सूरतगढ़:ईओ पूजा शर्मा ने किया सग्गी भाभी बबीता का प्रमोशन भ्रष्टाचार. कब तक बचेंगे घोटालेबाज.
करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 10 अप्रैल 2026.
एसीबी के हाथ बहुत लंबे हैं। वे पकड़ ही लेते हैं। पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को जलजीवनमिशन घोटाले में गिरफ्तार कर ही लिया।
नगरपालिका सूरतगढ़ में घोटाले भ्रष्टाचार करने वाले भी कानून की गिरफ्त में जरूर फंसेंगे।
* नगरपालिका सूरतगढ़ में अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा ने भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बनाया है। अनेक मामले हैं।
नगरपालिका में पूजा शर्मा ने 20 फरवरी 2024 को जोईन किया और उसके बाद जो भ्रष्टाचार किए उनमें महा भ्रष्टाचार है कि सफाई कर्मचारी पद पर लगी अपनी सग्गी भाभी बबीता शर्मा का नियम विरुद्ध जमादार के पद पर प्रमोशन किया और अनुचित लाभ देकर नगरपालिका के हितों को व आर्थिक हानि पहुंचाने का कार्य किया। इस प्रमोशन के लिए गलत कागज बनाए मतलब कि कागजों में रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई। सफाईकर्मियों को फील्ड में सफाई कार्य करना होता है। बबीता को पहले नियुक्ति समय से ही सिफारिश के कारण दफ्तर में लगाया गया। भविष्य में कोई अधिकारी फील्ड में झाड़ू पकड़ाए,इससे बचने के लिए जमादार पद पर प्रमोशन कर दिया। यह जमादार पद से भी कभी फील्ड में नहीं लगाई गई।
* बबीता शर्मा के गलत प्रमोशन पर युनियन नेता नहीं बोलें इसलिए मनीन्दर सारसर और मनोज धौल को भी गैरकानूनी प्रमोशन देकर दोनों को जमादार बनाया गया।
** बबीता शर्मा,मनीन्दर सारसर और मनोज धौल से जो सीनियर और उच्च शिक्षित को इग्नोर किया गया।
* ईओ पूजा ने घोटाला फर्जीवाड़ा ऐसे किया।
👌 28 अगस्त 2024 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव नं 7 संदीप कासनिया के प्रबंधन वाले विवेकानंद स्कूल को जमीन देने का था। उक्त प्रस्ताव 31 पार्षदों की ओर से रखवाया गया था और सभी उत्साह से पारित करने में थे। इस विशेष हालत में ईओ पूजा शर्मा ने घपला किया और प्रमोशन प्रस्ताव रखा ताकि उत्साह में पारित हो जाए। प्रमोशन का प्रस्ताव नं 8 रखा गया लेकिन उसमें नाम नहीं देकर सभी पार्षदों को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तक को अंधेरे में रखा और विभाग से धोखा किया।
यहां प्रस्ताव देखें कि अन्य प्रस्ताव 9,10 में कर्मचारियों के नाम दिए गये हैं। प्रस्ताव नं 8 में प्रमोशन किए जाने वाले सफाईकर्मियों बबीता शर्मा, मनीन्दर सारसर और मनोज धौल के नाम नहीं लिखे। नाम लिखे होते तो उसी मीटिंग में ही भ्रष्टाचार सामने आ जाता। ये नाम बाद में सामने आए। सफाई कर्मियों को जो सीनियर थे को डरा दिया गया कि बोले तो इस नौकरी से भी चले जाओगे।
👌 प्रमोशन के इस प्रस्ताव पर तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को भी अंधेरे में रखा गया। ओमप्रकाश कालवा ने प्रमोशन की नोटशीट पर ' प्रमोशन नियमानुसार किए जाएं' नोट लगाया था। लेकिन ईओ पूजा शर्मा ने अपनी भाभी बबीता शर्मा को प्रमोशन देने के लिए उस नोट को भी नहीं माना।
👌 इस घोटाले भ्रष्टाचार में गलत लाभ लेने वाले भी कानूनी रूप से दोषी होते हैं। इसमें अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा, सफाई कर्मचारी बबीता शर्मा, मनिन्दर सारसर और मनोज धौल के नाम आते हैं।
👍 यह प्रकरण छुपा हुआ नहीं रहा। नवंबर 2024 में स्थानीय साप्ताहिक अखबार में छपा। करणी प्रेस इंडिया में भी छोटे रूप में छपा।
👍 ईओ पूजा शर्मा के इस घोटाले का पूरी तरह से इन नेताओं को मालुम है लेकिन अपने अपने कारणों से सभी चुप हैं।
पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया, संदीप कासनिया, ओमप्रकाश कालवा, जिलाध्यक्ष भाजपा शरणपालसिंह,पूर्व विधायक अशोक नागपाल,पूर्व नगरपालिका अध्यक्षों बनवारीलाल मेघवाल,आरती शर्मा, राकेश बिश्नोई, पूजा छाबड़ा आदि को जानकारी है।
विधायक डुंगरराम गेदर,ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु को इस भ्रष्टाचार का मालुम है और जानकारी है।
👍 शहर में गंदगी फैलने, सफाई नहीं होने से ईओ पूजा शर्मा और उसके घोटाले चर्चा बने हैं।०0०
०0०