रविवार, 29 मार्च 2026

सूरतगढ़:वार्ड 3 और 26 के अतिक्रमण के पट्टे.कौन दे? कौन दिलाए? सच्च बताया जाए.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 29 मार्च 2026.

स्थानीय वार्ड नं 3 और 26 के पट्टे धरणा प्रदर्शन नारेबाजी के होते होते महीनों पर महीने बीत गये मगर विधायक डुंगरराम गेदर और सूरतगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष परसराम भाटिया तथा प्रमोद ज्याणी आदि को एक पट्टे दिला देने जितनी भी सफलता नहीं मिल पाई। सभी प्रकार के दबाव नगरपालिका प्रशासन पर चल नहीं पाए। घूमफिर कर चर्चा वहीं जाती है कि क्या सभी फाईलें हर तरह से सबूतों सहित पूर्ण है? यह भी निश्चित है कि  ईओ पूजा शर्मा किसी भी फाईल में कोई कमी रही है तो दबाव में पट्टा नहीं देगी। सहानुभूति भी नहीं चल सकती क्योंकि कांग्रेस के विधायक डुंगरराम गेदर और ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया के दबाव से यह सारा मामला राजनैतिक हो गया है।  भाजपा राज में जिसकी चलती को मान्यता है तो फिर चर्चा करें कि पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया क्या चाहते हैं और मांग करने वाले प्रमोद ज्याणी दुबारा कासनिया से मिले या नहीं। अभी दुबारा मिलने की सूचना नहीं है। 

* विधायक डुंगरराम गेदर और ब्लॉक अध्यक्ष परसराम भाटिया दोनों नगरपालिका प्रशासक उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा से मिले थे। प्रमोद ज्याणी आदि भी थे। उस भेंट के समय ईओ पूजा शर्मा भी शामिल हुई। बात यह निकल कर आई कि पूजा शर्मा ने पट्टे देने का भरोसा दिलाया है। ईओ पूजा शर्मा ने पहले भी पट्टे देने से इन्कार नहीं किया था। ईओ का पहले भी कहना था कि सवा सौ फाईलों में लगभग एक दर्जन यानि दस या बारह में पट्टे एक बार और जांच कर दिए जाने की स्थिति है। पहले एक बात और ईओ कह रही थी कि प्रशासक 6 फाईलें मान रहे हैं। अब सरकार ने ईओ के एकल हस्ताक्षर से पट्टे जारी करने का स्पष्ट आदेश जारी कर दिया और उसके बाद भी पट्टे नहीं दिए जाने की शिकायत व्यक्तीश रूप में सरकार से नहीं की जा रही। यदि हर दस्तावेज पूरे हैं तो उपखंड अधिकारी के आगे बात करने के बजाय सरकार के आगे रखने में देरी क्यों ? बात राजनैतिक इसलिए बन रही है कि जिनके आवेदन हैं वे अपनी अलग अलग एप्लिकेशन ईओ को देने में, ईओ से खुद मिलने में डर क्यों रहे हैं? इतने महीने बीतने के बाद भी पट्टे नहीं मिल पाने का कोई स्पष्ट खुलासा न प्रशासन कर रहा है और न विधायक डुंगरराम गेदर कर रहे हैं। गेदर को मालुम होगा कि असली पेच कहां और किस कारण से फंसा हुआ है? आवेदकों को सही हालत बताई जानी चाहिए। जब हजारों पट्टे जारी हुए तब ये कैसे रूके? परसराम भाटिया खुद भी नगरपालिका अध्यक्ष पद पर सरकार की ओर से 4 माह रहे तब ये पट्टे दे दिए जाते तो समस्या उसी समय रहती ही नहीं। ईओ पूजा शर्मा ने धरणा प्रदर्शन के दिनों में कहा था कि प्रशासक जिन जिन फाईलों पर पट्टे देने की स्वीकृति दे दें तो उन पर पट्टे तुरंत जारी कर दिए जाएंगे। विधायक डुंगरराम गेदर प्रशासक भरतजयप्रकाश मीणा से यह स्वीकृति ही दिलादें ताकि लोगों का काम हो जाए।अभी संभव नहीं रहा है। गेदर भाटिया राजनीति दलों की बाधा से कासनिया के पास रिक्वेस्ट नहीं कर सकते, तब नगरपालिका के चुनाव और नये बोर्ड गठन नये अध्यक्ष का इंतजार करना ही एक भरोसा रखना चाहिए।०0०








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