मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026

सूरतगढ़:होटल,व्यावसायिक भवनों की अवैध मंजिलें. नगरपालिका प्रशासन की सैटिंग.


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 24 फरवरी 2026. 

सूरतगढ़ में राजनैतिक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं,समाज सेवकों और बड़े लोगों के अवैध निर्मित होटल और व्यावसायिक संस्थान,और आवास  मुख्य सड़कों पर खड़े हैं।

 अधिकांश होटल व्यावसायिक संस्थानों घरों के निर्माण की मंजूरी केवल दो मंजिल तक है लेकिन ग्राउंड फ्लोर और एक ऊपर लेकिन यहां दूसरी तीसरी यानी टोटल चार और पांच मंजिलों तक के होटल व्यावसायिक स्थल और घरेलू मकान बने हुए हैं। अनेक ने भूमिगत निर्माण भी अवैध कर रखे हैं।

 * ये विशाल निर्माण अवैध तो हैं और अधिकांश में अग्निशमन की कोई व्यवस्था उपकरण नहीं है। अधिकांश भवन हरवक्त अग्नि दुर्घटना के खतरे में है। निर्माण में भी यह घटियापन है कि उंचे निर्माण में अंदर तो प्लास्टर है सज्जा है लेकिन बाहर कोई प्लास्टर नहीं,केवल ईंटें ही दिखाई देती है।

👍 नगर पालिका अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा से आज रेलवे स्टेशन के पास बन रहे एक  होटल के निर्माण की वैधता के बारे में पूछा गया कि वह अवैध बन रहा है। तब उन्होंने कहा कि दो मंजिल की स्वीकृति है। उन्हें बताया गया कि वह चार मंजिल तक बन चुका है। 

* नगर पालिका की स्थिति यह है कि उसकी जानकारी में आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।

* अवैध निर्माण की कार्रवाई पर नगर पालिका नोटिस जारी करती है तो अवैध निर्माण करता और नगर पालिका प्रशासन के बीच में आपसी समझौता हो जाता है,नगर पालिका को निर्माण के जो रुपए शुल्क मिलना चाहिए वह नगर पालिका प्रशासन के अधिकारी और निर्माता के बीच में ही सेटल हो जाता है।नगर पालिका को इस प्रकार से नोटिस देकर कार्रवाई नहीं करने पर भवन निर्माण के शुल्क के रूप में मिलने वाले लाखों रुपए हर माह चोट पहुंचती है। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही और मिलीभगत से नगर पालिका को यानि सरकार को बहुत बड़ी ठगी का शिकार होना पड़ रहा है। नगर पालिका ने अनेक नोटिस जारी किए लेकिन इसके बाद में उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्पष्ट स्थिति सामने आ रही है कि इस प्रकार के आपसी समझौते में नगरपालिका के स्टाफ की जेबें भर्ती है या वे किसी दबाव में नगरपालिका कोष को हानि पहुंचाते हैं।

* प्रमुख सड़कों के किनारे बाजारों में बने विशाल होटल और व्यावसायिक संस्थानों में संपूर्ण निर्माण की जांच के बाद में शास्ति लगनी चाहिए जिससे नगर पालिका को लाखों रुपए की आय हो सकती है। जिन व्यवसायिक होटल और संस्थान ने अवैध रूप से तीसरी चौथी पांचवी मंजिल तक निर्माण किया है उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी करके अवैध बनाई गई मंजिलें ध्वस्त की जानी चाहिए। संबंधित भवन के मालिक स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं तो नगर पालिका की ओर से होटल भवन जो भी है उसको सीज कर सील मोहर किया जाना चाहिए। अनेक भवनों के आगे सड़क पर सीढियां या ढलान अवैध निर्माण हैं। अवैध निर्माण और नगरपालिका की सैटलमेंट  लूट पर सभी राजनैतिक दल,उनके पदाधिकारी भी किसी तरह से समझोतों में दबे हैं या चुप हैं। मतलब कि सभी का रवैया एक जैसा है।

अभी नगर पालिका पूरी तरह से इस आवश्यक काम को जो कि आम जनता के साथ कभी भी भयानक दुर्घटना हो सकती है के मामले में लापरवाही बरत रहा है। 

*  इसके अलावा नगर पालिका अग्निशमन ब्रांच की ओर से समस्त होटल और बड़े व्यावसायिक सेंटरों पर जांच की जानी चाहिए।  अग्नि शमन की सुविधा वहां है या नहीं है? अग्निशमन उपकरण अनिवार्य रूप से लगाने का नोटिस जारी होना चाहिए और बार-बार जांच होनी चाहिए। 

*बड़े होटलों, बड़े व्यावसायिक संस्थानों का कचरा निस्तारण भी देखा जाना चाहिए। नगर पालिका क्षेत्र में अनेक प्राइवेट चिकित्सालय खुल गए हैं उनका मेडिकल कचरा कहां निस्तारित होता है? इसकी जांच नगर पालिका को करनी चाहिए कि वह कहां फेंका जा रहा है? यह आम जनजीवन की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। चिकित्सालयों से नोटिस के जरिए पूछताछ होनी चाहिए।

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