कासनिया ईओ पूजा शर्मा को तुरंत हटवाएं. कासनिया खुद देखें शहर के बुरे हालात.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ 28 मार्च 2026. नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा ने कासनिया परिवार के निजी कार्यों में हेल्प करने के बाद जनता के लिए तानाशाही रवैया अपनाए हुए पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया की गलफांस बन गई है जिससे कासनिया पब्लिक के बीच बदनाम हो रहे हैं।
* पूरा शहर गंदगी कचरे से भरा है और नगरपालिका कार्यालय ईओ पूजा शर्मा के भ्रष्टाचारों से इतना अधिक भर गया है कि भ्रष्टाचार घोटाले उछल उछल बाहर आ रहे हैं।
रामप्रताप कासनिया अपने आवास से बाहर निकल शहर की गलियों में देखें और शहर को बताएं कि कौन कौन सी गलियां साफ हैं? करणी प्रेस इंडिया लगातार दिखा रहा है बता रहा है।
* पूजा शर्मा ने ईओ पद पर यहां 20 फरवरी 2024 को जोईन किया था। पूजा शर्मा इन बीते 25 महीनों में यानि कुल 750 दिनों में सिर्फ 5 दिन अपने दफ्तर से बाहर निकल मौकों पर गई। शहर के नाले नालियां गंदगी कचरे से भरे हैं। उनकी सफाई होती तो शहर साफ सुथरा होता। कासनिया जी ने इन 25 महीनों में शहर को नहीं देखा है लेकिन अब चुनौती है तो देखलें या फिर एक ईओ की लापरवाही के कारण बदनाम होते रहें।
* कासनिया ही यहां विभागों को चला रहे हैं इसलिए उनकी जिम्मेदारी है और इस जिम्मेदारी के कारण उनको कहा जा रहा है कि शहर की दुर्दशा देखें। पूजा शर्मा का स्थानांतरण भी क्यों हो, भ्रष्टाचार के आरोप है जांच शुरू कराएं और जांच के लिए सस्पेंड कराएं।
* सबसे गंभीर आरोप है पूजा ने अवैध नियम विरूद्ध अपनी भाभी बबीता शर्मा को सफाई कर्मी से पदोन्नति देकर अनुचित पदलाभ आर्थिक लाभ दिया व सरकार को धोखा देते हुए नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाई। अन्य पात्र सफाईकर्मियों को वंचित रखा। अपने पीहर आवास जहां स्वयं रहती हैं वहां सड़क पर अतिक्रमण किया और आज तक नहीं हटवाया। ड्युटी पर आने के समय से घोटालों से आय से अधिक धन एकत्रित किया। शहर के अंदर बन रहे अवैध होटलों, मार्केट काम्प्लेक्सों,अतिक्रमण से बने मार्केट काम्प्लेक्सों से घोटाले किए जिससे नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाई। होटल 2 मंजिल की अनुमति और ईओ की मिलीभगत से चार पांच मंजिला बन रहे। कासनिया देखें और इस मुद्दे को बबीता शर्मा की पदोन्नति के साथ जांच करवाएं। इस जांच के पहले ईओ पूजा के प्राथमिक सबूतों को देखते सस्पेंड करवाया जाए।
* पूर्वराज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया जांच करवाएं लेकिन यह मांग सत्तारूढ़ दल के या अन्य में कोई पदाधिकारी, कांग्रेस के पदाधिकारी व विधायक डुंगरराम गेदर भी करवाएं और शहर की हालात को देखें। शहर कासनिया को क्षमा नहीं करेगा तो विधायक डुंगरराम गेदर को भी क्षमा नहीं करेगा। विधायक हैं तो उनकी भी ड्युटी है शहर के हालात और नगरपालिका के भ्रष्टाचारों पर नजर रखना व कार्वाई करवाना।०0०