गुरुवार, 5 अक्तूबर 2023

परसराम भाटिया और गंगाजल मील की ट्यूनिंग और मील की राजनीति

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

मील द्वारा ओमप्रकाश कालवा को छिटकाने के बाद परसराम भाटिया को नगरपालिका में अध्यक्ष नियुक्त करवाना और अब कार्यकाल को बढवाने से यह तो साफ हो गया है कि कांंग्रेस पार्टी में इन दोनों के बीच अच्छा मेल मिलाप है। 

नगरपालिका में तेज गति से कार्य करने वाले अध्यक्ष के नाम में परसराम भाटिया का नाम है।

पूर्व विधायक गंगाजल मील और परसराम भाटिया के बीच ट्यूनिंग का लाभ हनुमान मील की राजनीति को बढाने वाला और आगे चुनाव में अनेक लाभ पहुंचाने वाला है। श

परसराम भाटिया कार्य करने में स्टाफ को गतिशील रखने में तेज है। सरकारी नौकरी में दफ्तरीय कार्यों का अनुभव भाटिया के काम आ रहे हैं। 

असल में अध्यक्ष पद शुरू में ही भाटिया को मिलना था। मील से उस समय बड़ी चूक हुई। ओमप्रकाश कालवा ने 2 दिसंबर 2019 को अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण किया था जो अब सस्पेंड हैं। उस दिन परसराम भाटिया अध्यक्ष बनता तो अब तक मील को कितना राजनीतिक लाभ मिलता? यह समीक्षा जरूर की जानी चाहिए कि मील ने क्या खोया? परसराम भाटिया और मील हनुमान के पास चुनाव आचार संहिता लगने के बाद भी अनेक कार्य करने का पर्याप्त समय रहेगा। आचार संहिता में भी विभिन्न कार्य करने की छूट है जो करके जन साधारण को प्रसन्न और राजनीतिक लाभ ले सकते हैं।०0०

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