19 जून 2018

ट्रेन कैप्टन यात्रा में समस्याओं का तुरन्त निराकरण करेगा:बीकानेर व जयपुर मंडल में शुरुआत



श्रीगंगानगर, 19 जून 2018.

भारतीय रेल द्वारा यात्रियों को ट्रेन में यात्रा के दौरान सेवाओं से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की समस्याओं के निराकरण के लिये अलग-अलग व्यक्तियों से सम्पर्क करने के स्थान पर एक ही जिम्मेदार व्यक्ति से सम्पर्क करने की सुविधा प्रदान की जा रही है।

 लम्बी दूरी की मेल/एक्सप्रेस रेल सेवाओं में ‘‘ट्रेन कैप्टन’’ की अवधारणा को लागू किया जा रहा है। यात्रा के दौरान यात्रियों को प्रदान की जा रही सेवाओं तथा उनको होने वाली समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये ट्रेन में नामित ‘‘ट्रेन कैप्टन’’ जिम्मेदार होगा।


उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी तरूण जैन के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे पर भारतीय रेलवे में सर्वप्रथम बीकानेर मण्डल पर ट्रेनों में ट्रेन कैप्टन नामित करने का कार्य शुरू हो गया ह

 बीकानेर मण्डल पर 

गाडी सं 12556 हिसार-गोरखपुर एक्सप्रेस,

गाडी स. 14888 बाडमेर-कालका एक्सप्रेस,

 गाडी सं 22982 श्रीगंगानगर-कोटा एक्सप्रेस 

गाडी स. 14724 भिवानी-कानपुर एक्सप्रेस में

 ट्रेन कैप्टन नामित कर कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। 

इसके साथ ही जयपुर मण्डल पर 

गाडी सं 12976/12955 में जयपुर-कोटा-जयपुर के मध्य, 

गाडी सं. 12985/86, जयपुर-दिल्ली सराय-जयपुर, 

 गाडी सं 12956/19714 में जयपुर-कोटा-जयपुर के मध्य,

 गाडी सं.12215/16 में जयपुर-अहमदाबाद-जयपुर के मध्य 

गाडी सं. 12413/14 में जयपुर-दिल्ली-जयपुर के मध्य 

कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

ट्रेन कैप्टन यात्रा के दौरान होने वाली सभी समस्याओं जैसे बैडरोल, पानी, एसी, सुरक्षा, खाना इत्यादि के लिये ट्रेन में सम्बंधित कार्यरत कर्मचारियों से समन्वय का कार्य करेगा तथा सम्बन्धित शिकायत का उसी समय निराकरण के लिये कार्य करेगा। ट्रेन कैप्टन के पास गार्ड, टीटीई, पैन्ट्रीकार के कर्मचारी, सफाई कर्मियों सभी के नम्बर होगें जिससे वह उनसे तुरन्त समन्वय कर यात्रियों की शिकायत को तुरंत दूर करने का कार्य करेगा।


शताब्दी, राजधानी व दुरन्तो तथा ऐसी ट्रेन में जहॉ ट्रेन सुपरवाइजर है उनमें उन्हें ट्रेन कैप्टन के रूप में नामित किया जायेगा तथा अन्य ट्रेन में सबसे वरिष्ठतम टिकट निरीक्षक को ट्रेन कैप्टन के रूप में नामित किया जायेगा।

यात्रियों से सम्पर्क के लिये आरक्षण चार्ट पर ट्रेन कैप्टन के नम्बर अंकित रहेंगे तथा ट्रेन कैप्टन को यूनिफार्म के साथ ट्रेन कैप्टन का बेच होगा, जिससे यात्रा उसको आसानी से पहचान सकें और अपनी किसी भी प्रकार की समस्या से अवगत करवा सकेंगे।


सोमवार, 18 जून 2018

खान राज्यमंत्री अपने गांव के आसपास करेंगेें 6 दिन दौरा और घर में रात्रि विश्राम


* करणीदानसिंह राजपूत *

विधानसभा चुनाव अब लगभग सिर पर आ गए हैं और ऐसे में अपने ही घर को संभालना जरूरी हो गया है कि वहीं पर.कोई गड़बड़ ना हो जाए। घर में नाराजगी हो जाए तो मालूम नहीं पड़ता कि साथ चलता कोई भी विश्वास वाला ही कब पीठ पर तगड़ा धौल जमा कर सिट्टीपिट्टी गुम कर दे। खान राज्य मंत्री सुरेंद्रपालसिंह टीटी से लोग नाखुश नजर आ रहे हैं। उनका विधानसभा क्षेत्र श्रीकरणपुर और उसी में गुलाबेवाला में घर। मंत्री जी का श्रीगंगानगर जिले का दौरा होता है तो गुलाबेवाला के इर्दगिर्द अधिक रहता है।

अब पांच माह चुनाव के बाकी बचे हैं। मंत्री जी का दौरा देखलें। अच्छा है जनता की नाराजगी जितनी दूर हो सके।

(श्रीगंगानगर, 18 जून 2018.)

 खान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी 18 जून को रात्रि 9.30 बजे रेल द्वारा जयुपर से प्रस्थान कर 19 जून प्रातः 7.30 बजे सूरतगढ़ पहुंचेगें। सूरतगढ़ से रवाना होकर 9.30 बजे गुलाबेवाला पहुंचेगें। प्रातः 11.30 बजे उपखण्ड श्रीकरणपुर की ग्राम पंचायत मोटासरखुनी में तथा दोपहर 2 बजे उपखण्ड पदमपुर की ग्राम पंचायत 4 बीबी में राजस्व कैम्पों में भाग लेगें एवं निरीक्षण करेंगे। रात्रि विश्राम गुलाबेवाला में करेगें। 20 जून को प्रातः 9 से 10 बजे तक गुलाबेवाला में जनसुनवाई करेंगे। प्रातः 11 बजे ग्राम सेवा सहकारी समिति 16 एफएफए में किसान ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित करेगें। दोपहर 1.05 बजे उपखण्ड श्रीकरणपुर की ग्राम पंचायत 9 एफए मांझीवाला में तथा सायं 3 बजे उपखण्ड पदमपुर की ग्राम पंचायत 3 आरबीए में राजस्व शिविरों में भाग लेगें एवं निरीक्षण करेंगे। रात्रि विश्राम गुलाबेवाला में करेगें। 21 जून को प्रातः 9 से 10 बजे तक गुलाबेवाला में जनसुनवाई करेंगे। प्रातः 11 बजे ग्राम सेवा सहकारी समिति 50 एफ रूपनगर में किसान ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित करेगें। दोपहर 12.30 बजे उपखण्ड श्रीकरणपुर की ग्राम पंचायत 25 एफ गुलाबेवाला में तथा सायं 3 बजे उपखण्ड पदमपुर की ग्राम पंचायत उड़सर में राजस्व शिविरों में भाग लेगें एवं निरीक्षण करेंगे। रात्रि विश्राम गुलाबेवाला में करेगें। 22 जून को प्रातः 9 से 10 बजे तक गुलाबेवाला में जनसुनवाई करेंगे। प्रातः 11 बजे बींझबायला में किसान ऋण माफी कार्यक्रम में भाग लेगें व किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित करेगें। दोपहर 1.30 बजे उपखण्ड पदमपुर की ग्राम पंचायत 23 बीबी बेरा के राजस्व शिविरों में भाग लेगें व निरीक्षण करेगे। दोपहर 2.30 ग्राम सहकार समिति 2 ओ में तथा सायं 4 बजे ग्राम सेवा सहकार समिति कमीनपुरा में किसान ऋण माफी कार्यक्रम में भाग लेगें व किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित करेगें। रात्रि विश्राम गुलाबेवाला में करेगें। 23 जून को प्रातः 9 से 11 बजे तक गुलाबेवाला में जनसुनवाई करेंगे। 11.30 बजे स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेगें। रात्रि विश्राम गुलाबेवाला में करेंगें। 24 जून को प्रातः 11.30 बजे स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेगें। 

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रेलों के चद्दरें तकिये धोने की लांड्री श्रीगंगानगर में निर्माण का शुभारंभ


श्रीगंगानगर, 18 जून। उतर-पश्चिम रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक, बीकानेर श्री ए.के.दुबे ने कहा कि यात्रियों को अच्छी सुविधाएं मिलें, इसके लिये रेल में उत्तरोतर विकास हो रहा है। इसी कड़ी में आधुनिक लॉंडरी की वर्कशॉप की शुरूआत होने जा रही है। 

डीआरएम बीकानेर सोमवार 18-6-2018 को रेलवे स्टेशन श्रीगंगानगर में आधुनिक लॉंडरी वर्कशॉप प्रोजेक्ट के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट 4 से 6 माह का है, लेकिन मैं उम्मीद करता हूॅ कि यह प्रोजेक्ट 4 माह में पूर्ण हो, जिससे यात्रियों को सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी मिलेगें।

सीनियर डीएमई श्री पुष्कर सिंगला ने बताया कि यात्रियों को दी जाने वाली चद्दर तकिया इत्यादि एक यूनिट का वजन लगभग 1 किलोग्राम होता है। इस ऑटोमेटिक लॉंडरी में 8 घंटे की शिफ्ट में लगभग 2000 यूनिट की धुलाई होगी। प्रतिदिन 3.30 से 4 टन चद्दर कम्बल तकियों की धुलाई की जा सकेगी। इस आधुनिक लॉंडरी की क्षमता 6 टन है तथा काम बढ़ने पर इसकी क्षमता को बढ़ाकर 8 टन किया जा सकेगा। उन्हांने कहा कि वाशिंग लाईन बनने से नई गाड़ियां आने की संभावना बढ़ गई है तथा इस लॉंडरी से हिंसार, बीकानेर, भिवानी तक धुली हुई चद्दरें जायेंगी। इस प्रोजेक्ट की कीमत लगभग साढे़ इक्कीस करोड़ रूपये है। जयपुर के बाद राजस्थान में यह दूसरा प्रोजेक्ट है तथा देश भर में इस प्रकार के 12-13 प्लांट संचालित है। इस अवसर पर श्री प्रदीप धेरड़ ने कहा कि माननीय सांसद श्री निहालचंद के प्रयासों से इस क्षेत्र को मिलने वाली सुविधाओं की दिशा में एक और सुविधा की शुरूआत हुई है। नई वाशिंग लाईन तैयार होने से भी नई गाड़िया लाने के प्रयास किये जा रहे है। माननीय सांसद द्वारा किये गये प्रयासों के फलस्वरूप इस क्षेत्र को सुविधाएं मिली है तथा ओर सुविधाएं मिलने की संभावना प्रबल हुई है। 


आयोजित कार्यक्रम में श्री सीताराम बिश्नोई, श्री प्रहलाद राय टॉक, श्री प्रदीप धेरड़, श्री हरभगवान बराड, जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य श्री भीम शर्मा, श्री बंशीधर जिंदल, रेलवे के सीनियर डीएमई श्री पुष्कर सिंगला, एडीएन श्री अवधेश मीणा, स्टेशन अधीक्षक श्री दिनेश कुमार त्यागी सहित रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। 

रविवार, 17 जून 2018

सूरतगढ:विश्व योग दिवस की तैयारी का प्रदर्शन



मारवाड़ी युवा मंच एवं नगर पालिका के संयुक्त तत्वाधान तथा पतंजलि के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर योग प्रदर्शन कार्यक्रम शनिवार 16-6-2018 को 7:30 बजे से 9:00 बजे तक सुभाष चौक पर आयोजित किया गया। इसमें राज्य स्तरीय चयनित छात्रों द्वारा पावर योग का प्रदर्शन किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता  SDM श्रीमती सीता शर्मा ने की इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती काजल छाबड़ा व्यापार मंडल अध्यक्ष ललित सिडाना मारवाड़ी युवा मंच अध्यक्ष मनीष सोनी मौजूद थे प्रचारक शिव प्रकाश गोदारा एवं प्रशिक्षक ओमप्रकाश गोदारा ने योगाभ्यास करवाएं।

योग दिवस पर 21 जून को नए बस स्टैंड पर सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक योग शिविर का कार्यक्रम रखा गया है

इस अवसर पर भरत ऋषि रांका, अशोक सोनी,जयमल नाथ तँवर, डॉ तरुण खुराना, नितेश सोमानी, कपिल गुप्ता,गोपाल कोठारी,अंकित कुकड,सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे ।


महेंद्र सिंह शेखावत के काव्य संग्रह सफ़र का लोकार्पण










* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 17 जून 2018.

भाषा के प्रखर ज्ञाता महेंद्र सिंह शेखावत के काव्य संग्रह सफ़र का लोकार्पण आज साहित्यकार डॉक्टर हरिमोहन सारस्वत की अध्यक्षता में टैगोर PG कॉलेज के सभागार में हुआ।

 शहर के लब्ध प्रतिष्ठित लोग जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं वे इस समारोह में शामिल हुए। मुख्य अतिथि

गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति के जिला अध्यक्ष परसराम भाटिया और कार्यक्रम अध्यक्ष हरिमोहन सारस्वत सहित मंचासीन अतिथियों ने काव्य संग्रह का लोकार्पण किया।

महेंद्रसिंह शेखावत

 इस अवसर पर संग्रह में समायोजित कविताओं के बारे में महेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि सफ़र में हर प्रकार के  सुख दुख की अनुभूति होती है। पिछले करीब 15 सालों में विभिन्न प्रकार के अनुभव मिलते रहे हैं जिन्हें काव्य रूप में संयोजित किया गया। यह काव्य संग्रह राजस्थान साहित्य अकादमी के सहयोग से प्रकाशित हुआ है।

मुख्य अतिथि परसराम भाटिया ने काव्य रचनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। 

हरिमोहन सारस्वत 'रूंख'

डॉक्टर हरिमोहन ने अपने अध्यक्षीय भाषण में साहित्य और शहर के बारे में विभिन्न प्रकार के सम्मेलन आदि पर अपने विचार रखे। 

विशिष्ट अतिथि साहित्यकार रामेश्वर दयाल तिवारी ने विस्तृत विचार व्यक्त किए।

 विशेष  अतिथियों एडवोकेट अमित कपूर व पार्षद सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने  महेंद्र सिंह शेखावत के काव्य संग्रह सफ़र पर अपने विचार प्रकट किए।

आकाशवाणी के वरिष्ठ उद्घोषक रमेश शर्मा ने काव्य संग्रह पर पत्र वाचन किया जिसमें समायोजित कविताओं पर विचार रखे। 

इस अवसर पर अमरपुरा जाटान से पधारे किसान कवि के नाम से विख्यात रिडमाल सिंह राठौड़ ने राजस्थान की धरती के विकास व हरियाली का सांगोपांग राजस्थानी और हिंदी  कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया।

रिड़मालसिंह राठौड़

इस समारोह का संयोजन शब्द के ज्ञाता मांगीलाल शर्मा ने किया।

आभार श्रीमती रजनी मोदी की ओर से किया गया। 

समारोह में साहित्यिक संस्थाओं से संबंधित बुद्धिजीवी पत्रकार व रूचि रखने वाले लोगों ने भाग लिया।


 इस अवसर पर साहित्य गोष्ठियां आयोजित किए जाने का आह्वान किया गया।



गंगाजल मील को टिकट मिलना मुश्किल




* करणीदानसिंह राजपूत *


-  मील पिछला चुनाव 32593 वोटों से हारे और तीसरे क्रम पर धकेले गए -


- अमित कड़वासरा को भी टिकट मिलना मुश्किल पिछला चुनाव जमीदारा पार्टी से लड़ा और 48 491 वोटों से हारे

 लेकिन इस बार कांग्रेस में आकर के बने हैं दावेदार -


* करणीदानसिंह राजपूत *


कांग्रेस पार्टी आगामी 2018 का चुनाव उन नेताओं के बल पर नहीं लड़ना चाहती जो 2013 के चुनाव में 20 हजार वोटों से हारे। ऐसे नेता टिकट पर दावेदारी जता रहे हैं।


सूरतगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेस की टिकट पर 2008 में जीत कर विधायक बने गंगाजल मील 2013 के चुनाव में तीसरे क्रम पर रहे। गंगाजल मील फिर से 2018 में दावेदार हैं मगर इस बार टिकट मिलना मुश्किल है।

 कांग्रेस 108 सीटों पर बदलाव करने का प्रयत्न करने वाली है जहां पर प्रत्याशी 20,000 वोटों से हारे। सूरतगढ़ सीट पर गंगाजल मील 32593 वोटों से हारे और तीसरे नंबर पर पहुंचा दिए गए इसलिए गंगाजल मील को 2018 में कांग्रेस की टिकट मिलना बहुत ही मुश्किल है।

यह मानकर चलना चाहिए कि गंगाजल मील को टिकट मिलने की रत्ती भर भी गुंजाइश नहीं है। 

 गंगाजल मील 2003 में पीलीबंगा से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े। भाजपा के दिग्गज नेता प्रमोद महाजन ने पीलीबंगा में प्रभावशाली भाषण दिया लेकिन आजाद उम्मीदवार रामप्रताप कासनिया ने मील की बुरी गत बनादी। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर नाराज होकर आजाद उम्मीदवार के रूप में उतरे रामप्रताप कासनिया ने मील को पटखनी दी।


मील ने इसके बाद  2008 में सूरतगढ़ में कांग्रेस की टिकट पर भाग्य आजमाया और जीत हासिल की। लेकिन पूरा कार्यकाल विवादों में रहा और भ्रष्टाचार व्यापक रूप से हुआ। परेशान जनता ने 2013 में मील को करारी मात दी और तीसरे नंबर पर पहुंचा दिया।

 गंगाजल मील ने हारने के बाद पिछले 5 सालों में कोई विशेष उल्लेखनीय कार्य फील्ड में नहीं किया। भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजेंद्र सिंह भादू के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार पर चुप्पी धारण करके एक प्रकार से भाजपा के भ्रष्टाचार को खुली छूट दे दी। किसी एक भ्रष्टाचार पर भी और राजेंद्र भादू के कार्यकलापों पर अपना मुंह नहीं खोला और कोई कार्यवाही कहीं लिखित रूप में नहीं की। चुनाव पराजय के बाद कम से कम प्रत्याशी की पार्टी के प्रति कर्तव्यनिष्ठा के रूप में जो कार्य मील को करने चाहिए थे, उससे मील दूर रहे। कांग्रेस पार्टी और मील के नहीं बोलने के कारण, विरोध नहीं करने के कारण भारतीय जनता पार्टी के राज में भ्रष्टाचार और लूट-खसोट को खुली छूट मिली जिसकी जिम्मेवारी मील पर आती है।


 इसके अलावा कांग्रेस पार्टी में अमित कड़वासरा ने भी टिकट की दावेदारी जताई है जो जमींदारा पार्टी से कांग्रेस में घुसे हैं। अमित ने पिछला  2013 का चुनाव सूरतगढ़ सीट से जमींदारा पार्टी के टिकट पर लड़ा और बुरी तरह से मात खाई जिससे 48 491 वोटों से पराजय मिली। अमित कड़वासरा को 18 275 वोट ही मिल पाए। कांग्रेस पार्टी 20000 वोटों से पराजित कांग्रेसी को टिकट नहीं देने की प्रक्रिया अपनाने वाली है,ऐसी स्थिति में 48491 वोटों से हारे हुए  अमित कड़वासरा को टिकट मिलना असंभव है। अमित कड़वासरा ने भी भाजपा के भ्रष्टाचार घोटालों व विधायक राजेंद्र भादू के कार्यकाल पर मुंह नहीं खोला।

कांग्रेस पार्टी सूरतगढ़ से पुराने कांग्रेसी को उतार सकती है जो लगातार 20- 25 सालों से कांग्रेस पार्टी में रहा हो। 




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