सूरतगढ़ न्यायालय भवन के 20 करोड़़.किस का प्रेशर.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 28 फरवरी 2026.
न्यायालय के नये भवन निर्माण के लिए बजट 2026-27 में 20 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। यह राशि मंजूर कराने में किसका प्रेशर था? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को बजट देने के लिए किसने मनाया? नेताओं ने फरवरी में मांगे रखी लेकिन 20 करोड़ रू. के खर्च का अनुमान एकदम से तुरंत कर लिया गया या यह प्रक्रिया पहले से ही चल रही थी? नेताओं में श्रेय लेने की होड़ लगी है।
* कुछ पीछे के काल में चल कर अनुमान लगाएं। न्यायालय के नये भवन के लिए बीकानेर रोड पर पशु चिकित्सालय क्षेत्र में भूखंड के लिए भी वकीलों को बड़ा संघर्ष करना पड़ा था। जब नेता भूखंड नहीं दिला पाए जिसमें केवल एक विभाग से दूसरे विभाग को स्थापित करना था। उसमें रूपये तो लगने ही नहीं थे। वह काम यदि बीस पच्चीस दिन में हो जाता तो मान लिया जाता की किसी नेता के लैटर लिखने से किसी नेता के भाषण देने मात्र से सरकार ने जमीन दे दी,लेकिन ऐसा हुआ नहीं था। वकीलों को जमीन के लिए भी बड़ा संघर्ष करना पड़ा था। इसलिए अब सोशल मीडिया पर कोई कुछ भी लिखे,नाचे,जीत का गुलाल खेले लेकिन सच्च केवल एक है कि यह राशि वकीलों की हिम्मत और संघर्ष के दबाव से इसी बजट में स्वीकार हो गयी जो पहले से प्रक्रिया में थी। यदि वकील संघर्ष नहीं करते तो यह प्रक्रिया धीमी ही चलती और फिर अगले बजट सेशन में जाकर स्वीकार होती। श्रेय लेने के लिए यदि नेता या समर्थक कुछ कर रहे हैं लिख रहे हैं भाषण दे रहे हैं तो यह राजनीति है। राजनीति में झूठ भी बड़े ठाट से बोला जाता है।
सूरतगढ़ के लिए कड़वा सच्च तो यह है कि नेता यहां नगरपालिका प्रशासन से नाले नालियां सड़कें साफ नहीं करवा सकते। दो साल से शहर में गंदगी की सड़ांध है। नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा से यह काम करवा कर दिखाएं विधायक डूंगरराम गेदर और पूर्व विधायक राज्यमंत्री रामप्रताप कासनिया। दोनों निकले बाजारों, सड़कों और मोहल्लों में और देखलें अपनी अपनी पावर जो नगरपालिका प्रशासन के आगे धूल धूल है।
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