गुरुवार, 18 जून 2026

मंत्री से मिले- पूजा छाबड़ा व प्रमोद ज्याणी में से किसने की अगुवाई ( नेतृत्व).क्या मिलेंगे पट्टे?

  




* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 18 जून 2026. यहां के वार्ड 3 और 26 के पट्टों व अन्य पट्टों के लिए यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा से प्रमोद ज्याणी और पूजा छाबड़ा मिले। दोनों में अगुवाई किसने की? पूजा छाबड़ा का बयान- मैं मिली,प्रमोद ज्याणी उपस्थित रहे। प्रमोद ज्याणी का बयान- मैं मिला, पूजा छाबड़ा व अनिल बिश्नोई उपस्थित रहे। प्रमोद ज्याणी

सूरतगढ़ विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष हैं और पूजा छाबड़ा शराबबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

👍 बयान प्रमोद ज्याणी.


आज शहरी सेवा शिविर के दौरान शहर के नागरिकों के भूखंडों के पट्टे जारी करने, बरसात के मौसम में पानी निकासी की समस्या तथा शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर स्वायत्त शासन मंत्री श्री झाबर मल खरा जी से जयपुर निवास पर मुलाकात की। इस मौके पर शराबबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमति पूजा भारती छाबड़ा और अनिल बिश्नोई मौजूद रहे । माननीय मंत्री महोदय ने वार्ड संख्या 3 और वार्ड  26 के साथ शहर के सभी वार्डो  के पट्टो सहित सभी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया । माननीय मंत्री महोदय का बहुत बहुत आभार ।

प्रमोद ज्याणी

अध्यक्ष 

सूरतगढ़ विकास  संघर्ष  समिति 

 सूरतगढ़


👍 बयान पूजा छाबड़ा

आज जयपुर में स्वायत शासन मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा जी से शिष्टाचार मुलाकात कर सूरतगढ़ में सेवा शिविर के दौरान शहर के नागरिकों के भूखंडों के पट्टे जारी करने ,बरसात के मौसम में पानी निकासी की समस्या तथा शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा कि। 

मंत्री महोदय ने समस्याओं को गंभीरता से सुनकर संबंधित अधिकारियों को नियम अनुसार समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिये।

इस दौरान सूरतगढ़ विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद ज्याणी जी उपस्थित रहे।

*पूजा भारती छाबड़ा भाजपा नेत्री* 

*राष्ट्रीय अध्यक्ष शराबबंदी व नशाबंदी आंदोलन।*


निष्कर्ष.

सोशल मीडिया पर जारी फोटो में प्रमोद ज्याणी मंत्री जी को ज्ञापन दे रहे हैं और पूजा छाबड़ा बैठी हैं। इससे निष्कर्ष यह निकलता है कि प्रमोद ज्याणी का बयान सही है। पूजा छाबड़ा ज्ञापन देती तो अपना ज्ञापन देने का फोटो जरूर जारी करती।

👌 दोनों को अलग अलग विज्ञप्ति सूचना देने की जरूरत ही क्यों थी? 

👍👌 नगरपालिका में शिविर में विधायक डुंगरराम गेदर ने वार्ड नं 3 और 26 के पट्टों के लिए  आग्रह किया था तब ईओ पूजा शर्मा ने भरोसा दिया था कि पट्टे दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इसके तुरंत बाद ही जयपुर जाकर मंत्री जी से मिलने की नौबत क्यों आई? क्या ज्याणी को आभास हो गया कि ईओ पूजा शर्मा पट्टे नहीं देगी। *

 प्रमोद ज्याणी महाराणाप्रताप चौक पर धरणा लगाए हुए थे और धरणा चलाना मुश्किल हो रहा था तब हालत यह हो गई थी कि अब धरणा खत्म कैसे किया जाए? उस समय किसी तरह से आग्रह करके पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया को धरणे पर लाया गया और उनको मालाएं पहनाई गई। कासनिया ने पट्टे दिलाने का आश्वासन दिया था। उस समय धरणे से उठने का यह रास्ता निकाला गया था।

अब कासनिया के बिना पूजा छाबड़ा का सहयोग लिये जाने का मतलब यह निकलता है कि पूजा छाबड़ा के साथ से पट्टे मिल जाएंगे।

👍 वार्ड 3 और 26 के पट्टों में कोई पेच नहीं होता तो पट्टे पहले ही मिल जाते। पहले जो अड़चन थी और वह हटी होती तो शिविर में उतने पट्टे जरूर मिल जाते। जब शिविर में ईओ ने कहा कि प्रयास करके पट्टे दिलवाएंगे। ईओ के प्रयास का कहने का मतलब तो यही स्पष्ट करता है कि अड़चन हटी नहीं, अभी कायम है। यदि अड़चन अभी है तो मंत्री झाबरसिंह खर्रा भी पट्टे नहीं दिला सकते।०0०





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