रविवार, 24 मई 2026

भूखंड नीलामी पर HC की रोक मामला. राजेंद्र तनेजा ने 35 साल पूर्व खरीदे 6 भूखंडों की जमीन मांगी. रिपोर्ट.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 24 मई 2026.नगरपालिका सूरतगढ़ भूखंड नीलाम कर बेचती है लेकिन बाद में जमीन नहीं देती। ऐसे अनेक मामले हो चुके हैं जिनमें करीब एक सौ खरीदारों के कुल करोड़़ों रूपये लिए हुए हैं। अनेक मामलों में सन् 1991 का मामला सबसे पुराना यानि की 35 साल पहले का है जिसके खरीदारों ने अपनी जवानी में अपने घरों की योजनाएं बनाई और वे भटकते हुए आज वृद्धावस्था में पहुंच गये लेकिन नगरपालिका ने जमीन उपलब्ध होते हुए भी उनको जमीन नहीं दी तथा और नयी नीलामी से बेचती रही।

* एडवोकेट राजेंद्र तनेजा रोटरी क्लब के सूरतगढ़ संस्थापक एवं अनेक समाजसेवा कार्यों में लाखों रूपये लगाने वाले प्रसिद्ध व्यक्ति हैं जिन्होंने सन् 1991 में नगरपालिका से नीलामी में 6 आवासीय भूखंड खरीदे। 

* नगरपालिका प्रशासन में अनेक अधिकारी आए,बोर्ड भी आए लेकिन किसी ने भी राजेंद्र तनेजा को जमीन नहीं दी और परेशान करते रहे। राजेंद्र तनेजा द्वारा जमीन का यह संघर्ष चलते अब 35 साल हो गये।

* सन् 2025 में राजेंद्र तनेजा ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई। उच्च न्यायालय में नगरपालिका भी हाजिर हुई। उच्च न्यायालय में नगरपालिका ने अपना जवाब दिया। उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना और राजेंद्र तनेजा के पक्ष में निर्णय दिया। 

उच्च न्यायालय ने नगरपालिका को आदेश दिया कि जमीन खोजी जाए और राजेंद्र तनेजा को दी जाए।

* नगरपालिका प्रशासन ने राजेंद्र तनेजा को राजीव गांधी मार्केट योजना में जमीन बताई। तनेजा ने कहा कि मेरे भूखंड आवासीय हैं सो आवासीय भूमि दी जाए।

* नगरपालिका के पास सब रजिस्ट्रार कार्यालय के पास 7 आवासीय भूखंड की जमीन उपलब्ध थी जो तनेजा को दी जा सकती थी लेकिन उसको नीलामी से बेचने का कार्यक्रम जारी कर दिया जिसकी ई नीलामी शुरू हो गई।

* नगरपालिका प्रशासन ने उच्च न्यायालय का आदेश सन् 2025  नहीं माना और आवासीय  जमीन उपलब्ध होते हुए भी तनेजा को देने के बजाय नीलामी शुरू करदी। इस पर तनेजा ने राजस्थान उच्च न्यायालय में फिर याचिका लगाई जिसमें सन् 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को आधार बनाया। उच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई शुरू करते हुए नीलामी पर स्थगन आदेश जारी किया।

* नगरपालिका के अधिकारियों को खरीदारों के प्रति शुद्ध व्यवहार रखना चाहिए जो लाखों रू करते करते करोड़ों रुपये जमा कराते हैं। 

* नगरपालिका ने सन् 2024 में जाखड़ावाली के विवेकानंद स्कूल को जमीन दी है जो सन् 1997 में आवेदन और 2005-6 में रकम जमा कराई गई थी। राजेंद्र तनेजा के 6 आवासीय भूखंडों की जमीन का मामला तो इस स्कूल से भी 15 साल पुराना है। शहर का सबसे पुराना मामला 35 साल पुराना। अब नगरपालिका का कोई बहाना चलेगा नहीं। नगरपालिका प्रशासन अपने व्यवहार में बदलाव कर नागरिकों के प्रति,जमीन खरीदारों के प्रति शुद्ध सुचिता व्यवहार कायम कर प्राप्त रकमों से विकास में रूचि ले।०0०









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