शनिवार, 29 अगस्त 2026

भाजपा में नाराजगी से तूफान.23 प्लस प्लान से हालात 15 प्लस पर खिसका.क्या होगा?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 29 अगस्त 2026.

भाजपा के प्रत्याशियों के नामों की भनक से उपजे हालात बिगड़ कर रक्षाबंधन त्यौहार के दिन व्यस्तता में विरोध के स्वर अब वार्डों में फैले हैं उनसे बोर्ड बनाने का दावा कर रही भाजपा की स्थिति डाउन होने की चर्चा से कुछ वार्डों में निर्दलीय का माहौल बनने लगा है। सामान्य वार्डों में ओबीसी,सामान्य वार्ड में बाहरी,फील्ड वर्कर के बजाय अन्य को टिकट फाईनल के होने की भनक से भाजपा में फूट का उफान है। यह टिकट वितरकों को दिखाई नहीं देता। 

मेरा अभी दो दिन पहले रिपोर्ट थी कि भाजपा 23 प्लस की नीति से चुनाव लड़ने की तैयारी पर है। इसके बाद भाजपा के कदावर नेता ने चर्चा में कहा कि 23 प्लस से और आगे भाजपा 30 प्लस की योजना के अनुसार चुनाव लड़ने पर है और आज जब विभिन्न वार्डों में विरोध के स्वर उठ रहे हैं और भाजपा की ताकत कमजोर हो रही है तब खिसकती हालत में भाजपा अब 15 प्लस पर है। बहुत बार सत्ता का नशा और अकड़ काम नहीं आती और यह स्थिति दो चार दिन में भाजपा नेताओं और विद्रोह वाले वार्डों में थोपे जाने वाले प्रत्याशियों को असली वोट का आईना दिखा देगी।

* वार्ड नं 30 सामान्य घोषणा के तुरंत बाद सुशील तावणिया ने भाजपा टिकट की दावेदारी और चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। वहां ओबीसी वर्ग से कृष्ण छींपा ने भी भाजपा टिकट की दावेदारी और चुनाव लड़ना है कि घोषणा कर दी। कृष्ण छींपा का परिवार पिता सत्यनारायण व माता  ही काफी सालों से चुनाव लड़ते रहे हैं। अब टिकट कृष्ण छींपा को टिकट दिए जाने की चर्चा हो रही है। इसके साथ ही विरोध भी शुरू हो गया है कि सामान्य वर्ग फिर कब चुनाव लड़ेगा,जब नंबर आए हुए भी टिकट नहीं मिले। सुशील कुमार तावणियां ब्राह्मण जाति से हैं और भाजपा के प्रसिद्ध कार्यकर्ता हैं। विरोध शुरू होने से कृष्ण छींपा की जीत और खुशियां प्रभावित होंगी।

* वार्ड नं 45 सामान्य वार्ड है जहां पूर्व पार्षद श्रीमती संतोष गिरी को फिर से भाजपा  टिकट दिए जाने की चर्चा से नाराजगी शुरू है। संतोष गिरी ओबीसी वर्ग की है। इस वार्ड में सामान्य वर्ग के कई लोग चुनाव मैदान में हैं।

* वार्ड नं 19 सामान्य है। भाजपा यहां श्रीमती रजनी मोदी को चुनाव में उतारने की तैयारी में है। जबकि इस वार्ड के क्षेत्र में रिंकु सिद्दीकी पकड़ मजबूत है।रिंकु भाजपा का और विकास कार्यों का  ताकतवर नेता है जबकि रजनी मोदी फील्ड में किसी भी विकास से जुड़ी हुई नहीं है। यहां रजनी मोदी को चुनाव में उतार दिया जाता है तो कांग्रेस की जीत की संभावना बढ जाती है। यहां कांग्रेस हरीश दाधीच निवृत हुए पार्षद को चुनाव में उतार रही है। हरीशदाधीच पिछले चुनाव में भाजपा से थे और अब भाजपा नेताओं से नाराजगी की वजह से कांग्रेस में चले गये।

* वार्ड नं 40 यहां भाजपा के पुराने सरावगी परिवार से सुमन पत्नी सुशील कुमार सरावगी भाजपा की टिकट की प्रबल दावेदार है लेकिन यहां दूसरे वार्ड की निवासी पूर्व पालिका अध्यक्ष आरतीशर्मा को चुनाव में उतारने की संभावना से विद्रोह पनप रहा है। आरतीशर्मा का चेयरमैन काल 1994 से 1999 तक रहा था। आरती शर्मा यहां बाहरी होने के कारण चर्चाओं में तीसरे क्रम पर मानी जा रही है। लोगों का आकलन है कि करीब एक सौ वोटों से पीछे रहेगी। आरतीशर्मा का वार्ड इस बार ओबीसी के लिए आरक्षित हो गया। आरतीशर्मा खुद को फिर से चेयरमैन का दावेदार मानती हुई सामान्य वार्ड नं 40 में घुस गई। सुमन सरावगी के समर्थक ताल ठोक रहे हैं कि यहां नियम के विपरीत जाकर भाजपा बाहरी आरतीशर्मा को टिकट देती है तो वे सरावगी परिवार को पीछे नहीं हटने देंगे और सुमन को चुनाव मैदान में निर्दलीय लड़ाएंगे। कुछ भी हो यहां  से चुनाव लड़ना आरतीशर्मा को हानिकारक रहेगा।  चेयरमैन पद के लोभ में वर्तमान स्थिति को आलोचना का शिकार बना देगी। सबसे विपदा उन भाजपा नेताओं पर आएगी जो आरतीशर्मा का चुनाव दूसरे वार्ड से समर्थन करने वालों में हैं। जिलाध्यक्ष शरणपालसिंह, नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना और नगरमंडल के पूर्व अध्यक्ष सुरेश मिश्रा का क्या होगा? 

* वार्ड नं 27 से भाजपा नेता विजय गोयल अपनी पत्नी सरोज गोयल को भावी चेयरमैन के पद के लिए पार्षद का चुनाव लड़ा रहे हैं। यहां समाजसेवी पूर्व पार्षद चरणजीत सिंह टंडन चन्नी अपनी पत्नी सुनीता टंडन को चुनाव लड़ा रहे हैं जो भाजपा पर बहुत भारी हैं।

* वार्ड नं 43 से श्रीमती वीना पत्नी प्रवीण छाबड़ा भावी चेयरमैन पद की आशा में पार्षद का चुनाव भाजपा टिकट से लड़ रही है जिनकी टक्कर कांग्रेस प्रत्याशी से है। कांग्रेस यहां भाजपा से कुछ अधिक ताकतवर है और भाजपा के पसीने निकालने वाले चुनाव है।

* भाजपा में विष्णु तरड़ अपनी पत्नी दीपा तरड़ को भावी चेयरमैन के चुनाव के लिए पार्षद का चुनाव लड़ा रहे हैं। चेयरमैन पद के लिए भाजपा किसको टिकट देगी यह अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।भाजपा में टिकटों को लेकर और वार्डों में भी विरोध अभी चल रहा है वह संकट पैदा करने वाला है।आरोप है कि पुराने कार्यकर्ता परिवारों को जानबूझकर पीछे धकेला जा रहा है। भाजप के पुराने परिवारों में है डिम्मी सचदेवा परिवार। सचदेवा परिवार अपनी बेटी के लिए भाजपा की टिकट मांग रहे हैं और वहां किसी और को टिकट थमाने की तैयारी चल रही है। ०0०






यह ब्लॉग खोजें