शनिवार, 22 सितंबर 2018

कर्मचारियों की हड़ताल पर क्या मायने रखते हैं सीएम की गौरव यात्रा और अमितशाह का बूथ सम्मेलन।




राजस्थान  की वसुंधरा राजे गौरव यात्रा निकाल रही हैं, तब राजधानी जयपुर की सड़कों पर सरकार के कर्मचारियों का डेरा जमा हुआ था। सीएम राजे विधानसभा क्षेत्रों के गली कूचों में घूम घूम कर अपनी पांच वर्ष की उपलब्धियों पर इतरा रही हैं, जबकि हकीकत यह है कि सरकार का काम काज पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।
 21 सितम्बर को पांचवें दिन रोडवेज की बसें नहीं चली तथा विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रदेश भर में बिजली सप्लाई ठप होने के कगार पर है। गत 19 सितम्बर से ही पंचायतीराज के कर्मचारी हड़ताल पर है तो मंत्रालयिक कर्मचारी भी 20 सितम्बर से जयपुर में महापड़ाव कर रहे हैं। राजस्थान में नवम्बर में विधानसभा के चुनाव होने हैं और प्रदेश के हालात बद से बदत्तर हो गए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। चारों तरफ अराजकता का माहौल है। कई स्थानों पर तो साम्प्रदायिक तनाव भी हो गए है। चूंकि राजनीतिक इच्छा शक्ति बेहद कमजोर है, इसलिए प्रशासनिक अधिकारी भी खामोश हैं। कोई भी अधिकारी मन से कार्य नहीं कर रहा है। यह माना कि कर्मचारियों की हड़ताल के पीछे राजनीतिक नजरिया भी होगा, लेकिन सवाल उठता है कि कर्मचारियों के हर वर्ग में नाराजगी क्यों हैं? क्या कोई भी वर्ग सरकार से खुश नहीं है? यदि ऐसा है तो किस बात के लिए गौरव यात्रा निकाली जा रही है।  कर्मचारियों की हड़ताल से आम व्यक्ति बहुत परेशान है। अकेले रोडवेज की हड़ताल  से रोजाना 10 लाख यात्री सफर नहीं कर पा रहे हैं। गंभीर बात तो यह है कि अभी तक किसी भी कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री के स्तर पर कोई वार्ता नहीं हुई है। सवाल यह भी है कि मुख्यमंत्री को अपने ही कर्मचारियों से बात करने पर गुरेज क्यों हैं?
पिछले राज्यकर्मचारियों के एक संगठन ने सीएमआर में वसुंधरा राजे का शानदार अभिनंदन किया था, तो क्या वसुंधरा राजे सिर्फ मिजाजपुर्सी करने वालों से ही मुलाकात करती हैं?

शाह का बूथ प्रबंधनः

नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह सितम्बर माह में अब तक चार दिन राजस्थान में गुजार चुके हैं। अपने प्रवास में शाह ने बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता से संवाद किया है। सवाल यह भी है कि आखिर अमित शाह अपनी सरकार के कामकाज की समीक्षा क्यों नहीं करते? जब भाजपा शासित प्रदेश में अराजकता का माहौल है तो फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मूक दर्शक क्यों बने बैठे हैं? क्या इन हालातों को संभालने की जिम्मेदारी संगठन की नहीं हैं? अमितशाह जब भी किसी भाजपा शासित प्रदेश में जाते हैं तो वहां के मुख्यमंत्री के साथ होते हैं। ऐसा यूपी, एमपी, गुजरात आदि में देखा जा सकता है, लेकिन हाल में अमितशाह ने जब पाली, जोधपुर और नागौर का दौरान किया तो किसी भी स्थान पर सीएम राजे नहीं थीं। बहाना कुछ भी हो सकता है।
एस.पी.मित्तल) (21-09-18)











शुक्रवार, 21 सितंबर 2018

सुभाष चौक पर 22 सितंबर की सभा स्थगित


सूरतगढ़ 21-9-2018.

सूरतगढ़ संघर्ष समिति ने विज्ञप्ति में कहा है कि 25 सितंबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन होगा उसमें संघर्ष समिति के कार्यकर्ता भाग लेंगे इसलिए  सुभाष चौक पर 22 सितंबर की आमसभा को स्थगित किया गया है।

 सखी मोहम्मद फर पुलिस अत्याचार और  एसडीएम कार्यालय पर 6 सितंबर को लाठी भाटा जंग के बाद थानाध्यक्ष की हत्या की कोशिश के मुकदमे में लोगों के साथ थाने में मारपीट के विरोध में  सुभाष चौक पर आमसभा की जाने वाली थी।







गुरुवार, 20 सितंबर 2018

दिल्ली बैठक: निहालचंद ने रेलों के विस्तार की मांग की



श्रीगंगानगर, 20 सितम्बर 2018.

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद श्री निहालचन्द ने गुरुवार को नई दिल्ली में उत्तर रेलवे के ऑफिसर्स क्लब में अम्बाला व फ़िरोज़पुर क्षेत्र से जुड़े सांसदों के लिये आयोजित बैठक में श्रीगंगानगर हनुमानगढ जिलों तक ट्रेनों के विस्तार की मांग की। 

1. गाड़ी संख्या 14519/14520 बठिंडा- दिल्ली किसान एक्स का हनुमानगढ़, सादुलशहर के रास्ते श्री गंगानगर तक विस्तार हो।

2. गाड़ी संख्या 19225/19226 जम्मूतवी-बठिंडा एक्स का अतिरिक्त रैक लगाकर वाया श्री गंगानगर, सूरतगढ़ बीकानेर तक विस्तार हो।

3.गाड़ी संख्या 54011/54012 तिलक ब्रिज- सादुलपुर पैसेंजर ट्रेन का अतिरिक्त रैक की सहायता से श्री गंगानगर तक विस्तारित हो।

4.गाड़ी संख्या 12455/12456 सराय रोहिल्ला-श्री गंगानगर-बीकानेर का दिल्ली के उपनगरीय स्टेशन शकूर बस्ती में आधिकारिक ठहराव दिया जाए।

 बैठक में ज़ेडआरयूसीसी के पूर्व सदस्य भीम शर्मा भी मौजूद रहे।

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री विश्वेश चौबे ने उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में यात्रियों के हितों के लिए चुने हुए जन प्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श किया।

      लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसदों ने बैठक में अपने विचार व्यक्त किए। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री विश्वेश चौबे के साथ अम्बाला मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री दिनेश चंद शर्मा, फिरोजपुर मंडल के मंडल प्रबंधक श्री विवेक कुमार, उत्तर रेलवे प्रधान कार्यालय तथा अम्बाला एवं फिरोजपुर मंडलों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे ।

      महाप्रबंधक ने सांसदों का स्वागत किया और उन्हें अम्बाला और फिरोजपुर मंडलों पर उत्तर रेलवे द्वारा चलाई जा रही विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों और कार्यों से अवगत कराया। दोनों मंडलों के मंडल रेल प्रबंधकों ने अम्बाला और फिरोजपुर मंडलों पर यात्रा सुविधाओं, सेवाओं और अवसंरचनात्मक ढॉंचे से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की ।

सांसदों ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाये। सांसदों ने उत्तर रेलवे से अनुरोध किया कि ढांचागत सुविधाओं और यात्रा सहूलियतों से जुड़ी परियोजनाओं को उच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाये। उन्होंने परियोजनाओं के समय पर पूरा होने के लिए राज्य प्रशासन के साथ किए जाने वाले आवश्यक समन्वय, यदि जरूरी हो तो, के लिए सहायता की पेशकश की।

श्री विश्वेश चौबे ने सांसदों को आश्वस्त किया कि उत्तर रेलवे सांसदों द्वारा उठाये गए मुद्दों और जन शिकायतों का शीघ्र समाधान करेगी। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर रेलवे यात्रियों और रेल उपयोगकर्ताओं की सेवा में सदैव प्रतिबद्ध है। 

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दिल्ली में रेल से संबंधित बैठक: निहालचंद ने सामान चोरी का मुद्दा उठाया

श्रीगंगानगर, 20 सितम्बर 2018.

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद श्री निहालचन्द ने कहा कि रेल यात्रा के दौरान अगर यात्रियों का  सामान चोरी होने का सिलसिला नही थमा तो ट्रैन में कौन सफर करेगा। 

श्री निहालचन्द गुरुवार को नई दिल्ली में उत्तर रेलवे के ऑफिसर्स क्लब में अम्बाला व फ़िरोज़पुर क्षेत्र से जुड़े सांसदों के लिये आयोजित बैठक में बोल रहे थे। 

उन्होंने रेल अधिकारियों को चेताया कि सराय रोहिल्ला से गंगानगर जाते समय बठिंडा क्षेत्र के आसपास सुबह के समय यात्रियों का सामान अक्सर गायब होता हैं। यह गहरी नींद का समय होता है। सांसद ने आक्रोशित स्वर में कहा कि श्री श्रीगंगानगर व अन्य जीआरपी थानों में इस प्रकार के मामले दर्ज हैं। रेलवे ने अनेक मामलों में उपभोक्ता मंच न्यायालयों में यात्रियों की ओर से दायर वाद में मुआवज़ा भी दिया है।


बुधवार, 19 सितंबर 2018

रेलगाड़ियों के सामने पशुओं के आने से समयपालन को नुकसान


*वर्ष 2018 में अगस्त माह तक 607 घटनाओं के कारण 905 ट्रेनें हुई प्रभावित* 


- रेलवे जागरूकता अभियान चलायेगा तथा पशु मालिकों के खिलाफ  कार्यवाही भी करेगा -


श्रीगंगानगर, 19 सितम्बर 2018.

रेल संचालन में गाड़ियों की संरक्षा और समयपालनता  रेलवे की प्राथमिकता है। यात्री संरक्षित तथा समयानुसार यात्रा करें इसके लिये रेलवे सदैव अपने प्रयास करता है, लेकिन कई बार इस प्रकार की घटनाऐं हो जाती है, जिसके कारण ट्रेनें देरी से संचालित होती है साथ ही उनकी संरक्षा भी प्रभावित होती है। इन्हीं कारणों में से एक है, पटरी पर गाड़ियों के सामने जानवरों का आना। इस कारण से गाड़ियों की गति कम करनी पड़ती है और उनको रोकना भी पड़ता है, जिसके कारण गाड़ियॉ विलम्ब से चलती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 


    उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में इस वर्ष अगस्त माह तक जानवरों के ट्रेनों के सामने आने की 607 घटनायें दर्ज की गई है, जिसके कारण 905 ट्रेनें प्रभावित हुई है।

 जयपुर मण्डल पर 250, अजमेर मण्डल पर 120, बीकानेर मण्डल पर 95 तथा जोधपुर मण्डल पर 142 घटनाऐं दर्ज की गई है।

 जानवरों के पटरी पर ट्रेन से टकराने से संरक्षा भी प्रभावित होती है। विगत तीन वर्षों में जानवरों के टकराने से 2 ट्रेनों के पटरी से उतरने की घटनाऐं भी हुई है। इसके अतिरिक्त जानवरों के टकराने से रेल इंजन को भी नुकसान पहुॅचता है। 

    राजस्थान क्षेत्र में पशुपालन एक प्रमुख व्यवसाय है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत अधिक संख्या में पशु चारा चरने के लिये इधर-उधर जाते रहते हैं और वो चरते-चरते पटरी पर आ जाते हैं।

 ट्रेन की चपेट में आकर पशु अपनी जान गंवा देते है। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिये पशु-पालकों को उन्हें पटरी और उसके आस-पास नहीं लाना/छोड़ना चाहिये। उपरोक्त घटनाओं को ध्यान रखते हुए रेल प्रशासन इस प्रकार की घटनाओं पर कार्यवाही करने जा रहा है। रेलवे ट्रेक पर जानवरों को खुला छोड़ने से होने वाली दुर्घटना से बचने के लिये रेल प्रशासन उन क्षेत्रों की पहचान कर जहॉ इस प्रकार की घटनाएं अधिक होती है, वहॉ जागरूकता अभियान चलाया जायेगा तथा पशु पालकों को पहले समझाया जायेगा।  उसके पश्चात भी इस तरह की घटनाएं होने पर जानवरों के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगा जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। 

    रेलवे द्वारा समयपालनता के लिये प्रयास किये जाते है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं इसको प्रभावित करती है इसके पश्चात् भी उत्तर पश्चिम रेलवे इस वर्ष अगस्त माह तक मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में 86 प्रतिशत समयपालना को प्राप्त कर भारतीय रेलवे में द्वितीय स्थान पर है। 




मंगलवार, 18 सितंबर 2018

एनएसयूआई के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया पर हमला:सूरतगढ़ मेंं मुकदमा

सूरतगढ़ 18 सितंबर2018.

 राजस्थान एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया पर शाम को अचानक हमला हुआ जिसमें गंभीर चोटें आई है। पूनिया के पैरों व नाक पर चोटें लगी हैं।

वे सूरतगढ़ में प्रदेश सचिव रामू छिंपा के समर्थन में पुलिस के विरोध में प्रदर्शन में भाग लेने के बाद शाम को अपनी कार से हनुमानगढ़ के लिए रवाना हुए तब कार रुकवा कर उन पर हमला किया गया।

 सूरतगढ़ पुलिस ने मुकदमा नंबर 457 भादंसं की धाराओं 341 323 147 148 और 149 में दर्ज करके जांच सहायक थानेदार हरपाल सिंह को सौंपी है।

इस मुकदमे में पूनिया के बयान के आधार पर विनोद बिश्नोई नितिन मोटियार रामू झूरिया उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 

अभिमन्यु पूनिया निवासी वार्ड नंबर 29 हनुमानगढ़ को यहां घायल अवस्था में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां उनके बयान लिए गए। अभिमन्यु पूनिया के बयान में बताया गया है कि एनएसयूआई की ओर से एक प्रदर्शन हुआ जिसमें प्रदेश सचिव रामू छिंपा के समर्थन में भाग लेकर वे संजीव भादू अपनी कार Maruti गेराज से हनुमानगढ़ जा रहे थे। साथ में सुभाष लोहरा भी था। वुड डेकोर दुकान के पास पहुंचे तो एक Bolero की सफेद  हमारी कार के आगे रुकी।एक व्यक्ति कार से नीचे उतरा हाथ मिलाकर पूछा शक्ति भाटी को जानते हो तब अभिमन्यु पूनिया ने हां कहा। 

उसी समय अन्य 8 व्यक्ति उतर कर आए जिनके हाथ में सरिया तलवार बंदूकें थी जो मारपीट करने लगे। हाथ व शरीर में चोट लगी। बीच बचाव कर के छुड़ाया गया। 

पुलिस ने इस बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। उनको हनुमानगढ ले जाकर एक प्राइवेट हास्पीटल में भर्ती कराया गया है। कांग्रेस के नेता वहां हालचाल जानने के लिए पहुंच रहे हैं।



छात्रनेता रामूछींपा को मुकदमे से बाहर करो या बड़े नेताओं को गिरफ्तार करो

करणी प्रेस इंडिया -

 सूरतगढ़ 18 सितंबर 2018.

 थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक पर जानलेवा हमला व पुलिस दल पर पर दल पर पर हमला करने के आरोप में दर्ज मुकदमे में से रामू छींपा छात्र नेता को बाहर करने की मांग को लेकर कॉलेजिएट छात्रों ने ने उपखंड अधिकारी कार्यालय पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और सरकार के नाम एक ज्ञापन दिया।

 छात्र नारे लगाते हुए उपखंड कार्यालय पर पहुंचे थे। उपखंड कार्यालय पर काफी देर तक नारेबाजी हुई।

 थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक द्वारा 6 सितंबर को दर्ज कराए गए मुकदमे में से रामू छिंपा को को छिंपा को को बाहर करने की मांग की जा रही थी। छात्रों का आरोप था कि रामू छिंपा को फंसाया गया है वहीं बड़े नेताओं को उकसाने वाले भाषण देने के बावजूद पुलिस ने नामजद करने के बजाय मुकदमे से बाहर रख दिया। 

छात्रों का आरोप था कि रामू छिंपा को पुलिस मुकदमे में फंसा रही है तो बड़े नेताओं को भी मुकदमे में शामिल करें जिन्होंने 6 सितंबर की आम सभा में भाषणों में उत्तेजक शब्दों का इस्तेमाल किया था। आम सभा के बाद में ही उपखंड कार्यालय के आगे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लाठी-भाटा जंग हुई जिसमें सीआई के सिर में चोट लगी और CI ने उसके बाद उसके बाद बाद खुद की हत्या की कोशिश का और पुलिस पर हमला करने का वह सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के आरोप लगाते हुए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।(करणी प्रेस इंडिया)

 पुलिस ने इस मुकदमे में 28 लोगों के नाम लिखे बाकी बिना नाम के रखे हैं। कुछ लोग गिरफ्तार किए गए जिनको पुलिस स्टेशन में भयानक अमानवीय यातनाएं देने के आरोप प्रेस कान्फ्रेंस में लगाए गये। 

आज 18 सितंबर के प्रदर्शन में छात्रों ने ने स्पष्ट रूप से 7 दिन की चेतावनी दी है। अगर छात्र नेता रामू छिंपा को मुकदमे से बाहर नहीं किया गया तो 25 सितंबर को जिला मुख्यालय पर जबरदस्त प्रदर्शन किया जाएगा। छात्रों की भीड़ पुलिस पर सीधे आरोप लगा रही थी कि बड़े नेताओं में मील,वर्मा और गेदर को व अन्य को जानते हुए भी बाहर रखा।

ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस के टिकटार्थी युवा नेता अमित कड़वासरा और गगनदीपसिंह विडिंग भी शामिल थे। इस प्रदर्शन मेंं एन एस यू आई के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने भी भाग लिया।


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श्रीगंगानगर जिला:20 सितम्बर को भामाशाह डिजिटल शिविर लगेंगे:


श्रीगंगानगर, 18 सितम्बर। भामाशाह डिजीटल परिवार योजना के तहत लगाये जा रहे शिविरों में 20 सितम्बर क


अनूपगढ पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर 11/12 एनडी में आयोजित होगा। शिविर 3 एनडी में, जिसमें ग्राम पंचायत 3एनडी, 4 एलएम सम्मिलित है। 


     सूरतगढ़ पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर भैरूपुरा में, जिसमें ग्राम पंचायत भैरूपुरा, जानकीदासवाला सम्मिलित है। शिविर गोपालसर में, जिसमें ग्राम पंचायत गोपालसर, गोविन्दसर शामिल है। 


    सादुलशहर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर चकमहाराजका में, जिसमें ग्राम पंचायत चकमहाराजका, भागसर सम्मिलित है। शिविर नुरपुरा में, जिसमें ग्राम पंचायत नुरपुरा, करडवाला शामिल है। 


रायसिंहनगर पंचायत समिति में शिविर शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर कंवरपुरा में, जिसमें ग्राम पंचायत कंवरपुरा, लुहारा सम्मिलित है। शिविर संगराना में, जिसमें ग्राम पंचायत संगराना, लखाहाकम शामिल है। 


श्रीगंगानगर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर कोनी में, जिसमें ग्राम पंचायत कोनी, मदेरा, रोहिडावाली, मोहनपुरा सम्मिलित है। शिविर साधुवाली में आयोजित होगा। 


पदमपुर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर सांवतसर में, जिसमें ग्राम पंचायत सांवतसर, 11 ईईए सम्मिलित है। शिविर तामकोट में, जिसमें ग्राम पंचायत तामकोट, 3 आरबीए शामिल है। 


श्रीबिजयनगर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। शिविर 10 एएस में आयोजित होगा। शिविर 42 जीबी में, जिसमें ग्राम पंचायत 42 जीबी, 41 जीबी शामिल है। 


श्रीकरणपुर पंचायत समिति में शिविर पंचायत समिति मुख्यालय में आयोजित होगा, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलत है। 

 नगरपालिका केसरीसिंहपुर में, जिसमें समस्त शहरी वार्ड सम्मिलित है। शिविर 48 जीजी में, जिसमें ग्राम पंचायत 48 जीजी, 52 जीजी शामिल है। शिविर कमीनपुरा में, जिसमें ग्राम पंचायत कमीनपुरा, फुसेवाला शामिल है। 


घड़साना पंचायत समिति में शिविर 3 केडी में आयोजित होगा। शिविर 5 पीएसडी में आयोजित होगा। 

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सोमवार, 17 सितंबर 2018

श्री टी टी ने किये विकास कार्यो के शिलान्यास, उद्घाटन व फोन बांटे


श्रीगंगानगर, 17 सितम्बर2018.

 खनन मंत्री सुरेन्द्र पाल सिह टीटी ने अपने विधान सभा क्षेत्र के मलकाना कला एवं 14 एस माझीवाला में पी.एच.डी. विभाग के द्वारा स्वीकृत एवं निर्माणाधीन कार्यो का शिलान्यास व उद्घाटन किया। ग्राम पचायत मलकाना कला में 24 लाख की लागत से वाटर वक्स की टंकी का निर्माण कार्य प्रगति पर है एवं 16/17 धणजातीय में ओवर हेड टैंक राशि 22 लाख रूपये के कार्य प्रगति पर है। टीटी ने दोनों  टंकियों  का उद्घाटन किया। मलकाना कला एवं धणजातीय में पेयजल की समस्या गम्भीर रूप से थी। इस पंचायत के सभी नागरिंकों की काफी समय से टंकी निर्माण की मांग थी।

श्री टीटी ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर वाटरवर्क्स की चार दीवारी निर्माण जो की बी ए डी पी प्लान में भेजी गई है, जल्द ही बजट स्वीकृत करवाकर चार दिवारी का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जावेगा। 

ग्राम पंचायत मलकाना कला के 19 एफ 3 टी 66 लाख एवं 16/17 धणजातीया में 51.66 लाख वाटरवर्क्स के डिग्गी व फिल्टर रिपेयर एवं वाटरवर्क्स  रिपेयर हेतु राशि और नये बजट में स्वीकृत करवा दी गई है। उन्होंने बताया कि टेन्डर प्रक्रिया पूर्ण कर जल्द ही कार्य प्रारम्भ किये जाएंगे। उन्होंनेे सभी नागरिकों को सरकार की लाभकारी योजनाओं के बारे में बताया एवं ग्राम पंचायत में कराये गये विकास कार्यों  के बारे में जानकारी दी। श्री टीटी ने जनसुनवाई कर मौके पर समस्याओं का निस्तारण करन हेतु  सम्बधित अधिकारियों को निर्देश दिये एवं मलकाना कला में 10 लाख रूपये की राशि से स्वीकृत सीसी रोड का शिलान्यास किया एवं ग्राम पंचायत 16/17 धणजातीया आम जन एस सी वर्ग ने कुछ समस्याए बताई एवं वृद्व अवस्था एवं विधवा पेंशन नहीं लगने के संबंध में अवगत करवाया, जिस पर श्री टीटी ने मौके पर ग्रामपंचायत के विकास अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि फार्म भरवाकर पात्र पाए लोगों को पेंशन जारी करें।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है गरीब वर्ग के लिए मकान, सैलण्डर, शौचालय, शुभ शक्ति एवं छात्रवृती का लाभ लगभग सभी को मिला है। किसानों के पक्के खाले निशुल्क सरकार ने बनवाया है एवं फसलों के रेट भी एम एस पी तय किये गए है जो कि पिछली सरकार से काफी ज्यादा हैं एवं खरीद भी समय पर करवाई जा रही है। गन्ने का रेट भी पंजाब एव हरियाणा के बराबर से 35 रूपये प्रति क्विंटल बढाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में जो पात्र व्यक्ति छूट गए हैं  उनकी जीओ टेगीग करवाकर जल्द ही मकान स्वीकृत करवाए जावेंगे।

    श्री टीटी ने श्री करणपुर की पंचायती धर्मशाला में महिला मोर्चा के कार्यक्रम में भाग लिया एवं महिलाओं को राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओ के बारे में बताया। सभी महिला मोर्चा की महिलाओं ने सम्मानपूर्वक स्वागत करते हुए अपनी समस्याएं  श्री टीटी को बताई जिस पर उन्हों ने बताया कि महिलाएं  सरकार की योजनाओं  का लाभ बढ चढकर लेवें  तथा सभी महिला मोर्चा की सभी महिलाओं ने एक जुट होकर राज्य मंत्री श्री टीटी को माला पहानाकर सम्मानित किया।

    श्री टी टी  ने  पंचायत समिति श्रीकरणपुर में सरकार की जियो फोन वितरण योजना के तहत भामाशाह कार्डधारियों को जियो फोन वितरित किये। फोन देने पर महिलाओं  व पुरूषों में उत्साह का माहौल देखा गया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चलाई गई इस योजना से  आमजन तक नेट एवं  फोन पहुचाया जावेगा  ताकि सरकार की जनकल्याणकारी योजनओं  की जानकारी इसी फोन से सभी को मिलेगी। ग्राम पचायत 14 एस (माझीवाला) मे 22 लाख की लागत से निर्मित वाटर वर्क्स आवर हैड टैक, ग्राम 17 एस खडवंजा निर्माण, 16 एस शमशान भूमि की चार दीवारी, तथा 29 एच खडवंजा सहित 33 एच जोड़किया खडवंजा का उद्घाटन किया ।

    इस अवसर पर पीएचडी के अधिशाषी अभियन्ता गुरदर्शन सिह, सहायक अभियन्ता भजनलाल यादव, विकास अधिकारी सुखमिन्द्र सिह, ग्राम विकास अधिकरी गुरमीत सिह भुल्लर सरपंच मलकाना कला गुरशिपन्द्र कौर डारेक्टर लखवीन्द्र सिह लक्खा, डारेक्टर पति अमृत पाल सिह, डारेक्टर कुलवीर कौर बराड, बलविन्द्र सिह ग्रेवाल, श्री सरदूल सिह, मन्दर मलकाना आशाराम डारेक्टर एवं गुरमेल सिह संरपच 2 एफ एफ ए व सरंपच 3 ओ जगदीश प्रसाद सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।   


रविवार, 16 सितंबर 2018

पुलिस और आंदोलनकारी संयम रखें क्योंकि निर्णय अदालत में होगा:सूरतगढ सखी मोहम्मद प्रकरण




* करणीदानसिंह राजपूत*

सूरतगढ।

सखी मोहम्मद की पुलिस कस्टडी में पिटाई मामले में दोषियों को निलंबित करने की मांग को लेकर  उपखंड कार्यालय पर  सभा और  उपखंड अधिकारी के कार्यालय का घेराव किए जाने के समय  पुलिस  और आंदोलनकारियों के  बीच हुई  लाठी-भाटा जंग में  नया मुकदमा  जुड़ गया


 पुलिस थानाधिकारी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में  50 व्यक्ति  आरोपित हो गए  जिसमें 28  नामजद हो गए। पहले  सफी मोहम्मद  की  अवैध  रूप से हिरासत और पिटाई  के मामले में  आईपीएस  प्रशिक्षु अधिकारी  मृदुल कछावा और सब इंस्पेक्टर  कलावती को निलंबित  करने की मांग थी। अब  नया मुकदमा  होने के बाद आंदोलनकारियों की तरफ से सूरतगढ़  सिटी थाने के  CI  निकेत कुमार पारीक  और  पुलिसकर्मियों पर  आरोप  लगाए गए हैं। 

इस मामले में अभी कुछ भी  नहीं कहा जा सकता  की  कौन दोषी है और कितना दोषी है और कौन निर्दोष है?  लेकिन  इस बढ़ती हुई  आग को  शांत कैसे किया जाए? फिलहाल  इसकी  जरूरत  अधिक है। सूरतगढ़ में ऐसा कोई  मास लीडर नहीं है  और  श्री गंगानगर जिले में  ऐसा कोई पुलिस अधिकारी नजर नहीं आ रहा  जो मिल बैठकर  एक बार  शांति  कायम करवाए और  दोनों प्रकरणों को  कानून के  हवाले करके अदालत का जो भी निर्णय हो  उसकी प्रतीक्षा करें।  ऐसा  किस तरह से  संभव हो पाएगा  यह भी  दोनों और की गर्मा गर्मी में  संभव नहीं है।

उपखंड अधिकारी के कार्यालय के आगे 6:00 सितंबर को हुई घटना के बाद पुलिस ने तत्काल उत्तेजित अवस्था में जो कुछ किया उसे छोड़ दिया जाए, लेकिन जो लोग पकड़े गए उनको थाने में बुरी तरह से मारने-पीटने यातनाएं देने का जांच का तरीका अनुचित बताते हुए 15 सितंबर को सूरतगढ़ संघर्ष समिति की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से हाईलाइन के संपादक सूरतगढ़ प्रेस क्लब के  पूर्व अध्यक्ष हरि मोहन सारस्वत ने 20- 25 मिनट में इस आंदोलन और पुलिस कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

हरिमोहन सारस्वत सारस्वत को पुलिस ने मुकदमे में षड्यंत्रकारी बताते हुए आरोपित कर रखा है। हरिमोहन सारस्वत व अन्य 8 जने 14 सितंबर को जमानत पर छूटे और 15 सितंबर को प्रेस कांफ्रेस की। हरिमोहन सारस्वत ने कांफ्रेंस शुरू करते हुए कहा कि 6 सितंबर को उपखंड कार्यालय के आगे जो कुछ हुआ वह जनता की और आंदोलनकारियों की गलती से नहीं हुआ। आंदोलनकारी पिछले 40 - 45 दिन से सखी मोहम्मद मामले में न्याय की मांग कर रहे थे। न्याय की मांग करना गलत नहीं था। न्याय नहीं मिलने के कारण न्याय मांगने के लिए वहां पर एकत्रित हुए। हरिमोहन ने कहा कि थाना अधिकारी निकेत कुमार की हत्या का प्रयास का और पुलिस पर हमला करने का षड्यंत्र रचने का मुकदमा बनाया गया है जो खुद कह रहा है कि सच्चाई यह नहीं है। सारस्वत ने कहा कि वहां पर जो आंदोलनकारी एकत्रित हुए उनका इरादा थाना अधिकारी की हत्या करने की कोशिश का नहीं था बल्कि झगड़ा करने का भी नहीं था। वे केवल न्याय की मांग के लिए गए थे कि उनकी आवाज को उपखंड अधिकारी सुन लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। हरिमोहन ने कहा कि पुलिस के द्वारा बनाया गया मुकदमा पूर्ण रुप से असत्य है और अदालत में यह मुकदमा और धाराएं चल नहीं पाएंगे। हरिमोहन ने कहा कि वेखुद जब गिरफ्तारी के बाद जेल में गए  तब पूर्व में बंद आंदोलनकारियों ने पुलिस द्वारा दी गई यातनाओं के बारे में बताया।

मुद्गल बंधुओं राजेंद्र और उमेश ने कहा कि हर व्यक्ति को थाने में यातना दी गई। नंगा करके पट्टों से पिटाई की गई, जांघों पर खड़े होकर पुलिसकर्मियों ने जूतों से जांघों को रौंदा और गाली गलौज से अपमानित किया।उसके बाद उन्होंने गिरफ्तार व्यक्तियों को जो जमानत पर छूटे उनको कॉन्फ्रेंस के मंच पर बुलाकर पत्रकारों के समक्ष बयान करवाए पत्रकारों ने यह बयान सुने और फोटोग्राफ्स भी लिए। वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।

 हरिमोहन ने कहा कि हम नौ  व्यक्ति जो जेल से बाहर आए हैं  न्याय मांग रहे हैं न्यायनहीं मिला तो नौ ग्रहों के रूप में पुलिस के विरुद्ध प्रशासन के विरुद्ध खड़े होंगे और आंदोलन को जारी रखेंगे।


 हरिमोहन के शुरुआत के बाद सखी मोहम्मद ने भी अपनी बात रखी कि उसके साथ कितना अत्याचार किया गया। 

राजेंद्र मुद्गल तो सूरतगढ़ संघर्ष समिति का सचिव है। 

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में में सूरतगढ़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्याम कुमार मोदी जी उपस्थित थे जिन्होंने कहा कि इस आंदोलन को जारी रखा जाएगा और इसमें विभिन्न लोगों से राय ली जाएगी। कानूनी लोगों से राय ली जाएगी और कानूनी तरीके से भी लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके बाद एक घोषणा हुई कि 18 सितंबर को व्यापार मंडल एक बैठक आयोजित कर नये  सिरे से विचार किया जाएगा कि इस आंदोलन को किस तरह से चलाया जाए। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रेस क्लब के सदस्य पत्रकार मौजूद थे जिन्होंने इस कांफ्रेंस को को रिकॉर्ड किया। 

इस पर आने वाला समय अपनी टिप्पणी करेगा कि पुलिस ने जो मुकदमा 6 सितंबर को दर्ज किया। थाना अधिकारी निकेत कुमार पारीक ने दर्ज करवाया उसमें कितनी सच्चाई है ? यह सब अदालत में निर्णय हो सकेंगे इसमें कितने लोग दोषी हैं नहीं हैं।

 पुलिस ने जो मुकदमा बनाया है वह बहुत सख्त है चाहे तथ्य किसी भी प्रकार के हैं। पत्रकार संगठनों सूरतगढ़ हनुमानगढ़ कुछ अन्य संगठनों ने हरिमोहन सारस्वत को इसमें झूठा फंसाने का कहते हुए मांग की है कि उन्हें मुकदमे से बाहर किया जाए।

 पुलिस ने इस मुकदमे में हरिमोहन को मुख्य षड्यंत्रकारी बनाते हुए आरोपित किया है  और सूरतगढ़ पुलिस ही इस मुकदमे की जांच कर रही है। ऐसी स्थिति में हरिमोहन सारस्वत को सूरतगढ़ पुलिस मुकदमे से बाहर कैसे और क्यों करेगी? जो पत्रकार और संगठन यह मांग कर कर रहे है वह चलती जांच में पूरी नहीं हो सकती। 

सबसे बड़ा सवाल है जो मुकदमा दर्ज कराए वही थाना जांच करे। आंदोलनकारियों की ओर से यह मांग हो सकती है और न्याय के अनुरूप है कि सूरतगढ़ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और वही इसकी जांच कर रही है जो नैसर्गिक न्याय के विपरीत है। यह जांच सूरतगढ़ के बाहर दी जाए और विशेषकर श्री गंगानगर जिले से बाहर दी जाए ताकि इस पर सूरतगढ व जिला पुलिस को अधिकार नहीं रहै।

सूरतगढ़ में फिलहाल पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच जो वातावरण उत्तेजित चल रहा है उसे समझदारी से रोका जाना चाहिए। नई गिरफ्तारियां  में जब तक अनुसंधान अन्यत्र स्थानांतरित नहीं हो तब तक सूरतगढ़ के सीआई और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को भी संयम बरतना चाहिए क्योंकि अंतिम निर्णय अदालत करेगी और वह निर्णय सभी पक्षों को मान्य भी होगा।


 

 







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