सौंदर्यीकरण के नाम जो हो रहा सूरतगढ़ में.भाजपा के रोने के दिन होंगे।
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 13 फरवरी 2026.
भाजपा सौंदर्यीकरण के नाम पर शहर में नगरपालिका के माध्यम से विकास निर्माण करवा रही है उसमें जो रूपया लग रहा है और जो काम हो रहे हैं वे आने वाले नगरपालिका चुनाव में दुखदायी परिणाम देंगे।
सुभाष चौक पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा स्मारक का सीढियों का गेट है उसके आगे बिजली खंभे का आधार सीमेंट कंक्रीट से बनाया है। गेट से आधार की दूरी केवल 4 फुट के करीब है। प्रतिमा के दर्शन में यह खंभा सौंदर्यबोध में बाधा डालेगा और जो श्रद्धालु जयंती मनाते हैं मालाएं पहनाते हैं उनके लिए भी बाधा बनेगा। खंभा लगाना है तो उसकी दूरी स्मारक गेट से 15 फुट की दूरी तो होनी ही चाहिए। नगरपालिका प्रशासन दफ्तर से बाहर निकल कर कुछ भी देखना नहीं चाहता। इंजीनियर क्या करते हैं यह कोई मौके पर देखना नहीं चाहते। यह लापरवाही अनदेखी भाजपा को भारी पड़ेगी।
सड़कों पर डिवाइडर और सौंदर्यीकरण के नाम पर जो पौधे बीकानेर रोड पर लगाए गये हैं वे भी देखने जरूरी हैं। कोई भी पौधे लगा देंगे। बेरी कंटीली भी लगा देंगे। क्या डिवाइडर सड़क की चौड़ाई माप कर ठीक बीच में बनाए जा रहे हैं?
वार्ड नं 42 में बनाए जा रहे बगीचे की चार दीवारी के निर्माण में विवाद है और नक्शे के अनुसार नहीं होने का आरोप है। जहां निर्माण होता है वहां बोर्ड पर सही माप,खर्च की रकम,निर्माण की अवधि और निर्माण एजेंसी का नाम प्रदर्शित होता है। इस स्थान पर राजनीति करने वाले कुछ लोगों के अवैध कब्जे के प्लाट बचाने के लिए चार दीवारी को मोड़ दिए जाने का मामला है।
* रेलवे रोड सुभाष चौक से महाराणा प्रताप चौक तक का दक्षिणी नाला मिट्टी ईंटों के टुकड़ों कचरे से बंद करा पड़़ा है। ( भाजपा के नगरमंडल अध्यक्ष गौरव बलाना की शोप के आगे से यह नाला है।) दूसरी ओर का नाला भी बंद है। सुभाष चौक की क्रोसिंग नाला दो सालों से साफ नहीं किया गया। गौरव पथ बीकानेर रोड के नाले दोनों तरफ निर्माण से दुकानदारों ने बंद कर दिए हैं जिनके निर्माण को नगरपालिका तोड़ना नहीं चाहती। अवैध निर्माण होते देखा जाता रहा।
👌 सौंदर्यीकरण का ढोल पीटा जा रहा है। आवासन मंडल पुरानी कालोनी में दो सौ से अधिक आवासों के आगे बीस फुट तक सड़क तक अवैध अतिक्रमण हो चुके हैं जो बार बार लिखे जाने के बावजूद तोड़े नहीं जा रहे। सड़क हक की भूमि पर पैसे वाले प्रभावशाली लोगों, अधिकारियों, राजनैतिक कार्यकर्ताओं के अतिक्रमण हैं जिनसे दुर्घटनाएं होती रहती है। गरीबों के कच्चे अतिक्रमण तुड़वाए जाते हैं और ये विशाल अतिक्रमण बचाए जाते हैं। यहां अतिक्रमणकारियों ने स्कूल,व्यवसाय चला रखे हैं तो किसी का गैराज है किसी का बगीचा है। जितना आवास उतना ही आगे अतिक्रमण है। कितने दिन बचाएंगे अतिक्रमण।
* नगरपालिका कार्यालय में सफाई और दमकल कर्मचारी लगे हैं। रिकॉर्ड की सुरक्षा जिम्मेदारी नहीं। पिछले 2 सालों में स्थित बिगड़ती गयी है और सैंकड़ों महत्वपूर्ण फाईलें गायब कर दी गई हैं। सरकारी आदेशों को लोगों के आवेदनों को दबाया जाता रहा है। सरकार को गलत रिपोर्ट्स भी भेजने का खेल चलता रहा है।
👍 सौंदर्यीकरण में सफाई रोशनी सड़कों का दर्शन महत्व रखता है जो यहां नहीं है।👌 शहर में सौंदर्यीकरण के नाम पर यह सिस्टम कमीशन का बड़ा खेल है। शहर के आधे नाले नालियां गंदगी मिट्टी से भरे हैं। तो यह कैसा सौंदर्यीकरण है। मुंह पर पावडर क्रीम और पिछवाड़े में टट्टी लिपड़ी।
** भाजपा के लिए आने वाले चुनाव परिणाम रोने वाले होंगे। यह हाल नगरपालिका प्रशासन ने कर दिया है जो कांग्रेस के लीडरों और कमीशनखोरों के लिए गलत सलत काम कर रहा है। बड़ी जांच और बड़े एकशन की जरूरत है।
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