सोमवार, 28 सितंबर 2026

सूरतगढ़ व राजियासर पंचायत समितियों के चुनाव और पूजा छाबड़ा

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 28 सितंबर 2026.

सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में नगरपालिका चुनाव में  कांग्रेस के किसी दयावान पार्षद के एक वोट से भाजपा का बोर्ड बन गया। लेकिन  दोनों पंचायत समितियों सूरतगढ़ और राजियासर के ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति असमंजस भरी हुई है। जीत पाएंगे या नहीं की स्थिति है। 

👍 पिछले पंचायत राज चुनाव में एक पंचायत समिति सूरतगढ़ ही थी जिसमें प्रधान कांग्रेस के हजारीराम मील बने थे जो लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा में प्रवेश कर गये। उस समय कांग्रेस मजबूत थी। भाजपा ने बीते वर्षों में कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किया जिसके कारण लोग राजी नहीं लग रहे। आश्चर्य होगा यह जानकर की ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी का भी संकट रहा। कुछ गावों में तो दो दो सप्ताह तक पानी नहीं मिला था। बिजली संकट और टूटी सड़कें भी दुख देती रही। ये सभी परेशानियां ग्रामीणों की दूखती रग है और चर्चा छेड़ने पर ग्रामीणों में गुस्सा नजर आता है। भाजपा द्वारा कहा जाता रहा है कि भाजपा कार्यकर्ता हर क्षेत्र में हैं तो फिर लोगों की परेशानी में वे सालों साल कहां थे।

* हम लौट कर बात करते हैं कि नगरपालिका सूरतगढ़ के 45 वार्डों में भाजपा कांग्रेस 12-12,माकपा 1 और निर्दलीय 12 पार्षद जीते। इससे पिछले चुनाव में कांग्रेस 22 भाजपा 12,माकपा 1,बसपा 1और निर्दलीय 9 जीते। इस बार कांग्रेस 6 सीटें कम रही। माकपा 1 और निर्दलीय 12 जीते। भाजपा सीटें तो 12 से 16 पर पहुंची मगर सत्ता का बहुमत 23 तक नहीं पहुंची। निर्दलीय भी जुटे मगर हालात कमजोर रहे। भाजपा की महिला प्रत्याशियों को वोट जुटाने का सहयोग नहीं मिला जिसके कारण वे पराजित हो गई। जो पराजित हुई वे सभी अध्यक्ष पद की दावेदार थी। वे क्यों हारी? उनको सही प्रचार तंत्र नहीं मिला। ऐसा नेता नेतियां नहीं मिले जो जनता के बीच अपने भाषण से हवा का रुख कुछ बदल दे और भाजपा की तरफ कर दे। भाजपा के पास पावरफुल महिला नेता पूजा छाबड़ा थी जो भाजपा   संगठन, भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, जिला प्रभारी दशरथ सिंह और चुनाव प्रभारी जसवंत सिंह ईंदा के ध्यान में नहीं आई। सवाल यह भी है कि पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया का मैनेजमेंट भी चुनावी प्रक्रिया में पुअर रहा। अशोकनागपाल को भी ध्यान नहीं रहा। 



नगरपालिका की चर्चा करने का भी कारण है कि अब भाजपा के नेता,जिलाध्यक्ष व जिला प्रभारी दशरथ सिंह सूरतगढ़ व राजियासर पंचायत समितियों में पूजा छाबड़ा की ताकत को झोंक देते हैं तो उसके बैठकों सभाओं के भाषण तंत्र से उपजने वाला उत्साह वोट में बदल सकता है। सूरतगढ़ जिला बनाओ अभियान का आमरण अनशन और उसके बाद भयानक लू और गरमी में अन्न त्याग कर की गई यात्राओं से लोग प्रभावित हुए। उस समय भयानक परेशानियों में पूजा छाबड़ा के हर दिन की समीक्षा से वे एक ताकतवर महिला नेता हैं जो भाजपा के पास है। पूजा छाबड़ा को राजस्थान में विधानसभा व लोकसभा चुनाव की सभाओं, जनसंपर्क का बेहतरीन अनुभव हैँ।

लोग उनको सुनते हैं और प्रभावित होते हैं। भाजपा पूजा छाबड़ा की ताकत से प्रभाव से सूरतगढ़ और राजियासर पंचायत समिति क्षेत्रों में बहुत बदलाव कर सकती है।०0० 







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