रविवार, 22 सितंबर 2019

कांग्रेस की खराब हवा में कैसे जिताएंगे चेयरमैन?


* चेयरमैन का चुनाव पार्षदों के द्वारा कराने की अधिसूचना आ सकती है* 


^^ करणीदानसिंह राजपूत ^^


राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को आए हुए 10 माह होने आए हैं मगर कहीं भी कांग्रेस सरकार के चलने के और जनता के काम होने के संकेत नहीं मिल रहे। सरकारी कार्यों जनता के साथ हो रहे व्यवहार और बढ़ रही रेप की घटनाओं को लेकर प्रदेश में भारी असंतोष है। वहीं ग्रुपों में बंटी कांग्रेस अपनी स्थिति को सुधारने में बहुत पीछे है। 

राजस्थान में 52 स्थानों पर नगरीय निकाय के चुनाव नवंबर में होने वाले हैं जिनकी मतदाता सूचियां आदि की प्रक्रिया पूरी होने वाली है। वार्डों की संख्या में बढोतरी और पुनर्गठन हो चुके हैं। 

प्रदेश में कांग्रेस की खराब हवा के चलते चेयरमैन पद पर सीधे चुनाव में कांग्रेस की जबरदस्त हार होने की संभावना पर चर्चाएं गरम हैं। 

52 स्थानों पर चुनाव होने वाले हैं और करीब 48 स्थानों पर कांग्रेस का चेयरमैन सीधे चुनाव से आने की संभावना नहीं है। इन चर्चाओं को लेकर यह संभावना मानी जा रही है कि चेयरमैन के सीधे चुनाव की प्रक्रिया बदल दी जाए और पार्षद गण ही चेयरमैन पद के लिए चुनाव करें। 

कांग्रेस को आशा है कि इस बदलाव से नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के बोर्ड बनाए जा सकेंगे। अभी हालात भाजपा के पक्ष में मजबूत हैं। 

कश्मीर में धारा 370 में बदलाव होने के बाद भारतीय जनता पार्टी और मोदी का नाम जनता में और ज्यादा प्रभावी हो गया है। मोदी के नाम पर नगर पालिका चुनाव में भी वोट मांगे जाएंगे इससे कांग्रेस में भय व्याप्त है। यदि 52 निकायों के चुनाव में कांग्रेश को केवल चार पांच स्थानों पर ही जीत मिलने की संभावना हो तब नियम बदलना सरकार के लिए कठिन नहीं आसान कार्य है। 

कांग्रेस का प्रदेश में इक्का-दुक्का बोर्ड ही बन पाये और भारतीय जनता पार्टी का ध्वज लहराए तब सरकार के लिए नियमों का बदलना कोई बड़ी बात नहीं। अधिसूचना के जरिए यह कार्य तुरंत हो सकता है।

 इस नियम के बदलाव की चर्चाओं में पार्षदों का चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों में खुशी की लहर है। पहले यह था कि चैयरमैन सीधे चुनाव से जीत कर आएगा जो पार्षदों की कम सुनेगा और उसे दबाकर नहीं रखा जा सकेगा।

उसे हटाया नहीं जा सकता क्योंकि तीन चौथाई पार्षद अविश्वास के लिए जुटाने बहुत मुश्किल होते हैं। एक बार जो जीत गया वह जीत गया हालांकि पार्षदों के द्वारा चुने गए चेयरमैन को हटाने के लिए भी तीन चौथाई पार्षदों का होना आवश्यक है।

चैयरमैन पद पर  चुनाव के लिए पार्षदों का बहुमत जरूरी होगा इसलिए पार्षदों की पूछ होगी। इसी के लिए पार्षद खुश हो रहे हैं कि 5 साल तक स्थानीय निकाय में उनका वर्चस्व भी

 रहेगा। 

चेयरमैन को पार्षदों की खुशामद भी करते रहना पड़ेगा। अब देखते हैं कि सरकार कि नियम बदलने की यह अधिसूचना कब आती है? 

इसके बावजूद भी यह गारंटी नहीं होगी कि अधिकांश चैयरमैन पदों पर जीत प्राप्त करले। 

शनिवार, 21 सितंबर 2019

महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को होंगे

* हरियाणा में इस बार 1 करोड़ 82 लाख मतदाता,महाराष्ट्र में 8.9 करोड़  मतदाता नई सरकार चुनने के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।*

 21 सितंबर 2019.

 महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव की तारीखों और बाकी डिटेल्स की जानकारी दी। तारीखों का ऐलान होने के साथ ही दोनों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। दोनों ही राज्यों में 21 अक्टूबर को चुनाव होंगे। जबकि मतों की गिनती 24 अक्टूबर को होगी।

चुनाव में  नामांकन करने की आखिरी तारीख 4 अक्टूबर होगी। चुनाव पर्यवेक्षक उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर निगरानी रखेंगे। आयोग ने कहा कि नामांकन फॉर्म में एक भी कॉलम खाली रहने पर नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। आयोग के अनुसार दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव दिवाली पहले ही समाप्त हो जाएगा। चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस बार प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचें और पर्यावरण फ्रेंडली सामग्रियों का चुनाव में इस्तेमाल करें।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल क्रमश: 2 और 9 नवंबर को खत्म हो रहा है। बता दें कि महाराष्ट्र में 288 जबकि हरियाणा में 90 सीटों के लिए चुनाव होने हैं।


सतरंगी सत्यापन सप्ताह- जागरूकता साइकिल रैली


सूरतगढ़ 21 सितंबर 2019. 

आज नगर पालिका कार्यालय के मुख्य द्वार के आगे से ईओ  लालचंद सांखला, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गोदारा, और प्रशिक्षु आर ए एस पंकज गढ़वाल  ने विद्यार्थियों को हरी झंडी दिखाकर जागरूकता साइकिल रैली को रवाना किया।

साइकिल रैली विभिन्न मार्गो से होते हुए एसडीएम ऑफिस पहुंची जहां पर समापन समारोह हुआ। 

इओ ने पधारे सभी विद्यार्थियों और गुरुजनों का आभार व्यक्त किया और अपील की कि सभी अपने वोट को सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची का जरूर सत्यापन करवाएं और सभी व्यक्ति  मतदान करके इस लोकतंत्र को मजबूत बनाएं। इस रैली में राहुल भाटी, कालूराम सेन, शिक्षक राम कुमार जी, मोहनलाल जी, वेद प्रकाश तंवर, नगर पालिका स्टाफ, और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।




सूरतगढ़ में 22 सितंबर को मैराथन दौड़

* करणी दान सिंह राजपूत *

 सूरतगढ़ 21 सितंबर 2019.

एचडीएफसी बैंक ने राजस्थान में अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एपैक्स मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और अन्य सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में 22 सितंबर को रविवार के दिन एक सांकेतिक मैराथन का आयोजन किया है।

 यह दौड़ 22 सितंबर को सुबह 6:00 बजे इंदिरा सर्कल से शुरू होकर महाराणा प्रताप चौक होते हुए वापस इंदिरा सर्कल पर संपन्न होगी।

 इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और समाज में किसी भी परिवार को स्वास्थ्य बीमा का महत्व समझाना है।

 एपेक्स के प्रबंध निदेशक डा.अरविंद बंसल के अनुसार के फन रन और हेल्थ इंश्योरेंस अवेयरनेस के इस कार्यक्रम के अंदर गेस्ट ऑफ ब्रिगेडियर रोहित मेहता और ब्रिगेडियर राय सिंह गोदारा होंगे। जो लोग इस में भाग लेना चाहते हैं उनको इंदिरा सर्किल पर सुबह 6:00 बजे से कुछ पहले पहुंचना चाहिए।


 इस आयोजन में विभिन्न वर्ग बनाए गए हैं।

10 वर्ष से 25 वर्ष तक, 25 वर्ष से 40 वर्ष तक,40 वर्ष से 60 वर्ष तक और 60 वर्ष से ऊपर के कुल 4 वर्ग हैं। इनमें जीतने वाले प्रतिभागियों को मेडल व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा व अन्य प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। 

इस अवसर पर प्रतिभागियों को टी-शर्ट बाटी जाएगी जो उपलब्ध होने तक बांटी जाएगी। 


 इसका अनावरण 20 सितंबर को पुलिस अधीक्षक सूरतगढ़ श्री विद्या प्रकाश द्वारा कर दिया गया ह।  इस अवसर पर श्री आकाश पठेला शाखा प्रबंधक एचडीएफसी बैंक श्री अश्वनी श्री मधुसूदन रमन उपस्थित थे। 

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शुक्रवार, 20 सितंबर 2019

रेलवे फुट ओवर ब्रिज बंद-पास के पुल का प्रयोग करें की सूचना


 ^^  करणीदानसिंह राजपूत ^^

 सूरतगढ़ 20 सितंबर 2019.

बिजली से गाड़ियां चलाना अभियान के तहत चल रहे विभिन्न निर्माण में अब सूर्योदय नगरी को मुख्य बाजार से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज को आज से 6 माह के लिए बंद कर दिया गया है। (इसके सूचना पट्ट पर तारीख नहीं है।)


फुट ओवरब्रिज रेल यात्रियों के लिए तो पहले ही बंद कर दिया गया था व प्लेटफार्मों  से कट कर दिया गया था। अब केवल सूर्योदय नगरी के लोगों के इस्तेमाल के लिए था।

अब सूचना पट्ट पर यह  लिखा है कि पास के दूसरे पुल का प्रयोग करें,लेकिन वह सीढियों वाला है और सीढियां भी काफी है।

सूर्योदय नगरी के हजारों लोगों को टिकट लेने के लिए मुख्य गेट पर आने के लिए परेशानी होगी। वरिष्ठ नागरिक, छूट की टिकट के लिए मुख्य गेट पर ही पहुंचना होता है, क्योंकि ये टिकट मुख्य गेट पर ही मिलती है। दिव्यांग के लिए भी भारी परेशानी होगी। 

सूरतगढ में पटरियों के साथ बिजली लाइनों से जोड़ने का कार्य चल रहा है और जल्दी ही पूरा होने के बाद बठिंडा सूरतगढ़ के बीच रेलवे गाड़ियां बिजली से संचालित होगी और उनकी स्पीड भी बढ़ाई जाएगी।



 

आनन्द प्रकाश बने उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबन्धक



सूरतगढ़/श्रीगंगानगर, 20 सितम्बर 2019.

 श्री आनन्द प्रकाश ने 19 सितम्बर 2019 को उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबन्धक का पदभार ग्रहण किया। इससे पूर्व श्री आनन्द प्रकाश पूर्वोत्तर रेलवे में अपर महाप्रबन्धक के पद पर पदस्थापित थे।

उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी श्री अभय शर्मा के अनुसार श्री आनन्द प्रकाश, 1982 बैच के ‘‘भारतीय रेल इंजीनियरिंग सेवा’’ (आईआरएसई) के एक ख्याति प्राप्त अधिकारी हैं। श्री आनन्द प्रकाश ने इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्वालियर से सिविल इंजीनियर में स्नातक एवं रूड़की विश्वविद्यालय से परास्नातक की उपाधि प्राप्त की है। श्री प्रकाश ने रेलसेवा के दौरान वर्ष 2013 में इन्दिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिर्वसिटी से एम.बी.ए. की डिग्री भी प्राप्त की है। अपने उत्कृष्ट कैरियर के दौरान श्री आनन्द प्रकाश ने भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। श्री प्रकाश ने अपर महाप्रबन्धक-पूर्व रेलवे, कोलकाता, मुख्य रेलपथ इंजीनियर-दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर, दक्षिण रेलवे पर मण्डल रेल प्रबन्धक-पालघाट, कार्यकारी निदेशक (इरकान) आदि महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक कार्य किया है। श्री प्रकाश ने इरकान में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्य करते हुये देश की सबसे बड़ी रेल सुरंग पीर पंजाल टनल (जम्मू कश्मीर) की कमीशनिंग कराई।

श्री आनन्द प्रकाश ने स्ट्रेटिक मैनेजमेंट में मिलानो-इटली तथा पिट्सबर्ग-यू.एस.ए. में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन्हें योगा, मेडिटेशन, अध्ययन एवं पर्यटन में गहन रूचि है।

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पूर्व मंत्री चिन्मयानंद गिरफ्तार:यौनशोषण मुकदमा

शाहजहांपुर, 20 सितंबर, 2019

यौन शोषण केस में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया गया है. अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. यूपी की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने चिन्मयानंद को शाहजहांपुर से ही गिरफ्तार किया. इसके बाद शाहजहांपुर की जिला अदालत में चिन्मयानंद का मेडिकल टेस्ट करवाया गया. यहां से उन्हें स्थानीय अदालत में ले जाकर पेश किया गया. अदालत ने स्वामी चिन्मयानंद को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

गिरफ्तारी के बाद स्वामी चिन्मयानंद की वकील पूजा सिंह ने बताया कि उनके मुवक्किल को उनके घर से ही गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया के मुताबिक अगला कदम उठाएंगी.

लॉ की एक छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इन आरोपों के सिलसिले में पिछले शुक्रवार को SIT की टीम ने करीब 7 घंटे तक स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ की थी. स्वामी चिन्मयानंद से पुलिस लाइन में स्थित एसआईटी के दफ्तर में पूछताछ की गई थी.

दुष्कर्म के आरोपों पर पूछताछ

स्वामी चिन्मयानंद से सारे सवाल छात्रा और उसके आरोपों के बारे में ही पूछे गए. चिन्मयानंद से पूछा गया कि आखिरकार उनसे जुड़े वीडियो का सच क्या है? वह छात्रा को कैसे जानते हैं? और छात्रा की ओर से लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के बारे में उनका क्या कहना है? एसआईटी ने कॉलेज के हॉस्टल के कमरे में मिले साक्ष्यों के आधार पर भी स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ की.


आरोपों को स्वामी ने बताया था साजिश

लॉ छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों पर स्वामी चिन्मयानंद का कहना था कि वह जल्द ही एक विश्वविद्यालय का निर्माण करने जा रहे थे. कुछ लोग चाहते हैं कि उसका निर्माण कार्य ना हो पाए. इसीलिए उनके खिलाफ पूरी साजिश की गई है और इसी के तहत आरोप लगाए गए हैं.


गुरुवार, 19 सितंबर 2019

कौन पालिका चुनाव नहीं लड़ सकेंगे - अध्यक्ष पार्षद चुनाव की पात्रता

* दो से अधिक संतान होने, मुकदमों दोषसिद्धी  की जानकारी देनी होगी* 


^ विशेष- प्रस्तुति - करणीदानसिंह राजपूत ^


श्रीगंगानगर, 19 सितम्बर 2019.

राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान के निर्देशानुसार नगरपालिकाओं के अध्यक्ष, सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिये निरर्हता दो से अधिक संतान होने, दोषसिद्धि एवं विचाराधीन मुकदमों के संबंध में सूचना अभ्यर्थियों से प्राप्त की जायेगी। 

जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजस्थान नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 को संशोधित करते हुए राज्य सरकार ने अधिसूचना के द्वारा राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) (संशोधन) नियम 2019 प्रवृत किये है। नियमों में उक्त संशोधन के परिणामस्वरूप नियम 78 के प्रावधानों के अनुसार नगरपालिका के अध्यक्ष का पद नगरपालिका के समस्त वार्डों के मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने गये व्यक्ति से भरा जायेगा। उक्त नियम 78 के उप नियम 3 में यह प्रावधान है कि कोई व्यक्ति अध्यक्ष के रूप में चुने जाने के लिये या इस पद को धारण करने के लिये तभी पात्र होगा यदि वह नगरपालिका अधिनियम के अंतर्गत नगरपालिका के सदस्य चुने जाने के लिये योग्य है और नियोग्य नही है।


 इस प्रकार राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 में उपबन्धित निरर्हताये नगरपालिका सदस्य के निर्वाचन के साथ-साथ अध्यक्षीय पदों के निर्वाचन में भी लागू है। 


राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 में नगरपालिका सदस्य के निर्वाचन के लिये निरर्हताये बताई गई है, जिनमें कुछ अपराधों के लिये दोषसिद्ध व्यक्तियों को तथा दो से अधिक संतान होने पर निर्वाचन के प्रयोजनार्थ निरर्हित माना गया है। उक्त अधिनियम की धारा 24 के खण्ड (1) के अनुसार कोई भी व्यक्ति जिसे सक्षम न्यायालय द्वारा किसी भी अपराध के लिये दोष सिद्ध ठहराया गया हो और छः माह या अधिक की अवधि के लिये दण्डादिष्ट किया गया हो तो वह नियम कारावास की अवधि समाप्ति की दिनांक से छः साल की अवधि के लिये नियोग्य माना जावेगा।


अपराधों के लिये दोषसिद्ध व्यक्तियों के संबंध में धारा 24 के खण्ड (2) एंव खण्ड (4) में जिसमें नगरपालिका अधिनियम की धारा 245 में किसी अपराध में दोषसिद्ध व्यक्ति को तथा खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 में किसी अपराध में दोषसिद्ध व्यक्ति को निर्वाचन के लिये सदैव के लिये निरर्हित माना गया है। 


राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 के खण्ड (5) के प्रावधान के अनुसार यदि ऐसा व्यक्ति जिसके विरूद्ध दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 110 के अधीन संस्थित कार्यवाही में उस संहिता की धारा 117 के अधीन कोई आदेश पारित किया गया हो और ऐसा आदेश तत्पश्चात उलटा नही गया हो तो वह व्यक्ति उस कालावधि जिसके लिये प्रतिभूति देने का आदेश दिया गया है, के समाप्त होने तक निर्वाचन के प्रयोजनार्थ निर्योग्य माना जायेगा। 

उक्त धारा 24 के खण्ड (10) के प्रावधानों के अनुसार नगरपालिका सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिये यह भी आवश्यक है कि अभ्यर्थी राजस्थान राज्य के विधान मण्डल के सदस्य के चुनाव के लिये निर्धारित योग्यता रखता हो। विधान मण्डल के निर्वाचन के लिये न्यूनतम आयु 25 वर्ष नियत है लेकिन नगरपालिका चुनाव के लिये 21 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाला व्यक्ति निर्योग्य नही होगा। इसी प्रकार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के प्रावधान भी नगरपालिका के सदस्य के निर्वाचन की निर्योग्यता के प्रयोजन हेतु लागू होगें। 

उक्त अधिनियम में यह प्रावधान है कि किसी व्यक्ति के विरूद्ध सक्षम न्यायालय द्वारा  5 वर्ष या अधिक अवधि के कारावास से दण्डनीय मामले में संज्ञान ले लिया है और आरोप विरचित कर दिये गये है, तो ऐसे विचाराधीन मामले में वह व्यक्ति नगरपालिका सदस्य के निर्वाचन के प्रयोजनार्थ अपात्र माना जायेगा। 

नगरनिगम, नगरपरिषद, नगरपालिका बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य पदों के चुनाव में कोई अभ्यर्थी कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत पात्र है इसके लिये अभ्यर्थियों से जानकारी रिटर्निंग अधिकारी को प्राप्त होना आवश्यक है। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 के प्रावधानों के संबंध में नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी से घोषणा पत्र प्रस्तुत करने की भी अपेक्षा रिटर्निंग अधिकारी द्वारा की जायेगी। 

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तेजतर्रार ईओ लालचंद सांखला को नीलामी क्यों रोकनी पड़ी? ईओ का सूचना पत्र

^ करणीदानसिंह राजपूत ^

सूरतगढ़ 19 सितंबर 2019.

नगर पालिका सूरतगढ़ की ओर से इंदिरा सर्किल के पास राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62 पर 19-20 सितंबर को होने वाली नीलामी नहीं हो पाई। नगरपालिका ने 19 सितंबर को नीलामी नहीं होने बाबत एक सूचना पत्र जारी किया है।

अधिशाषी अधिकारी लालचंद सांखला ने सूचना में कारण नहीं लिखा। किन्हीं ओर कारणों से नीलामी का स्थगित किया जाना बताया है।

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भूखंड नीलामी नहीं होगी: पूर्व विधायक व पूर्व अध्यक्ष के पत्र पर कार्यवाही


^^ करणी दान सिंह राजपूत ^^

सूरतगढ़ 19 सितंबर 2019.

राष्ट्रीय उच्च मार्ग नंबर 62 पर इंदिरा सर्किल के पास नगर पालिका की ओर से भूखंडों की नीलामी प्रस्तावित थी जिसका व्यापक प्रचार 18 सितंबर तक किया जाता रहा था पर रोक लगा दी गई है। 



पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिद्धू और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल ने भूखंडों की नीलामी पर आपत्ति करते हुए 16 सितंबर 2019 को  जिला कलेक्टर को विस्तृत पत्र दिया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि मास्टर प्लान की आड़ में नगर पालिका द्वारा व्यावसायिक भूमि को आवासीय के रूप में बेचा जा रहा है। आवासीय भूमि के रूप में बेचने पर केवल 7 करोड़ रुपए के करीब आय हो सकती है जबकि व्यावसायिक भूमि के रूप में बेचने पर करीब 70 से 80 करोड़ रुपए की आय होती है। राज्य कोष को इतना बड़ा घाटा है इसलिए 19,20,21 सितंबर को होने वाली बोली पर रोक लगाई जाए। इस पत्र में यह भी लिखा गया है कि पूर्व में मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और स्वायत्त शासन मंत्री को भी सूचित किया जा चुका है। पूर्व में यह बोली 11-12 सितंबर को होने वाली थी जिसे रोककर नगरपालिका ने अब 19,20,21 सितंबर किया है। 


विदित रहे कि नगर पालिका द्वारा प्रस्तावित नीलामी भूखंडों पर नगरपालिका के अलावा पुराना कब्जा बताते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने भी अपना दावा और पत्र पेश कर रखे हैं। 

अब यह नीलामी नहीं होगी इसके पहले जांच होगी। संपूर्ण तथ्यों की जांच के बाद ही कोई परिणाम आएगा। 


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