मंगलवार, 24 अक्टूबर 2023
सोमवार, 23 अक्टूबर 2023
भाजपा राजस्थान की 76 टिकटों पर निर्णय बैठकें 25 को.होल्ड सीटें भी हैं।
* करणीदानसिंह राजपूत *
भाजपा राजस्थान की कुल 200 सीटों में 124 की घोषणा के बाद अब शेष बची 76 सीटों पर परसों 25 अक्टूबर 2023 को पहले राजस्थान संसदीय बोर्ड की बैठक होगी और उसके बाद केन्द्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक होगी।
* 76 सीटों पर एक बार विचार होगा जिसमें होल्ड मानी जा रही सीटें भी है। राजस्थान संसदीय बोर्ड की बैठक में विचार के बाद केन्द्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में अंतिम निर्णय होगा।
** सूची 25 को रात 10 बजे तक या अगले दिन 26 को सुबह से दोपहर में जारी की जाएगी। यह संभावना बनी हुई है।०0०
चुनावी युद्ध के बिना मील राज का अंत. सलाहकारों ने मिटा दिया सबकुछ.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ से मील राज का अंत ऐसे हुआ मानों हार्टसीज हो गया हो। इस तरह से चुनावी युद्ध के बिना राज का अंत होगा ऐसा गंगाजल मील हनुमान मील ने सोचा भी नहीं होगा। वैसे तो यह शांति पूर्ण अंत चुनावी हार होने से अच्छा है। लोग बेहद नाराज और तीसरी बार हराने के लिए तैयार थे। आखिर जनता नाराज होती रही तो मालुम तो पड़ा ही होगा लेकिन नजदीकी सलाहकारों ने मील राज को मिटा दिया। मील राज को गलत रास्ते पर चलाया गलत कार्य करवाए जिससे छवि खराब होती रही। ऐसी घेराबंदी रही कि मील पांच छह अक्लमंदों को अपना हितकारी मानते रहे। अब वापस राज में लौटना असंभव है।
* करीब डेढ साल से चेतावनी भरे लेखों सलाहों से व्यवस्था सुधारने जनता को समझने का करणी प्रेस इंडिया में आता रहा। तीन चार महीनों से तो स्पष्ट लिखा गया कि कौन मील और कांंग्रेस की लुटिया डुबो रहे हैं। नगरपालिका का भ्रष्टाचार और गलत कार्य भी बड़ा कारण रहे हैं। कालवा को हटाया मगर कार्यवाहक अध्यक्ष परसराम भाटिया के राज में भी न भ्रष्टाचार हटा न जनता के काम हुए। शहर गंदगी और अंधेरे में डूबा है लेकिन इसकी परवाह नहीं की गई। पत्रों को रद्दी की टोकरी में डाला जाता रहा है। ईओ और कर्मचारी मनमानी करते रहे हैं। अब भय से सुधर जाएंगे या फिर परेशान होंगे। कालवा जहां है कल भाटिया भी वहीं होंगे।
मील राज का अंत हो गया जिसका दुख न भाटिया को होगा न सलाहकारों को होगा। ०0०
रविवार, 22 अक्टूबर 2023
सूरतगढ़ की टिकट:डुंगरराम गेदर कांंग्रेस का लोकप्रिय चेहरा.भाजपा को चुनौती.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 22 अक्टूबर 2023.
कांग्रेस ने सूरतगढ़ सीट पर लोकप्रिय चेहरे डुंगरराम गेदर को टिकट घोषित कर भाजपा के लिए चुनौती और खतरा पैदा कर दिया है। भाजपा को इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए नया चेहरा ही घोषित करना होगा। कांंग्रेस और भाजपा दोनों में नये चेहरों को ही टिकट दिए जाने की मांग जनता कर रही थी। कांंग्रेस ने जनता की मांग पूरी कर दी और मूल ओबीसी को वरीयता देकर बड़ा संदेश देकर दांव भी चल दिया।
डुंगरराम गेदर का नाम कांंग्रेस टिकट पर छप जाने संबंधी पहला घोषणा पूर्ण लेख करणी प्रेस इंडिया में 6 मार्च 2022 को दिया गया था। डुंगरराम गेदर निरंतर लोकप्रिय होते गये। कांंग्रेस सूरतगढ़ में 2013 और 2018 में दो बार लगातार पराजित हुई इसलिए यहां नया प्रभावशाली चेहरा चुनाव में उतारना और भाजपा को चुनौती देना जरूरी हो गया था।
अब भाजपा को भी नया चेहरा घोषित करना होगा।
भाजपा के वर्तमान विधायक रामप्रताप कासनिया का जनता में विरोध है। लोग भाजपा में भी नये चेहरे की मांग कर चुके हैं। लोग पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू और पूर्व विधायक अशोक नागपाल को भी मजबूत नहीं मानती।
भाजपा कांंग्रेस सूची की प्रतीक्षा कर रही थी। अब भाजपा सूरतगढ़ का चेहरा घोषित कर देगी और मानना चाहिए की भाजपा भी नया चेहरा घोषित करेगी।०0०
सूरतगढ़:भाजपाई व कांग्रेसी टिकटार्थियों ने जोर खूब लगाया.टिकटें लटका दी.
* करणीदानसिंह राजपूत *
भाजपा और कांग्रेसी टिकटार्थियों ने अपना अपना जोर सिफारिशें दबाव जयपुर और दिल्ली में इतना ज्यादा लगाया कि भाजपा और कांंग्रेस की टिकटें लटका कर रखवादी। अब जोर लगाने के बाद टिकट तो एक पार्टी में किसी एक को ही मिलेगी।
भाजपाई नेता और कार्यकर्ता कमल खिलाने में लगें। चेहरा तो लोप कर दिया। पहले ही घोषणा हो गई थी कि वोट कमल को देना है। कमल खिलाना है तो फिर किसी को भी टिकट मिले।
कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता अपने चुनाव चिन्ह हाथ को मजबूत करें और वोट दें टिकट अब किसी को भी मिले।
* दोनों ही पार्टियों में मौजूदा का विरोध पिछले एक साल से हो रहा है। भाजपा से निर्वाचित विधायक रामप्रताप कासनिया पर आरोप है कि उन्होंने काम नहीं करवाए। वे कहते रहे कि सरकार कांग्रेस की है और उनके कहने से काम नहीं होते। उनकी चलती नहीं। पूरे पांच साल निकाल दिए लेकिन अब भी टिकट की दावेदारी में आगे है। चालीस साल से राजनीति और उम्र 72 साल हो गई। टिकट दूसरे नये चेहरे के लिए छोड़ना नहीं चाहते। इनकी टिकट रुकेगी तब ही नये चेहरे को मिलेगी। नये सभी टिकटार्थियों ने विरोध किया वह सही है कि कासनिया को टिकट रुकेगी तभी नये को मिल पाएगी।
* कांग्रेस में 2008 से मील परिवार ही रहा। 2008 2013 तक गंगाजल मील विधायक रहे। पांच साल जैसा काम किया या जनता राजी नहीं थी सो 2013 में उनको हरा दिया। जनता को राजी नहीं किया इसलिए 2018 में जनता ने हनुमान मील को हरा दिया। प्रदेश में सरकार कांंग्रेस की बन गयी। गंगाजल मील और हनुमान मील ने अपनी खूब चलाई जिसे लोग तानाशाही कहते हैं। अभी भी भारी विरोध के हनुमान मील टिकटार्थी हैं। इनकी टिकट रुकेगी नहीं तो नये को मिलेगी नहीं। अन्य 12 टिकटार्थी हैं उनका विरोध में बोलना सही है।
तर्क और राजनीति में भाजपा में कासनिया का विरोध और कांंग्रेस में मील का विरोध जायज है। बिना विरोध के ये खुद हटने वाले नहीं।
* निर्णय भाजपा और कांंग्रेस पार्टियों को सोच समझ कर करना है कि आखिर किन नये चेहरों को टिकट देनी है या पुरानों को ही दौड़ाएंगे।
दि. 22 अक्टूबर 2023* ०0०
शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2023
सूरतगढ़:डुंगर गेदर के सामने भाजपा कासनिया और सेवटा में से किसे चुनाव लड़ाएगी?
* करणीदानसिंह राजपूत *
कांग्रेस के डुंगरराम गेदर के सामने भाजपा भी इसी मूल ओबीसी वर्ग के नये चेहरे श्रीभगवान सेवटा को चुनाव में उतारेगी या फिर वर्तमान विधायक रामप्रताप कासनिया को ही जन विरोध के बावजूद टिकट दे देगी? कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों में नये वर्ग और नये चेहरे की मांग उठी हुई है।
कांग्रेस में डुंगरराम गेदर मूल ओबीसी कुम्हार है और भाजपा में मूल ओबीसी कुम्हार से ही श्री मगवान सेवटा टिकटार्थी हैं। डुंगरराम गेदर का नाम 19 अक्टूबर से शिखर पर छाया हुआ है और टिकट भी इसी के चारों ओर घूम रही है।
सूरतगढ़ सीट पर ओबीसी से 2008 में कांंग्रेस के गंगाजल मील जीते। 2013 में ओबीसी के राजेंद्र सिंह भादू जीते। 2018 में ओबीसी के रामप्रताप कासनिया जीते। ओबीसी के ये तीनों जाट हैं। इस बार सर्वे में कांंग्रेस और भाजपा दोनों में ही इस वर्ग के अलावा किसी अन्य वर्ग को टिकट देने की मांग है। भाजपा सूची में से वर्तमान विधायक रामप्रताप कासनिया और श्रीभगवान सेवटा में से कौन प्रत्याशी होगा? क्या भाजपा सूची में इन दो के अलावा भी कोई तीसरा नाम भी है? लोग अनुमान और संभावना के अपने अपने घौड़े दौड़ा रहे है। ०0०
गुरुवार, 19 अक्टूबर 2023
पृथ्वीराज मील बोले सूरतगढ़ का भविष्य सुधारेंगे.मील कुटुम्ब के पृथ्वी की नीति.
* करणीदानसिंह राजपूत *
सूरतगढ़ 19 अक्टूबर 2023.
जननायक जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष पृथ्वीराज मील ने कहा है कि पिछले राजनेताओं के ध्यान नहीं देने के कारण सूरतगढ़ का समुचित विकास नहीं हो पाया। लेकिन वे सूरतगढ़ का भविष्य सुधारेंगे और युवाओं और महिलाओं को आगे लाने उत्थान करने के विजन से काम करेंगे। उन्होंने कहा कि यही पार्टी की नीति है। जेजेपी झूठे सपने नहीं दिखाती न झूठे वादे करती। उन्होंने कहा कि धरातल पर काम होता है वही करके दिखाएंगे।
पृथ्वीराज मील सन् 2005 में सूरतगढ़ पंचायत समिति ( सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र) के एक जोन से जीत कर जिला प्रमुख बने और उस काल में विकास के अनेक कार्य किए।
उन्होंने कहा की जेजेपी पार्टी राजस्थान में पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी और विधानसभा का ताला उनकी चाबी सज खुलेगा।
पृथ्वीराज मील से क्षणिक वार्ता 18 अक्टूबर को हुई जब वे जनसंपर्क को निकलने वाले थे। पृथ्वीराज सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव ढाणी और शहर के वार्डों से भलीभांति जानकारी रखते हैं। मील कुटुम्ब के ही पृथ्वीराज मील सन् 2008 में गंगाजल मील के चुनाव में नाव के खेवनहार थे जिससे मील विधायक चुने गए थे। अब गंगाजल मील कांग्रेस में है और पृथ्वीराज मील जननायक जनता पार्टी में हैं और उसके प्रदेशाध्यक्ष हैं। ०0०
मेरा 79 और पत्रकारिता के 60 वें वर्ष में सुखद प्रवेश:करणीदानसिंह राजपूत
पत्रकारिता एवं लेखन के वर्षों के संघर्ष और आनन्ददायी अनुभवों व महान लेखकों पत्रकारों की रचनाओं को पढ़ते और उनसे मिलते हुए मेरे जीवन के 78 वर्ष पूर्ण हुए एवं 19 अक्टूबर 2023 को 79 वें वर्ष में प्रवेश की सुखद अनुभूति।
* आपातकाल 26 जून 1975 से 21 मार्च 1977 ईसवी.*
* पुरस्कार - अलंकरण *
* इंदिरागांधी नहर पर 12 श्रंखलाएं लिखी जो सन् 1991 में छपी तथा दूसरी बार 1992 में पुन: राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।
* राजस्थान की शिक्षा प्रणाली पर व्यापक अध्ययन कर दो श्रंखलाओं में सन् 1993 में प्रकाशित लेख पर तीसरी बार राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार 1994 में प्राप्त हुआ।
* इसके बाद सन 1996 में राजस्थान की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पद्धति पर व्यापक अध्ययन कर 4 श्रंखलाएं लिखी। इस पर सन् 1997 में राज्य स्तरीय दूसरा पुरस्कार मिला।
* वर्ष 1997 में विश्व प्रसिद्ध शिक्षा संस्थान ग्रामोत्थान विद्यापीठ संगरिया के बहादुरसिंह ट्रस्ट की ओर से पत्रकारिता में सम्मान व पुरस्कार प्रदान किया गया।
* बीकानेर संभाग का "राजस्थान गौरव पत्रकारिता सम्मान 2019" बीकानेर के रवीन्द्र मंच पर 4 अगस्त 2019 को प्रो.ललित किशोर चतुर्वेदी स्मृति संस्थान जयपुर की ओर से प्रदान किया गया।
मेरे परिवार जन,मित्रगण और कानून ज्ञाता जो साथ रहे हैं वे भी इस यात्रा में सहयोगी हैं।
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