शनिवार, 24 जनवरी 2026
नगरपालिका कोष में फिर बड़ा घोटाला.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 24 जनवरी 2026.
नगरपालिका कोष में एक कर्मचारी ने फिर से दस्तावेज में कूट रचना कर बड़ी रकम की हेराफेरी कर ली। राजेंद्र नामक कर्मचारी ने कुछ वर्ष पहले 13-14 लाख रूपयों की गड़बड़ी की तब उच्च अधिकारियों को डीएलबी को सूचित करने और पुलिस में मुकदमा करने के बजाय इतनी बड़ी रकम गुपचुप जमा करा ली गई थी।
कर्मचारी ने एक बार फिर गड़बड़ी कर ली। सूत्र अनुसार फिर रकम भरा ली गई है। इस बार यह गड़बड़ी अंकेक्षण निरीक्षण (आडिट ) में पकड़ में आई है। कर्मचारी रिकॉर्ड में रसीदों में रकम लिखने में गड़बड़ी करके रकम हजम कर नगरपालिका कोष को नुकसान पहुंचाने में उजागर हुआ है। नगरपालिका में राजस्व अधिकारी की पोस्ट है और उसके द्वारा रसीदों की जांच क्यों नहीं होती?
कर्मचारी द्वारा रकम जमा करने की जारी की गई हर रसीद की जांच जरूरी है लेकिन अभी तक उसके विरुद्ध आपराधिक गड़बड़ी की जांच व मुकदमे के बजाय फिर बचाया जाने में दिन बिताए जा रहे हैं।
👌 भाजपा नेता के रिश्ते में होने के कारण पहले बचाया गया और पदोन्नति भी दे दी गई थी। इस बार फिर से अभी तक कोई भी कार्वाई नहीं की गई है। मामला गबन और रसीदें कूटरचित जारी करने का मुकदमा पुलिस में दर्ज कराने का बनता है। नगरपालिका प्रशासन में अधिकारी फिर से उच्चाधिकारियों को सूचित नहीं कर रहे। सूत्र अनुसार तो अभी तक नगरपालिका प्रशासक उपखंड अधिकारी भरत जयप्रकाश मीणा को भी सूचना नहीं दी गई है। 👌 विदित रहे कि नगरपालिका की शिवनंदीशाला की तूड़ी खरीद की रकम भुगतान में भी लाखों की गड़बड़ी हुई। उस कर्मचारी को भी अभयदान दे दिया गया और अच्छी सीट पर बैठा दिया । तूड़ी खरीद भुगतान घोटाला परसराम भाटिया के अध्यक्षता काल में हुआ था।
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शुक्रवार, 23 जनवरी 2026
पट्टा संघर्ष: नेता नेतियां, प्रशासन हालात स्पष्ट करें.लेटेस्ट हालात.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 23 जनवरी 2026.
स्थानीय वार्डों 3 और 26 में अतिक्रमण की जमीनों के आवासीय पट्टे दिए जाने की मांग को लेकर महाराणाप्रताप चौक पर धरणे के टैंट में भयानक शीत और बरसात में संघर्षरत लोग डटे थे। बरसात में प्रमोद ज्याणी के बोलते हुए एक विडिओ सोशल मीडिया फेसबुक पर चलता हुआ अनेक लोगों ने देखा होगा। 22 जनवरी की रात में तूफानी हवा और बरसात चलती रही।
नगरपालिका प्रशासन स्पष्ट नहीं कर रहा कि पट्टे देने हैं या नहीं देने हैं। जो सही है और दस्तावेज पूरे हैं उन आवेदकों को तो पट्टे देने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए।
जो गलत हैं दस्तावेज की कमी है और जमीन स्पष्ट नहीं है उन आवेदनों पर जो स्थिति है वह नोट लगाए जाने चाहिए। यह स्थिति नगरपालिका प्रशासन को सार्वजनिक सूचना विज्ञापन के तहत जारी करनी चाहिए। सार्वजनिक सूचना के अलावा मीडिया में भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अभी हर मीडिया कर्मी अपने तरीके से जानकारी लेता है और प्रकाशित प्रसारित करता है। ऐसी जानकारियों से संघर्षरत लोग, पट्टा आवेदक और शहर के आम लोग संतुष्ट नहीं हो रहे। यह इसलिए होता है कि प्रशासन अधिकारी नगरपालिका अधिकारी आदि शहर के तो होते नहीं है और न शहर की समस्याओं को दूर करने में कोई रुचि होती है। ये केवल नौकरी के लिए आते हैं और मामलों को बीच में लटकता छोड़ कर चले जाते हैं। पुराना रिकॉर्ड नहीं मिलता है तो उसकी जांच नहीं होती कि वह कहां गायब हो गया और उसकी जिम्मेदारी किसकी थी? फाईलें अधूरी, पेजिंग नहीं, किस फाईल में कितने पत्र थे का ब्यौरा ही नहीं। दस्तावेजों का ही मेल नहीं हो रहा कि आवेदक जिस जमीन पर घर बना कर सालों से रह रहा है, वह नगरपालिका की है या नहीं है। सूरतगढ़ नगरपालिका तो वर्षों से अस्थायी कर्मचारियों या फिर सफाई शाखा व दमकल कर्मचारियों द्वारा संचालित हो रही है।आश्चर्य तो यह है कि गलत आवेदकों और सरकारी अधिकारियों कर्मचारियों की फाईलें नहीं रुकी,उनको हर चैयरमेन व ईओ ने पट्टे दे दिए।
* नगरपालिका प्रशासन में ईओ पूजा शर्मा और उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा हैं जो स्पष्ट नहीं कर रहे।
* भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान मामले को जिला कलेक्टर तक पहुंचा कर भी स्पष्ट निर्णय नहीं करा पाए।
* शराबबंदी नशामुक्ति आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा नेता पूजा छाबड़ा ने स्वायत्त शासन मंत्री झाबरमल खर्रा से भेंट कर वार्ड नं 3 और 26 में पट्टे देने का मांग का मामला मंत्री तक पहुंचा दिया। पूजा छाबड़ा की तरफ यह नहीं बताया गया कि मंत्री ने क्या कहा? छाबड़ा को यह स्पष्ट बताना चाहिए कि पट्टे दिए जाने का क्या कहा? मंत्री ने कुछ नहीं कहा और पूजा ने पूछा नहीं। क्या मंत्री ने टालने जैसा साधारण उत्तर दिया कि दिखाते है। मंत्री ने कुछ तो नोट लगाया होगा और वह नोट क्या था? मंत्री ने पत्र किसको मार्क किया? मामला जब सरकार तक पहुंचा दिया गया तो उसकी स्थिति पूजा छाबड़ा को भी हर हालत में अविलम्ब हो सके तो 24 जनवरी 2026 तक संघर्षरत व आम जन को लिखित ब्यौरे से बतानी चाहिए।
* आंदोलन में परसराम भाटिया भी जुड़े हैं। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष हैं भाटिया जो 120 दिन नगरपालिका के अध्यक्ष नियुक्त रहे तथा सैंकड़ों पट्टे दिए। सूरतगढ़ से बाहर अन्य गांवों के निवासियों को सूरतगढ़ की फर्जी वोटर लीस्ट से दिए। जानकीदास वाला और मानकसर वासियों को दिए। मानकसर का पट्टा लेने वाला राजाराम धारणिया तो सूरतगढ़ विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद ज्याणी के नजदीकी रिश्ते में है। प्रमोद को सचिव राधेश्याम उपाध्याय को यह मालुम है। भाटिया ने शिक्षा अधिकारी, शिक्षकों तक को गलत पट्टे जारी किए। भाटिया ने तो नगरपालिका के पंप हाऊस की भूमि का मुफ्त में पट्टा जारी कर दिया जिसका मुकदमा सिटी पुलिस थाने में था जिसे अब हनुमानगढ़ पुलिस जांच कर रही है। जानकीदास वाला पट्टे का मुकदमा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा की ओर से दर्ज करवाया हुआ है जो सिटी पुलिस थाने में जांच चल रही है। अभी जो मांग है उसमें भी 4 शिक्षकों की फाईलें हैं और मालुम होने के बावजूद नगरपालिका प्रशासन रद्द नहीं कर रहा और भूमि नगरपालिका के कब्जे में नहीं ले रहा।
👌 अब बात आती है भाषण बाज नेताओं की जो धरणा स्थल पर ऊंची ललकार में उत्तेजित भाषण देते हैं और भाषण देकर चले जाते हैं। ये नेता अपने आलीशान घरों कोठियों में सोने के बजाय धरणा टैंट में सर्दी में रातें गुजारें। अभी नेता इस संघर्ष में गंभीरता से कुछ भी न सोच पाए हैं न प्रशासन से यहां तक की ईओ से भी कुछ नहीं करा पाए हैं।
विधायक डुंगरराम गेदर,सांसद कुलदीप इंदौरा, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु सभी कांग्रेस से हैं और भाषण देकर चल दिए में हैं। ये परसराम भाटिया की ही स्थिति स्पष्ट कर दें कि सीट पर होते समय गलत पट्टे दिए और सही थे तो अन्य लोगों को क्यों नहीं दिए?०0०
बुधवार, 21 जनवरी 2026
श्रीगंगानगर जिले में रात्रिगश्त पुलिस अधिकारी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 21 जनवरी 3026.
श्रीगंगानगर जिले के समस्त 6 पुलिस वृत में पुलिस की रात्रि गश्त के अधिकारियों के नाम और उनके मोबाइल नं जारी किए गये हैं ताकि आवश्यकता एवं सूचना लेने देने आदि के लिए उनसे संपर्क किया जा सके। इसके साथ ही जिला मुख्यालय के पुलिस मोबाइल नं और लैंडलाइन फोन नं भी दिए गये हैं। अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण और पकड़ के लिए जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दोहन ने यह एक और कदम उठाया कि आम लोग पुलिस से संपर्क कर सकें।
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मंत्री के आदेश का इंतजार. पूजा छाबड़ा मंत्री से मिली थी.सूरतगढ़.पट्टों की मांग.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 21 जनवरी 2026.
स्थानीय वार्ड नं 3 और 26 में पट्टे दिए जाने की मांग को लेकर महाराणा प्रताप चौक पर धरणा लगाए विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारियों व समर्थक लोगों को झाबरमल खर्रा के आदेश का इंतजार है। खर्रा का आदेश आते ही नगरपालिका प्रशासन को पट्टे जारी करने ही होंगे। दोनों वार्डों में 129 लोगों की आवेदन फाईलें हैं। यहां धरणा स्थल पर विधायक डुंगरराम गेदर, सांसद कुलदीप इंदौरा जोर लगा चुके हैं। पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू ने तो भाषण में ललकारते हुए कहा कि जहां तक पट्टों की बात है वह तो हम गले में उंगलियां डाल कर ले लेंगे। राधेश्याम उपाध्याय, प्रमोद ज्याणी आदि भी जोर लगा चुके हैं।
भाजपा में दो साल पहले आई पूजा छाबड़ा ने 16 जनवरी 2026 को यूडीएच मंत्री झाबरमल खर्रा से भेंट की और वार्ड नं 3 और 26 में पट्टे दिए जाने की मांग का पत्र दिया। शराबबंदी नशा मुक्ति आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं पूजा छाबड़ा। लोग इंतजार कर रहे हैं कि पूजा छाबड़ा की पावर एवं मंत्री तक पहुंच और भेंट करने के बाद अब पांच सात दिन में पट्टे दिए जाने का आदेश पहुंच जाएगा। पूजा छाबड़ा को मंत्री से मिले आज छठा दिन है और दो चार दिन और अधिक लग सकते हैं। डीएलबी से 27-28 जनवरी तक आदेश आ सकते हैं और इन तारीखों तक आदेश नहीं आए तो फिर कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए कि पट्टे शीघ्र ही मिल जाएंगे। भाजपा के जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह और पूर्व विधायक अशोक नागपाल पट्टों के लिए पहले प्रशासन के आगे प्रयास कर चुके हैं।
नगरपालिका प्रशासन में तो यहां पट्टे दिए जाने बाबत कोई हलचल नहीं दिख रही। प्रशासन गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों में व्यस्त है। महाराणा प्रताप चौक के दुकानदारों ने प्रशासन से एक बार पुनः मांग की है कि धर्णार्थियों के टैंट को बाजार से हटाया जाए। उपखंड अधिकारी का आदेश हुआ तो टैंट हटाने में समय नहीं लगेगा।
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भाजपा सूरतगढ़. नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर खुशी मनाई.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 21 जनवरी 2026.
नितिन नबीन के भारतीय जनता पार्टी के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की खुशी में भाजपा नगर मंडल सूरतगढ़ की ओर से 20 जनवरी शाम को महाराणा प्रताप चौक पर आतिशबाज़ी कार्यक्रम आयोजित हुआ।
भाजपा जिलाध्यक्ष शरण पाल सिंह, पूर्व राज्यमंत्री राम प्रताप कासनिया,पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नगर मंडल अध्यक्ष गौरव बलाना,नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष काजल छाबड़ा व पूर्व अध्यक्ष जगदीश मेघवाल,
भाजपा महामंत्री अजय सिंह सिसोदिया,प्रेमसिंह राठौड़, पूर्व मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश सरावगी,राजेश शर्मा, श्रीमती लवली कलसी, राजीव शर्मा, मनोज जांगू, राजन वर्मा, रमेश चंद्र माथुर,भरत राजपुरोहित, जलालुद्दीन,बाबुसिंह खीची,मुरलीधर उपाध्याय,सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।०0०
मंगलवार, 20 जनवरी 2026
दुकानदारों के आगे पट्टों की मांग का धरना और कब तक चलेगा?
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 20 जनवरी 2026.
स्थानीय वार्ड 3 और 26 में पट्टे दिए जाने की मांग नगरपालिका से है और धरना महाराणा प्रताप चौक पर बाजार के मध्य लगाया हुआ दुकानदारी को खराब कर रहा है। पट्टे मिलने में अनेक अड़चनें हैं और कोई निश्चित समय अवधि भी नहीं है तब दुकिनदारी को आगे कब तक और खराब करने की छूट प्रशासन यानि उपखंड अधिकारी देते रहेंगे। दुकानदारों ने उपखंड अधिकारी और उप अधीक्षक पुलिस को लिखित में दिया था जिसके बाद रास्ता जाम भी कर दिया था। आश्चर्य यह है कि रास्ता जाम करने के लिए एक घंटे तक तो सड़क पर चटाईयां बिछाने में लगा और उनको रोका नहीं गया। भाषण बाजी के समय पचास साठ लोग थे जिनको हटाने के बजाय पुलिस देखती रही तथा वाहनों को ही डाईवर्ट कर गुजारा गया। दुकानदारों ने उपखंड अधिकारी भरत जयप्रकाश मीणा और पुलिस उप अधीक्षक प्रतीक मील को मांग पत्र दिया था तो ड्युटी बनती थी कि सड़क जाम किए जाने को रोका जाता और आवागमन शुरू कराया जाता। अब यह कार्य तो हो चुका है लेकिन अब आगे के लिए कब तक प्रशासन ढीला रवैया अपनाए हुए दुकानदारी और बाजार को खराब कराता रहेगा। उपखंड अधिकारी और पुलिस उप अधीक्षक दोनों की ही ड्युटी शांति और कानून व्यवस्था बनाने की है और दुकानदारों के व्यवसाय अधिकार की रक्षा करना भी ड्युटी है। धरना टैंट सड़क को रोक रहा है और आवागमन को भी प्रभावित कर रहा है। यदि कोई वाहन चालक आगे से गुजरते हुए चूक गया और टैंट से टकरा गया या सड़क चलते लोगों से टकरा गया तो टैंट लगाने वालों पर मुकदमा तो हो जाएगा मगर जान माल का नुकसान हुआ तब अधिकारी कौन कौन जिम्मेदार होंगे? सूरतगढ़ विकास संघर्ष समिति केवल दो वार्डो के पट्टों के लिए धरणा लगाए हुए है और इनके हटने के बाद फिर किसी एक दो वार्डों की मांगों पर यहीं धरना लग गया तब ऐसे ये हालात चलते रहेंगे। धरणा लगाने वालों की यहां दुकानें हैं नहीं सो उनको दुकानदारों के घाटे से कोई मतलब नहीं है। यदि दुकानदारों ने भी दबाव के लिए सड़क रोक दी तब क्या होगा?
* यदि धरणार्थी सड़क पर से टैंट नहीं हटाते हैं तो प्रशासन को तुरंत ही टैंट को पुलिस कब्जे में ले लिया जाना चाहिए और दुकानदारों की मांग पूरी करनी चाहिए। प्रशासन दुकानदारों की मांग को साधारण समझना बंद करे और सड़क पर टैंट लगाने वालों पर सख्ती करे।
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सोमवार, 19 जनवरी 2026
तथ्यात्मक रिपोर्ट से पट्टे मिलने में अनेक मुश्किलें.सूरतगढ़.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 19 जनवरी 2026.
स्थानीय वार्ड नं 3 और 26 में पट्टों की मांग पर तथ्यात्मक रिपोर्ट में जमीन संबंधी स्थिति से पट्टे मिलना फिलहाल तो मुश्किल है। जमीन की अस्पष्ट स्थिति में कोई भी अधिकारी आगे और हस्ताक्षर करने से खुद को बचाना चाहेगा कि कोई एक पट्टा भी गलत जारी हो गया तो आगे कानूनी और विभागीय मुसीबतें उठानी पड़ेगी। नगरपालिका प्रशासन इन अस्पष्ट परिस्थितियों में सरकार यानि डीएलबी से मार्गदर्शन मांग सकता है क्योंकि इसके अलावा कोई और कार्वाई संभव नहीं लगती। नगरपालिका प्रशासन यानि अधिशाषी अधिकारी और प्रशासक( उपखंड अधिकारी) डीएलबी से मार्गदर्शन मांगे। अगर मार्गदर्शन मांगा जाता है तो भी जयपुर से सभी तरह से निरीक्षण और निर्णय आने में एक दो सप्ताह से अधिक समय यानि महीने लग सकते हैं।
* जिला कलेक्टर के निर्देश पर बनी कमेटी के अध्यक्ष नगरपरिषद श्रीगंगानगर के आयुक्त की तथ्यात्मक रिपोर्ट जिला कलेक्टर को 12 जनवरी 2026 को सौंपी गई। यह तथ्यात्मक रिपोर्ट ही उजागर करती है की पट्टों की जमीन की स्थिति अस्पष्ट है। जब तक जमीन की स्थिति स्पष्ट नहीं होती तब तक पट्टे जारी नहीं हो सकते। बार बार यह चर्चा हो रही है कि 18 आवेदकों की रकम जमा कराई जा चुकी थी,लेकिन अब तथ्यात्मक रिपोर्ट से इन पट्टों को भी एक बार और परीक्षण करके और सब सामान्य और सही पाए जाने फर ही पट्टे जारी हो सकते हैं। जमीन के डी नोटिफाईड संबंधी सारे कागजात और फाईलें आदि नगरपालिका में कितनी मौजूद हैं और उनके पुनः निरीक्षण किए बिना अधिकारी दस्तखत कर देंगे जैसी हालत बहुत मुश्किल है। धरना प्रदर्शन ( जिसमें कांग्रेस के विधायक व पदाधिकारी शामिल हैं)आदि के दबाव में भी पट्टे मिलना अभी दूर है। अभी तो नगरपालिका को जमीन की स्थिति एकदम स्पष्ट करनी होगी।
👍 तथ्यात्मक रिपोर्ट में अनेक बिंदु ही दर्शा रहे हैं कि मुश्किलें हैं। अधिकारी पूजा शर्मा और प्रशासक उपखंड अधिकारी भरत जयप्रकाश राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांग सकते हैं और एक दम साफ मार्गदर्शन मिलने पर ही पट्टे जारी हो सकते हैं। यदि मार्गदर्शन में स्पष्ट निर्देश नहीं हुए और तथ्यात्मक रिपोर्ट जैसी रिपोर्ट हुई तो बड़ी मुश्किल होगी।
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रविवार, 18 जनवरी 2026
कासनीया का जीवित भूत पावरफुल! सभी नेताओं की पावरफेल.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 18 जनवरी 2026.
रामप्रताप कासनिया को राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में हराना अब भारी पड़ रहा है और कासनिया एक जीवित सशरीर भूत के रूप में विधायक की पावर से सौ गुना अधिक पावर बना हुआ है। विधायक डुंगरराम गेदर कासनिया के आगे अब फेल हो रहे हैं और वे कहीं भी काम करवाने की ताकत में पब्लिक को नजर नहीं आ रहे। विधायक कोटे की रकम से वे काम करवा सकते हैं लेकिन अन्य कार्यों के लिए दफ्तरों में काम नहीं करवाने की स्थिति में हैं। एक गेदर ही नहीं अन्य लोग जिनमें भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं वे भी शून्य से हो गये हैं। काम करवाना हो तो कासनिया से बात करो। रामप्रताप कासनिया तो चलो राज्य मंत्री और विधायक रह चुके हैं लेकिन उनके पुत्र संदीप कासनिया के पास तो कोई संगठन पद भी नहीं है फिर भी उनके फोन निर्देश आदि चल रहे हैं।
* कासनिया भाजपा नेताओं नेतियों में आज सबसे अधिक ताकतवर हैं। यह सही है कि भाजपा ने यह निर्देश दे दिया कि विधानसभा चुनाव में हार गये हमारे नेता ही जनता के जनप्रतिनिधियों की तरह काम करवाएंगे। भाजपा के बड़े कार्यकर्ताओं की यहां तक कि जिला पदाधिकारियों की भी सूरतगढ़ में तो नहीं चलती। जिला अधिकारियों के पास कासनिया या कासनिया के फोन चलते हैं।
* विपक्ष मतलब कांग्रेस के नेताओं कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हालत तो बहुत पिछड़ गई है और मंचों पर,धरना प्रदर्शन आदि पर वे कासनिया को ही कोसते हैं और क ई बार तो मुद्दा नहीं होता तो भी कासनिया का नाम ले ही लेते हैं। यह कांग्रेस के लोगों की हताशा प्रगट होती है और लोगों को कांग्रेस के पदाधिकारी व विधायक गेदर कासनिया से कमजोर नजर आते हैं।०0०
सूरतगढ़ के 41 वार्डों के नेता ताकत है तो दिखाएं.नगरपालिका प्रशासन को झुकाएं
* करणीदानसिंह राजपूत *
पूर्व पार्षदों छोटू पंडित (हरीश),राजीव चौहान,गोविंद नायक और हंसराज स्वामी के धरणा लगाने के बाद इनकी मांग से संबंधित चार वार्डों में एक करोड़ रूपये के विभिन्न विकास कार्यों की प्रक्रिया शुरू कर दी जाने के समाचार से अनेक राजनीति बघारने वाले विचलित हैं। समाचार की तिलमिलाहट यह है कि उसमें पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया के आवास पर बैठक में सब तय हुआ।
नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा नगरपालिका के इंजीनियर और सफाई निरीक्षक आदि उस बैठक में थे।
छोटू पंडित ( हरीश) के वार्ड में नाली, नालों, पुलिया एवं सड़क निर्माण के लिए 50 लाख से ज्यादा का टेंडर लगेगा।
राजीव चौहान के वार्ड में 25 लाख रुपए का टेंडर लगेगा और जेसीबी से तुरंत प्रभाव से नालों की सफाई की जाएगी।
गोविंद नायक के वार्ड में 25 लाख रुपए का टेंडर लगेगा और वार्ड की संपूर्ण साफ सफाई की जाएगी।
हंसराज स्वामी के वार्ड में 25 लाख रुपए का टेंडर लगेगा और कच्ची सड़कों पर बलडा डालने का टेंडर लगेगा एवं साफ सफाई तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी जाएगी।
* सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये कार्य इन पूर्व पार्षदों के घर में होंगे? सभी कार्य वार्डों में होंगे और वहां से अन्य वार्डों के लोगों का आना जाना भी होता ही है।
* सूरतगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में 45 वार्ड हैं। शेष जो 41 वार्ड हैं उनके पूर्व पार्षदों, राजनैतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं,और किसी भी व्यक्ति को धरना प्रदर्शन और मांग पत्र देने से किसी नगरपालिका अधिकारी या रामप्रताप कासनिया ने रोका टोका नहीं तो वे भी अपने क्षेत्र के हितों के लिए आगे आते। लोगों पर रोक तो अभी भी नहीं है। 41 वार्डों के अपने को नेता मानने वाले लोग भी आगे आएं और मांग करें तथा कासनिया के आवास के बजाय नगरपालिका कार्यालय में ही बैठक तथा निर्णय करने की ताकत दिखाएं। अगर यह ताकत है नहीं और ताकत दिखाने की हिम्मत नहीं है तथा वार्ड के चार पांच लोग ही साथ नहीं है तो ऐसी कमजोर हालत के लोगों के पास पहुंच कर निवेदन करने वाली यह ईओ पूजा शर्मा तो नहीं है।
18 जनवरी 2026. ०0०
पूर्व राज्यमंत्री कासनिया और करणीदानसिंह लोकतंत्र सेनानी की बातचीत.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 18 जनवरी 2026.
पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया और लोकतंत्र सेनानी करणीदानसिंह राजपूत ने एक दूजे का मुंह मीठा कराते हुए राजनैतिक कार्य की बातचीत की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के कुछ लोग भी उपस्थित थे।
कासनिया के कार्य और लोकसभा चुनाव बाबत कुछ बड़े कार्यों बाबत राजपूत ने संस्मरण सुनाए।
राजपूत ने कहा कि बीकानेर लोकसभा सीट पर सन् 1999 में भाजपा की स्पष्ट हार नजर आ रही थी। हार देखते कोई भी टिकट क्यों लेता? ऐसी स्थिति में रामप्रताप कासनिया ने भाजपा की टिकट ली। उक्त चुनाव में कांग्रेस के रामेश्वर डूडी 94 हजार वोटों से जीते।कासनिया पराजित हुए। राजपूत ने कहा कि आज काफी लोगों को मालुम नहीं कि कासनिया ने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था।
* कासनिया जब सन् 2003 से 2008 तक पीलीबंगा सीट से विधायक चुने गये थे तब सूरतगढ़ तहसील का टिब्बा क्षेत्र पीलीबंगा सीट में था। उस समय कासनिया ने टिब्बा क्षेत्र के करीब 7 हजार किसानों को दो मुरब्बा तक बारानी कृषि भूमी निशुल्क आवंटित करवाई थी। यह बहुत बड़ा काम था। पचास साठ सालों से खेती कर रहे लोगों को मालिकाना अधिकार दिलवाया। उस समय वसुंधरा राजे मुख्य मंत्री थी और उन्होंने यह आदेश किया था। राजपूत ने बताया कि उस समय मैं राजस्थान पत्रिका के सूरतगढ़ इंचार्ज पद पर था और यह आदेश कासनिया से फैक्स पर लेकर सबसे पहले राजस्थान पत्रिका में छपवाया था। कासनिया ने अपने उस विधायक काल में करीब ढाई हजार बालिग पुत्रों को भी कृषि भूमि का आवंटन कराया था। राजपूत ने लोगों को एक महत्वपूर्ण संस्मरण भी सुनाया। राजपूत ने बताया कि सन् 1972 में कासनिया पीलीबंगा की किसान युनियन के अध्यक्ष थे। उस काल में व्यापार मंडल और किसान युनियन ही बड़ी शक्तिशाली संस्थाओं में गिने जाते थे। इलाके के विशाल सेम क्षेत्र के खेतों को सेम से मुक्त कराने और वापस खेती लायक बनाने का श्रेय भी कासनिया का बताते हुए कुछ और बातें हुई।०0०
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शुक्रवार, 16 जनवरी 2026
ईओ पूजा सब पर भारी!सभी नेता बेदम!!
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 16 जनवरी 2026. ईओ पूजा शर्मा सब पर भारी पड़ रही है। नेता लोग बातों में बिलबिलाते हैं,भाषणों में कोसते हैं मगर किसी एक में भी दम नहीं कि अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा के विरूद्ध सरकार को,जिलाकलेक्टर को,डीएलबी को लिखित में अनियमितता कार्यों की शिकायत कर दे। पूजा शर्मा के विरूद्ध मुकदमा करना तो बेहद मुश्किल जब शिकायत ही नहीं कर सके। पूजा शर्मा काम नहीं कर रही तो फिर शिकायत क्यों नहीं की जाती। ये जो नेता भाषणों में बातचीत में कोसते हैं कि नगरपालिका में काम नहीं हो रहा तो वे ईओ के कक्ष में बैठे हंस हंस कर बतियाते क्यों हैं?
ईओ पट्टे नहीं बना रही, लेकिन कोसने से तो काम नहीं चलता। ईओ की शिकायत करने में कांग्रेस से विधायक डुंगरराम गेदर,सांसद कुलदीप इंदौरा,पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु,ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया, भाजपा से पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना, जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान और अन्य दलों के पदाधिकारी भी शिकायत करने में डर क्यों रखते हैं? ये नेता धरणा प्रदर्शन आदि में कहीं न कहीं, या प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे हैं लेकिन ईओ पूजा के विरुद्ध सरकार को शिकायत करने में शक्तिहीन नजर आते हैं। ईओ कार्य नहीं कर रही है तो फिर शिकायत करने में डर क्यों है? इसका मतलब है कि किसी के भी पास कोई पक्की जानकारी या दस्तावेजी सबूत नहीं हैं। ईओ ने सूरतगढ़ में ड्युटी जोईन करने के बाद अब तक कितने गलत काम करके नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाई। ईओ ने कितने कार्य नियम विरुद्ध करके किन किन लोगों को,किस तरह के अनुचित लाभ दिए आदि की सूची तो चुप नेताओं के पास रिकॉर्ड में होगी, या वे सभी धूल में लट्ठ मार रहे हैं। विपक्ष मतलब कांग्रेस के नेताओं के पास तो सब कुछ इकट्ठा किया हुआ रिकॉर्ड होना ही चाहिए और शिकायत करना उनकी राजनैतिक ड्युटी भी बनती है लेकिन वे अपनी ड्युटी भी नहीं निभा रहे। जनता के बीच नगरपालिका कामों के थोथे भाषाओं से केवल लोगों को भ्रमित करना है।
* नेताओं के लिए ये 2 तथ्य पेश हैं जो सरकारी नियमोंआदेशों के विपरीत हैं। ये सभी नेता करवाएं ये दो काम। भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान करवाएं। ये नहीं करवा सकते तो मान लें कि ईओ पूजा शर्मा ही सभी पर भारी है। उसके विरूद्ध किसी में शक्ति नहीं, सभी बेदम हैं।
1- सरकार का आदेश है कि सफाई शाखा के कर्मचारी फील्ड में सफाई कार्य पर लगाए जाएं,किसी भी अन्य कार्य पर नहीं। कार्वाई का भी लिखा है लेकिन सूरतगढ़ में सफाई कर्मचारियों को मुख्य कार्यालय में अन्य कार्यों में लगाया हुआ है। सफाई कर्मचारियों ने ईओ और प्रशासक दोनों को लिखित में मांगपत्र दिया कि दफ्तरों में लगे सफाईकर्मियों को हटाकर फील्ड में लगाया जाए। यह भी लिखा था कि सफाई व्यवस्था चौपट हो रही है।
2- दमकल यानि अग्निशमन सेवा कर्मचारी भी अन्य कार्य में नहीं लगाए जा सकते,लेकिन सूरतगढ़ में दमकल से हटाकर मुख्य कार्यालय में विभिन्न कार्यों पर लगाए हुए हैं। सूरतगढ़ में कभी बड़ा अग्नि कांड हो गया तब किसकी जिम्मेदारी होगी?
👌 सूरतगढ़ के नेता ये दो काम कराने के लिए धरणा लगाएं और इतनी हिम्मत नहीं हो तो नोटिस ही देदें और सरकार को शिकायत ही करदें। इससे ही मालुम पड़ जाएगा कि दम है कि बेदम है। सात दिन यानि एक सप्ताह बहुत होगा शिकायत लिखने को।०0०
रिट रिट खेलें.आओ! सूरतगढ़ में नाटक.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ में आजकल रिट रिट खेलने की आवाजों का नाटक फुस्स हुए लोग और थोथे चने लोग कर रहे हैं। बच्चे व्यापार खेलते हैं तो उनके पास नोट छपे कागज तो होते हैं लेकिन हवा बनाने की भी असफल कोशिशें कर रहे लोगों के पास तो कागजी नोट भी नहीं है। रिट रिट खेलने की अफवाहें इसलिए कि किसी तरह उनसे बात हो और कुछ भेंटपूजा हो। राजस्थान हाईकोर्ट से जब एक लगी हुई रिट वापस ले ली गई तब से रिट वापस लिए जाने पर उस नेता के विरूद्ध खूब बयान बाजी हुई और अभी भी सोशल मीडिया पर हो रही है। बयान देने वाले नेता सोशल मीडिया पर दहाड़ते रहे हैं मगर उसके अलावा फुस्स हैं और हिम्मत नहीं है कि खुद रिट लगा दें। लोग नाटक कर रहे हैं की जोधपुर जा रहे हैं, जोधपुर पहुंचे हुए हैं, जोधपुर में वकीलों से रिट की बात कर रहे हैं, जोधपुर में वकीलों को कागज दे आए हैं, जोधपुर जाएंगे, सूरतगढ़ में दस्तावेजों की नकलें ली हैं, सूरतगढ़ में दस्तावेजों की नकलों के लिए आवेदन कर दिए हैं। इस प्रकार की चर्चाएँ दिन रात चलाई जा रही है। कौन बेवकूफ होगा जो ऐसी अफवाहों से दबाव में आकर थोथे चनों को रिट नहीं करने की प्रार्थना करेगा, पैर पकड़ेगा और कुछ भेंट करेगा या कोई समझौता करेगा। रिट करने का जिसमें मादा होता है वह अफवाहें नहीं फैलाता न कहीं चर्चा करता है, वह सीधे रिट दायर करके और रिट सुनवाई की मंजूरी की ही सूचना प्रसारित करता। लेकिन यहां तो व्यापार खेलने की बात वे फैला रहे हैं जिनके पास खेलने के कागजी नोट भी नहीं है। रिट रिट खेलने का नाटक चल रहा है। दबाव और ब्लेकमेलिंग के लिए नाटक। कुछ दिनों के बाद यह नाटक बंद हो जाएंगे। इनकी चर्चाएं भी बंद हो जाएंगी। नेताओं ने सोशल मीडिया पर भाषण दिए वे चुप क्यों हो गये? रिट छोड़ शिकायत तक नहीं की। अब कुछ नाटक कर रहे हैं। रिट रिट खेलने का नाटक। ०0०
शुक्रवार, 9 जनवरी 2026
खुली पाती:भाजपा के जिला प्रभारी दशरथ सिंह के नाम:जिले की हालत बेहद खराब.
* करणीदानसिंह राजपूत *
माननीय दशरथ सिंह शेखावत श्री गंगानगर जिले के प्रभारी हैं और अभी जिले के भ्रमण पर हैं। भाजपा के नेता स्वागत सत्कार कर बहुत छुपा कर भ्रमित करना शुरू कर चुके हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार के 2 साल बीतने की खुशियां चाहे मनाएं लेकिन जिले में राजनैतिक स्थिति अच्छी नहीं है और कहा जा सकता है कि बहुत बुरी हालत है। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान और कार्यकारिणी,नगर मंडल अध्यक्षों और देहात अध्यक्षों ने जनता के कितने काम कराए,सरकार के आदेशों की कितनी पालना करवाई? इनके ही हाथों से लिखवा लें सच्ची रिपोर्ट। ऐसा संभव नहीं हो तो स्वयं ही पूछ लें जानकारी ले लें। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह मान को जिलाध्यक्ष का पद दुबारा दिया गया तो कुछ सोच समझ और योग्यता देख कर ही दिया होगा? भाजपा का राज हो और जिलाध्यक्ष की चले नहीं। जिलाध्यक्ष कोई काम नहीं करवा सके तो पार्टी की पावर का गुब्बारा फुस्स हुआ जनता मानती है। जिले में भाजपा के अनेक पुराने लोगों से ही जानकारी ले ली जाए। लोगों से ही जानकारी ले ली जाए। श्रीगंगानगर जिला भाजपा के लिए कमजोर रहा था और अब प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद जिलाध्यक्ष को हालात मजबूत करने थे लेकिन पार्टी तो और कमजोर हो गई। जनता के काम नहीं होंगे तो यह समीक्षा तो जनता ही करेगी और यह समीक्षा आंखें खोलने वाली है। नगर निकायों और पंचायतों के चुनावों से 4 महीने पहले यह हालत है। भाजपा को बहुत बड़ा नुकसान होने वाला है।
अब चार महीनों में क्या कुछ हो सकता है,वह करके देख लिया जाना चाहिए। प्रशासनिक कार्यालयों में कांग्रेस के समय के कर्मचारी जमे हैं। वे किसकी मानेंगे? जिलाकलेक्टर और उपखंडों में अतिरिक्त जिलाकलेक्टर,उपखंड अधिकारी व राजस्व तहसील कार्यालयों में पुराने 10-15 साल से एक ही शहर में कांग्रेस सरकार के जमाए हुए कर्मचारी हैं।
भाजपा के कार्यकर्ताओं की एक परसेंट भी नहीं चलती। अगर यह जनता में कहें तो बेईज्जती होती है लेकिन फिर भी कुछ कार्यकर्ता कह देते हैं। जब नहीं चलती तो झूठ भी क्यों बोला जाए? जनता से जुड़े तीन प्रमुख विभाग हैं। नगरपालिका,पंचायत समिति,पुलिस थाने। नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी पद और थानों में थानाधिकारी पद की ही समीक्षा करवालें। नगरपालिका में पहली प्राथमिकता है सफाई, सड़कें,लाईट लेकिन अधिकारी निरीक्षण के लिए शहर में नहीं निकलते। अधिशाषी अधिकारी कुछ तो राजा और तानाशाह जैसे हैं। शहरों को गंदा बनाने वाले। नाले नालियां भी साफ नहीं कराते। सड़कों पर दुकानदार अतिक्रमण करते हैं वे नगरपालिका नहीं हटाती। हर नगरपालिका में काम पैंडिंग। गरीबों को पट्टों के लिए भटकना पड़े,और पावरफुल के सड़कों पर पक्के अतिक्रमण भी नगरपालिका न तुड़वाए।
सूरतगढ़ में कांग्रेस राज के गलत पट्टे और उन आवासीय भूखंडों पर शोपिंग काम्प्लेक्स बन जाए,नगरपालिका प्रशासन वहां सीज की कार्वाई ना करे और गुरूद्वारा जैसी धार्मिक संस्था का पट्टा दिए जाने में डीएलबी स्तर पर फाईल पारित होने में झंझट हो जाए। और जिलाध्यक्ष सब जानकर भी कुछ नहीं करे।नगरपालिका के आगे पट्टों के लिए धरना लगे और वहां पूर्व विधायक अशोक नागपाल को शामिल होना पड़े। इसके साथ ही जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना को जिलाकलेक्टर के आगे गुहार लगानी पड़े। ऐसी दुर्दशा तो पहले नहीं थी।
नशा बढा तो स्थानीय स्तर पर बेचने वाला,नशा करने वाला एक भी पकड़ा नहीं जाए। पुलिस से मालुम कर लिया जाए कि हर शहर में नशा बेचने वाले कितने पकड़े गये? जवाब और रिकॉर्ड देख कर हैरत में पड़ जाएंगे। जिला पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में तो सारा डाटा मिल ही जाएगा।
सूरतगढ़ में वैश्यावृत्ति और नशे के विरूद्ध एसडीएम कार्यालय के आगे धरना लगे। भाजपा के बाबूसिंह खिची,एडवोकेट आनंद शर्मा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष और जिला पदाधिकारी आरती शर्मा भी वहां धरने में शामिल हों तो हालत का और क्या मालुम होगा? भाजपा नेता राकेश बिश्नोई कहे कि नशा अपराधियों का खुलासा करूंगा तो जान जाने का खतरा हो सकता है। ऐसे हालात एक जगह के नहीं सारे जिले में अपराधी दनदना रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी, पंचायत व नगरपालिका अधिकारी कार्यालय समय में उपस्थित नहीं रहते। दफ्तर में 11 बजे से पहले आते नहीं और भोजनावकाश आधे घंटे का नहीं दो तीन घंटे का हो,एक बार आए और बाद में आए ही नहीं। ऐसे अधिकारियों को चुनाव जनगणना आदि से हटा नहीं सकते तो जो इनकी फाईलें शिकायतें हैं उन पर जांच में सस्पेंड, एपीओ कर दिया जाकर सुधार हो तब कुछ हो पाएगा। लोग शहर गांव सभी में प्रशासन आदि से खुश नहीं हैं और अभी कोई सख्त व्यवस्था नहीं हुई तो नगर निकायों और पंचायत चुनावों में बहुत नुकसान होगा। विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में खोने के बाद अभी तक नहीं जागे हैं। विधायकों जयदीप बिहाणी, गुरवीरसिंह बराड़ और पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र पालसिंह टीटी शायद सच्च बोल सकें।
लोगों की हालात की एक सच्ची तस्वीर क्या जयपुर पहूंचेगी?
9 जनवरी 2026.( समाचार रिपोर्ट)
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार, सूरतगढ़.94143 81356.
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बुधवार, 7 जनवरी 2026
गणतंत्र दिवस समारोह में वीआईपी कौन होंगे,बड़े बदलाव तय हुए.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 7 जनवरी 2026.
गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार कुछ खास होगा । पूर्व के कार्यकर्मों में बड़े बदलाव होंगे जो सभी के लिए आकर्षक होंगे।
अतिथियों की सीट पर नाम चिट लगी होगी जिससे अव्यवस्था नहीं होगी। अक्सर जनप्रतिनिधियों के साथ आने वाले मंच की सीटों पर बैठ जाते हैं। जनप्रतिनिधियों में विधायक, पूर्व विधायक,सांसद पूर्व सांसद होंगे।
* सांस्कृतिक एवं अन्य प्रस्तुतियां अब मंच पर नहीं होगी। ये मंच के आगे सामने मैदान पर होगी जो मंचासीन अतिथि और आमंत्रित जन अच्छे तरीके से देख पाएंगे। सड़क सुरक्षा और नशे के विरूद्ध खास संदेश देते कार्यक्रम प्रस्तुत होंगे। प्रेस के लिए भी विशेष प्रबंध होगा।०0००0०
मंगलवार, 6 जनवरी 2026
शिवनंदीशाला गौवंश को सर्दी से बचाने की चिंता.अनिल धानुका अध्यक्ष.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 6 जनवरी 2026.
नगरपालिका की श्रीशिव नंदी गौशाला के गौ वंश को भयंकर शीत से बचाने के उपायों के लिए आज दोपहर में प्रबंध समिति के अध्यक्ष अनिल धानुका गौ वंश में घूम रहे थे। मुझे मालुम हुआ तो मैं भी पहुंचा। अनिल धानुका शैडों के बीच खुले में गौववंश के बीच बचाव की सोच में घूम रहे थे। उन्होंने बताया कि अचानक ही आया हूं। पिछले कुछ दिनों से सर्दी भयानक हो रही है। आज कुछ धूप निकली है तो गौ वंश भी धूप का सेवन कर रहे हैं।
धानुका ने बताया कि करीब 1200 गौ वंश यहां शिवनंदी गौशाला में है। धानुका ने बताया कि गौववंश को शीत से बचाने का समुचित प्रबंध है जो और अधिक सुरक्षित किया जाएगा।०0०
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