शुक्रवार, 14 नवंबर 2025

अचानक दिल ब्लॉक की शिकायतें बढी. सूरतगढ़ की आबोहवा रोगीली होने का बड़ा कारण .

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 14 नवंबर 2025.

खतरे में हो चुका है सूरततगढ़ शहर जहां आदमी को अचानक घबराहट होती है और चिकित्सालय जांच में मालुम पड़ता है कि हृदय की खून की नसें 98-99 परसेंट ब्लॉक है। शहर में या शहर के निवासी को बाहर अन्य शहर में अचानक इन हालातों की घटनाएं बहुत बढी है जिसे चिंता वाली हालत की संख्या माना जा सकता है। ऐसी घटनाएं होने पर

साधन सम्पन्न ही तुरंत चिकित्सालय तक पहुंचकर जांच करवा पाता है और स्थानीय स्तर पर या जयपुर जैसे बड़े शहर में स्टंट डलवा ईलाज आपरेशन करवा सकता है। आखिर क्या कारण है ऐसी घटनाएं बढने का जो अब हर व्यक्ति को सोचने को मजबूर कर रही है?

 इसके साथ यह भी जान लेना चाहिए कि शहर में खांसी श्वांस रोग व मां बच्चों के रोग भी चिंताजनक हालत में फैल चुके हैं। खांसी और श्वांस रोग सर्द मौसम में अधिक होते हैं लेकिन दो तीन साल तक भी नौजवानों की भी खांसी न टूटे तो निश्चित है कि उक्त खांसी साधारण नहीं है। खांसी में गंभीरता है जिसकी डाक्टरी जांच जरूरी है और ऐसे रोगी से अन्य को बचना ही उचित होता है। अगर खांसते हुए से मिलना हो तो मास्क लगाकर मिलना ही उचित होता है। शहर में श्वांस रोग भी बहुत बढ गया है। श्वांस रोग पहले बुड्ढों को होता था लेकिन अब तो जवान भी घिरे हैं। * विभिन्न प्रकार के कैंसर रोगी भी सामान्य से अधिक हैं। कैंसर का ईलाज केवल बाहर ही होता है इसलिए इसके फैलाव का आसपास भी मालुम नहीं हो रहा। अन्य रोग भी बढे हैं तो फिर अधिक फैलाव का कारण क्या है? 

* सूरतगढ़ की आबोहवा यानि जलवायु खराब होती हुई रोगीली हो चुकी है। आबोहवा खराब होने का बड़ा कारण है गंदगी जिसके प्रति लोग और संस्थाएं लापरवाह हैं जो ध्यान ही नहीं दे रहे कि शहर में हर प्रकार से साफ सफाई हर रोज हर स्थान पर आवश्यक है लेकिन सफाई की नहीं जाती। सड़कें नाले नालियां कचरे गंदगी से भरे हों और कालोनियों व मोहल्लों में अधूरे खंडहर मकानों खाली पड़े नोहरों में गंदगी से किटाणुओं के उत्पन्न पर सभी चुप और मृत हों तो नगरपालिका प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के निकम्मेपन रुख से आबोहवा ही खराब होगी तथा इस स्तर पर रोगीली हो जाएगी जो सूरतगढ़ में हैं। 

* लोगों और सामाजिक संस्थाओं से एक प्रश्न है कि ऐसी गंभीरता पर जागना चाहेंगे या सोते रहेंगे? यह प्रश्न राजनैतिक नेताओं नेतियों व राजनैतिक पार्टियों से नहीं है, क्योंकि स्थिति को ध्यान में रखते उत्तर मिलता है कि वे शहर के हर संकट के प्रति सो रहे हैं। अंत में यह भी सोचना चाहिए कि पेयजल कितना स्वच्छ है या कितना अशुद्ध है? पेट की हर बीमारी से जुड़ा है यह कारण।०0०





गुरुवार, 13 नवंबर 2025

सूरतगढ़:सबसे बड़े घोटाले. प्रशासन व बड़े लोगों को सब मालुम.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 13 नवंबर 2025.

सूरतगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में बनी एक भी प्राईवेट आवासीय कालोनी नगरपालिका शासन के सुपुर्द नहीं है। सन् 2000 से अब 2025 तक बनी कालोनियां जिनमें 2005 में बनी बसंत और 2007 में बनी आनंद भी बाहर है। नगरपालिका क्षेत्र में दस से अधिक कालोनियां हैं।

* कोलोनाईजर्स ने कालोनियों का निर्माण अपनी मनमर्जी से किया। उन्होंने राजस्थान सरकार से स्वीकृत  कराए नक्शे बस्तों में आलमरियों में बंद किए और नियमों को पूरा नहीं करते हुए निर्माण किए। कालोनियों में सामुदायिक स्थल तक को इधर उधर कर दिया गया और वहां निर्माण नहीं कराए गए। पुरानी कालोनियों में हरेक में पचास से सौ तक भूखंड खाली पड़े हैं जिनमें झाड़झंखाड़ घासफूस गंदगी रोगाणु और खतरनाक विषैले जीव जंतु पनप रहे हैं तथा आसपास के लोगों को मालुम तक नहीं की ये संपत्ति किन लोगों की है,वैध है या फिर काली कमाई को छिपाने की खरीदारी है।

* कालोनियां नगरपालिका के सुपुर्द ही नहीं लेकिन नगरपालिका के अधिकारियों और चुने अध्यक्षों व बोर्ड ने बड़े निर्माणों के नाम पर करोड़ों रूपये कालोनियों में लगाए। इंजिनियरों ने नक्शे माप किए और अधिशासी अधिकारियों ने सब जानते हुए मंजुरियां दी चैक जारी किए। सिस्टम के कमीशन के रूप में बड़े अनुमान से 30-40 करोड़ रूपये अधिकारी चुने हुए नेता आदि ने हड़पे,जबकि सभी को मालुम था कि कालोनियां नगरपालिका के सुपुर्द नहीं प्राईवेट निजी मालिकों के पास है। कालोनियों में नयी सड़कें नालियां निर्माण,मरम्मत, बिजली आदि के नाम पर करोड़ों रूपये बहाए और अपना कमीशन और उचंती हिस्से दारियां भी रखी। सड़कों के निर्माण मरम्मत आदि के टेंडर तक कालोनियों के नाम से हुए। नगरपालिका को तो प्राईवेट कालोनियों में एक पैसा तक नहीं लगाना था। नगरपालिका को कालोनियां सुपुर्द ही नहीं तब तक व्यवस्था और खर्च मालिकों के हैं। साफ सफाई तक कोलोनाईजर करें नगरपालिका अधिकारी साफ सफाई कचरा निस्तारण आदि पर खर्च करने तक के भी दोषी हैं।

नगरपालिका का कुछ निश्चित भूखंडों पर अधिकार होता है जो नीलाम कर जमा रकम नगरपालिका में इस्तेमाल कर सकती है जो यहां अभी तक कोई कार्वाई नहीं हुई। सामुदायिक भूखंड भी जहां कोलोनाईजर ने पट्टे आदि बना कर हड़प लिए वह भी बड़े घोटालों में है। सड़कों के पास दुकानों के निर्माण में बरामदे थे लेकिन नगरपालिका अधिकारियों की मिलीभगती से दुकानों और होटलों में शामिल कर लिए गये। नगरपालिका क्षेत्र में दस से अधिक कालोनियां हैं जिनके निर्माता अपनी टूट फूट सभी प्रकार का मलबा निस्तारण नहीं करते बल्कि नगरपालिका सीमा में और सड़कों के किनारे फेंक देते हैं। सभी कालोनियों के आसपास नगरपालिका क्षेत्र में गंदगी फैल रही है और नगरपालिका की ओर से कोई निरीक्षण नहीं नोटिस नहीं।

वर्तमान अधिशासी अधिकारी पूजा शर्मा से कालोनियों में व्यवस्था बाबत जानकारी चाही तब उन्होंने बताया कि एक भी प्राईवेट आवासीय कालोनी नगरपालिका प्रशासन के सुपुर्द नहीं हुई है। सबसे पुरानी बनी बसंत और आनंद भी नगरपालिका के सुपुर्द नहीं है। अधिशाषी अधिकारी ने बताया कि कोलोनाईजर सरकार के नॉर्म्स (नियम) पूरे नहीं करते। ०0०

बुधवार, 12 नवंबर 2025

सूरतगढ़. उपखंड कार्यालय में बनाया टायलेट कब खोलोगे.महीनों से ताले बंद.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 12 नवंबर 2025.

 ग्राम पंचायत 1एल.एम ने विधायक के क्षेत्रीय विकास फंड की स्वीकृत राशि से उपखंड कार्यालय सूरतगढ़ के परिसर में 4 लाख 76 हजार की राशि से सामुदायिक स्वच्छता काम्प्लेक्स ( टायलेट) का निर्माण कराया जो निर्माण के बाद से ही कई महीनों से ताले लगे हालत में बंद पड़ा है। 



सरपंच सतपाल मेहरड़ा ने विधायक रामप्रताप कासनिया से मिले फंड सन् 2023-24 से यहां बनवा दिया है तो इसको तालों में बंद क्यों रखा हुआ है? सामुदायिक है जनता के उपयोग के लिए है तो गलत स्थान पर बनाया गया और उसे बंद करके रख दिया। शहर में बनाया ही था तो उपखंड कार्यालय परिसर के पास बाहर की ओर ही बना दिया जाता तो कार्यालय समय के बाद भी लोगों के लिए उपयोगी होता।०0०








रविवार, 9 नवंबर 2025

बिहार चुनाव:हार के डर से महिला खातों मे रू.भाजपा को डर.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

देश के महाराजा को भी हार का डर लगा और 1करोड़ 40 लाख महिलाओं के हरेक बैंक खाते में 10 हजार रू.डाल कर डर को खत्म करने का बड़ा प्रयोग किया गया है। देश के विधानसभा चुनावों के इतिहास में बांटी गई यह बहुत बड़ी रकम है। इतनी बड़ी रकम बांट कर क्या यह पक्का माना जा सकता है कि इससे हार जीत में बदली जा सकती है? यह तो निश्चित ही माना जा सकता है कि बदलाव होने का डर तो रहा है और हार का डर नहीं होता तो यह रकम बांटी नहीं जाती। 

बिहार चुनाव पर जब चर्चा होती है तो यही कहा जाता है कि इस बार बदलाव हो सकता है। यह बदलाव शब्द लोगों की जुबान पर आ रहा है तो इसको मामूली तो नहीं समझा जा सकता। जनता का मूड बदलाव का है तो क्या 10 हजार रू.वोटर का दिमाग बदल सकते हैं? आखिर यह रकम किसी की हैसियत बदलने के लिए तो बड़ी रकम नहीं है। एक साल यानि 12 महीने के लिए तो हर माह 833 रू.बनते हैं। लाखों लोगों पर हरेक पर 8-10 हजार रू.तो कर्जा होना मामूली है और लोग कर्जा चुका कर खाली के खाली हो गये होंगे। यह तो लोग जानते ही हैं कि चुनाव से पहले यह रू. बांटने का मतलब क्या है,चाहे कागजी योजना कुछ भी बनाई गई हो।

👌 केंद्र में मोदी राज,बिहार में नितिश राज। केंद्र और बिहार में एनडीए राज। इसे कह सकते हैं भारतीय जनता पार्टी का राज। विकास और नौकरियां दी हुई होती तो हार का डर नहीं होता और रू. नहीं बांटे जाते। 

👌 दिल्ली में आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार चुनाव से पहले बिजली आदि में छूट दे तो भाजपा को बुरा लगे,लेकिन मोदी रू. बांटे तो  भाजपा को सुहाए। सवाल यह भी है कि छूट के बाद क्या आम आदमी पार्टी सरकार लौटी। दिल्ली में आप को बदल डाला और वहां भाजपा  सिरमौर सरकार बन गई। यदि बिहार में जनता का मन बदलाव का हो चुका है तो फिर भाजपा सिरमौर सरकार का आना मुश्किल होगा। अगर ऐसा हो गया तो केंद्र की एनडीए सरकार भी खतरे में आएगी। यह खतरा भाजपा पर होगा यानि कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज पर होगा।

👌 चुनाव से पहले दस हजार रू. खातों में डालने वालों ने रेल में वरिष्ठ यात्रियों को दी जाने वाली रियायत लागू नहीं की जो कोरोना काल से बंद है। बिहारी हो या अन्य गरीब जो साठ साल से ऊपर होकर भी घर से दूर कहीं कामधंधा कर रोटी का जुगाड़ करता है, वह अपने घर और घर से काम वाले शहर तक रियायती यात्रा भी नहीं कर सकता,चाहे रेलें खाली सीट ही चलें। गरीब को जब यह समझ में आएगा तब कोई रू. बांट कर वोट को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेगा। कोरोना समय में कामधंधे बंद होने पर लोगों का अपने घर पहुंचना बहुत मुश्किल हुआ था। 

👌 देश की ही नहीं संसार की सबसे बड़ी पार्टी कहलाने वाली पार्टी भाजपा प्रजातंत्र और संविधान बार बार बखान करती है लेकिन लेकिन अपनी पार्टी के संविधान का ही पालन नहीं करती और अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नया नहीं चुन पाई है। बार बार जे.पी.नड्डा का कार्यकाल बढाती रही है। भाजपा से और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से यह प्रश्न तो किया जा सकता है कि अपनी ही पार्टी में यह एकतंत्र जैसा राज क्यों है? यह प्रश्न कैसे पूछा जाए? प्रेसकान्फ्रेंस में पूछा जा सकता है लेकिन संसार में ये एक मात्र प्रधानमंत्री हैं जो प्रेसकान्फ्रेंस आयोजित नहीं करते। शिलान्यास और उद्घाटन भी अन्य मंत्री नहीं, प्रधानमंत्री करे और विदेश यात्राएं भी अकेले ही करें। सवाल तो अनेक हैं और ये सभी सवाल बिहार की जनता को बहुत कम समय में कैसे समझाए जाए और कौन समझाए। यहां ये सभी प्रश्न अकेले बिहार के लिए नहीं अन्य राज्यों के गरीबों के लिए भी महत्व रखते हैं।

मतदाता सूची का परीक्षण सारे देश में परेशानी पैदा कर रहा है। नये फोटो का मतलब हर परिवार पर सैंकड़ों रू. का बोझ डाल दिया गया।   गरीब को अन्न योजना में भी अब तो अनेक बाधाएं खड़ी कर दी जिस कारण लोग उससे भी वंचित हुए। लोग बिहार के चुनाव को बड़ा महत्वपूर्ण मानते हैं कि बदलाव संभव हो सकता है। अखबार तो डरे हुए डराए हुए हैं सो यह शब्द छापने से डरते हैं फिर भी अनेक आशाएं हैं। भाजपा को फिर से सरकार बनाने का विश्वास है। इस बार प्रमुख रूप से त्रिकोणीय टक्कर होगी। सभी की नजरें मतदाताओं पर है कि परेशानियों में होता हुआ भी वह राज पलटता है या वापस एनडीए को भाजपा राज को कायम रखता है?

करणीदानसिंह राजपूत,

62 वर्ष से पत्रकारिता. उम्र 80 वर्ष.

मो. 94143 81356.



शनिवार, 8 नवंबर 2025

सरदार पटेल 150 युनिटी मार्च.भाजपा नेता कौन शामिल हुए.

 








* करणीदानसिंह राजपूत *

* शनिवार 8 नवंबर 2025.विशेष रिपोर्ट.


सरदार@150 यूनिटी मार्च कार्यक्रम की आज 8 नवंबर 2025 को नर्सिंहंपुरा गाँव के शिव मंदिर में शुरुआत हुई।

 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुमित गोदारा, (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजस्थान सरकार),जिलाध्यक्ष शरणपाल सिंह मान,पूर्व मंत्री सुरेन्द्र पाल सिंह टीटी,पूर्व विधायक बलवीर लूथरा, जिला महामंत्री प्रदीप धेरड़ व श्रीभगवान सेवटा (जिला संयोजक यूनिटी मार्च) भुपेंद्र सिंह शेखावत, गंगानगर जिला प्रसाशन व करणपुर, सूरतगढ व रायसिहनगर विधानसभा के मंडलों के मंडल अध्यक्ष व कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।






 कार्यक्रम में ग्रामीण बच्चे, युवा, महिलाएँ व गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए कार्यक्रम बहुत ही भव्य रहा। छात्राओं ने संगीत की प्रस्तुति दी।

 मुख्य अतिथि गोदारा जी ने सरदार पटेल के जीवन पर उद्बोधन दिया व एक भारत श्रेष्ठ भारत, एक भारत आत्मनिर्भर भारत को प्रदर्शित करते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पटेल  भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी, अधिवक्ता तथा राजनेता थे। उन्होंने भारत के पहले उपप्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वे एक संघर्षशील राजनेता थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणीय भूमिका निभाई। स्वतंत्र भारत में देशी रियासतों के एकीकरण की महान चुनौती को उन्होंने सफलतापूर्वक हल किया। सन 1947 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। पटेल का जन्म 31 अक्तूबर1875  को नाडियाड, गुजरात में एक लेवा पटेल जाति में हुआ। वे झवेरभाई पटेल एवं लाडवा देवी की चौथी संतान थे सोमभाई,  नरसीभाई और विट्ठलभाई उनके अग्रज थे। उनकी शिक्षा मुख्यतः स्वाध्याय से हुई और  लंदन जाकर उन्होंने बैरिस्टर की पढ़ाई की तथा वापस आने के बाद अहमदाबाद में वकालत करने लगे थे। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। उनका पहला और बड़ा योगदान 1918 में खेड़ा संघर्ष से हुआ। किसानों पर अंग्रेज़ सरकार द्वारा लगाए गए भारी कर्ज़ पर छूट दिलाकर इस आंदोलन में सफलता हासिल की थी। किसानों के हित में ही दूसरा संघर्ष बारडोली सत्याग्रह 1928 गुजरात में हुआ।वह एक प्रमुख किसान आंदोलन था, जिसका नेतृत्व वल्लभभाई भाई पटेल ने किया और अंग्रेजों को हुकुमत को विवश होकर लगान हटाना पड़ा था। 

👍 यूनिटी मार्च सरदार पटेल की 150 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक राष्ट्रव्यापी जन अभियान है। सरदार पटेल के दृढ़ नेतृत्व कूटनीतिक कौशल और राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है। यूनिटी मार्च यात्रा उनकी अमर विरासत को समर्पित है। यह यात्रा सरदार पटेल के एकीकृत भारत के दृष्टिकोण को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत और आत्म निर्भर भारत के मिशन से जोड़ते हुए जनभागीदारी से एक सच्चा राष्ट्रीय अभियान है।

 युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय भारत सरकार की तरफ़ से ये कार्यक्रम आयोजित है और पूरे देश में किए जा रहे हैं।

 इसके बाद नरसिंहपुरा से यूनिटी यात्रा को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। यह यात्रा लगभग सात किलोमीटर  की रही।संपूर्ण कार्यक्रम लगभग 4 घंटे का रहा जो

34 एल.एन.पी में सम्पन्न हुआ।०0०



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बुधवार, 5 नवंबर 2025

रोंग साइड वाहन.जान लेवा दुर्घटना पर हटेगी गलत ट्रैफिक गुमटी.



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 5 नवंबर 2025.

शहर के व्यस्ततम चौराहे महाराणा प्रताप चौक पर ट्रैफिक अनियंत्रित रॉन्ग साइड चलते वाहनों से टक्कर बाद आग और दुर्घटना जानलेवा होगी तब प्रशासन में और शहर के लोगों में जाग होगी। राजस्थान में इन दिनों हुई दुर्घटनाओं के बाद भी यहां लापरवाही हो रही है।

रोंग साईड वाहन और उसकी गति हर मिनट में एक वाहन है। 












 * 5 नवंबर शाम के 7- 35 से 7-45  बजे तक 10 मिनट की फोटोग्राफी में दो पहिया वाहन और कारें ढुलाई वाहन रॉन्ग साइड चलते हुए निकले।

 * वाहन चालकों को रॉन्ग साइड चलने की  मजबूरी है कि यहां पर ट्रैफिक पुलिस के संदेश के नाम पर जो गुमटी एपेक्स क्लब की ओर से दीपावली पर लगाई गई है जो पूर्णतः गलत है। रॉन्ग साइड में चलने की मजबूरी है कि सड़क के  गलत स्थान पर लगाई गई गुमटी के पास से घुमाव नहीं लिया जा सकता। इस हालत में रॉन्ग साइड और राईट साईड चलते हुए जो वाहन निकलते हैं उनसे कभी भी जानलेवा टक्कर आपस में हो सकती है। दुर्घटना में जान जाने के बाद ही यहां की भयानकता एपेक्स क्लब अध्यक्ष को मालुम होगी। एपेक्स क्लब के अध्यक्ष अभी अपनी मनमानी पर उतरे हुए हैं। 

एपेक्स क्लब ने यह गुमटी गलत स्थान पर लगाई है और बार-बार लिखे जाने के बावजूद लगाई है। इसको न देखना चाहते हैं न सुधारना चाहते हैं। पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक भी इसके लिए दोषी सिद्ध होंगे। इस स्थान पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं गुमटी के पास से रॉन्ग साइड निकलते हुए वाहनों को देखा जा सकता है जब 10 मिनट में 10 वाहन रॉन्ग साइड निकलते हैं तो अनुमान लगाएं की 24 घंटे में नहीं तो कम से कम दिन के 12 घंटे में कितने वाहन यहां से रॉन्ग साइड निकलते होंगे?

 यह गुमटी जान लेकर के ही रहेगी तब जाकर गुमटी लगाने वाले और अन्य लोगों को भी चेतन आएगी। वाहन टक्कर में आग लगी तो आसपास की दुकानें बाजार भी खतरे में होगा जहां भारी नुकसान की आशंका अभी लग रही है।

आज जब यह  फोटोग्राफी हो रही थी तब चौराहे पर महाराणा प्रताप की मूर्ति के नजदीक दो ट्रैफिक कांस्टेबल भी मौजूद थे। सीसीटीवी कैमरा रिकॉर्ड देखा जा सकता है कि किस तरह से रोंग साईड वाहन निकाले जाते हैं और दुर्घटना के बाद क्या हो सकता है?

शहर के राजनैतिक और गैर राजनैतिक संगठन व्यापारिक व सामाजिक संगठन अभी इस लापरवाही की गंभीरता पर मौन है जो आगे भयानक हो सकता है।

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करणी प्रेस इंडिया में 5 नवंबर 2025 से विज्ञापन की नयी बढी दरें लागू कर दी हैं। अब नयी नीति से ही कार्य होगा। प्रेसकान्फ्रेंस समाज सेवा की है या पब्लिसिटी की है, उसके अनुरूप समाचार लगाने और नहीं लगाने की नीति होगी। संपर्क : करणीदानसिंह राजपूत. 9414381356.

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सोमवार, 3 नवंबर 2025

गुरूशरण का मतलब शराब बेईमानी झूठ से दूर.

 





* करणीदानसिंह राजपूत *

गुरूशरण छाबड़ा के जयकारे लगाने का सीधा साफ मतलब है कि शराब,बेईमानी, झूठ, छल कपट से दूर ईमानदारी का जीवन जीएं और भ्रष्टाचार छलकपट लोगों को बेवकूफ समझने और बनाने की राजनीति से दूर रहें। लेकिन इन सब में गोते लगाते हुए क्या गुरूशरण बन सकते हैं? गुरूशरण तो ईमानदार और उनकी राजनीति  और हर कार्य ईमानदारी पूर्ण था। 

शराब पिएं,छल कपट करें,जनता को बेवकूफ बनाएं भ्रष्टाचार करें और ऐसे ही लोगों से मित्रता करें तो ऐसा व्यक्ति तो कभी गुरूशरण नहीं बन सकता। गुरूशरण का नाम लेकर भी वह कम से कम सूरतगढ़ में राजनीति नहीं कर सकता और न नेता बन सकता है। गुरूशरण को जानने वाले मानने वाले वृद्ध तो हो गये हैं लेकिन अनेक अभी जिंदा है। सूरतगढ़ में जो हालात हैं जिस तरह से जनता परेशान है उसमें जनता के साथ तो कोई भी खड़ा हुआ दिखाई नहीं दे रहा। सूरतगढ़ में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार फैला है और भ्रष्ट अधिकारी व भ्रष्टाचार के विरुद्ध कोई आवाज ही नहीं तो गुरूशरण जिंदा बाद गुरूशरण अमर कैसे है? भ्रष्टाचारियों से मित्रता साथ में फोटो हो तो गुरूशरण दिल दिमाग में नहीं। भ्रष्ट और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध खुली लड़ाई हो तो समझें कि गुरूशरण का नाम जिंदा है। आज साफ सवाल है कि गुरूशरण के नाम लेने वाले किन किन भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध खड़े हैं। एक भी नहीं। आज राजस्थान में सबसे अधिक भ्रष्टाचार लूटखसोट घोटाले अपराध सूरतगढ़ में हैं और करने वाले शान से कुर्सियों पर बैठे हैं। 

 जनता काम देखती है टिकट नहीं देखती यह पिछले विधानसभा चुनाव 2023 में सूरतगढ़ सीट पर साबित हो चुका है। संभलने का अभी मौका है कि गुरूशरण का नारा लगाएं तो स्वच्छ राजनीति और काम करें।

( गुरूशरण छाबड़ा पुण्यतिथि 3 नवंबर 2025.)०0० 

टैगोर पीजी कॉलेज.RAS चयनित प्रतिभा सम्मान समारोह एवं फ्रेशर एंड ओरियंटेशन डे कार्यक्रम

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 3 नवंबर 2025.

टैगोर पीजी कॉलेज में आर ए एस चयनित प्रतिभा सम्मान समारोह तथा फ्रेशर एंड ओरियंटेशन डे कार्यक्रम का आयोजन हुआ । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आर ए एस सुष्मिता लेघा( टैगोर पीजी कॉलेज की पूर्व छात्रा) थी कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय निदेशक डॉ.सचिन जेतली ने की ।

आर. ए .एस.चयनित प्रतिभा सम्मान समारोह में हाल ही में आर ए एस के रूप में चयनित हुई महाविद्यालय की पूर्व छात्रा सुष्मिता लेघा,तथा टैगोर एजुकेशनल ग्रुप की पूर्व छात्रा गुड्डी मीणा को फूल माला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह देकर महाविद्यालय निदेशक डॉ.सचिन जेतली, प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सोनी, उप प्राचार्य पुरुषोत्तम सिंह, अतिरिक्त निदेशक गगन सिंह ने सम्मानित किया ।

इस अवसर पर आर. ए .एस सुष्मिता लेघा ने महाविद्यालय से मिले सहयोग हेतु धन्यवाद करते हुए महाविद्यालय की बेहतरीन अनुशासित शैक्षणिक और सहशैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन की प्रशंसा की तथा विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन में विद्या अर्जन के लक्ष्य को मुख्य रखते हुए निरंतर कठिन परिश्रम करने का  कहा।

महाविद्यालय निदेशक डॉ. सचिन जेटली ने कहा कि टैगोर पीजी कॉलेज की पूर्व छात्रा सुष्मिता लेघा हाल ही में आर .ए. एस में चयनित हुई है इनके साथ-साथ पूर्व में महाविद्यालय विद्यार्थियों प्रियंका जांगिड़ ,पूर्ण सिंह, विकास सहारण आर ए एस के रूप में तथा सुरेश डारा आर पी एस के रूप में पद स्थापित होकर सेवाएं दे रहे हैं। इनके अलावा अनेक विद्यार्थी महाविद्यालय से अध्ययन पूर्ण कर प्रशासनिक न्याय , शिक्षा ,एवं अन्य विभागों में  पद स्थापित हैं। सभी की उपलब्धि इस भ्रांति को तोड़ती है कि सफलता हेतु बड़े शहरों में अध्ययन आवश्यक है।

टैगोर एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार जेतली ने टैगोर एजुकेशनल ग्रुप के आर. ए.एस चयनित वि विद्यार्थियों को बधाई देते हुए शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम संयोजक गगन सिंह ने बताया कि फ्रेशर एंड ओरियंटेशन डे कार्यक्रम के दौरान  नव प्रवेशित विद्यार्थियों ने अपने परिचय के साथ-साथ नृत्य ,गायन, कविता पाठ, कॉमेडी ,शायरी इत्यादि के रूप में अपना टैलेंट प्रदर्शित किया।  रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों को उत्साह एवं उल्लास से भर दिया ।

नव प्रवेशित विद्यार्थिर्यों हेतु आयोजित प्रतियोगिताओं में बेस्ट स्माइल मनवीर कौर, बेस्ट हेयर स्टाइल छात्रा हिमांशु छात्र वाइज ,बेस्ट ट्रेडिशनल ड्रेस छात्रा मंशा मिढ़ा  छात्र गर्वित, टॉलेस्ट बाय नवदीप, मिसमैचिंग मैचिंग रिया, चार्मिंग फेस प्रतियोगिता में अंशिका विजेता रहे । वही मिस्टर फ्रेशर वाईज, मिस फ्रेशर अंशिका बने। मि.फ्रेशर रनरअप आकाश, मिस फ्रेशर रनरअप  मोक्षिका रहे।

प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ मुकेश शर्मा, प्रियंका सोनी, सुरभि अग्रवाल, नीता मिढ़ा, करण जोशी रहे 

कार्यक्रम में सम्मानित अभिभावकों के रूप में श्री महावीर लेघा, दिलीप लेघा,सुरेंद्र लेघा,मनीष लेघा जे.ई एन जो.विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) रहे।

कार्यक्रम के सफल संचालन में सहसंयोजक अश्विनी सोनी के निर्देशन में विभागाध्यक्ष नूपुर सचदेवा,मेघा गुप्ता, युधिष्ठिर कुमार, धनेश्वर सेवटा , स्टाफ सदस्यों सपना सिंगल ,हिमांशु कोठारी ,हरजिंदर सिंह, विकास कुमार ,सोमदत्त इत्यादि का सराहनीय  सहयोग  रहा।०0०

रविवार, 2 नवंबर 2025

ईओ राजनैतिक दबाव से पट्टे नहीं बना रही.वार्ड नं 3 और 26 के मामले.

  






* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 2 नवंबर 2025.

सूरतगढ़ विकास संघर्ष समिति ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके नगर पालिका प्रशासन पर आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के कारण अधिशासी अधिकारी वार्ड नंबर 3 और वार्ड नंबर 26 के पट्टे नहीं बना रही। समिति के अध्यक्ष प्रमोद ज्याणी प्रवक्ता राधेश्याम उपाध्याय सचिव झंडा सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित थे। अध्यक्ष और प्रवक्ता ने ईओ का नाम नहीं लेते हुए आरोप लगाए।

 मौखिक आरोपों के साथ ही लिखित विज्ञप्ति जारी करके आरोप लगाया गया कि वार्ड नंबर 3 और 26 के नागरिकों को उनके मालिकाना हक भूखंड के पट्टे दिए जाने से वंचित रखा गया वार्ड नंबर 3 और वार्ड नं 26 के नागरिकों द्वारा 11 सितंबर 2025 को जनसुनवाई शिविर में एक मांग पत्र दिया गया जिसमें पट्टे जारी करने का निवेदन था। उसके बाद में अतिरिक्त जिला कलेक्टर को 6 अक्टूबर 2025 को भी निवेदन किया गया परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को विशेष जनसुनवाई शिविर में प्रार्थना पत्र पेश किया गया फिर से एक बार निवेदन किया गया कि राज्य सरकार द्वारा चलाए गए अभियान के तहत पट्टे दिए जाने चाहिए। राजस्थान सरकार के संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई कि अधिशासी अधिकारी को प्रकरण  निस्तारण के लिए लिखा जाए। 

आरोप लगाया गया कि अधिशासी अधिकारी ने उच्च अधिकारियों को गुमराह करते हुए उक्त प्रकरण के समाधान का हवाला देते हुए किशनपुरा आबादी के प्रकरण खसरा नंबर 487/4 को सम्मिलित करके समाधान  करने का हवाला दिया गया। उसका वार्ड नंबर 3 और वार्ड नंबर 26 के पट्टा प्रकरण से कोई संबंध नहीं है और न हीं वार्ड नंबर 3 और 26 के लोगों द्वारा व सूरतगढ़ विकास समिति द्वारा कोई पत्र ऐसा नगर पालिका प्रशासन को लिखा गया।

आरोप लगाया गया है कि सूरतगढ़ नगर पालिका की ईओ द्वारा राजनीतिक दबाव के चलते हुए वार्ड नंबर 3 और वार्ड नंबर 26 के लोगों को पट्टा देने में टालमटोल नीति अपनाकर वर्षों से निवास कर रहे लोगों को परेशान किया जा रहा है। राजस्थान सरकार ने प्रशासन शहरों के संग अभियान चला कर आम जन को राहत देने का कार्य किया है लेकिन सूरतगढ़ नगर पालिका प्रशासन सरकार की लाभकारी योजना आम जनता तक पहुंचाना नहीं चाहता।

अध्यक्ष के हस्ताक्षर से जारी लिखित विज्ञप्ति में स्थानीय एक वकील का नाम लेते हुए भी आरोप लगाया गया है कि कूट रचित दस्तावेज लगाकर उन्होंने वार्ड नंबर 3 वार्ड और वार्ड नंबर 26 की भूमि पर जो नगर पालिका के नाम दर्ज थी उक्त भूमि पर खसरा में हेर फेर करके राजस्थान सरकार व नगर पालिका को करोड़ों रूपए की राजस्व भूमि का नुकसान किया है जो नगर पालिका प्रशासन में मिलीभगत के चलते ही ऐसा संभव है,जिसका खामियाजा वार्ड नंबर 3 और 26 के लोग उठा रहे हैं और मानसिक परेशानी से पीड़ित हो रहे हैं।

 समिति ने यह आरोप भी लगाया है कि 25 सितंबर 2025 को वार्ड नं 29 ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित प्रशासन शहरों के संग अभियान में प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा और जिला कलेक्टर को उक्त प्रकरण की संपूर्ण वस्तु स्थिति से अवगत करवाया गया था लेकिन नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ने आज तक कोई विशेष कार्रवाई नहीं की। 

अध्यक्ष से पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि पट्टों से वंचित लोगों की संख्या 175 है और उसमें से 25 लोगों ने 2 साल पहले ही भूखंड की कीमत नगर पालिका में जमा कर दी थी लेकिन आजतक पट्टे जारी की नहीं किए गए।

सूरतगढ़ के वार्ड नंबर 3 और वार्ड नंबर 26 के पट्टों का मामला स्थानीय मीडिया में बड़े अखबारों में चैनलों पर और सोशल मीडिया पर अनेक बार प्रकाशित प्रसारित हो चुका है। आश्चर्य यह है कि नगर पालिका प्रशासन पट्टा चाहने वालों को इस पर कोई ठोस उत्तर नहीं दे रहा है। समिति ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस विज्ञप्ति में और अपने कथन में अधिशासी अधिकारी उपखंड अधिकारी अतिरिक्त जिला कलेक्टर जिला कलेक्टर आदि के पद उल्लेखित किए हैं लेकिन किसी का नाम विज्ञप्ति में नहीं दिया।

* एक सवाल यह भी हुआ कि स्थानीय अदालत का कोई स्टे किसी भी जगह का है तो पीड़ित या यह समिति अदालत में एक पक्ष बन कर पैरवी क्यों नहीं करती? 

* यह बात भी सवाल के रूप में सामने आई कि आप कहते हैं कि वार्ड नं 26 में नगरपालिका  पट्टे नहीं दे रही लेकिन परसराम भाटिया अध्यक्षता काल में तो सूरतगढ़ से बाहर के लोगों को भी वार्ड नं 26 में पट्टे नगरपालिका से जारी हुए हैं। ०0० 

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शनिवार, 1 नवंबर 2025

सरदारपुरा बीका ग्राम समिति में 3 करोड़ गबन का आरोप.

 


* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 1 नवंबर 2025.

सरदारपुर बीका ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड सरदारपुरा बीका के अध्यक्ष अमन और सदस्य विकास कुमार ने सूरतगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर समिति के निलंबित मैनेजर विनोद कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने 3 करोड रुपए से अधिक का घोटाला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गबन किया है। राजस्थान सहकारी समिति अधिनियम 2001 की धारा 55 के अंतर्गत विनोद शर्मा के विरुद्ध जांच हो चुकी है लेकिन अब धारा 57 (1) और (2) के तहत जांच करवाई जानी चाहिए।अभी तक विनोद कुमार के विरुद्ध उचित करवाई नहीं हुई है।



*समिति के अध्यक्ष अमन ने कहा कि 2 दिसंबर 2022 को वह सरदारपुरा बीका ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। समिति कार्यालय  में उस समय कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं था। समिति के व्यवस्थापक विनोद कुमार शर्मा को इस बारे में रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के लिए अनेक बार कहा गया लेकिन उन्होंने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया। जब रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया तब शंका हुई की कुछ न कुछ गड़बड़ है, तब विभिन्न स्तरों पर जांच करवाने का आग्रह किया गया।

 एक जांच गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय गर्ग के आदेश से हुई।

 गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय गर्ग ने 25 जुलाई 2023 को जांच का आदेश जारी किया इस जांच आदेश में महेश सिरोही वरिष्ठ प्रबंधक श्रीगंगानगर को आदेशित किया गया कि समिति व्यवस्थापक विनोद कुमार द्वारा 2017-18 से समिति से अपने लिए आहरित किए गए वेतन भत्तों की जांच करें। इसके अलावा समिति द्वारा वितरित ऋणों का भौतिक सत्यापन एवं ऋणों में असंतुलन की जांच, समिति द्वारा गत 6 वर्षों में किए गए कृषि आदानों के व्यवसाय एवं अंतिम स्टॉक की जांच,समिति द्वारा बैलेंस शीट में केंद्र एवं राज्य सरकार से ब्याज पेटे दिखाई गई लेनदारियों की जांच, समिति द्वारा 6 वर्षों में किए गए खर्चों की जांच,समिति में मिनी बैंक व्यवसाय की जांच, समिति द्वारा रिकॉर्ड संधारण एवं नकद लेन-देन में हुई अनियमितताओं से संबंधित जांच और अन्य बिंदु जो जांच के दौरान किसी तरीके से जांच अधिकारी के संज्ञान में आए उन सब की जांच की जाए और जांच का प्रतिवेदन एक माह के अंदर प्रस्तुत किया जाए। 

 व्यवस्थापक विनोद कुमार शर्मा ने सहयोग नहीं किया रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया। बार-बार उन्हें लिखा गया। बैंक के रिकॉर्ड में जो ऑडिट रिपोर्ट्स उपलब्ध थी उसके हिसाब से जांच अधिकारी ने एक रिपोर्ट तैयार की और प्रस्तुत की।

 व्यवस्थापक विनोद कुमार शर्मा ने अपने व्यवस्थापक पद के वेतन भत्तों के रूप में 70 लाख से अधिक रुपए उठाए हैं। व्यवस्थापक विनोद कुमार शर्मा ने वेतन भक्तों के रूप में 17-18 वित्त वर्ष से लेकर 2021-22 के वर्ष तक 70 लाख से अधिक का वेतन भत्ता उठाया है। वित्त वर्ष 22-23 की ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के खर्चो आदि के मामलों में भी स्पष्ट तया वित्तीय अनियमितताएं और गबन की आशंका प्रतीत हुई। यह जांच रिपोर्ट रिपोर्ट दी गई तब 27 जुलाई 2023 को अध्यक्ष ने एक निलंबित आदेश जारी किया और विनोद शर्मा को निलंबित किया गया। अब विनोद को निर्वाह के लिए 25 हजार रू मासिक दिया जा रहा है। 

समिति के अध्यक्ष अमन का यह भी कहना है कि सभी कार्वाईयां शीघ्रता से सम्पन्न होनी चाहिए। 

 यह भी बताया कि इस प्रकरण में रामप्रताप कासनिया को (अब पूर्व विधायक) और पंचायत समिति डायरेक्टर श्री हेतराम मील को भी मिले और संपूर्ण स्थिति से अवगत कराया था। ०0०









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