मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

सूरतगढ़. अंबेडकर नाम लेवा की उभरती ताकत.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 फरवरी 2026.

नगरपालिका क्षेत्र में सत्ताधारी भाजपा व कांग्रेस  के अंदर देखी जा रही गुटबाजियों से अलग हटकर यहां नयी राजनैतिक शक्ति उभर रही है जो आने वाले चुनावी काल में सभी को विस्मय में डाल देगी। यह भी हो सकता है कि नगरपालिका चुनाव में यह नयी ताकत भाजपा और कांग्रेस को बोर्ड के अध्यक्ष पद  के नजदीक ही नहीं आने दे। इस नयी शक्ति ने गुपचुप रूप से दो तीन माह पूर्व काम भी शुरू कर दिया है ताकि चुनाव में सक्रियता साबित कर दे और यह भी साबित करे कि चुनाव देखकर मैदान में  नहीं उतरे बल्कि पहले से काम कर रहे हैं। इस अंबेडकर नाम लेवा लोगों को शिक्षा और रोजगार नौकरी आदि के माध्यम से अलग से नये सिरे से युवाओं को जोड़ने वाले कार्यक्रम शुरू करते देख यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नगरपालिका चुनाव में ये लोग अपनी नयी पहचान से अध्यक्ष पद तक पहुंचने की पूरी कोशिश करेंगे। भाजपा और कांग्रेस में जो लोग पदाधिकारी हैं, उनके शुन्य बराबर कार्यों व निष्क्रियता से लोग संतुष्ट नहीं हैं। आम लोग नयी ताकत और अध्यक्षीय चेहरा नया देखने के ईच्छुक हैं। भाजपा और कांग्रेस में से एवं  अन्य दलों व आम लोगों में से अम्बेडकर नाम लेवा लोगों की ताकत उभरती हुई आगे बढेगी और आश्चर्यचकित करेगी। नगरपालिका के वार्ड पार्षद भी इस नयी शक्ति वाले अधिक होंगे। अंबेडकर नाम लेवा में सभी वर्गों के लोग खासकर युवा लोग होंगे। इस नयी ताकत के युवा व आम लोगों को भाजपा व काग्रेस पार्टियों और इनके नेताओं एवं पदाधिकारियों की परवाह नहीं होगी। नगरपालिका चुनाव संभवतः अप्रैल 2026 में हो सकने का अनुमान है और सत्ताधारी भाजपा यहां गुटबाजी के कारण कांग्रेस से कुछ अधिक कमजोर नजर आ रहा है इसलिए यह भी लग रहा है कि भाजपा के लोग ही भाजपा से टिकट न मांगकर निर्दलीय रूप से आगे आएं और ऐसे लोग अंबेडकर नाम लेवा लोगों से जुड़कर चुनाव लड़ेंगे तो भाजपा को जबरदस्त ठोकर लगेगी। अभी भाजपा की नैया के चालक और जिलाध्यक्ष व नगरमंडल को नयी उभरती शक्ति का अहसास तक नहीं है। भाजपा कमजोर है इसका यह मतलब नहीं है कि यहाँ कांग्रेस अधिक ताकतवर है। कांग्रेस के पास या कहें विधायक के पास राजनैतिक सूझ वाले लोग नहीं हैं। कांग्रेस भी अप्रैल के पास तक कोई अधिक ताकत वाली बन जाएगी जैसी स्थिति नजर नहीं आ रही। राजस्थान में भाजपा की सरकार बने 2 साल से अधिक समय हो गया लेकिन यहां भाजपा नगरपालिका में ऐसा कोई काम नहीं करवा पाई जिससे लोग प्रभावित होकर वोटिंग भाजपा के पक्ष में कर दें। लोग भाजपा पार्टी से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे लेकिन भाजपा के नेताओं और पदाधिकारियों से नाराज नजर आ रहे हैं। नगरपालिका प्रशासन से शहर जो दुर्दशा लोगों को फील हो रही है वह भाजपा के लिए दुखदायी चुनाव परिणाम ला सकती है।०0०






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