सड़कें किसी की नहीं, किसी के बाप की नहीं।
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 27 सितंबर 2026.
इंतजार करें। एक नहीं, सभी अतिक्रमण ध्वस्त होंगे। चाहे किसी भी रुतबे के नेता हों,पूंजीपति हों,सेवा निवृत अधिकारी हों,वकील डाक्टर शिक्षाविद् हों,व्यापारी हों,चाहे सत्ताधारीहों,किसी राजनैतिक पार्टी के पदाधिकारी हों सभी के अतिक्रमण ध्वस्त होंगे।
प्रयास चल रहे हैं। अभी भी अतिक्रमण हटा लेने का मौका है, बस ये सोचते हैं कुछ नहीं होगा। बड़े लोगों की चमड़ी भी मोटी होती है लेकिन वह भी उतरती है। मोटी चमड़ी उतरती है तो दर्द भी अधिक होता है। इनका दर्द देखना जब अतिक्रमण टूटेंगे। ०0०