मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

बस स्टैंड कैंटीन ठेकेदार से 12 लाख नहीं वसूले, मिलीभगत का घोटाला.सूरतगढ़ नगरपालिका.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 7 अप्रैल 2026.

नगरपालिका के अधिकारियों द्वारा घोटालों से सरकारी कोष को लगातार नुकसान पहुंचाने के मामले उजागर हो रहे हैं। नगरपालिका की रोडवेज बस स्टैंड की कैंटीन ठेके की बड़ी रकम करीब 12 लाख रू. ठेकेदार से वसूली नहीं किए और समय अवधि खत्म होने पर ठेकेदार ने 5-7 हजार का कैंटीन का सामान जब्त करवा दिया और कैंटीन ठेका आगे अपने चाचा के नाम ले लिया। (अधिशाषी अधिकारी पूजा शर्मा  और राजस्व अधिकारी दोनों की जिम्मेदारी बनती है।)

* सन् 2025-26 के.लिए बस स्टैंड दुकान नं 3 कैंटीन का ठेका 20 लाख 10 हजार में,फ्रूट दुकान नं 4 का ठेका 2 लाख 50 हजार में खेमचंद के नाम से हुए।

* ठेका होते ही आधी राशि तुरंत और बाकी राशि 1 माह में जमा कराना अनिवार्य होता है। ठेकेदार से आधी राशि जमा करवाई। ठेकेदार ने अपना काम शुरु कर कमाई शुरू करली। आधी रकम जो एक माह में जमा करानी थी उस में गोलमाल कर दिया गया। ठेका चलता रहा और मार्च 2026 आ गया। इतने समय तक अधिशासी अधिकारी और राजस्व अधिकारी चुप रहे। इस गड़बड़ी को फाईलों में कौन देखता है? यह खेल हुआ और अंत में 6 मार्च 2026 को कैंटीन का कुछ सामान जब्त कर खाना पूर्ति भी कर ली कि ठेकेदार ने रकम जमा नहीं कराई तो यह कार्वाई की। लेकिन घोटाला और आगे चलाया गया। दो दिन बाद ही कैंटीन का ठेका खेमचंद के चाचा जगदीश पुत्र टेकचंद के नाम से हो गया। आरोप है कि काम तो खेमचन्द का ही है।

अधिशासी अधिकारी और राजस्व अधिकारी के शामिल हुए बिना यह गड़बड़ हो नहीं सकती। जांच में पूरा खुलासा होगा। 

आज शहर के कुछ जागरूक लोगों ने उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा को लिखित में शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं में मुरलीधर पारीक,किशन पारीक, संजीव शर्मा, प्रदीप सिंधी, उमेश मुद्गल, दुलाराम डुडी और खूबचंद नायक ने उपखंड अधिकारी को कैंटीन घोटाले की जांच करने की मांग की है। आरोप है कि ठेकेदार ने बिजली खर्च का बिल भी जमा नहीं कराया।०0०









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