रविवार, 8 फ़रवरी 2026

श्रीगंगानगर: कितने अवैध चिकित्सालय और प्रयोगशालाएं ?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 8 फरवरी 2026.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी और लापरवाही से सूरतगढ़ में( और जिले में) कितने चिकित्सालय और कितनी प्रय़गशालाएं अवैध यानि बिना वैध रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं? बड़ा प्रश्न है और  उत्तर इस विभाग की त्वरित व लगातार छापेमार निरीक्षण से सामने आएगा। क्या सीएमएचओ को मालुम नहीं कि शहर में गलियों में कितने चिकित्सा केंद्र चल रहे हैं? केवल गोपनीय सूचना के नाम पर एक जगह छापा मारना उचित होगा लेकिन सभी चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं की जांच हो तो अनेक खामियां मिलेंगी और चिकित्सा केंद्रों पर सील लगेगी।

👍 चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं का मेडिकल कचरा खपाने के लिए भी निश्चित स्थान और विधि  है जिसमें हर माह कुछ रूपया खर्च होता है और उसको बचाने के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया जाता। मेडिकल कचरा अवैध रूप से सड़कों आदि पर फेंका जाता है जो कानूनी गलत है।

चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं मेडिकल स्टोरों पर साफ सफाई,संपूर्ण स्टाफ का स्वास्थ्य परीक्षण जरूरी है लेकिन ऐसा निरीक्षण श्रीगंगानगर जिले में कब कहां हुआ और परिणाम व कार्वाई की सूचना नहीं मिलती। पहले ड्रग इंस्पेक्टर की कार्वाई की रिपोर्ट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से मिलती थी। अब विभाग सूचना उस विभाग को देता नहीं है।

खाद्य पदार्थों के नमूने और जांच की रिपोर्ट भी नहीं मिलती। सीएमएचओ की ओर से शनिवार 7 फरवरी 2026 को सूरतगढ़ के यश हास्पीटल में अचानक निरीक्षण में लेबोरेट्री अवैध बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित मिली। क्या हस्पताल संचालक की अनुमति के बिना कोई हस्पताल में लेबोरेटरी चला सकता है? उसका बिजली का कनेक्शन भी होगा जो मेन मीटर से या अलग होगा तो भी होस्पीटल की अनुमति से ही होगा। होस्पीटल में कोई भी अवैध संचालन हो रहा है तो कार्वाई संपूर्ण होस्पीटल पर होने और जवाब भी होस्पीटल संचालक से लिया जाना चाहिए था लेकिन लेबोरेटरी सील हुई और समाचार छपा हुआ सामने आया कि लेबोरेटरी संचालक से जवाब मांगा गया है।

👍 सीएमएचओ गंभीरता से सूरतगढ़ और संपूर्ण जिले में लगातार सभी चिकित्सालयों व प्रयोगशालाओं का निरीक्षण करे और कार्वाई की रिपोर्ट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को प्रकाशन के लिए भिजवाए।



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