शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

नगरपालिका भवन ही साफ सुथरा नहीं. शहर कैसे होगा साफ? सूचना पट्ट पर अभी ओमप्रकाश कालवा अध्यक्ष.

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 23 अक्टुबर 2026.

शहर में नाले नालियां  कचरे की गंदगी सूरतगढ़ की आबोहवा दूषित कर रही है। अनेक बीमारियां फैल रही है। प्रभावशाली पैसे वाले भी क्रूर बीमारियों से संसार छोड़ रहे हैं। लेकिन नगरपालिका प्रशासन को परवाह नहीं। अभी सबसे अधिक शिकायतें गंदगी को साफ कराने की मिल रही है। शहर में नियमित रोजाना सफाई के लिए कौन कर्मचारी और जमादार कहां ड्युटी पर है का पार्षदों को मालुम नहीं और न अभी तक किसी ने यह जानने की ड्युटी चार्ट मांगने की कोशिश ही नहीं की। व्यवस्था तभी होगी जब ड्युटी का कर्मचारियों की संख्या का हाजिरी का मालुम हो। कर्मचारी वेतन उठा रहे हैं लेकिन उनकी ड्युटी इलाके में सफाई महीनों से नहीं हो रही।

नगरपालिका बोर्ड में हर पार्षद की नैतिक जिम्मेदारी है कि सफाई तो हर रोज हो। भाजपा का बोर्ड है तो उनकी जिम्मेदारी अधिक है लेकिन चेयरमैन कक्ष में हथाई करते तो मिलते हैं मगर उनको भी शहर की चिंता नहीं है। यह काम न चेयरमैन को,न ईओ को न पार्षदों को करना है, काम सफाई कर्मचारियों से करवाना है। इसमें नगरपालिका प्रशासन फेल है। भाजपा के पार्षदों को शहर की चिंता नहीं है तो कांग्रेसी पार्षद,निर्दलीय पार्षद बोलें लिखें,सफाई कर्मचारियों का ड्युटी चार्ट मांगे और मौके पर जांचें लेकिन उनमें भी सुस्ती और सोच है कि हम नगरपालिका प्रशासन की निगाहों में बुरे क्यों बनें।

👌 नगरपालिका बोर्ड और  प्रशासन में सबसे बड़े अधिकारी ' अधिशासी अधिकारी ही बिना सफाई वाले गंदे कार्यालय में बैठें,अपने ही कार्यालय को साफ नहीं करवा सकें,ड्युटी कर्मचारियों, जमादार, सफाई निरीक्षक पर कार्वाई नहीं कर सकें तब शहर की गंदगी कचरे को साफ सुथरा कराने की उम्मीद करना ही बेकार है।

* नगरपालिका भवन का पोर्च शैड के पास ही विंडो शैड के ऊपर एक पीपल ऊगा है जो दीवार को क्षति पहुंचा रहा है। सबूत है कि सफाई व्यवस्था चौपट है। भवन के भीतर सीढियों की लोहे की लाल ब्राउन रंग की  रैलिंग पर महीनों से धूल जमी है और उसका रंग मिट्टी का हो चुका है। कमरों के दरवाजों पर धूल जमी है। 

उपर के कमरों का और पोर्च का छत पलस्तर गिर रहा है,सरीये दिखाई दे रहे हैं। कभी किसी के ऊपर पलस्तर गिरा तो नुकसान हो सकता है। नगरपालिका भवन में जहां कर्मचारियों के केबिन हैं वहां कबाड़ टूटे अनुपयोगी सामान पड़ा है। राजीवगांधी सभागार के गेट पर मैल,सीढियां टूटी हुई। जब नगरपालिका का बुरा हाल हो तो इस प्रशासन से सफाई की उम्मीद कैसे हो?








👍 अधिशासी अधिकारी के प्रशासन का निकम्मा पन लापरवाही तो यह है कि भवन के अंदर लगे सूचना पट्ट पर अभी भी अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा है। ओमप्रकाश कालवा का अध्यक्ष काल 25 नवंबर 2024 तक ही था। तेईस महीने बीत गये एक नया बोर्ड ईओ पूजा शर्मा से नहीं लगाया गया। ईओ पूजा शर्मा यहां से एपीओ हुई और अब अन्य स्थान पर है लेकिन उसका भी नाम है। कुछ और इंजीनियर व स्टाफ है जो अन्यत्र बदली हो गई, सेवा निवृत हो गये,कुछ नौकरी पर ही नहीं हैं, लेकिन उनके नाम हैं।

👌 अवैध निर्माण, अवैध होटल ,भवन निर्माण  अवैध निर्माण तुड़वाने की,अवैध निर्माण रुकविने,सीज करने की कार्वाई नहीं हो रही। ऐसी शिकायतें दबाने में लगा है प्रशासन। अनेक वसूली के मामलों पर भी कार्वाई नहीं हो रही, जिनसे नगरपालिका को लाखों की आय होने वाली है।





👌 नगरपालिका बोर्ड को,नगरपालिका प्रशासन को शहर की सफाई और ड्युटी चार्ट का मौके पर निरीक्षण के लिए ,सफाई नहीं करने वाले कर्मचारियों पर एक्शन लेने लिवाने का होश आएगा? 

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