अवैध मार्केट काम्पलेक्स निर्माण और अधिकारियों की मिलीभगत. सूरतगढ़.
० भाजपा के नेताओं लोगों पर आरोप है और कांग्रेस के नेता चुप हैं।
सूरतगढ़ 26 फरवरी 2026.
नगरपालिका प्रशासन की मिलीभगत से अवैध शोपिंग काम्पलेक्स और दुकानों का निर्माण हो रहा है। नगरपालिका प्रशासन के अधिकारी इन अवैध निर्माणों पर कार्वाई करके नगरपालिका को आय कराने के बजाय अपना घर भरने में लगे हैं। आवासीय भूखंडों पर अवैध व्यावसायिक निर्माण पर मिलीभगत। नगरपालिका की जमीन पर अतिक्रमण और उस पर भी व्यावसायिक निर्माण। इन अवैध निर्माणों के अनेक के सचित्र समाचार भी छपे हैं लेकिन नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी की ओर से जानकारी मिल जाने पर भी कार्वाई नहीं की गई। नगरपालिका की ओर से तुरन्त ही निर्माण रूकवाने और जब्ती की कार्रवाई की जाने के बजाय नोटिस दिए जाकर ऊपर ही रकम लेकर मामले दबा दिए जाते हैं। अनेक मामले हैं जिनमें नोटिस दिए गये।जेबें भरी गई और फिर कोई कार्वाई नहीं हुई। नेशनल हाईवे के होटल निर्माण पर नोटिस कार्वाई नहीं। एक कालोनी में गलत निर्माण पर नोटिस मगर गुपचुप लेनदेन और मामला बस्ते में बंद।

एक स्कूल संचालक (शर्मा बाल मंदिर) को अवैध निर्माण पर 1 लाख से अधिक की शास्ति का नोटिस ईओ के हस्ताक्षर और डिस्पैच नंबर लगाने के बाद गुपचुप मामले को दबा दिया गया। नगरपालिका कोष को एक लाख से अधिक रू.का नुकसान का स्पष्ट भ्रष्टाचार हो गया। इसमें बचाव भी नहीं। ऐसे अनेक मामले हैं। अतिक्रमण तोड़ने के मामलों में गरीबों की सामग्री ईंटें लोह सामान जब्त लेकिन नेताओं के अतिक्रमण में कार्वाई करनी भी पड़े तो लाखों की सामग्री जब्त नहीं, ताकि वह दुबारा अतिक्रमण कर सके। ताजा मामला निरंकारी भवन के पीछे एक बड़े अतिक्रमण का है जिसे हटाया गया मगर सामग्री ज्यों की त्यों जानबूझकर छोड़ दी गई। इस मामले में जानबूझकर की गई इस गड़बड़ी से उपखंड अधिकारी को अवगत कराने की सूचना है। ०0०