मंगलवार, 21 जुलाई 2026

सूरतगढ़ को अब मिला भरोसा. अब राहुल लेघा भी चलाएंगे सरकारी नीतियां.




 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 21 जुलाई 2026.

सूरतगढ़ शहर ताप में झुलस रहा है और अच्छी बरसात की उडीक में है जो तब हो जब सारे नाले नालियां बरसात के पानी को बहाने के लिए साफ हो। अभी तो पांच दस मिनट की बरसात में ही बाजारों में और गली मोहल्लों में सड़कें गलियां घंटों के लिए डूब जाती है और दुर्घटना का डर लगता है। कभी ऐसी दुर्दशा कहीं नहीं देखी तो सूरतगढ़ में देखलें। ईओ पूजा शर्मा यहां से 10 जुलाई 2026 को हटाई गई और एपीओ कर जयपुर भेजी गई। उनका उल्लेख यहां इसलिए किया जा रहा है कि वे 27 महीनों के कार्यकाल में 10-15 दिन ही शहर विजीट को निकली। जब ईओ निरीक्षण नहीं करे तो स्टाफ सफाई निरीक्षक, जमादार भी निरीक्षण क्यों करे और सफाई कर्मचारी भी ड्युटी सही क्यों करे? बात सीधे आती है कि शहर में शासन चलाने वाले पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया टीम ने शहर का निरीक्षण नहीं किया। ईओ पूजा शर्मा 27 महीनों में 10-15 दिन निरीक्षण को निकली और कासनिया टीम और लीडर एक दिन भी निरीक्षण को नहीं निकले।

कासनिया टीम के इस आलसीपन लापरवाही रवैये और नगरपालिका प्रशासन को कुछ भी नहीं कहने की वजह से शहर के हालात बिगड़े और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राज्य सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को पूरी तरह से फेल करके रख दिया। इस अभियान को सफल बनाने की राजकीय ड्युटी थी तो पार्टी स्तर पर भी ड्युटी थी। करणी प्रेस इंडिया में शहर की गंदगी, अतिक्रमण के फोटो वीडियो समाचार अनेक बार प्रसारित हुए। सब पढ कर इग्नोर किया जाता रहा।

👍 बरसात के पानी का निकास तो नहीं हुआ मगर ईओ पूजा शर्मा का सूरतगढ़ से निकास हो गया। पूजा शर्मा को यहां ही रखने के लिए कासनिया टीम ने पूरा जोर लगा दिया और पार नहीं पड़ी। पूजा शर्मा यहां से दूसरे शहर में तबादला नहीं की गई बल्कि भ्रष्टाचारों की ढेरों शिकायतों के कारण एपीओ की गई। ड्युटी के प्रति लापरवाह और भ्रष्टाचारों की शिकायतों के बावजूद कासनिया टीम इस प्रयास में रही है कि पूजा शर्मा को किसी नगरपालिका में ईओ लगवाया जाए। सूरतगढ़ में आए ईओ मनीषकुमार पारीक को भी यहां न रखें किसी ओर को लगा दिया जाए। कम से कम इतनी तो चले। हमारे सामने शहर और शहर की पीड़ित जनता है। शहर के गंदगी भरे बुरे हालात हैं। लोगों की दृष्टि में जो है, उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

👍 ईओ मनीषकुमार पारीक को कौन लाया की चर्चा की राजनीति*

ईओ मनीषकुमार पारीक को भाजपा युवा मोर्चे के प्रदेश मंत्री राहुल लेघा की डिजायर पर नगरपालिका में लगाने की चर्चा है और यह पूजा समर्थक कासनिया टीम को आहत कर रही है। * मनीषकुमार पारीक ने 13 जुलाई 2026 को पद भार ग्रहण कर कार्य शुरु किया। उसी दिन उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आदेश पर यहां आए हैं और सरकार की नीतियों योजनाओं को लागू कर लोगों को लाभ पहुंचाएंगे।

👍 कासनिया टीम को राहुल लेघा एक प्रतिस्पर्धी नेता और उसकी शुरू हुई राजनीति नहीं सुहा रही। चर्चा चलाई गई कि ' राहुल लेघा सूरतगढ़ शहर में क्या है? सूरतगढ़ में नहीं चल पाएगा। कासनिया टीम को जबरदस्त जवाब शुरू हुआ है कि राहुल लेघा ने आज 21 जुलाई 2026 को जोरदार ढंग से    सूरतगढ़ शहर की कुंडी खड़का दी है और अब पूरे शहर में हर वार्ड में लोगों की समस्याओं को हल करने के प्रयास में रहेंगे। राहुल लेघा नरक बने हुए वार्ड नं 45 में पहुंचे। उनके साथ ही नगरपालिका प्रशासन की पूरी टीम में ईओ मनीषकुमार पारीक,सहायक अभियंता महेंद्र थालोड़, कनिष्ठ संदीप अभियंता कालवा,व सफाई टीम थी। वार्ड वासियों को समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिया गया। अब यह भरोसा पूरे शहर में आगे बढेगा और कासनिया टीम खुद के आलसीपन के रवैये का नतीजा देखती रहेगी। 

*  कासनिया टीम को अब स्पष्ट प्रमाण मिल जाना चाहिए कि ईओ मनीषकुमार पारीक को यहां स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने, सरकार की योजनाओं को लागू करने के लिए कौन लेकर आया है!०0०


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