शुक्रवार, 29 मई 2026

शर्मा बाल मंदिर से 1,10,100 रू.जुर्माना वसूल करना पड़ा.सुशील तावणिया की शिकायत थी.ऐसे नोटिस ठंडे बस्ते में.अनेक दबाव में जारी नहीं हुए.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 29 मई 2026.

भारत माता चौक ( भग्गुवाला कुआ चौक) के पास शर्मा बाल मंदिर के आवासीय भूखंड का गैर आवासीय में बिना स्वीकृति निर्माण होने की शिकायत के नोटिस जारी होने के करीब 6 माह नगरपालिका को 1,10,100 रू. शाश्ति ( जुर्माना)

वसूलना पड़ा। सुशील कुमार तावणिया ने अवैध निर्माण पर कार्वाई करने की शिकायत नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा को की थी। बार बार कार्वाई की जानकारी लेने पर नगर पालिका ने कार्वाई की जिसमें 1,10,100 रू.जमा कराने का नोटिस शर्मा बाल मंदिर के व्यवस्थापक श्रीगोपाल शर्मा को 18 दिसंबर 2025 को जारी किया गया। 



ईओ पूजा शर्मा ने नोटिस तो जारी कर दिया,मगर इस वसूली को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह प्रकरण  सोशल मीडिया पर उजागर हुआ और नगर में चर्चा बन गई कि ईओ वसूली को क्यों टाल रही है? 

* शिकायत कर्ता को भी भ्रमित करने का प्रयास किया गया लेकिन उसने अपने प्रयास बंद नहीं किए। सुशील कुमार तावणिया का आरोप था कि इससे राजकोष यानि नगरपालिका के कोष को हानि हो रही है।

* सुशील कुमार तावणिया ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर इसकी शिकायत की तब नगरपालिका प्रशासन को वसूली कार्वाई करनी पड़ी।

राजस्थान संपर्क पोर्टल पर परिवाद संख्या 042605226554299 दिनांक 30 अप्रैल 2026 को दर्ज होने के बाद भी शिकायत कर्ता ने निरंतर दबाव बनाए रखा तब वसूली की कार्वाई हुई।

का नगर पालिका प्रशासन द्वारा निस्तारण कर राहत प्रदान की गई है। परिवादी सुशील कुमार द्वारा शर्मा बाल मंदिर सूरतगढ़ के खिलाफ जारी नोटिस एवं राजकोष को हो रहे नुकसान से संबंधित मामला उठाया गया था।


परिवाद संख्या 042605226554299 दिनांक 30 अप्रैल 2026 को स्वायत्त शासन विभाग (नगर निकाय) में दर्ज किया गया था। मामले में आरोप लगाया गया था कि शर्मा बाल मंदिर सूरतगढ़ के विरुद्ध जारी नोटिस की कार्रवाई नहीं होने से राजकोष को नुकसान पहुंच रहा है। इस वसूली के बाद परिवाद निस्तारण 27 मई 2026 को किया गया। 

👍 नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा द्वारा निर्माण व शुल्क वसूली के अनेक नोटिस जारी किए हुए हैं जिन पर महीनों बाद भी वसूली की कार्वाई शुरू नहीं हुई है। नगरपालिका ईओ पूजा शर्मा की ढील के कारण नोटिसों के बाद भी नगरपालिका कोष में लोगों ने करोड़ों रूपये जमा नहीं करवाए हैं। नगरपालिका ईओ ने बड़े होटलों फर्मों को एक एक  नोटिस दिया और आगे सख्ती नहीं की। ऐसे पचासों मामले हैं। सूरतगढ़ में बीसियों होटल  व मार्केट काम्प्लेक्स या दुकानें बिना स्वीकृति के बन रहे हैं जिनको सीज नहीं किया जा रहा। होटलों के मालिकों ने नगरपालिका प्रशासन पर दबाव बना कर अवैध निर्माण शुरू कर रखे हैं। होटलों की ऊंचाई दो मंजिल और निर्माण 3,4,5 मंजिलों तक हो गये तथा कुछ के अभी भी हो रहे हैं। ऐसे मामलों की शिकायतें भी हो चुकी हैं।




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