भाजपा बनाएगी नगरपालिका बोर्ड. सूरतगढ़ में 23 प्लस नीति. लेटेस्ट.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 26 अगस्त 2026.भाजपा की आज प्रातः शुरू हुई बैठकें सूरतगढ़ और जिला मुख्यालय पर सूरतगढ़ में पूर्ण बहुमत 23 + से नगरपालिका बोर्ड बनाने की रणनीति पर हुई। पैंतालीस वार्डों में बोर्ड बनाने के लिए 23 वार्डों में जीत चाहिए लेकिन भाजपा यहां कांग्रेस की कमजोरी के मध्यनजर 23 से भी अधिक वार्डों में जीत की नीति पर चुनावी संघर्ष हर वार्ड में लड़ने को है। जिला प्रभारी दशरथ सिंह शेखावत और चुनाव प्रभारी जसवंत सिंह ईंदा,निवृत हुए नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा और भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह की संपूर्ण टीम लगी है। दशरथसिंह शेखावत को अनेक चुनावों का अनुभव है।
* भाजपा बोर्ड बनाने की ओर होने का मतलब है कि कांग्रेस कमजोर है। कांग्रेस के नेता हार से डर कर चुनाव में खड़े होने से डर रहे हैं। ऐसे भयभीत कांग्रेसियों के घेरे में विधायक डुंगरराम गेदर जीत से बहुत दूर हैं। कुछ वार्डों में कांग्रेस की टिकट लेने वाले नहीं है। वहां व्यक्ति ढूंढ ढूंढ कर टिकट दी जाने की कसरत हो रही है। राठी स्कूल के पीछे का वार्ड इस बार ओबीसी रिजर्व हो जाने के बाद भाजपा मजबूत है। यहां भाजपा की टिकट प्रेमसिंह खेरवाल (राठौड़) ने मांगी हुई है। प्रेमसिंह की स्थिति बहुत मजबूत है। यह परिवार करीब 40 सालों से भी अधिक समय से भाजपा परिवार का वरिष्ठ परिवार है। यहां कांग्रेस की टिकट लेने से लोग खिसक गये। अब एक व्यक्ति को टिकट लेने के लिए मनाया गया है।
* धर्मदास सिंधी पहले की पावर में नहीं हैं।
* कांग्रेस में गंगाजल मील ताकतवर थे जिन्होंने 2009 के बाद 2019 में कांग्रेस के बोर्ड बना दिए थे। (हालांकि 2019 में चेयरमैन बने ओमप्रकाश कालवा ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली)। कांग्रेस के पास अब गंगाजल मील के स्वर्ग वास के बाद उतना पावरफुल चेहरा नहीं जो जोड़तोड़ बिठा ले। भाजपा के पास रामप्रताप कासनिया पावरफुल है जो आवश्यकता पड़ने पर निर्दलीय पार्षदों को भाजपा में लेजा सकता है। ऐसी ताकत कांग्रेस के विधायक डुंगरराम गेदर में नहीं कि किसी निर्दलीय पार्षद को कांग्रेस के खेमे में ले जाए।
* चेयरमैन कुर्सी महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा के पास इस पद के लिए कई चेहरे हैं लेकिन कांग्रेस के पास अभी तक कोई चेहरा सामने नहीं आया है। भाजपा की ताकत इस चुनाव में प्रतिदिन कुछ बढ रही है। ०0०