शनिवार, 20 जुलाई 2024

हरिद्वार से कांवड़ पर गंगाजल लेकर आएंगे ढाबां झल्लार के पड़पाटाधाम.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 20 जुलाई 2024.

ढांबा झल्लार के आस्था भरे  पड़पाटा धाम से तीन जने 19 जुलाई को तीन जने सुरेश जी सुथार  सचिव  पड़पाटा धाम, राधेश्याम जी निरबाण सदस्य, दिनेश जी निरबाण पड़पाटा धाम मंदिर पुजारी हरिद्वार को अध्यक्ष सेवाराम जी के नेतृत्व में रवाना हुए हैं जो कावड़  से गंगाजल लेकर पैदल लौटेंगे। ये श्रावण की अमावस्या तक  गगांजल लेकर आयेगें और अमावस्या को गगांजल से भोलेनाथ का अभिषेक  किया जायेगा।  इनके साथ कुछ अन्य सहायक रूप में भी संग रहेंगे जो साथ में रवाना हुए हैं। ०0०





 

राजस्थान: प्रतिबंधित प्लास्टिक को रोका जाएगा.2010 से प्रतिबंधित.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

जयपुर, 19 जुलाई 2024.

 पर्यावरण राज्य मंत्री श्री संजय शर्मा ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार प्रतिबंधित पॉलीथीन बैग्स के निर्माण,बिक्री एवं उपयोग के विषय पर बेहद संवेदनशील है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा बाहरी राज्यों से प्रदेश में बिक्री एवं उपयोग के लिए लाये जाने वाले प्रतिबंधित प्लास्टिक को रोकने की दिशा में सार्थक प्रयास किये जाएंगे।


पर्यावरण राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पॉलीथीन कैरी बैग्स पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा गत 2 वर्षों में 4 औद्योगिक इकाइयों एवं गत 5 वर्षों में 68 औद्योगिक इकाइयों को बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि यह भी देखा गया है कि प्रतिबंधित पॉलीथीन कैरी बैग्स को अन्य राज्यों से प्रदेश में बिक्री एवं उपयोग के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पॉलीथीन कैरी बैग्स को प्रदेश में लाये जाने से रोकने के उद्देश्य से मुख्य सचिव, राजस्थान द्वारा स्पेशल टास्क फोर्स के तहत परिवहन विभाग एवं वाणिज्यिक विभाग को निर्देशित किया गया है। इसके अतिरिक्त इस संबंध में जन सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए 27 जून, 2024 को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा पारितोष स्कीम शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत प्रतिबंधित प्लास्टिक के परिवहन सम्बन्धी सूचना देने वाले व्यक्ति को इनाम देकर सम्मानित किया जाएगा और उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।

इससे पहले विधायक श्री भागचंद टांकड़ा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में पर्यावरण राज्य मंत्री ने बताया कि राज्‍य सरकार द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के अन्‍तर्गत जारी अधिसूचना दिनांक 21 जुलाई 2010 द्वारा संपूर्ण राज्‍य को प्‍लास्टिक कैरी बैग्‍स मुक्‍त क्षेत्र घोषित किया गया एवं राज्‍य में प्‍लास्टिक कैरी बैग के उपयोग,  विनिर्माण, भण्‍डारण,  आयात, विक्रय एवं परिवहन को एक अगस्त 2010 से प्रतिबन्धित किया गया। आदेश की प्रतिलिपि उन्होंने सदन के पटल पर रखी। उन्होंने बताया कि पॉलीथीन कैरी बैग्स पर देश भर में पूर्ण प्रतिबंध नहीं होने एवं कैरी बैग्स की मोटाई आधारित आंशिक प्रतिबंध ही है, जिससे प्रदेश के पड़ोसी राज्यों से प्लास्टिक कैरी बैग्स के राज्य में बिक्री लाने एवं उपयोग से इंकार नहीं किया जा सकता है।

पर्यावरण राज्य मंत्री  बताया कि प्लास्टिक कैरी बैग्स पर प्रतिबंध के क्रियान्वयन के लिए पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अन्तर्गत सक्षम न्यायालय एवं प्राधिकारी में परिवाद प्रस्तु्त करने के लिए जिला कलेक्टर, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया गया है।

उन्होंने प्लास्टिक कैरी बैग्स पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा औद्योगिक इकाईयो एवं प्रतिष्ठानों के विरूद्व गत 2 वर्षो में की गई कार्यवाही का जिलावार संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने जानकारी दी कि नगरीय निकायों द्वारा जुलाई, 2022 से जून, 2024 तक 181.92 टन प्रतिंबधित प्लास्टिक की जब्ती कर 113.51 लाख रूपये की शास्ति आरोपित की गई है।


उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 एवं वायु( प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के अन्तर्गत प्लास्टिक कैरी बैग्स के विनिर्माण के लिए किसी भी इकाई को स्थापना एवं संचालन हेतु सम्मति जारी नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक कैरी बैग्स पर प्रतिबंध को सुनिश्चित करने के लिए प्लास्टिक कैरी बैग्स के निर्माण से जुडी समस्त चिन्ह्रित इकाईयों को बंद करवाया गया है , जो कि एक सतत् प्रक्रिया है।०0०







शुक्रवार, 19 जुलाई 2024

श्रीगंंगानगर:स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह की तैयारी बैठक.

 

* करणीदानसिंह राजपूत * 

श्रीगंगानगर, 18 जुलाई 2024.

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2024) समारोह आयोजन के लिये गुरूवार को जिला कलक्टर श्री लोकबंधु की अध्यक्षता में बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इस दौरान जिला कलक्टर ने आयोजन तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्ययक दिशा-निर्देश दिये। मुख्य समारोह डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय में हर्षाल्लास के साथ आयोजित होगा। मुख्य अतिथि द्वारा प्रातः 9.05 बजे ध्वजारोहण किया जायेगा।

बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में प्रातः 8 बजे ध्वजारोहण के पश्चात मुख्य समारोह में शामिल होंगे। समारोह में मुख्य अतिथि द्वारा 9.05 बजे ध्वजारोहण के पश्चात परेड का निरीक्षण व मार्च पास्ट की सलामी ली जायेगी। इससे पूर्व सभी कार्यक्रमों की तैयारियों का अंतिम पूर्वाभ्यास अम्बेडकर महाविद्यालय में होगा। महामहिम राज्यपाल का प्रदेशवासियों के नाम संदेश का पठन अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन द्वारा किया जायेगा।

जिला कलक्टर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में आमजन की भी भागीदारी होनी चाहिए। समारोह में सुरक्षा, मुख्य चौराहों पर लाईटिंग, मुख्य स्थल पर बिजली, पानी, चिकित्सा, बैठने की व्यवस्था, माईक की व्यवस्था के लिये आवश्यक निर्देश दिये गये। जिला कलक्टर ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर कार्यक्रम सम्पन्न करवायें। स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की थीम देशभक्ति और भारतीय संस्कृति पर केन्द्रित होनी चाहिए। सम्मानित होने वालों के नाम भेजने से पहले आवश्यक जांच कर ली जाये। स्वतंत्रता सैनानियों के परिजनों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाये। उन्होंने कहा कि आयोजन से संबंधित समस्त तैयारियां अधिकारी निर्धारित समयावधि में पूर्ण करना सुनिश्चित करें ताकि सफलतापूर्वक आयोजन सम्पन्न किया जा सके।

कार्यवाहक एडीएम प्रशासन श्री यशपाल आहूजा ने बताया कि समारोह स्थल की सफाई व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल के लिये नगरपरिषद को जिम्मेदारी दी गई है जबकि सांस्कृतिक कमेटी द्वारा समारोह में प्रस्तुत किये जाने वाले कार्यक्रमों की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। समारोह में विद्यार्थियों द्वारा व्यायाम प्रदर्शन भी किया जायेगा। पारितोषिक चयन के लिये दो कमेटियां बनाई जायेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ सीबीएससी परीक्षा के टॉपर्स भी सम्मानित होने के लिये अपने नाम भिजवा सकते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की अध्यक्षता में दूसरी कमेटी बनेगी, जो विभागीय स्तर से प्राप्त होने वाले प्रकरणों पर विचार विमर्श करेगी।

उन्होंने बताया कि सम्मानित होने के इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं अपने से संबंधित विभाग के माध्यम से ही प्रस्ताव भिजवा सकेंगे। मुख्य समारोह से पहले 14 अगस्त को पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम बिहाणी ऑडिटोरियम में आयोजित किया जायेगा, जिसमें आमजन के साथ-साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी शामिल होंगे।

बैठक में जिला परिषद सीईओ श्री मृदुल सिंह, एडीएम सतर्कता श्री नरेन्द्र पाल सिंह, सीओ सिटी श्री बी. आदित्य, प्रशिक्षु आईएएस श्री रजत यादव, श्री धीरज चावला, सहायक निदेशक लोक सेवाएं श्री ऋषभ जैन, डॉ. करण आर्य, सुश्री कविता सिहाग, श्री आशीष गुप्ता, श्री पदमप्रकाश कोठारी, डॉ. नरेश गुप्ता, श्री शिव सिंह भाटी, डॉ. सतीश शर्मा, श्री सुरेन्द्र बिश्नोई, श्री पन्नालाल कड़ेला, श्री विजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। ०0०





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श्रीगंगानगर:भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किया जन जागरण

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 18 जुलाई 2024.

 भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा अपने स्थापना दिवस 15 जुलाई से आरंभ जन जागरण सप्ताह के तहत गुरुवार को सजग ग्राम पंचायत योजना के तहत चयनित गांव महियांवाली एवं 5 जी  (सहारणावाली) में एसीबी अधिकारियों ने जन जागरण शिविर लगाया।

 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पवन कुमार मीणा के निर्देशन में गत दिवस शहर श्रीगंगानगर के विभिन्न राजकीय कार्यालयों में जन जागरण पोस्टर चस्पा किए गए। गुरुवार को एसीबी प्रथम चौकी द्वारा चयनित गांव महियांवाली में पुलिस उप अधीक्षक श्री भूपेंद्र सोनी के नेतृत्व में टीम एवं एसीबी द्वितीय चौकी द्वारा 5 जी (सहारणावाली) में पुलिस उप अधीक्षक श्री वेदप्रकाश लखोटिया के नेतृत्व में टीम ने जन जागरण शिविर लगाया।



  इस दौरान आमजन को एसीबी की कार्यप्रणाली से अवगत करवाते हुए अधिकारियों ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल फ्री नंबर 1064 एवं व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 94135-02834 पर भ्रष्टाचार संबंधित सूचना देने के लिए प्रेरित किया। श्री लखोटिया ने बताया कि शिविर के पश्चात दोनों गांवों में पौधारोपण भी किया गया। एसीबी की सजग ग्राम पंचायत योजना के तहत आमजन को भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूक किया जा रहा है। ०0०




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गुरुवार, 18 जुलाई 2024

राजस्थान में भूजल का दोहन कौन कर सकेंगे?विधानसभा18जुलाई2024.

 


 * करणीदानसिंह राजपूत *

जयपुर, 18 जुलाई 2024.

प्रदेश में भूजल का दोहन किसानों के अलावा अन्य किसी को बिना एनओसी के नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए विभाग द्वारा किसानों को जागरूक भी किया जाएगा। साथ ही गिरते भूजल स्तर की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए अधिक भूजल दोहन पर रोक लगाने के लिए सभी नए और विस्तारित उद्योग, उद्योग जो विस्तार करना चाहते हैं, बुनियादी ढांचा परियोजना, खनन परियोजना थोक जलापूर्ति, शहरी जल आपूर्ति योजनाएं एवं खारा जल निष्कर्षण हेतु भूजल के उपयोग के लिए एनओसी की अनिवार्यता को कठोरता से लागू करने का निर्णय लिया गया है। इनके द्वारा जितनी मात्रा में भूजल का दोहन किया जाएगा उसके निर्धारित अनुपात में भूजल का रिचार्ज किया जाना जरूरी  होगा तभी जाकर इस श्रेणी को एनओसी प्रदान की जाएगी।वहीँ कुछ श्रेणियां में एनओसी लेने की छूट भी दी गई है। साथ ही केन्द्रीय भूमि जल प्राधिकरण द्वारा प्रदत्त गाइडलाइन की पालना नहीं करने पर अवैध ट्यूबवेलों को सील करने, विद्युत सप्लाई को रोकने, उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने जैसे कदम उठाये जायेंगे।


भूजल मंत्री श्री कन्हैया लाल ने बताया कि वर्ष 2023 के भूजल संसाधन के आकलन के अनुसार राज्य के कुल 302 ब्लॉकों में से 216 ब्लॉक्स में अतिभूजल दोहन (100 प्रतिशत से अधिक) किया जा रहा है। प्रदेश के केवल 38 क्षेत्र भूजल की दृष्टि से सुरक्षित क्षेत्र हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में न केवल भूजल का स्तर गिर रहा है बल्कि भूजल में बढ़ते टीडीएस, नाइट्रेट और फ्लोराइड के कारण  भूजल की गुणवत्ता में भी कमी आई है। प्रदेश में भूजल का दोहन लगभग 148 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गिरता भूजल स्तर चिंता का विषय है और इस संबंध में तुरंत एक्शन लिया जाना जरूरी है।

इनके लिए एनओसी लेना अनिवार्य

भूजल विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि बड़े उद्योग बिना एनओसी भूजल दोहन नहीं कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सभी नए और मौजूदा उद्योग, उद्योग जो विस्तार करना चाहते हैं, आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं, खनन परियोजनाएं, वृहत जल आपूर्ति, शहरी जल आपूर्ति योजनाएं, खारा जल निष्कर्षण के लिए एनओसी लेना अनिवार्य होगा।


इन श्रेणियों में एनओसी की अनिवार्यता की छूट—

डॉ शर्मा ने बताया की कुछ श्रेणियां में एनओसी लेने की छूट दी गई है। व्यक्तिगत घरेलू उपभोक्ता द्वारा पीने के पानी एवं घरेलू कार्यों में उपयोग का पानी, ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजनाएं, सशस्त्र सेना और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल प्रतिष्ठान, कृषि कार्य के लिए, छोटे और लघु उद्योग (10 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन से कम भूजल निकालते हैं), सभी उद्योग-खनन आधारभूत परियोजनाएं जो केवल पीने या घरेलू उपयोग के लिए 5 क्यूबिक मीटर प्रतिदिन तक भूजल निकालते हैं, आवासीय अपार्टमेंट और ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, पीने के पानी एवं घरेलू कार्य के लिए (प्रतिदिन 20 क्यूबिक मीटर भूजल का दोहन), सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की आवासीय इकाइयां को एनओसी लेने से छूट दे गयी है।   


एनओसी के लिए ये रहेगी अनिवार्यता

एनओसी प्राप्त करने के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें रखी गई हैं। जिसमें टेलिमेटरिक सिस्टम युक्त टैंपर प्रूफ डिजिटल वाटर फ्लो मीटर लगाना, रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं रिचार्ज स्ट्रक्चर का निर्माण, डिजिटल जल प्रवाह मीटर के साथ पिजोमीटर लगाना, समय-समय पर भूजल की गुणवत्ता का विश्लेषण और मॉनिटरिंग आवश्यक होगी।

इसकी अतिरिक्त कुछ विशिष्ट दिशा निर्देश भी दिए गए हैं, जिसके अनुसार उद्योगों को उचित जल प्रबंधन की तकनीक काम में लेनी होगी जिससे भूजल पर निर्भरता कम हो सके। उपचारित या अनुपचारित जल को एक्वायफर में डालना पूर्णतया निषेध होगा। साथ ही भूजल को प्रदूषित करने की रोकथाम करने के प्रयासों को सुनिश्चित करना होगा। खनन उद्योगों के लिए खनन गतिविधियों, डस्ट सस्पेंशन के दौरान किए जाने वाली जल निकासी प्रक्रिया के दौरान काम में लिए गए जल का  उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। आधारभूत ढांचों के प्रोजेक्ट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण अनिवार्य किया गया है।


ट्यूबवेल की खुदाई मशीन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य —

प्रदेश में ट्यूबवैल की खुदाई की ड्रिलिंग रिग (खुदाई मशीन) का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य होगा और इन पंजीकृत ड्रिलिंग रिग्स द्वारा खोदे गए ट्यूबवेल का डेटाबेस भी रखा जाएगा।


जिला मजिस्ट्रेट एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट को पालना सुनिश्चित करने के लिए किया अधिकृत—

केन्द्रीय भूमि जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) ने भूजल दोहन के लिए एनओसी का उल्लंघन करने वालों, एनओसी के लिए आवेदन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का जिला कलक्टर और प्रत्येक उपखंड के एसडीएम को अधिकार दिए हैं। राज्य सरकार ने सभी जिला मजिस्ट्रेट एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट से केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण द्वारा प्रदत्त गाइडलाइंस की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भूजल दोहन के लिए केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण की एनओसी लेना अनिवार्य होगा। गाइडलाइन की उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें अवैध ट्यूबवेलों को सील करना, अवैध ट्यूबवेलों की विद्युत सप्लाई को रोकना, उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण सुरक्षा एक्ट 1986 की अनुपालना में अभियोजन की कार्यवाही करना शामिल हैं।०0०

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कांग्रेस का प्रदर्शन और धरना:नाले सफाई,स्ट्रीट लाइट,पट्टेमुद्दे.



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 18 जुलाई 2024. 

कांग्रेस पार्टी की ओर से नगरपालिका प्रशासन मुरादाबाद के नारे लगाते हुए आज 18 जुलाई को नगर पालिका में प्रदर्शन करते हुए धरनालगाया गया।



*अधिशासी अधिकारी के नाम एक ज्ञापन दिया गया जिसमें शहर की सफाई व्यवस्था बड़े नालों की सफाई फेरो कवर लगाने कचरे के ढेर हटाने, स्ट्रीट लाइट लगाने, सड़कों के गड्ढे भरवाने और लोकसभा चुनाव आचार संहिता से पहले प्रशासन शहरों की ओर में जिन लोगों ने भूखंड नियमन की राशि जमा करवादी उनको पट्टे दिए जाने की मांग की गई है। नालों में गौ वंश गिरने की घटनाओं पर नालों की सफाई और फेरो कवर लगाने की मांग भी है। 

कांंग्रेस ने आरोप लगाया है कि एक माह पहले 18 जून 2024 को पार्टी की ओर से ज्ञापन दिया गया था जिसमें ये मांगे थी लेकिन अभी तक उनका  निस्तारण नहीं किया गया।इन सभी मांगों को अब पूरा किया जाए।अधूरे और सभी  निर्माण चुनाव से पहले ही पूरे किए जाएं। बरसात का पानी निकास नहीं होने का रोष प्रगट किया गया।

 इस प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू, बलराम वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश गहलोत, सतनाम वर्मा, निजामुद्दीन, मनीष खोरवाल, शहाबुद्दीन गौरी,अंग्रेज सिंह, लालचंद परिहार,  संदीप कुमार, लखविंदर सिंह, भीमराज जोशी, राधेश्याम उपाध्याय सहित अनेक लोग शामिल थे। नगर पालिका प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। नगर पालिका के कार्यालय के अंदर धरना लगाया गया।०0०






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न्यायालय के आदेश पर पुलिस थानों में मुकदमा तुरंत दर्ज हो.मुख्यमंत्री को पत्र.

 

* करणीदानसिंह राजपूत * 

न्यायालय के आदेश पर पुलिस थानों में मुकदमा

तुरंत दर्ज हो या 24 घंटे के भीतर अवश्य ही दर्ज हो,यह आग्रह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पत्र द्वारा किया गया है। इसकी प्रति महानिदेशक पुलिस राजस्थान को भी भेजी गई है।

 * न्यायालय के आदेश के बावजूद अभी पुलिस थानों के कंप्यूटराइज्ड होने के बावजूद मुकदमा दर्ज होने में 5 से 10 दिन तक लग जाते हैं। पहले हाथ से काम होता था। कभी कर्मचारी नहीं होते कभी कोई और अव्यवस्था होती इसलिए पुलिस में मुकदमा दर्ज होने में समय लगता था लेकिन अब कंप्यूटराइज्ड सिस्टम होने के बावजूद अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने में जो विलंब होता है उससे पीड़ित या शिकायत कर्ता को परेशानी होती है। कारण यह है कि पुलिस में कार्यवाही नहीं होने के कारण ही पीड़ित या शिकायतकर्ता न्यायालय में जाता है। वर्तमान स्थिति यह है कि पहले पुलिस थाने में शिकायत की जाती है वहां थाने में कार्यवाही नहीं होने पर जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत की जाती है। जिला पुलिस अधीक्षक के द्वारा भी कार्यवाही नहीं होने पर पीड़ित या शिकायतकर्ता न्यायालय की शरण में जाता है। न्यायालय में भी कुछ दिन लगते हैं सुनवाई के बाद पुलिस को मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान करने का आदेश दिया जाता है। इस संपूर्ण कार्रवाई में पहले से ही 15, 20 दिन का विलंब हो चुका होता है। 

*न्यायालय के आदेश के बाद भी पुलिस थानों में शीघ्र ही मुकदमा दर्ज नहीं होता वहां फिर से 5 से 10 दिन का समय लग जाता है। इससे पुलिस अनुसंधान में भी देरी होती है जबकि पीड़ित एवं शिकायतकर्ता को न्याय जल्दी मिले यह वैधानिक व्यवस्था है,लेकिन इसे  लागू किए जाने में कहीं ना कहीं अव्यवस्था हो रही है। 

यह विदित है कि पुलिस थाने में वहां के थानाधिकारी व स्टाफ को ही मुकदमा दर्ज करना होता है वह चाहे तुरंत करें या उसे रोक करके 5-10 दिन देरी से करें, करना तो उनको ही है तो यह काम देरी के बजाय शीघ्र ही हो तो अधिक उचित रहता है।

👍 राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से  एक पत्र से आग्रह किया गया है कि न्यायालय के आदेश के बाद में पुलिस में मुकदमा दर्ज होने में विलंब नहीं हो।न्यायालय के आदेश के बाद तुरंत ही मुकदमा दर्ज हो या 24 घंटे में तो आवश्यक रूप से दर्ज हो जाना चाहिए। इस पत्र की प्रति महानिदेशक पुलिस को भी भेजी गई है।०0०

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बुधवार, 17 जुलाई 2024

सूरतगढ़:नगरपालिका में समस्त ठेके ऑनलाइन पोर्टल से शुरू.क्या है प्रणाली जानें.

* करणीदानसिंह राजपूत * 

नगर पालिका सूरतगढ़ में समस्त प्रकार की नीलामिया ठेके आदि ऑनलाइन ही होंगे। यह प्रणाली यहां शुरू कर दी गई है।

डीएलबी के एक सरकारी आदेश के अनुसार ऑफलाइन टेंडरिंग तुरंत प्रभाव से 12 जुलाई 2023 को ही बंद कर दी गई थी। सरकार ने ठेके के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया है उसी के तहत ही समस्त ठेके होंगे। सरकार ने घोषित किया है कि यह पद्धति पारदर्शिता के लिए बनाई गई ताकि हर ईच्छुक व्यक्ति ठेका लेने के लिए भाग ले सके। पहले ठेका नीलामी का फार्म लेने तक में परेशानी होती थी। अनेक बार तो फार्म ही अंतिम दिन चहेते लोगों को ही दिए जाते थे व अन्य ईच्छुक लोगों को फार्म देने में इन्कार होता व परेशान किया जाता था। पुराने ठेकेदार नये लोगों पर दबाव बनाते और नगरपालिका से बाहर जाने तक को मजबूर कर देते थे। अधिकारी निर्माण आदि के ठेके बांट कर देते कि किसको कौनसा ठेका देना है। इसमें अपने पुराने परिचित खास ठेकेदार को ही ठेका देने के लिए चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी व संबंधित स्टाफ अपनी मनमर्जी करते। विधायक भी अपने खास को ठेका दिलाने के लिए कहते और ठेका दिलवाते। अब नयी पद्धति में ये सभी धींगामुश्ती नहीं चल सकती। पहले नये पैदा होने वाले ठेकेदार परेशान होते थे लेकिन अब नयी पद्धति से पुराने दबंग परेशान होंगे। इसमें भ्रष्टाचार पर रोक लग सकेगी।

👍सूरतगढ़ में ठेकेदारों के करीब 8 करोड़ रूपये नगरपालिका में भुगतान में अटके हुए पड़े हैं और यह नयी पद्धति में आगे उन पुराने ठेकेदारों को नये टेंडर मिल सकेंगे की कोई गारंटी नहीं है।

 ठेकेदारों को इस नयी पद्धति को समझ लेना चाहिए क्योंकि अब ठेके के लिए यह पद्धति अनिवार्य हो चुकी है। अब ठेका दोस्ती से और दबाव से मिलना संभव नहीं। काम ही छोड़ना पड़ सकता है। यह नयी प्रणाली का आदेश यहां दिया है।




रिपोर्ट 18 जुलाई 2024.

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गंदे पानी की बूंदों से सिर मुंह पर स्वागत:चुप का मतलब खुश हैं लोग.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 17 जुलाई 2024.

राठी स्कूल के समीप का अंडरपास में से आवागमन करते दुपहिया और पैदल लोगों का गंदे पानी की बूंदें सिर और मुंह पर गिरती स्वागत करती है। लोग अपने चेहरों को पोंछते निकलते हैं। अंडर पास के अंदर की सड़क गंदे पानी कीचड़ से भरी है। इसके छींटे भी कपड़ों पर रंग बनाते हैं। हजारों लोगों का दो दिन में आवागमन हुआ है। कहीं से कोई आवाज नहीं उठी मतलब लोग इस स्थिति से खुश हैं। सूर्योदय नगरी के नेता राजनैतिक दल शायद अवकाश पर हैं।०0०

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मंगलवार, 16 जुलाई 2024

अनूपगढ़ जिले का क्या होगा? अब कितने सजग हैं लोग?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

अनूपगढ़ जिला कलेक्ट्रेट अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन उनके पिछले स्थान से ही वितरित हो रहा है। यह साधारण सा लगता है।

 सरकार ने नये बनाए 10 जिलों को ही बजट दिया है। 

* राजस्थान की भाजपा सरकार नये जिलों की समीक्षा के लिए ललित के पंवार की अध्यक्षता में समिति बना चुकी है।

* अनूपगढ़ जिला घोषित हो गया लेकिन विभिन्न व्यवस्थाएं और सुविधाएं नहीं है और इसके लिए दबाव वाली न कोई मांग उठी है।

**अनूपगढ़ को जिला बनवाने के लिए 12 साल तक आंदोलन धरना प्रदर्शन हुए थे। अनूपगढ़ के लोगों को गंभीर होना चाहिए।०0०

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