बुधवार, 27 मई 2026

क्या कांग्रेस सूरतगढ़ को बरसाती पानी के खतरे से बचा पाएगी?


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 26 मई 2026.मानसून की बरसात से पहले 12 जून तक नाले नालियां एक दम साफ की जाने के सख्त निर्देश हैं और शहर के नाले नालियां कचरे गंदगी से भरे हैं। बारह जून तक बरसाती पानी निकासी का प्रबंध पक्का हो जाना यहां असंभव लग रहा है क्योंकि अभी हर वार्ड में नाले नालियां गाद से भरी पड़ी हैं। गौरवपथ और रेलवे रोड,महाराणा प्रताप चौक क्रोसिंग नाला और सुभाष चौक क्रोसिंग नाला के लिए तो नगरपालिका प्रशासन ने जिद्द ही कर ली है कि लाख शिकायतें करो,इनको साफ करना ही नहीं है। यह जिद्द अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की है जिसने यहां निरीक्षण तक नहीं किया बल्कि सफाई निरीक्षक ने भी निरीक्षण नहीं किया। नगरपालिका ने रात्रि सफाई का नाटक एक बार फिर शुरू किया है जिसमें एक क्षेत्र की सड़क की ही सफाई की जाती है। जिन नालों पर तीन मौतें हो चुकी है उनके बारे में अभी सब चुप हैं। 

* पीएम नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान यहां फेल है जिस पर नगरपालिका की ईओ को भय नहीं है क्योंकि भाजपा और उसके नेता ही नहीं बोल रहे। पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया यहां राजकाज का संचालन कर रहे हैं। नगरपालिका के खासकर ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचार और कर्त्तव्य पर वे चुप हैं। हालांकि इस चुप्पी पर शहर में बदनामी भी हो रही है। उनको गलतफहमी भी हो रही है कि कुछ दो चार ही विरोध करते हैं। शहर उनके साथ है। अब यह समझने वाली बात है कि शहर ने विधानसभा चुनाव में जो रोल किया था उसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। शहर ने कासनिया को बुरी तरह से हराकर कांग्रेस के डुंगरराम गेदर को जिताया था। शहर रत्ती भर भी कासनिया की तरफ नहीं हुआ है। हां चंद लोग हैं जिन्होंने रामप्रताप कासनिया को घेर रखा है और यही हालत उनके पुत्र संदीप कासनिया की है। इन पिता पुत्र ने भी किसी नाली नाले की गंदगी और किसी टूटी सड़क को अपनी नज़रों से नहीं देखा है।

* शहर के भाजपा के अन्य खेमों गुटों के नेता कार्यकर्ता भी चुप हैं। खासकर पूर्व विधायक अशोक नागपाल चुप हैं। कासनिया और नागपाल के अलावा जो भाजपाई हैं वे भी मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को ठुकराया जाता देख रहे हैं। 

* कांग्रेस पार्टी ने तीन चार बार नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर रोष प्रगट किया है और ज्ञापन भी दिए हैं। नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा कांग्रेसियों के ज्ञापनों को भी कागजी धमकियाँ और थोथी चेतावनी ही मानती है इसलिए साफ सफाई न देखती न करती है। 

* कांग्रेस ने विधायक डुंगरराम गेदर के नेतृत्व में 13 मई 2026 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीनानाथ बब्बल को मांगपत्र दिया व गेदर ने बातचीत में हर बिंदु से अवगत कराया था। उसके बाद इतने दिन बीत गये साफ सफाई बाबत कोई काम नहीं हुआ जो नाले नालियों पर होना चाहिए था। कांग्रेस के मांग पत्र पर विधायक डुंगरराम गेदर,पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादु, परसराम भाटिया, बलराम वर्मा, जे.पी.गहलोत और योगेश मेघवाल के हस्ताक्षर थे। क्या ये अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा की लापरवाहियों व भ्रष्टाचार को चुनौती देते हुए लगातार धरना प्रदर्शन करते हुए शहर को बरसात के पानी से बचाने के लिए पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया और ईओ पूजा शर्मा का कड़ाई से विरोध कर पाएंगे?





 नगरपालिका के आगामी चुनाव से पहले शहर को बचाने के कार्य पूरे हो जाने चाहिए। बारह जून तक नाले नालियां पूर्ण साफ करादी जाए तो संभव है शहर में बरसात के पानी से नुकसान न हो लेकिन अभी तो यह लग रहा है कि कुछ भी नहीं होगा। कांग्रेस भी केवल मांगपत्र से अखबारों में मीडिया में नाम चाहती है इससे आगे कोई भी काम आंदोलन तब हो जब डुंगरराम गेदर के पास संघर्शशील कार्यकर्ताओं की टीम हो। कांग्रेस के पास लगातार धरना प्रदर्शन की पावर नहीं है न कार्यकर्ता हैं। यह जानकर ईओ पूजा शर्मा 12 जून तक के दिन भी खाली ही टपाएगी। पूजा शर्मा को यह भरोसा भी है कि नगरपालिका के प्रशासक भरतविजयप्रकाश मीणा ने शहर का आजतक निरीक्षण नहीं किया है सो वे आगे भी सड़कों नाले नालियों का निरीक्षण करने को नहीं निकलेंगे। यहां अतिम अवसर कांग्रेस के पास ही है। कांग्रेस जोर लगाएगी तो उसका लाभ आगामी चुनाव में पाएगी। कांग्रेस लगातार धरना प्रदर्शन करती है, आमरण अनशन करवाती है तो प्रशासक और ईओ को भय तो रहेगा। ०0०



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