सोमवार, 24 सितंबर 2018

रावतसर में पालिकाध्यक्ष के पति हरवीर सहारण की गोलियां मार हत्या:राजनीति में तूफान की आशंका




रावतसर में पालिकाध्यक्ष के पति हरवीर सहारण की सोमवार 24-9-2018 को
दिनदहाड़े उपखंड कार्यालय परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद मौके पर हड़कंप मच गया. पुलिस हमलावर की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है.जानकारी के अनुसार वारदात दोपहर करीब 12 बजे रावतसर उपखंड अधिकारी के कार्यालय परिसर में हुई. रावतसर पालिकाध्यक्ष नीलम सहारण का पति हरवीर सहारण किसी काम से उपंखड कार्यालय आया हुआ था। करीब 12 बजे अचानक एक व्यक्ति ने हरवीर पर अंधाधुध फायरिंग कर दी, जिससे वह लहूलहान होकर वहीं गिर पड़ा. वारदात के तत्काल बाद हमलावर वहां से भाग गया। लोगों ने हरवीर को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया. वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे हनुमानगढ़ रेफर कर दिया गया।
हनुमानगढ़ के राजकीय अस्पताल में घायल हरवीर को ले जाया गया जहां ईलाज के बीच मौत हो गई।
 जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप भी वहां मौजूद थे. वे वहां किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हुए थे। हरवीर की हालात को देखकर डॉ. रामप्रताप ने भी चिकित्सकों के साथ मिलकर उसे बचाने का भरसक प्रयास किया।


डॉ. रामप्रताप ने खुद हरवीर को सीपीआर दी. लेकिन अत्यधिक रक्तस्त्राव के कारण हरवीर ने दम तोड़ दिया। ह
हरवीर पर भी हत्या के दो मामले दर्ज हैं और वह हाल ही में जमानत पर छूट कर आया था।

+ पूर्व का एक समाचार 15 मई

18 साल बाद हत्या के मामले में नगर पालिका चेयरमैन के पति हरवीर सहारण गिरफ्तार

जयपुर। एसओजी राजस्थान ने 18 साल पहले हुई एक युवक की हत्या के मामले में अब गिरफ्तारी की है। यह मामला हाल ही एसओजी के पास आया था। एसओजी ने त्वरित अनुसंधान करते हुए मुख्य अभियुक्त हरवीर सहारण पुत्र रामजस सहारण पालिका अध्यक्ष के पति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया । यह मामला स्थानीय रावतसर  पुलिस और सीआईडी सीबी तक गया, लेकिन तीन बार एफआर लगाने के बाद इस मामले में गिरफ्तारी हुई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एटीएस एवं एसओजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि नौ अप्रेल, 2003 को नोरा देवी जाट निवासी परबतसर के परिवाद पर थाना रावतसर में एक प्रकरण इस आशय का दर्ज हुआ था कि मेरा पुत्र प्रेम कुमार आयु 30 वर्ष दिनांक 09.11.2001 से गायब है। जिसकी मैंने 18.11.2001 को थाना रावतसर में गुमशुदगी दर्ज करायी थी तथा प्रेम कुमार को गायब करवाने का शक हरवीर सहारण पर जताया था लेकिन हरवीर सहारण राजनीतिक पहुंच का व्यक्ति होने से मेरी रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं हुयी। अब हमारे घर पर गुमनाम पत्र आ रहे हैं कि मेरे पुत्र की हत्या हरवीर सहारण व उसके साथियों ने की है। हत्या कर शव को जला दिया है। उक्त रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर स्थानीय पुलिस द्वारा अनुसंधान किया गया। अनुसंधान से मामला अदम सबूत का माना जाकर सन 2003 में ही एफआर अदम सबूत में दे दी गयी थी।

- लूट के अभियुक्त ने कहा, हत्या करके शव जला दिया
2016 में लूट एवं डकैती के मामले में थाना सरदार शहर में गिरफ्तार अभियुक्त वजीर खां ने पूछताछ में इस मामले का खुलासा कर हरवीर सहारण, पप्पूराम मेघवाल, भीम बेनीवाली, रणजीत मेघवाल, मांगेस तारण के साथ मिलकर प्रेमकुमार की हत्या कर शव जलाना स्वीकार किया था। जिस पर पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ के आदेश से मामले को रि-ओपन कर अनुसंधान एसएचओ रावतसर द्वारा शुरू किया गया। इसके पश्चात मामले का अनुसंधान एसएचओ सरदारशहर ओमप्रकाश गोदारा, पुलिस निरीक्षक द्वारा किया जाकर मामले में अभियुक्त वजीर खां को गिरफ्तार किया गया तथा हरवीर सहारण व अन्य व्यक्तियों को अभियुक्त माना गया। अनुसंधान के दौरान ही हरवीर सहारण के पिता रामजस के परिवाद पर महानिरीक्षक बीकानेर रेंज, बीकानेर के आदेश पर अग्रिम अनुसंधान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ निर्मला विश्नोई एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायसिंहनगर भरतराज के द्वारा किया गया। जिसमें अनुसंधान से मामला पुन: अदम सबूत का मानते हुये प्रकरण में एफआर अदम सबूत एवं गिरफ्तारशुदा अभियुक्त वजीर खां के लिये 169 सीआरपीसी के तहत अनुशंषा की गयी।
 तत्पश्चात मुख्यमंत्री कार्यालय के निदेर्शानुसार उक्त प्रकरण की पत्रावली अग्रिम अनुसंधान हेतु एसओजी को प्राप्त हुयी। जिस पर प्रकरण का गहन अनुसंधान आईजी एसओजी दिनेश एम एन के निकट सुपरविजन में करन शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसओजी के नेतृत्व में चिरंजीलाल मीना, उप अधीक्षक पुलिस के द्वारा शुरू किया गया। गहन अनुसंधान के पश्चात वारदात के मुख्य अभियुक्त हरवीर सहारण पुत्र रामजस सहारण निवासी वार्ड नंबर 13, रावतसर, जिला हनुमानगढ हाल पार्षद वार्ड नंबर 13 एवं पालिका अध्यक्ष पति नगरपालिका रावतसर को गिरफ्तार किया गया है।

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निलम्बन आदेश ने बढ़ा दी नीलम की और ताकत – पुन: कार्यभार ग्रहण करने से पहले किया शक्ति प्रदर्शन

 July 19, 2018 

हनुमानगढ़ जिले में सत्तारूढ़ भाजपा के कतिपय नेताओं का रावतसर नगरपालिका की अध्यक्ष नीलम सहारण पर कथित भ्रष्टाचार-पद के दुरुपयोग के आरोप लगवाकर निलम्बित करवा देेने का दांव उल्टा पड़ गया है। जोधपुर हाईकोर्ट द्वारा निलम्बन आदेश स्थगित कर दिये जाने के बाद बुधवार को नीलम सहारण ने जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन करते हुए नगरपालिका अध्यक्ष का कार्यभार फिर से ग्रहण कर लिया। अपने सैकड़ों-हजारों समर्थकों के साथ नीलम सहारण जुलूस के रूप में पालिका कार्यालय में पहुंचीं, जहां उन्होंने फिर से कार्यभार सम्भाला। उनके जुलूस में कांग्रेस-भाजपा के भी अनेक चेहरे दिखाई दिये। इस शक्ति प्रदर्शन से अब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नोहर विधानसभा हलके के समीकरण बदलने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बता दें कि नीलम सहारण को पिछले सप्ताह स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों ने भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप में निलम्बित कर दिया था। इसके अगले ही दिन उनकी जगह राधा शर्मा को कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष बना दिया गया। अपने निलम्बन के विरुद्ध नीलम सहारण ने जोधपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर सुनवाई के बाद कल मंगलवार को स्थगन आदेश जारी कर दिया गया। जैसे ही यह आदेश जारी होने की सूचना रावतसर में आई, नीलम सहारण के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। उस समय कार्यालय में मौजूद राधा शर्मा तुरंत ही अपने घर लौट गईं। राधा शर्मा को अढ़ाई दिन भी इस कुर्सी पर बैठना नसीब नहीें हुआ। नीलम सहारण ने पुन: कार्यभार सम्भालने के इस मौके को जाने नहीं दिया। उन्होंने आज इसे अपने शक्ति प्रदर्शन में तब्दील कर दिया। इस शक्ति प्रदर्शन में उनके विरोधियों के हौसले पस्त कर दिये हैं। राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा चल निकली है कि भाजपा के इन कतिपय नेताओं को नीलम सहारण को निलम्बित करवाने का पंगा लेना ही नहीं चाहिए था। निलम्बन के इस मामले ने नीलम सहारण को न केवल राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का मौका मिल गया, बल्कि लोगों में उनके प्रति सहानुभूति पहले से भी ‘यादा हो गई है। बता दें कि नीलम सहारण के पति हरवीर सहारण को लगभग दो माह पूर्व एसओजी ने 17-18 वर्ष पुराने एक हत्याकांड में गिरफ्तार कर लिया था। दो-तीन जने और भी पकड़े गये थे। इसके बाद एक और पुराने हत्याकांड का भी खुलासा हुआ। तब से हरवीर सहारण न्यायिक हिरासत में हैं। पिछले कुछ समय से हरवीर सहारण नोहर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे थे। उनकी यह सक्रियता भाजपा के कतिपय नेताओं की आंख की किरकरी बन गया। समझा जाता है कि इसी किरकिरी को मिटाने के लिए 17-18 वर्ष पुराने हत्याकांड की फाइल को फिर से बाहर निकलवाया गया, जबकि अनेक अधिकारी इस मामले की जांच के बाद एफआर लगा चुके थे। माना जा रहा है कि अगर हरवीर सहारण की चुनाव से पहले जमानत नहीं हो पाई, तो नोहर विधानसभा क्षेत्र से नीलम सहारण ताल ठोक सकती हैं। इसी गर्ज से आज उन्होंने अपनी राजनीतिक ताकत का और क्षेत्र में पकड़ मजबूत होने का प्रदर्शन किया। नीलम सहारण इससे पहले भी एक बार पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं, जब नेाहर से मौजूदा विधायक अभिषेक मटोरिया पहली बार विधायक चुने गये थे। उस समय मटोरिया ने पालिकाध्यक्ष रहते हुए चुनाव लड़ा था। विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने पालिकाध्यक्ष का पद त्याग दिया था। शेष रहती डेढ़ वर्ष की अवधि के दौरान नीलम सहारण पालिकाध्यक्ष रही थीं। अब उनकी निगाहें विधानसभा चुनाव पर हैं।
नई कुर्सी पर विराजित
लगभग तीन वर्ष से पालिकाध्यक्ष नीलम सहारण बुधवार दोपहर को दोबारा कार्यभार ग्रहण करने नगरपालिका कार्यालय में गईं, तो उन्हेांने अपनी पुरानी कुर्सी का त्याग कर दिया। उनके कार्यालय मेें आने से पहले ही कुर्सी को बदला जा चुका था। उनके कार्यालय में नई कुर्सी रखी गईं। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हुईं। इन चर्चाओं में कहा गया कि शायद पहले वाली कुर्सी को अशुभ मानते हुए हटाया गया है। दूसरी चर्चा यह है कि इस कुर्सी पर अढ़ाई दिन के लिए कोई और बैठा था, इसलिए नीलम को इस कुर्सी पर बैठना गवारा नहीं हुआ। दूसरी ओर कार्यवाहक पालिकाध्यक्ष बनी राधा शर्मा के साथ तो और भी ‘यादा खांटी हो गई। उन्हें लगा था कि कोई कुर्सी से हटा नहीं पायेगा। उन्होंने अपने नाम की दो नेम प्लेटें बनवाईं। एक नेम प्लेट उनके कार्यालय पर और दूसरी उनके निवास पर लगाई गई। पालिका कार्यालय से उनकी नेम प्लेट हटा दी गई। अलबत्ता अब उनके घर की नेम प्लेट पर पूर्व पालिकाध्यक्ष अंकित हो गया। नीलम सहारण ने कार्यभार सम्भालने के बाद सफाई कर्मियों की नियुक्ति में धांधली होने के आरोप लगाते हुए धरने पर बैठे हुए वाल्मीकि समाज के लोगों के पास जाकर बातचीत की। उन्हें आश्वस्त किया कि इसकी पूरी जांच की जायेगी, लेकिन उन्होंने धरना नहीं हटाया। इस बीच एक और घटनाक्रम भी हुआ। अधिशाषी अधिकारी ने कल मंगलवार सुबह पालिका के सात संविदाकर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया था, लेकिन दोपहर को जोधपुर हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश जारी किये जाने का पता चलने पर इन सभी कर्मियों को वापिस कार्य पर ले लिया गया।

रविवार, 23 सितंबर 2018

भादू की टिकट कौन कटवा पाएगा? * भादू की राजनीति को समझ पाना आसान नहीं*


- करणीदानसिंह राजपूत -


राजेंद्र भादू की  राजनीति को भेदने के प्रयास महीनों से हो रहे हैं मगर अभी तक कोई चेहरा ऐसा लग नहीं रहा है जो दम ठोक कर कह सके कि भादू की टिकट कटवाने की क्षमता और पर्याप्त दबाव डालने का जन मानस साथ है।


 भादू की राजनीति अपने आप में अनोखी आश्चर्यजनक और जबरदस्त चक्रव्यूह वाली है। 

भादू परिवार आजादी के बाद से 1952 से राजनीति कर रहा है। इस परिवार की राजनीति इसलिए अनोखी आश्चर्यजनक है कि यह जब जब जहां जहां सत्ता में रहा, किसी अन्य को अपने साथ नहीं रखा जो कोई भेद जान सके। सभी को उतना दूर  रखा जाता रहा है कि वह सत्ता में एक कदम या एक चाल अपनी नहीं चल सके,चाहे परिवार जन हो चाहे निकटतम मित्र परिचित हों।  सत्ता की बागडोर केवल और केवल अपने पास रखता है और शासन प्रशासन को जिसमें पुलिस राजस्व नगर पालिका सार्वजनिक निर्माण विभाग कृषि उपज मंडी समिति आदि  जिन में जनता का संपर्क अधिक है उन पर अपना नियंत्रण रखता है।

इस चक्रव्यू को 50 सालों से कोई भेद नहीं पाया इसका कारण यही है कि भादू ने अपने पास किसी को फटकने नहीं  दिया। जो लोग अपने आप को पास में होने का भ्रम रखते हैं वे भी 100 फिट दूर होते हैं। 


राजेंद्र सिंह भादू को यह राजनैतिक  शिक्षा ताऊ मनफूलसिंह भादू से और पिता बीरबल भादू से मिली। सूरतगढ़ पीलीबंगा क्षेत्र में मनफूलसिंह व बीरबल ऐसे वृक्ष थे जिन्होंने अपनी छाया में किसी को पनपने नहीं दिया जो कभी चुनौती दे दे। 

भादू अपने मतलब की राजनीति करते हैं व शासन और प्रशासन पर अपना ही नियंत्रण रखते हैं।  ठीक यही नीति वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू की की है, शासन और प्रशासन पर सीधा नियंत्रण खुद का है और उसके बाद अगर कोई दखल है तो पुत्र अमित भादू का है। अन्य किसी का कहीं रत्ती भर भी दखल पिता पुत्र को पसंद नहीं।

यही कारण है कि भादू की राजनीति के भीतर जो कुछ होता है वह कोई भी व्यक्ति समझ नहीं पाता।

 कद्दावर समझे जाने वालेे नेता भादू की टिकट कटवाने का दावा करते हैं वे सच्चाई  के नजदीक नहीं है। फिलहाल तो उनकी स्थिति बहुत कमजोर है और सामान्य रूप से जन भाषा में कहा जाए तो उनके पास भादू की टिकट कटवाने जैसा सामान नहीं है। वे खुद चुनाव के समय जनता में अपनी डुगडुगी बजा रहे हैं और भादू का विरोध दबे शब्दों में करते हैं। उनकी हिम्मत भादू का नाम लेकर जनता के बीच भाषण देने की नहीं होती। जनता के बीच वे अपने आप को बचाते हुए यह कहते हैं कि व्यक्तिगत आरोप और लांछन नहीं लगाना चाहते। सच में वेे डरे हुए नेता हैं। राजनीति में साधुत्व नहीं चलता। अगर पास में पावरफुल हथियार हो तो मार सकते हैं। हथियार भी हो और उसमें जनसंपर्क की जनता के कार्य कराने की धार नहीं हो तो वह हथियार काम नहीं कर सकता। आश्चर्य यह मानना चाहिए कि राजेंद्र सिंह भादू सन 2008 में गंगाजल मील के सामने दूसरे क्रम पर रहे और इस शक्ति को भारतीय जनता पार्टी ने मानकर 2013 में भादू पर दांव खेला।रामप्रताप कसनिया और भादू में से एक को टिकट देना था।

भादू को टिकट मिला और चुनाव में जीतने के बाद भादू दूसरे क्रम का नेता नहीं रहा। अपने भादू परिवार की राजनीति के सबक और शिक्षा के हिसाब से जयपुर के राजनैतिक परिदृश्य में छा गया। मुख्यमंत्री,मंत्रियों व भाजपा संगठन में अच्छा तालमेल फिट कर लिया।

भादू काल की राजनीति पर गौर करें। विरोधी आरोप लगाते हैं कि विधायक ने कुटवाया। अगर ऐसा आरोप सच्च है तो भी भादू ने कुटवा कर भी बड़ाई में कहीं नहीं कहा कि उनकी भूमिका है। किसी का काम रुकवाने का आरोप लगा,लेकिन भादू ने कहीं नहीं कहा कि हमने सबक सिखाया है। जो विरोधी आरोप लगाते हैं वे भी नाम ले कर आरोप लगाने की हिम्मत नहीं रखते। समारोहों कार्यक्रमों में जनता से सीधी बातचीत में राजेन्द्र भादू एक ही बात कहते हैं कि आप लोगोंं की बदौलत ही इस विधायक पद पर हूं,आप लोगों ने ही मुझे इस पद पर बिठाया है। इसके अलावा विकास की बातें करते हैं। सरकारी बैठकों मेंं सर्वाधिक उपस्थिति है।


पिछले साढे चार सालों में किसी की हिम्मत नहीं हुई और अब बिना सामान के शानदार शो रूम खोलने का प्रचार दम नहीं रखता। 

जनता के पास ही पावर है जो कुछ निर्णय कर सकती है लेकिन वह भी तब हो सकता है जब सामने कोई पावरफुल दिखाई दे।










अनूपगढ-भटिंडा गाड़ी प्रस्ताव को मंजूरी दी जाए-हनुमानगढ़ में वाशिंग लाईन का निर्माण हो-सांसद निहालचंद





श्रीगंगानगर, 23 सितम्बर 2018.
पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री एवं सांस

द श्री निहालचंद ने कहा कि इलाके में भविष्य के लिये ज्यादा से ज्यादा रेल सेवाओं के लिये जरूरी है कि हनुमानगढ़ में भी नई वाशिंग लाईन का निर्माण हो।
श्री निहालचंद शनिवार को बीकानेर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में बीकानेर रेल मंडल क्षेत्र के सांसदों, उतर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री टी.पी.सिंह के साथ हुई बैठक में बोल रहे थे। इस बैठक में सांसद के साथ मौजुद रहे जेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य श्री भीम शर्मा ने बताया कि सांसद ने हनुमानगढ़ क्षेत्र पर रेलों के विकास के मामले में ध्यान केन्द्रित करते हुए कहा कि हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन परिसर में वाशिंग लाईन निर्माण के लिये पर्याप्त भूमि है। रेल प्रशासन इसके लिये प्रस्ताव बनाकर भेजे। इसके निर्माण की वित्तीय स्वीकृति वे केन्द्र सरकार से दिलवा देगें। इसी संदर्भ में उन्होंने महाप्रबंधक को बताया कि प्रस्तावित श्रीगंगानगर-सीकर नई एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन होने में काफी विलम्ब हो रहा है। इसके लिये मंडल काफी समय पूर्व प्रस्ताव भेज चुका है। इसमें कहां क्या समस्या आ रही है, इसे दूर किया जाये। अगर केन्द्र से संबंधित कोई समस्या है तो बताएं। जनता को इस गाड़ी की बहुत जरूरत है। 
उन्होंने बठिण्डा-दिल्ली गाड़ी संख्या 14519/14520 किसान एक्सप्रेस गाड़ी को बठिण्डा के बाद वायां मंडी डब्बावाली, संगरिया, हनुमानगढ़, सादुलशहर, श्रीगंगानगर तक विस्तारित करने की बात दोहराते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिये। 
इसी मौके पर श्रीगंगानगर से वाया सादुलशहर-हनुमानगढ़ हुजुर साहिब नांदेड के लिये गाड़ी शुरू करने की मांग रखी। 
सांसद ने गाड़ी संख्या 19225/19226 जम्मूतवी-बठिण्डा एक्सप्रेस को एक अतिरिक्त रैक की सहायता से बठिण्डा के बाद वाया मंडी डब्बावाली, संगरिया, हनुमानगढ़, सादुलशहर, श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर, रायसिंहनगर, सूरतगढ़, बीकानेर तक विस्तारित करने की बात कही। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 22981/22982 कोटा-श्रीगंगानगर-कोटा सुपरफास्ट को श्रीगंगानगर के बाद वाया अबोहर फाजिल्का तक विस्तारित करने की बात कहते हुए कहा कि इस गाड़ी के सुबह 10 बजे से सायं 5.40 बजे तक श्रीगंगानगर स्टेशन पर खड़े रहने के कारण स्थानीय रेल प्रशासन को परेशानी हो रही है। श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ियों की संख्या बढ़ने से अब वर्तमान में प्लेटफार्म कम पड़ने लगे है। 
इसी प्रकार दिल्ली तिलकब्रिज-सादुलपुर पैसेन्जर ट्रेन संख्या 54011/54012 को एक अतिरिक्त रैक की सहायता से वायां हनुमानगढ़ श्रीगंगानगर तक विस्तारित करने की मांग करते हुए कहा कि इस गाड़ी के श्रीगंगानगर आने से इलाके के लोगों को दिल्ली तक पैसेन्जर ट्रेन के किराये में एक अच्छी ट्रेन में सफर करने का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा प्रस्तावित बठिण्डा-अनूपगढ़ पैसेन्जर ट्रेन शुरू करने, सूरतगढ़-अनूपगढ रेल मार्ग पर वर्षों से बंद पड़े केशवनगर हॉल्ट को शुरू करने के अलावा श्रीगंगानगर-नांदेड गाड़ी का केसरीसिंहपुर, गजसिंहपुर व जैतसर स्टेशनों पर ठहराव की मांग के अलावा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। महाप्रबंधक की मौजुदगी में रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कुछ बिन्दुओं को लेकर प्रस्ताव भेजे जा चुके है व कुछ पर सकारात्मक दृष्टि से विचार किया जायेगा। 
बैठक में केन्द्रीय राज्यमंत्री व सांसद श्री अर्जुन राम मेघवाल, चुरू सांसद श्री राहुल कस्वां, भिवानी महेन्द्रगढ़ सांसद श्री धर्मवीर व सिरसा सांसद श्री चरणजीत सिंह रोड़ी ने भी अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं से रेल अधिकारियों को अवगत करवाय। 
रेल अधिकारियो को दी बधाई
बैठक के प्रारम्भ में सांसद श्री निहालचंद ने सफाई के मामले में श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन को कचरा मुक्त नामित होने पर बधाई दी। इसके अलावा गोगामेड़ी मेले में रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों के लिये की गई शानदार व्यवस्था की प्रशंसा की तथा गाड़ी संख्या 04774 का पृथ्वीराजपुरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव दिये जाने पर रेल अधिकारियों का आभार जताया।
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शनिवार, 22 सितंबर 2018

आम आदमी पार्टी नेता राजू जाट गिरफ्तार:थानाधिकारी की हत्या की कोशिश का मुकदमा:

सूरतगढ़ 22-9-2018.

आज सूरतगढ़ पुलिस ने राजू जाट को गिरफ्तार किया।आरोप है कि राजू जाट और बाघ अली ने ने 6 सितंबर को उपखंड कार्यालय पर कब्जे के कार्यक्रम में गेट पर थाना अधिकारी निकेत कुमार की हत्या का प्रयास व पुलिस पर हमला किया।

यह मुकदमा थाना अधिकारी निकेत कुमार की ओर से दर्ज करवाया गया। बाघ अली पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है व न्यायिक हिरासत में जेल में है।


राजू जाट की गिरफ्तारी का समाचार सोशल मीडिया पर सूरतगढ़ आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सुमित भटेजा की ओर से दिया गया।

इस सूचना के साथ आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं को एक संदेश भी था कि हमें शासन-प्रशासन की व्यवस्था को बदलना है। पुलिस ने  6 सितंबर की घटना पर अन्य पार्टी अन्य पार्टियों के नेताओं की गिरफ्तारी की और मुकदमा भी नहीं बनाया गया उस पर आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता विचार नहीं रखेगा,यह हमारा काम नहीं है। बल्कि सरकार की जनविरोधी नीतियों को बदलने की चेष्टा करेंगे।

विदित रहे कि 6 सितंबर के मुकदमे में पुलिस ने 28 व्यक्ति  नामजद किये।कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने उत्तेजित भाषण दिए लेकिन उनको नामजद नहीं किया न आगे अन्य में भी शामिल कर गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आम आदमी पार्टी के सत्यप्रकाश सिहाग को भी मुकदमें में गिरफ्तार किया जो 2018 का सूरतगढ सीट से चुनाव लड़ने के लिए घोषित हैं। सूरतगढ संघर्ष समिति और पूर्व में गिरफ्तार जमानत पर छूटे नेता व कार्यकर्ता पत्रकारवार्ता में मुकदमें को झूठा बता चुके हैं। आम आदमी पार्टी की पत्रकार वार्ता में भी मुकदमे को फर्जी बताया जा चुका है कि केवल इसी पार्टी नेताओं को टारगेट बनाया गया।










कर्मचारियों की हड़ताल पर क्या मायने रखते हैं सीएम की गौरव यात्रा और अमितशाह का बूथ सम्मेलन।




राजस्थान  की वसुंधरा राजे गौरव यात्रा निकाल रही हैं, तब राजधानी जयपुर की सड़कों पर सरकार के कर्मचारियों का डेरा जमा हुआ था। सीएम राजे विधानसभा क्षेत्रों के गली कूचों में घूम घूम कर अपनी पांच वर्ष की उपलब्धियों पर इतरा रही हैं, जबकि हकीकत यह है कि सरकार का काम काज पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।
 21 सितम्बर को पांचवें दिन रोडवेज की बसें नहीं चली तथा विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रदेश भर में बिजली सप्लाई ठप होने के कगार पर है। गत 19 सितम्बर से ही पंचायतीराज के कर्मचारी हड़ताल पर है तो मंत्रालयिक कर्मचारी भी 20 सितम्बर से जयपुर में महापड़ाव कर रहे हैं। राजस्थान में नवम्बर में विधानसभा के चुनाव होने हैं और प्रदेश के हालात बद से बदत्तर हो गए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। चारों तरफ अराजकता का माहौल है। कई स्थानों पर तो साम्प्रदायिक तनाव भी हो गए है। चूंकि राजनीतिक इच्छा शक्ति बेहद कमजोर है, इसलिए प्रशासनिक अधिकारी भी खामोश हैं। कोई भी अधिकारी मन से कार्य नहीं कर रहा है। यह माना कि कर्मचारियों की हड़ताल के पीछे राजनीतिक नजरिया भी होगा, लेकिन सवाल उठता है कि कर्मचारियों के हर वर्ग में नाराजगी क्यों हैं? क्या कोई भी वर्ग सरकार से खुश नहीं है? यदि ऐसा है तो किस बात के लिए गौरव यात्रा निकाली जा रही है।  कर्मचारियों की हड़ताल से आम व्यक्ति बहुत परेशान है। अकेले रोडवेज की हड़ताल  से रोजाना 10 लाख यात्री सफर नहीं कर पा रहे हैं। गंभीर बात तो यह है कि अभी तक किसी भी कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री के स्तर पर कोई वार्ता नहीं हुई है। सवाल यह भी है कि मुख्यमंत्री को अपने ही कर्मचारियों से बात करने पर गुरेज क्यों हैं?
पिछले राज्यकर्मचारियों के एक संगठन ने सीएमआर में वसुंधरा राजे का शानदार अभिनंदन किया था, तो क्या वसुंधरा राजे सिर्फ मिजाजपुर्सी करने वालों से ही मुलाकात करती हैं?

शाह का बूथ प्रबंधनः

नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह सितम्बर माह में अब तक चार दिन राजस्थान में गुजार चुके हैं। अपने प्रवास में शाह ने बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता से संवाद किया है। सवाल यह भी है कि आखिर अमित शाह अपनी सरकार के कामकाज की समीक्षा क्यों नहीं करते? जब भाजपा शासित प्रदेश में अराजकता का माहौल है तो फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मूक दर्शक क्यों बने बैठे हैं? क्या इन हालातों को संभालने की जिम्मेदारी संगठन की नहीं हैं? अमितशाह जब भी किसी भाजपा शासित प्रदेश में जाते हैं तो वहां के मुख्यमंत्री के साथ होते हैं। ऐसा यूपी, एमपी, गुजरात आदि में देखा जा सकता है, लेकिन हाल में अमितशाह ने जब पाली, जोधपुर और नागौर का दौरान किया तो किसी भी स्थान पर सीएम राजे नहीं थीं। बहाना कुछ भी हो सकता है।
एस.पी.मित्तल) (21-09-18)











शुक्रवार, 21 सितंबर 2018

सुभाष चौक पर 22 सितंबर की सभा स्थगित


सूरतगढ़ 21-9-2018.

सूरतगढ़ संघर्ष समिति ने विज्ञप्ति में कहा है कि 25 सितंबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन होगा उसमें संघर्ष समिति के कार्यकर्ता भाग लेंगे इसलिए  सुभाष चौक पर 22 सितंबर की आमसभा को स्थगित किया गया है।

 सखी मोहम्मद फर पुलिस अत्याचार और  एसडीएम कार्यालय पर 6 सितंबर को लाठी भाटा जंग के बाद थानाध्यक्ष की हत्या की कोशिश के मुकदमे में लोगों के साथ थाने में मारपीट के विरोध में  सुभाष चौक पर आमसभा की जाने वाली थी।







गुरुवार, 20 सितंबर 2018

दिल्ली बैठक: निहालचंद ने रेलों के विस्तार की मांग की



श्रीगंगानगर, 20 सितम्बर 2018.

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद श्री निहालचन्द ने गुरुवार को नई दिल्ली में उत्तर रेलवे के ऑफिसर्स क्लब में अम्बाला व फ़िरोज़पुर क्षेत्र से जुड़े सांसदों के लिये आयोजित बैठक में श्रीगंगानगर हनुमानगढ जिलों तक ट्रेनों के विस्तार की मांग की। 

1. गाड़ी संख्या 14519/14520 बठिंडा- दिल्ली किसान एक्स का हनुमानगढ़, सादुलशहर के रास्ते श्री गंगानगर तक विस्तार हो।

2. गाड़ी संख्या 19225/19226 जम्मूतवी-बठिंडा एक्स का अतिरिक्त रैक लगाकर वाया श्री गंगानगर, सूरतगढ़ बीकानेर तक विस्तार हो।

3.गाड़ी संख्या 54011/54012 तिलक ब्रिज- सादुलपुर पैसेंजर ट्रेन का अतिरिक्त रैक की सहायता से श्री गंगानगर तक विस्तारित हो।

4.गाड़ी संख्या 12455/12456 सराय रोहिल्ला-श्री गंगानगर-बीकानेर का दिल्ली के उपनगरीय स्टेशन शकूर बस्ती में आधिकारिक ठहराव दिया जाए।

 बैठक में ज़ेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा भी मौजूद रहे।

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री विश्वेश चौबे ने उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में यात्रियों के हितों के लिए चुने हुए जन प्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श किया।

      लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसदों ने बैठक में अपने विचार व्यक्त किए। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री विश्वेश चौबे के साथ अम्बाला मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री दिनेश चंद शर्मा, फिरोजपुर मंडल के मंडल प्रबंधक श्री विवेक कुमार, उत्तर रेलवे प्रधान कार्यालय तथा अम्बाला एवं फिरोजपुर मंडलों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे ।

      महाप्रबंधक ने सांसदों का स्वागत किया और उन्हें अम्बाला और फिरोजपुर मंडलों पर उत्तर रेलवे द्वारा चलाई जा रही विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों और कार्यों से अवगत कराया। दोनों मंडलों के मंडल रेल प्रबंधकों ने अम्बाला और फिरोजपुर मंडलों पर यात्रा सुविधाओं, सेवाओं और अवसंरचनात्मक ढॉंचे से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की ।

सांसदों ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाये। सांसदों ने उत्तर रेलवे से अनुरोध किया कि ढांचागत सुविधाओं और यात्रा सहूलियतों से जुड़ी परियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाये। उन्होंने परियोजनाओं के समय पर पूरा होने के लिए राज्य प्रशासन के साथ किए जाने वाले आवश्यक समन्वय, यदि जरूरी हो तो, के लिए सहायता की पेशकश की।

श्री विश्वेश चौबे ने सांसदों को आश्वस्त किया कि उत्तर रेलवे सांसदों द्वारा उठाये गए मुद्दों और जन शिकायतों का शीघ्र समाधान करेगी। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर रेलवे यात्रियों और रेल उपयोगकर्ताओं की सेवा में सदैव प्रतिबद्ध है। 

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दिल्ली में रेल से संबंधित बैठक: निहालचंद ने सामान चोरी का मुद्दा उठाया

श्रीगंगानगर, 20 सितम्बर 2018.

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद श्री निहालचन्द ने कहा कि रेल यात्रा के दौरान अगर यात्रियों का  सामान चोरी होने का सिलसिला नही थमा तो ट्रैन में कौन सफर करेगा। 

श्री निहालचन्द गुरुवार को नई दिल्ली में उत्तर रेलवे के ऑफिसर्स क्लब में अम्बाला व फ़िरोज़पुर क्षेत्र से जुड़े सांसदों के लिये आयोजित बैठक में बोल रहे थे। 

उन्होंने रेल अधिकारियों को चेताया कि सराय रोहिल्ला से गंगानगर जाते समय बठिंडा क्षेत्र के आसपास सुबह के समय यात्रियों का सामान अक्सर गायब होता हैं। यह गहरी नींद का समय होता है। सांसद ने आक्रोशित स्वर में कहा कि श्री श्रीगंगानगर व अन्य जीआरपी थानों में इस प्रकार के मामले दर्ज हैं। रेलवे ने अनेक मामलों में उपभोक्ता मंच न्यायालयों में यात्रियों की ओर से दायर वाद में मुआवज़ा भी दिया है।


बुधवार, 19 सितंबर 2018

रेलगाड़ियों के सामने पशुओं के आने से समयपालन को नुकसान


*वर्ष 2018 में अगस्त माह तक 607 घटनाओं के कारण 905 ट्रेनें हुई प्रभावित* 


- रेलवे जागरूकता अभियान चलायेगा तथा पशु मालिकों के खिलाफ  कार्यवाही भी करेगा -


श्रीगंगानगर, 19 सितम्बर 2018.

रेल संचालन में गाड़ियों की संरक्षा और समयपालनता  रेलवे की प्राथमिकता है। यात्री संरक्षित तथा समयानुसार यात्रा करें इसके लिये रेलवे सदैव अपने प्रयास करता है, लेकिन कई बार इस प्रकार की घटनाऐं हो जाती है, जिसके कारण ट्रेनें देरी से संचालित होती है साथ ही उनकी संरक्षा भी प्रभावित होती है। इन्हीं कारणों में से एक है, पटरी पर गाड़ियों के सामने जानवरों का आना। इस कारण से गाड़ियों की गति कम करनी पड़ती है और उनको रोकना भी पड़ता है, जिसके कारण गाड़ियॉ विलम्ब से चलती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 


    उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में इस वर्ष अगस्त माह तक जानवरों के ट्रेनों के सामने आने की 607 घटनायें दर्ज की गई है, जिसके कारण 905 ट्रेनें प्रभावित हुई है।

 जयपुर मण्डल पर 250, अजमेर मण्डल पर 120, बीकानेर मण्डल पर 95 तथा जोधपुर मण्डल पर 142 घटनाऐं दर्ज की गई है।

 जानवरों के पटरी पर ट्रेन से टकराने से संरक्षा भी प्रभावित होती है। विगत तीन वर्षों में जानवरों के टकराने से 2 ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटनाऐं भी हुई है। इसके अतिरिक्त जानवरों के टकराने से रेल इंजन को भी नुकसान पहुॅचता है। 

    राजस्थान क्षेत्र में पशुपालन एक प्रमुख व्यवसाय है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत अधिक संख्या में पशु चारा चरने के लिये इधर-उधर जाते रहते हैं और वो चरते-चरते पटरी पर आ जाते हैं।

 ट्रेन की चपेट में आकर पशु अपनी जान गंवा देते है। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिये पशु-पालकों को उन्हें पटरी और उसके आस-पास नहीं लाना/छोड़ना चाहिये। उपरोक्त घटनाओं को ध्यान रखते हुए रेल प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं पर कार्यवाही करने जा रहा है। रेलवे ट्रेक पर जानवरों को खुला छोड़ने से होने वाली दुर्घटना से बचने के लिये रेल प्रशासन उन क्षेत्रों की पहचान कर जहॉ इस प्रकार की घटनाएं अधिक होती है, वहॉ जागरूकता अभियान चलाया जायेगा तथा पशु पालकों को पहले समझाया जायेगा।  उसके पश्चात भी इस तरह की घटनाएं होने पर जानवरों के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगा जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। 

    रेलवे द्वारा समयपालनता के लिये प्रयास किये जाते है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं इसको प्रभावित करती है इसके पश्चात् भी उत्तर पश्चिम रेलवे इस वर्ष अगस्त माह तक मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में 86 प्रतिशत समयपालना को प्राप्त कर भारतीय रेलवे में द्वितीय स्थान पर है। 




मंगलवार, 18 सितंबर 2018

एनएसयूआई के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया पर हमला:सूरतगढ़ मेंं मुकदमा

सूरतगढ़ 18 सितंबर2018.

 राजस्थान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया पर शाम को अचानक हमला हुआ जिसमें गंभीर चोटें आई है। पूनिया के पैरों व नाक पर चोटें लगी हैं।

वे सूरतगढ़ में प्रदेश सचिव रामू छिंपा के समर्थन में पुलिस के विरोध में प्रदर्शन में भाग लेने के बाद शाम को अपनी कार से हनुमानगढ़ के लिए रवाना हुए तब कार रुकवा कर उन पर हमला किया गया।

 सूरतगढ़ पुलिस ने मुकदमा नंबर 457 भादंसं की धाराओं 341 323 147 148 और 149 में दर्ज करके जांच सहायक थानेदार हरपाल सिंह को सौंपी है।

इस मुकदमे में पूनिया के बयान के आधार पर विनोद बिश्नोई नितिन मोटियार रामू झूरिया उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 

अभिमन्यु पूनिया निवासी वार्ड नंबर 29 हनुमानगढ़ को यहां घायल अवस्था में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उनके बयान लिए गए। अभिमन्यु पूनिया के बयान में बताया गया है कि एनएसयूआई की ओर से एक प्रदर्शन हुआ जिसमें प्रदेश सचिव रामू छिंपा के समर्थन में भाग लेकर वे संजीव भादू अपनी कार Maruti गेराज से हनुमानगढ़ जा रहे थे। साथ में सुभाष लोहरा भी था। वुड डेकोर दुकान के पास पहुंचे तो एक Bolero की सफेद  हमारी कार के आगे रुकी।एक व्यक्ति कार से नीचे उतरा हाथ मिलाकर पूछा शक्ति भाटी को जानते हो तब अभिमन्यु पूनिया ने हां कहा। 

उसी समय अन्य 8 व्यक्ति उतर कर आए जिनके हाथ में सरिया तलवार बंदूकें थी जो मारपीट करने लगे। हाथ व शरीर में चोट लगी। बीच बचाव कर के छुड़ाया गया। 

पुलिस ने इस बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। उनको हनुमानगढ ले जाकर एक प्राइवेट हास्पीटल में भर्ती कराया गया है। कांग्रेस के नेता वहां हालचाल जानने के लिए पहुंच रहे हैं।



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