सूरतगढ़. सौंदर्यीकरण पर लाखों रू.का दुरुपयोग व भ्रष्टाचार.
करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 13 जून 2026 .
नगरपालिका प्रशासन ने बाजार में सौंदर्यीकरण के नाम पर हेरिटेज लाईटों और अधूरे टेढे मेढे ऊंचे नीचे डिवाईडर निर्माण में लाखों रूपये दुरुपयोग कर बांट लिए।
अधूरे निर्माण में ही हेरिटेज लाईटों का अचानक शनिवार 9 मई 2026 शाम को उद्घाटन करवा दिया था जो अभी एक माह और बीतने पर 13 जून को भी अधूरा है। हेरिटेज लाईट कहीं जलती है कहीं नहीं जलती। अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा और इंजीनियर आदि ने लाखों का घोटाला किया। नगरपालिका के 12 लाख रू.बरबाद कर दिए। जितना काम था उसका आधा भी नहीं हुआ है और जो हुआ है वह घोटाला है।
विद्युत खंभों के साथ रोड डिवाईडर अधूरे ही पड़े हैं। जितनी लम्बाई में डिवाईडर बने हैं वह कुल लम्बाई की छह सात प्रतिशत ही है।
यह उद्घाटन 9 मई 2026 को ईओ ने जल्दबाजी में वाहवाही लूटने के लिए शनिवार अवकाश के दिन करवाया।
राजस्थान अनुसूचित जाति एवं वित्त आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र नायक से यह उद्घाटन कराया गया और इस उद्घाटन में पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया को भी शामिल किया। राजेंद्र नायक ने प्रदेश सरकार की बड़ाई भी कि और कहा कि प्रदेश सरकार शहरी सौंदर्यीकरण व स्वच्छता पर लगातार कार्य कर रही है। अध्यक्ष का वक्तव्य और उद्घाटन मौके से मेल नहीं खाते। बाजार में कचरा हो तथा नाले गंदगी भरे हों तो कैसा सौंदर्य? राजेंद्र नायक और पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया से अधूरे निर्माण की बात छुपाई गई।

* रेलवे रोड और करनाणी धर्मशाला के आगे कुल 18 खंम्भे निर्धारित किए गये। सुभाष चौक पर सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा के सीढियों के गेट के आगे 4 फुट पर खंम्भे का आधार बनाया गया। ईओ पूजा शर्मा को अवगत कराया गया कि समारोह में यह खंभा बाधा रहेगा। इसे दूर लगाया जाए। ईओ ने उचित बताया और वहां खंभा नहीं लगाने का आश्वासन दिया। कुछ दिनों के बाद वहां खंभा लगा दिया गया जो कि प्रतिमा का अनादर करना हुआ। अतिरिक्त जिलाकलेक्टर सूरतगढ़ को 31 मई को इस अनादरण की शिकायत हुई, तब खंभा वहां से हटा दिया गया। नगरपालिका ईओ पूजा शर्मा चाहती रही कि उनके भ्रष्टाचार और शहर की गंदगी पर समाचार नहीं लिखे जाएं। जब समाचार बंद नहीं हुए तब सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा के आगे खम्भा 13 जून 2026 को दुबारा लगा दिया गया। यह धौंस खंभे की जगह शहर के जागरूक लोग संस्थाएं और राजनीति करने वाले अपनी आंखों से देख सकते हैं। इस एक खंभे को ही नहीं डिवाईडर जितना बना है उसको टेढे मेढे बने देख सकते हैं। ऐसी हरकतों से भ्रष्टाचार और नगरपालिका के पैसे के दुरुपयोग व शहर की गंदगी पर लिखना बंद नहीं हो सकता।०0०
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