अनु.जाति का हक मारकर ईओ पूजा शर्मा ने भाभी का प्रमोशन किया. बड़ा प्रमाण और मिला. लेटेस्ट.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 12 मई 2026.नगरपालिका में ईओ पूजा शर्मा ने अपनी भाभी सफाईकर्मी बबीता शर्मा का प्रमोशन किया,जिसके लिए षड़यंत्र रचा और अनुसूचित जाति के कर्मियों का हक मारने में असली रिकॉर्ड की गलत फर्जी रिकॉर्ड नोट बनाया। यह घोटाला मामला अनेक बार छपा है लेकिन आज नया तथ्य सामने आया कि ईओ पूजा शर्मा ने नगरपालिका बोर्ड को पहले तो अंधेरे में रखा और फिर बोर्ड की बैठक की रिपोर्ट में षड्यंत्र रचकर प्रस्ताव स्वीकृति के निर्णय में सफाई कर्मियों के नाम नहीं होने के बावजूद अपनी भाभी बबीता शर्मा का प्रमोशन कर दिया। भाभी को अनुचित पदलाभ व आर्थिक लाभ देकर नगरपालिका से धोखा किया व कोष को हानि पहुंचाई।
* षड़यंत्र कैसे रचा?
28 अगस्त 2024 को बोर्ड की बैठक हुई जिसमें प्रस्ताव नं 8 में सफाई शाखा कर्मियों के प्रमोशन का लिखा। नाम नहीं लिखे। नाम लिखे जाते तो भेद खुल जाता। बैठक में प्रस्ताव पढा गया लेकिन नाम चर्चा में भी नहीं बताए गये।
नगरपालिका बोर्ड बैठक की कार्यवाही ईओ द्वारा लिखी जाती है। उसमें स्वीकृति 'निर्णय' महत्वपूर्ण तथ्य होता है। ईओ ने षड्यंत्र तो रचा लेकिन निर्णय में प्रमोशन किए जाने वाले कर्मियों के नाम चूक गई। यानि अपनी भाभी व अन्य के नाम निर्णय में लिखने की बड़ी चूक हो गई। निर्णय में नाम नहीं लिखे गए मगर प्रमोशन कर दिए कि रिकॉर्ड कौन देखता है और खोजबीन के लिए पीछा कोई नहीं करता।
भाभी बबीता शर्मा सफाई कर्मचारी तो लगी लेकिन कभी सफाई के काम पर नहीं लगाई गई। कभी कोई अधिकारी बबीता शर्मा के हाथ में झाड़ू न पकड़ादे इसलिए ईओ ने षड़यंत्र रच कर जमादार पद पर प्रमोशन कर दिया। इसमें अनुसूचित जाति के सफाई कर्मी का हक मारा। बबीता शर्मा के प्रमोशन पर कोई आवाज न उठाए इसके लिए मनोज धौल और मनीन्दर सारसर का प्रमोशन भी कर दिया। ये दोनों अलग अलग युनियनों के लीडर हैं। ये दोनों अवैध प्रमोशन पाकर चुप हो गये। इन सभी प्रमोशन में वरिष्ठता में आगे रहे अनुसूचित जाति के सफाई कर्मचारियों का हक मारा गया। कर्मचारियों में यह भय प्रचारित किया गया कि किसी ने मुंह खोला तो नौकरी से निकाल दिए जाएंगे।
* सभी नेता नेतियां,अनुसूचित जाति संघों के नेता पदाधिकारी, मीडिया अपने स्वार्थों के कारण सब जानते हुए, समाचारों के सामने आने के बावजूद शर्मनाक चुप्पी में हैं।
* मामला प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचा है। यह घोटाला तथ्यों से प्रमाणित है इसलिए जिस समय भी एसीबी या विभागीय जांच होगी तब नौकरियां बचाना मुश्किल होगा।
👍 नगरपालिका बोर्ड बैठक के तत्कालीन अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ( अनुसूचित जाति ) का दायित्व बनता है कि इस प्रकरण में सही तथ्यात्मक सूचना रिपोर्ट उचित कार्वाई के लिए सरकार को भेज कर अनुसूचित जाति के साथ किए अनुचित व्यवहार कार्य को निरस्त करवाए और दोषियों को दंडित करवाए।
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