कॉकरोच जनता पार्टी से भाजपा को भय.
* करणीदानसिंह राजपूत *
टीएमसी यानि ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में हराने के बाद य राजनैतिक विश्लेषकों द्वारा माना जिने लगा कि अब भाजपा को रोकना असंभव है। लेकिन टीएमसी पर जीत प्राप्त करने के मतगणना तिथि 3 मई 2026 के 13 दिन बाद ही 16 मई को अचानक कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म हो गया और बहुत तेजगति से फोलोवर्स की संख्या 2 करोड़ से भी अधिक हो गई। भारत में अनेक भविष्य वक्ता हैं जो समय समय पर भविष्य वाणी करते रहे हैं लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी का उद्गम एकदिन अचानक होगा और भाजपा को डर शुरू होगा का किसी को भी मालुम नहीं हुआ।
* अभी तो कॉकरोच जनता पार्टी की घोषणा ही हुई है। उसका संविधान आदि तैयार किए जाने,चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन होने तथा देश भर में स्थापित होने में कुछ दिन तो अवश्य ही लगेंगे। लेकिन भाजपा के लोगों को तो अभी से भय लगने लगा है। इसके दो कारण हो सकते हैं। एक तो कॉकरोच जनता पार्टी का तेजी से बढना और दूसरा भाजपा के नेताओं के वक्तव्य और राज में विपक्ष व विरोध करने वालों को गैरकानूनी तरीकों से केसों में फंसाने से लोगों में बढती नाराजगी।तीसरा कारण भी है कि भाजपा के नेता लोग आलसी हो गये जो आम परेशान लोगों के साथ कहीं भी खड़े नजर नही आते। युवाओं में बेरोजगारी से असंतोष है और उसके कारण ही कॉकरोच जनता पार्टी का उदय हुआ जो रोकने के लिए भाजपा के पास एकदम से कोई तोड़ नहीं है। हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी को बदनाम करने के लिए कुछ शक्तिहीन प्रयास शुरू हुए हैं जिनको जनता की तरफ से शुरूआती स्वीकृति नहीं मिल रही। इन प्रयासों में जो बातें फैलाई जा रही है उनमें मोदी को हटाने की विपक्षी साजिश बताई जाने,विदेशों से धन आने,विदेशों में फोलोवर्स होने जैसी बातें हैं। यह सभी को मालुम है कि इस पार्टी का जन्म किसी षड्यंत्र से नहीं हुआ बल्कि एक जज की बेरोजगारों पर की गई टिप्पणी से हुआ। अगर जज की टिप्पणी नहीं होती तो यह नयी पार्टी भी नहीं होती। किसी के दिमाग में भी इसके जन्म का, पैदा करने का विचार नहीं था।

अब युवाओं के दिल दिमाग और आगे बढने की सोच से इसका तेजी से विस्तार हो रहा है। इस गति पर भाजपा के राष्ट्रीय नेता पहुंच नहीं पा रहे।कॉकरोच जनता पार्टी का संपूर्ण विधि विधान बनना भी भाजपा के लिए सन् 2029 के लोकसभा चुनाव में मुश्किलें खड़ी करेगा। लोकसभा चुनाव से पहले 2028 के प्रदेश विधानसभा चुनाव और आने वाले छोटे स्थानीय चुनाव पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा के लिए मुश्किलें होंगी। भाजपा ने कांग्रेस बसपा आप टीएमसी को पछाड़ दिया लेकिन अब कॉकरोच जनता पार्टी को पछाड़ना मुश्किल होगा। सत्ता परिवर्तन में युवाओं के वोटों को प्रभावी माना जाता है। भाजपा भी यही सोच रखती है। युवा बदलाव कर सकते हैं उन पर नियंत्रण और दबाव से मुश्किलें बढती है फिर विस्फोटक हालात होते हैं जो बदलाव करते हैं तथा बड़े बड़े नेता भी सत्ता होते हुए भी कुछ नहीं कर पाते। आज देश में भाजपा नेताओं नरेन्द्र मोदी और अमित शाह का मुकाबला करने की स्थिति में अन्य पार्टियों में भी कोई नेता नहीं है। राहुल को पीएम बनाने के लिए इंडिया गठबंधन में एकविचार नहीं है। ऐसी स्थिति में भाजपा चल रही थी लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी ने स्थितियों को और आम धारणा को बदलने को विवश कर दिया है। यह अचानक का परिवर्तन आगे क्या करेगा? यह भय भाजपा के लोगों को लग रहा है।० चित्र साभार।
दि. 23 मई 2026.
करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकारिता 62 वां वर्ष.
सूरतगढ़ ( राजस्थान)
94143 81356.
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