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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026
गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
उपाध्यक्ष का कमरा मिलेगा या मुकदमा मिलेगा.सूरतगढ़ सेवा सेतु अभियान में उत्पात.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 8 अक्टूबर 2026.
नगरपालिका में सेवा सेतु अभियान में आज कांग्रेस पार्षदों व बाहरी लोगों ने खूब उत्पात मचाया। शिविर हाल में मेजों फाईलों पर चढ गये। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया ने भद्दे,गालियां निकालते ईओ गणपत राम को ललकारा। कुछ पार्षद थे। हरिमोहन सारस्वत ने ईओ को ललकारा। इनके उत्पात से सरकारी कार्य में बाधा रही। लोग काम नहीं करवा सके। एक दिन पहले भी ईओ गणपत राम से उलझे। नगरपालिका में उपाध्यक्ष के लिए कमरा आवंटित करने की मांग थी। ईओ ने 7 अक्टूबर को कह दिया था कि नियमों में उपाध्यक्ष के लिए कमरा दिए जाने का प्रावधान नहीं है। नगरपालिका में माकपा की एकमात्र मैनारानी पत्नी सफी मोहम्मद पार्षद निर्वाचित हुई। भाजपा की ज्योतिकंवर एक वोट अधिक लेकर अध्यक्ष चुनी गई। इसके बाद कांग्रेस ने अपना समर्थन उपाध्यक्ष पद पर माकपा को दिया जिससे मैनारानी उपाध्यक्ष चुनी गई। अब कांग्रेस और माकपा व बाहरी लोग उपाध्यक्ष को कमरा दिए जाने की मांग हल्ला बोल से दबाव डाल कर पूरी करवाना चाहते हैं। असल में भाजपा की अध्यक्ष ज्योतिकंवर उनको सहन नहीं हो रही।
परसराम भाटिया ने आज शिविर में खूब हंगामा किया। यह सारा मामला सरकार व नगरपालिका प्रशासन को चुनौती वाला बन गया है। आज घटना के जो विडिओ ग्रुपों में यूट्यूब पर वायरल हुए हैं उससे तो लगता है कि सरकार इसे गंभीरता से लेगी और कमरा कब मिले या ना मिले,मुकदमा मिल सकता है।
* आज यह हंगामा लोगों में शहर में हर जगह चर्चा में रहा। परसराम भाटिया और हरिमोहन सारस्वत की अधिक चर्चा थी कि इन्होंने ईओ से अभद्रता करते सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई।
* हरिमोहन सारस्वत व सफीमोहम्मद पर एक मुकदमा 6 सितंबर 2018 की घटना एसडीएम कोर्ट में भीड़ को घुसाने का है। जिसमें सीआई निकेत कुमार पारीक का सिर फूटा। मुकदमा नं. 434 भारतीय दंड संहिता की धाराएं 307,332,353,336,109,153,147,149,120 बी लगाई गई।
हरिमोहन पर एक मामला राजकीय चिकित्सालय के प्रभारी से उलझने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का और है।अब मुकदमा दर्ज होता है तो सरकारी कार्य में बाधा डालने का तीसरा मामला होगा।
* परसराम भाटिया पर अनेक आरोप भ्रष्टाचार के हैं। कांग्रेस राज में सरकार ने 120 दिन अध्यक्ष नियुक्त किया तब भ्रष्टाचार करते नियम विरुद्ध पट्टे जारी किए। पंप हाऊस मुफ्त में पट्टा बनाया। शहर से बाहर के लोगों को,सरकारी अधिकारियों को गलत पट्टे दिए। लाईट खरीद घोटाला किया। कुछ मुकदमे विचाराधीन हैं।
* प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस पार्षद कृष्ण बेनीवाल उर्फ कीनिया पर पिछले बोर्ड में पार्षद रहते अपनी माता के नाम नियम विरुद्ध पट्टा लेने का मामला जांच में चल रहा है।
👍 आशंका है कि प्रशासन सख्त एक्शन ले सकता है और मुकदमा हो सकता है। शिविर प्रभारी की ओर से मुकदमा हो सकता है। जिला प्रशासन का अधिकारी भी घटना की जांच और भावी सुरक्षा के लिए निरीक्षण करने आ सकते हैं।
👌मुकदमा हुआ और जांच में सरकारी कार्य में बाधा प्रमाणित हुआ तथा अदालत में चालान हुआ तो आरोपी पार्षद माकपा उपाध्यक्ष को कमरा दिलाने के चक्कर में सदस्यता से सस्पेंड हो सकने के खतरे में फंस जाएंगे। परसराम भाटिया यह सब करवा रहे हैं, उनका कुछ बिगड़ने वाला नहीं क्योंकि वे तो पार्षद चुनाव में हारे हुए हैं।०0०
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शनिवार, 18 अप्रैल 2026
भ्रष्टाचारियों का सजा काल,जेल में बुढापा.बुरे दिन!
* करणीदानसिंह राजपूत *
भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार करने वालों पर खुला लिखने की अनेक की आदत है। उनकी कोशिश यही रहती है कि घटनाओं की फोटो लगाई जाए, तथ्य लगाए जाएं, तथ्य दिए जाएं,दस्तावेज भी हों उनका उल्लेख भी हो,और यह लगभग रिपोर्ट में होता है।
*नेता लोग जो अपनी-अपनी दुकानें चलाते हैं, वे भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर चुप रहते हैं। उनकी दुकान जिस तरीके से चले केवल उस एक सब्जेक्ट को अपनी जरूरत के हिसाब से लेते हैं। उसे जोड़ते हैं बाकी जनता का अहित होता रहे, भ्रष्टाचारी लोग जनता को लूटते रहें, उस विषय पर उन घटनाओं पर समाचारों पर नेता चुप रहते हैं।
किसी भी पार्टी का नेता हो नेतियां हों भ्रष्टाचार पर चुप ही रहते हैं।उनके रवैये से ऐसा महसूस होता है कि उनका गरीब और पीड़ित से कोई लेना-देना नहीं है। पीड़ित की सेवा करना, समाज सेवा करना जो कुछ कहते हैं वह केवल हवाई बातें हैं।
कोई ठोस कार्य किया हो भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाई हो तो नेताजी की डायरी पूरी तरह से खाली मिलती है। जनता की पीड़ाओं पर नेता और नेतियां किसी दफ्तर में साथ नहीं जाते,काम नहीं करवाते। उनके भरोसे पीड़ित गरीब चक्कर काट काट करके थक जाता है। नेताओं को गरीबों के मंच चाहिए। गरीब पीड़ाओं में जब मंच लगता है, धरना लगाता है,प्रदर्शन करता है तब अचानक कोई नेता और कोई नेता वहां जरूर पहुंच जाते हैं। अनेक धरना और प्रदर्शन तो ऐसे होते हैं जिनके विषय के बारे में नेता नेतियों को पूरा पता नहीं होता लेकिन वे वहां एक साथ अनेक भी पहुंच जाते हैं। विभिन्न पार्टियों के एक साथ पहुंच जाते हैं। जब सवाल आता है कि अगले दिन किसी दफ्तर में जाना है, किसी अधिकारी से मिलना है, किसी अधिकारी के भ्रष्टाचार पर उसको फटकारना है तो नेताओं का बहाना होता है कि उनका काम निकल आया और वे शहर से बाहर चले गए। गरीब के साथ लगभग ऐसा होता रहता है। गरीब पीड़ित के साथ दफ्तरों मैं बैठे अधिकारी कर्मचारी तो ठगी करते ही हैं लेकिन नेता नेतियां भी ठगी करते शर्म नहीं करते।
गरीब को लूटने वाले गरीब को ठगने वाले धोखा देने वाले भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध लिखना अनेक चाटुकारों को बुरा लगता है लेकिन आश्चर्य यह है कि उनको भ्रष्टाचार करना बुरा नहीं लगता और भ्रष्टाचारी भी बुरा नहीं लगता। अनेक मामलों में नेता नेतियां भ्रष्टाचारियों के साथ खड़े होकर फोटो खिंचवाने में अपने आप को आनंदित महसूस करते हैं।
* यह प्रमाणित मानकर चलना चाहिए कि राजस्थान में लगभग रोजाना ही कोई ना कोई भ्रष्टाचारी रंगे हाथों भ्रष्टाचार निरोधक टीम के द्वारा किसी न किसी जगह पकड़ा जाता है।
* भ्रष्टाचार का अंत निश्चित रूप से होता है। भ्रष्टाचारी के अंतिम दिन जो लगभग अधेड़ अवस्था या वृद्धावस्था में होते हैं वे दिन जेल के अंदर बीतते हैं और बहुत बुरे हालातो में बीतते हैं। अब जो भ्रष्टाचार कर रहे हैं। जनता को पीड़ित कर रहे हैं। वे चाहे स्त्री हों या पुरुष हों, किसी भी पद पर हों उनका अंत भी किसी न किसी दिन अवश्य आएगा। कभी ना कभी वे निश्चित रूप से गिरफ्तार होंगे, तब उनको रोना आएगा और उनके चाटुकार हैं वे एक भी उनके पास नहीं आएंगे।
भ्रष्टाचारी किसी भी पद पर हो आय से अधिक संपत्ति में पकड़ा जाता है। उसकी जांच होती है तो वर्षों का खाया पिया लूटा हुआ धन एकदम से उजागर हो जाता है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जांच में कभी कमी नहीं रखता। वह छुपाए हुए हर चल अचल संपत्ति को खोज ही लेता है। उसे जब्त कर लेता है। भ्रष्टाचारी अपने आप को बहुत शातिर समझते हैं, बुद्धिमान समझते हैं, भ्रष्टाचार में पैसे लेने के नए-नए तरीके आजमाते हैं,लेकिन फिर भी पकड़ लिए जाते हैं।
आज जो अपनी कुर्सियों पर बैठे भ्रष्टाचार करते हुए इतराते हैं। अपने जाति और वर्ग के कुछ लोगों का समर्थन देख इतराते हैं,उनका भविष्य भी बुरे दिनों की ओर बढ़ रहा है।०0०
18 अप्रैल 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 62 वां वर्ष,
स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार द्वारा अधिस्वीकृत आजीवन) सूरतगढ़.
94143 81356.
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रविवार, 29 मार्च 2026
बालक को मार डालने की कोशिश. पिता व दादा को आजीवन कारावास की सजा.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 29 मार्च 2026.पत्नी पर शक था कि उससे उत्पन्न बालक किसी और का है और इसी शक में बालक को मार डालने की कोशिशें हुई।
एक कोशिश सूरतगढ़ में की गई। बालक के पिता और दादा ने बाईपास पर सदरथाना भवन के कुछ दूर बालक को ईंट से चोटें पहुंचाई और मरा जान कर बालू में दबा कर चले गये। लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था घायलावस्था में पड़ा बालक बचा लिया गया और उसके पिता और दादा आजीवन जेल की सजा में चले गये।
मानवता को झकझोर देने वाले मासूम बालक की हत्या के प्रयास के बहुचर्चित प्रकरण में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय सूरतगढ़ ने आरोपियों को कठोर दंड देते हुए पिता और दादा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
यह भयानक घटना 17 मार्च 2022 की है। सूरतगढ़ में बाईपास रोड पर रेत के टीलों में एक 7–8 वर्षीय बालक के दबे होने की सूचना पुलिस थाना सूरतगढ़ शहर को टेलीफोन के माध्यम से प्राप्त हुई।
*सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि एक मासूम बालक गंभीर घायल अवस्था में मिट्टी में दबा हुआ पड़ा था। उसके होंठ फटे हुए थे, मुंह पर गंभीर चोटें थीं, जीभ कटी हुई थी तथा पूरा चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था।
पुलिस ने तत्काल बालक को रेत से बाहर निकालकर राजकीय चिकित्सालय सूरतगढ़ में भर्ती कराया। बालक की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे श्रीगंगानगर रेफर कर दिया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीबीएम अस्पताल बीकानेर भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने कई ऑपरेशन कर बालक का जीवन बचा लिया। उस समय बालक बोलने की स्थिति में नहीं था और,आसपास के किसी भी थाने में कोई गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं थी। उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सहायता ली ताकि बालक की पहचान हो सके।
इस प्रकरण में सूचना प्राप्त करने वाले पुलिसकर्मी रामकुमार चौधरी तथा जांच अधिकारी मोटाराम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए तत्परता से कार्य किया और मामले की जांच को आगे बढ़ाया। पुलिसकर्मी रामप्रताप, देवीलाल, धर्मेन्द्र, टीकमचंद और हनुमानराम ने भी बालक के उपचार और देखभाल में संवेदनशीलता दिखाते हुए सराहनीय प्रयास किए।
पुलिस के प्रयासों से सफलता मिली।
बालक की पहचान सूरतगढ़ के खटीक मोहल्ले में किराए पर रहने वाले परिवार का बालक माधव चौधरी पुत्र श्रवण चौधरी निवासी दरभंगा (बिहार) था।
पुलिसजांच में सामने आया कि माधव की मां एक भोली-भाली महिला थी तथा उसके पिता श्रवण चौधरी और दादा रामराशी चौधरी ने शक किया कि यह बच्चा उनका नहीं किसी और व्यक्ति का है। किसी अन्य का बच्चा होने का संदेह करते हुए क्रूरता की पराकाष्ठा करते हुए उस बालक को मारने का प्रयास किया और सुनसान रेत के टीलों में घायल अवस्था में दबाकर छोड़ दिया।
पुलिस ने मामले में सभी साक्ष्य एकत्रित कर बालक के बयान लिए जो बड़े राज खोलने वाले रहे।पुलिस ने चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में अपर लोक अभियोजक संजय सोडा ने पैरवी करते हुए 18 गवाह और 71 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।
* मासूम बालक के बयान*
बालक की माता के दर्द भरे बयान हुए।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मोहम्मद आसिफ अंसारी ने इस संवेदनशील और चर्चित मामले में आरोपियों रामराशी चौधरी पुत्र गोपी चौधरी निवासी दरभंगा (बिहार) तथा श्रवण चौधरी पुत्र रामराशी चौधरी हाल निवासी कालका माता मंदिर सूरतगढ़ को दोषी ठहराते हुए धारा 307/34 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कारावास व ₹50,000 जुर्माना, धारा 325 आईपीसी में 7 वर्ष का कठोर कारावास व ₹15,000 जुर्माना तथा धारा 323 आईपीसी में ₹1,000 जुर्माने से दंडित किया।
निर्णय में न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पिता और दादा पर बच्चे के पालन-पोषण और सुरक्षा की पवित्र जिम्मेदारी होती है, लेकिन आरोपियों ने न केवल इस जिम्मेदारी का त्याग किया बल्कि मासूम के साथ अमानवीय क्रूरता कर सामाजिक विश्वास को भी तोड़ा। न्यायालय ने कहा कि यह अपराध केवल परिवार के विरुद्ध नहीं बल्कि मानवता और विश्वास के विरुद्ध भी है, इसलिए अभियुक्तों को ऐसा दंड दिया जाना आवश्यक है जो अपराध की गंभीरता को दर्शाए और समाज में विधि के शासन को सुदृढ़ करे।
अपर लोक अभियोजक संजय सोडा ने बताया कि इस घटना के दौरान कुछ संवेदनशील नागरिकों ने भी मानवता का परिचय दिया। बालक की स्थिति देखकर महिलाओं, चाय के होटल संचालकों तथा सजग अध्यापक शार्दुल कौशिक ने संवेदनशीलता और सजगता दिखाते हुए मदद की और अपने नागरिक कर्तव्य का पालन किया।
संजय सोडा ने न्यायालय के इस निर्णय को मानवता और न्याय की जीत बताते हुए कहा कि यह फैसला समाज में आपराधिक मानसिकता के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।०0०
सोमवार, 23 मार्च 2026
सूरतगढ़ में सड़कों पर मौत के टैंपो और जुगाड़.
* करणी प्रेस इंडिया *
सूरतगढ़ 23 मार्च 2026.
सड़कों पर मौत के टैंपो चलते मिलेंगे और वेलकम भी लिखे हुए। टैंपो एंगल आयरन लाद कर चलें। जुगाड़ भी चलें। बहुत बड़ी छूट। आश्चर्य तो यह है कि ये मौत वाहन महाराणा प्रताप चौक से निकलते हैं जहां ट्रफिक पुलिस पूरे दिन हर वक्त मौजूद रहती है। बीकानेर रोड व राठी स्कूल के पास और गलियों में जुगाड़ घूमते हैं। हाईकोर्ट ने जुगाड़ पर रोक लगा रखी है और सख्त कार्वाई जब्त तथा टुकड़े कर देने का भी निर्देश है।
टैंपो पर एंगल लदे यह फोटो बीकानेर रोड पर आज 26 मार्च 11-54 बजे का है।०0
बुधवार, 21 जनवरी 2026
श्रीगंगानगर जिले में रात्रिगश्त पुलिस अधिकारी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 21 जनवरी 3026.
श्रीगंगानगर जिले के समस्त 6 पुलिस वृत में पुलिस की रात्रि गश्त के अधिकारियों के नाम और उनके मोबाइल नं जारी किए गये हैं ताकि आवश्यकता एवं सूचना लेने देने आदि के लिए उनसे संपर्क किया जा सके। इसके साथ ही जिला मुख्यालय के पुलिस मोबाइल नं और लैंडलाइन फोन नं भी दिए गये हैं। अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण और पकड़ के लिए जिला पुलिस अधीक्षक अमृता दोहन ने यह एक और कदम उठाया कि आम लोग पुलिस से संपर्क कर सकें।
०0०
बुधवार, 15 अक्टूबर 2025
खतरनाक मुकदमा: परसराम भाटिया कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पर दर्ज.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 15 अक्टूबर 2025.
कांग्रेस पार्टी के सूरतगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष परसराम भाटिया पर गंभीर धाराओं में सिटी पुलिस थाना सूरतगढ़ में मुकदमा दर्ज हुआ है। उक्त मुकदमा
नंबर 499 दिनांक 14 अक्टूबर 2025 को दर्ज हुआ। परसराम भाटिया के अलावा 10 एसडी ( जानकीदासवाला) निवासी पति पत्नी कृष्ण लाल स्वामी और सिलोचना देवी और धर्मदास सिंधी( पार्षद तुलसी आसवानी के पति भी इसमें नामजद अभियुक्त बनाए गए हैं। इन नामजद के अलावा अन्य संपूर्ण मुकदमे के विवरण में नगरपालिका के एक अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र गोदारा, सहायक अभियंता सुशील सियाग, और सहायक राजस्व अधिकारी मनप्रीत कौर भी शामिल बताए गए हैं,जो फर्जी वाड़े में शामिल हैं। इसमें दो गवाह भी आरोपी हैं जिन्होंने पट्टा लेने वाले को सूरतगढ़ का इस भूमि पर निवासी बताया। गवाह कृष्ण लाल पुत्र लिखमीदास वार्ड न 8/25 निवासी और राजेंद्र पुत्र हेतराम वार्ड नं 8/25 निवासी हैं।
*मुकदमें में आरोप लगाया गया है कि षड्यंत्र रच के धोखाधड़ी करके नगर पालिका को नुकसान पहुंचाया गया और कृष्ण सिलोचना को अनुचित लाभ दिया गया। वोटर लिस्ट कूटरचित तैयार हुई जिसमें कृष्ण व सिलोचना को सूरतगढ़ का निवासी बताया गया। दस्तावेज उल्लेख में सूरतगढ़ और 10 एसडी गांव की असली और सूरतगढ़ की नकली तैयार वोटरलीस्ट हैं। इस कूटरचित संपूर्ण कार्रवाई में पट्टा धारक के द्वारा दिए गए आधार कार्ड जन आधार कार्ड भी फर्जी तैयार किए हुए लगाए गए। नगर पालिका की ओर से इन आरोपीअधिकारियों ने षड्यंत्र में शामिल होने के कारण कोई जांच नहीं की। सूरतगढ़ के वार्ड नंबर 25 में 1620 वर्ग फुट का पट्टा नं 494 फ्री होल्ड जारी कर दिया।
परसराम भाटिया कुछ समय 120 दिन के लिए नगर पालिका सूरतगढ़ में अध्यक्ष रहे, तब यह पट्टा जारी किया था।
👌 परसराम पर यह मुकदमा भारतीय जनता पार्टी के नेता नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश कलवा ने दर्ज कराया है,जो बीएनएसएस 2023 की गैर जमाती धाराओं में है। ये धाराएं हैं 318 (4),316 (5),338, 336 (3), 340(2),198,20 और 61(2) हैं। ओमप्रकाश कालवा ने इसमें लिखाया है कि उनके अध्यक्षता काल में यह आवेदन आया लेकिन गलत होने के कारण पट्टा नहीं दिया और बाद में परसराम भाटिया ने यह पट्टा बना दिया।
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परसराम भाटिया पर पहले भी मुकदमें हैं जिसमें पंप हाऊस की जमीन का पट्टा मोनिका नामक महिला को देने का आरोप है, जिसमें जमीन की कीमत भी वसूली नहीं गई। इस मुकदमे के आदेश अदालत ने 25 सितंबर 2025 को दिए थे।
( इस मुकदमे पर और समाचार टिप्पणियां अलग से दी जाएंगी। कालवा ने एक घोषणा की थी कि उनको शिकायतों से मुकदमों से तंग परेशान किया उन सभी के कारनामों फर्जीवाड़ों, घोटालों,पर शिकायतें मुकदमें आदि करेंगे। एक शिकायत डीएलबी में कर चुके हैं जिस पर कार्वाई चल रही है)०0o
गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025
शस्त्र पूजन और अपराधी का बचाव.यह कैसी नीति.
* करणीदानसिंह राजपूत *
शस्त्र पूजन करेंगे और अपराधियों दुराचारियों का बचाव भी करेंगे तथा कोशिश करेंगे कि वे अपने ही शहर में स्थापित रहे ताकि अपने गलत कार्यों में साथ लेते रहें।
शस्त्र पूजन मतलब दुष्टों का संहार की नीति लेकिन दुष्टों को अपने लिए अपने ही शहर में अपने ही क्षेत्र में जिंदा रखेंगे और वे दुष्ट अन्य लोगों को परेशान करेंगे,लूटेंगे तो यह दोहरी नीति तो आम लोगों के जीवनशैली को बहुत ही खराब करने वाली है। राजनैतिक खासकर सत्ता पार्टी के जीते हारे नेता नेतियां अपनी संपत्ति विस्तार और गलत कार्यों में अपना और परिवार का बचाव सुरक्षा के लिए ऐसा व्यवहार करते रहे हैं।
सत्ताधारी नेता भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों का स्थानांतरण तक नहीं होने देते,कानून से दंड दिलवाना तो दूर रहा।
शस्त्र पूजन कर किसी को मारना नहीं है लेकिन इस पूजन नीति की गंभीरता को समझते हुए कानूनी कार्रवाई,निलंबन और स्थानांतरण आदि में तो रोक की कोशिश नहीं होनी चाहिए। ये सभी कार्य बहुत छुपकर किए जाते हैं लेकिन लोगों के सामने किसी तरह से खुल ही जाते हैं। यह भी होता रहा है कि अनेक बार सत्ताधारी नेता नेतियां कोशिश करके भी भ्रष्टाचारी को बचा नहीं पाते। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं नेतियों को समझ लेना चाहिए कि ऐसे गलत कामों में ईज्जत दांव पर होती है और जाते देर नहीं लगती।०0०
विजयदशमी 2 अक्टूबर 2025.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधिस्वीकृत आजीवन)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356.
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रविवार, 27 जुलाई 2025
गैंगस्टर हरि बॉक्सर की विकास गुप्ता सूरतगढ़ को धमकी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेशी क्रिमिनल सदस्य हरि बॉक्सर का नाम राजस्थान में करोड़ों रू.की फिरौती धमकियां में आ रहा है।
हरि बॉक्सर के नाम से विदेशी फोन से राजस्थान के सूरतगढ़ निवासी विकास गुप्ता को बदल बदल नंबरों से कॉलें आई और कॉलें अटैंड नहीं करने पर एक धमकी ऑडियो संदेश व्हाट्सएप पर आया जिसकी भाषा बहुत खतरनाक थी।
विशाल गुप्ता गुप्ता को 16 जुलाई 2025 को कॉल अटेंड नहीं करने पर ऑडियो मैसेज विदेशी नंबर से मोबाइल पर प्राप्त हुआ जो खतरनाक है।
' विशाल गुप्ता फोन उठा ले, बात कर ले, फायदे में रहेगा। मैं हरी बॉक्सर बोल रहा हूं। बात कर ले वरना नहीं तो तेरे को इतना बड़ा नुकसान दूंगा की जिंदगी में कभी उभर नहीं पाएगा।इतनी बड़ी चोट दूंगा,तेरे समझ में नहीं आएगा, जिंदगी भर की यह क्या हो गया।जितना जल्दी हो सके बात कर ले, कांटेक्ट कर ले।
इस संदेश और पूरे विवरण के साथ विशाल गुप्ता (42 वर्ष) पुत्र देशराज गुप्ता निवासी वसंत विहार कॉलोनी वार्ड नंबर 38 सूरतगढ़ ने सिटी पुलिस थाने में देते हुए 26 जुलाई 2025 को
मुकदमा दर्ज कराया है।
विशाल गुप्ता एक जाने माने प्रसिद्ध ठेकेदार हैं। पुलिस में दी रिपोर्ट में विशाल गुप्ता ने लिखाया की 10 जुलाई को 12 डिजिट से व्हाट्सएप पर विदेशी नं से कॉल आई। उसने बात नहीं की। 16 जुलाई को दोपहर में एक अन्य बदले नंबर से दो बार कॉल आई। उसने बात नहीं कीः व्हाट्सएप पर वाहेगुरु लिखा हुआ आ रहा था। 20 जुलाई को वह अपने माता-पिता को लेकर दिल्ली जा रहा था, नोहर के पास पहुंचे तब 12 डिजिट के विदेशी बदले हुए नंबर से कॉल आई। उसने फिर बात नहीं की तब उसी समय एक ऑडियो मैसेज वाट्सएप पर आया जो इस समाचार के ऊपर दिया गया है।
विशाल गुप्ता दिल्ली में अपनी माता का इलाज करवाने के बाद सूरतगढ़ लौटा और पुलिस थाना सूरतगढ़ सिटी में मुकदमा दर्ज कराया जो बीएनएस में धारा 308/4 और 351/ 2 में दर्ज किया गया। इसकी सूचना एसपी कार्यालय को दी गई।
* विदित रहे की हरि बॉक्सर लॉरेंस गैंग का विदेशी सदस्य है जिसके ऊपर राजस्थान में पुलिस पहले से ही मुकदमा दर्ज कर तलाश कर रही है। राजस्थान जयपुर के साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मुकदमे के तहत 13 जुलाई को हरि बॉक्सर गैंग से जुड़े दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।०0०
शनिवार, 12 जुलाई 2025
शिक्षा अधिकारियों नरेश रिणवा और जसवीरसिंह पर एक्शन संभव.
सूरतगढ़. 12 जुलाई 2025.
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेश रिणवा और स्कूल प्रिंसिपल जसवीरसिंह का एक औरत संग रंगरेलियां का मुकदमा दर्ज हो गया है। पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों में जांच कार्वाई होगी। एक्शन में कुछ दिन लगते हैं।
👌 एक स्कूल में अध्यापक और अध्यापिका का स्कूल में ऐयाशी का विडिओ वायरल हुआ। कुछ दिन बाद नोटिस से जवाब मांगा गया। जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं हुआ। पहले सस्पेंड किया और फिर बर्खास्त कर दिया।
👌 एक उप अधीक्षक पुलिस और महिला कांस्टेबल का रंगरेलियां मनाते विडिओ वायरल हुआ। दोनों को नोटिस जवाब और फिर नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
👌 ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नरेश रिणवा और स्कूल प्रिंसिपल जसवीरसिंह का एक औरत संग रंगरेलियां का आरोप मामला अधिक गंभीर है। जसवीरसिंह की पत्नी ने कार में तीनों को पकड़ा। यहां मुकदमा भी हो गया। इसलिए यह प्रकरण अधिक गंभीर हो गया है। पुलिस कैसे बचा सकती है। तीनों का विडिओ, तीनों के मोबाइल काल भी होंगे जो नष्ट नहीं किए जा सकते। शिक्षा विभाग इस पर निश्चय ही जवाब तलब करेगा। शिक्षा विभाग अलग से अपनी विभागीय जांच करवाएगा। जो हालात सामने उजागर हुए हैं और आगे जांच में और खुलासे होंगे तो समिति क्लीन चिट दे ही नहीं पाएगी। शिक्षा विभाग ने पूर्व में अध्यापिका और प्रिंसिपल को बरखास्त किया था उसमें स्पष्ट लिखा था कि शिक्षा विभाग में ऐसे आचरण वाले नहीं चाहिए। विभाग की बदनामी होती है।
यहां जो प्रकरण है वह अधिक गंभीर है। शिक्षा विभाग की ओर से भी निश्चित रूप से कार्वाई ही होगी। नरेश रिणवा तो सूरतगढ़ में काफी वर्षों से हैं इसलिए अन्यत्र स्थानांतरित भी किए जा सकते हैं। इस मामले कि बड़ी रिपोर्ट प्रकाशित कर दैनिक भास्कर ने तो आज बम सा फोड़ दिया।०0
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कांग्रेसी नेता विनोद चौधरी पिस्तौल सहित गिरफ्तार.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़,12जुलाई 2025.
जिला विशेष टीम और सूरतगढ़ पुलिस का संयुक्त अभियान होटलों पीजी हास्टलों,आदि की निरीक्षण की कार्वाई का एक अभियान 10 जुलाई को चलाया गया।
* जिला विशेष पुलिस टीम की संयुक्त कार्वाई में एएसआई शिवलाल मीणा के नेतृत्व में एल.आई.सी.के पास सरदारगढ़ के हाल वार्ड नं 1 सूरतगढ़ निवासी याकर हुसैन (33) पुत्र सलवारे खां को एक देसी पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया।याकर पर आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।
* कांग्रेस नेता (पूर्व छात्र नेता) विनोद कुमार चौधरी (35) पुत्र भागीरथ जाट निवासी हाल वार्ड नं 10 सूरतगढ़ को भी एक देसी पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी नेशनल हाईवे पर हनुमान मंदिर के पास हुई। ए एस आई रणवीरसिंह के नेतृत्व में विनोद चौधरी को गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही टीम में कांस्टेबल रमेश, गुलाब सिंह, नटवर, व महेश यादव थे।०0०
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मंगलवार, 1 जुलाई 2025
सूरतगढ़:अपराधियों को 10 वर्ष कैद व 2 लाख रु जुर्माना.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 1 जुलाई 2025.
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मोहम्मद आसिफ अंसारी ने दिनांक 26.2.2017 को घटित घटना जिसमें अमरजीत निवासी दो जी एस तहसील सूरतगढ़ को आपसी रंजिश को लेकर कारीत घटना जब अमरजीत खेत में बनी झोपड़ी में खेत की रखवाली के लिए सोया हुआ था, इस दौरान दयाल प्रकाश उर्फ प्रकाश पुत्र गोपी राम निवासी 4 बी के एस एम, प्रभु राम पुत्र लालचंद निवासी एक जी एम, चंद्रभान पुत्र भागीरथ निवासी 4 बीकेएसएम , मोहन राम पुत्र बाबूराम निवासी भोजेवाला के द्वारा लाठी और गड़ासी से की गई गंभीर मारपीट,पालसिंह और जसवीर कौर द्वारा बीच बचाव करने पर उनके साथ भी मारपीट की, उसके बाद में घायल अमरजीत को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया और इलाज चला, उक्त घटना के संबंध में दर्ज मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक श्री संजय सोडा ने प्रभावी पैरवी की।
यह मामला करीब 8 वर्षों तक न्यायालय में विचाराधीन रहा, जिसमें अभियोजन ने सभी आवश्यक गवाहों और सबूतों को अदालत में प्रस्तुत किया। अदालत ने धारा 458,447,323,325/34 के अंतर्गत चारों आरोपियों को दोषी पाते हुए सभी को 10 वर्ष साधारण कारावास व 2 लाख रु अर्थ दंड की सजा सजा सुनाई। अर्थ दंड में से डेढ़ लाख रुपये पीड़ित अमरजीत सिंह को क्षतिपूर्ति के तौर पर न्यायालय ने दिए जाने का भी फैसला दिया, सजा सुनाने के साथ ही सभी दोषीयो को तुंरत न्यायिक हिरासत में भेजा गया।०0०
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सो रहे नेता, जाग रहे चोर नशा अपराधी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 1 जुलाई 2025.
सूरतगढ़ के घरों में आए दिन चोरियां हो रही है। लाखों रूपये के गहने नगदी नोट ऐसे ले जा रहे हैं, मानों वे पहले रख कर गये हों। ये चोरियां कौन कर रहा है?
सूरतगढ़ में मोटर साईकिलें ऐसे ले जाते हैं जैसे उनका ही हो। आसपास टहलते हैं। मोटरसाइकिल पर बैठते हैं,स्टार्ट करते हैं और लेकर बिना किसी भय के निकल जाते हैं।
👌 बड़े शाही तौरतरीकों से हो रही है चोरियां और उड़ाए जा रहे हैं, मोटर साईकिल।
कौन चुरा रहा है? कौन है चोरों का हेल्पर?
👌हर ओर से आवाज आ रही है।सूरतगढ़ में नशा बढ रहा है। कौन बेच रहा है और कौन बिकवा रहा है?
👍 सभी अपराध बड़े आराम से हो रहे हैं। इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि चोरियाँ कौन करवा रहा है? नशा कौन बिकवा रहा है? नशा करने वाले माध्यम से ही पकड़े जा सकते हैं नशा बेचने वाले।
* अपराधियों में भय.आम जन में विश्वास का पुलिस का यह स्लोगन कमजोर पड़ रहा है। अपराध का शिकार हुआ व्यक्ति और परिवार इस स्लोगन पर विश्वास कैसे करे जब लाखों का सामान गहने चोरी हो गये हों।
* सभी सवालों का एक ही उत्तर है कि नेता सो रहे हैं इसलिए अपराधी जाग रहे हैं। नेता जागते रहते हैं तो पुलिस जागती रहती है।
** कुछ दिन पहले कुछ नेता थानाधिकारी दिनेश सारण से चोरी बरामदगी के लिए कहने गये थे। विडिओ में ऐसे लग रहा था कि ये नेता वहां बातचीत करने गये थे और बातचीत करके लौट आए। उसके बाद बड़ी चोरियों की कई घटनाएं हो गई। पहले नेताओ का जनप्रतिनिधियों का भय रहता था। नेता जागते रहें तो पुलिस भी नींद नहीं लेती। यहां तो लगता है कि पुलिस के मुखबिर भी नींद ले रहे हैं। हालात को नियंत्रित करने चोरियां रोकने और बरामद करने लोगों को नशा बेचने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस रात के साथ दिन में भी जागे। ०0०
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मंगलवार, 17 जून 2025
एसीबी आपके कार्यालय में.आप पर नजर।
* करणीदानसिंह राजपूत *
एसीबी की गिरफ्तारी से पहले सरकारी अधिकारी हो या कर्मचारी काम कराने के लिए आने वाले आदमी को आदमी ही नहीं समझते। सीधे बात नहीं करते। चक्कर पर चक्कर कटवाते हैं। भयानक गर्मी हो लू के छपेड़े हो,भयानक सर्दी हो,50-60 साल के आदमी को भी दफ्तर के चक्कर कटवाते हैं।
👌अधिकारी लाट साहब दफ्तर के समय में दफ्तर में नहीं विराजते। वे मन में आए जब आते हैं और मन में आए जब दफ्तर छोड़ जाते हैं।कुछ तो ऐसे हैं कि दो-दो तीन-तीन दिन दफ्तर में नहीं आते। गायब रहते हैं। दफ्तर में किसी कर्मचारी को पूछें तो कहा जाता है कि मालूम नहीं है साहब आएंगे या नहीं। हालत बहुत खराब है।
👌 राजस्थान में भारी भरकम वेतन और अनेक सुविधाएं होते हुए भी सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के पेट नहीं भरते। उनकी पेप भराई उस दिन होती है जब एसीबी ट्रेप करती है। रंगे हाथों गिरफ्तार करती है। रिश्वत लेते ही रासायनिक घोल से हाथ धुलवाती है।
* अनेक लोगों को पता नहीं है कि एसीबी की गिरफ्तारी के समय अच्छे खासे शरीर से पुष्ट स्त्री हो या पुरुष उनको सर्दी लगने लग जाती है। अनेक लोगों को पेशाब की लैट्रिन की हाजत तक हो जाती है। लेकिन एसीबी सबसे पहले हाथ धुलाने का कार्य करती है। सूरतगढ़ में एक पुलिस उप अधीक्षक कुछ साल पहले एसीबी ने गिरफ्तार किया था तब उनको सर्दी लगने लगी और कंपकंपी छूट गई। उनको कंबल ओढाया गया था। रिश्वत के रूपये कुल्हे के नीचे दबाए। जो ड्रेस की पेंट पहनी हुई थी वह भी जब्त की गई थी।
👌अधिकारी या कर्मचारी किसी भी जाति का हो किसी भी समाज का हो कितने भी रसूख रखने वाला हो,एसीबी की ट्रेप कार्यवाही होने पर कोई भी उसे बचा नहीं पाता। जब गिरफ्तारी होती है तब कोई नजदीक भी फटकाना नहीं चाहता। जिसकी गिरफ्तारी होती है उसका चेहरा देखने वाला होता है। गोरे रंग का व्यक्ति भी पल भर में सांवला और काला नजर आने लग जाता है। चेहरे का रंग उड़ जाता है।संज्ञा शून्य हो जाता है।
* पैसे लेते रिश्वत का कहते वक्त काम कराने वाले को इतना डराया जाता है कि वह पैसा देने के लिए रिश्वत देने के लिए मजबूर हो जाता है। और अनेक लोग ऐसे हैं जो इस पीड़ा दंडनीय बनाने का कदम उठाते हैं, रिश्वत देने के बजाय एसीबी से संपर्क करते हैं।
एसीबी के जाल में फंसा व्यक्ति तड़पता बहुत है, लेकिन उसके मुक्ति अदालत से सजा के बाद ही होती है। सोचिए कि 30- 40 - 45 साल की उम्र में जो पकड़ा जाता है,कुछ वर्ष अदालत के अंदर मुकदमे के लग जाते हैं और जब सजा होती है तब वह 50-60 साल का बुड्ढा होता है। अब सोचें कि उस उम्र में सजा होती है तब उसकी पीड़ा क्या होती होगी? यह अनुमान लगाया जा सकता है।
👍 एसीबी द्वारा गिरफ्तारी की खबरें घटनाएं अखबारों में छपती हैं चैनलों पर खूब चलती हैं और इसके बावजूद भी अधिकारी और कर्मचारी अपने आप में सुधार नहीं करते।
** वे सोचते हैं कि उनके खास चमचे,जाति समाज के लोग, ठेका लेने वाले दलाल आदि लोग ज्यादा प्रभावशाली है और वह कभी भी गिरफ्तार नहीं हो सकते। दलाल के माध्यम से रिश्वत लेंगे। किसी व्यक्ति के माध्यम से लेंगे तो पकड़े नहीं जाएंगे लेकिन उनको मालूम होना चाहिए कि रिश्वत किसी के भी माध्यम से ली जाए एसीबी का फंदा उनके गले तक पहुंच ही जाता है।
* विभाग के कार्यालय में एसीबी कब किस रूप में पहुंच जाए, भेष बदल कर पहुंच जाए, यह मालूम नहीं पड़ता। अधिकारी का ट्रैप होता है तब उसके होश उड़ जाते हैं।
*आप सरकारी कर्मचारी हैं या अधिकारी हैं तो सावधान रहें। जनता का काम समय पर करें और रिश्वत लेने की कभी सोचें भी नहीं,क्योंकि आपके सभी रिश्तेदारों मित्र दलालों नेताओं नेतियों के अधिकार से एसीबी की पावर सबसे अधिक है। अपना और परिवार का भला चाहते हैं तो अच्छे बने रहिए।०0०
लेख. 17 जून 2025.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार ( राजस्थान सरकार से अधि स्वीकृत लाईफटाईम)
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356.
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एसीबी.हेतराम ढालिया की गिरफ्तारी रिपोर्ट.
* करणीदानसिंह राजपूत *
श्रीगंगानगर 17 जून 2025.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्रीगंगानगर की प्रथम इकाई ने आज पंचायत समिति के सहायक लेखाधिकारी हेतराम ढालिया को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने ग्राम पंचायत चुनावढ़ के दो विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने की एवज में रिश्वत मांगी थी।
श्रीगंगानगर एसीबी के उपाधीक्षक भूपेंद्र कुमार सोनी ने बताया कि एसीबी मुख्यालय जयपुर के अनुसार, परिवादी राजेश कुमार ने शिकायत दी कि चुनावढ़ सरपंच प्रशासक निशा रानी की ओर से कामकाज देखने के दौरान वह ढालिया से मिला। पंचायत क्षेत्र में दो पाइपलाइन कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति दिलवाने के बदले में ढालिया ने 18,000 रुपए रिश्वत मांगी, जो कार्यों की कुल लागत (15 लाख रुपए) का एक प्रतिशत था। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने उप महानिरीक्षक राजेश सिंह के निर्देशन में एएसपी पवन कुमार मीणा और उप अधीक्षक भूपेंद्र कुमार सोनी के नेतृत्व में ट्रेप कार्यवाही की योजना बनाई। इस दौरान हेतराम ढालिया को परिवादी से 15,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ०0०
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एसीबी के अगले शिकार आप.ये बचा लेंगे?
* करणीदानसिंह राजपूत *
राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो नगरपालिका, पुलिस, राजस्व विभागों पर खास नजर रखे हुए है। इन विभागों के अधिकारी कर्मचारी कोई न कोई लगभग रोजाना ही रिश्वतखोरी में गिरफ्तार किए जा रहे हैं।
* यदि आप गैरकानूनी कर रहे हैं या कर रही हैं तो यह मानकर चलें कि किसी दिन घड़ी की सुईयां उलटी घूम जाऐंगी। एसीबी अचानक घुसती है और एक मिनट में ही होश गायब हो जाते हैं। एसीबी महिला अधिकारी और कर्मचारी पर भी मेहरबानी नहीं करती,गिरफ्तार ही करती है।
👍 छापे और गिरफ्तारी से लेनदेन करने वाले,दलाल बिचौलिए, रिश्तेदार, जानकार और दोस्त नहीं बचा सकते,जिनके लिए उलटे गैरकानूनी कार्य किए जाते हैं। अपनी जाति समुदाय वाले भी सभी झूठे निकल जाते हैं। जिनको लाभ पहुंचाने के लिए गड़बड़ी की जाती है।
👍 अधिकारियों कर्मचारियों को यह बड़ा वहम होता है कि मेरे जानकार दोस्त मित्र हम प्याला आंच नहीं आने देंगे लेकिन जब छापा पड़ता है तब सभी दूर खड़े तमाशा सा देखते रहते हैं। ठेकेदारी करने वाले मीडिया दोस्त ही फोटो विडिओ उतारते हैं।
👍 कुछ समझ में आया? चलो,यह पढकर समझ में नहीं आया है तो एसीबी वाले आएंगे और समझाएंगे।०0०दि. 17 जून 2025. करणीदानसिंह राजपूत, पत्रकार, ( राजस्थान सरकार से मान्यता लाईफटाईम) सूरतगढ़.
मो.94143 81356.
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नगरपालिका ईओ पर एसीबी के छापे.
* करणीदानसिंह राजपूत *
17 जून 2025.
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी फतेह सिंह मीणा के पास आय से 273% अधिक संपत्ति मिली, जयपुर में 80 लाख का फॉर्म हाउस, दो लग्जरी फ्लैट समेत ये मिला
👌 भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार सुबह पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। मामला आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा है।
जयपुर एसीबी ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका में कार्रवाई की है। यहां पदस्थापित अधिशासी अधिकारी फतेह सिंह मीणा के खिलाफ एसीबी ने ऑपरेशन मनी मीटिंग चलाया।
एसीबी ने जांच में पाया कि फतेह सिंह ने आय से 273 फीसदी अधिक संपत्ति अर्जित की है। एसीबी ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन मनी मीटिंग’ नाम दिया। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी की अगुवाई में की गई। दस्तावेज पावटा, विराटनगर और थानागाजी से जब्त किए गए हैं।
फतेह सिंह ने कितनी अर्जित की संपत्ति
-एक करोड़ 30 लाख रुपए के दो लग्जरी फ्लैट
-नीमकाथाना में 1.05 हेक्टेयर कृषि भूमि
-अलवर के रघुनाथसर में करीब 15 बीघा जमीन
-राजधानी जयपुर में फॉर्म हाउस डेवेलप कर करीब 80 लाख रुपये की बेनामी संपत्ति
-एसीबी ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्ता सूचना और सतर्कता रिपोर्ट के आधार पर की गई
एसीबी जुटा रही दस्तावेज
ईओ फतेह सिंह मीणा के जयपुर में जगतपुरा स्थित फ्लैट, थानागाजी स्थित निवास, गढ़ बसई स्थित फॉर्म हाउस पर एसीबी की छापेमारी जारी है। फतेह सिंह के करीबी प्रमोद कुमार के कोटपूतली स्थित निवास, नजदीकी व्यक्ति कैलाश गुर्जर के शाहपुरा स्थित निवास, ईओ के पावटा की त्रिवेणी सिटी स्थित किराए के मकान, पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका में ईओ के दफ्तर पर भी छापेमारी जारी है। नगर पालिका पावटा, विराटनगर, उप पंजीयक कार्यालय और थानागाजी से भी एसीबी की टीमें दस्तावेज जुटा रही हैं।०0०
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रविवार, 15 जून 2025
पानादेवी देवी का पट्टा:बाबूसिंह की शिकायत बड़ी आफत.
* करणीदानसिंह राजपूत *
* 2003 से कितने अध्यक्ष,ईओ पर जांच की आफत होगी.
ईओ पूजा शर्मा ने 20 फरवरी 2024 को कार्यभार ग्रहण किया और 22 वें ही दिन पानादेवी को ईडब्ल्यूएस हाऊसिंग स्कीम क्षेत्र में कच्ची बस्ती नियमन में पट्टा जारी कर दिया। इससे पूर्व एईएन मेजरसिंह की अतिक्रमण की जांच रिपोर्ट होगी। किन्हीं दो ने अतिक्रमण अवधि और पानादेवी की रिहायश होने के हल्फनामे भी दिए हैं। इसके बाद लेखाविभाग ने राशि आकलन किया। इसके बाद ईओ ने हस्ताक्षर किए और उसके बाद फाईल अध्यक्ष के आगे पेश हुई और स्वीकृति हुई। अब इस गड़बड़ी में एफआईआर होती है तो उसमें पानादेवी, 2 हल्फनामे देने वाले,एईएन मेजरसिंह, ईओ पूजा शर्मा, अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा के नाम होंगे।
* बाबूसिंह खीची की शिकायत में लिखा है कि ईओ और एईएन को सस्पेंड किया जाए। एईएन मेजरसिंह की तो कुछ ही दिनों में सेवा निवृत्ति होने वाली है। क्या बाबूसिंह खीची सेवा निवृत्ति से पहले मेजरसिंह को आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी करवा सकेंगे।
* जांच शुरू की जाने से पहले आरोपितों ईओ और एईएन को सूरतगढ़ से हटाना जरूरी है ताकि वे जांचको प्रभावित या बाधित नहीं कर सकें। ईओ पूजा शर्मा डीएलबी जयपुर के अधिकारियों तक पहुंच रखती है इसलिए उनको सस्पेंड कराना या सूरतगढ़ से हटवा पाना संभव नहीं लगता।
** बाबूसिंह खीची के साथ यह गेम खेलने वाले और लोग होने का आभास हो रहा है और वे पावर प्रेशर वाले हुए तो ईओ एईएन को हटवा भी सकते हैं।
गेमपार्टी होने का एक प्रमाण यह आ रहा है कि बाबूसिंह ने सूचना के अधिकार में दस्तावेज 13 मई 2025 को मांगे। यह अवधि 30 दिन यानि 12 जून तक थी। लेकिन उससे पहले ही शिकायत में ईओ पर आरोप लगाया कि वह दस्तावेज दे नहीं रही है। यह जल्दबाजी ही बता रही है कि यह एक बड़ा नियोजित गेम है जिसमें ईओ पूजा को निशाना बनाया गया है। संभव है कि इस गेम में इसी विभाग का ही कोई अधिकारी या कर्मचारी भी है। परसराम भाटिया और ओमप्रकाश कालवा की लड़ाइयां भी इसमें संभव लग रही है।
* अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीनानाथ बब्बल जांच समिति के अध्यक्ष हैं और ईओ एईएन को सूरतगढ़ से हटाने के लिए जिलाकलेक्टर को लिखें। जांच समिति संपूर्ण क्षेत्र को चिन्हित कब कराएगी और कब मौके पर पहुंचेगी?
👍पानादेवी का अतिक्रमण वहां कम से कम 15 साल से था। 2009-2010 से था। प्लानिंग क्षेत्र में से उसका और अन्य लोगों का अतिक्रमण हटाया क्यों नहीं गया? एक बड़ा सवाल है।
👌 सूत्र यह बता रहे हैं कि सन् 2003 से वहां पट्टे जारी होने लगे थे। 2003 से अब तक कितने अतिक्रमण नियमन कर पट्टे जारी कर दिए गए? इस अवधि 2003 से अब 2025 तक कौन कौन अध्यक्ष और ईओ सूरतगढ़ में गलतसलत कर गये?०0०
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