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मंगलवार, 12 मई 2026

अनु.जाति का हक मारकर ईओ पूजा शर्मा ने भाभी का प्रमोशन किया. बड़ा प्रमाण और मिला. लेटेस्ट.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 12 मई 2026.नगरपालिका में ईओ पूजा शर्मा ने अपनी भाभी सफाईकर्मी बबीता शर्मा का प्रमोशन किया,जिसके लिए षड़यंत्र रचा और अनुसूचित जाति के कर्मियों का हक मारने में असली रिकॉर्ड की गलत फर्जी रिकॉर्ड नोट बनाया। यह घोटाला मामला अनेक बार छपा है लेकिन आज नया तथ्य सामने आया कि ईओ पूजा शर्मा ने नगरपालिका बोर्ड को पहले तो अंधेरे में रखा और फिर बोर्ड की बैठक की रिपोर्ट में षड्यंत्र रचकर प्रस्ताव स्वीकृति के निर्णय में सफाई कर्मियों के नाम नहीं होने के बावजूद अपनी भाभी बबीता शर्मा का प्रमोशन कर दिया। भाभी को अनुचित पदलाभ व आर्थिक लाभ देकर नगरपालिका से धोखा किया व कोष को हानि पहुंचाई।

* षड़यंत्र कैसे रचा?

28 अगस्त 2024 को बोर्ड की बैठक हुई जिसमें प्रस्ताव नं 8 में सफाई शाखा कर्मियों के प्रमोशन का लिखा। नाम नहीं लिखे। नाम लिखे जाते तो भेद खुल जाता। बैठक में प्रस्ताव पढा गया लेकिन नाम चर्चा में भी नहीं बताए गये। 




नगरपालिका बोर्ड बैठक की कार्यवाही ईओ द्वारा लिखी जाती है। उसमें स्वीकृति 'निर्णय' महत्वपूर्ण तथ्य होता है। ईओ ने षड्यंत्र तो रचा लेकिन निर्णय में प्रमोशन किए जाने वाले कर्मियों के नाम चूक गई। यानि अपनी भाभी व अन्य के नाम निर्णय में लिखने की बड़ी चूक हो गई। निर्णय में नाम नहीं लिखे गए मगर प्रमोशन कर दिए कि रिकॉर्ड कौन देखता है और खोजबीन के लिए पीछा कोई नहीं करता।




 भाभी बबीता शर्मा सफाई कर्मचारी तो लगी लेकिन कभी सफाई के काम पर नहीं लगाई गई। कभी कोई अधिकारी बबीता शर्मा के हाथ में झाड़ू न पकड़ादे इसलिए ईओ ने षड़यंत्र रच कर जमादार पद पर प्रमोशन कर दिया। इसमें अनुसूचित जाति के सफाई कर्मी का हक मारा। बबीता शर्मा के प्रमोशन पर कोई आवाज न उठाए इसके लिए मनोज धौल और मनीन्दर सारसर का प्रमोशन भी कर दिया। ये दोनों अलग अलग युनियनों के लीडर हैं। ये दोनों अवैध प्रमोशन पाकर चुप हो गये। इन सभी प्रमोशन में वरिष्ठता में आगे रहे अनुसूचित जाति के सफाई कर्मचारियों का हक मारा गया। कर्मचारियों में यह भय प्रचारित किया गया कि किसी ने मुंह खोला तो नौकरी से निकाल दिए जाएंगे।

* सभी नेता नेतियां,अनुसूचित जाति संघों के नेता पदाधिकारी, मीडिया अपने स्वार्थों के कारण सब जानते हुए, समाचारों के सामने आने के बावजूद शर्मनाक चुप्पी में हैं। 

* मामला प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचा है। यह घोटाला तथ्यों से प्रमाणित है इसलिए जिस समय भी एसीबी या विभागीय जांच होगी तब नौकरियां बचाना मुश्किल होगा।

👍 नगरपालिका बोर्ड बैठक के तत्कालीन अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ( अनुसूचित जाति ) का दायित्व बनता है कि इस प्रकरण में सही तथ्यात्मक सूचना रिपोर्ट उचित कार्वाई के लिए सरकार को भेज कर अनुसूचित जाति के साथ किए अनुचित व्यवहार कार्य को निरस्त करवाए और दोषियों को दंडित करवाए। 

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शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

किसकी बनेगी एसीबी न्यूज! इस शहर में!!

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

दूर की गिरफ्तारी पर खुश शहर के नागरिक मीडिया बुद्धिमान लेकिन अपने ही शहर में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर सभी चुप। बस, यह एक कारण यानि यह एक मृतजीवन  ने शहर का बेड़ा गर्क कर दिया है। भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर नहीं बोलने,विरोध नहीं करने पर भ्रष्टाचार बढ रहा है और भ्रष्टाचारी अधिकारियों की मनमानी बढ रही है जिससे आम आदमी लुट रहा है। आम आदमी के काम रुक रहे हैं। आम आदमी की फाईलों को अधिकारी कर्मचारी दबा देते हैं और पूछने पर अनेक चक्कर काटने पर फाईल नहीं मिलने का जवाब मिलता है।   बार बार चक्कर काटने पर कह दिया जाता है कि काम नहीं होगा। कोई नियम नहीं बताते कि क्यों नहीं होगा? बस नहीं होगा। जरूरतमंद पीड़ित भी कहाँ जाए? नेता नेतियां मरे हुए वे कभी साथ नहीं देते। गरीब का काम कराना हो तो वे दिन में दस बारह बार मर जाते हैं। नेता नेतियां काम कराने के लिए साथ नहीं जाते बल्कि फोन भी नहीं करते। मरे हुए हों तब फोन कैसे करें? युवाओं में जोश होता है और वे भ्रष्टाचारियों से भिड़ जाते हैं लेकिन इस शहर में युवाओं की हालत तो बुड्ढों से बदतर है। नेताओं नेतियों के कुछ रूप कागजी जोश के हैं। उनके जोश कागजी हैं तो उनके भाषण संघर्ष आदि भी कागजी ही हैं जिन पर पीड़ित भरोसा कैसे करे कि इनके कहने से कभी काम तो होगा नहीं। पीड़ित जरूरतमंद का तब एक बड़ा सहारा उसकी जेब ही होता है। आम आदमी के काम रिश्वत देने पर हो पाते हैं। 

👍 मरे नेताओं नेतियों वाले शहर में कोई ऐसा भी होता है जो मरना नहीं चाहता। वह एसीबी की तरफ आगे बढता है तब कभी कभी एसीबी की कार्वाई और भ्रष्टाचारी की गिरफ्तारी की न्यूज बन जाती है। ऐसी न्यूज का इंतजार है। किसकी न्यूज बनेगी? हां,अपने शहर में बनेगी। ( अपने शहर का नाम सोच लें,भ्रष्टाचारी का नाम भी सोच लें)

17 अप्रैल 2026.

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गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

एसडीएम काजल मीना रिश्वत लेते गिरफ्तार. वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़,रीडर दिनेश सैनी भी गिरफ्तार.

  



* करणी प्रेस इंडिया * 16 अप्रैल 2026.

एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर एसीबी सवाई माधोपुर इकाई द्वारा कार्यवाही करते हुये काजल मीना उप खण्ड अधिकारी, उपखण्ड नादोती, रीडर दिनेश कुमार सैनी,प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक के मारफत रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

 परिवादी से उसकी भूमि की तकाशनामें की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 60 हजार रू. की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। 

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार एसीबी चौकी सवाई माधोपुर को एक शिकायत इस आशय कि मिली कि परिवादी से उसकी भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में एसडीएम काजल मीना अपने रीडर दिनेश सैनी के मार्फत 50,000 रूपये रिश्वत राशि की मांग कर परेशान किया जा रहा है। परिवादी ने यह भी बताया पूर्व में एक लाख रूपये रिश्वत की मांग कर 50,000/- रूपये रिश्वत राशि लेने पर सहमत हुये। परिवादी द्वारा आज दिनांक 16.04.2026 को रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया तो काजल मीना एसडीएम के रीडर द्वारा परिवादी की भूमि की फाईनल डिक्री जारी करने की एवज में 50,000/- रूपये एसडीएम काजल मीना व 10,000/- रूपये स्वंय के लिये मांग की गई। 

उक्त मांग के अनुसरण में रिश्वत राशि 60 हजार रूपये आज दिनांक 16.04.2026 को परिवादी से कार्यालय उपखण्ड अधिकारी नादोती में बुलाकर प्राप्त करना एवं रिश्वत राशि 60,000/- रूपये प्राप्त कर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को देकर रवाना करना एवं वक्त कार्यवाही आरोपी रीडर दिनेश सैनी रिश्वत राशि एसडीएम काजल मीना के लिये लेना बताने पर जरिये मोबाईल काजल मीना की रीडर दिनेश सैनी से वार्ता करवाई गई। रिश्वत राशि की सहमति देना एवं रीडर दिनेश सैनी से जरिये मोबाईल प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को जरिये मोबाईल सूचित कर रिश्वत राशि सहित कार्यालय में उपस्थित होने की कहने पर प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक एसडीएम कार्यालय मय बैग के उपस्थित हुआ। 

उक्त बैग में रिश्वत राशि 60,000 रुपये बरामद होना एवं उक्त बैग में संदिग्ध राशि 4 लाख रूपये बरामद होने पर उक्त सुश्री काजल मीना एसडीएम, दिनेश सैनी रीडर, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को रंगे हाथों पकड़ा गया।

एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में ज्ञान सिंह चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी सवाई माधोपुर द्वारा ट्रेप कार्यवाही करते हुये काजल मीना एसडीएम, दिनेश सैनी रीडर, प्रवीण धाकड वरिष्ठ सहायक को परिवादी से 60 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथों डिटेन किया गया है व अन्य संदिग्ध राशि 4 लाख रूपये भी बरामद हुये है। उक्त संदिग्ध राशि के सम्बन्ध में भी पूछताछ जारी है।

ए.सी.बी. की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन एवं एस परिमला महानिरीक्षक पुलिस के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। ०0०






शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

सूरतगढ़:ईओ पूजा शर्मा ने किया सग्गी भाभी बबीता का प्रमोशन भ्रष्टाचार. कब तक बचेंगे घोटालेबाज.

 



करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ 10 अप्रैल 2026.

एसीबी के हाथ बहुत लंबे हैं। वे पकड़ ही लेते हैं। पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को जलजीवनमिशन घोटाले में गिरफ्तार कर ही लिया। 

नगरपालिका सूरतगढ़ में घोटाले भ्रष्टाचार करने वाले भी कानून की गिरफ्त में जरूर फंसेंगे। 

* नगरपालिका सूरतगढ़ में अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बनाया है। अनेक मामले हैं। 

नगरपालिका में पूजा शर्मा ने 20 फरवरी 2024 को जोईन किया और उसके बाद जो भ्रष्टाचार किए उनमें महा भ्रष्टाचार है कि सफाई कर्मचारी पद पर लगी अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा का नियम विरुद्ध जमादार के पद पर प्रमोशन किया और अनुचित लाभ देकर नगरपालिका के हितों को व आर्थिक हानि पहुंचाने का कार्य किया। इस प्रमोशन के लिए गलत कागज बनाए मतलब कि कागजों में रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई। सफाईकर्मियों को फील्ड में सफाई कार्य करना होता है। बबीता को पहले नियुक्ति समय से ही सिफारिश के कारण दफ्तर में लगाया गया। भविष्य में कोई अधिकारी फील्ड में झाड़ू पकड़ाए,इससे बचने के लिए जमादार पद पर प्रमोशन कर दिया। यह जमादार पद से भी कभी फील्ड में नहीं लगाई गई।

* बबीता शर्मा के गलत प्रमोशन पर युनियन नेता नहीं बोलें इसलिए मनीन्दर सारसर और मनोज धौल को भी गैरकानूनी प्रमोशन देकर दोनों को जमादार बनाया गया। 

** बबीता शर्मा,मनीन्दर सारसर और मनोज धौल से जो सीनियर और उच्च शिक्षित को इग्नोर किया गया। 

* ईओ पूजा ने घोटाला फर्जीवाड़ा ऐसे किया। 

👌 28 अगस्त 2024 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव नं 7 संदीप कासनिया के प्रबंधन वाले विवेकानंद स्कूल को जमीन देने का था। उक्त प्रस्ताव 31 पार्षदों की ओर से रखवाया गया था और सभी उत्साह से पारित करने में थे। इस विशेष हालत में ईओ पूजा शर्मा ने घपला किया और प्रमोशन प्रस्ताव रखा ताकि उत्साह में पारित हो जाए। प्रमोशन का प्रस्ताव नं 8 रखा गया लेकिन उसमें नाम नहीं देकर सभी पार्षदों को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तक को अंधेरे में रखा और विभाग से धोखा किया।  




यहां प्रस्ताव देखें कि अन्य प्रस्ताव 9,10 में कर्मचारियों के नाम दिए गये हैं। प्रस्ताव नं 8 में प्रमोशन किए जाने वाले सफाईकर्मियों बबीता शर्मा, मनीन्दर सारसर और मनोज धौल के नाम नहीं लिखे। नाम लिखे होते तो उसी मीटिंग में ही भ्रष्टाचार सामने आ जाता।  ये नाम बाद में सामने आए। सफाई कर्मियों को जो सीनियर थे को डरा दिया गया कि बोले तो इस नौकरी से भी चले जाओगे।

👌 प्रमोशन के इस प्रस्ताव पर तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को भी अंधेरे में रखा गया। ओमप्रकाश कालवा ने  प्रमोशन की नोटशीट  पर ' प्रमोशन नियमानुसार किए जाएं' नोट लगाया था। लेकिन ईओ पूजा शर्मा ने अपनी भाभी बबीता शर्मा  को प्रमोशन देने के लिए उस नोट को भी नहीं माना। 

👌 इस घोटाले भ्रष्टाचार में गलत लाभ लेने वाले भी कानूनी रूप से दोषी होते हैं। इसमें अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा, सफाई कर्मचारी बबीता शर्मा, मनिन्दर सारसर और मनोज धौल के नाम आते हैं। 

👍 यह प्रकरण छुपा हुआ नहीं रहा। नवंबर 2024 में स्थानीय साप्ताहिक अखबार में छपा। करणी प्रेस इंडिया में भी छोटे रूप में छपा। 

👍 ईओ पूजा शर्मा के इस घोटाले का पूरी तरह से  इन नेताओं को मालुम है लेकिन अपने अपने कारणों से सभी चुप हैं।

पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया, संदीप कासनिया, ओमप्रकाश कालवा, जिलाध्यक्ष भाजपा शरणपालसिंह,पूर्व विधायक अशोक नागपाल,पूर्व नगरपालिका अध्यक्षों बनवारीलाल मेघवाल,आरती शर्मा, राकेश बिश्नोई, पूजा छाबड़ा आदि को जानकारी है।

विधायक डुंगरराम गेदर,ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु को इस भ्रष्टाचार का मालुम है और जानकारी है।

👍 शहर में गंदगी फैलने, सफाई नहीं होने से ईओ पूजा शर्मा और उसके घोटाले चर्चा बने हैं।०0०





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एसीबी के हाथ.भ्रष्टाचारियों को पकड़ ही लेते हैं।

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

एसीबी के हाथ बहुत लंबे और मजबूत हैं और वे हाथ भ्रष्टाचारियों को पकड़ ही लेते हैं। राजस्थान में जल जीवन मिशन में 960 करोड़ के घोटाले में फरार हुए पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को एसीबी ने 9 अप्रैल 2026 को दिल्ली में पकड़ ही लिया। एसीबी टीम ने दक्षिण पश्चिम दिल्ली में सरोजिनी नगर के पास सुबोध अग्रवाल को पकड़ा और जयपुर लाए और गिरफ्तार किया। सुबोध अग्रवाल छिपते रहे इधर उधर भागते रहे लेकिन पुलिस से बच नहीं पाए। एसीबी 55 दिन खोज में रही,21 शहरों में 150 से अधिक बार द0बिश दी। एफआईआर सं 245/ 2024 के अनुसंधान में घोटाले का खुलासा हुआ। मैसर्स श्री गणपति ट्युब वैल कं( मालिक महेश मित्तल) और मैसर्स श्याम ट्युब वैल कंपनी ( मालिक पदमचंद जैन) ने इरकोन इन्टरनेशनल लि. के कार्य पूर्णता के फर्जी कूट रचना से दस्तावेज तैयार किए। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 20 हजार  करोड़ की निविदाओं में पद के दुरुपयोग हुए। फर्जी मौका जांच आदि दिखाई गई। करीब 960 करोड़ का घोटाला हुआ। इरकोन के सीईओ ने 7 जून 2023 को बताया था कि उनके प्रमाण पत्र फर्जी बनाए गये हैं लेकिन इसके बाद भी काम बंद नहीं हुए और बड़े भुगतान होते रहे।

👌 आपके शहर के भ्रष्टाचारी भी एसीबी मुकदमों में आएंगे गिरफ्त में. समय का इंतजार करें।०0०

👍 10 अप्रैल 2026.

करणीदानसिंह राजपूत,

पत्रकारिता 62 वां वर्ष.

94143 81356.

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गुरुवार, 20 नवंबर 2025

सब इंसपेक्टर राजकुमारी जुनैजा घूस लेते गिरफ्तार.

 


20 नवंबर 2025.
जयपुर के गांधी नगर थाने में तैनात उप निरीक्षक राजकुमारी जुनैजा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श की टीम ने बुधवार 19 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया। एसीबी टीम ने उप निरीक्षक राजकुमारी जुनेजा को थाने के अंदर ही 1.25 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
एसीबी को पांच दिन पहले परिवादी ने शिकायत दी थी, जिसमें बताया गया कि उसके खिलाफ गांधी नगर थाने में चीटिंग का मामला दर्ज है। उस मामले में कार्रवाई नहीं करने और एफआर लगाने के बदले में उप निरीक्षक राजकुमारी जुनेजा 2 लाख रुपए रिश्वत मांग रही थी।
इस शिकायत के बाद ट्रैप की कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार स्वामी को सौंपी गई। टीम ने शिकायत मिलने के बाद रिश्वत मांगने का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान आरोपी राजकुमारी ने 2 लाख रुपए की मांग की, लेकिन बाद में सौदा 1.25 लाख रुपए में तय किया।
एसीबी टीम ने बुधवार शाम रिश्वत के एवज में 1.25 लाख रुपए परिवादी को देकर गांधी नगर थाने भेजा। रिश्वत की रकम लेते एसआई राजकुमारी जुनेजा को एसीबी टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया।०0०

एसीबी ने अपने घूसखोर रीडर को पकड़ा.10 लाख रुपये की डील... फिर रकम लौटाने में हुआ ट्रैप

 

* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने घूसखोरी में अपने एसीबी के एक रीडर और एक उप अधीक्षक पर कार्वाई की है।
दौसा जिले की ACB चौकी के कांस्टेबल और डीएसपी पर ACB की टीम ने रिश्वत को लेकर कार्रवाई की है. जिसमें मामले को दबाने के लिए 10 लाख की मांग की गई थी.
  दौसा एसीबी चौकी के कांस्टेबल हरभान सिंह को रिश्वत मांगने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। इसी मामले में उप अधीक्षक नवल किशोर मीणा को दौसा से जयपुर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है।
यह कार्रवाई 18 नवंबर 2025 को हुई।
जयपुर नगर प्रथम यूनिट को एक शिकायत मिली थी कि मुकदमा नंबर 261/2025 में फुलेरा थाने के इंस्पेक्टर चंद्र प्रकाश और अन्य के खिलाफ जांच चल रही है।इस जांच की कमान नवल किशोर मीणा के पास थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें आरोपी न बनाने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। पहले ही 2 लाख रुपये ले लिए गए और उन्हें परेशान किया जा रहा है।
इस पर उप महानिरीक्षक आनंद शर्मा के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। 12 नवंबर 2025 को गुप्त सत्यापन किया गया। इसमें हरभान सिंह (बेल्ट नंबर 591) की रीडर भूमिका में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जांच का डर होने पर उन्होंने पहले लिए 2 लाख रुपये शिकायतकर्ता को लौटा दिए.
इस सबूत के आधार पर ACB मुख्यालय के आदेश से जयपुर नगर प्रथम यूनिट ने हरभान सिंह के खिलाफ नया केस दर्ज किया।अब इसकी गहन जांच होगी ताकि सभी दोषियों को सजा मिले।
हरभान सिंह का सस्पेंशन आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। उसके सभी अधिकार छिन गए हैं।ब्यूरो अब मुकदमा 261/2025 की भी गहराई से पड़ताल करेगा।०0


रविवार, 25 मई 2025

एसीबी द्वारा डीटीओ पुन्याराम मीणा गिरफ्तार.एक एक कर गिरफ्तारियां

 



 * करणीदानसिंह राजपूत *

जयपुर.सवाई माधोपुर में एसीबी के एएसपी रहे सुरेंद्र शर्मा घूसकांड मामले में अनुसंधान के बाद अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सवाई माधोपुर के जिला परिवहन अधिकारी पून्याराम मीणा को  गिरफ्तार कर लिया है। उसे एसीबी ने जयपुर से हिरासत में लिया। एएसपी घूसकांड में पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.


एसीबी के डीजी डॉ. रविप्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि 19 मई को सवाई माधोपुर स्थित एसीबी चौकी प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और दो दलाल रामराज व प्रदीप को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। एएसपी सुरेंद्र शर्मा पर सवाई माधोपुर में दलालों के नेटवर्क के जरिए हर महीने विभिन्न  विभागों के  पचासों अधिकारियों से मासिक वसूली का आरोप है। 👌इसी मामले में मंथली बंधी देने के आरोप में सवाई माधोपुर डीटीओ पून्याराम मीणा को गिरफ्तार किया गया है। * रिश्वत देना भी अपराध है। इस मामले में परिवहन विभाग, वन विभाग, पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है। 

जयपुर से लिया था आरोपी डीटीओ को हिरासत में : 

 इस पूरे मामले में डीटीओ की भूमिका की भी एसीबी जांच कर रही थी। एसीबी के डीआईजी राजेश सिह के सुपरविजन में एसीबी जयपुर के एएसपी विशनाराम (जांच अधिकारी) के नेतृत्व में सीआई राजकुमार शर्मा की टीम ने डीटीओ पून्याराम मीणा को जयपुर में सीबीआई फाटक के पास से हिरासत में लिया था। आरोपी से पूछताछ और अनुसंधान के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. उससे पूछताछ और अग्रिम अनुसंधान जारी है.


एसीबी द्वारा गिरफ्तार किए गए अपने ही अधिकारी सुरेंद्र शर्मा की जांच ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया है। एसीबी को अब तक की जांच में 50 से अधिक अधिकारियों के नाम मिले हैं, जो हर महीने एएसपी को रिश्वत की राशि पहुंचाते थे। इन अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर ली गई है, जिनसे अब पूछताछ की तैयारी की जा रही है।


* सुरेंद्र शर्मा की गिरफ्तारी का जाल *


एसीबी की गिरफ्तारी की योजना इतनी गोपनीय थी कि सुरेंद्र शर्मा को खुद समझ नहीं आया कि उसके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। उन्हें सवाईमाधोपुर से  6 मई को एसीबी मुख्यालय ट्रांसफर किया गया और निगरानी बढ़ा दी गई थी। मुख्यालय में जानबूझकर 19 मई को एक

एक मीटिंग रखवाई गई, ताकि वह बाहर न जा सके। उस दिन एएसपी खुद मीटिंग की तैयारी में लगा रहा, और एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।


सवाईमाधोपुर में तैनाती के दौरान एएसपी ने वन, परिवहन, पुलिस और खनन विभाग के अधिकारियों से मासिक रिश्वत की व्यवस्थित वसूली शुरू कर दी थी। इसके लिए दो दलाल रामराज मीणा और प्रदीप उर्फ बंटी पारीक काम कर रहे थे। एसीबी के पास इन दलालों की रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिनमें विभागीय अधिकारियों को धमकाते और वसूली करते सुना गया है। सुरेंद्र शर्मा 9 जनवरी की एक रिकॉर्डिंग में दलाल को कहता है- 'जल्दी मेरा सामान लेकर आना। यहां ‘सामान' शब्द  रिश्वत की राशि के लिए कोडवर्ड रखा हुआ था। एसीबी को अब तक अवैध खनन माफिया और विभागीय अधिकारियों से जुड़े लेनदेन की पुख्ता जानकारी मिल चुकी है। 


👌सुरेंद्र शर्मा की गिरफ्तारी के दिन एसीबी मुख्यालय में उस समय अजीब स्थिति बन गई जब दो महिलाएं सुरेंद्र शर्मा की पत्नी होने का दावा करते हुए उससे मिलने पहुंचीं। एक महिला ने बताया कि वह एक निजी स्कूल में पढ़ाती है और शर्मा से 2009 में लव मैरिज की थी। तलाक का केस कोर्ट में लंबित है, लेकिन दूसरी महिला भी बच्चों के साथ पहुंची और खुद को पत्नी बताया और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े,जब उसे बताया गया कि सुबह एक और महिला शर्मा से मिलकर जा चुकी है। एसीबी अधिकारियों के सामने महिला ने एएसपी को फटकारते हुए कहा कि विवाद हमारे बीच था, लेकिन रिश्वत ने तुम्हें सबके सामने गिरा दिया।


सवाईमाधोपुर पुलिस चौकी में तैनात इंस्पेक्टर विवेक सोनी को भी इस मामले में संदेहास्पद भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया है। एसीबी डीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने पुष्टि की है कि चौकी स्टाफ में और भी तबादले किए जाएंगे। एसीबी डीजी डॉ. मेहरड़ा ने कहा कि सुरेंद्र शर्मा के खिलाफ कॉल रिकॉर्डिंग, बातचीत और रिश्वत के लेनदेन से जुड़े वीडियो सबूत मौजूद हैं। दलालों के जरिए सीधे-सीधे बातों में वसूली का इरादा साफ है। हम कोर्ट में इस केस को बेहद मज़बूती से रखेंगे।०0०






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