बुधवार, 25 फ़रवरी 2026

एसडीएम की सख्ती से प्रभावी अतिक्रमण ध्वस्त. सूरतगढ़ की बड़ी खबर.

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ 25 फरवरी 2026.

उपखंड अधिकारी भरत जयप्रकाश मीणा की सख्ती से सार्वजनिक उपभोग की बीसियों लाख रू के कीमती भूखंड से नगरपालिका ने पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण ध्वस्त किया। मौके पर रजनी नामक एक स्त्री बार बार विरोध करती हुई जेसीबी के आगे खड़ी हो रही थी। पुलिस ने समझाईस की और नहीं मानने पर उसे कालिका महिला पुलिस ने पकड़ कर हटाया और हिरासत में लिया। मौके पर अनेक भू माफिया व्यक्ति भी भीड़ में मौजूद थे। पहले जब फोर्स पूरी नहीं थी तब अतिक्रमण ध्वस्त शुरू नहीं हुआ तब लोगों में चर्चा हो रही थी कि यह कब्जा तोड़ना आसान नहीं है और टूटेगा भी नहीं। नगरपालिका प्रशासन ईओ स्तर तक बड़ा दबाव होने की चर्चा हो रही थी। जब ध्वस्त की कार्वाई शुरू नहीं हुई तब उपखंड अधिकारी को यह शिकायत की गई। उपखंड अधिकारी ने ध्वस्त करने का आदेश दे दिया था और कार्वाई नहीं होने पर वे मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे और सख्त आदेश देकर लौटे। इसके बाद पुलिस का जाब्ता महिला पुलिस के साथ पहुंचा तब शाम को 6- 45 बजे के लगभग कार्वाई शुरू हुई। अतिक्रमण के पीछे ताकत होने और ऐसी स्थिति में ध्वस्त होने की कार्वाई को देखने को आसपास भारी भीड़ एकत्रित हो गई थी। कई  जनें इसका विडिओ बनाने लगे। अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा मौके पर नहीं थी और बताया जाता है कि आज कार्यालय में भी नहीं थी। अतिक्रमण ध्वस्त की चर्चा और हर जगह उपखंड अधिकारी भरतजयप्रकाश मीणा की सख्ती की चर्चा हो रही थी।














 * निरंकारी सत्संग भवन के पीछे सार्वजनिक उपभोग का भूखंड और गली नक्शे में आरक्षित होते हुए भी चारदीवारी का अवैध निर्माण कर कब्जा कर लिया गया था।

नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा लिखित सूचना पर 2 बार मौके गयी थी।  सेवानिवृत्त अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी गौरीशंकर यादव ने 18 फरवरी को नगरपालिका की ईओ पूजा शर्मा को उपस्थित होकर लिखित शिकायत की। सरकार के प्लान के नक्शे भी शामिल किए।यह शिकायत उपखंड अधिकारी जो नगरपालिका के प्रशासक हैं, उनको भी उसी दिन कर दी गई। 

अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा दो बार मौके पर देखने गई लेकिन अतिक्रमण तुड़वाया नहीं तब गौरीशंकर यादव ने एक और शिकायत कर दी थी।  अतिक्रमण करने में रजनी  के नाम का उल्लेख भी कर दिया था। ०0०








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