सोमवार, 16 दिसंबर 2019

सूरतगढ़ में आधा मिनट हुए सूर्य के दर्शन-16 दिसंबर.

 ०० करणीदानसिंह राजपूत ००

 सूरतगढ़ 16 दिसंबर 2019.

भयानक सर्दी ठंडी हवाओं के बीच बादलवाही में सोमवार को पूरे दिन सूर्य की उस्मा लेने के लिए लोग इंतजार करते रहे।  सूर्य के दर्शन सारा दिन इंतजार करने के बाद 4:00 बज कर 5 मिनट पर केवल आधा मिनट के हुए। इसके बाद बादलों की ओट आ गई। इसके बाद दो बार फिर सूर्य की झलक ही मिली। 


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रविवार, 15 दिसंबर 2019

अवध असम एक्सप्रेस अचानक रद्द 15 दिसंबर को.

* करणीदानसिंह राजपूत*

 सूरतगढ़ 15 दिसंबर 2019.

 लालगढ़ से डिब्रूगढ़ तक जाने वाली अवध असम एक्सप्रेस आज 15 दिसंबर को रद्द कर दी गई। अचानक रद्द करने की सूचना रेलवे स्टेशन पर क्षमा याचना के साथ ही जा रही थी। यात्रियों को होने वाली परेशानी के लिए क्षमा मांगी जा रही।

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महेंद्र नागर सूरतगढ़ ने जीती कोरियन पिंकसिटी हाफ मेराथन



शनिवार, 14 दिसंबर 2019

मन्नीवाली में जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल का आयोजन



श्रीगंगानगर, 14 दिसम्बर 2019.

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने सादुलशहर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मन्नीवाली में आयोजित रात्रि चौपाल में जनसुनवाई करते हुए कई प्रकरणों में ग्रामीणों को मौके पर ही राहत दी। 

जिला कलक्टर श्री नकाते ने ग्रामीणों की शिकायत पर आगामी दो दिवस में गांव में बिजली के ढ़ीले तारों को ठीक करने व कटी हुई तारों को बदलने के निर्देश दिये है। ग्रामीणों ने बताया कि ढीली तारों के कारण कभी भी हादसा हो सकता है। इसी प्रकार रात्रि चौपाल में मैना देवी ने पालनहार योजना में राशि नहीं मिलने का प्रार्थना पत्र दिया। जिला कलक्टर ने संबंधित विभाग को राशि जारी करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार चक 41-42 से मन्नीवाली के लिये पक्की सड़क की मांग की गई। जिला कलक्टर ने बताया कि चक 41-42 में लगभग 250 घरों की आबादी है। वर्तमान में 500 घरों वाले गांवों को जोड़ा जा रहा है। यह कार्य पूर्ण होने के पश्चात 250 घरों वाली आबादी को पक्की सड़क दी जायेगी। 

रात्रि चौपाल में सहकारी समिति के लिये एक ओर गोदाम निर्माण का प्रार्थना पत्र आया। जिला कलक्टर ने प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा गोदाम के लिये अनुदान राशि दी जा रही है। विद्यालय के छात्रों ने खेल मैदान की चारदीवारी बनाने का प्रार्थना पत्र दिया। जिला कलक्टर ने नरेगा योजना में चारदीवारी का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये। गांव में संचालित गौशाला भूमि का पट्टा जारी करने के संबंध में जिला कलक्टर ने निर्देश दिये कि ग्राम पंचायत अपने अधिकार के अनुसार नियमानुसार पट्टा जारी करें। इसके पश्चात गांव में बेसहारा पशुओं को गौशाला में छोड़कर सभी पशुओं की टैगिंग करें। इसके पश्चात तहसीलदार द्वारा गौशाला का निरीक्षण करवाकर अनुदान राशि देने की कार्यवाही की जायेगी। 

वार्ड नम्बर 4 में पेयजल की पाईपलाईन में लिकेज की समस्या ग्रामीणों ने बताई। जिला कलक्टर ने पेयजल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आगामी एक दिवस में पूरे गांव का मौका देखकर सभी लिकेज ठीक किये जाये। ग्रामीणों ने बताया कि पीटीडी नहर की सफाई करने में पीछे के किसान ऐतराज करते है। जिला कलक्टर ने एसडीएम को निर्देश दिये कि नियमानुसार नहर की सफाई के लिये किसानों को लिखित में आदेश दिया जाये, जिससे उन्हें नहर सफाई में परेशानी न हो। 

इसी प्रकार गांव में संचालित एचडीएफसी बैंक द्वारा पीएम फसल बीमा योजना का क्लेम नही देने की शिकायत पर जिला कलक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिस किसान का क्लेम पारीत है, उसे राशि दिलवाई जायेगी। जिले में लगभग 227 करोड़ रूपये की राशि क्लेम स्वरूप वितरित की जा चुकी है। रात्रि चौपाल में पीएम आवास का लाभ, बीपीएल का कार्ड बनवाने, पैंशन, कृषि भूमि का बंटवारा संबंधी प्रकरणों की सुनवाई की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये। 

रात्रि चौपाल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ स्वामी, सरपंच अंजु यादव, एसडीएम सादुलशहर श्री हवाई सिंह यादव, पेयजल विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री बलराम शर्मा, विद्युत विभाग की अधीक्षण अभियंता श्री जे.एस.पन्नू, जिला रसद अधिकारी श्री राकेश सोनी, शिक्षा विभाग से श्री हरचंद गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व ग्रामीण उपस्थित थे।

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शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019

पूर्व विधायक राजेंद्रसिंह भादू का कटला सीज- सील मोहर लगाई गई।पालिका की कार्यवाही

 


* करणी दान सिंह राजपूत *


सूरतगढ़ 13 दिसंबर 2019.

नगर पालिका सूरतगढ़ की ओर से आज दोपहर बाद पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू और उनके दो भाइयों देवेंद्र और रविंद्र द्वारा बनाया जा रहा कटला सील मोहर के साथ 6 माह के लिए सीज कर दिया गया।

अधिशासी अधिकारी लालचंद सांखला के नेतृत्व में नगरपालिका अधिकारियों व कर्मचारियों का बड़ा दल आज कार्यवाही के लिए पहुंचा।


 अधिशासी अधिकारी एवं प्राधिकृत अधिकारी लालचंद सांखला के निर्देशन में एक लंबी रस्सी ताले लगाए जाने वाले स्थानों को लपेटते हुई सभी सटरों के साथ बांधी गई और बाद में चपड़ी मोहर करके और जब्ती की कार्यवाही की गई।

 नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी की ओर से तीनों भाइयों के नाम से निर्माणाधीन कटले पर नोटिस चिपकाए गए हैं। उनमें लिखा गया है कि मानचित्र के अनुसार निर्माण नहीं हुआ। 

यह जानते हुए सीज की यह कार्यवाही नगरपालिका की ओर से की गई है। नगरपालिका की कार्रवाई के समय कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी के लिए समाचार पत्रों से चैनल से जुड़े हुए पत्रकार और कैमरामैन मौके पर पहुंच गए। लालचंद सांखला के बयान भी लिए गए जिसमें उन्होंने कहा कि सभी कार्यवाही नियमानुसार की गई है।  पूर्व में नोटिस दिये गये और अवैध निर्माण रोका नहीं गया तब नगरपालिका ने नियमानुसार कार्रवाई की है।

 कार्रवाई के समय उत्सुकता से भारी भीड़ इकट्ठे हो गई थी जो काफी देर तक वहां जमी भी रही।

भादू सूरतगढ़ की राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं इसलिए पालिका की इस कार्यवाही  पर जनता की ओर से आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा था,और कहां जा रहा था कि समय समय की बात है  जो पालिका ने इतने बड़े नेता पर हाथ डाला है। राजेंद्र सिंह भादू 2013 से 18 तक सूरतगढ़ से भाजपा टिकट पर जीते विधायक रहे हैं। भादू राज में नगरपालिका में भाजपा का बोर्ड रहा व काजल छाबड़ा अध्यक्ष रहीं।अब कांग्रेस का बोर्ड है तथा 2 दिसंबर को ही ओमप्रकाश कालवा ने अध्यक्ष पद पर कार्य शुरू किया है।

समझा जा रहा है कि राजेंद्र सिंह भादू व भाइयों की ओर से नगरपालिका की कार्यवाही के बाद अब अदालत का सहारा लिया जाएगा।




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गुरुवार, 12 दिसंबर 2019

पूर्व विधायक भादू के कटले को सीज करने की संभावित प्रक्रिया शुरु


* करणीदानसिंह राजपूत*

सूरतगढ़ 12 दिसंबर 2019.

पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू और उनके दो भाइयों द्वारा बनाए जा रहे भादू कटले को लेकर नगर पालिका ने जो कार्यवाही शुरू की है उससे लगता है कि कटला किसी भी समय सील मोहर लगाकर सीज किया जा सकता है। नगरपालिका ने शुक्रवार के लिए पुलिस और सिविल प्रशासन से सहयोग के लिए पत्र व्यवहार किया है।

नगर पालिका ने मुख्य बाजार में 3 अलग अलग निर्माण स्वीकृतियों के बावजूद एक कटले के निर्माण को मानते हुए नोटिस जारी किया था। तीनों भाइयों को नोटिस जारी किए गए जिनका जवाब नगरपालिका में 11 दिसंबर को दे दिया गया था।

इसके बाद नगर पालिका ने एक निर्माण जांच समिति गठित की जिसमें कनिष्ठ अभियंता सुशील सिहाग,वर्क सुपरवाइजर महेंद्र शर्मा, भूमि शाखा इंचार्ज रामप्रकाश शर्मा, और कालूराम सेन के नाम बताए जा रहे हैं। इस जांच समिति ने रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। सूचना के अनुसार समिति ने मौके पर एकल निर्माण माना है।

इसके बाद में नगरपालिका ने आगे की कार्यवाही शुरू की है जिसमें प्रशासन से और पुलिस से व्यवस्था संबंधी सहयोग मांगा गया है। सूचना है कि नगर पालिका ने कार्यवाही से पूर्व व्यवस्था संबंधी सहयोग के मामले में जिला स्तरीय प्रशासन को भी सूचना दी है। यह भी मालूम हुआ है कि सूरतगढ़ के उपखंड अधिकारी और पुलिस को भी सूचित किया गया है। इन सब कार्यवाहियों से ऐसा लग रहा है कि नगर पालिका भादू कटले को एकल मानते हुए किसी भी समय सील कर सकती है और उसके बाद जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। संभवतः प्रक्रिया के अनुसार नगरपालिका की कार्यवाही शुक्रवार 13 दिसंबर को संभव हो सकती है।

 नगर पालिका से तीन भूखंडों पर निर्माण की अलग-अलग स्वीकृतियां प्राप्त की गई थी मगर कटले का सामने का निर्माण देखते हुए भी लग रहा है कि एकल निर्माण हो रहा है।

नगरपालिका की कार्यवाही से पूरा शहर चौकन्ना है कि पूर्व विधायक जैसे बड़े व्यक्ति को नोटिस देना और कार्यवाही करना साधारण बात नहीं है। इसके पीछे कोई बड़ा हाथ भी हो सकता है जो पालिका से कार्यवाही करवा रहा है। चर्चा है कि राजेंद्र सिंह भादू के कार्यकाल 2013 से 2018 के बीच में भी कुछ हुआ हो और उससे गलत निर्माण हो रहे भादू कटले  पर कार्यवाही शुरू हुई होः

**पहले का समाचार**

पूर्व विधायक राजेंद्र भादू के कटला निर्माण में गड़बड़ी पर तीन नोटिस जारी-करोड़ों का शौपिंग काम्प्लेक्स.

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 10 दिसंबर 2019.

नगर पालिका सूरतगढ़ की ओर से पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू उनके दो भाइयों रविंद्र भादू और देवेंद्र भादू को मुख्य बाजार में एकल कटला निर्माण पर 9 दिसंबर 2019 को तीन नोटिस जारी किए गए हैं।

आरोप है कि तीन भूखंडों पर अलग-अलग निर्माण की स्वीकृति ली गई और एक कटले का निर्माण नियम विरुद्ध किया गया है जो अभी चल रहा है।

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लालचंद सांखला के हस्ताक्षरों से यह तीनों नोटिस जारी हुए हैं। इनमें कहा गया है कि निर्माण की जो स्वीकृति मानचित्र सहित ली गई थी उसके विपरीत निर्माण हो रहा है जो विपरीत निर्माण तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाए। नगर पालिका ने संबंधित तीनों से स्वीकृत मानचित्र के दस्तावेज की कॉपी 11 दिसंबर तक नगर पालिका में पेश करने का लिखा है। 

1-पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू को नोटिस नंबर 3361 दिया गया है जिसमें लिखा गया है कि भूखंड संख्या 119 बी 27 गुणा 83 = 2241 वर्ग फुट की स्वीकृति दी गई थी।  

2-रविंद्र भादू को नोटिस संख्या 3360 दिया गया जिसमें लिखा गया है कि भूखंड संख्या 38 E साईज 26 गुणा 78 =2028 वर्ग फुट की स्वीकृति जारी हुई।

3- देवेंद्र भादू को नोटिस संख्या 3359 जारी किया गया जिसमें भूखंड संख्या 119 बी और 38E साइज 13 गुणा 83 + 14 = 2171 वर्ग फुट की स्वीकृति दी गई।  मानचित्र के अनुरूप निर्माण नहीं होने पर नगर पालिका ने विपरीत निर्माण को  रोकने का लिखा है और निर्माण नहीं रोकने पर नगर पालिका ने अपनी कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी है। 

मुख्य बाजार में बन रहे इस करोड़ों रूपये के शौपिंग काम्प्लेक्स में 60 से अधिक दुकानें बनी हैं और यह निर्माण अब अंतिम चरण फिनिशिंग टच में चल रहा है।**




निर्भया केस: दोषी अक्षय की रिव्यू पिटिशन पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा SC

नई दिल्ली,12 दिसंबर 2019.

निर्भया गैंगरेप मामले के चार मुजरिमों में से एक अक्षय कुमार सिंह द्वारा मौत की सजा के फैसले पर पुनर्विचार के लिये दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा। अक्षय ने यह रिव्यू पिटिशन मंगलवार को दाखिल की थी। अक्षय कुमार सिंह ने तर्क दिया था कि मौत की सजा पर अमल अपराध को नहीं बल्कि सिर्फ अपराधी को मारता है।

दिसंबर, 2012 में हुये सनसनीखेज निर्भया कांड में उच्चतम न्यायालय ने 2017 में चारों मुजरिमों की मौत की सजा के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराया था। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने चारों को मौत की सजा के निचली अदालत के फैसले की पुष्टि कर दी थी। दक्षिण दिल्ली में 16-17 दिसंबर, 2012 की रात चलती बस में छह व्यक्तियों ने 23 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी करके सड़क पर फेंक दिया था। निर्भया का बाद में 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर में माउन्ट एलिजाबेथ अस्पताल में निधन हो गया था।

इस प्रकरण में 33 वर्षीय अक्षय के अलावा तीन अन्य दोषियों की पुनर्विचार याचिका न्यायालय पहले ही खारिज कर चुका है। अक्षय ने अपने वकील ए पी सिंह के माध्यम से दायर पुनर्विचार याचिका में मौत की सजा के संभावित अमल के खिलाफ दलीलें दी हैं।

इस याचिका में कहा गया है, 'शासन को सिर्फ यह साबित करने के लिये लोगों की मौत की सजा पर अमल नहीं करना चाहिए कि वह आतंक या महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर हमला कर रहा है। उसे बदलाव के बारे में सुनियोजित तरीके से सुधार के लिये काम करना चाहिए। फांसी की सजा पर अमल सिर्फ अपराधी को मारता है, अपराध को नहीं।'

शीर्ष अदालत ने पिछले साल नौ जुलाई को इस बर्बरतापूर्ण अपराध के तीन दोषियों 30 वर्षीय मुकेश, 23 वर्षीय पवन गुप्ता और 24 वर्षीय विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिकायें खारिज कर दी थीं। न्यायालय ने कहा था कि इनमें 2017 के फैसले पर पुनर्विचार का कोई आधार नहीं है। इस समय दिल्ली की एक जेल में बंद अक्षय ने अपनी याचिका में कहा है कि मौत की सजा 'बेरहमी से हत्या है और यह दोषियों को सुधरने का अवसर प्रदान नहीं करती है। याचिका में मौत की सजा खत्म करने की कारणों का जिक्र करते हुये कहा है कि ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे पता चलता हो कि इस दंड का भय पैदा करने का कोई महत्व हो।'

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राम मंदिर बनने का रास्ता साफ- पुनर्विचार याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में खारिज

नई दिल्ली.12, 2019.

राम मंदिर फैसले के खिलाफ दाखिल की गई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी हैं। पांच जजों की पीठ ने यह कहकर याचिकाएं खारिज कर दीं कि याचिकाओं में कोई मेरिट नहीं है। 

9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद के ऐतिहासिक विवाद पर फैसला देते हुए विवादित भूमि पर राम मंदिर के निर्माण का आदेश दिया था।

इसके साथ ही कोर्ट ने मस्जिद के लिए अयोध्या में 5 एकड़ जमीन भी देने का आदेश दिया था। 

कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ 18 पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल की गई थीं। जिन पर आज सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने इन याचिकाओं को खारिज कर दिया।

चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली 5 जजों की पीठ ने यह फैसला लिया। चीफ जस्टिस के अलावा इस पीठ में जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एसए नजीर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल रहे। कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई अधिकतर याचिकाएं असंतुष्ट मुस्लिम पक्षकारों द्वारा दायर की गई थीं। इनके अलावा निर्मोही अखाड़े ने भी बुधवार को फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।

रामजन्मभूमि विवाद पर पहली याचिका दाखिल

बेरोजगारी बढ़ती गई तो राम मंद‍िर पर जीत भी नहीं बचा पाएगी- बीजेपी सांसद ने चेताया

निर्मोही अखाड़े की मांग है कि राम मंदिर ट्रस्ट में अखाड़े की भी भूमिका तय की जाए। निर्मोही अखाड़े के अलावा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी रिव्यू पिटीशन डाली थी। राम मंदिर फैसले खिलाफ पहली याचिका 2 दिसंबर को एम सिद्दीक और यूपी जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अशहद रशीदी ने दायर की थी।

इसके बाद मौलाना मुफ्ती हसबुल्ला, मोहम्मद उमर, मौलाना महफूजुर रहमान और मिसबाहुद्दीन ने पुनर्विचार याचिकाए दाखिल की थीं। ये सभी राम मंदिर मामले में पक्षकार थे।

श्रीगंगानगर के नए मास्टर प्लान का प्रारूप जारी-30 दिन में सुझाव व आपतियां दी जा सकती है


श्रीगंगानगर, 11 दिसम्बर 2019.

जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि श्रीगंगानगर के नवीन मास्टर प्लान 2035 की राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रारूप प्रकाशन जारी कर दिया है। इस संबंध में किसी नागरिक को सुझाव देना हो या किसी प्रकार की आपत्ति हो तो तीस दिवस का समय दिया गया है। 

जिला कलक्टर श्री नकाते बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाहाॅल में गंगानगर शहर के नवीन मास्टर प्लान 2017-2035 के प्रारूप प्रकाशन के अवसर पर ये बात कही। उन्होंने कहा कि नगर विकास न्यास कार्यालय, एसडीएम कार्यालय में मास्टर प्लान का अवलोकन किया जा सकता है। नगर विकास न्यास में नागरिकों के सुझाव लेने के लिये काउंटर की व्यवस्था करनी होगी तथा किसी नागरिक द्वारा सुझाव या आपत्ति दी जाती है तो उसकी रसीद भी देनी होगी। नये मास्टर प्लान में संस्थागत क्षेत्र, ओपन एरिया तथा जनसुविधओं का विशेष ध्यान रखा गया है। जिला कलक्टर ने कहा कि शहर की शैक्षणिक एवं चिकित्सीय संस्थाएं भी मास्टर प्लान का अवलोकन करें। निर्धारित तीस दिवस के पश्चात सुझाव व आपत्तियों पर विचार नही किया जायेगा। 

जिला कलक्टर ने न्यास अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन निजी काॅलोनियों में ओपन एरिया रिजर्व रखा जाता है, उस पर अतिक्रमण न हो तथा वह गैर कानूनी तरीके से बेचान न हो, इसका ध्यान रखें। उन्होंने शहर की विभिन्न काॅलोनियों में रिजर्व किये गये ओपन एरिया की रिपोर्ट मांगी है। जिला कलक्टर ने कहा कि मास्टर प्लान में नगरपरिषद के मिनी डम्पिंग प्वाईंट के स्थान का भी ध्यान रखा जाये। 

उल्लेखनीय है कि शहर की जनसंख्या वर्ष 1923 में 1700, दसकीय वर्ष 1931 में 9943 एवं वर्ष 1941 में 16136 हो गई। बढ़ती जनसंख्या के कारण बस्तियों के फैलाव, अवैध निर्माण, अव्यवस्थित व अनियोजित विकास की समस्याओं के कारण तथ्यों को ध्यान में रखते हुए श्रीगंगानगर शहर का प्रथम मास्टर प्लान वर्ष 1981-2001 में तैयार किया गया। इसके पश्चात वर्ष 2003-2023 तक के लिये नवीन मास्टर प्लान तैयार किया गया था, जिसमें तीस राजस्व ग्रामों, चकों को सम्मिलित किया गया। शहर के चारों तरफ हो रहे निरंतर विकास के कारण आवासीय शैक्षणिक एवं व्यवसायिक गतिविधियों पर दवाब रहा। वर्तमान में श्रीगंगानगर के आसपास क्षेत्रवासियों के लिये औद्योगिक, व्यवसायिक, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य सेवाओं का प्रमुख केन्द्र बन गया है। 

बढ़ती जनसंख्या के दवाब के कारण मूलभूत सुविधाओं की कमी के साथ ही शहर में अनियोजित रूप से बसावट हो रही है। 

वर्तमान मास्टर प्लान वर्ष 2023 तक बनाये गये मास्टर प्लान में नगरीकरण योग्य क्षेत्र व विकास की दृष्टि को मध्यनजर रखते हुए नया मास्टर प्लान 2035 तैयार किये जाने की आवश्यकता महसूस हुई। वर्ष 2017 के सर्वे के अनुसार श्रीगंगानगर का विकसित क्षेत्र 2741 हैक्टर है। श्रीगंगानगर मास्टर प्लान क्षैतिज वर्ष 2035 के लिये शहरी क्षेत्र के विस्तार एवं भविष्य में होने वाली जनसंख्या वृद्धि शहर के भावी विकास तथा अन्य बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान 2035 का प्रारूप तैयार किया गया है। 


राज्य सरकार द्वारा श्रीगंगानगर के नगरीय क्षेत्र में श्रीगंगानगर सहित 52 राजस्व ग्राम, चक सम्मिलित करते हुए 3 दिसम्बर 2015 को अधिसूचना जारी करते हुए अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक को मास्टर प्लान बनाने के लिये अधिकृत किया गया। इस मास्टर प्लान का आधार वर्ष 2017-2035 रखा गया है। अनुमान है कि वर्ष 2035 तक शहर की अनुमानित जनसंख्या 5 लाख 45 हजार हो जायेगी। इस अनुमानित जनसंख्या के लिये 9133 हैक्टर भूमि नगरीयकरण योग्य भूमि के रूप में प्रस्तावित की गई है, जो अधिसूचित नगरीय क्षेत्र 16540 हैक्टर का 55.21 प्रतिशत है। 

अधिसूचित राजस्व ग्रामों की सूची

मास्टर प्लान 2017-2035 में राजस्व ग्राम, चक 3वाई, 1वाई, 1डीछोटी, 2 डी छोटी, 4 डी छोटी, 2बी छोटी, 1 बी छोटी, 1 जैड,4 जैड, 2 जैड, 3 जैड, 5 जैड, 7 जैड, 9 जैड, 6 जैड, 8 जैड, 10 जैड, 6 जैडए, 1एछोटी, 3एछोटी, 4एछोटी, 5एछोटी, 6एछोटी, 7एछोटी प्रथम, 1ई छोटी, 2ई छोटी, 3 ई छोटी, 6 ईछोटी, 5ई छोटी, 7ई छोटी, 4ई छोटी, 1 एफ छोटी 3एफ छोटी, 2 एफछोटी, 4एफ छोटी, 1 जी छोटी, 2एमएल, 3 एमएल, 4 एमएल, 16एमएल, 15एमएल, 17 एमएल, 5 एमएल, 6 एलएनपी, 11 एलएनपी, 12 एलएनपी, 13 एलएनपी द्वितीय, पतीखियां द्वितीया, पतीखियां प्रथम, चक श्यामसिंहवाला, 1एमएल और 4 एलएनपी को शामिल किया गया है। 

इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ स्वामी, एडीएम प्रशासन डाॅ. गुंजन सोनी, एसीटीपी जयपुर श्री वी.के.दलेला, एसटीपी श्री राकेश मालक, न्याय सचिव डाॅ. हरितिमा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. गिरधारी लाल, टाउन प्लानर श्री मनीश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 

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सूरतगढ़ क्षेत्र में सर्दी बढी-राजस्थान भर में चेतावनी


सूरतगढ़ 12 -12-2019.

मौसम विभाग ने 12 और 13 दिसंबर को राजस्थान प्रदेश के करीब एक दर्जन से ज्यादा जिलों में मौसम में बदलाव के साथ ही ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की हुई है।


पूर्वी राजस्थान के *झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर, दौसा, जयपुर, धौलपुर* सहित कई जिलों में जहां मेघगर्जना के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी।


पश्चिमी राजस्थान के भी *जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर, चूरू* में मेघगर्जना के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।

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